FUN-MAZA-MASTI
मैं ओर मेरी बहन -5
पूजा के लिए ये बहुत था, वो बेड पर लेटी हुई मचलने लगी, और अपने एक हाथ से मुझे और दुसरे से ऋतू को धक्का देने लगी. पर ऋतू ने उसकी दोनों टांगो को इस तरह से जकड रखा था की वो छुड़ा ही नहीं पायी और मैं तो उसके चेहरे पर बैठा था और मेरे वजन को हटा पाना उसके बस का नहीं था, वो सिस्कार उठी,उसके शरीर में तरंगें उठने लगी और फिर उसे ऐसा लगा की पुरे शरीर में करंट लग गया है वो अकड़ गयी और उसकी चूत हवा में उठ गयी, और वो झड़ने लगी, उसकी चूत में से रस दनादन बहकर बाहर आने लगा , ऋतू ने उसे फिर भी नहीं छोड़ा और उसके उठते हुए चूतडों के साथ वो भी उठ गयी और रसपान जारी रखा, ऋतू ने पीछे से एक हाथ आगे करके मेरी गांड में ऊँगली दाल दी, मेरे लिए ये काफी था, मेरा भी लंड अपना रस छोड़ने लगा, और पूजा ने भी कोई गलती नहीं की और सड़प-२ के मेरा सारा रस पी गयी, जब सब कुछ शांत हो गया तो मैं उसके ऊपर से हट गया, ऋतू ने भी उसकी चूत से अपना मुंह हटा लिया और खड़ी हो गयी, उसका पूरा चेहरा पूजा के रस से भीगा हुआ था, पूजा का चेहरा भी लाल सुर्ख हुआ पड़ा था, पर उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी.
“wow …ये तो बहुत ही मजेदार था, मुझे तो काफी अच्छा लगा” मैंने कहा.
“मुझे तो ये विश्वास ही नहीं हो रहा है की हमने ये सब किया”…पूजा ने खुश होते हुए कहा.
“it was wonderfull ” मैंने कहा और आगे बढकर पूजा के होंठों को चूम लिया.
मेरे चुमते ही पूजा ने अपने हाथ मेरी गर्दन के चारों तरफ लपेट दिए और मुझे फ्रेंच किस करने लगी, उसके अधीर होठों ने मेरे होंठ पकड़ लिए और चूसने लगी, वो काफी गरम थे, उसकी जीभ मेरे मुंह के अन्दर जाकर डांस करने लगी. उसके कठोर चुचे मेरे नंगे सीने से टकरा कर चूर-२ हो गए, मेरा एक हाथ अपने आप उनपर चला गया, वो थोडा पीछे हुई और हम दोनों बेड पर गिर पड़े और उसका नाजुक सा शरीर मेरे अन्दर मचलने लगा.
ये सब देखकर ऋतू आगे आई और हमें अलग करते हुए कहा…”चलो चलो..बहुत हो गया, आज के लिए इतना ही काफी है, भैया तुम अपने रूम में जाओ अब”
मैंने अनमने मन से अपने कपडे पहने और अपने रूम में आ गया और छेद से देखने लगा, ऋतू ने एक छलांग लगाकर अपना चेहरा पूजा की चूत पर टिका दिया था और अपनी चूत उसके चेहरे पर, और फिर दोनों 69 की position में एक दुसरे को चूसने लगी, मैंने भी अपना लंड निकालकर हिलाना शुरू कर दिया और सोचने लगा, काश मैं भी वहीँ पर होता. जल्दी ही सभी झड गए और सोने चले गए.
अगली सुबह जब मैं उठा तो मैंने भाग कर अपनी आँख छेद पर लगा दी, मैंने देखा की वो दोनों उठ चुकी हैं और दोनों के मुंह एक दुसरे की चूत में चिपके हुए हैं . मैं अपने रूम से निकला और चुपके से उनके रूम में दाखिल हो गया, ऋतू का चेहरा दरवाजे की तरफ था और वो पूजा के ऊपर लेती हुई थी, पूजा का चेहरा ऋतू की मांसल जांघों के बीच पिस रहा था, ऋतू बड़ी बेरहमी से अपनी चूत पूजा के मुंह पर रगड़ रही थी,पूजा भी उसकी चूत चाटने में और अपनी चटवाने में busy थी.
मैं थोडा आगे आया और बेड के पास आकर खड़ा हो गया, ऋतू को मेरे आने का आभास हो गया और उसने चेहरा उठाकर मुझे देखा और मुस्कुरा दी, मैंने भी मुस्कुराते हुए अपना पायजामा नीचे गिरा दिया और अपना खड़ा हुआ लंड उसे दिखाया, मैं अपने घुटनों के बल बैठ गया और अपना मुंह पूजा की चूत पर टिका दिया, ऋतू अपने एक हाथ से पूजा की clit मसल रही थी और मैं पूजा की रसीली चूत को साफ़ करने में लग गया, अपनी चूत पर हुए अलग तरह के अटैक से पूजा सिहर उठी और उसने भी ऋतू की चूत पर दोगुने जोश से हमला बोल दिया, और फिर दोनों झड़ने लगी, मैंने अपने मुंह पर पूजा के रस का सैलाब महसूस किया और उसे पीने में जुट गया, पूजा भी ऋतू के रस से नहा चुकी थी और अपने मुंह से उसकी चूत को चाटने में लगी हुई थी. ऋतू झड कर साइड में हो गयी पर मैंने पूजा की चूत को नहीं छोड़ा, पूजा ने नोट किया की ऋतू तो उसके ऊपर से उतर चुकी है फिर भी उसकी चूत पर किसी का मुंह लगा हुआ है, वो झटके से उठी और मुझे देखकर उछल ही पड़ी,…”अरे…तुम….तुम्म कब आये., ये क्या कर रहे हो ?”
” breakfast !!” मैंने कहा.
“चलो इसका लंड चूसते हैं” ऋतू ने पूजा की तरफ देखकर कहा और मेरे सामने आकर बैठ गयी और अपना मुंह खोलकर मेरे फड़कते हुए लंड को अन्दर ले लिया और उसे तरह – २ से चूसने और चाटने लगी .
पूजा बड़ी हैरानी से ये सब देख रही थी, उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था की ऋतू अपने सगे भाई का लंड इतने मजे से अन्दर ले रही है, वो अपना मुंह फाड़े ये सब अनहोनी होते देख रही थी.
“अरे देख क्या रही हो, इधर आओ और मेरी मदद करो” ऋतू ने मेरे लंड के सिरे पर अपनी जीभ फिराते हुए कहा.
पूजा थोड़ी हिचकिचाई पर मेरे लम्बे लंड को देखकर उसके मुंह में भी पानी आ गया और वो भी नंगी उठ कर ऋतू के साथ ज़मीन पर घुटनों के बल बैठ गयी और दोनों ने एक साथ मेरे लंड को सताना शुरू कर दिया, दोनो बारी-२ से मेरे पप्पू को अपने मुंह में लेकर lolypop की तरह चूस रही थी, फिर उन्होंने ने दोनों तरफ से मेरे लंड के चारो तरफ अपने रसीले होंठ फिरने शुरू कर दिए, उनके गीले होंठो के बीच मेरा लंड पिस कर रह गया, वो दोनों उसे mouth organ की तरह बजा रहे थे, और मेरे लंड को अपने मुंह में रखकर दोनों ने फ्रेंच किस करना शुरू कर दिया, मेरी तो टांगे ही कांपने लगी, जिस तरह का treatment वो दोनों मेरे पप्पू को दे रहे थे वो उसे सेहन नहीं हुआ और उसने अपना गर्म लावा उगलना शुरू कर दिया, दोनो में होड़ लग गयी की कौन ज्यादा से ज्यादा मेरा रस पीता है और इस तरह मेरी एक-२ बूंद निचोड़ ली कमीनियों ने..मेरा लंड मुरझाकर उनके होंठों से निकल कर बाहर आ गया, पर फिर भी दोनों ने अपनी किस नहीं तोड़ी, वो शायद एक दुसरे के मुंह में मेरा रस ढूंड रहे थे.
“मैं चलता हूँ..” मैंने धीरे से कहा और अपना पायजामा ऊपर करके बाहर निकल गया, वो दोनों अभी भी एक दुसरे में busy थी.
नीचे breakfast टेबल पर दोनों बच्चो की तरह behave कर रही थी, बात -२ पर हंस रही थी पर कुछ भी ऐसा impression नहीं दे रही थी की हम सबके बीच रात को और सुबह में क्या-२ हुआ. मैं मन ही मन मुस्कुरा रहा था, की जैसा हमने सोचा था सब वैसा ही हुआ बल्कि उससे भी अच्छा हुआ क्योंकि पैसो के साथ – साथ पूजा ने उसका लंड भी चूसा और अपनी चूत भी चुस्वायी..मुझे आज अपने आप पर गर्व हो रहा था.
शाम को मैं और ऋतू अपने कमरे में बैठ कर आगे के बारे में बातें कर रहे थे की कैसे ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाए जाएँ, मैंने ऋतू से कहा की मैं अपने दोस्तों को तुम्हारा और पूजा का शो दिखने के ज्यादा पैसे चार्ज कर सकता हूँ, या फिर दूसरा आप्शन ये है की ऋतू अपनी चूत मेरे दोस्तों से चटवा ले.
ऋतू ने कहा की क्यों न वो अपनी दूसरी सहेलियों को भी मेरा masturbate करता हुआ शो दिखाए या फिर मैं उसकी सहेलियों की चूत चाटूं..
“मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है” मैंने कहा.
“या फिर मुझे लगता है की हमें दोनों काम करने चाहियें, हमें तो पैसो से मतलब है न, फिर जहाँ से मर्जी आयें…है न.” ऋतू बोली
“ह्म्म्म हाँ..” मैंने सोचते हुए कहा.
“पर क्या पूजा इन सबके लिए राजी होगी..?”. मैंने ऋतू से पूछा.
“अगर तुम उसकी चूत फ्री में चाट कर झाड दो तो जरूर राजी हो जाएगी..हा हा ” ऋतू ने हँसते हुए कहा.
रात को डिन्नर के टाइम पापा ने announce किया की इस बार वो दोनों हमें भी अपने साथ जंगल कैंप पर ले जायेंगे..क्योंकि पिछले साल भी कुछ लोग अपने teenagers बच्चों को लेकर आये थे तो वो भी अपने बच्चों को अपने साथ लेकर जाना चाहते हैं.
साथ ही उन्होंने बताया की उनका छोटा भाई अजय और उनकी पत्नी आरती अपनी बेटी नेहा को भी साथ ला रहे हैं.चाची के बारे में सुनकर मैं खुश हो गया, हम काफी समय से उनसे नहीं मिले थे, वो काफी आकर्षक थी, खासकर उनकी चूचियां, बड़ी-२ और उठी हुई. नेहा लगभग 15 -16 साल की थी, उसे भी काफी समय से नहीं देखा था. मजा आएगा, मैंने मन ही मन सोचा
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मैं ओर मेरी बहन -5
पूजा के लिए ये बहुत था, वो बेड पर लेटी हुई मचलने लगी, और अपने एक हाथ से मुझे और दुसरे से ऋतू को धक्का देने लगी. पर ऋतू ने उसकी दोनों टांगो को इस तरह से जकड रखा था की वो छुड़ा ही नहीं पायी और मैं तो उसके चेहरे पर बैठा था और मेरे वजन को हटा पाना उसके बस का नहीं था, वो सिस्कार उठी,उसके शरीर में तरंगें उठने लगी और फिर उसे ऐसा लगा की पुरे शरीर में करंट लग गया है वो अकड़ गयी और उसकी चूत हवा में उठ गयी, और वो झड़ने लगी, उसकी चूत में से रस दनादन बहकर बाहर आने लगा , ऋतू ने उसे फिर भी नहीं छोड़ा और उसके उठते हुए चूतडों के साथ वो भी उठ गयी और रसपान जारी रखा, ऋतू ने पीछे से एक हाथ आगे करके मेरी गांड में ऊँगली दाल दी, मेरे लिए ये काफी था, मेरा भी लंड अपना रस छोड़ने लगा, और पूजा ने भी कोई गलती नहीं की और सड़प-२ के मेरा सारा रस पी गयी, जब सब कुछ शांत हो गया तो मैं उसके ऊपर से हट गया, ऋतू ने भी उसकी चूत से अपना मुंह हटा लिया और खड़ी हो गयी, उसका पूरा चेहरा पूजा के रस से भीगा हुआ था, पूजा का चेहरा भी लाल सुर्ख हुआ पड़ा था, पर उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी.
“wow …ये तो बहुत ही मजेदार था, मुझे तो काफी अच्छा लगा” मैंने कहा.
“मुझे तो ये विश्वास ही नहीं हो रहा है की हमने ये सब किया”…पूजा ने खुश होते हुए कहा.
“it was wonderfull ” मैंने कहा और आगे बढकर पूजा के होंठों को चूम लिया.
मेरे चुमते ही पूजा ने अपने हाथ मेरी गर्दन के चारों तरफ लपेट दिए और मुझे फ्रेंच किस करने लगी, उसके अधीर होठों ने मेरे होंठ पकड़ लिए और चूसने लगी, वो काफी गरम थे, उसकी जीभ मेरे मुंह के अन्दर जाकर डांस करने लगी. उसके कठोर चुचे मेरे नंगे सीने से टकरा कर चूर-२ हो गए, मेरा एक हाथ अपने आप उनपर चला गया, वो थोडा पीछे हुई और हम दोनों बेड पर गिर पड़े और उसका नाजुक सा शरीर मेरे अन्दर मचलने लगा.
ये सब देखकर ऋतू आगे आई और हमें अलग करते हुए कहा…”चलो चलो..बहुत हो गया, आज के लिए इतना ही काफी है, भैया तुम अपने रूम में जाओ अब”
मैंने अनमने मन से अपने कपडे पहने और अपने रूम में आ गया और छेद से देखने लगा, ऋतू ने एक छलांग लगाकर अपना चेहरा पूजा की चूत पर टिका दिया था और अपनी चूत उसके चेहरे पर, और फिर दोनों 69 की position में एक दुसरे को चूसने लगी, मैंने भी अपना लंड निकालकर हिलाना शुरू कर दिया और सोचने लगा, काश मैं भी वहीँ पर होता. जल्दी ही सभी झड गए और सोने चले गए.
अगली सुबह जब मैं उठा तो मैंने भाग कर अपनी आँख छेद पर लगा दी, मैंने देखा की वो दोनों उठ चुकी हैं और दोनों के मुंह एक दुसरे की चूत में चिपके हुए हैं . मैं अपने रूम से निकला और चुपके से उनके रूम में दाखिल हो गया, ऋतू का चेहरा दरवाजे की तरफ था और वो पूजा के ऊपर लेती हुई थी, पूजा का चेहरा ऋतू की मांसल जांघों के बीच पिस रहा था, ऋतू बड़ी बेरहमी से अपनी चूत पूजा के मुंह पर रगड़ रही थी,पूजा भी उसकी चूत चाटने में और अपनी चटवाने में busy थी.
मैं थोडा आगे आया और बेड के पास आकर खड़ा हो गया, ऋतू को मेरे आने का आभास हो गया और उसने चेहरा उठाकर मुझे देखा और मुस्कुरा दी, मैंने भी मुस्कुराते हुए अपना पायजामा नीचे गिरा दिया और अपना खड़ा हुआ लंड उसे दिखाया, मैं अपने घुटनों के बल बैठ गया और अपना मुंह पूजा की चूत पर टिका दिया, ऋतू अपने एक हाथ से पूजा की clit मसल रही थी और मैं पूजा की रसीली चूत को साफ़ करने में लग गया, अपनी चूत पर हुए अलग तरह के अटैक से पूजा सिहर उठी और उसने भी ऋतू की चूत पर दोगुने जोश से हमला बोल दिया, और फिर दोनों झड़ने लगी, मैंने अपने मुंह पर पूजा के रस का सैलाब महसूस किया और उसे पीने में जुट गया, पूजा भी ऋतू के रस से नहा चुकी थी और अपने मुंह से उसकी चूत को चाटने में लगी हुई थी. ऋतू झड कर साइड में हो गयी पर मैंने पूजा की चूत को नहीं छोड़ा, पूजा ने नोट किया की ऋतू तो उसके ऊपर से उतर चुकी है फिर भी उसकी चूत पर किसी का मुंह लगा हुआ है, वो झटके से उठी और मुझे देखकर उछल ही पड़ी,…”अरे…तुम….तुम्म कब आये., ये क्या कर रहे हो ?”
” breakfast !!” मैंने कहा.
“चलो इसका लंड चूसते हैं” ऋतू ने पूजा की तरफ देखकर कहा और मेरे सामने आकर बैठ गयी और अपना मुंह खोलकर मेरे फड़कते हुए लंड को अन्दर ले लिया और उसे तरह – २ से चूसने और चाटने लगी .
पूजा बड़ी हैरानी से ये सब देख रही थी, उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था की ऋतू अपने सगे भाई का लंड इतने मजे से अन्दर ले रही है, वो अपना मुंह फाड़े ये सब अनहोनी होते देख रही थी.
“अरे देख क्या रही हो, इधर आओ और मेरी मदद करो” ऋतू ने मेरे लंड के सिरे पर अपनी जीभ फिराते हुए कहा.
पूजा थोड़ी हिचकिचाई पर मेरे लम्बे लंड को देखकर उसके मुंह में भी पानी आ गया और वो भी नंगी उठ कर ऋतू के साथ ज़मीन पर घुटनों के बल बैठ गयी और दोनों ने एक साथ मेरे लंड को सताना शुरू कर दिया, दोनो बारी-२ से मेरे पप्पू को अपने मुंह में लेकर lolypop की तरह चूस रही थी, फिर उन्होंने ने दोनों तरफ से मेरे लंड के चारो तरफ अपने रसीले होंठ फिरने शुरू कर दिए, उनके गीले होंठो के बीच मेरा लंड पिस कर रह गया, वो दोनों उसे mouth organ की तरह बजा रहे थे, और मेरे लंड को अपने मुंह में रखकर दोनों ने फ्रेंच किस करना शुरू कर दिया, मेरी तो टांगे ही कांपने लगी, जिस तरह का treatment वो दोनों मेरे पप्पू को दे रहे थे वो उसे सेहन नहीं हुआ और उसने अपना गर्म लावा उगलना शुरू कर दिया, दोनो में होड़ लग गयी की कौन ज्यादा से ज्यादा मेरा रस पीता है और इस तरह मेरी एक-२ बूंद निचोड़ ली कमीनियों ने..मेरा लंड मुरझाकर उनके होंठों से निकल कर बाहर आ गया, पर फिर भी दोनों ने अपनी किस नहीं तोड़ी, वो शायद एक दुसरे के मुंह में मेरा रस ढूंड रहे थे.
“मैं चलता हूँ..” मैंने धीरे से कहा और अपना पायजामा ऊपर करके बाहर निकल गया, वो दोनों अभी भी एक दुसरे में busy थी.
नीचे breakfast टेबल पर दोनों बच्चो की तरह behave कर रही थी, बात -२ पर हंस रही थी पर कुछ भी ऐसा impression नहीं दे रही थी की हम सबके बीच रात को और सुबह में क्या-२ हुआ. मैं मन ही मन मुस्कुरा रहा था, की जैसा हमने सोचा था सब वैसा ही हुआ बल्कि उससे भी अच्छा हुआ क्योंकि पैसो के साथ – साथ पूजा ने उसका लंड भी चूसा और अपनी चूत भी चुस्वायी..मुझे आज अपने आप पर गर्व हो रहा था.
शाम को मैं और ऋतू अपने कमरे में बैठ कर आगे के बारे में बातें कर रहे थे की कैसे ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाए जाएँ, मैंने ऋतू से कहा की मैं अपने दोस्तों को तुम्हारा और पूजा का शो दिखने के ज्यादा पैसे चार्ज कर सकता हूँ, या फिर दूसरा आप्शन ये है की ऋतू अपनी चूत मेरे दोस्तों से चटवा ले.
ऋतू ने कहा की क्यों न वो अपनी दूसरी सहेलियों को भी मेरा masturbate करता हुआ शो दिखाए या फिर मैं उसकी सहेलियों की चूत चाटूं..
“मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है” मैंने कहा.
“या फिर मुझे लगता है की हमें दोनों काम करने चाहियें, हमें तो पैसो से मतलब है न, फिर जहाँ से मर्जी आयें…है न.” ऋतू बोली
“ह्म्म्म हाँ..” मैंने सोचते हुए कहा.
“पर क्या पूजा इन सबके लिए राजी होगी..?”. मैंने ऋतू से पूछा.
“अगर तुम उसकी चूत फ्री में चाट कर झाड दो तो जरूर राजी हो जाएगी..हा हा ” ऋतू ने हँसते हुए कहा.
रात को डिन्नर के टाइम पापा ने announce किया की इस बार वो दोनों हमें भी अपने साथ जंगल कैंप पर ले जायेंगे..क्योंकि पिछले साल भी कुछ लोग अपने teenagers बच्चों को लेकर आये थे तो वो भी अपने बच्चों को अपने साथ लेकर जाना चाहते हैं.
साथ ही उन्होंने बताया की उनका छोटा भाई अजय और उनकी पत्नी आरती अपनी बेटी नेहा को भी साथ ला रहे हैं.चाची के बारे में सुनकर मैं खुश हो गया, हम काफी समय से उनसे नहीं मिले थे, वो काफी आकर्षक थी, खासकर उनकी चूचियां, बड़ी-२ और उठी हुई. नेहा लगभग 15 -16 साल की थी, उसे भी काफी समय से नहीं देखा था. मजा आएगा, मैंने मन ही मन सोचा
हजारों कहानियाँ हैं फन मज़ा मस्ती पर !
2 comments:
muje yaha kahani mast lagi ish ke sabhi part dalo .... m ish kahani ko pahle bhi padh chuki hu , kalyugi parivar ... 113 part tak plzzz aage ke part likhe
or part dalo
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