Friday, June 6, 2014

FUN-MAZA-MASTI मेरी इज़्ज़त लूट ली पार्ट-1

FUN-MAZA-MASTI

 मेरी इज़्ज़त लूट ली पार्ट-1 
हेलो मेरा नाम कल्पना है. मे आपको मेरे बारे मे बताती हूँ मेरी उमर 24 साल है रंग गोरा और फिगर 34-26-36 है. मे एक प्राइवेट स्कूल मे टीचर हूँ. ये कहानी 2 साल पहले की है जब मे नयी नयी इस स्कूल मे जॉब को लगी थी. तब मेरी बी. एड की पढ़ाई ख़तम हुई थी और मुझे ये नौकरी लगी थी. मैं इस स्कूल मे मेद्स सिखाती हूँ. मे 8थ से लेकर 10थ स्ट्ड के बच्चो को मेद्स सिखाती हूँ. तब एक दो महीने हूए थे मुझे स्कूल को जाय्न करके. मे रोज़ स्कूल बससे आया जाया करती थी बस मे हमेशा हमारे स्कूल के बच्चे रहते थे बस हमेशा स्कूल के टाइम पर जाती थी इसलिए बस हमेशा ही खचाखच भारी रहती थी. मुझे तो हमेशा खड़े रहके जाना पड़ता था. ये बात तब की है जब अगस्त मे हमारे स्कूल का एग्ज़ॅम था और बारिश्के दिन थे.सभी बच्चे हाथ मे बुक लेके पढ़ाई करते थे बस मे भी सब पढ़ाई करते थे. पर इनमे से कुछ बच्चे थे जो पढ़ाई से ज़्यादा मौज मे ही खोए थे. वो हमारे स्कूल के सबसे पूराने और सबसे बिगड़े हुए लड़के थे. वो सब क्लास 9थ के स्टूडेंट थे और वो लाघबाग एक ही क्लास मे 4 बार फैल होगये थे इसबार स्कूल ने उन्हे ये हिदायत दी थी कि अगर इसबार वो फैल हो जाते है तो उनको स्कूलसे निकाला जाएगा. इत्तफ़ाक़से वो सब मेरे ही सब्जेक्ट मे फैल होते थे. उस दिन वो चारो मेरे पीछे खड़े थे भीड़ इतनी थी कि सब एक दूसरे से चिपक के खड़े थे उनमे से एक मुझसे चिपक के खड़ा था. बाहर बारिश हो रही थी और बस स्कूल की तरफ जा रही थी. सुबह का वक़्त था. बारिश के कारण मे भीग गयी थी. छाता तो था लेकिन हवा के वजह्से मे भीग गयी थी. मे स्कूल मे हमेशा साड़ी पेहन्के जाती थी हमारे स्कूल मे साड़ी पहनना कंपल्सरी था. 



वो जो लड़का मेरे पिछे खड़ा था वो मुझसे इतना चिपका हुआ था कि उसका शरीर मेरे शरीर से रगड़ रहा था. मुझे उसपर बोहत गुस्सा आया पर सबके सामने अपने स्टूडेंट की इज़्ज़त खराब हो जाएगी इसलिए मे चुप थी. उसका हाथ मेरी कमर के उपर लग रहा था. जब स्कूल आया तो सब उतर गये तब उसे मेने अपने ऑफीस मे बूलाया और उसको बोहत पीटा और फिर उसे क्लास के सामने भी पीटा. मे स्कूल मैं बोहत सख़्त थी. मुझसे सारे बच्चे डरते थे. कुछ दिन बीत गये फिर एक दिन जब स्कूल छूटा तो बस मे जाते वक़्त वो सब मेरे पीछे ही खड़े थे. कुछ देर बस आगे जाने के बाद किसीने मेरे चूतरो पर ज़ोर का चांटा मारा. और वो चारो हस्ने लगे. मे डर गयी थी मैने उनकी तरफ गुस्से से देखा वो सब शांत हो गये. अगले दिन वो फिरसे मेरे पिछे खड़े हो गये. अब की बार फिरसे मेरे चूतरो पर किसी ने हाथ लगाया. मेने पलट के देखा तो वो सब कुछ हुआ ही नही ऐसे बिहेव कर रहे थे. मुझे बोहत गुस्सा आ रहा था. लेकिन मे कुछ कर भी नही सकती थी अगर मेने कुछ कहा तो उनके साथ मेरी भी बदनामी होगी स्कूल मे सब मुझे चिढ़ाते कि एक मेडम को उनके स्टूडेंट ने छेड़ा. इसलिए मेने उन चारो को फिरसे क्लास मे पीटा. 

फिर कुछ दिन शान्ती से बीते लेकिन फिरसे एक दिन बस मे वो मेरे पिछे खड़े थे उनमे से एक ने मुझे चूटी काटी और मे चिल्लाई उईईईई म्‍म्माआआआआआआआ आ सब स्कूल के बच्चे मुझे देखने लगे और मुझसे पूछा क्या हुआ मेडम मैने कहा कुछ नही चीटी ने काटा और उनकी तरफ देखकर अपनी पीठ को खुजाने लगी. उनकी हिम्मत बोहत बढ़ रही थी. वो अब रोज़ मुझे परेशान कर रहे थे मुझे उनपर इतना गुस्सा था पर लड़की होने के कारण कुछ कर नही सकती थी मेने अब उनको पीटना भी छोड़ दिया था पिटाईका उनपर कोई असर ही नही होता था दूसरे दिन वो वही करते थे. मेने इसका गुस्सा उनके रिज़ल्ट पे निकाला और पहले एग्ज़ॅम मे उनको चारो को फैल कर दिया. रिज़ल्ट के दिन जब मैं बस मे घर जा रही थी रोज़ की तरह वो मेरे पिछे खड़े थे. और बस स्टॉप से निकली थी और आधे रास्ते मे उनमे से एक ने मेरे चूतरो पर हाथ रखा इसबार उसने हाथ निकाला नही. मेने पलट के देखा तो उनमे से सबसे हत्ते कत्ते स्टूडेंट ने मेरे चूतरो पर हाथ रखा था. मैं डर गयी मेने हाथ से उसका हाट हटाया और थोड़ी आगे सरक गयी . लेकिन वो नही माना और इसबार मेरे दोनो चूटरो पर उसके हाथ थे अब तो दूसरे ने भी हाथ रख दिया था. 

इसबार मे चुपचाप खड़ी रही मेने अब ठान लिया था कि उनकी किसी हरकतपे रेस्पॉन्स ही नही करना मे वैसे ही खड़ी रही. लेकिन अब तो उनकी हिम्मत और बढ़ गयी उसने मेरे चूतरो से हाथ निकाला मेने चैन की साँस ली लेकिन अगले ही पल उसका हाथ पिच्छेसे मेरे छाती पर आ गया और मेरे बूब्स पर रगड़ ने लगा. भीड़के वजाहासे सामने वाले आदमी के कारण उसका हाथ किसिको नही दिख रहा था लेकिन फिर भी मेने हिम्मत नही हारी और वैसेही खड़ी रही वो मेरे बूब्स को दबाने लगा तो मेरे अंदर एक करेंट उठा और मेरे कमर मे अकड़ आगाई और मेरे चूत से पानी निकला और मे झार गयी मेरी पॅंटी गीली हो चुकी थी और मे कुछ हल्का महसूस कर रही थी. लेकिन मे बोहत डरी हुई थी. इतने मे उनका स्टॉप आ गया और वो सब उतर गये. लेकिन मुझे इधर पसीना छूट रहा था. मे पहली बार उस दिन झारी थी. मुझे कुछ अजीबसा महसूस हो रहा था मेरे शरीर को अजीबसा सकून मिल गया था. मैने घर जाने के बाद अपने कपड़े उतार कर देखा तो मेरी पॅंटी गीली हो गयी थी और चूत भी गीली थी. मेने अपनी चूत मई उंगली डाली और उस लड़के के हाथ का स्पर्श मेरे सामने आगेया और मुझे ऐसा महसूस हो रहा था की मानो वही मेरी चूत मे उंगली कर रहा हो मेरे उंगलिसे मैं फिरसे झार गयी. मैं उनकी करतूतसे आज पहेली बार गुस्सा होने की बजाय खुश थी. लेकिन वो लड़के मुझे और कुछ कर ना दे इसलिए मे तीन चार दिन स्कूल गयी ही नही. लेकिन मेरे घर की हालत इतनी ठीक नही थी के मे घर मे रह सकू मेरे घर मे बोहत ग़रीबी थी. इसलिए मुझे स्कूल जाना पड़ा उस दिन वो लड़के मुझसे बोहत दूर खड़े थे कुछ दिन वो मेरे करीब नही आए. लेकिन अब मुझे उनका करीब आना पसंद था. 
और उस दिन सॅटर्डे था स्कूल जल्दी छूट गया था और मैने रोज़की तरह घर जाने के लिए बस पकड़ी. आज बोहत ही भीड़ थी और वो चारो भी मेरे आसपास ही खड़े थे. बस अपने रास्ते निकल पड़ी मेने बस का टिकेट लिया और खड़ी थी कि अचानक मेरी झंघो पर सेकिसी का हाथ घूमता हुआ फिर मेरे चूतरो से मेरी छाती के उपर चला आया मुझे तो यही चाहिए था. मेने कुछ नही किया बल्कि उस लड़के के और करीब आगाई और उसको टच करके खड़ी हो गयी वो चारो मेरे आगे पीछे खड़े थे. उन्होने मुझे कवर कर लिया था इसलिए मैं किसिको दिखाई नही दे रही थी. हम सब पिछली सीट के यहा खड़े थे उस लड़के ने मेरे बूब्स दबाना शुरू किया मुझे मस्ती आ रही थी लेकिन मैने चुप खड़ी थी तभी स्टॉप पर बस रूकी और हमारे बाजूवालि दो सीट खाली हो गयी मैं वाहा बैठ गयी मैने खिड़की वाली सीट पकड़ी और उनमे से एक लड़का मेरे साथ बैठ गया हम बस की लास्ट सीट पर बैठे थे. और वो तीनो लड़के हमारे आगे खड़े हो गये यानी अब हमे कोई देख नही सकता था. अब वो मेरे झंघोपर हाथ रखकर मेरी साड़ी को उपर करने लगा तो मेने उसे रोका लेकिन उसने मेरी साड़ी मेरेघूटने तक उपर की और मेरी साड़ी मे हाथ डाला उसका हाथ मेरी पॅंटी के उपर थॉ वो मेरी चूत को हाथ सहलाने लगा मेरे शरीर मे फिरसे अकड़न सी होगयि और मे झार गयी मेरी चूत से पानी निकला तो वो उसके हाथ पर लगा वो मेरी तरफ देखकर हसने लगा. अब उसने एक हाथ से मेरे ब्लाउस को खोला और मेरे ब्रा के उपर से मेरे स्तनोको मसल्ने लगा. उसकी इस हरकतसे मे पागल हो उठी थी मुझमे शरम नाम की चीज़ बची नही थी. कुछ देर मेरे बूब्स को दबाने के बाद उसने मेरे कान मे कहा मेडम अगर पूरा मज़ा चाहिए तो हमारे स्टॉप पर उतर जाओ. 

क्रमशः.................








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