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Monday, April 21, 2014

FUN-MAZA-MASTI नए पड़ोसी पार्ट--6

FUN-MAZA-MASTI

  नए पड़ोसी पार्ट--6 
गतान्क से आगे......... 
बबिता अब अविनाश के लंड को अपने मुँह से बाहर निकाल अपने हाथो से उसे मसल रही थी. पर वो खुद छूटने की कगार पर थी सो वो खड़ी हो गयी और प्रीति के चेहरे पर अपनी दोनो टाँगे चौड़ी कर अपनी चूत उसके मुँह पर रख दी, "जो तुमने शुरू किया है उसे तुम्हे ही ख़त्म करना पड़ेगा. मेरी चूत जोरो से चूसो और मेरा पानी छुड़ा दो." 

प्रीति अपनी जीभ का तीकोण बना उसे चोद रही थी. बबिता और थोड़ा झुकते हुए अपनी चूत को और दबा देती. उसका चेहरा पीछे की और था और उसके बाल प्रशांत के पेट को छू रहे थे. "ःआआआआआआआआआण चूऊऊऊओसे ओह अहह ह्बीयेयेयान जूऊर्रर्र्र्र्र्र्ररर सीईईईईई हूऊऊओ" कहकर बबिता की चूत ने प्रीति के मुँह मे पानी छोड़ दिया. प्रीति गटक गटक कर उसका पानी पी रही थी. जब एक एक बूँद उसकी चूत से छूट चुकी थी तो वो निढाल हो बिस्तर पर गिर गयी. 

प्रशांत अभी तक उसी तरह अपना लंड प्रीति की गंद मे घुसाए लेटा था. फिर उसने अपनी आखरी चाल चली, "अविनाश मेरा तो पानी अब छूटने वाला है ऐसा द्रिश्य देख कर. क्यों नही तुम अपना लंड इसकी चूत मे डाल देते हो." 

अब मेरे और अविनाश के समझ मे आया कि प्रशांत क्या चाहता था. अविनाश उछल कर प्रीति की टाँगो के बीच आ गया. उसने अपना हाथ प्रीति की चूत मे फँसे डिल्डो पर रखा. पर उसे बाहर निकालने की बजाय वो उसे अंदर बाहर करने लगा. 

थोड़ी देर बाद अविनाश ने अपने लंड को प्रीति की चूत के मुँह पे लगा धीरे धीरे अंदर करने लगा और साथ ही डिल्डो को बाहर खींचने लगा. जितना उसका लंड अंदर जाता उतना ही वो डिल्डो को बाहर खींच लेता. मेने देखा कि डिल्डो पूरी तरह से प्रीति की चूत के पानी से लसा हुआ था और चमक रहा था. जब अविनाश का पूरा लंड उसकी चूत मे घुस गया तो उसने डिल्डो बाहर निकाल कर मेरे हाथ मे पकड़ा दिया. 

मुझे विश्वास नही हो रहा था जो डिल्डो मेरी बीवी की चूत में पिछले 5 घंटे से घुसा हुआ था वही अब उसके पानी से लासा हुआ मेरे हाथ में है. मेने बिना हिचकिचाते हुए उसे अपने मुँह मे ले चाटने लगा. मुझे उसकी चूत के पानी का स्वाद सही में अछा लग रहा था. जब मेने उसे चाट कर साफ कर दिया तो उसे बिस्तर पर रख दिया. 

मिनी अब तक मेरे लंड को पकड़े हुए थी. उसने मेरी तरफ़ देखा और घुटनो बल बैठ कर मेरे लंड को अपने मुँह में ले चूसने लगी. वो एक हाथ से मेरा लंड पकड़ चूस रही थी और दूसरे हाथ की उंगलियों से अपनी चूत को चोद रही थी. पर उसकी नज़रें प्रशांत और इनलोगो पर गढ़ी थी जहाँ मेरी बीवी की दोहरी चुदाई हो रही थी. 

मेने अपना ध्यान मिनी से हटाया और फिर प्रीति पर केंद्रित कर दिया. मेने देखा की अविनाश आधा खड़ा हो अपने लंड को प्रीति के मुँह मे दे धक्के मार रहा था. प्रीति भी पूरी ज़ोर से उसे चूस रही थी. जब उसका लंड पूरी तरह से तन गया तो उसने प्रीति के थूक से लसे अपने लंड को ले प्रीति की टाँगे के बीच आ गया. 

प्रीति अपनी टाँगे थोड़ी और चौड़ी कर पीछे को पसर गयी. अविनाश एक हाथ से अपने लंड को पकड़ प्रीति की चूत पे रगड़ने लगा. अब मेरे बीवी की दो लंड से चुदाई होने वाली थी. एक उसकी गंद में और दूसरा उसकी चूत मे. 

अविनाश ने प्रीति की एक टांग को जाँघो से पकड़ा और अपनी कोहनी पे रख दी. इससे प्रीति की चूत और खुल गयी. थोड़ी देर अपने लंड को रगड़ने के बाद उसने एक ही धक्के मे अपना लंड उसकी चूत मे पेल दिया. अब वो धक्के लगा उसकी चूत को चोद रहा था. 

प्रीति प्रशांत के छाती पर लेटी अपनी जिंदगी की सबसे भयंकर चुदाई का आनंद ले रही थी. उसका चेहरा इधर उधर हो रहा था और साथ ही उसके मुँह से सिसकारियाँ फुट रही थी. 

में अंदाज़ा लगाने की कोशिश कर रहा था कि जब एक लंड चूत की जड़ों तक पहुँचता है और दूसरी तरफ दूसरा लंड गंद की जड़ों तक पहुँचता है तो शरीर में दोनो लंड के संगम का आनंद कैसा रहता होगा. प्रीति इसी संगम का आनंद उठा रही थी, "में तुम दोनो के लंड को अपने मे महसूस कर रही हूँ, अवी ज़ोर से चोदो मुझे हाआअँ और ज़ोर से रूको मत बस चोद्ते जाओ." 

प्रशांत ने एक ज़ोर की हुंकार भरी और अपने कूल्हे उपर को उठा दिया. अविनाश भी प्रीति के कुल्हों को पकड़ अपने लंड को अंदर तक पेल दिया. में समझ गया कि दोनो छूटने के कगार पर है. प्रीति का भी समय नज़दीक आता जा रहा था, "हाआआआआआअँ और ज़ोर सीईईईई ओह उईईईईईईईईईईई." 

मेरे खुद को अपने को रोकना मुश्किल हो रहा था. मिनी इतनी ज़ोर से मेरे लंड को चूस रही थी और साथ ही अपने दाँतों का भी इस्तेमाल कर रही थी. पर मिनी की आँखें अपने पति के लंड पे जमी तो जो मेरी बीवी की चूत मे एक पिस्टन की तरह अंदर बाहर हो रहा था. 

और फिर वो हुआ जिसका सबका इंतेज़ार था, प्रीति ज़ोर से चीखी "ओह ःआआआआआआआण ओह हेयययययययययी ." कहकर उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया. उसका शरीर इस तरह अकड़ रहा था कि क्या बताउ. इतने में प्रशांत के लंड ने भी उसकी गांद मे अपना वीर्य उगल दिया. 

अविनाश ने प्रीति की दोनो चुचियों को ज़ोर से मसला और उसके लंड ने उसकी चूत मे बौछार कर दी. में कल्पना कर रहा था कि प्रीति की चूत और गांद वीर्य से भरी कैसी होगी कि मेरा भी शरीर भी आकड़ा और मेने अपना वीर्य मिनी के मुँह मे उगल दिया. 

मिनी ने मेरे लंड को अपने मुँह से निकाला और बेड पर डिल्डो को उठा अपनी चूत के अंदर बाहर करने लगी. थोड़ी देर में उसकी चूत ने भी पानी छोड़ दिया. कसम से ऐसी सामूहिक चुदाई की कल्पना नही की थी मेने. 

मुझे इस बात की ख़ुसी थी कि हम शर्त जीत ना सके तो क्या पर हारे भी नही थे. अब देखते है छुट्टियों पे क्या गुल खिलते है. 

दा एंड











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FUN-MAZA-MASTI नए पड़ोसी पार्ट--5

FUN-MAZA-MASTI

  नए पड़ोसी पार्ट--5 
गतान्क से आगे......... 
मेने देखा की मेरे लंड को वो औरत चूस रही थी जिससे में चंद घंटे पहले ही मिला था, और मेरी बीवी उसके पति के लंड को चूस रही थी. दोनो औरतें एक दूसरे के पति के लंड को चूसे जा रही थी. धीरे धीरे उनके चूसने की रफ़्तार बढ़ने लगी इतने मे अविनाश के मुँह से एक सिसकारी निकली, "ःआआआआआआआआआण ऐसे ही चुसूओ चुस्ती जाओ." 

मिनी ने अपने पति की सिसकारियाँ सुनी तो अपने मुँह से मेरे लंड को निकाल अपने पति को देखने लगी. जैसे जैसे प्रीति की चूसने की रफ़्तार बढ़ रही थी वैसे ही अविनाश के शरीर की अकड़न बढ़ रही थी. उसका शरीर आकड़ा और उसके लंड ने अपने वीर्य की बौछार प्रीति के मुँह मे कर दी. मेने देखा की बिना एक बूँद भी बाहर गिराए प्रीति उसके सारे पानी को पी गयी. 

प्रीति की हरकत देख मिनी भी जोश मे भर गयी और मेरे लंड को ज़ोर से चूसने लगी. मुझसे अब रुका नही जा रहा था. मेने मिनी के सर को पकड़ा और पूरी तरह अपने लंड पे दबा दिया. मेरा लंड उसके गले तक घुस गया और तभी लंडने जोरों की पिचकारी उसके मुँह में छोड़ दी. 

हम चारों को अपनी साँसे संभालने मे थोडा वक़्त लगा. हम चारों ने कपड़े पहने और वापस पार्टी में आ गये जो करीब करीब समाप्त होने के कगार पर थी. हम दोनो मर्दों के चेहरे पे तृप्ति के भाव थे पर दोनो औरतें अभी भी प्यासी थी. एक तो उनकी चूत ने पानी नही छोड़ा था और दूसरा उनके मुँह में हम दोनो के लंड का पानी. वो बार बार अपने जीभ से होठों पे हमारे लंड के पानी को पोंछ रही थी. वो दोनो जाकर प्रशांत के पास खड़ी हो गयी जो पार्टी में आई किसी महिला से बातों में व्यस्त था. 

हम दोनो भी प्रशांत के पास पहुँच गये. शायद दोनो औरतों की तड़प उससे देखी नही गयी. वो भी जानता थी कि प्रीति और मिनी पिछले तीन घंटे से डिल्डो अपनी चूत मे लिए घूम रही और अब उनकी चूत भी पानी छोड़ना चाहती होगी. "चलो सब मेहमआनो को अलविदा कहते हैं और हम अपनी खुद की पार्टी शुरू करते है. प्रशांत ने कहा, "मेरा विश्वास करो प्रीति आज की रात बहोत ही स्पेशल होगी. जो मज़ा तुम्हे आज मिलेगा उस मज़े की कभी तुमने कल्पना भी नही की होगी. 

में सोच रहा था पता अभी और प्रशांत के दिमाग़ में क्या है. प्रीति हॉल में सभी मेहमआनो का ख्याल रखने लगी. थोड़ी ही देर में सब मेहमान एक के बाद एक जाने लगे. 

प्रीति जैसे ही किसी काम से नीचे को झुकती तो उसकी गांद थोड़ा सा उपर को उठ जाती. प्रशांत उसे ही घूर रहा था, "राज अब में तुम्हारी बीवी की गंद मारूँगा जैसे तुमने मेरी बीवी की मारी थी." 

में ये सुन कर दंग रह गया. प्रशांत मेरी बीवी की कुँवारी गंद मारेगा जैसे मेने उसकी बीवी की मारी थी. फ़र्क सिर्फ़ इतना था कि उसकी बीवी की गंद कुँवारी नही थी, वो इतनी खुली थी गंद मरवाने में उसे कोई तकलीफ़ नही हुई थी. पर क्या प्रीति सह पाएगी. ये सोच कर ही मेरे बदन में एक सर्द ल़हेर दौड़ गयी. 

15 मिनिट में सभी मेहमान चले गये. "चलो अब सब मिलकर इन औरतों का ख़याल रखते है, लेकिन सबको जैसा में कहूँगा वैसा ही करना होगा." हम सब ने हां में गर्दन हिलाई और सब कोई वापस गेस्ट बेडरूम मे आ गये. 

रूम मे आते ही प्रशांत बिस्तर पर बैठ गया. उसने प्रीति और मिनी को अपने सामने खड़े होने को कहा. फिर वो अपने हाथ दोनो की चूत पर रखकर डिल्डो को अंदर घुसाने लगा. प्रीति की जीन्स के उपर से और मिनी की पॅंटी के उपर से. 

"बबिता अब तुम अविनाश का लंड आज की शानदार चुदाई के लिए तय्यार करो, पर ध्यान रखना कि इसका पानी नही छूटना चाहिए." प्रशांत की बात सुनकर बबिता अविनाश को उसकी कुर्सी के पास ले गयी जहाँ थोड़ी देर पहले प्रशांत बैठा था. थोड़ी ही देर में बबिता ने अविनाश का लंड बाहर निकाल लिया था और उसे अपने मुँह में ले चूस रही थी. 

अब सिर्फ़ में ही बचा था कि जो कुछ भी नही कर रहा था. फिर मेने सुना प्रशांत प्रीति को मिनी के कपड़े उतारने को कह रहा था. प्रीति ने अपना हाथ बढ़ा मिनी के टॉप की ज़िप खोल दी जो थोड़ी देर पहले इसी तरह मेने खोली थी. पर प्रीति ने टॉप उसके कंधे से उठा उतार दिया और मिनी की चुचियाँ फिर एक बार नंगी हो गयी. अजीब कामुक द्रिस्य था मेरी बीवी किसी और औरत के कपड़े उतार रही थी. 

प्रशांत खड़ा हुआ और दोनो औरतों के पास आ गया. उसने मेरी बीवी का एक बाया हाथ पकड़ा और मिनी की दाई चुचियों पे रख दिया, फिर उसने प्रीति का दाया हाथ पकड़ मिनी की चूत पे रख दिया. मेरी बीवी की समझ मे नहीं आ रहा था कि प्रशांत क्या चाहता है. दोनो औरतों ने आज तक किसी औरत के साथ सेक्स नही किया था. 

प्रशांत ने प्रीति की तरफ देखते हुए कहा, "में चाहता हूँ कि तुम मिनी की चूत चूस कर उसका पानी छुड़ा दो फिर हम सब मिलकर तुम्हारी चूत पर ध्यान देंगे." ये कहकर प्रशांत ने प्रीति को मिनी के सामने घूटनो के बल बिठा दिया और उसके चेहरे को मिनी की गीली हुई पॅंटी पे धकेल दिया. 

एक बार तो बबिता और अविनाश भी रुक से गये और में भी हैरत में खड़ा सोच रहा था कि क्या सच मूच मेरी बीवी इस औरत की चूत चूसेगी. पर प्रीति जो पिछले 4 घंटे से अपनी चूत में डिल्डो लिए घूम रही थी और उसकी चूत पानी चोदने को बेताब थी, प्रीति ने अपने हाथ मिनी की पॅंटी की एलास्टिक में फँसाए और उसे नीचे उतार दिया. जैसे ही मिनी की पॅंटी नीचे सर्काई तो सबने देखा की उसकी चूत भी साफ की हुई थी. बाल का नामो निशान नही था चूत पर. 

प्रीति ने उसकी पॅंटी को और नीचे खस्कते हुए उसके पैरों के बाहर निकल दिया. अब मिनी पूरी तरह से नंगी खड़ी थी. प्रीति ने अपने हाथ उसके कुल्हों पे रख उसे अपने पास खींचा और अपना मुँह उसकी चूत पे रख दिया. वो अबू अपनी उंगली से उसकी चूत का मुँह खोल अपनी जीब डिल्डो के साथ अंदर घूमने लगी. 

प्रीति अब जोरों से मिनी की चूत को चाट और चूस रही थी और साथ ही उसकी चूत में फँसे डिल्डो को जोरों से अंदर बाहर कर रही थी. "ओह आःआआआआआआ और ज़ोर सीईईईई ःआआआआआआआआण चूऊऊसे मेर्रर्र्ररी चूत को चूद्द्द्दद्ड दो मेरा पानी ." मिनी सिसक रही थी. मिनी की साँसे तेज हो रही थी साथ ही उसकी चुचियाँ उसकी छाती पर फुदक रही थी. 

प्रीति अपनी जीब की ओर डिल्डो की रफ़्तार बढ़ते जा रही थी, और साथ ही मिनी की चूत पानी छोड़ने के कगार पर आ रही थी. मिनी ने अपने दोनो हाथ प्रीति के सिर पर रख उसे ज़ोर से अपनी चूत पे दबा दिया. उसकी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया. फूच फूच की आवाज़ के साथ उसकी चूत पानी छोड़ रही थी. प्रीति का पूरा चेहरा मिनी की चूत से छूटे पानी से भर गया था. प्रीति और जोरो से चूस्ते हुए उसकी चूत के सारे पानी को पी रही थी. आख़िर में थक कर मिनी बिस्तर पर निढाल पड़ गयी और गहरी साँसे लेने लगी. 

प्रीति उठ कर खड़ी हो गयी. उसने अभी भी कपड़े पहने हुए थे. आज उसने पूरे दिन में पहले प्रशांत के लंड को चूसा था और बाद में अविनाश के लंड को. और अब वो हम सब के सामने मिनी की चूत का पानी पीकर खड़ी हुई थी. उसके चेहरे पर संतुष्टि के भाव थे पर उसके जिस्म की प्यास अभी बाकी थी. में आगे बढ़ा और अपनी बीवी को बाहों भर लिया. मेने अपने होठ उसके होठों पर रखे तो मुझे मिनी की चूत से पानी की महक और स्वाद आया. में उसके होठों को चूसने लगा. 

मेने अपना हाथ प्रीति की जीन्स के उपर से उसकी चूत पर रखा तो पाया वो पहले से ज़्यादा गीली हो चुकी थी. जैसे ही मेने उसकी चूत को सहलाया वो सिसक पड़ी, "ओह अहह ह्म्‍म्म्ममममम." 

प्रशांत ने हम दोनो को अलग किया और मेरी बीवी को चूमते हुए उसे बिस्तर के पास ले गया. फिर उसने प्रीति से पूछा, "क्या तुम गंद मुझसे मरवाना पसंद करोगी?" प्रीति पहले तो उसकी तरफ देखी फिर मेरी तरफ. उसके पास को जवाब नही था कारण अगर वो ना कहती तो हम शर्त हर जाते. में भी थोड़ी देर पहले उसकी बीवी की गंद मार चुका था इसलिए मेरे पास भी ना करने की कोई वजह नही थी. में सिर्फ़ वहाँ पर खड़ा अपनी बीवी की गंद मारते देख सकता था. 

प्रशांत ने प्रीति के होठों को चूस्ते हुए उसके रेड टॉप के बटन खोल उसके टॉप को उतर दिया. अब वो अपने एक हाथ से उसकी चुचि को दबा रहा था और दूसरे हाथ से उसकी निपल को भींच रहा था. प्रीति के मुँह से सिसकारी फुट रही थी, "हा दबाओ नो पर धिर्र्र्र्रररे हाया आईसीईई ही ओह अहह" 

प्रीति की चुचियों को मसल्ते हुए प्रशांत ने अपने हाथ उसकी जीन्स पे ले जाकर बटन खोलने लगा. बबिता आगे बढ़ कर उनके पास नीचे बैठ गयी और प्रीति की जीन्स को नीचे का उतारने लगी. दोनो ने मिलकर मेरी बीवी को पूरा नंगा कर दिया. 

प्रीति पूरी तरह नंगी खड़ी थी. उसकी चूत में घुसा डिल्डो साफ नज़र आ रहा था. प्रशांत और बबिता ने मिलकर उसे बेड की किनारे पर झुका दिया. बबिता अब उसके सामने आकर बिस्तर पर बैठ गयी और प्रीति की चुचियों को चूसने लगी. थोड़ी देर चूसने के बाद वो बिस्तर पर इस तरह से लेट गयी की प्रीति का मुँह ठीक उसकी चूत पे था. बबिता ने प्रीति के सिर को पकड़ उसे अपनी चूत पे दबा दिया. 

प्रीति अब बिस्तर के किनारे पर झुकी बबिता की चूत चूस रही थी. इस तरह झुकने से उसकी गांद हवा में और उपर को उठ गयी थी. पीछे से उसकी चूत में फँसा डिल्डो तो दिख ही रहा था साथ ही उसकी गंद का छेद भी दिखाई दे रहा था. हम सब जानते थे कि अब प्रशांत अपना लंड उसकी गंद मे घुसाएगा, पर उसके मन में तो कुछ और ही था. 

प्रशांत मेरी तरफ मुस्कुरा के देख रहा था, "राज आज शाम को मेरी बीवी ने तुम्हे सीखा ही दिया होगा कि एक अछी गांद को चुदाई के लिए कैसे तय्यार किया जाता है. बाथरूम मे जाओ और क्रीम ले आओ और बताओ कि तुमने क्या सीखा." फिर उसने मिनी की तरफ देखकर कहा, "तुम मेरे लंड को तयार करोगी?" 

बिना कुछ कहे में बाथरूम मे जाकर वही क्रीम ले आया जो में बबिता पे इस्टामाल की थी. मिनी मेरे पास आई और मुझे थोड़ी क्रीम उसके हाथों पे देने को कहा. कैसी शर्त थी की में अपने हाथों से अपनी बीवी की गंद को किसी दूसरे मर्द के लंड के लिए तैय्यार करूँ. पर में शर्त हारना नही चाहता था सो में क्रीम लिए प्रीति के पास आ गया. 

मेने खूब सारी क्रीम अपनी उंगलियों मे ली और उसे प्रीति की गंद के चारों तक मलने लगा. फिर में अपनी एक उंगली उसकी गंद में डाल दी, "ओह मर गयी." प्रीति के मुँह से हल्की सी चीख निकल गयी. प्रीति अब भी बबिता की चूत को चाते जा रही थी. 

मेने थोड़ी और क्रीम अपनी उंगली में ली और दो उंगलिया उसकी गंद में डाल दी. अब में अपनी उंगलियों को उसकी गंद में चारों तरफ गोल गोल घुमा रहा था. प्रशांत मेरे पास खड़ा मेरी सभी हरकत को देख रहा था और उसके पैरों में बैठी मिनी उसके लंड को क्रीम से चिकना कर रही थी. 

अब मेरी उंगलियाँ आसनी से प्रीति की गंद में अंदर तक जा रही थी. जब में उंगली घुमाता तो उसकी चूत में फँसे डिल्डो का अहसास होता मुझे. में और अंदर तक क्रीम को मलने लगा. प्रीति को भी शायद मज़ा आने लगा था. वो जोरों से बबिता की चूत चूस्ते हुए अपने टाँगे और फैला दी जिससे में और आसानी से उसकी गंद में उंगली कर सकूँ. 

मिनी भी अब तक आक्ची तरह से प्रशांत के लंड को क्रीम से चिकना कर चुकी थी. प्रशांत अपनी जगह से हिला और मुझे साइड में कर दिया. अब उसका लुंक क्रीम से चिकना था. उसका तना हुआ लंड एक हथियार की तरह चमक रहा था. जैसे ही प्रशांत ने अपना लंड प्रीति की गंद पे रखा वो सिसक कर और जोरों से बबिता की चूत को चूसने लगी. वो उसकी चूत को ऐसे चूस रही थी की जैसे वो इस कला में बरसों से माहिर हो. 

मिनी और अविनाश भी पास में आकर खड़े हो गये. वो भी किसी कुँवारी गांद की चुदाई देखना चाहते थे. मुझे अंदर से शर्म आ रही थी कि अपनी गंद में सबसे पहले मारू उसके बजाय मेने ही अपनी बीवी की गंद को दूसरे मर्द के लंड के लिए तय्यार किया था. 

प्रशांत ने प्रीति के कुल्हों को पकड़ उसके गंद के छेद को और फैला दिया. प्रशांत के दोनो हाथ प्रीति के कुल्हों को पकड़े हुए थे. मिनी ने आगे बढ़ कर प्रशांत के लंड को ठीक प्रीति की गंद के छेद पर रख दिया और प्रशांत अब अपने लंड को अंदर घुसाने लगा. मिनी अभी भी उसके लंड को पकड़े हुए थी. इतनी सारी क्रीम लगने से उसका लंड और प्रीति की गंद पूरी तरह चिकनी हो गयी थी जिससे प्रशांत के लंड का सूपड़ा उसकी गंद में आसानी से घुस गया. 

मिनी ने अपना हाथ उसके लंड पर से हटा लिया. अब जबकि सूपड़ा घुस चुका था प्रशांत धीरे धीरे अपने लंड को और अंदर तक घुसाने लगा. उसके हर धक्के के साथ प्रीति की सिसकार गूँजती, "ओह अहह थोड़ाआ धीरी दर्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड हो रहाआआआआअ है." थोड़ी देर में उसका पूरा लंड प्रीति की गांद में घुस चुका था. अब उसकी गांद कुँवारी नही रही थी. 

प्रीति अब भी बबिता की चूत चूसे जा रही थी. जब प्रशांत का पूरा लंड उसकी गांद मे घुस गया तो ज़ोर की सिसकारी निकली, "ओह ह्बीयेयेयेयान." प्रशांत प्रीति की गंद की दीवारों को रौन्द्ता हुआ जड़ तक समा गया था. 

प्रशांत ने मिनी और मेरा धन्यवाद दिया कि हम दोनो ने प्रीति की गंद मारने उसकी सहायता की. कैसा उसका लंड उसकी गांद में अंदर तक घुसा हुआ है और कैसे उसकी गांद उसके लंड को भिंचे हुए है. उसने बताया कि उसे प्रीति की चूत में फँसे डिल्डो का भी अहसास हो रहा है और ये उत्तेजना उसके लंड से लेकर उसकी गोलियों तक जा रही थी. प्रशांत जान बुझ कर ये सब बातें बता कर मुझे चिढ़ा रहा था. "हरामी साला" मेरे मुँह से गाली निकली. 

लेकिन अब तक में अपना लंड अपनी पॅंट मे से निकाल सहला रहा था. सब जानते थे कि मेरी बीवी की गंद की चुदाई ने मुझे भी उत्तेजित कर दिया था. पर जो होने वाला था उसके आगे ये कुछ भी नही था. मिनी अब उन से दूर जा कर खड़ी हो गयी. प्रशांत का लंड प्रीति की गंद मे अंदर बाहर हो रहा था. प्रशांत अपने लंड करीब 3" इंच बाहर खींचता और अपने 8" इंच के लंड को पूरा जड़ तक पेल देता. 

प्रशांत जानबूझ कर धीरे धीरे धक्के लगा रहा था. पर समय के साथ उसकी रफ़्तार तेज हो रही थी. अब वो 5" इंच लंड को बाहर निकालता और पूरा पेल देता. थोड़ी देर में वो अपने लंड का सूपड़ा सिर्फ़ अंदर रहने देता और एक झटके पूरा लंड प्रीति की गंद में डाल देता. प्रीति की गंद पूरी तरह खुल गयी और हर झटके को वो अपने कुल्हों को पीछे कर ले रही थी, "हाआआआअ डाल दो पूरा लंड मेयीयीयियी गाआअंड मे ओह ःआआआआआआआण और जूऊऊर से ःआआआआआआआण चोदो फद्दद्ड दो मईएरर्र्र्र्ररी गंद को." 

प्रीति मियाँ बीवी के बीच सॅंडविच बनी हुई थी. नीचे से बबिता अपनी चूत को उपर उठा उसके मुँह मे भर देती और पीछे से प्रशांत उसके कुल्हों को पकड़ ज़ोर से लंड पेल देता. जैसे ही उसका लंड अंदर तक जाता प्रीति का मुँह बबिता की चूत पे और ज़ोर से दब जाता. प्रशांत उसकी गंद भी मार रहा था और उसकी चूत में फँसे डिल्डो को और अंदर की ओर घुसा देता. 

अब अविनाश भी इस खेल में शामिल होना चाहता था. उसने भी अपने कपड़े उतार दिए और अपने लंड को सहलाने लगा. अपने लंड को सहलाते हुए वो बबिता के चेहरे के पास आ गया. अविनाश अपने लंड को उसके मुँह के पास कर उसके होठों पर रगड़ने लगा. बबिता ने अपने हाथ से उसका लंड पकड़ अपने मुँह में ले लिया. अब उसका दोनो छेद पूरी तरह भरे हुए थे. वो जोरो से अविनाश के लंड को चूसने लगी. 

अब में और मिनी ही बचे थे. मिनी ने भी अपने कपड़े उतार दिए. में भी कपड़े उतार पूरा नंगा हो अपने लंड को सहला रहा था. मिनी मेरे पास आ कर मेरे नंगे बदन से सॅट गयी और सहलाने लगी. हम भूके कुत्तों की तरह एक दूसरे के बदन को नोच रहे थे मसल रहे थे, पर हम अपनी नज़रें बिस्तर से नही हटा पा रहे थे जहाँ एक का पति एक की पत्नी से अपना लंड चूस्वा रहा था और मेरी बीवी एक की बीवी की चूत चूस रही थी और उसके पति से अपनी गंद मरवा रही थी. 

अचानक प्रीति ने अपना मुँह बबिता की चूत से उपर उठाया और ज़ोर से चीख पड़ी, "ओह ये नही हो सकता". में सोच मे पड़ गया कि अचानक उसे क्या हुआ, क्या उसका पानी छूटने वाला है या उसकी गांद दर्द कर रही है. "हे भगवान प्ल्स ऐसा मत करो." वो फिर बोली और उसकी आँखों मे आँसू आ गये. 

तब प्रशांत ने उसके चीखने की वजह बताई, "राज डरो मत यार उसके डिल्डो की बॅटरी ख़त्म हो गयी है. बेचारी." अब मेरी समझ मे आया कि जब उसका पानी छूटने वाला था तब ही डिल्डो की बॅटरी ख़त्म हो गयी. और कितना चलती 5 घंटे सो तो वो उसे अपनी चूत मे डाले घूम रही थी. 

प्रीति फिर अपने उत्तेजना के अंतिम कगार से वंचित रह गयी. प्रशांत उसकी गांद मे ज़ोर के धक्के मारते हुए बोला, "प्रीति डार्लिंग चिंता मत करो, में वादा करता हूँ आज तुम्हे चुदाई को वो आनंद आएगा कि तुम्हारी चूत खुले बाँध की तरह पानी फैंकेगी." प्रीति ने अपना चेहरा उठा और प्रशांत की ओर देखा. उसकी समझ मे नही आ रहा था कि और क्या उसके दिमाग़ मे है. 

हमने देखा कि अपनी चूत की प्यास बुझाने के लिए प्रीति खुद अपने बंद हुए डिल्डो को पकड़ अंदर बाहर करने लगी, पर प्रशांत ने उसका हाथ हाथ हटा दिया. अब प्रशांत ने प्रीति को उसकी छातियों से पकड़ा और पीछे की ओर हो गया. थोड़ी देर इस तरह होने के बाद उसने अपनी टाँगे सीधी की और पीठ के बल लेट गया. अब वो ज़मीन पर लेटा था और प्रीति उसके उपर उसका लंड अपनी गंद मे लिए लेटी थी. प्रीति ने अब अपनी टाँगे फैला दी जिससे प्रशांत का लंड उसकी गांद मे घुसा हुआ दिख रहा था और साथ ही चूत मे फँसा डिल्डो भी. 
क्रमशः...............












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FUN-MAZA-MASTI नए पड़ोसी पार्ट--4

FUN-MAZA-MASTI
 नए पड़ोसी पार्ट--4 
गतान्क से आगे......... 
प्रीति ने उसकी बात कोई जवाब नही दिया पर वो इतना ज़रूर समझ गयी प्रशांत और बबिता आपस में अवियनाश और मिनी के साथ चुदाई करते है. 

प्रीति ने प्रशांत को बाहों मे भर लिया और उसके होठों को चूमने लगी. प्रशांत ने भी उसे बाहों भर अपना एक हाथ उसकी ड्रेस के अंदर डाल दिया. "तो आज तुमने भी पॅंटी नही पहन रखी है." कहकर वो उसके चुतताड सहलाने लगा. 

हे भगवान में बबिता में इतना खोया हुआ था कि मुझे इस बात का पता ही नही चला कि मेरी बीवी बिना पॅंटी के इतनी देर से पार्टी में घूम रही है. 

"तो तुम्हे तुम्हारा नया खिलोना कैसा लगा. बबिता के पास भी वैसा ही खिलोना है, और उसे बहोत पसंद है. क्या तुम उसे ट्राइ कर चुकी हो?" प्रशांत ने उसके कुल्हों को भींचते हुए कहा. 

"कुछ खास अच्छी तरह से नही." प्रीति ने जवाब दिया. प्रशांत ने उसे अपना नया डिल्डो लाने को कहा. प्रीति अपने बेडरूम से उसे लाकर प्रशांत को पकड़ा दिया. 

प्रशांत ने प्रीति को कमरे मे पड़ी एक आराम कुर्सी पर बिठा दिया. प्रशांत अब जोरो से उसे चूमने लगा. मेने देखा कि उसका एक हाथ उसके टाँगो को सहलाते हुए अब उसकी जाँघो पर रैंग रहा था. फिर उसने उसकी दोनो टाँगो को थोड़ा फैला दिया जिससे उसकी चूत पूरी तरह खुल कर नज़र आने लगी.

मेरी बीवी कुर्सी पर और पसर गयी और अपने टाँगे और फैला दी जिससे प्रशांत को आसानी हो सके. प्रशांत ने उसकी टाँगो को उपर उठा कर कुर्सी के हथे पे रख दिया. जैसे ही प्रशांत ने अपना मुँह उसकी चूत का स्वाद लेने के लिए बढ़ाया प्रीति उसकी और कामुक नज़रों से देखने लगी. 

कुर्सी ठीक खिड़की के बगल मे थी इसलिए मुझे अंदर का नज़ारा साफ दिखयी पड़ रहा था कि, किस तरह प्रशांत मेरी बीवी की चूत को चट रहा था. प्रशांत चूत चाटने मे माहिर था और थोड़ी ही देर में प्रीति के मुँह से सिसकारी गूंजने लगी. 

प्रशांत ने अब अपनी दो उंगलिया अपनी जीब के साथ प्रीति की चूत मे डाल दी, और अंदर बाहर करने लगा. करीब 15 मिनिट तक उसकी चूत को चाटने के बाद प्रशांत उठा और डिल्डो को ले आया और उसका बटन ऑन कर उसे चालू कर दिया. 

मेरी बीवी कुर्सी पर पसरी हुई कामुक नज़रों से प्रशांत को देख रही थी. वो जानती थी की एक दूसरा मर्द अब उसकी चूत में एक खिलोने को डालने वाला है. प्रशांत घुटने को बल बैठ प्रीति की टाँगो के बीच आ गया और उसकी गीली हो चुकी चूत में डिल्डो को डालने लगा. उसने धीरे धीरे अंदर घुसाया और अब वो प्लास्टिक का खिलोना प्रीति की चूत मे पूरा घुस चुका था. 

डिल्डो की हरकत का असर मेरी बीवी के चेहरे पे साफ दिखाई दे रहा था, वो अपनी टाँगो को पूरा भींच डिल्डो का मज़ा लेने लगी. मेरा लंड भी ये सब देख एक बार फिर तन चुक्का था, जबकि 20 मिनिट पहले ही में बबिता की गंद में झाड़ कर अलग हुआ था. 

प्रशांत अब खड़ा होकर अपने पॅंट के बटन खोलने लगा. वो प्रीति के चेहरे के पास आ अपना एक घुटना कुर्सी के हथे पे रख दिया. उसका लंड प्रीति के चेहरे पे झटके मार रहा था. प्रीति ने मुस्कुरा कर उसकी तरफ देखा और अपना मुँह खोल उसके लंड को अंदर ले लिया. 

"प्रीति में चाहता हूँ की तुम मेरा लंड ठीक उसी तरह चूसो जैसे तुमने पहली बार चूसा था. एक हाथ से मेरे लंड को चूसो और दूसरे हाथ से मेरी गोलियाँ को सहलाओ. सच में बहोत मज़ा आया था जब तुमने ऐसा किया था. प्रीति ने वैसा ही कर उसके लंड को जोरो से चूस रही थी. दोनो की गहराती होती साँसे और बदन की हरकत बता रही थी को दोनो ही छूटने के करीब है. 

एक तो प्रीति की चूत मे डिल्डो की हरकत उपर से प्रशांत का लंड. प्रीति उत्तेजित हो प्रशांत के लंड को अपने गले मे ले चूस रही थी. प्रशांत भी उसके मुँह मे लंड पूरा अंदर दे चोद रहा था. अचानक बिना बताए प्रशांत ने अपना लंड उसके मुँह से निकाला और अपना पानी प्रीति की चुचियों पर और चेहरे पे छोड़ दिया. 

में तीन फुट की दूरी पर खड़ा देख रहा था कि आपत्ति जताने के बजाए प्रीति उस के पानी को अपने पूरे चेहरे पे रगड़ने लगी. फिर उसके रस से भरी अपनी उंगलियों को चाटने लगी. उसकी हरकत ने मेरे लंड में जोश भर दिया और में अपने लंड को पॅंट के उपर से रगड़ने लगा. 

जब प्रशांत का पूरा वीर्य झाड़ गया तो वो उठ कर खड़ा हो गया. प्रीति अब भी कुर्सी पर लेटी हुई डिल्डो का मज़ा ले रही थी. प्रशांत ने प्रीति का हाथ पकड़ उसे उठाया और बाथरूम मे ले गया. मेने देखा कि वो एक दूसरे को साफ कर रहे थे. बाथरूम से बाहर आकर प्रशांत ने अपने कपड़े ठीक किए पर जब प्रीति अपने ड्रेस देखने लगी तो पाया कि प्रशांत के वीर्य के धब्बे उसकी ड्रेस पर भी गिर पड़े थे. 

प्रीति को उदास देख प्रशांत ने कहा, "डियर उद्दास नही होते, ऐसा करो जो उस रात तुमने ड्रेस पहनी थी वही पहन लो, तुम पर वो ड्रेस खूब जाँच रही थी." 

प्रीति बेडरूम में गयी और अपनी टाइट जीन्स और टॉप पहन का आ गयी. प्रशांत ने उसे बाहों में भर लिया और उसकी ड्रेस की पीठ की ज़िप खोल दी. उसका टॉप प्रशांत उतार दिया फिर उसे घुमा कर उसकी जीन्स के बटन खोल दिया. उसकी जीन्स नीचे गिर गयी और प्रीति ने उसे पाओ से निकाल दी. माइक प्रीति को लेजाकार उसी कुर्सी के पास खड़ा कर दिया. 

प्रशांत कुर्सी पर बैठ गया और मेरी बीवी उसके सामने नंगी खड़ी थी. उसकी चूत एक दम फूली हुई लग रही थी कारण की वो डिल्डो अभी भी उसकी चूत मे घुसा हुआ था. जैसे ही प्रीति वो डिल्डो बाहर निकालने के लिए अपना हाथ बढ़ाया, "तुम्हे इसे बाहर निकालने की इज़्जजत किसने दी." अब ये साफ हो गया था प्रशांत चाहता था कि वो डिल्डो उसकी चूत मे ही घुसा रहे. 

प्रशांत ने अब उसकी जीन्स अपने हाथों मे ले ली. उसके बदन को सहलाते हुए वो उसे जीन्स पहनाने लगा. प्रीति ने भी अदा से पहले अपनी एक टांग उसमे डाली फिर दूसरी. इसी दौरान एक बार डिलिडो उसकी चूत से फिसलने लगा तो प्रशांत वापस उसे पूरा अंदर घुसा दिया. 

प्रीति ने अपनी टाइट जीन्स उपर खींच उसके बटन बंद करने लगी. पर उसके काफ़ी तकलीफ़ हुई कारण डिल्डो जो उसकी चूत मे घुसा हुआ था. उसने अपना रेड टॉप भी पहन लिया. इतनी टाइट जीन्स मे वो बहोत सेक्सी लग रही थी. प्रशांत और प्रीति पार्टी मे जाने को तय्यार हो गये. 

में भी खिड़की से हटा और हॉल मे आ गया. शराब और शबाब जोरो से चल रही थी. किसी ने ध्यान नही दिया की तीन लोग इतनी देर पार्टी से गायब थे. में बबिता के पास आ गया जो अविनाश और मिनी के साथ बातें कर रही थी. जैसे ही प्रशांत और प्रीति हॉल में आए में अपने आपको उसकी चूत के तरफ देखने से नही रोक पाया. सिर्फ़ में जानता था की उसकी चूत में एक डिल्डो घुसा हुआ है. उसकी जीन्स उस जगह से थोड़ी उठी हुई थी ये मुझे साफ दिखाई पड़ रहा था. पता नही और किस किस का ध्यान इस बात की ओर जाता है. 

प्रीति मेरे पास आई और गले में बाहें डाल कर मेरे होठों को चूम लिया. ऐसा वो सबके सामने करती नही थी पर शायद एक तो चूत में डिल्डो और दूसरा उसकी चूत ने अभी तक पानी नही छोड़ा था इसलिए उसके शरीर में उत्तेजना भरी हुई थी. मेने अंजान बनते हुए प्रीति से पूछा, "तुमने कपड़े क्यों बदल लिए?" 

"बस कपड़ों पर कुछ गिर गया था." प्रीति ने जवाब दिया. कम से कम वो झूठ तो नही बोल रही थी. इतने मे प्रशांत ने मेरी तरफ मुस्कुरा के देखा. उसकी आँखों मे एक शैतानी चमक थी. में समझ गया कि आज रात बहोत कुछ होने वाला है. 

करीब एक घंटे तक प्रीति इस तरह पार्टी में चारों तरफ घूमती रही जैसे कुछ हुआ ही ना हो. चूत मे डिल्डो लिए एक अच्छे मेहमान नवाज़ की तरह सब से मिल रही थी. सबको ड्रिंक्स, स्नॅक्स सर्व कर रही थी. मुझे पता थी कि उसकी चूत में आग लगी हुई है और वो कभी भी पानी छोड़ सकती है. 

इतने में बबिता मेरा हाथ पकड़ अपने साथ डॅन्स करने के लिए ले आई. हम हॉल क एक कोने में डॅन्स कर रहे थे जहाँ ज़्यादा लोग हमारे पास नही थे. में मौके का फ़ायदा उठा अपना हाथ उसकी ड्रेस में डाल उसकी चूत से खेलने लगा. बबिता ने मेरे कान में फुसफुसते हुए कहा, "राज में जानती हू प्रशांत ने प्रीति के साथ क्या किया है. ये उसका पुराना खेल है. वो प्रीति की ऐसी हालत कर देगा कि वो अपनी चूत का पानी छुड़ाने के लिए कुछ भी करने को तय्यार हो जाएगी. पता नही प्रशांत के दिमाग़ में क्या शरारत भरी हुई है. 

इतने में अविनाश ने मेरी बीवी से डॅन्स करने के लिए कहा. प्रीति ने प्रशांत की ओर देखा और प्रशांत ने आँख से इशारा करते हुए उसे जाने को कहा. मेने देखा की प्रीति का बदन मारे उत्तेजना के कांप रहा था. वो बड़ी मुश्किल से अपने आपको रोक रही थी. 

इतने में मिनी ने भी मुझे डॅन्स करने के लिए कहा. में समझ गया कि ये इशारा प्रशांत ने उसे किया है. अब हम चारों अविनाश के पास आ डॅन्स करने लगे. में समझ गया कि प्रशांत के मन में सामूहिक चुदाई का प्रोग्राम है. मिनी इतनी सेक्सी और गरम थी कि मेने उसे चोदने का पक्का मन बना लिया था, पर मुझे प्रीति का नही पता था कि वो अविनाश से चुड़वागी की नही. 

पर मुझे इसकी चिंता नही थी. मुझे पता था कि प्रीति की चूत में इतनी देर से डिल्डो होने की वजह से उसकी चूत की हालत खराब हो चुकी होगी. प्रीति अपनी चूत का पानी छोड़ने के लिए अब किसी घोड़े से भी चुदवा सकती है. 

मिनी ने मेरी तरफ कामुक निगाह से देखा और कहा, "राज आज तक में प्रशांत जैसे मर्द से नही मिली. वो चुदाई की कलाओं में इतना माहिर है कि वो किसी औरत को कोई भी मर्द से चुदवाने को उकसा सकता है." में समझ गया कि वो प्रीति की बात कर रही है. 

हम चार जने ही फ्लोर पर डॅन्स कर रहे थे. मिनी ने धीरे से मेरा हाथ पकड़ कर अपनी चूत पे रख दिया. जैसे ही मेरा हाथ उसकी चूत को छुआ में चौंक कर उछल पड़ा. उसकी भी चूत में एक डिल्डो घुसा हुआ था. 

"ये ठीक वैसा ही है जैसा तुम्हारी बीवी की चूत में घुसा हुआ है." उसने मेरे हाथों का दबाव अपनी चूत पे बढ़ाते हुए कहा. में समझ कि ये सब प्रशांत का काम है. उसने दो औरतों को इतना उत्तेजित कर दिया था कि वो चुदवाने के लिए कुछ भी कर सकती थी. 

नाचते हुए में प्रीति और अविनाश की ओर देखा. अविनाश का एक हाथ मेरी बीवी को चूत पर था और वो उस डिल्डो और अंदर तक उसकी चूत मे घुसा रहा था. फिर मेने देखा कि प्रीति उसका हाथ पकड़ उसे हॉल के बाहर ले जा रही है. में सोच रहा था कि पता नही अब आगे क्या होने वाला है? में भी मिनी को अपने साथ ले उनके पीछे चल दिया. 

प्रीति और अविनाश कमरे में पहुँचे. और उनके पीछे पीछे प्रशांत और बबिता फिर में और मिनी भी कमरे में आ गये. अब ये बात सबपे खुलासा हो चुकी थी कि आज सब एक दूसरे की चुदाई करेंगे. 

मिनी मेरे पास आकर मुझसे सॅट कर खड़ी हो गयी. उसकी आँखों में भी उत्तेजना के भाव थे. लगता था कि प्रशांत ने उसे भी डिल्डो को छूने की मनाही की हुई थी. बॅटरी पे चलता रिमोट उसकी चूत में आग लगाए हुए था. पता नही प्रशांत ने क्या जादू इन दोनो पे किया हुआ था. 

प्रशांत ने भी शायद उनकी आँखों मे छुपी वेदना को पढ़ लिया था, "तुम दोनो चिंता मत करो आज तुम दोनो की चूत से पानी की ऐसे बौछार छूतेगी जैसे इस कमरे में बढ़ आ गयी हो. आज तुम को चुदाई का वो आनंद आएगा कि तुम दोनो जीवन भर याद करोगी." 

"लेकिन प्रीति की पहली बारी है, क्योंकि आज की दावत उसकी तरफ से थी. लेकिन ये बाद मे पहले में चाहता हूँ कि प्रीति अपने क़ाबिले तरीफ्फ मुँह से अविनाश के लंड से एक एक बूँद पानी निचोड़ ले. लेकिन वो अपनी जीन्स नही उतारेगी और नही अपनी चूत पर हाथ रख सकेगी. अगर अविनाश ने इसके काम की तारीफ की तो मे इस विषय पर सोचूँगा. राज और मिनी खड़े होकर उन्हे देख सकते है लेकिन यही बात मिनी पर भी लागू होती है. तब तक में और बबिता मेहमआनो का ख़याल रखेंगे. जब अविनाश का काम हो जाए तो राज मेरे पास आगे क्या करना है पूछ सकता है." इतना कहकर प्रशांत और बबिता वापस हॉल में चले गये. 

प्रीति अविनाश का हाथ पकड़ उसे गेस्ट बेडरूम मे ले गयी. मुझे विश्वास नही आ रहा था कि थोड़े दिन पहले तक जो औरत ने सिवाय मेरे किसी से नही चुडवाया था आज वो फिर एक गैर मर्द का लंड चूसने जा रही है. 

मेने मूड कर मिनी की तरफ देखा उसकी भी हालत खराब थी. मिनी भी रूम की तरफ बढ़ी तो में उसके चुतताड को देखने लगा. कितने गोल और भरे हुए थे. में जानता था कि उसकी चूत मे डिल्डो होने की वजह से वो अपनी टाँगे सिकोड कर चल रही थी. 

जैसे ही हम रूम मे पहुँचे मेने दरवाज़ा लॉक कर दिया. प्रीति उत्तेजना मे इतनी पागल थी की बिना समय बिताए वो घुटने के बल बैठ कर अविनाश की जीन्स के बटन खोलने लगी. वो जानती थी कि जितनी जल्दी वो अविनाश का लंड चूस कर उसका पानी छुड़ाएगी उतनी जल्दी ही उसकी चूत को पानी छोड़ने का मौका मिलेगा. 

प्रीति ने जल्दी जल्दी अविनाश की जीन्स के बटन खोले और उसकी जीन्स और अंडरवेर को नीचे खिसका दिया. जैसे कोई साँप बिल के बाहर आ गया हो उस तरह उसका 10" इंची लंड जो 3" मोटा होगा फुन्कर कर खड़ा हो गया. प्रीति उस विशालकाय लंड को अपने हाथों मे ले सहलाने लगी. 

पर देखने लायक उसके लंड की दो गोलियाँ थी जो टेन्निस बॉल की तरह नीचे लटकी हुई थी. इतनी बड़ी और भरी हुई थी कि शायद पता नही कितना पानी उसमे भरा हुआ है. प्रीति अब उसके लंड को ज़ोर से रगड़ रही थी. उसे पता था कि उसका पति और अविनाश की बीवी उसे देख रहे है. 

में जानता था कि प्रीति के घुटनो के बल बैठते ही डिल्डो और अंदर तक उसकी चूत में घुस गया था. प्रीति ने अपनी ज़ुबान बाहर निकली और उसके लंड के सूपदे पे घूमने लगी. मेरे और मिनी के शरीर में गर्मी बढ़ती जा रही थी. मिनी ने मेरी गले में बाहें डाल मेरे होठों को चूसने लगी. उसके जिस्म मे फैली आग और बदन से उठती खुश्बू मुझे पागल कर रही थी. मेने भी उसे सहयोग दे अपनी जीब उसके मुँह में डाल घूमने लगा. 

में उसके होठों और जीब को चूस रहा था तो वो अपनी टाँगे फैला मुझसे बोली, "राज मेरे बदन को सहलाओ ना प्लीज़." मेने उसकी ड्रेस के सामने की ज़िप को नीचे कर दिया और उसकी चुचियों को बाहर निकाल लिया. उसके निपल इतने काले थे कि क्या बताउ. मेने उसकी एक चुचि को अपने हाथों मे पकड़ रगड़ने लगा और चूसने लगा. उसके शरीर की कपन बता रही थी कि उसने अपने आप को मुझे सौंप दिया था लेकिन में उसकी चूत से नही खेल सकता था. 

मेने उसकी पॅंटी के उपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा और अपने हाथ के दबाव से डिल्डो को और अंदर की तरफ धकेल दिया. में उसकी पॅंटी को उतार उसकी चूत को छूना चाहता था पर उसने मुझे रोक दिया, "राज नही शर्त का उसूल है कि तुम उसकी बात को टालोगे नही." 

मेने घूम कर प्रीति की तरफ देखा कि वो क्या कर रही है. मेने देखा की प्रीति अपने मुँह को खोले अविनाश के लंड को चूस रही है और एक हाथ से उसकी गोलियों को सहला रही है. इतने में ही प्रीति ने अपने मुँह को पूरा खोला और अविनाश के 10" इंची लंड को पूरा अपने गले तक ले लिया. अब उसके होंठ अविनाश की झांतो को छू रहे थे. प्रीति धीरे से अपने मुँह को पीछे की ओर करके उसके लंड को बाहर निकालती और फिर गॅप से पूरा लंड ले लेती. 

प्रीति के दोनो छेद में लंड घुसा हुआ था. असली 10"इंची लंड उसके मुँह मे और नकली प्लास्टिक का 11" इंची उसकी चूत मे. 

प्रीति अब जोरों से अविनाश के लंड को चूस रही थी. मेरी और मिनी की आँखें इस दृश्या से हटाए नही हट रही थी. इतने मे मिनी भी घुटनो के बल बैठ कर मेरी जीन्स के बटन खोलने लगी. उसके घुटने को बल बैठते ही डिल्डो उसकी चूत के अंदर तक समा गया और उसके मुँह से सिसकारी निकल पड़ी, "आआआआअहह" 

मिनी ने मुझे घुमा कर इस अंदाज़ मे खड़ा कर दिया कि में उसके पति के सामने खड़ा था. अब वो मेरा लंड अपने मुँह मे ले जोरों से चूस रही थी. दोनो औरतें अपनी चूत में डिल्डो फँसे किसी मर्द का लंड का चूस रही थी. आज की शाम प्रीति के लिए अविनाश दूसरा मर्द था जिसका लंड वो चूस रही थी और मेरे लिए मिनी दूसरी औरत. एक की मेने गांद मारी थी और दूसरी मेरा लंड चूस रही थी. 
क्रमशः............... 
















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