FUN-MAZA-MASTI
घरेलू महिलायें--2
फिर लीना की चुदाई के लिए कोई युक्ति सोचने लगा। मुझे अब विश्वास हो गया की मेरा युक्ति कामयाब रही तो कल जरूर कुछ कर गुजरूँगा।
आज मैं अच्छे से तैयार होकर, खुशबू लगाकर ग्यारह बजे ऑफिस आ गया। अपनी युक्ति को सोचते हुए कंप्यूटर पर अपनी कहानी 'कली से फूल' का दूसरा भाग खोल लिया। उस कहानी को स्क्रीन पर खुला छोड़ दिया क्योंकि मेरे जाते ही वो कम्प्यूटर पर बैठ गेम वगैरह खेलती रहती है।
दस मिनट बाद लीना आ गई, गुलाबी साड़ी, उसके साथ बड़े गले का ब्लाउज़ में से उसके बूब्स तो मानो निकलकर बाहर आने के लिए उतावले हो रहे थे। उसी रंग का हल्का सा लिपस्टिक, आई-ब्रो तराशी हुई, उसका निखरा हुआ रूप बड़ा लुभावना लग रहा था।
उसके आते ही मैंने पूछा- कैसा रहा आपका सालगिरह का प्रोग्राम? क्या-क्या किया कल तुमने?
तो बोली- हम लोग घूमने गए थे। बाहर ही खाना खाया और मजे करते रहे।
फिर बोली- आपने क्या-क्या किया, कल भाभी जी के जन्मदिन पर?
मैंने कहा- कुछ मत पूछो लीना, वो जो ब्रा पैन्टी का सैट था। उसका तीन बार उतरना और पहनना ही होता रहा।
लीना- क्यों कोई नुक्स था क्या उस सैट में?
शायद वो मेरे आशय को समझ नहीं पा रही थी।
तो मैंने अर्थपूर्ण मुस्कुराहट के साथ कहा- नहीं नुक्स सैट में नहीं था। नुक्स तो मुझ में था, क्योंकि जब आपकी भाभी ने पहन कर दिखाई तो उसका सेक्सी रूप देखकर मैंने ही उस सैट को अपने हाथों से उतार दिया था और फिर... बात को अधूरी छोड़ दिया।
लीना का चेहरा लाज से लाल हो गया !
मैं बोला- इसी तरह उन्होंने उसे तीन बार पहना था और मैंने उस सैट को कल तीन बार उतारा था।
मुस्कुराते हुए वो अपनी कुर्सी पर जाकर बैठ गई।
मैंने कहा- आपका सैट कैसा रहा?
बोली- बहुत अच्छा एकदम फिट आया। बड़ा आरामदायक भी है। मेरे वो तो बहुत तारीफ कर रहे थे उस सैट की।
अपनी योजना के मुताबिक मैंने कंप्यूटर पर उस कहानी को खुला छोड़कर लीना से कहा- तुम आ गई हो, मुझे काम से जाना है। इतना कहकर बाइक उठाई और मैं चला गया।
ठीक बीस मिनट बाद मैं वापस आया और ऑफिस से कुछ कदम पहले अपनी बाइक को रोककर लीना को फोन लगाया और कहा- ऑफिस के पीछे वाले कमरे में प्लाट मापने वाला बड़ा टेप रखा है क्या? अभी जरा देखकर बताओ मैं फोन होल्ड करता हूँ।
तो वो बोली- ओ के !
यदि मैं ऐसा नहीं करता तो मुझे बाहर आया देखकर वो कंप्यूटर को स्विच ऑफ़ कर देती। मुझे यह पता ही नहीं चल पाता कि उसने कहानी पढ़ी या नहीं, तो मेरी सारी योजना चौपट हो जाता।
वो पीछे के कमरे से आगे ऑफिस में आती। उसके पहले ही मैं ऑफिस में पहुँच गया तभी लीना भी ऑफिस में आई। मुझे देख उसके चेहरे पर हवाइयाँ सी उड़ने लगीं, जैसे उसकी कोई चोरी पकड़ी गई हो।
मैं- टेप मिला क्या?
लीना- न ..नहीं।
वो कंप्यूटर तरफ जाती उसके पहले ही मैं वहाँ जाकर बैठ गया।
मैंने कहा- पता नहीं लीना, तुम क्या करती रहती हो? कोई सामान ठीक से नहीं रखती, अच्छे से खोजो।
वो फिर अन्दर चली गई उसकी आँखें अजब सी नशीली लग रही थीं। मैंने कंप्यूटर चेक किया तो जो कहानी को आरम्भ से मैंने लगाया था उसकी जगह कहानी की अंतिम पंक्तियाँ दिख रही थीं।
मैं समझ गया कि लीना कहानी पढ़ चुकी है और पढ़कर जरुर गर्म हो गई होगी।
अब उस टेप की खोज शुरू हो गई, जो मेरी बाइक की डिक्की में हमेशा से रखा था। हम दोनों ही मिलकर उसे ढूंढ रहे थे।स्टोर-रूम कम रेस्ट-रूम का सारा सामान हम दोनों ने उलट-पुलट कर दिया। सारा सामान साथ-साथ उठा कर देखते रहे।
मैंने कई बार अपने हाथ से उसके हाथों को छुआ। उसके स्तनों को भी कोहनी से रगड़ दिया। पलंग के नीचे जब वो ढूंढ रही थी तो मैं उसकी चिकनी पिंडलियों को बार-बार छू रहा था।
फिर मैंने कहा- ऊपर के सेल्फ पर देखो, शायद वहाँ हो?
वो बोली- यह तो ऊँचाई पर है।
तो मैंने उसे कमर से पकड़ कर उठा दिया और कहा- लो अब देखो।
वो सेल्फ पर सामान उलट-पुलट करके खोजती रही। मैं उसकी कमर और पीठ पर अपनी गरम साँसों का प्रवाह करता रहा। एक दो बार मैंने अपने होंठ भी उसके पीठ से लगाए मुझे लगा जैसे ‘स्स्स्स...’ की आवाज उसके मुँह से निकली थी।
फिर वो बोली- यहाँ नहीं है। मुझे नीचे उतारो।
तो मैंने कहा- लीना मेरी इच्छा है कि तुम्हें यूँ ही गोद में लिए रहूँ।
वो बोली- कोई आ जाएगा प्लीज़...
मैंने उसे नीचे उतार कर, ऑफिस का बाहरी कांच वाला दरवाजा अन्दर से लगा लिया। फिर ऑफिस के अन्दर वाले कमरे में आकर उसे बाहों में भर कर चूम लिया।
वो बोली- सर, यह क्या कर रहे हो? ये गलत है, मुझे आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी।
मैं तो जानता था कि इतनी सेक्सी कहानी पढ़ने के बाद इसकी बुर से पानी निकल आया होगा, चुदासी भी हो रही होगी और चुदेगी भी जरूर !
बस नारी सुलभ नखरे बता रही है, जो उसका हक़ है, अन्यथा अब तक आगबबूला हो रही होती। अपने शरीर पर इतनी रगड़ नहीं लगने देती।
मैंने पीछे से उसे बाहों के घेरे में लेते हुए कहा- तुमने जो कहानी पढ़ी है, वही मैंने तुम्हारे आने से पहले पढ़ रहा था। धोखे से खुला छोड़ गया था, जो शायद तुमने भी पढ़ ली है। मुझे बहुत बेचैनी हो रही है लीना ! प्लीज़, एक बार तुम्हें चूमना सहलाना चाहता हूँ।
बड़ी मुश्किल से वो सिर्फ चूमने सहलाने भर के लिए राजी हो गई। मैंने पीछे से उसके कमर पीठ उभरे नितम्बों को जिस तरह से सहलाया उससे वो सीत्कार कर उठी। अपने पिछवाड़े को मेरे लंड पर रगड़ने लगी।
अब तक मैंने उसका साड़ी का पल्लू गिराकर उसके स्तनों पर कब्ज़ा कर लिया था। उन्हें पीछे से पकड़कर मसलने में अनुपम सुख मिलने लगा।
मेरे लंड की हालत बिगड़ने लगी। वो खड़ा होकर लीना के नितम्बों को मेरी कमर से दूर धकेल रहा था।
उसकी सिसकारी छूटने लगी- अस्सस्स... सर... ये... क्या कर रहे हो... प्लीज़ छोड़ दीजिए न सर...
अब तक मैंने उसका साड़ी का पल्लू गिराकर उसके स्तनों पर कब्ज़ा कर लिया था। उन्हें पीछे से पकड़कर मसलने में अनुपम सुख मिलने लगा।
मेरे लंड की हालत बिगड़ने लगी। वो खड़ा होकर लीना के नितम्बों को मेरी कमर से दूर धकेल रहा था।
उसकी सिसकी छूटने लगी “स्सस्सस्स... सर... ये...क्या कर रहे हो... प्लीस्स्स छोड़ दो न...”
अब किसी तरह जल्दी से जल्दी उसकी चूत में अपना लंड डालकर उसे चोद लेना चाहते था। क्योंकि अभी वो गर्मी पर है। अभी चोद लिया तो चुद जाएगी और आगे के लिए तो रास्ता भी खुल ही जाएगा।
चुदाई के दौरान की जाने वाली मौज-मस्ती को बाद में जब मौका मिलेगा, तब कर लूँगा। ये सोच कर मैंने उसे उठा कर पलंग पर लिटा दिया।
उसके ऊपर सवार होकर चुम्बनों की बौछार उसके लाल होते गालों पर, पसीने से भीगे ललाट, थरथराते रसीले होंठ, कान और गले पर बिना रुके चूम डाला।
साँसों के उतार-चढ़ाव के साथ ऊपर-नीचे होते, उसके भरे-पूरे स्तनों को सहलाते हुए, उसके ब्लाउज के हुक खोल दिए। फिर ब्रा के ऊपर से ही उसके बड़े-बड़े चूचे, जो अब और भी फूलकर कड़क हो रहे थे, को सहलाते हुए चूमने लगा।
उसकी कामुक सिसकियाँ उसके मुख से निकलने लगी “स्स्स्स...ओह्ह्ह...ओ...”
फिर उसकी नाभि को चूमते हुए, उसके मोटे मोटे नितम्बों को मसल डाला। और उसकी साड़ी को उठाकर कमर तक ले आया। उसने लाल रंग की पैन्टी पहनी हुई थी। जो योनिरस से बहुत गीली हो चुकी थी।
मैंने उसे निकालना चाहा तो लीना मेरे हाथ पकड़ने लगी बोली- यह ठीक नहीं है ! ओह्ह... रोनी जी... मुझे छोड़ दो न...प्लीज़्ज़...
मैंने उसकी बात को अनसुना करते हुए उसकी पैन्टी को निकालकर, उसी पैन्टी से उसकी गीली हो चुकी बुर को पोंछ दिया। फिर उसकी टाँगों को फैलाकर उसकी बुर को देखा जो बिल्कुल चिकनी शेव की हुई थी।
शायद अपनी सालगिरह से पहले ही अपने पति के लिए चिकना किया होगा।
उसके बड़ी किसमिस जैसे क्लैटोरिस के दाने को अंगुली से सहलाते हुए अपने होंठों से बुर को किस करते हुए अपनी जीभ से उसकी बुर को सहलाने लगा।
वो “आह्ह...ओह्ह्ह...” करते हुए मचलने लगी।
मेरे हाथ उसके पुष्ट नितम्बों को सहलाते हुए मसल रहे थे।
अब लीना पूरी मस्ती में आ चुकी थी। दूधिया चिकनी सुडौल जाँघों को सहलाते हुए जाँघो पर भी दांत गडाते हुए पप्पी ले ली।
अब लीना मेरे सर को पकड़ कर अपने ऊपर खींचने का जतन कर रही थी। मैंने अपने पैन्ट और जाँघिया को फुर्ती से निकाल कर एक ओर रख दिया।
मेरा तन्नाया लंड बड़ा बेसब्र हो रहा था। उसमें से प्री-कम रस की बूँदें बाहर आने लगी थीं। मुझे इस अवस्था में देख लीना ने एक हाथ से अपना चेहरा ढक लिया!
मैं उसकी टाँगों के बीच में आ गया और उसकी टाँगो को फैलाकर, एक हाथ से अपने लंड को पकड़ उसकी योनि पर फिराते हुए, उसे योनिरस से गीला करके उसे योनिद्वार का रास्ता दिखा कर अन्दर ठेल दिया।
अभी आधा भी अन्दर नहीं गया था कि लीना चीख पड़ी- ओ..माँ... आआअ... धीरे करो... दुखता है...
उसकी चूत तो उम्मीद से ज्यादा कसी हुई थी, जैसे रोज लंड न लेती हो। मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रखकर उन्हें चूसने लगा, धीरे-धीरे लंड पर दबाब बनाते हुए उसे अन्दर करता जा रहा था।
अब उसने अपने पैरों को ढीला छोड़ दिया। तो मैंने धक्के लगाना चालू कर दिए।
उसकी कामुकता से सराबोर सिस्कारियाँ बढ़ रही थीं 'स्स्स्स...आह्ह्ह...' करते हुए अपनी कमर को उछालते हुए धक्के से धक्का को मिलाते हुए कुछ ही क्षणों में वो झड़ गई और मुझ से लिपट गई, अपनी टाँगों को मेरी कमर से लपेट लिया।
अब उसकी चूत बहुत गीली हो गई थी। जैसे ही उसने पैरों को ढीला किया, मैंने फिर लंड पेलना शुरू कर दिया। बड़े ही सरलता से लंड अन्दर-बाहर होने लगा, तो मैंने उसकी टाँगों को अपने कंधे पर रखकर धक्के लगाने शुरू किए।
धक्कों के साथ-साथ उसके स्तन मर्दन करते हुए उन्हें चूमता जा रहा था। उसके स्तनाग्र बहुत छोटे थे जिन्हें होंठों से दबाकर जीभ से सहलाने में लीना को बहुत उत्तेजना मिल रही थी।
“ओह्ह...जोर्रर...से ..स्स्स्स...हाँ...और...क..करो...न...”
फिर गति बढ़ाते हुए जो लंड पेलाई की तो पांच मिनट में ही मेरा वीर्य बाहर निकलने को आमादा हो गया। जो तीव्र गति से निकलता हुआ सीधा लीना की चूत में समाने लगा।
लीना भी दोबारा स्खलित हो गई- ओह्ह्ह्ह.. रो ..नी...आआअ...स्स्स्स...
योनी का संकुचन और लंड से निकलता वीर्य गजब अहसास था दोनों ही दुनिया-जहान से बेखबर एक दूसरे में समां गए थे।
दो-तीन मिनट बाद मैं उठ गया। उसके बाद एक कपड़े से मैंने अपने लंड को पोंछकर, लीना की चूत से बहती धार को भी पोंछ दिया। फिर दोनों अपने-अपने कपड़े पहनने लगे।
लीना अपनी ढीली साड़ी को फिर से बांध रही थी। मैं अपने कपड़े पहन कर ऑफिस में आ गया। काफी देर बाद भी लीना नहीं आई तो मैंने जाकर देखा वो नजरें झुकाए पलंग पर बैठी थी।
मैंने पूछा- क्या हुआ?
तो नारी सुलभ आँसू बहाते हुए कहने लगी- यह अच्छा नहीं हुआ।
मैंने कहा- देखो लीना, यह वक्त की जरुरत थी। जो हुआ, जैसा कि कहानी को पढ़कर दोनों की हालत थी, यह उसका परिणाम था। जो हुआ उसे भूल जाओ, अगर तुम्हें पसंद नहीं तो अब दोबारा कभी नहीं करूँगा।
मैं उसे बाहर ऑफिस वाले कमरे में ले आया। उसके मन की टोह लेने के लिए मैंने कहा- लीना तुम्हें अच्छा नहीं लगा, मजा नहीं आया क्या?
तो लीना ने कहा- ऐसी बात नहीं है। मजा तो आया पर मुझे बहकना नहीं चाहिए था।
वो मुझसे नजरें नहीं मिला रही थी।
मैंने उसकी तारीफ करते हुए कहा- लीना तुम्हारे साथ आज मुझे बहुत आनंद मिला। तुम्हारा बदन फ़िल्मी अभिनेत्रियों की तरह बहुत ही सेक्सी है। कितने अच्छे बड़े-बड़े स्तन हैं तुम्हारे, तुम्हारी जाँघें तो बिल्कुल मक्खन जैसे सफ़ेद चिकनी हैं। और तुम्हारी वो तो (उसकी चूत की और इशारा करके) बहुत ही कसी हुई है। किसी कुंवारी लड़की की तरह। क्या तुम अपने पति के साथ रोज सम्भोग नहीं करती?
तो उसने कुछ नहीं कहा चुपचाप सुनती रही लेकिन अब वो सामान्य होती जा रही थी।
फिर शाम तक मेरे से बातें करती रही उसने यह भी बताया कि मेरे पति का लंड इतना मोटा नहीं है इसलिए आपने जब अन्दर डाला तो मुझे दर्द हो रहा था।
अब तो खुलकर बातें हो रही थी मैं समझ गया की जल्दी ही फिर दोबारा मौका मिलेगा।
फिर छह बजे वो मुस्कुराते हुए चली गई। मुझे लगा कि आज मेरी ख्वाहिश पूरी हो गई है तो कुछ पार्टी तो बनती है न।
मैंने छोटू को फोन लगा कर बुलाया फिर उससे वोदका का अद्धा और चखना मंगवा कर वहीं बैठ चुस्कियाँ लेने लगा।
इसके कई बार उसके साथ बात करते हुए मैंने उसे गिफ्ट में दी हुई ब्रा पैन्टी पहन कर आने का आग्रह किया।
जिस दिन वो पहन कर आई मैंने उसे अन्दर वाले कमरे में ले जाकर एक बार दिखाने को कहा।
बड़े अनुनय-विनय के बाद वो राजी हो गई। राजी हो गई मतलब... फिर उसे वही पलंग पर पटक कर खूब रगड़ा।
जब भी मौका मिला, लीना को मैंने अलग-अलग तरीके से जी भरकर चोदा। कभी ऑफिस में, कभी साईट पर ले जाकर चोदा।
उसे भी मोटा लंड डलवाने में मजा आने लगा है। दो बार तो उसके घर पर भी चुदाई की, जब उसका पति शहर से बाहर गया हुआ था।
मजे में दिन यूँ ही निकलते गए। एक दिन शाम को लीना अपने घर जा चुकी थी, मैं भी ऑफिस बंद करने की तैयारी कर ही रहा था। तभी मेरे एक परिचित मित्र आए।
उनके साथ आई मोहतरमा से परिचय कराते हुए कहा- ये मंजू मैडम हैं, महाराष्ट्र की हैं। अपने शहर में सरकारी नौकरी करती हैं और भविष्य में यही बस जाना चाहती हैं, अपना मकान बनवाने के लिए आपसे मिलना चाहती हैं।
उन्होंने अपने साथ लाए प्लाट के पेपर, इंजीनियर का बना हुआ नक्शा और अन्य प्लान के सारे कागजात दिखाए।
मैंने कहा- कल 12 बजे आ जाइए तो चल कर आपकी साईट देख लूँगा, फिर आपको उसका खर्च बता दूँगा।
मैंने उनका नाम पता और फोन नंबर अपने रजिस्टर में लिख लिया और उनके जाने के बाद ऑफिस बंद करके घर चला गया।
अगले दिन ठीक ग्यारह बजे ऑफिस आ गया फिर उनके दिए हुए नक्शों को देखने लगा। मगर नक्शे से ज्यादा मंजू का शारीरिक भूगोल मेरे मानस पटल पर छाया हुआ था।
उसकी शारीरिक बाह्य रुपरेखा बहुत ही लाजबाब थी। उसके चुच्चे बड़े और गांड के उभार बहुत ही विकसित थे। रंग गोरा और आँखे कजरारी थी भरा हुआ चेहरा।
कुछ देर बाद जवानी से लबरेज मंजू भी आ गई, बिल्कुल अप्सरा लग रही थी, अपने काले घने बालों में फूलो की लड़ी बांध रखी थी, एक हाथ में नाम मात्र को कुछ चूड़ियाँ, दूसरे हाथ में घड़ी।
उनके बदन पर मेरून रंग की साड़ी में कमर के साथ नाभि का नजारा और नितंब के उभार तो मुझे घायल किया जा रहे थे। ब्लाउज से बाहर को निकलते बड़े-बड़े उरोज उसकी सुन्दरता में चार चाँद लगा रहे थे। उम्र शायद उनतीस-तीस के आसपास होगी। उन्होंने गुलाब की खुशबु लगाई हुई थी। ऐसा लग रहा था, जैसे खिला हुआ गुलाब मेरे सामने हो।
इच्छा हो रही थी कि उसकी कोमलता को छू कर महसूस करूँ, पर ये असंभव था।
मैंने उन्हें बैठने के लिए बोलकर चाय वाले से चाय लाने को बोल दिया, फिर कहा- मेरी असिस्टेंट लीना आती ही होगी। तब तक आप चाय लीजिए।
कुछ मिनट बाद लीना आई तो उसने तिरछी नजरों से मंजू को देखते हुए अपनी सीट संभाल ली।
फिर मैंने मंजू से लीना का परिचय कराया और मंजू को लेकर उसकी साईट पर निकल गया। उसका प्लाट अच्छी लोकेशन पर था।
बाजू वाले प्लाट पर एक मकान बना हुआ था। जो मित्तल साहब का है और अधिकतर प्लाट खाली पड़े हुए थे।
मैंने सारा एस्टीमेट बना कर मैडम को दिया तो मैडम ने भी मंजूरी दे दी।
मंजू मैडम को बोला- मैडम, मित्तल साहब के मकान में एक कमरा स्टोर रूम बनाने को किराये से मिल जाए तो ठीक रहेगा।
उन्होंने मित्तल साहब का दरवाजा खटखटाया तो घूँघट किए एक महिला जिसकी गोद में एक साल का बच्चा था। जो पूरी गांव की गोरी लग रही थी, ने दरवाजा खोला बोली- कौन से काम है बाबू?
मैंने कहा- मित्तल साब से।
बोली- उ इहाँ नई रहत, उ तो बाहर मा हैं। हम उनी के गांव के हैं। सो अपने मरद के साथ इहाँ रहत हैं। मित्तल साब तो कबहूँ-कबहूँ आत हैं इहाँ।
मंजू मैडम- क्या नाम है तुम्हारा? मित्तल साहब का फोन नंबर है तुम्हारे पास?
महिला- हमरा नाम किरण है। साब का फोन नंबर ऊ कलेंडर पर लिखे हैं।
मंजू मैडम ने फोन लगाया मित्तल साब से बात हुई तो उन्होंने कमरा देने के लिए हाँ कर दी। फिर किरण से उनकी बात करवा दी, जी साब जी कहते हुए किरण ने फोन वापस दे दिया।
"साब बोले हैं कमरा दे दो, किराया नाही लेना, आओ बाई जी आप के कमरा दिखा देव।"
सड़क से लगे हुए दो कमरे थे, एक वो जिस में से दरवाजा खोलकर किरण बाहर निकली थी। उसके बाजू का कमरा किरण ने हम लोगों को दिखा दिया। उसमें एक तख्त और एक पुरानी कुर्सी रखी थी।
बोली साब- इ सामान कहो तो हटा दूँ।
मैंने कहा- तख्त कुर्सी रखा रहने देना। मेरे काम आ जायेंगे।
कमरे का पीछे का दरवाजा आँगन में खुलता है। आँगन के बाद फिर कमरे बने हुए थे। एक कमरा खुला था, शायद उसमें किरण रहती होगी।
दूसरे दिन से भूमिपूजन के साथ काम शुरू हो गया। किरण भी आई थी वहाँ। घूँघट से दिखता सुन्दर मुखड़ा, घुटनों तक साड़ी और बिना ब्रा के ब्लाउज से उसके यौवन के दीदार करके मेरा तो लौड़ा अंगड़ाई लेने लगा।
मंजू मैडम प्रसाद बाँट रही तो किरण बोली- साब, हमार मरद हरिया को भी इहाँ काम पर लगा लो, बड़ी मेहरबानी होगी।
मैंने उसके बच्चे को खिलाते हुए कहा- तुम कह रही हो तो लगा लूँगा।
तो किरण मुस्कुराते हुए चली गई। दूसरे दिन मैं कमरे में तख्त पर बैठ मकान के प्लान पर नजर डाल रहा था।
तभी सर पर तौलिया बांधे मैले से कपड़े पहने एक व्यक्ति आया, बोला- साब, मैं हरिया हूँ। म्हारी जोरू किरण और बचुआ के साथ इही मकान में रहत हूँ। साब मजूरी करत हूँ। आप अपने इहाँ लगा लो।
मैंने कहा- देखो हरिया अभी जरूरत नहीं है। जब होगी तो बता दूँगा।
थोड़ी देर बाद किरण आई बोली- साब आप कहत थे कि हरिया को लगा लोगे। फिर काहे मना कर दिए? ऊ का लगा लो साब बहुत अहसान होगा हम पर।
मैंने मौका देख उसका हाथ पकड़कर तख्त पर बिठा लिया कहा- अभी मेरे पास पर्याप्त काम करने वाले हैं, जैसे ही जरूरत होगी मैं हरिया को लगा लूँगा।
किरण- साब ऊ का काम पर लगा लोगे तो ऊ को काम के खातिर भटकना नाहीं पड़ेगा और रात में प्लाट की चौकीदारी भी करत रहेगा।
उसकी बात सही लगी। उसके कंधे पर हाथ रखकर मैंने कहा- किरण तुम बहुत अच्छी हो। तुम्हें मना नहीं करूँगा, भेज दो हरिया को।
वो मुस्कुराते हुए चली गई।
फिर मिस्त्री से बोल दिया- हरिया को टीम में शामिल कर लो।
दूसरे दिन साईट पर गया तो वहाँ का काम जिस द्रुतगति से चल रहा था। उसी गति से मेरा दिल गाँव की गोरी किरण के हुस्न का दीवाना हुआ जा रहा था।
मैं कमरे में जाकर दरवाजे लगाकर तख्त पर आराम करने लगा। तभी आंगन में मुझे चूड़ियों की खनक सुनाई दी।
Tags = Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | मराठी जोक्स | ट्रैनिंग | kali | rani ki | kali | boor | सच | | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | छातियाँ | sexi kutiya | मस्त राम | chehre ki dekhbhal | khaniya hindi mein | चुटकले | चुटकले व्यस्कों के लिए | pajami kese banate hain | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bharat | india | japan |funny animal video , funny video clips , extreme video , funny video , youtube funy video , funy cats video , funny stuff , funny commercial , funny games ebaums , hot videos ,Yahoo! Video , Very funy video , Bollywood Video , Free Funny Videos Online , Most funy video ,funny beby,funny man,funy women bhatt_ank, xossip, exbii, कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ हिंदी सेक्सी कहानिया चुदाई की कहानियाँ उत्तेजक कहानिया ,रेप कहानिया ,सेक्सी कहानिया , कलयुग की सेक्सी कहानियाँ , मराठी सेक्स स्टोरीज , चूत की कहानिया , सेक्स स्लेव्स , Tags = कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ stories , kaamuk kahaaniya , हिंदी सेक्सी कहानिया चुदाई की कहानियाँ उत्तेजक कहानिया Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | पेलने लगा | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | सेक्सी कहानी | कामुक कथा | सुपाड़ा |उत्तेजना | कामसुत्रा | मराठी जोक्स | सेक्सी कथा | गान्ड | ट्रैनिंग | हिन्दी सेक्स कहानियाँ | मराठी सेक्स | vasna ki kamuk kahaniyan | kamuk-kahaniyan.blogspot.com | सेक्स कथा | सेक्सी जोक्स | सेक्सी चुटकले | kali | rani ki | kali | boor | हिन्दी सेक्सी कहानी | पेलता | सेक्सी कहानियाँ | सच | सेक्स कहानी | हिन्दी सेक्स स्टोरी | bhikaran ki chudai | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | चूत की कहानियाँ | मराठी सेक्स कथा | बकरी की चुदाई | adult kahaniya | bhikaran ko choda | छातियाँ | sexi kutiya | आँटी की चुदाई | एक सेक्सी कहानी | चुदाई जोक्स | मस्त राम | चुदाई की कहानियाँ | chehre ki dekhbhal | chudai | pehli bar chut merane ke khaniya hindi mein | चुटकले चुदाई के | चुटकले व्यस्कों के लिए | pajami kese banate hain | चूत मारो | मराठी रसभरी कथा | कहानियाँ sex ki | ढीली पड़ गयी | सेक्सी चुची | सेक्सी स्टोरीज | सेक्सीकहानी | गंदी कहानी | मराठी सेक्सी कथा | सेक्सी शायरी | हिंदी sexi कहानिया | चुदाइ की कहानी | lagwana hai | payal ne apni choot | haweli | ritu ki cudai hindhi me | संभोग कहानियाँ | haveli ki gand | apni chuchiyon ka size batao | kamuk | vasna | raj sharma | sexi haveli ka sach | sexyhaveli ka such | vasana ki kaumuk | www. भिगा बदन सेक्स.com | अडल्ट | story | अनोखी कहानियाँ | कहानियाँ | chudai | कामरस कहानी | कामसुत्रा ki kahiniya | चुदाइ का तरीका | चुदाई मराठी | देशी लण्ड | निशा की बूब्स | पूजा की चुदाइ | हिंदी chudai कहानियाँ | हिंदी सेक्स स्टोरी | हिंदी सेक्स स्टोरी | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bhabhi ki chudai | chachi ki chudai | mami ki chudai | bahan ki chudai | bharat | india | japan |यौन, यौन-शोषण, यौनजीवन, यौन-शिक्षा, यौनाचार, यौनाकर्षण, यौनशिक्षा, यौनांग, यौनरोगों, यौनरोग, यौनिक, यौनोत्तेजना, aunty,stories,bhabhi,choot,chudai,nangi,stories,desi,aunty,bhabhi,erotic stories,chudai,chudai ki,hindi stories,urdu stories,bhabi,choot,desi stories,desi aunty,bhabhi ki,bhabhi chudai,desi story,story bhabhi,choot ki,chudai hindi,chudai kahani,chudai stories,bhabhi stories,chudai story,maa chudai,desi bhabhi,desi chudai,hindi bhabhi,aunty ki,aunty story,choot lund,chudai kahaniyan,aunty chudai,bahan chudai,behan chudai,bhabhi ko,hindi story chudai,sali chudai,urdu chudai,bhabhi ke,chudai ladki,chut chudai,desi kahani,beti chudai,bhabhi choda,bhai chudai,chachi chudai,desi choot,hindi kahani chudai,bhabhi ka,bhabi chudai,choot chudai,didi chudai,meri chudai,bhabhi choot,bhabhi kahani,biwi chudai,choot stories, desi chut,mast chudai,pehli chudai,bahen chudai,bhabhi boobs,bhabhi chut,bhabhi ke sath,desi ladki,hindi aunty,ma chudai,mummy chudai,nangi bhabhi,teacher chudai, bhabhi ne,bur chudai,choot kahani,desi bhabi,desi randi,lund chudai,lund stories, bhabhi bra,bhabhi doodh,choot story,chut stories,desi gaand,land choot,meri choot,nangi desi,randi chudai,bhabhi chudai stories,desi mast,hindi choot,mast stories,meri bhabhi,nangi chudai,suhagraat chudai,behan choot,kutte chudai,mast bhabhi,nangi aunty,nangi choot,papa chudai,desi phudi,gaand chudai,sali stories, aunty choot,bhabhi gaand,bhabhi lund,chachi stories,chudai ka maza,mummy stories, aunty doodh,aunty gaand,bhabhi ke saath,choda stories,choot urdu,choti stories,desi aurat,desi doodh,desi maa,phudi stories,desi mami,doodh stories,garam bhabhi,garam chudai,nangi stories,pyasi bhabhi,randi bhabhi,bhai bhabhi,desi bhai,desi lun,gaand choot,garam aunty,aunty ke sath,bhabhi chod,desi larki,desi mummy,gaand stories,apni stories,bhabhi maa,choti bhabhi,desi chachi,desi choda,meri aunty,randi choot,aunty ke saath,desi biwi,desi sali,randi stories,chod stories,desi phuddi,pyasi aunty,desi chod,choti,randi,bahan,indiansexstories,kahani,mujhe,chachi,garam,desipapa,doodhwali,jawani,ladki,pehli,suhagraat,choda,nangi,behan,doodh,gaand,suhaag raat, aurat,chudi, phudi,larki,pyasi,bahen,saali,chodai,chodo,ke saath,nangi ladki,behen,desipapa stories,phuddi,desifantasy,teacher aunty,mami stories,mast aunty,choots,choti choot, garam choot,mari choot,pakistani choot,pyasi choot,mast choot,saali stories,choot ka maza,garam stories ,हिंदी कहानिया,ज़िप खोल,यौनोत्तेजना,मा बेटा,नगी,यौवन की प्या,एक फूल दो कलियां,घुसेड,ज़ोर ज़ोर,घुसाने की कोशिश,मौसी उसकी माँ,मस्ती कोठे की,पूनम कि रात,सहलाने लगे,लंबा और मोटा,भाई और बहन,अंकल की प्यास,अदला बदली काम,फाड़ देगा,कुवारी,देवर दीवाना,कमसीन,बहनों की अदला बदली,कोठे की मस्ती,raj sharma stories ,पेलने लगा ,चाचियाँ ,असली मजा ,तेल लगाया ,सहलाते हुए कहा ,पेन्टी ,तेरी बहन ,गन्दी कहानी,छोटी सी भूल,राज शर्मा ,चचेरी बहन ,आण्टी ,kamuk kahaniya ,सिसकने लगी ,कामासूत्र ,नहा रही थी ,घुसेड दिया ,garam stories.blogspot.com ,कामवाली ,लोवे स्टोरी याद आ रही है ,फूलने लगी ,रात की बाँहों ,बहू की कहानियों ,छोटी बहू ,बहनों की अदला ,चिकनी करवा दूँगा ,बाली उमर की प्यास ,काम वाली ,चूमा फिर,पेलता ,प्यास बुझाई ,झड़ गयी ,सहला रही थी ,mastani bhabhi,कसमसा रही थी ,सहलाने लग ,गन्दी गालियाँ ,कुंवारा बदन ,एक रात अचानक ,ममेरी बहन ,मराठी जोक्स ,ज़ोर लगाया ,मेरी प्यारी दीदी निशा ,पी गयी ,फाड़ दे ,मोटी थी ,मुठ मारने ,टाँगों के बीच ,कस के पकड़ ,भीगा बदन ,kamuk-kahaniyan.blogspot.com,लड़कियां आपस , blog ,हूक खोल ,कहानियाँ हिन्दी ,चूत ,जीजू ,kamuk kahaniyan ,स्कूल में मस्ती ,रसीले होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो ,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी ,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி ,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,भोसडा ,hindisexistori.blogspot.com ,मुठ मार ,sambhog ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी
घरेलू महिलायें--2
फिर लीना की चुदाई के लिए कोई युक्ति सोचने लगा। मुझे अब विश्वास हो गया की मेरा युक्ति कामयाब रही तो कल जरूर कुछ कर गुजरूँगा।
आज मैं अच्छे से तैयार होकर, खुशबू लगाकर ग्यारह बजे ऑफिस आ गया। अपनी युक्ति को सोचते हुए कंप्यूटर पर अपनी कहानी 'कली से फूल' का दूसरा भाग खोल लिया। उस कहानी को स्क्रीन पर खुला छोड़ दिया क्योंकि मेरे जाते ही वो कम्प्यूटर पर बैठ गेम वगैरह खेलती रहती है।
दस मिनट बाद लीना आ गई, गुलाबी साड़ी, उसके साथ बड़े गले का ब्लाउज़ में से उसके बूब्स तो मानो निकलकर बाहर आने के लिए उतावले हो रहे थे। उसी रंग का हल्का सा लिपस्टिक, आई-ब्रो तराशी हुई, उसका निखरा हुआ रूप बड़ा लुभावना लग रहा था।
उसके आते ही मैंने पूछा- कैसा रहा आपका सालगिरह का प्रोग्राम? क्या-क्या किया कल तुमने?
तो बोली- हम लोग घूमने गए थे। बाहर ही खाना खाया और मजे करते रहे।
फिर बोली- आपने क्या-क्या किया, कल भाभी जी के जन्मदिन पर?
मैंने कहा- कुछ मत पूछो लीना, वो जो ब्रा पैन्टी का सैट था। उसका तीन बार उतरना और पहनना ही होता रहा।
लीना- क्यों कोई नुक्स था क्या उस सैट में?
शायद वो मेरे आशय को समझ नहीं पा रही थी।
तो मैंने अर्थपूर्ण मुस्कुराहट के साथ कहा- नहीं नुक्स सैट में नहीं था। नुक्स तो मुझ में था, क्योंकि जब आपकी भाभी ने पहन कर दिखाई तो उसका सेक्सी रूप देखकर मैंने ही उस सैट को अपने हाथों से उतार दिया था और फिर... बात को अधूरी छोड़ दिया।
लीना का चेहरा लाज से लाल हो गया !
मैं बोला- इसी तरह उन्होंने उसे तीन बार पहना था और मैंने उस सैट को कल तीन बार उतारा था।
मुस्कुराते हुए वो अपनी कुर्सी पर जाकर बैठ गई।
मैंने कहा- आपका सैट कैसा रहा?
बोली- बहुत अच्छा एकदम फिट आया। बड़ा आरामदायक भी है। मेरे वो तो बहुत तारीफ कर रहे थे उस सैट की।
अपनी योजना के मुताबिक मैंने कंप्यूटर पर उस कहानी को खुला छोड़कर लीना से कहा- तुम आ गई हो, मुझे काम से जाना है। इतना कहकर बाइक उठाई और मैं चला गया।
ठीक बीस मिनट बाद मैं वापस आया और ऑफिस से कुछ कदम पहले अपनी बाइक को रोककर लीना को फोन लगाया और कहा- ऑफिस के पीछे वाले कमरे में प्लाट मापने वाला बड़ा टेप रखा है क्या? अभी जरा देखकर बताओ मैं फोन होल्ड करता हूँ।
तो वो बोली- ओ के !
यदि मैं ऐसा नहीं करता तो मुझे बाहर आया देखकर वो कंप्यूटर को स्विच ऑफ़ कर देती। मुझे यह पता ही नहीं चल पाता कि उसने कहानी पढ़ी या नहीं, तो मेरी सारी योजना चौपट हो जाता।
वो पीछे के कमरे से आगे ऑफिस में आती। उसके पहले ही मैं ऑफिस में पहुँच गया तभी लीना भी ऑफिस में आई। मुझे देख उसके चेहरे पर हवाइयाँ सी उड़ने लगीं, जैसे उसकी कोई चोरी पकड़ी गई हो।
मैं- टेप मिला क्या?
लीना- न ..नहीं।
वो कंप्यूटर तरफ जाती उसके पहले ही मैं वहाँ जाकर बैठ गया।
मैंने कहा- पता नहीं लीना, तुम क्या करती रहती हो? कोई सामान ठीक से नहीं रखती, अच्छे से खोजो।
वो फिर अन्दर चली गई उसकी आँखें अजब सी नशीली लग रही थीं। मैंने कंप्यूटर चेक किया तो जो कहानी को आरम्भ से मैंने लगाया था उसकी जगह कहानी की अंतिम पंक्तियाँ दिख रही थीं।
मैं समझ गया कि लीना कहानी पढ़ चुकी है और पढ़कर जरुर गर्म हो गई होगी।
अब उस टेप की खोज शुरू हो गई, जो मेरी बाइक की डिक्की में हमेशा से रखा था। हम दोनों ही मिलकर उसे ढूंढ रहे थे।स्टोर-रूम कम रेस्ट-रूम का सारा सामान हम दोनों ने उलट-पुलट कर दिया। सारा सामान साथ-साथ उठा कर देखते रहे।
मैंने कई बार अपने हाथ से उसके हाथों को छुआ। उसके स्तनों को भी कोहनी से रगड़ दिया। पलंग के नीचे जब वो ढूंढ रही थी तो मैं उसकी चिकनी पिंडलियों को बार-बार छू रहा था।
फिर मैंने कहा- ऊपर के सेल्फ पर देखो, शायद वहाँ हो?
वो बोली- यह तो ऊँचाई पर है।
तो मैंने उसे कमर से पकड़ कर उठा दिया और कहा- लो अब देखो।
वो सेल्फ पर सामान उलट-पुलट करके खोजती रही। मैं उसकी कमर और पीठ पर अपनी गरम साँसों का प्रवाह करता रहा। एक दो बार मैंने अपने होंठ भी उसके पीठ से लगाए मुझे लगा जैसे ‘स्स्स्स...’ की आवाज उसके मुँह से निकली थी।
फिर वो बोली- यहाँ नहीं है। मुझे नीचे उतारो।
तो मैंने कहा- लीना मेरी इच्छा है कि तुम्हें यूँ ही गोद में लिए रहूँ।
वो बोली- कोई आ जाएगा प्लीज़...
मैंने उसे नीचे उतार कर, ऑफिस का बाहरी कांच वाला दरवाजा अन्दर से लगा लिया। फिर ऑफिस के अन्दर वाले कमरे में आकर उसे बाहों में भर कर चूम लिया।
वो बोली- सर, यह क्या कर रहे हो? ये गलत है, मुझे आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी।
मैं तो जानता था कि इतनी सेक्सी कहानी पढ़ने के बाद इसकी बुर से पानी निकल आया होगा, चुदासी भी हो रही होगी और चुदेगी भी जरूर !
बस नारी सुलभ नखरे बता रही है, जो उसका हक़ है, अन्यथा अब तक आगबबूला हो रही होती। अपने शरीर पर इतनी रगड़ नहीं लगने देती।
मैंने पीछे से उसे बाहों के घेरे में लेते हुए कहा- तुमने जो कहानी पढ़ी है, वही मैंने तुम्हारे आने से पहले पढ़ रहा था। धोखे से खुला छोड़ गया था, जो शायद तुमने भी पढ़ ली है। मुझे बहुत बेचैनी हो रही है लीना ! प्लीज़, एक बार तुम्हें चूमना सहलाना चाहता हूँ।
बड़ी मुश्किल से वो सिर्फ चूमने सहलाने भर के लिए राजी हो गई। मैंने पीछे से उसके कमर पीठ उभरे नितम्बों को जिस तरह से सहलाया उससे वो सीत्कार कर उठी। अपने पिछवाड़े को मेरे लंड पर रगड़ने लगी।
अब तक मैंने उसका साड़ी का पल्लू गिराकर उसके स्तनों पर कब्ज़ा कर लिया था। उन्हें पीछे से पकड़कर मसलने में अनुपम सुख मिलने लगा।
मेरे लंड की हालत बिगड़ने लगी। वो खड़ा होकर लीना के नितम्बों को मेरी कमर से दूर धकेल रहा था।
उसकी सिसकारी छूटने लगी- अस्सस्स... सर... ये... क्या कर रहे हो... प्लीज़ छोड़ दीजिए न सर...
हजारों कहानियाँ हैं अन्तर्वासना डॉट कॉम पर !
अब तक मैंने उसका साड़ी का पल्लू गिराकर उसके स्तनों पर कब्ज़ा कर लिया था। उन्हें पीछे से पकड़कर मसलने में अनुपम सुख मिलने लगा।
मेरे लंड की हालत बिगड़ने लगी। वो खड़ा होकर लीना के नितम्बों को मेरी कमर से दूर धकेल रहा था।
उसकी सिसकी छूटने लगी “स्सस्सस्स... सर... ये...क्या कर रहे हो... प्लीस्स्स छोड़ दो न...”
अब किसी तरह जल्दी से जल्दी उसकी चूत में अपना लंड डालकर उसे चोद लेना चाहते था। क्योंकि अभी वो गर्मी पर है। अभी चोद लिया तो चुद जाएगी और आगे के लिए तो रास्ता भी खुल ही जाएगा।
चुदाई के दौरान की जाने वाली मौज-मस्ती को बाद में जब मौका मिलेगा, तब कर लूँगा। ये सोच कर मैंने उसे उठा कर पलंग पर लिटा दिया।
उसके ऊपर सवार होकर चुम्बनों की बौछार उसके लाल होते गालों पर, पसीने से भीगे ललाट, थरथराते रसीले होंठ, कान और गले पर बिना रुके चूम डाला।
साँसों के उतार-चढ़ाव के साथ ऊपर-नीचे होते, उसके भरे-पूरे स्तनों को सहलाते हुए, उसके ब्लाउज के हुक खोल दिए। फिर ब्रा के ऊपर से ही उसके बड़े-बड़े चूचे, जो अब और भी फूलकर कड़क हो रहे थे, को सहलाते हुए चूमने लगा।
उसकी कामुक सिसकियाँ उसके मुख से निकलने लगी “स्स्स्स...ओह्ह्ह...ओ...”
फिर उसकी नाभि को चूमते हुए, उसके मोटे मोटे नितम्बों को मसल डाला। और उसकी साड़ी को उठाकर कमर तक ले आया। उसने लाल रंग की पैन्टी पहनी हुई थी। जो योनिरस से बहुत गीली हो चुकी थी।
मैंने उसे निकालना चाहा तो लीना मेरे हाथ पकड़ने लगी बोली- यह ठीक नहीं है ! ओह्ह... रोनी जी... मुझे छोड़ दो न...प्लीज़्ज़...
मैंने उसकी बात को अनसुना करते हुए उसकी पैन्टी को निकालकर, उसी पैन्टी से उसकी गीली हो चुकी बुर को पोंछ दिया। फिर उसकी टाँगों को फैलाकर उसकी बुर को देखा जो बिल्कुल चिकनी शेव की हुई थी।
शायद अपनी सालगिरह से पहले ही अपने पति के लिए चिकना किया होगा।
उसके बड़ी किसमिस जैसे क्लैटोरिस के दाने को अंगुली से सहलाते हुए अपने होंठों से बुर को किस करते हुए अपनी जीभ से उसकी बुर को सहलाने लगा।
वो “आह्ह...ओह्ह्ह...” करते हुए मचलने लगी।
मेरे हाथ उसके पुष्ट नितम्बों को सहलाते हुए मसल रहे थे।
अब लीना पूरी मस्ती में आ चुकी थी। दूधिया चिकनी सुडौल जाँघों को सहलाते हुए जाँघो पर भी दांत गडाते हुए पप्पी ले ली।
अब लीना मेरे सर को पकड़ कर अपने ऊपर खींचने का जतन कर रही थी। मैंने अपने पैन्ट और जाँघिया को फुर्ती से निकाल कर एक ओर रख दिया।
मेरा तन्नाया लंड बड़ा बेसब्र हो रहा था। उसमें से प्री-कम रस की बूँदें बाहर आने लगी थीं। मुझे इस अवस्था में देख लीना ने एक हाथ से अपना चेहरा ढक लिया!
मैं उसकी टाँगों के बीच में आ गया और उसकी टाँगो को फैलाकर, एक हाथ से अपने लंड को पकड़ उसकी योनि पर फिराते हुए, उसे योनिरस से गीला करके उसे योनिद्वार का रास्ता दिखा कर अन्दर ठेल दिया।
अभी आधा भी अन्दर नहीं गया था कि लीना चीख पड़ी- ओ..माँ... आआअ... धीरे करो... दुखता है...
उसकी चूत तो उम्मीद से ज्यादा कसी हुई थी, जैसे रोज लंड न लेती हो। मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रखकर उन्हें चूसने लगा, धीरे-धीरे लंड पर दबाब बनाते हुए उसे अन्दर करता जा रहा था।
अब उसने अपने पैरों को ढीला छोड़ दिया। तो मैंने धक्के लगाना चालू कर दिए।
उसकी कामुकता से सराबोर सिस्कारियाँ बढ़ रही थीं 'स्स्स्स...आह्ह्ह...' करते हुए अपनी कमर को उछालते हुए धक्के से धक्का को मिलाते हुए कुछ ही क्षणों में वो झड़ गई और मुझ से लिपट गई, अपनी टाँगों को मेरी कमर से लपेट लिया।
अब उसकी चूत बहुत गीली हो गई थी। जैसे ही उसने पैरों को ढीला किया, मैंने फिर लंड पेलना शुरू कर दिया। बड़े ही सरलता से लंड अन्दर-बाहर होने लगा, तो मैंने उसकी टाँगों को अपने कंधे पर रखकर धक्के लगाने शुरू किए।
धक्कों के साथ-साथ उसके स्तन मर्दन करते हुए उन्हें चूमता जा रहा था। उसके स्तनाग्र बहुत छोटे थे जिन्हें होंठों से दबाकर जीभ से सहलाने में लीना को बहुत उत्तेजना मिल रही थी।
“ओह्ह...जोर्रर...से ..स्स्स्स...हाँ...और...क..करो...न...”
फिर गति बढ़ाते हुए जो लंड पेलाई की तो पांच मिनट में ही मेरा वीर्य बाहर निकलने को आमादा हो गया। जो तीव्र गति से निकलता हुआ सीधा लीना की चूत में समाने लगा।
लीना भी दोबारा स्खलित हो गई- ओह्ह्ह्ह.. रो ..नी...आआअ...स्स्स्स...
योनी का संकुचन और लंड से निकलता वीर्य गजब अहसास था दोनों ही दुनिया-जहान से बेखबर एक दूसरे में समां गए थे।
दो-तीन मिनट बाद मैं उठ गया। उसके बाद एक कपड़े से मैंने अपने लंड को पोंछकर, लीना की चूत से बहती धार को भी पोंछ दिया। फिर दोनों अपने-अपने कपड़े पहनने लगे।
लीना अपनी ढीली साड़ी को फिर से बांध रही थी। मैं अपने कपड़े पहन कर ऑफिस में आ गया। काफी देर बाद भी लीना नहीं आई तो मैंने जाकर देखा वो नजरें झुकाए पलंग पर बैठी थी।
मैंने पूछा- क्या हुआ?
तो नारी सुलभ आँसू बहाते हुए कहने लगी- यह अच्छा नहीं हुआ।
मैंने कहा- देखो लीना, यह वक्त की जरुरत थी। जो हुआ, जैसा कि कहानी को पढ़कर दोनों की हालत थी, यह उसका परिणाम था। जो हुआ उसे भूल जाओ, अगर तुम्हें पसंद नहीं तो अब दोबारा कभी नहीं करूँगा।
मैं उसे बाहर ऑफिस वाले कमरे में ले आया। उसके मन की टोह लेने के लिए मैंने कहा- लीना तुम्हें अच्छा नहीं लगा, मजा नहीं आया क्या?
तो लीना ने कहा- ऐसी बात नहीं है। मजा तो आया पर मुझे बहकना नहीं चाहिए था।
वो मुझसे नजरें नहीं मिला रही थी।
मैंने उसकी तारीफ करते हुए कहा- लीना तुम्हारे साथ आज मुझे बहुत आनंद मिला। तुम्हारा बदन फ़िल्मी अभिनेत्रियों की तरह बहुत ही सेक्सी है। कितने अच्छे बड़े-बड़े स्तन हैं तुम्हारे, तुम्हारी जाँघें तो बिल्कुल मक्खन जैसे सफ़ेद चिकनी हैं। और तुम्हारी वो तो (उसकी चूत की और इशारा करके) बहुत ही कसी हुई है। किसी कुंवारी लड़की की तरह। क्या तुम अपने पति के साथ रोज सम्भोग नहीं करती?
तो उसने कुछ नहीं कहा चुपचाप सुनती रही लेकिन अब वो सामान्य होती जा रही थी।
फिर शाम तक मेरे से बातें करती रही उसने यह भी बताया कि मेरे पति का लंड इतना मोटा नहीं है इसलिए आपने जब अन्दर डाला तो मुझे दर्द हो रहा था।
अब तो खुलकर बातें हो रही थी मैं समझ गया की जल्दी ही फिर दोबारा मौका मिलेगा।
फिर छह बजे वो मुस्कुराते हुए चली गई। मुझे लगा कि आज मेरी ख्वाहिश पूरी हो गई है तो कुछ पार्टी तो बनती है न।
मैंने छोटू को फोन लगा कर बुलाया फिर उससे वोदका का अद्धा और चखना मंगवा कर वहीं बैठ चुस्कियाँ लेने लगा।
इसके कई बार उसके साथ बात करते हुए मैंने उसे गिफ्ट में दी हुई ब्रा पैन्टी पहन कर आने का आग्रह किया।
जिस दिन वो पहन कर आई मैंने उसे अन्दर वाले कमरे में ले जाकर एक बार दिखाने को कहा।
बड़े अनुनय-विनय के बाद वो राजी हो गई। राजी हो गई मतलब... फिर उसे वही पलंग पर पटक कर खूब रगड़ा।
जब भी मौका मिला, लीना को मैंने अलग-अलग तरीके से जी भरकर चोदा। कभी ऑफिस में, कभी साईट पर ले जाकर चोदा।
उसे भी मोटा लंड डलवाने में मजा आने लगा है। दो बार तो उसके घर पर भी चुदाई की, जब उसका पति शहर से बाहर गया हुआ था।
हजारों कहानियाँ हैं अन्तर्वासना डॉट कॉम पर !
मजे में दिन यूँ ही निकलते गए। एक दिन शाम को लीना अपने घर जा चुकी थी, मैं भी ऑफिस बंद करने की तैयारी कर ही रहा था। तभी मेरे एक परिचित मित्र आए।
उनके साथ आई मोहतरमा से परिचय कराते हुए कहा- ये मंजू मैडम हैं, महाराष्ट्र की हैं। अपने शहर में सरकारी नौकरी करती हैं और भविष्य में यही बस जाना चाहती हैं, अपना मकान बनवाने के लिए आपसे मिलना चाहती हैं।
उन्होंने अपने साथ लाए प्लाट के पेपर, इंजीनियर का बना हुआ नक्शा और अन्य प्लान के सारे कागजात दिखाए।
मैंने कहा- कल 12 बजे आ जाइए तो चल कर आपकी साईट देख लूँगा, फिर आपको उसका खर्च बता दूँगा।
मैंने उनका नाम पता और फोन नंबर अपने रजिस्टर में लिख लिया और उनके जाने के बाद ऑफिस बंद करके घर चला गया।
अगले दिन ठीक ग्यारह बजे ऑफिस आ गया फिर उनके दिए हुए नक्शों को देखने लगा। मगर नक्शे से ज्यादा मंजू का शारीरिक भूगोल मेरे मानस पटल पर छाया हुआ था।
उसकी शारीरिक बाह्य रुपरेखा बहुत ही लाजबाब थी। उसके चुच्चे बड़े और गांड के उभार बहुत ही विकसित थे। रंग गोरा और आँखे कजरारी थी भरा हुआ चेहरा।
कुछ देर बाद जवानी से लबरेज मंजू भी आ गई, बिल्कुल अप्सरा लग रही थी, अपने काले घने बालों में फूलो की लड़ी बांध रखी थी, एक हाथ में नाम मात्र को कुछ चूड़ियाँ, दूसरे हाथ में घड़ी।
उनके बदन पर मेरून रंग की साड़ी में कमर के साथ नाभि का नजारा और नितंब के उभार तो मुझे घायल किया जा रहे थे। ब्लाउज से बाहर को निकलते बड़े-बड़े उरोज उसकी सुन्दरता में चार चाँद लगा रहे थे। उम्र शायद उनतीस-तीस के आसपास होगी। उन्होंने गुलाब की खुशबु लगाई हुई थी। ऐसा लग रहा था, जैसे खिला हुआ गुलाब मेरे सामने हो।
इच्छा हो रही थी कि उसकी कोमलता को छू कर महसूस करूँ, पर ये असंभव था।
मैंने उन्हें बैठने के लिए बोलकर चाय वाले से चाय लाने को बोल दिया, फिर कहा- मेरी असिस्टेंट लीना आती ही होगी। तब तक आप चाय लीजिए।
कुछ मिनट बाद लीना आई तो उसने तिरछी नजरों से मंजू को देखते हुए अपनी सीट संभाल ली।
फिर मैंने मंजू से लीना का परिचय कराया और मंजू को लेकर उसकी साईट पर निकल गया। उसका प्लाट अच्छी लोकेशन पर था।
बाजू वाले प्लाट पर एक मकान बना हुआ था। जो मित्तल साहब का है और अधिकतर प्लाट खाली पड़े हुए थे।
मैंने सारा एस्टीमेट बना कर मैडम को दिया तो मैडम ने भी मंजूरी दे दी।
मंजू मैडम को बोला- मैडम, मित्तल साहब के मकान में एक कमरा स्टोर रूम बनाने को किराये से मिल जाए तो ठीक रहेगा।
उन्होंने मित्तल साहब का दरवाजा खटखटाया तो घूँघट किए एक महिला जिसकी गोद में एक साल का बच्चा था। जो पूरी गांव की गोरी लग रही थी, ने दरवाजा खोला बोली- कौन से काम है बाबू?
मैंने कहा- मित्तल साब से।
बोली- उ इहाँ नई रहत, उ तो बाहर मा हैं। हम उनी के गांव के हैं। सो अपने मरद के साथ इहाँ रहत हैं। मित्तल साब तो कबहूँ-कबहूँ आत हैं इहाँ।
मंजू मैडम- क्या नाम है तुम्हारा? मित्तल साहब का फोन नंबर है तुम्हारे पास?
महिला- हमरा नाम किरण है। साब का फोन नंबर ऊ कलेंडर पर लिखे हैं।
मंजू मैडम ने फोन लगाया मित्तल साब से बात हुई तो उन्होंने कमरा देने के लिए हाँ कर दी। फिर किरण से उनकी बात करवा दी, जी साब जी कहते हुए किरण ने फोन वापस दे दिया।
"साब बोले हैं कमरा दे दो, किराया नाही लेना, आओ बाई जी आप के कमरा दिखा देव।"
सड़क से लगे हुए दो कमरे थे, एक वो जिस में से दरवाजा खोलकर किरण बाहर निकली थी। उसके बाजू का कमरा किरण ने हम लोगों को दिखा दिया। उसमें एक तख्त और एक पुरानी कुर्सी रखी थी।
बोली साब- इ सामान कहो तो हटा दूँ।
मैंने कहा- तख्त कुर्सी रखा रहने देना। मेरे काम आ जायेंगे।
कमरे का पीछे का दरवाजा आँगन में खुलता है। आँगन के बाद फिर कमरे बने हुए थे। एक कमरा खुला था, शायद उसमें किरण रहती होगी।
दूसरे दिन से भूमिपूजन के साथ काम शुरू हो गया। किरण भी आई थी वहाँ। घूँघट से दिखता सुन्दर मुखड़ा, घुटनों तक साड़ी और बिना ब्रा के ब्लाउज से उसके यौवन के दीदार करके मेरा तो लौड़ा अंगड़ाई लेने लगा।
मंजू मैडम प्रसाद बाँट रही तो किरण बोली- साब, हमार मरद हरिया को भी इहाँ काम पर लगा लो, बड़ी मेहरबानी होगी।
मैंने उसके बच्चे को खिलाते हुए कहा- तुम कह रही हो तो लगा लूँगा।
तो किरण मुस्कुराते हुए चली गई। दूसरे दिन मैं कमरे में तख्त पर बैठ मकान के प्लान पर नजर डाल रहा था।
तभी सर पर तौलिया बांधे मैले से कपड़े पहने एक व्यक्ति आया, बोला- साब, मैं हरिया हूँ। म्हारी जोरू किरण और बचुआ के साथ इही मकान में रहत हूँ। साब मजूरी करत हूँ। आप अपने इहाँ लगा लो।
मैंने कहा- देखो हरिया अभी जरूरत नहीं है। जब होगी तो बता दूँगा।
थोड़ी देर बाद किरण आई बोली- साब आप कहत थे कि हरिया को लगा लोगे। फिर काहे मना कर दिए? ऊ का लगा लो साब बहुत अहसान होगा हम पर।
मैंने मौका देख उसका हाथ पकड़कर तख्त पर बिठा लिया कहा- अभी मेरे पास पर्याप्त काम करने वाले हैं, जैसे ही जरूरत होगी मैं हरिया को लगा लूँगा।
किरण- साब ऊ का काम पर लगा लोगे तो ऊ को काम के खातिर भटकना नाहीं पड़ेगा और रात में प्लाट की चौकीदारी भी करत रहेगा।
उसकी बात सही लगी। उसके कंधे पर हाथ रखकर मैंने कहा- किरण तुम बहुत अच्छी हो। तुम्हें मना नहीं करूँगा, भेज दो हरिया को।
वो मुस्कुराते हुए चली गई।
फिर मिस्त्री से बोल दिया- हरिया को टीम में शामिल कर लो।
दूसरे दिन साईट पर गया तो वहाँ का काम जिस द्रुतगति से चल रहा था। उसी गति से मेरा दिल गाँव की गोरी किरण के हुस्न का दीवाना हुआ जा रहा था।
मैं कमरे में जाकर दरवाजे लगाकर तख्त पर आराम करने लगा। तभी आंगन में मुझे चूड़ियों की खनक सुनाई दी।
हजारों कहानियाँ हैं अन्तर्वासना डॉट कॉम पर !
Tags = Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | मराठी जोक्स | ट्रैनिंग | kali | rani ki | kali | boor | सच | | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | छातियाँ | sexi kutiya | मस्त राम | chehre ki dekhbhal | khaniya hindi mein | चुटकले | चुटकले व्यस्कों के लिए | pajami kese banate hain | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bharat | india | japan |funny animal video , funny video clips , extreme video , funny video , youtube funy video , funy cats video , funny stuff , funny commercial , funny games ebaums , hot videos ,Yahoo! Video , Very funy video , Bollywood Video , Free Funny Videos Online , Most funy video ,funny beby,funny man,funy women bhatt_ank, xossip, exbii, कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ हिंदी सेक्सी कहानिया चुदाई की कहानियाँ उत्तेजक कहानिया ,रेप कहानिया ,सेक्सी कहानिया , कलयुग की सेक्सी कहानियाँ , मराठी सेक्स स्टोरीज , चूत की कहानिया , सेक्स स्लेव्स , Tags = कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ stories , kaamuk kahaaniya , हिंदी सेक्सी कहानिया चुदाई की कहानियाँ उत्तेजक कहानिया Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | पेलने लगा | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | सेक्सी कहानी | कामुक कथा | सुपाड़ा |उत्तेजना | कामसुत्रा | मराठी जोक्स | सेक्सी कथा | गान्ड | ट्रैनिंग | हिन्दी सेक्स कहानियाँ | मराठी सेक्स | vasna ki kamuk kahaniyan | kamuk-kahaniyan.blogspot.com | सेक्स कथा | सेक्सी जोक्स | सेक्सी चुटकले | kali | rani ki | kali | boor | हिन्दी सेक्सी कहानी | पेलता | सेक्सी कहानियाँ | सच | सेक्स कहानी | हिन्दी सेक्स स्टोरी | bhikaran ki chudai | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | चूत की कहानियाँ | मराठी सेक्स कथा | बकरी की चुदाई | adult kahaniya | bhikaran ko choda | छातियाँ | sexi kutiya | आँटी की चुदाई | एक सेक्सी कहानी | चुदाई जोक्स | मस्त राम | चुदाई की कहानियाँ | chehre ki dekhbhal | chudai | pehli bar chut merane ke khaniya hindi mein | चुटकले चुदाई के | चुटकले व्यस्कों के लिए | pajami kese banate hain | चूत मारो | मराठी रसभरी कथा | कहानियाँ sex ki | ढीली पड़ गयी | सेक्सी चुची | सेक्सी स्टोरीज | सेक्सीकहानी | गंदी कहानी | मराठी सेक्सी कथा | सेक्सी शायरी | हिंदी sexi कहानिया | चुदाइ की कहानी | lagwana hai | payal ne apni choot | haweli | ritu ki cudai hindhi me | संभोग कहानियाँ | haveli ki gand | apni chuchiyon ka size batao | kamuk | vasna | raj sharma | sexi haveli ka sach | sexyhaveli ka such | vasana ki kaumuk | www. भिगा बदन सेक्स.com | अडल्ट | story | अनोखी कहानियाँ | कहानियाँ | chudai | कामरस कहानी | कामसुत्रा ki kahiniya | चुदाइ का तरीका | चुदाई मराठी | देशी लण्ड | निशा की बूब्स | पूजा की चुदाइ | हिंदी chudai कहानियाँ | हिंदी सेक्स स्टोरी | हिंदी सेक्स स्टोरी | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bhabhi ki chudai | chachi ki chudai | mami ki chudai | bahan ki chudai | bharat | india | japan |यौन, यौन-शोषण, यौनजीवन, यौन-शिक्षा, यौनाचार, यौनाकर्षण, यौनशिक्षा, यौनांग, यौनरोगों, यौनरोग, यौनिक, यौनोत्तेजना, aunty,stories,bhabhi,choot,chudai,nangi,stories,desi,aunty,bhabhi,erotic stories,chudai,chudai ki,hindi stories,urdu stories,bhabi,choot,desi stories,desi aunty,bhabhi ki,bhabhi chudai,desi story,story bhabhi,choot ki,chudai hindi,chudai kahani,chudai stories,bhabhi stories,chudai story,maa chudai,desi bhabhi,desi chudai,hindi bhabhi,aunty ki,aunty story,choot lund,chudai kahaniyan,aunty chudai,bahan chudai,behan chudai,bhabhi ko,hindi story chudai,sali chudai,urdu chudai,bhabhi ke,chudai ladki,chut chudai,desi kahani,beti chudai,bhabhi choda,bhai chudai,chachi chudai,desi choot,hindi kahani chudai,bhabhi ka,bhabi chudai,choot chudai,didi chudai,meri chudai,bhabhi choot,bhabhi kahani,biwi chudai,choot stories, desi chut,mast chudai,pehli chudai,bahen chudai,bhabhi boobs,bhabhi chut,bhabhi ke sath,desi ladki,hindi aunty,ma chudai,mummy chudai,nangi bhabhi,teacher chudai, bhabhi ne,bur chudai,choot kahani,desi bhabi,desi randi,lund chudai,lund stories, bhabhi bra,bhabhi doodh,choot story,chut stories,desi gaand,land choot,meri choot,nangi desi,randi chudai,bhabhi chudai stories,desi mast,hindi choot,mast stories,meri bhabhi,nangi chudai,suhagraat chudai,behan choot,kutte chudai,mast bhabhi,nangi aunty,nangi choot,papa chudai,desi phudi,gaand chudai,sali stories, aunty choot,bhabhi gaand,bhabhi lund,chachi stories,chudai ka maza,mummy stories, aunty doodh,aunty gaand,bhabhi ke saath,choda stories,choot urdu,choti stories,desi aurat,desi doodh,desi maa,phudi stories,desi mami,doodh stories,garam bhabhi,garam chudai,nangi stories,pyasi bhabhi,randi bhabhi,bhai bhabhi,desi bhai,desi lun,gaand choot,garam aunty,aunty ke sath,bhabhi chod,desi larki,desi mummy,gaand stories,apni stories,bhabhi maa,choti bhabhi,desi chachi,desi choda,meri aunty,randi choot,aunty ke saath,desi biwi,desi sali,randi stories,chod stories,desi phuddi,pyasi aunty,desi chod,choti,randi,bahan,indiansexstories,kahani,mujhe,chachi,garam,desipapa,doodhwali,jawani,ladki,pehli,suhagraat,choda,nangi,behan,doodh,gaand,suhaag raat, aurat,chudi, phudi,larki,pyasi,bahen,saali,chodai,chodo,ke saath,nangi ladki,behen,desipapa stories,phuddi,desifantasy,teacher aunty,mami stories,mast aunty,choots,choti choot, garam choot,mari choot,pakistani choot,pyasi choot,mast choot,saali stories,choot ka maza,garam stories ,हिंदी कहानिया,ज़िप खोल,यौनोत्तेजना,मा बेटा,नगी,यौवन की प्या,एक फूल दो कलियां,घुसेड,ज़ोर ज़ोर,घुसाने की कोशिश,मौसी उसकी माँ,मस्ती कोठे की,पूनम कि रात,सहलाने लगे,लंबा और मोटा,भाई और बहन,अंकल की प्यास,अदला बदली काम,फाड़ देगा,कुवारी,देवर दीवाना,कमसीन,बहनों की अदला बदली,कोठे की मस्ती,raj sharma stories ,पेलने लगा ,चाचियाँ ,असली मजा ,तेल लगाया ,सहलाते हुए कहा ,पेन्टी ,तेरी बहन ,गन्दी कहानी,छोटी सी भूल,राज शर्मा ,चचेरी बहन ,आण्टी ,kamuk kahaniya ,सिसकने लगी ,कामासूत्र ,नहा रही थी ,घुसेड दिया ,garam stories.blogspot.com ,कामवाली ,लोवे स्टोरी याद आ रही है ,फूलने लगी ,रात की बाँहों ,बहू की कहानियों ,छोटी बहू ,बहनों की अदला ,चिकनी करवा दूँगा ,बाली उमर की प्यास ,काम वाली ,चूमा फिर,पेलता ,प्यास बुझाई ,झड़ गयी ,सहला रही थी ,mastani bhabhi,कसमसा रही थी ,सहलाने लग ,गन्दी गालियाँ ,कुंवारा बदन ,एक रात अचानक ,ममेरी बहन ,मराठी जोक्स ,ज़ोर लगाया ,मेरी प्यारी दीदी निशा ,पी गयी ,फाड़ दे ,मोटी थी ,मुठ मारने ,टाँगों के बीच ,कस के पकड़ ,भीगा बदन ,kamuk-kahaniyan.blogspot.com,लड़कियां आपस , blog ,हूक खोल ,कहानियाँ हिन्दी ,चूत ,जीजू ,kamuk kahaniyan ,स्कूल में मस्ती ,रसीले होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो ,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी ,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி ,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,भोसडा ,hindisexistori.blogspot.com ,मुठ मार ,sambhog ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी
No comments:
Post a Comment