Sunday, February 9, 2014

FUN-MAZZA-MASTI चल मेरे अनाड़ी बलमा


FUN-MAZZA-MASTI

चल मेरे अनाड़ी बलमा

 दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा एक और नई कहानी के साथ हाजिर हूँ हाइ मेरा नाम राज शर्मा है लेकिन घर मे मुझे सभी लोग प्यार से राज बुलाते है,मेरे परिवार मे मेरे अलावा सिर्फ़ मेरे पापा और मम्मी है इकलौता होने के कारण सभी लोग मुझसे बहुत प्यार करते है मेरे कोई चाचा या बुआ नही है क्योंकि मेरे पापा भी इकलौते ही थे लेकिन मेरे नानाजी का परिवार अच्छा ख़ासा है मेरे नानाजी के परिवार मे मेरे दो मामा और एक मौसी है दोनो ही मामा की शादी हो गई है बड़े मामा के दो बच्चे है एक लड़की और एक लड़का लड़का बड़ा जो 19 साल का है और लड़की अभी 18 साल की है छोटे मामा की शादी को 5 साल हो चुके है लेकिन अभी उनके कोई बच्चा नही है मेरी मौसी जो अभी 21 साल की है अभी कुवारि है मेरी एज भी अबी कुछ महीनो पहले 18 की हुई है मौसी और मेरी एज मे ज़्यादा अंतर ना होने का कारण ये है की मेरी मम्मी सभी भाई बहनो मे बड़ी है और उनकी शादी भी सिर्फ़ 18 की उमर मे हो गई थी और जब वे 18 की हुई तब तक मैं पैदा हो चुका था
लगभग एक ही आगे के होने के कारण मेरी और मौसी की बहुत पटती थी मैं हर साल गर्मी की छुट्टिया अपने नानाजी के घर ही बिताता था और सारी छुट्टियों मे मैं और मौसी बहुत मज़े करते थे इस साल भी मैं अपनी गर्मी की छुट्टियो मे नानाजी के घर गया था मज़े करने के लिए लेकिन इस बार जो भी हुआ वो मैने सपने मे भी नही सोचा था मेरी मौसी जिन्हे मैने कभी भी ग़लत नज़र से नही देखा था मुझे उन्हे चोद्ने का मौका मिल गया,,,,
इस बार ना चाहते हुए भी कुछ ऐसा हुआ कि मुझमे और मेरी मौसी मे कुछ भी छुपा नही रह सका मैं और मेरी मौसी एक दूसरे मे इतने खो गये की दुनिया और हमारे रिश्ते की हर मर्यादा भूल गये और बचपन से चली आराही दोस्ती को जिस्मानी रिश्तो मे बदल दिया चलिए अब कथा शुरू करता हू मेरी मौसी की मेरे जवान लंड से चुदाई की,,,,,
बात तब की है जब मैं छुट्टियो मे अपने नानाजी के घर पहुँचा 2 महीनो की छुट्टी थी अब तो पूरा टाइम ही मस्ती मे गुज़रना था जैसे ही मैं नानाजी के घर पहुँचा मुझे देखकर वहाँ सभी लोग बहुत खुश हुए खास कर मेरी मौसी और मेरी छोटी मामी क्योंकि मेरी मामी से भी अच्छी बनती है खैर जब मैं पहुचा तब तक शाम हो चुकी थी सभी लोगो से मिलने और अपने मम्मी पापा के हाल बताते बताते रात हो चली थी चूँकि इस बार मैं पूरे एक साल बाद अपने नानाजी के घर पहुँचा था इसलिए बातो का दौर कुछ ज़्यादा ही लंबा खिच गया था आख़िर मे हम सभी खाना खाकर फ्री हुए और अपने अपने कमरे मे सोने के लिए जाने लगे हर साल की तरह इस बार भी मेरे सोने की व्यवस्था मौसी के रूम मे ही की गई थी रात के लगभग 11 बजे मैं और मौसी रूम मे पहुँचे मैं बस के सफ़र से बहुत थक गया था {दरअसल हुमारे शहरो के बीच कोई ट्रेन नही चलती है और बस मे भी लगभग 6 घंटे लग जाते है} मैने रूम मे पहुँचते ही अपने कपड़े चेंज किए और बेड पर गिर पड़ा तब तक मौसी भी बाथरूम से चेंज कर के आ गई थी वो अभी एक ढीला सा लोवर और टाइट टी-शर्ट पहने हुई थी
सॉरी लेकिन मैने अभी तक आपको अपनी मौसी का नाम नही बताया मेरी मौसी का नाम ललिता है और घर मे सभी उसे ललिता बुलाते है मैने आज तक कभी भी अपनी मौसी को ध्यान से नही देखा था लेकिन अभी एकदम रिलॅक्स होने के कारण मेरी नज़र बगैर किसी गंदे इरादे के अपनी मौसी का मुआयना करने लगी उनकी हाइट लगभग 5’6 रंग गोरा बॉल एकदम काले कमर तक आते हुए फिगर 36,26,38 और भगवान की दया से चेहरा तो इतना सुंदर और मासूम कि जैसे कोई छोटा बच्चा होता है अपनी मौसी के शरीर मे ये सब देखते हुए भी मेरे मन मे कोई दुर्भावना नही थी लेकिन जो भी हुआ इसके बाद मे ही शुरू हुआ,,

 मौसी जितनी मासूम थी उतनी ही चंचल भी थी ज़रा ज़रा सी बातो मे भी वो चुहल बाजी करने से नही चूकती थी खैर मौसी की बढ़ाई बहुत हो गई अब असली बात की तरफ आते है मौसी बाथरूम से आकर मेरे साथ ही बेड पर बैठ गई और बोली “क्या बात है राज तू इतना शांत क्यो बैठा है”
“ऐसी कोई बात नही है मौसी बस थोड़ी थकान हो रही है सफ़र की वजह से इसीलिए चुप था” मैं बोला
“लेकिन मुझे तुझसे बाते करनी है आख़िर पूरे एक साल बाद मिले है हम” मौसी ने अपनी नाराज़गी जताई आख़िर उनकी बात सही भी थी पूरे एक साल बाद हम लोग साथ मे थे मैने कुछ नही कहा और बात रूम से मूह धोकर वापस बेड पर बैठ गया और मौसी से बाते शुरू कर दी अब मुझे थकान नही हो रही थी कुछ देर बातो का रुख़ हमारी पर्सनल लाइफ की तरफ हो गया
“अच्छा राज ये बता कि तेरी गर्ल फ्रेंड है या नही” मौसी ने पूछा
हम लोगो मे आज तक ऐसी बाते नही हुई थी इसलिए एक पल को तो मैं सकपका गया लेकिन आज कल ये सब नॉर्मल बाते हो चुकी है ये सोच कर मैने भी जवाब दे दिया “नही मौसी मेरी कोई गर्ल फ्रेंड  नही है”
“क्या बात कर रहा है तू इतना बड़ा हो गया है और तेरी कोई गर्ल फ्रेंड  नही है” मौसी ने हैरानी से पूछा
“इसमे हैरानी वाली क्या बात है मौसी मेरे बहुत से दोस्तो की भी कोई गर्ल फ्रेंड  नही है” मैं बोला
“पूरा बुध्हु है तू इस उमर मे हर किसी का एक पार्ट्नर होना चाहिए” मौसी बोली
“तो क्या आपका भी कोई बॉय फ्रेंड  है” मैने पूछा
“मेरी बात छोड़ मुझे तो अब गिनती भी याद नही है की अभी तक मैं कितने बॉय फ्रेंड  बना चुकी हू” मौसी ने जवाब दिया मौसी की बात सुन कर मैं हैरान रह गया मैने सोचा भी नही था की मौसी ऐसी होगी मुझे कुछ सोच मे देख मौसी बोली “ऐसे क्या सोच रहा है आज कल की लाइफ मे ये सब नॉर्मल बात है मैं फिर कहती हू तुझे भी एक गर्ल फ्रेंड  बना लेनी चाहिए”
“लेकिन मौसी मैं लड़कियो के साथ नॉर्मल नही रह पाता हू” मैने अपनी मजबूरी बताई
“लेकिन मेरे साथ तो तू बिल्कुल नॉर्मल रहता है क्या मैं लड़की नही हू” मौसी बोली
“आपकी बात अलग है आख़िर आप मेरी मौसी है” मैं बोला
मेरी बात सुन कर मौसी कुछ देर तक सोचती रही और बोली “कुछ करना पड़ेगा तेरे लिए आख़िर तू कब तक सिंगल रहेगा”
“मौसी क्या गर्ल फ्रेंड  बनाना बहुत ज़रूरी होता है” मैं बोला
“हां यार आज कल की लाइफ मे ये बहुत ज़रूरी हो गया है” मौसी बोली
“तो ठीक है मैं आपको ही अपनी गर्ल फ्रेंड  बना लेता  हू आप भी तो गर्ल है और वैसे भी हम दोस्तो की तरह ही तो रहते है” मैने भोले मन से कहा
मेरी बात सुनकर मौसी हस्ने लगी और बोली “तू सच मे पूरा उल्लू है हम लोग आपस मे गर्ल फ्रेंड  बॉय फ्रेंड  नही बन सकते”
“क्यों नही बन सकते आख़िर हम भी तो लड़का लड़की ही है ना” मैने ज़िद भरे लहजे मे कहा
“अरे पागल बॉय फ्रेंड  गर्ल फ्रेंड  के रिश्ते मे बहुत से काम ऐसे होते है जो हम नही कर सकते” मौसी ने मुझे समझाया
“ऐसे क्या काम होते है इस रिश्ते मे जो हम दोनो नही कर सकते” मैने पूछा
मेरी बात सुनकर मौसी कुछ बोल नही पाई और मुझे घूर कर देखने लगी जैसे कुछ समझने की कोशिश कर रही हो कुछ देर तक हमारे बीच कोई बात नही हुई आख़िर मैने ही खामोशी को तोड़ते हुए पूछा “बताओ ना मौसी ऐसा कॉन सा काम होता है बॉय फ्रेंड  गर्ल फ्रेंड  के बीच जो हम नही कर सकते”
मौसी अब सोच मे पड़ गई उन्हे समझ नही आरहा था कि वो क्या जवाब दे लेकिन अब जब बात छिड़ ही गई थी वो भी उनकी ही ओर से तो जवाब भी उन्हे ही देना था और उन्होने जवाब दिया भी “क्या तू सच मे नही जानता कि गर्ल फ्रेंड  बॉय फ्रेंड  के रिश्ते मे क्या होता है”
“नही मौसी सच मे मुझे नही पता की इस रिश्ते मे क्या होता है” मैं बोला
“तूने कभी पॉर्न फिल्म देखी है” मौसी बोली
मौसी के मूह से पॉर्न फिल्म का नाम सुनकर मैं सन्न रह गया मुझे समझ ही नही आया की क्या जवाब दू क्यों कि सच मे मैने आज तक पॉर्न फिल्म नही देखी थी लेकिन पॉर्न पिक्स ज़रूर देखे थे जिनमे नंगी लड़किया लड़को का लंड चुस्ती थी या उनसे चुद्वाती थी
“बता ना राज क्या तूने कभी कोई ब्लू फिल्म देखी है” मौसी मुझे चुप देख कर बोली
“नही मौसी मैने आज तक कोई भी बी एफ  नही देखी लेकिन पॉर्न पिक्स ज़रूर देखी है” मैं बोला
“कैसी पिक्स थी वो, मेरा मतलब है की क्या था उन पिक्स मे” मौसी ने पूछा
अब तो सच मे मैं निशब्द हो चुक्का था क्योंकि मैं मौसी को कैसे बता सकता था कि उन पिक्स मे मैने क्या देखा था,,,,,,,

“बता ना राज क्या था उन पिक्स मे” मौसी ने फिर कहा
मैं कुछ समझ नही परहा था कि मैं क्या बोलू लेकिन कुछ ना कुछ बोलना तो था ही “मौसी उन पिक्स मे कुछ नंगे लड़के लड़किया थी” आख़िर मे हिम्मत करके मैने भी बोल ही दिया
“अच्छा नंगे होकर वो क्या कर रहे थे” मौसी ने अगला सवाल किया
एक और धर्म संकट मेरे सामने आ खड़ा हुआ कि अब मैं क्या बोलू मौसी को कैसे बताऊ की पिक्स चुदाई की थी “कुछ नही कर रहे थे मौसी बस खड़े हुए ही थे” मैं बोला
मेरी बात सुनकर मौसी मुस्कुरई और बोली “इतना बुध्हु भी नही है तू जितना मैं तेरे को समझ रही थी, और अब शायद तू मेरे को बुध्हु समझ रहा है, बच्चू किसी भी पॉर्न पिक्स मे लड़के लड़की नंगे खड़े नही रहते बल्कि नंगे होकर बहुत कुछ करते है”
“तो क्या आपने भी पॉर्न पिक्स देखी है”मैं बोला
“पॉर्न पिक्स ही नही मैने बहुत सी बी एफ  भी देखी है” मौसी बोली
मौसी की बात सुनकर मैं हैरान हो गया था इतनी सीधी लड़की इतना सब कैसे कर सकती है उसपर मेरे सामने स्वीकार भी कर रही है वैसे हमारे बीच मे दोस्ती का भी रिश्ता था इसलिए ये कोई बड़ी बात भी नही थी
“कहाँ देखी आपने बी एफ ” मैं बोला
“मेरी बहुत सी सहेलियो और बी एफ  के मोबाइल मे थी जिसे हम देखा करते थे और उसमे से बहुत सी मैने मेरे मोबाइल मे भी ले ली है तुझे देखना है बीएफ ” मौसी बोली
मेरे तो होश उड़े जा रहे थे आज तक कभी भी मौसी के साथ ऐसी बाते नही की थी और आज एक दम से उनके सामने नंगी फिल्म देखने की तो मैं सोच भी नही सकता था
“नही मौसी मुझे नही देखनी बी एफ ” मैं जल्दी से बोला
“शर्मा रहा है तू लेकिन तुझे पता नही की बीएफ  देखना अभी तेरे लिए कितना ज़रूरी है अगर तूने फिल्म नही देखी तो मुझे अपनी गर्ल फ्रेंड बनाने के लिए मरा जाएगा शायद फिल्म देखने के बाद तू अपनी ये ज़िद छ्चोड़ दे” कह कर मौसी उठी और अपना मोबाइल निकाल लिया और उसके साथ कुछ छेड़खानी करने लगी शायद बीएफ  वाला फोल्डर खोल रही थी मेरे तो सारे शरीर मे एक अलग सा रोमांच दौड़ रहा था एक हल्की सी कंपकपि हो रही थी और लंड भी खड़ा होने लगा था बी एफ  देखने के नाम से क्योंकि आज तक मैने कभी भी बीएफ  नही देखी थी और पहली बार मे ही अपनी मौसी के हाथो मुझे बीएफ  देखने मिल रही थी क्या किस्मेत थी मेरी,,,,,,

मौसी ने बीएफ  वाला फोल्डर खोल लिया और फिल्म चालू कर के मेरे साइड मे बैठ गई इस वक्त मौसी और मेरा शरीर सटे हुए थे मौसी की जंघे मेरी जाँघो पर चढ़ि हुई थी और उसके बूब्स मेरी बहो से रगड़ खा रहे थे लेकिन अभी तक मेरे मंन मे मौसी के लिए कोई ग़लत भावना नही थी इसलिए मैने इन सब को नॉर्माली लिया तभी मोबाइल की स्क्रीन पर फिल्म शुरू हो गई जिसमे एक कम उमर का जोड़ा नंगा खड़ा हुआ था लड़का लड़की के बूब्स दबा रहा था और लड़की लड़के का लंड मसल रही थी ये देख कर मेरी सिट्टी पिटी गुम हो गई जबकि मौसी के होंठो पर मुस्कान थिरकने लगी मुझे बहुत अनकमफर्टबल फील हो रहा था मौसी के सामने क्योंकि ये सब देख कर मेरा लंड भी तन चुका था और लोवर मे उसका उभार सॉफ नज़र आरहा था मैने मौसी की तरफ देख कर उनसे कहा कि मौसी प्ल्ज़ आप दूसरी तरफ मूह कर के बैठ जाओ आपके सामने मैं ये फिल्म नही देख पाउन्गा मेरी बात सुनकर मौसी पहले तो हसी और फिर बोली क्यूँ किस बात की शरम आराही है तुझे मैं तो अपने कई बॉय फ्रेंड  के साथ ये फिल्म देख चुकी हू लेकिन मैं तो नही शरमाई और अब तू तो मुझे अपनी गर्ल फ्रेंड  बनाना चाहता है तो फिर क्यों शर्मा रहा है?
मौसी मैं आपको गर्ल फ्रेंड  बनाना चाहता हू अभी बनाया नही है सो प्ल्ज़ आप अपना मूह दूसरी तरफ कर लो ना मैं बोला
पता नही मौसी ने क्या सोचा और अपना मूह दूसरी तरफ कर लिया अब मेरा पूरा ध्यान फिल्म पर लग गया और लगता भी क्यों नही आख़िर ये मेरे जीवन की पहली नंगी फिल्म थी जो मैं देख रहा था......


फिल्म जैसे जैसे आगे बढ़ रही थी मेरी उत्तेजना उतनी ही बढ़ती जराही थी मेरा लंड लगातार फूले जराहा था मैं फिल्म मे इतना खो गया था कि मुझे मौसी की याद ही नही रही मौसी कब मेरे तरफ देखने लगी थी मुझे मालूम ही नही पड़ा मेरे लोवर का उभार अब स्पस्त दिखने लगा था मौसी की नज़रे भी मेरे लंड के उभार पर टिक गई थी और उनकी आँखो मे लाल डोरे तैरने लगे थे फिल्म अब तक चूत और लंड चुसाइ हो चुकी थी और चुदाई शुरू ही होने वाली थी मैने मौसी की तरफ देखा तो वो मेरे लंड के उभार को ही घुरे जराही थी मैं एकदम से शर्मा गया और चिल्ला कर बोला मौसी ये ग़लत है मैने आप से कहा था कि आप मेरी तरफ मत देखो
मेरे ज़ोर से बोलने की वजह से मौसी चौंक गई और मुस्कुराते हुए बोली अरे यार मैने बस वैसे ही एक बार तुम्हारी तरफ देखा था लेकिन तुम्हारे लोवर के टेंट को देख कर पता नही मुझे क्या हुआ और मेरी नज़रे वहीं जम गई खैर तू बता फिल्म कैसी लग रही है
मुझे नही पता बस आप अपना मूह दूसरी साइड कर लो मैं बोला
तुजुए फिल्म कैसी लग रही है ये तो तेरा लोवर ही बता रहा है और हां मेरे दूसरी तरफ देखने से कुछ नही होगा मेरी बात मान और तू मोबाइल ले कर बाथ रूम मे जाकर फिल्म देख क्योंकि बहुत जल्द ही तुझे उसकी ज़रूरत पड़ने वाली है मौसी बोली
मौसी की बात का मतलब मैं समझ गया था और सच मे मेरे लंड का दर्द भी बहुत बढ़ गया था मेरी इच्छा हो रही थी कि तुरंत ही अपने लंड की मूठ मार लू इसलिए मैं बगैर कुछ बोले मोबाइल लेकर बाथ रूम मे जाने लगा मेरे उठते ही मौसी हस्ते हुए बोली आज तुझे अपनी जिंदगी का सबसे ज़्यादा मज़ा आएगा मैं बगैर जवाब दिए बाथ रूम मे घुस गया फिल्म मे अब चुदाई शुरू हो गई थी चुदाई देख कर मैं बाथरूम का गेट भी लगाना भूल गया और बाथ रूम मे बने एक स्टॅंड पर बैठ कर अपना लंड मुठियाते हुए फिल्म देखने लगा

जैसे जैसे फिल्म मे लड़के का लंड लड़की की चूत मे अंदर बाहर हो रहा था वैसी ही स्पीड से मेरा हाथ भी मेरे लंड पर चल रहा था मोबाइल से आती लड़की की मस्त आहो को सुनकर मेरा उत्साह और बढ़ता जराहा था मौसी ने सच ही कहा था कि आज मुझे अब तक का सबसे ज़्यादा मज़ा आरहा था मेरे मज़े की कोई लिमिट नही थी मस्ती मे मैने आँखे बंद कर ली थी और फिल्म देखना छ्चोड़ मोबाइल से आती मस्ती भरी 'आअहह...उम्मह...'की आवाज़े सुन कर अपनी मूठ मारे जराहा था थोड़ी देर बाद आँख खोल कर मोबाइल की तरफ देखा तो देखता ही रह गया वहाँ अब चुदाई ख़तम हो गई थी और लड़का अब लड़की के चेहरे के उपर अपना माल निकल रहा था ये द्रश्य देख कर मेरा हाथ भी तेज़ी से चलने लगा और मैने फिर से अपनी आँखे बंद कर ली और उस फिल्म वाली लड़की का चेहरा इमगीन करने लगा लेकिन मेरी आँखो के सामने उस लड़की की जगह मौसी का ही चेहरा आरहा था मैं समझ नही परहा था कि ऐसा क्यूँ हो रहा है मैं ज़्यादा कुछ सोच पाता इससे पहले ही मेरे लंड से पिचकारियाँ निकलने लगी 'हाय...मौसीइ..... ' पता नही कैसे मेरे मूह से ये शब्द निकले और मैं मज़े के सागर मे डुबकिया लगाने लगा
अब धीरे धीरे मेरा लंड सिकुड़ने लगा था सच आज मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा आया था जब मेरा खुमार टूटा और मेरी आँखे खुली तो सामने देखते ही मेरी गंद फट गई मौसी बिल्कुल मेरे सामने खड़ी थी और मेरे मुरझाते हुए लंड को देख रही थी जैसे ही मुझे होश आया तो मैं झट से उठा और अपना लोवर उपर खींच कर अपने लंड को ढँक लिया
क्या मौसी ये ग़लत बात है आपको यहाँ नही आना चाहिए था मैं गुस्से से बोला
तुझे इतनी देर लगते देख मुझसे रहा नही गया इसलिए मैं यहाँ आई थी लेकिन मुझे यहाँ आकर पता चला कि यहाँ तो मेरे नाम की मूठ मारी जा रही है मौसी थोड़े शुसक स्वर मे बोली अब मेरा गुस्सा पता नही कहाँ चला गया और अब उसकी जगह डर ने लेली पता नही कैसे आख़िर मे मेरे मूह से मौसी निकल गया था अब पता नही मौसी क्या करेंगी मैं मौसी के सामने कुछ सफाई दे पाता उसके पहले ही मौसी तेज कदमो से बाथ रूम से बाहर निकल गई.....


मौसी के जाने के बाद कुछ देर तक मैं यूही सदमे मे खड़ा रहा क्या सोच रही होगी मौसी मेरे बारे मे कितना गंदा हू मैं जो मूठ मारते हुए भी मेरे दिमाग़ मे मौसी का चेहरा घूम रहा था अब मैं मौसी से नज़रे कैसे मिला पाउन्गा इन्ही सब सोचो के साथ मैं मौसी के पास पहुँचा वो अभी बेड पर पीठ के बल लेटी हुई थी और उनकी आँखे छत पर गढ़ी हुई थी मेरे आने की आहट होने के बाद भी उन्होने मेरी तरफ नही देखा मैं अब बहुत परेशान हो गया था मैं भी जाकर मौसी के बाजू मे बेड पर बैठ गया और गर्दन झुकाए हुए बोला सॉरी मौसी मैं आपका नाम नही लेना चाहता था पर पता नही कैसे उस वक्त मेरे मूह से आपका नाम निकल गया मुझे माफ़ कर दो मौसी सच मे मेरे दिल के आपके लिए कोई ग़लत बात नही है
मुझे यू गिड़गिदते देख पहले तो मौसी कुछ देर तक घूर कर मुझे देखती रही फिर एकाएक खिलखिला कर हंस पड़ी मैं मूह खोले उन्हे हस्ते हुए देख रहा था मैं जो सोच रहा था यहाँ तो एकदम उसका उल्टा हो रहा था
निरा बुध्हु है रे तू कुछ भी जानता समझता नही है तू क्या सोच रहा है कि तेरे मूह से अपना नाम सुनकर मुझे बुरा लगा है, अरे मुझे तो खुशी हुई है कि मैं इतनी सेक्सी हू की कोई लड़का मेरे नाम की मूठ मार रहा है मौसी बोली
मौसी की बात सुनकर मैं दंग रह गया और चुपचाप उन्हे देखने लगा
सच बता राज क्या सच मे मैं सेक्सी हू जो तू मेरे नाम की मूठ मार रहा था वो बोली
मुझे कुछ समझ नही आया कि मैं क्या जवाब दू इसलिए जो सच था मैने बोला मौसी मैं आपके नाम की मूठ नही मार रहा था मैं तो उस फिल्म वाली लड़की को इमगीन कर रहा था लेकिन पता नही क्यों बार बार मेरी आँखो के सामने आपका चेहरा आरहा था और आख़िर मे पता नही कैसे आपका नाम मेरे मूह से निकल गया
मेरी बात सुन कर मौसी कुछ देर सोचती रही और बोली बात कुछ भी हो लेकिन सच बता तुझे फिल्म देखते हुए मूठ मारने मे मज़ा आया कि नही
बहुत मज़ा आया मौसी मैं शरम से नज़रे झुकाए हुए बोला
मौसी मुझे ऐसे शरमाते हुए देख कर मेरे गाल गुलेच्ति हुई बोली 'वाह रे मेरे शर्मीले, अब तो तूने देख लिया है ना कि गर्ल फ्रेंड  बॉय फ्रेंड  आपस मे क्या करते है बोल अब बनाएगा मुझे अपनी गर्ल फ्रेंड '
'तो क्या आपने भी अपने बॉय फ्रेंड  के साथ ये सब किया है' मौसी के सवाल को छ्चोड़ मैने ही अपना सवाल कर दिया
'हां किया तो है लेकिन पूरा नही बस उपर उपर से ही किया है' मौसी बोली
'उपर उपर से मतलब'
'मतलब मैने कपड़े नही उतारे बस चूमा चाती, बूब्स दबाई और कभी कभी मैने उसका ये भी पकड़ा है कपड़ो के उपर से'
'तो उसमे आपको क्या मज़ा आया होगा'
'हां यार ज़्यादा मज़ा तो नही आया लेकिन इसके आगे करने की मेरी हिम्मत भी नही हुई और ना मौका ही मिला'
मौसी की बात सुन कर मैं चुप हो गया वैसे भी कहने को अब कुछ था ही नही तभी मौसी बोली 'तूने मेरी बात का जवाब नही दिया क्या अब भी तू मुझे अपनी गर्ल फ्रेंड  बनाना चाहता है'
'जब गर्ल फ्रेंड  बॉय फ्रेंड  के रिश्ते मे ये सब होता है तो मैं आपको अपनी गर्ल फ्रेंड  कैसे बना सकता हू आख़िर आप मेरी मौसी है' मैने जवाब दिया और मौसी के बगल मे लेट गया
मेरी बात सुन कर मौसी कुछ देर सोचती रही फिर बोली 'वैसे हम अच्छे गर्ल फ्रेंड  बॉय फ्रेंड  बन सकते है राज क्योंकि हमारा रिश्ता ही कुछ ऐसा है कि किसी को हम पर शक भी नही होगा और हम चाहे जो कर सकेंगे'
'लेकिन मौसी.......'
'लेकिन वेकीन कुछ नही हमारे रिश्ते को भूल जा सबसे पहले हम लड़का लड़की है क्या तेरी इच्छा नही होती उस फिल्म जैसे करने की'
'होती तो है लेकिन आपके साथ मैं ये सब कैसे कर सकता हू'
'मैने कहा ना रिश्ते को भूल जा बस जवानी को एंजाय कर वैसे तुझे परेशानी ना हो इसलिए हम धीरे धीरे आगे बढ़ेंगे यदि तुझे कोई परेशानी ना हो तो ही तूने आगे बढ़ना वरना मत बढ़ना'
'तो क्या आपको मेरे साथ मे ये सब करने मे कोई परेशानी नही है'
'परेशानी कैसी मैं तो पहले से ही ये सोच कर बैठी थी की जब भी तू आएगा तेरे साथ ये सब करने की कोशिश करूँगी अब आगे तेरी मर्ज़ी'
मौसी की बात सुन कर मैं सोच मे पड़ गया की अब मैं क्या करू मेरी भी इच्छा होती थी सेक्स करने की लेकिन अपनी मौसी के साथ ये मैने कभी सोचा नही था
'क्या बात है राज तू चुप क्यों हो गया' मौसी बोली
'मुझे सोचने दो मौसी' मैं बोला और फिर से अपनी सोचो मे डूब गया


मेरी सोचे थमने का नाम ही नही ले रही थी अपनी मौसी के साथ सेक्स करने का सोच कर ही मंन मे एक अजीब सी गुदगुदी हो रही थी एक तरफ सेक्स करने की इच्छा हो रही थी तो दूसरी तरफ रिश्ते की दीवार भी सामने खड़ी थी लेकिन मौसी भी तो रिश्ते को भूल सेक्स करने की बात कह रही थी और उसने कहा भी तो है कि जब प्राब्लम हो तो मत करना और वैसे भी उपर उपर से करने मे क्या जाता है ये सोच कर मैने भी हामी भरने की ठान ली लेकिन हां करने से पहले मैं मौसी के मन को और भी टटोलना चाहता था तो मैं बोला 'मौसी क्या सच मे आज तक आपने किसी लड़के के साथ सेक्स नही किया'
'मैने बताया ना सिर्फ़ उपर उपर से ही किया है आज तक किसी भी लड़के ने मेरे शरीर को नंगा नही देखा है'
'फिर आप मेरे साथ ही सेक्स क्यों करना चाहती हो'
'देख राज सबसे पहली बात तो ये है कि तू शुरू से ही मुझे बहुत पसंद है दूसरी बात ये की तू घर का ही लड़का है जिससे बात बाहर जाने की कोई चिंता ही नही है और सबसे बड़ी बात की तेरे साथ सेक्स करने के लिए जगह भी है और टाइम भी है उपर से हमारे रिश्ते की वजह से हम पर कोई शक भी नही कर सकता समझा'
'लेकिन आप सेक्स करने के लिए इतनी उतावली क्यों हो रही है'
'तुझे नही पता राज मैं पिछले तीन सालो से सेक्स करने के लिए तरस रही लेकिन मोका ही नही लग रहा था पिछले साल जब तू यहाँ आया था तब भी मैने तेरे बारे मे सोचा था लेकिन तब तू मुझे बच्चा लगा था लेकिन इस बार तो तू सच मे अडल्ट हो गया है और तेरा 'वो' भी कितना बड़ा हो गया है उसे देखने के बाद अभी भी मेरी 'उसमे' खुजली हो रही है प्ल्ज़ राज मान जा ना किसी को भी पता नही लगेगा'
मैं मौसी की बात समझ गया था कि 'वो' और 'उसमे' का क्या मतलब था लेकिन मौसी को छेड़ने के लिए मैं बोला 'मौसी ये आप इशारो मे क्या बाते कर रही हो ये 'वो' और 'उस' क्या है'
मौसी मेरी बात सुन कर थोड़ी देर चुप रही लेकिन फिर जो बोली वो सुन कर मुझे अपने कानो पर यकीन नही हुआ कि क्या मेरी मौसी सच मे इतनी बिगड़ी हुई है
'देख राज मैं जानती हू कि तू सब समझ रहा है लेकिन फिर भी मैं तुझे मतलब बताती हू मेरे कहने का मतलब था कि तेरे लंड को देखने के बाद से ही मेरी चूत मे खुजली हो रही है मेरी चूत तेरा लंड लेने के लिए तड़प रही है बोल डालेगा अपना लंड मेरी चूत मे'
मौसी ने एक झटके मे शरम के सारे पर्दे हटा दिए थे और अपनी सेक्सी बतो से मेरी हवस को भी भड़का दिया था मैं जो अभी तक उपर उपर से करने की सोच रहा था अब चुदाई के बारे मे सोचने लगा था मुझे चुप देख कर मौसी फिर बोली 'बोल राज चोदेगा अपनी मौसी को'
अब मेरे पास कहने को कुछ नही बचा था मैने हां मे गर्दन हिला दी और बोला 'मौसी एकदम से चोद्ने की बात तो मैं नही कर सकता लेकिन धीरे धीरे ही खुल पाउन्गा मैं इसलिए जैसी शुरुआत उस फिल्म मे हुई थी हम भी वैसा ही करे तो ठीक होगा'
'ये हुई ना बात' कहते हुए मौसी ने अपने होंठ मेरे होंठो से जोड़ लिए और मेरे होत चूसने लगी थोड़ी देर बाद मैं भी उनका साथ देने लगा लगभग 5 मिनिट तक चूमने चाटने के बाद मौसी मुझसे अलग हुई तो मैं बोला 'मौसी मैने आज तक रियल मे किसी लड़की को नंगा नही देखा है क्या आप मुझे अपना शरीर दिखा सकती है'
मेरी बात सुन कर मुस्कुरा कर बोली बस इतनी सी बात मैं तो तुझसे चुदवाना चाहती हू और तू सिर्फ़ देखने की बात कर रहा है चल सबसे पहले मैं तेरी यही इच्छा पूरी करती हू कह कर मौसी खड़ी हो गई........


मौसी बेड से उतर कर खड़ी हो गई थी उन्होने अभी एक त शर्ट और लोवर पहना हुआ था उन्होने मेरी तरफ देखा और आँख मार कर अपनी टी शर्ट उतारने लगी मगर एक दम धीरे धीरे उसे उपर खींच रही थी जैसे जैसे टी शर्ट उपर जा रही थी वैसे वैसे मेरा लंड भी खड़ा हो रहा था अभी मुझे मौसी की नाभि और चिकना सपाट पेट नज़र आरहा था मुझे नही पता था कि आगे क्या होने वाला है इसलिए मैं पागलो की तरह मूह खोले बिना पलके झपकाए मौसी के पेट को घुरे जराहा था उधर मौसी के चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान च्चाई हुई थी तभी मौसी ने एक झटके मे अपनी टी शर्ट उतार फेंकी अब वो सिर्फ़ एक टाइट ब्रा मे मेरे सामने खड़ी थी वाह क्या नज़ारा था मौसी के 36 साइज़ के बूब्स पता नही कैसे उस ब्रा मे फँसे हुए थे वरना अभी तक उनको बाहर आजना चाहिए था मेरा लंड लगातार फुफ्करे जा रहा था और मेरे लोवर को उपर उठाए जा रहा था अब मौसी ने अपने लोवर मे अपनी उंगलिया फँसा ली और उसे भी धीरे धीरे नीचे करने लगी जीतने धीरे धीरे लोवर नीचे जा रहा था उतनी ही स्पीड से मेरी हार्ट बीट बढ़ रही थी धड़कनो की आवाज़ इतनी बढ़ गई थी की मुझे सुनाई भी देने लगी थी आख़िर मौसी अपना लोवर उतार कर अब मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा पॅंटी मे थी मैं अभी भी उन्हे मूर्खो की तरह देखे जा रहा था तभी मौसी ने अपने हाथ पीछे किए और अपने बालो को खोल लिया उनके लंबे बाल अब एकदम आज़ाद थे और उनका शरीर एक अलग ही जादू जगा रहा था
'राज अब ठीक है या इससे भी ज़्यादा करू' मौसी बोली
'मौसी मैने नंगा होने के लिए कहा था अभी तो आपके दो कपड़े और बचे है उन्हे भी उतारो ना' मैं बोला
'वो दोनो कपड़े उतारने की एक शर्त है राज'
'कौन सी शर्त मौसी'
'पहले तुझे नंगा होना पड़ेगा'
'लेकिन मौसी मेरे पास ऐसा क्या है जो आपने नही देखा मेरा लंड भी तो आप देख ही चुकी हो'
'वो सब मुझे नही पता मैं लड़की हो कर भी तेरे सामने नंगी हो रही हू और तू लड़का होकर भी ना नुकुर कर रहा है यदि मुझे नंगी देखना है तो पहले तुझे नंगा होना पड़ेगा'
वैसे भी मौसी मेरा नंगा लंड तो देख ही चुकी थी तो मुझे क्या फरक पड़ना था मैं उठा और झट से अपने सारे कपड़े उतार दिए अब मैं एकदम नंगा अपने 8 इंच के खड़े हुए लंड को हाथ मे पकड़े मौसी के सामने खड़ा था मेरे लंड को देख कर मौसी की आँखो मे एक अलग उई चमक आगाई थी वो आयेज बढ़ी और मेरे सामने घुटने के बल बैठ कर मेरे लंड को देखने लगी 'क्या मैं इसे टच कर सकती हू' मौसी बोली
'नही पहले आपको अपने पूरे कपड़े उतारने होंगे' मैं थोड़े उखड़े लहजे मे बोला
मौसी झट से खड़ी हुई और दो कदम पीछे हो गई और कुछ ही पॅलो मे मौसी ने अपनी ब्रा और पॅंटी उतार कर फेंक दी जीतने धीरे मौसी ने अपने पहले दो कपड़े उतारे थे उतनी ही जल्दी उन्होने अपने बाद के दो कपड़े उतारे शायद उन्हे लंड को टच करने की बहुत जल्दी थी इधर मौसी के नंगी होते ही मेरा गला और होंठ सुख गये थे मैं अपने होंठो को अपनी जीभ से गीला करते हुए अपनी मौसी दोनो बूब्स को घूर रहा था जब मैं मौसी के अनारो को अच्छे से तप चुका तब मेरी नज़र मौसी की चूत पर पड़ी बिना बालो की चिकनी गुलाबी चूत को देख कर मेरा लंड झटके मारने लगा जैसे अपनी मौसी की चूत को सलामी दे रहा हो
अब मैं अपनी जगह से हटा और मौसी के चारो ओर घूम कर उनके बदन का मुआयना करने लगा जैसे मैं मौसी के पीछे गया तो उनके भारी चूतड़ देख कर मानो मैं दीवाना सा हो गया बाहर को निकले दो खरबूजो को देख कर मैं अपने आपको रोक नही पाया और मेरे हाथ खुद बा खुद उन भारी नितंबो को मसल्ने लगे मेरे ऐसा करने से मौसी भी मस्ती मे आगाई और अपनी गंद को पीछे धकेलने लगी जिससे मेरा लंड उनकी गंद की दरार से टकराने लगा मौसी के शरीर से आती कामुक महेक ने मुझे और भी जोश दिला दिया था लेकिन चुदाई के मामले मे अनाड़ी होने के कारण मुझे समझ नही आरहा था की मैं क्या करू इसलिए मैं कुछ देर ऐसे ही मौसी की गंद पर लंड रगड़ते और उनके नितंबो को मसलते हुए खड़ा रहा मौसी शायद मेरी परेशानी को समझ गई थी इसलिए वो मेरे साइड मूडी और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बेड की तरफ ले जाने लगी.

मौसी ने मुझे बेड पर लेटा दिया और अपनी मस्ती भारी आँखो से मुझे देखने लगी और एक हाथ से मेरा 8 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा लंड पकड़ कर मसल्ने लगी
'मौसी अब इसके आगे क्या होगा' मैं बोला
'वही जो उस फिल्म मे हुआ था '
'उसमे तो लड़की ने लड़के का लंड चूसा था और लड़के ने लड़की की चूत चाती थी'
'हम भी ऐसा ही करेंगे राज'
'लेकिन मौसी मुझे चूत चाटने मे घिंन आती है'
'तो तू मत चाटना लेकिन सेक्स का मज़ा इन्ही सब गंदी हर्कतो मे है'
'मौसी क्या उस सब के बाद चुदाई भी होगी'
'हां मेरी जान चुदाई करने के लिए ही तो हम ये सब कर रहे है'
'लेकिन मौसी मुझे आपकी चूत से ज़्यादा आपकी गंद प्यारी लगी क्या मैं आपकी गंद चोद सकता हू आज'
'नही मुन्ना गंद चुद्वाने मे बहुत दर्द होता है और अभी तक तो मैने अपनी चूत भी नही चुद्वाइ है किसी से पहले तू अच्छे से मेरी चूत चोद ले मैं वादा करती हू कि मैं तुझे अपनी गंद चोद्ने का भी मौका दूँगी वैसे मुझे तो ये भी उम्मीद नही है कि तेरे इस विकराल लंड को मैं अपनी कुवारि चूत मे ले पाउन्गि'
'क्यों मौसी आप ऐसा क्यों बोल रही है फिल्म मे उस लड़की ने भी तो इतना ही बड़ा लंड हस्ते हस्ते अंदर करवाया था उसे तो कुछ नही हुआ'
'तू नही समझेगा चल मैं तुझे समझाती हू जब तक लड़की 4-5 बार ना चुद जाए उसकी चूत ढीली नही होती उसे दर्द होता ही है उसके बाद फिर कोई फरक नही पड़ता और आज मेरा पहली बार है इसीलिए मैं ऐसा कह रही हू' मेरा लंड मसल्ते हुए मौसी बोली
अब मैं मौसी की बात अच्छे से समझ गया था इसलिए चुप हो गया मौसी समझ गई कि अब जो भी करना है उसे ही करना है इसलिए वो सीधी हुई और मेरे खड़े लंड को मूह मे लेलिया और उसे अपने मूह मे अंदर बाहर करते हुए चूसने लगी
वाह रे मेरी किस्मत मैं आज ज़िंदगी मे पहली बार चुदाई का सुख पा रहा था वो भी अपनी सग़ी मौसी के साथ मौसी अब ज़ोर ज़ोर से अपना मूह मेरे लंड पर उपर नीचे कर रही थी जैसे वो मेरा सारा लंड निगल जाना चाहती हो ऐसा करते हुए लगभग 5 मिनूट हो गये लेकिन मौसी लगी रही आख़िर मुझे भी मौसी की गंद की याद आई तो मैं थोड़ा सा उठा और मौसी की कमर पकड़ कर उनके पैर अपनी ओर कर लिया अब मौसी का मूह मेरे लंड पर था और उनकी गांद मेरे मूह के साइड मे थी मेरे मूह के बाजू मे ही मौसी के भरे भरे नितंब जो की बहुत बाहर को निकले हुए थे मुझे आमंत्रण दे रहे थे अपनी सेवा के लिए उन्हे देख कर मैं रुक नही पाया और अपने दोनो हाथो से उन्हे मसलने लगा बड़ा मज़ा आरहा था अपनी मौसी के मुलायम चुतदो को मसल कर इधर मैं मौसी के चूतादो से खेल रहा था उधर मौसी मेरे लंड के बारह बजा रही थी चूस और मसल कर हम दोनो ही अपनी मस्ती के शबाब पर थे दोनो ने ही जो कभी भी नही सोचा था आज वो हो रहा था कैसे रिश्ते कैसे नाते सब हवा हो चुके थे सिर्फ़ वासना ही वासना हर तरफ फैली हुई थी कुछ देर तक मौसी के नितंब सहलाने के बाद अचानक ही मेरा हाथ मौसी की गंद की दरार मे चला गया और सीधे मौसी की गंद के छेद पर ही जा कर रुका जैसे ही मेरा हाथ मौसी की गंद के छेद पर पहुँचा मौसी ने मेरा लंड मूह से बाहर निकाल दिया और चौंक कर मेरी तरफ देखा मैं भी जवाब मे मुस्कुरा दिया और जान बुझ कर अपना हाथ फिर से मौसी के गंद के छेद पर लगा दिया मौसी समझ गई कि अब मैं मानने वाला नही हू इसलिए उन्होने फिर से मेरा लंड मूह मे भर लिया और मुझे फ्री हॅंड दे दिया मस्ती करने के लिए जैसे ही मौसी ने अपनी नज़रे मुझसे हटाई मैने गंद के छेद मे अपनी एक उंगली घुसेड दी उंगली आधी अंदर जाते ही मौसी मेरे लंड पर ढेर हो गई और गहरी गहरी साँसे लेने लगी अपनी मौसी की गंद मे घुसी उंगली मुझे ऐसी लग रही थी जैसे किसी भट्टी मे घुसी हुई हो एकदम गरम गरम क्या मज़ा आरहा था मौसी अभी भी मेरे लंड से उलझ रही थी और मैं अपनी मौसी की गंद मे व्यस्त था कुछ समय बाद मुझे लगने लगा कि मैं शायद अब झड़ने वाला हू तो मैने अपनी मासी की गंद से उंगली निकाली और बोला
'मौसी अब मेरा निकलने वाला.है बताओ अब मैं क्या करू'
'तुझे कुछ नही करना है तू चुपचाप लेटे रह जो भी निकलेगा उसे मैं देख लूँगी ओके'
मौसी की बात सुनकर मैं चुप हो गया और थोड़ी ही देर बाद मे.मेरे.लंड ने अपना माल निकालना शुरू कर दिया जो कि सीधे मौसी के मूह मे जराहा था और मौसी मज़े से उसे चाट चाट कर पी रही थी.......

मेरा माल निकल रहा था और मौसी के मूह को भरे जा रहा था ज़िंदगी मे पहली बार आज मैने बीएफ  देखी थी और आज ही पहली बार मुझे ब्लो जॉब भी मिला था वो भी मेरी मौसी से इसलिए मेरे लंड ने भी मस्ती मे आज इतनी पिचकारिया छ्चोड़ी थी की ठंडा होते होते मेरी आँखो के सामने अंधेरा च्छा गया था मैं निढाल हो कर मुर्दो की तरह बेड पर पड़ा था उधर मौसी मेरे माल को चाट कर सॉफ कर चुकी थी और बड़ी ही मस्त नज़रो से मेरी तरफ देख रही थी वो मेरी हालत समझ गई थी इसलिए उन्होने मुझसे कुछ नही किया और बेड पर मुझसे चिपक कर लेट गई मौसी ने अपनी एक जाँघ मेरी जाँघ पर चढ़ा दी थी जिससे उनकी चूत बिल्कुल मेरे लंड को टच कर रही थी लेकिन मेरा लंड अभी मुरझाया हुआ था इसलिए शायद उन्हे मज़ा नही आरहा था वहीं मौसी के बूब्स मेरे सीने पर गढ़े हुए थे लगभग 5 मिनिट बाद मेरे बदन मे फिर से ताक़त आना शुरू हो गई थी अब मैने अपने होंठ मौसी के होंठो से जोड़ लिए और उन्हे किस करने लगा मेरे हाथ भी मौसी के बूब्स को लगातार निचोड़ने लगे थे और मेरे लंड महाराज भी मौसी की कुवारि चूत से टकरा टकरा कर फिर टाइट होने लगे मेरे और मौसी के बीच अभी कोई बात नही हो रही थी बस हम एक दूसरे के बदन मे ही उलझे हुए थे अब मेरा हाथ मौसी की कुवारि चूत पर पहुच गया था जैसे ही मेरा हाथ मौसी की चूत से टकराया मौसी का बदन ज़ोर से कंपा और वो बुरी तरह से मुझसे चिपक गई और मेरे बालो को ज़ोर से खींचते हुए अपने दाँत मेरी गर्दन मे गढ़ा दिए अब मैं भी मौसी की चूत को अपनी मुट्ठी मे भर कर दबोच रहा था मौसी की चूत की गर्मी मुझे पागल बनाए दे रही थी कुछ देर ऐसे ही भिचने के बाद मैने अपनी छोटी वाली उंगली मौसी की टाइट चूत मे घुसा दी उंगली ज़्यादा अंदर तक नही गई लेकिन मौसी की चूत एकदम गीली हुई पड़ी थी जिस कारण मैं उंगली को आगे पीछे करने लगा अभी उंगली 10-12 बार ही आगे पीछे हुई थी के मौसी का बदन अकड़ गया और वो उम्मह....आहह.... कर के झड़ने लगी जिस वजह से मेरी पूरी हथेली मौसी के पानी से भीग गई मौसी ज़ोर ज़ोर से साँसे ले रही थी और इधर मेरा लंड एक बार फिर से झटके मारने लगा था पता नही मेरे मन मे क्या आया कि मैने वैसे ही करवट मे पड़े पड़े अपना लंड मौसी की चूत से लगा कर एक धक्का लगा दिया लेकिन मेरे अनाड़ी पने की वजह से लंड अंदर ना जा कर वहीं फिसल गया अब तक मौसी अपने आपको संभाल चुकी थी मेरे ऐसा करने के कारण उनके चेहरे पर मुस्कान आगाई थी उन्होने मुझे पीछे धकेला और खुद सीधे लेट कर टाँगे फैला ली और मुझसे बोली 'चल मेरे अनाड़ी बलमा अब इधर आ और अपना दम दिखा'
अब मैं मौसी की फैली हुई टाँगो के बीच आगेया था मेरी नज़रे अभी मौसी से मिली हुई थी मौसी के चेहरे पर अभी एक अलग ही प्रकार के भाव थे जिन मे मज़े के साथ साथ शायद कुछ डर भी छुपा हुआ था..

 'राज ये हम दोनो की ही पहली चुदाई है और पहली बार मे बहुत दर्द होता है ऐसा मैने सुन रखा है इसलिए प्ल्ज़ ज़रा आराम से करना और जब भी मैं कहु रुक जाना ओके' मौसी बोली
मैं मूह से तो कुछ नही बोला लेकिन हां मे गर्दन ज़रूर हिला दी अब मैं अपना लंड मौसी की चूत पर लगाने लगा लेकिन मुझे सही जगह पता नही थी इसलिए मैं लगा नही पा रहा था शायद मौसी मेरी परेशानी समझ गई थी इसलिए उन्होने खुद मेरा लंड पकड़ कर चूत के मूह पर लगा दिया और लंड को वैसे ही पकड़े पकड़े मुझे धक्का लगाने का इशारा किया और अपने एक हाथ से अपने मूह मे एक तकिया भर लिया मैने भी मौसी का इशारा मिलते ही एक करारा शॉट लगा दिया जिससे मेरा आकड़ा हुआ लंड मौसी की चूत को फाड़ते हुए आधा अंदर घुस गया लेकिन मौसी की हालत खराब हो गई उनके मूह से एक जोरदार चीख निकली लेकिन मूह मे तकिया होने के कारण वो वहीं घुट कर रह गई थी मौसी अपने हाथ बेड पर पटक रही थी और अपने पैरो से मुझे पीछे धकेलने की कोशिश करते हुए अपनी गान्ड भी हिला रही थी ताकि मेरा लंड बाहर निकल जाए लेकिन पता नही मुझे क्या हुआ कि तभी मैने एक ज़ोर का धक्का और लगा दिया जिससे लगभग पूरा  लंड उनकी चूत मे समा गया अब तो मौसी की हालत और भी खराब हो चुकी थी और उनकी आँखे भी उबल पड़ी थी आँसू थे कि रुकने का नाम ही नही ले रहे थे और गले से एक अलग ही प्रकार की घरर..घरर..की आवाज़ निकल रही थी ये सब देख कर मैं डर गया और जहाँ का तहाँ ही रुक गया थोड़ी देर बाद शायद मौसी का दर्द कम हुआ तो उन्होने धीरे से आँखे खोल कर मुझे देखा और बोली क्या जान लेने का इरादा है तेरा मैने कहा था ना आराम से करना फिर भी नही माना और मौसी ने मुझे पीछे धकेलते हुए अपनी चूत को देखा जिसमे अभी भी मेरे लंड आधा फसा हुआ था और वहाँ बहुत सारा खून भी लगा हुआ था खून देख कर तो मैं डर ही गया था लेकिन मौसी ने मुझे बताया कि पहली बार मे खून निकलता ही है इसलिए चिंता की कोई बात नही है और मौसी ने मुझे फिर से चोद्ने के लिए इशारा किया उसके बाद तो मैं कहाँ मानने वाला था मैने भी जम कर मौसी की चुदाई की और मौसी ने भी अपनी कमर उठा उठा कर मेरा साथ दिया झाड़ते वक्त मैने अपना माल भी मौसी की चूत मे ही छोड़ा फिर हम बेड शीट धो कर सो गये उसके बाद जब तक भी मैं मौसी के घर रहा हमने रोज ही जम कर चुदाई की....तो दोस्तो कैसी लगी मौसी के साथ ये चुदाई दोस्तो फिर मिलेंगे एक ऑर नई कहानी के साथ तब तक के लिए विदा आपका दोस्त राज शर्मा
समाप्त
दा एंड




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