700*90

Wednesday, October 15, 2014

FUN-MAZA-MASTI घर का बिजनिस -12

FUN-MAZA-MASTI

 घर का बिजनिस -12

 दीदी के फारिग़ होते ही मैंने दीदी की फुद्दी से निकलने वाला सारा पानी चाट लिया और उठकर दीदी के ऊपर लेट गया और किस करने लगा। दीदी भी मुझे पागलों की तरह किस करने लगी और मेरे साथ लिपटने लगी थी जिससे कि मुझे और भी मजा आने लगा। मैंने इसी तरह लेटे हुये अपने एक हाथ से अपने लण्ड को दीदी की फुद्दी के मुँह पे रख दिया और हल्का सा दबा दिया जिससे मेरे लण्ड का सुपाड़ा दीदी की फुद्दी में घुस गया तो दीदी ने किस करना बंद कर दिया।

मैंने कहा- क्यों दीदी? क्या हुआ? भाई का लण्ड अपनी फुद्दी में नहीं लेना क्या?

दीदी ने मेरे सर को अपने साथ लगा लिया और मेरे कान में बोली- “भाई, मैं तो आप ही की हूँ जो आपका दिल चाहे कर लीजिए। मैं आपको मना नहीं करूंगी…”

दीदी की बात सुनते ही मैंने अपने लण्ड पे दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया जिससे मेरा लण्ड दीदी की फुद्दी में अपना रास्ता बनाता हुआ घुसने लगा।

लण्ड कोई 4” इंच से थोड़ा ज्यादा ही गया था कि दीदी के मुँह से- “भाई, आराम से दर्द हो रहा है…” क्योंकि अरविंद का लण्ड भी कोई 4” से थोड़ा ही बड़ा था जिसकी वजह से दीदी की फुद्दी ने मेरे लण्ड को भी उतनी ही जगह दी थी।

तो मैंने कहा- क्यों दीदी? क्या आप अपने भाई का पूरा लण्ड अपनी फुद्दी में नहीं लोगी?

दीदी ने कहा- “भाई, मैंने आपको मना तो नहीं किया। आज आपका जो दिल चाहे करो लेकिन प्लीज़्ज़ जरा आराम से दर्द होगा…”

मैंने दीदी की बात सुनकर कहा- “दीदी, आप परेशान नहीं हो, मैं आपका भाई हूँ ज्यादा दर्द नहीं दूंगा…” और इसके साथ ही दीदी की टाँगों को दीदी के कंधों की तरफ मोड़ दिया और एक तेज झटका दिया जिससे मेरा लण्ड दीदी की फुद्दी में पूरा घुस गया।

और दीदी के मुँह से- “आऐ… आअम्मीईई… मर गई… ऊओ… भाई, रुक जाओ… मुझे दर्द हो रहा है… अभी हिलना नहीं… प्लीज़्ज़ आअह्ह…”

मुझे अपना लण्ड आगे दीदी की फुद्दी में किसी चीज के साथ टकराता हुआ लग रहा था जिससे मैं समझ गया कि वो दीदी की बच्चेदानी है जिससे मेरा लण्ड टकरा रहा है और दीदी को दर्द हो रहा है। इतना महसूस करते ही कि मेरा लण्ड दीदी की फुद्दी में बच्चेदानी से टकरा रहा है मेरा बुरा हाल हो गया और मुझसे रुकना मुहाल हो रहा था।

दीदी ने हल्की सी आवाज में कहा- भाई, आराम से करना प्लीज़्ज़ जोर नहीं लगाना।

मैंने दीदी के मुँह से ये बात सुनते ही दीदी की फुद्दी में अपने लण्ड को हिलाना शुरू कर दिया जो कि बड़ा ही टाइट होकर अंदर-बाहर हो रहा था जिससे मुझे लग रहा था कि मैं दीदी को ज्यादा देर तक नहीं चोद सकूंगा। मेरी इस प्यार भरी और आराम से होने वाली चुदाई दीदी को भी उतना ही मजा दे रही थी, जितना मजा मुझे आ रहा था। दीदी अपनी गाण्ड को भी मेरी तरफ दबा के मजा ले रही थी।

और साथ ही दीदी सिसकी- “आअह्ह… मेरा भाई… उंन्ह… मजा आ रहा है भाई… बस इसी तरह ही करना… भाई, मेरा होने वाला है… उन्म्मह… भाई, आपके लण्ड ने मुझे अपना दीवाना बना दिया है… भाई, भाई मैं गई…”

इतना बोलते ही दीदी का जिश्म अकड़ गया और तभी मुझे दीदी की फुद्दी में अपने लण्ड को कोई गरम सी चीज महसूस हुई। जिसके बाद मेरा लण्ड दीदी की फुद्दी में आराम से अंदर-बाहर होने लगा और मैं भी दीदी के बाद कोई एक मिनट में ही फारिग़ हो गया और दीदी के साथ लिपट के लेट गया।

कुछ देर मैं इसी तरह दीदी के साथ लिपट के लेटा रहा और जब साइड पे होने लगा तो दीदी ने कहा- “भाई क्या हुआ? लेटे रहो ना इसी तरह…”

मैं- क्यों दीदी? आपको मेरा इस तरह आपके साथ लेटना अच्छा लग रहा है?

दीदी- हूंन… भाई, बहुत अच्छा लग रहा है।

मैं- दीदी, क्या आपको मेरे साथ ज्यादा मजा आया है या उस अरविंद के साथ?

दीदी- भाई, आपको ज्यादा मजा किसके साथ आया? पहले आप बताओ फिर मैं भी बता दूँगी, अम्मी के साथ बुआ के साथ या? (इतना बोलते ही दीदी खामोश हो गई)

मैं- दीदी, सच पूछो तो मजा तो सब के साथ आया लेकिन जो मजा आपने दिया है वो मैं कभी भूल नहीं सकूंगा

दीदी- भाई, मुझे भी आपके साथ मजा आया है दिल करता है कि आप अपने उसको मेरे अंदर इसी तरह घुसाकर लेटे रहो और कभी भी बाहर नहीं निकालो


मैं- “अच्छा दीदी, अभी आप सो जाओ शाम को जाना भी है और नींद भी पूरी होनी चाहिए ना हमारी…”

दीदी- अच्छा भाई, लेकिन आप मेरे साथ इसी तरह लिपट के सो जाओ मुझे अच्छा लगेगा।

मैंने दीदी की बात को मान लिया और इसी तरह लेटा रहा और कब नींद आई पता ही नहीं चला, और अम्मी के हिलाने से ही मेरी आँख खुली देखा तो हम दोनों बहन भाई अभी तक नंगे ही एक साथ बेड पे सो रहे थे।

अम्मी ने हँसते हुये कहा- चलो बेटा 3:00 बज चुके हैं और अब उठकर नहा लो। फिर खाना खाकर तैयार हो जाओ। जाना नहीं है क्या?

मैंने भी हँसते हुये कहा- अच्छा मैं उठ रहा हूँ। और इतना बोलते ही दीदी को अपनी तरफ खींच लिया और एक किस करके दीदी को भी उठा दिया और बोला- “चलो दीदी, 3:00 बज गये हैं जाना नहीं है क्या?

फिर हमने बारी-बारी नहाकर खाना खाया और तैयार हो गये। तो बापू ने मुझे कुछ बोतल शराब भी पकड़ा दी और कहा- “बेटा, ये अपने साथ फ्लैट में ले जाओ…”

फिर हम चारों घर से फ्लैट की तरफ निकल आए और मैं उन सबको फ्लैट में छोड़ कर बाजार की तरफ चला गया और कुछ खाने पीने का सामान लाकर बुआ को पकड़ा दिया, जो कि बुआ ने किचेन में रख दिया। फिर हम वहाँ हाल में ही बैठकर टीवी देखने लगे और इंतजार करने लगे कि बापू कब काल करेंगे और काम शुरू होगा।

पायल काफी टेशन में नजर आ रही थी।

तभी दीदी ने पूछा- पायल क्या बात है? परेशान क्यों हो तुम?

पायल ने दीदी की तरफ देखा और बोली- नहीं दीदी, बस आपको तो पता है कि मेरा पहली बार है इसीलिए थोड़ा दिल घबरा रहा है।

बुआ ने पायल की बात सुनकर उसे अपनी तरफ खींच लिया और कहा- “देख पायल, ये जो काम है ना हर लड़की ने करना ही होता है इसमें क्या डरना? बलकि मजा लो क्योंकि इसमें हर तरफ से अपना ही फायदा है, मजे भी लो और पैसे भी…”

पायल ने बुआ की तरफ देखकर हाँ में सर हिला दिया और कहा- “जी बुआ, आप ठीक कहती हो…”
तभी बापू की काल भी आ गई।

मैंने काल रिसीव की तो बापू ने कहा- “आलोक, तुम बाहर आ जाओ। बिल्डिंग के बाहर ब्लैक प्राडो खड़ी होगी। उसमें दो आदमी होंगे, उन्हें अपने साथ फ्लैट में ले जाओ। ये लोग पायल के साथ ही वक़्त गुजारेंगे…”

मैंने हैरानी से बापू को कहा- “लेकिन बापू, पायल ने तो अभी तक एक के साथ भी नहीं किया है और आपने दो भेज दिए उसके लिए?”

बापू ने कहा- “परेशान नहीं हो… मैं जानता हूँ कि पायल को कुछ नहीं होगा और अगर अरविंद आ जाये तो अंजली को उसके साथ रूम में भेज देना…”

मैंने- “ओके…” कहा और काल कट करके नीचे चला गया, जहाँ गाड़ी में दो लोग बैठे हुये थे। मैं जैसे ही उनके पास गया कि उनमें से एक ने कहा- क्या तुम ही आलोक हो?

मैंने हाँ में सर हिला दिया।

तो उसने कहा- क्या तुम सच में अपनी बहनों को चलाते हो? और तुम्हारी छोटी बहन अभी कुँवारी है?

मैंने कहा- “जी, आप सही जगह पे ही आए हो। आ जाओ फ्लैट में चलते हैं…”

वो लोग गाड़ी में से निकले और बोले- कुछ पीने का इंतजाम भी है या नहीं? अगर नहीं है तो अभी बता दो मैं ड्राइवर को बोल दूँ?

मैंने कहा- नहीं, इसे आप जाने दो, हर चीज यहाँ पहले से ही है आप चलो तो सही।
 








हजारों कहानियाँ हैं फन मज़ा मस्ती पर !
Tags = Tags = Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | पेलने लगा | उत्तेजक | कहानी | कामुक कथा | सुपाड़ा |उत्तेजना मराठी जोक्स | कथा | गान्ड | ट्रैनिंग | हिन्दी कहानियाँ | मराठी | .blogspot.com | जोक्स | चुटकले | kali | rani ki | kali | boor | हिन्दी कहानी | पेलता | कहानियाँ | सच | स्टोरी | bhikaran ki | sexi haveli | haveli ka such | हवेली का सच | मराठी स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | की कहानियाँ | मराठी कथा | बकरी की | kahaniya | bhikaran ko choda | छातियाँ | kutiya | आँटी की | एक कहानी | मस्त राम | chehre ki dekhbhal | | pehli bar merane ke khaniya hindi mein | चुटकले | चुटकले व्‍यस्‍कों के लिए | pajami kese banate hain | मारो | मराठी रसभरी कथा | | ढीली पड़ गयी | चुची | स्टोरीज | गंदी कहानी | शायरी | lagwana hai | payal ne apni | haweli | ritu ki hindhi me | संभोग कहानियाँ | haveli ki gand | apni chuchiyon ka size batao | kamuk | vasna | raj sharma | www. भिगा बदन | अडल्ट | story | अनोखी कहानियाँ | कामरस कहानी | मराठी | मादक | कथा | नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | bua | bahan | maa | bhabhi ki chachi ki | mami ki | bahan ki | bharat | india | japan |यौन, यौन-शोषण, यौनजीवन, यौन-शिक्षा, यौनाचार, यौनाकर्षण, यौनशिक्षा, यौनांग, यौनरोगों, यौनरोग, यौनिक, यौनोत्तेजना, aunty,stories,bhabhi, nangi,stories,desi,aunty,bhabhi,erotic stories, hindi stories,urdu stories,bhabi,desi stories,desi aunty,bhabhi ki,bhabhi maa ,desi bhabhi,desi ,hindi bhabhi,aunty ki,aunty story, kahaniyan,aunty ,bahan ,behan ,bhabhi ko,hindi story sali ,urdu , ladki, हिंदी कहानिया,ज़िप खोल,यौनोत्तेजना,मा बेटा,नगी,यौवन की प्या,एक फूल दो कलियां,घुसेड,ज़ोर ज़ोर,घुसाने की कोशिश,मौसी उसकी माँ,मस्ती कोठे की,पूनम कि रात,सहलाने लगे,लंबा और मोटा,भाई और बहन,अंकल की प्यास,अदला बदली काम,फाड़ देगा,कुवारी,देवर दीवाना,कमसीन,बहनों की अदला बदली,कोठे की मस्ती,raj sharma stories ,पेलने लगा ,चाचियाँ ,असली मजा ,तेल लगाया ,सहलाते हुए कहा ,पेन्टी ,तेरी बहन ,गन्दी कहानी,छोटी सी भूल,राज शर्मा ,चचेरी बहन ,आण्टी , kahaniya ,सिसकने लगी ,कामासूत्र ,नहा रही थी , ,raj-sharma-stories कामवाली ,लोवे स्टोरी याद आ रही है ,फूलने लगी ,रात की बाँहों ,बहू की कहानियों ,छोटी बहू ,बहनों की अदला ,चिकनी करवा दूँगा ,बाली उमर की प्यास ,काम वाली ,चूमा फिर,पेलता ,प्यास बुझाई ,झड़ गयी ,सहला रही थी ,mastani bhabhi,कसमसा रही थी ,सहलाने लग ,गन्दी गालियाँ ,कुंवारा बदन ,एक रात अचानक ,ममेरी बहन ,मराठी जोक्स ,ज़ोर लगाया ,मेरी प्यारी दीदी निशा ,पी गयी ,फाड़ दे ,मोटी थी ,मुठ मारने ,टाँगों के बीच ,कस के पकड़ ,भीगा बदन , ,लड़कियां आपस ,raj sharma blog ,हूक खोल ,कहानियाँ हिन्दी , ,जीजू , ,स्कूल में मस्ती ,रसीले होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो ,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी ,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி ,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,भोसडा ,मुठ मार ,sambhog ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी ,چوت , . bhatt_ank, xossip, exbii, कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ रेप कहानिया ,सेक्सी कहानिया , कलयुग की कहानियाँ , मराठी स्टोरीज , ,स्कूल में मस्ती ,रसीले होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो ,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी ,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி ,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी

erotic_art_and_fentency Headline Animator