Saturday, November 5, 2011

लंड चूसने और चुसवाने की विधी

हिंदी सेक्सी कहानियाँ

लंड चूसने और चुसवाने की विधी
इस धरती पर शायद ही ऐसा कोई पुरुष होगा जिसे अपना लंड चुसवाना अच्छा नहीं
लगता होगा। ज़्यादातर लोग इसकी कामना ही करके रह जाते हैं क्योंकि उनकी
पत्नी या प्रेमिका इस क्रिया में दिलचस्पी नहीं रखतीं। कुछ लड़कियां इसे
गन्दा समझती हैं और कई ऐसी हैं जिन्हें पता नहीं कि क्या करना होता है।

सबसे ज़रूरी जानने योग्य बात तो यह है कि लंड चूसना एक सुरक्षित क्रिया
है जिससे लड़की को कोई भय नहीं होना चाहिए। लंड चूसने से वह गर्भ धारण
नहीं कर सकती और अगर वह कुंवारी है तो अपने कुंवारेपन को कायम रखते हुए
अपने प्रेमी को अद्भुत आनंद प्रदान कर सकती है। पुरुष के लिए यह सम्भोग
के समान आनंद-दायक क्रिया होती है। अगर उसकी प्रेमिका प्यार से उसका लंड
चूसती रहे तो उसे सम्भोग की कमी महसूस नहीं होगी। उधर लड़की को भी
इसक्रिया में बहुत आनंद आ सकता है बशर्ते उसे सही तरीका आता हो और उसके
मन में इस क्रिया के प्रति कोई गलत धारणाएँ ना हों।

इस लेख के द्वारा मैं लड़कियों के लिए लंड चूसने और लड़कों के लिए लंड
चुसवाने की सही विधि बताऊँगा जिससे आप इस अति-सुखदायक क्रिया का पूरा
आनंद उठा सकेंगे। इस क्रिया में ज्यादा सक्रिय भूमिका लड़की की होती है और
लड़के को आनंद उठाने के अलावा कुछ ज्यादा नहीं करना होता। ठीक इसी प्रकार
चूत चुसवाने की क्रिया भी होती है जिसमे लड़का क्रियाशील होता है और लड़की
सिर्फ आनंद उठाती है। चूत चुसवाने और चूसने की विधि अगले लेख में
प्रस्तुत करूंगा।

तैयारी- पुरुष की

लंड चुसवाने के लिए यह अत्यंत ज़रूरी है कि लंड और उसके आस-पास का इलाका
एकदम साफ़-सुथरा होना चाहिए। यह हर पुरुष की ज़िम्मेदारी है कि अपने लिंग
को हर समय साफ़ रखे, ख़ास तौर से यौन-संसर्ग के समय। यह उस समय और भी
ज़रूरी हो जाता है जब अपने लिंग को किसी के मुँह में डालने की उम्मीद
रखते हों। लंड सफाई को एक मजेदार रूप दिया जा सकता है अगर आप के पास
बाथरूम की सहूलियत है या तो अपने लिंग को आप खुद पानी से धो कर साफ़ कर
सकते हो या आपकी प्रेमिका यह कर सकती है। वैसे भी मैथुन से पहले साथ-साथ
स्नान करना बहुत अच्छा रहता है। स्नान के दौरान एक दूसरे के शरीर के साथ
खिलवाड़ कर सकते हैं और सम्भोग के लिए उत्तेजना पैदा कर सकते हैं।
साथ-साथ स्नान एक बहुत ही मज़ेदार रति-क्रिया हो सकती है। लिंग साफ़ करते
वक़्त लंड के सुपारे की ऊपरी परत को अच्छे से खोल कर साफ़ करें और नाभि से
नीचे तथा जाँघों से ऊपर के सभी हिस्से साफ़ कर लें। ख़ास तौर से चूतड़ और
गांड के छेद को भी धो लें। लड़की को लंड चूसते वक़्त तुम्हारी निम्न शरीर
की कोई दुर्गंध नहीं आनी चाहिए। अगर पहली बार में दुर्गंध आएगी तो वह
दुबारा कभी लंड चूसने के लिए राज़ी नहीं होगी।

बेहतर होगा अगर लड़के अपने जघन के बालों (अंडकोष के आस-पास के बाल) को
क़तर के थोड़ा छोटा कर लें। यह ज़रूरी नहीं है लेकिन ऐसा करने से लड़की को
सहूलियत होगी। ध्यान रखें कि बाल ज्यादा छोटे नहीं काटें नहीं तो लड़की के
मुँह में चुभेंगे।

तैयारी- लड़की की

पहली बार लंड चूसने के लिए सबसे महत्वपूर्ण तैयारी मानसिक होती है जिसमें
लंड के प्रति गलत धारणाओं को मन से निकालना होगा। लंड अगर साफ़ सुथरा हो
तो एक अत्यंत प्यारा और रोचक अंग होता है। किसी भी आदमी के लंड के कई रूप
होते हैं और यह अलग-अलग अवस्थाओं में अपना रूप, आकार और माप बदलता रहता
है। यह छोटा और बड़ा हो सकता है, सख्त या मुलायम हो सकता है और लचीला या
कठोर हो सकता है। लंड अपना रूप अपने आप बदलता है और इसमें पुरुष की मर्ज़ी
नहीं चलती। अच्छा ही है क्योंकि अगर पुरुष अपनी मर्ज़ी से अपने लंड को खडा
कर पाता तो लड़कियों के लिए जीवन दूभर हो जाता।

साफ़ सुथरे लंड में कोई दुर्गंध नहीं होती और चूत के मुक़ाबले इसमें से कोई
द्रव्य नहीं रिसता जब तक वह वीर्य नहीं उगलता।

लड़कियों को यह भी पता होना चाहिए कि जब एक लंड उत्तेजित हो जाता है
(यानि खड़ा हो जाता है) तो उसकी पेशाब की नली बंद हो जाती है और वह मूत्र
नहीं कर सकता। कहने का मतलब कि वह तुम्हारे मुँह में पेशाब नहीं कर सकता।
उत्तेजना के बाद जब लंड शिथिल पड़ जाता है तो भी पेशाब करने के लिए कुछ
समय लगता है। तो यह डर भी लड़कियों को नहीं होना चाहिए।

मानसिक तौर से लड़कियों को लंड से प्यार करना चाहिए क्योंकि शरीर के
दूसरे अंगों की माफ़िक़ इसको भी चूमा और चूसा जा सकता है। बहुत सी लड़कियां
तो लंड चूसने में बहुत मज़ा लेती हैं। मानसिक तैयारी के अलावा कोई ख़ास
तैयारी लड़कियों को नहीं करनी होती। अगर तुम चाहो तो एक अभ्यास कर सकती
हो जिससे उत्तेजित लंड को पूरा चूसने में कठिनाई नहीं होगी।

मुँह का अभ्यास

इस अभ्यास का उद्देश्य धीरे धीरे अपने मुँह के आकार को बड़ा करना है
जिससे एक पूरा मर्दाना लंड तुम्हारे मुँह में समा जाये और तुम्हें दम
घुटने या सांस रुकने की समस्या ना हो। इसके लिए तुम्हें कुछ समय तक
अभ्यास करना होगा क्योंकि यह योग्यता अचानक नहीं आ सकती। लेकिन इसका मतलब
यह नहीं है कि तुम अभी से लंड नहीं चूस सकती हो। लंड तो चूस सकती हो
लेकिन इसमें महारत हासिल करने के लिए मुँह और गले को इस काबिल बनाना होगा
कि 5-7 इंच का तना हुआ लंड मुँह में निगल सको। यह लंड चूसने की उन्नत
स्थिति है और हर लड़की को इसे पाने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि इस कला को
पाने के बाद तुम किसी भी मर्द को अपने वश में आसानी से कर सकती हो।

इसके लिए तुम्हें क्रमशः बढ़ते हुए आकार के ऐसे फल या सब्जियाँ चाहिएँ
जिन्हें तुम मुँह में ले सकती हो। इनमें केला, खीरा, ककड़ी, लम्बे बैंगन
इत्यादि उचित हैं। शुरू में छोटे आकार के फल इस्तेमाल करें और धीरे धीरे
एक विकसित लंड के आकार से थोड़े बड़े आकार के फल के साथ अभ्यास करें।

अभ्यास करने के लिए जीभ को बाहर रखते हुए फल को मुँह के जितना अन्दर डाल
सकती हो डाल कर अन्दर-बाहर करो। जब एक आकार के फल के साथ मुँह की क्षमता
हासिल हो जाए तो उससे थोड़े बड़े आकार के फल के साथ अभ्यास करो। शुरू में
मुश्किल होगी लेकिन धीरे-धीरे मुँह आदि हो जायेगा और 6-7 इंच लम्बे और
2-3 इंच चौड़े आकार के केले या खीरे अपने मुँह में ले पाओगी। जब ऐसा हो
जाये तो तुम्हारा अभ्यास पूरा हो गया है और तुम अपने आदमी को अपने अधीन
करने के लिए तैयार हो। ध्यान में रखने वाली बात यह है कि हमारी जीभ हमारे
मुँह में काफी जगह ले लेती है।इसे जितना बाहर रखा जाये तो मुँह में लंड
के लिए उतनी ज्यादा जगह बनेगी और लंड उतना ज्यादा अन्दर लिया जा सकता है।

लंड चूसने के लिए आसन

लण्ड चूसने के लिए कुछ सामान्य आसन इस प्रकार हैं। जब थोड़ा सामर्थ्य आ
जाये तो अपनी मर्ज़ी से नए नए आसन बना सकते हो।

1- लड़का खड़ा हो और लड़की घुटने के बल बैठ कर लंड मुँह में ले।

2- लड़का बिस्तर पर लेटा हो और लड़की उसके पाँव की तरफ बैठी हो और आगे झुक
कर लंड मुँह में ले।

3- लड़का बिस्तर पर लेटा हो और लड़की उसके सीने पर उसकी तरफ पीठ करके बैठी हो।

4- लड़की बिस्तर पर लेटी हो और लड़का ऊपर से आ कर उसके मुँह को लंड से
चोदने की स्थिति में हो।

5- लड़का लड़की दोनों लेटे हों और दोनों के गुप्तांग परस्पर एक-दूसरे के
मुँह के पास हों। (69 अवस्था)

पहली पहली बार लंड चूसने के लिए बताया गया दूसरा या तीसरा आसन बेहतर
रहेगा क्योंकि इसमें लड़की अपनी मर्ज़ी के मुताबिक़ कार्यवाही कर सकती है।
पहले और चौथे आसनों में लड़का आक्रामक हो सकता है। अतः इसे थोड़े अभ्यास
के बाद और भरोसे वाले लड़के के साथ ही करना चाहिए। पाँचवा आसन तब ग्रहण
करना चाहिए जब दोनों परस्पर एक-दूसरे के गुप्तांग चूसना चाहते हों।

लंड से जान-पहचान

अगर तुम लंड को पहली बार इतना नज़दीक से देख रही हो या पहली बार छू रही
हो तो इसे बेझिझक हाथ में लेकर इसका निरीक्षण करो। उसको हर तरफ से उठा कर
और घुमा कर देखो। अगर लंड खता हुआ नहीं है (कई पुरुषों की शिश्न-मुण्ड के
ऊपर की त्वचा कटी होती है, इसे ही खता हुआ कहते हैं) तो उसके सुपारे के
ऊपर की चमड़ी पीछे खींच कर सुपारे को उघाड़ कर देखो। सुपारे के शीर्ष पर
एक छेद होगा जिसमें से वीर्य और पेशाब दोनों निकलते हैं पर एक समय पर
सिर्फ एक ही निकल सकता है। जब लंड खड़ा होता है तो पेशाब नहीं निकल सकता
और जब शिथिल होता है तो आम तौर पर वीर्य नहीं निकलता।

लंड का सुपारा सबसे संवेदनशील हिस्सा होता है ख़ास तौर से अगर वह खता हुआ
नहीं है तो। खते हुए लंड तुलना में कम संवेदनशील होते हैं। लंड के छड़ की
त्वचा मुलायम होती है और सुपारे के मुक़ाबले में कम नाज़ुक होती है। लंड की
जड़ के पास दो अंडकोष होते हैं जिनकी त्वचा खुरदुरी होती है और वे पूरी
तरह बालों से ढके होते हैं। अंडकोष में वीर्य रहता है और वे ठण्ड में
सिकुड़ कर और गर्मी में फैल कर वीर्य को सही तापमान पर रखते हैं। अंडकोष
भी बहुत संवेदनशील होते हैं। हालाँकि लंड के मुक़ाबले इनमें स्पर्श-बोध कम
होता है लेकिन ज़ोर से दबाने से या चोट लगने से इनमें बहुत दर्द होता है।
लंड चूसते समय अंडकोष को भी चूसा जा सकता है लेकिन इनको मुँह में लेते
वक़्त सावधानी बरतनी चाहिए।
चूसने की विधि

लंड चूसने के लिए उससे प्यार होना ज़रूरी है। अगर लंड को प्यार से देखोगे
और उसे प्यार से सहलाओगे तो तुम्हें लंड अच्छा लगने लगेगा। जो चीज़ अच्छी
लगती है उसे आसानी से चूमा जा सकता है। चूसने की शुरुआत करने के लिए अपनी
पसंद का आसन ग्रहण करके अपने को आरामदेह अवस्था में कर लो। मेरी राय में
दूसरा या तीसरा आसन ठीक रहेगा।

लंड को हाथ में लेकर उसको सहलाने के बाद उसे अपने मुँह के पास ले आओ और
उसको नजदीक से देखो तथा उसकी गंध को महसूस करो। तुम्हें यह अच्छा लगेगा।
अब उसको अपने होटों से चूमना शुरू करो। लंड की छड़ से शुरू करना ठीक
रहेगा और पहले नीचे की तरफ अंडकोष तक छोटी छोटी पुच्चियाँ लेने के बाद
ऊपर की तरफ सुपारे तक पुच्चियाँ करो। यह शुरू की पुच्चियाँ सूखी हो सकती
हैं। पुच्चियों से पूरा लंड ढकने के बाद जीभ से लंड की छड़ को चाटना शुरू
करो। ऐसा करते वक़्त जीभ गीली होनी चाहिए जिससे लंड गीलापन महसूस करे।
लंड के छड़ का निचला हिस्सा काफी मार्मिक होता है और जीभ के स्पर्श से
लड़के को बहुत उत्तेजना मिलेगी। लंड की छड़ को सब तरफ से अच्छी तरह से
चाट-चाट कर गीला कर लो। और फिर उसके सुपारे को अपने होटों के बीच में
लेकर उसकी चुम्मी ले लो। ज्यादातर लंड ऐसा करने से अपनी शिथिल अवस्था
त्याग कर बढ़ने लगेंगे।

अब सुपारे को हल्के से होटों से पकड़ लो और जीभ को पैना करके से उसके
शीर्ष पर छोटे-छोटे वार करो। चार-पांच बार वार करने के बाद जीभ को सुपारे
के चारों ओर घुमाओ। अगर लंड अभी भी शिथिल अवस्था में है तो उसे एक हाथ से
पकड़ कर रखो पर अगर वह कड़क हो गया है तो हाथों से पकड़ने की ज़रुरत नहीं
है। जब लड़की लंड को केवल मुँह से नियंत्रण में रखती है तो ज्यादा आनंद
आता है।

सुपारे के चारों तरफ तीन-चार बार जीभ घुमाने के बाद लंड को मुँह में लेने
का समय आ जाता है। अगर शिथिल है तो लंड को मुँह में लेने में लड़की को
आसानी भी होती है और मज़ा भी आता है। मज़ा इसलिए ज्यादा आता है क्योंकि
पूरा लंड अन्दर ले पाती हैऔर फिर जब लंड जोश में आता है तो मुँह के अन्दर
ही उसकी वृद्धि होती है जो कि लड़की महसूस कर सकती है। लंड की अवस्था के
अनुसार उसे जितना मुँह में ले सको ले लो और फिर अपना सिर हिला कर लंड को
मुँह से अन्दर-बाहर करो। इससे लड़के को चुदाई का सा मज़ा आएगा।

जब लंड मुँह में जाने लगे तो जीभ से सुपारे के छेद को छूने से लड़का
मतवाला हो जायेगा। बाहर निकालते वक़्त जब सिर्फ सुपारा मुँह में रह जाए
तो मुँह को बंद करके उसको जकड़ लो जिससे बाहर न आ सके। इस तरह मुँह से
चोदने में लड़के को बहुत मज़ा आएगा और तुम्हें भी अच्छा लगेगा। अगर मुँह थक
जाये तो लंड को मुँह से बाहर निकाल कर उसकी छड़ को होटों और जीभ से प्यार
कर सकती हो और चाट सकती हो।

ज्यादातर लड़कों को चुसवाने के समय सूखापन अच्छा नहीं लगता इसलिए लंड को
अपने मुँह से गीला रखना चाहिए।

चूसने में विविधता

लंड को लॉलीपॉप की तरह भी चूस सकते हैं। इसमें विविधता लाने के लिए और
चूसने में और मज़ा लाने के लिए कई तरह के फेर-बदल कर सकते हैं। लंड के
सुपारे पर शहद, जैम, आइस क्रीम, या कोई भी ऐसी चीज़ जिसका स्वाद तुम्हें
पसंद हो, लगा सकते हैं और फिर उसको चूस सकते हैं। इस से लड़के और लड़की
दोनों को मज़ा आ सकता है। लंड चुसवाने में लड़कों का आत्म-नियंत्रण
सामान्य सम्भोग के मुकाबले जल्दी ख़त्म हो जाता है क्योंकि इसमें उन्हें
ज़्यादा सुख का अनुभव होता है। अतः वे जल्दी ही वीर्य-पात कर देते हैं।

वीर्य का क्या करें?

बहुत सी लड़कियों को यह समझ नहीं आता कि वीर्य का क्या किया जाये। जहाँ
तक लड़कों का सवाल है वे तो यही चाहते हैं कि जब वे चरमोत्कर्ष पर
पहुंचें और अपना लावा लड़की के मुँह में उगलें तो लड़की उस लावे को मुँह
में न केवल ग्रहण करे बल्कि ख़ुशी-ख़ुशी उसे पी भी जाये। इस अकेले कार्य
से लड़कों को सेक्स की सभी क्रियाओं के मुकाबले में से सबसे ज्यादा ख़ुशी
मिलती है। एक तो ख़ुशी इस बात की कि उनका वीर्य लड़की ग्रहण कर रही है और
दूसरी बात यह कि वीर्य स्खलन के वक़्त लंड मुँह से निकालने की ज़रुरत
नहीं होने से चरमोत्कर्ष के आनंद में कोई बाधा या रुकावट नहीं होती। वे
अपना आनंद बिना रोक-टोक के उठा पाते हैं। अगर लड़की वीर्य-पान नहीं करती
तो सबसे आनंदमयी मौके पर लड़के को लंड बाहर निकालना पड़ता है और इससे उसके
सुख में विराम लग जाता है।

मेरी राय में तो लड़कियों को वीर्य-पान कर लेना चाहिए। एक तो ऐसा करने से
वे अपने प्रेमी के ऊपर बहुत बड़ा उपकार कर देंगी जिसका बदला वे किसी और
रूप में निकाल सकती हैं। दूसरे, वीर्य को पीने से इधर-उधर इसका छिड़काव
नहीं होगा जिसको बाद में साफ़ नहीं करना पड़ेगा।

वीर्य को पीने से कोई हानि नहीं है; बल्कि देखा जाये तो इसमें तरह तरह के
पौष्टिक पदार्थ प्रोटीन होते हैं। हाँ, इसको पीने के लिए इसके स्वाद को
पसंद करने की ज़रुरत होगी जो कि आसानी से विकसित की जा सकती है।

कहते हैं, हमें खाने में वे ही चीज़ें पसंद आती हैं जो हम बार बार खाते
हैं। इसीलिए जो खाना हमें पसंद आता है वह अंग्रेजों को पसंद नहीं आता
क्योंकि उन्होंने यह खाना बार बार नहीं खाया होता। बार बार कोई चीज़ खाने
से उसके लिए जीभ में स्वाद पैदा हो जाता है और वह हमें अच्छी लगने लगती
है। यही बात हमारे संगीत के प्रति रूचि के लिए भी लागू होती है। जो गाने
हम बार बार सुन लेते हैं वे अच्छे लगने लगते हैं।

तो वीर्य के स्वाद को पसंद करने के लिए ज़रूरी है कि इसे बार बार पिया
जाये। इसका स्वाद ज्यादातर माँ के दूध की तरह नमकीन सा होता है और इसमें
एक अनूठी गंध होती है जो कि कई लड़कियों को कामुक लगती है। हो सकता है
पहली बार इसका स्वाद और गंध अच्छा ना लगे पर एक-दो बार के बाद ठीक लगने
लगेगा और फिर बाद में तो स्वादिष्ट लगने लगेगा।

तो लड़कियों को चाहिए कि वीर्य-पान की आदत डालें जिससे उन्हें भी अच्छा
लगे और उनके प्रेमी को भी वश में कर सकें। बस एक-दो बार इसका पान करने से
झिझक निकल जायेगी और फिर कोई दिक्कत नहीं आएगी। मुझे तो वीर्य-पान में
कोई भी नुक़सान नज़र नहीं आता।

पूरे लंड को निगलना

(लिंग का गले के अन्दर तक पहुँचाना)

जब लंड चूसने में थोड़ी महारत हासिल हो जाए तो अगली क्रिया है पूरे लंड को
निगलना। इसके लिए जो पहले अभ्यास बताये गए हैं वे करने बहुत ज़रूरी हैं
क्योंकि इसमें सफलता हासिल करने के लिए मुँह में लंड के समावेश की क्षमता
बढ़ानी होगी। अगर औसत मुँह और औसत लंड के माप देखे जाएँ तो ज्यादातर
लड़कियां लंड निगलने में कामयाब हो जाएँगी। ज़रुरत है तो बस दृढ़ निश्चय
और आत्मविश्वास की। इसमें लड़कों के सहयोग की बहुत ज़रुरत होगी क्योंकि
उन्हें धीरज से काम लेना होगा और अपने ऊपर नियंत्रण रखना होगा। अगर वे
जल्दबाजी करेंगे तो लड़की का गला घुट सकता है। इस क्रिया को लड़की की मर्ज़ी
के मुताबिक ही करना चाहिए।

आसन

इस क्रिया के लिए पहला या चौथा आसन उपयुक्त रहेंगे। शुरू-शुरू में आसन
पहला ही बेहतर रहेगा क्योंकि इसमें लड़की पूरी कार्यवाही पर नियंत्रण रख
सकती है। जब थोड़ा अनुभव हो जाये तो चौथाआसन इस्तेमाल कर सकते हैं जिसमें
लड़का चाहे तो थोड़ा आक्रामक रवैया अपना सकता है।

विधि

लड़की को अपना मुँह पूरा खोलना चाहिए और अपनी जीभ चपटी करके जितना बाहर
निकाल सकती है, निकाल कर लंड को मुँह में लेना चाहिए। अब धीरे धीरे लंड
को जितना ज़्यादा अन्दर ले सकती है लेने की कोशिश करनी चाहिए। लड़का इसमें
उसकी मदद कर सकता है। उसे चाहिए कि बिना जोर-जबरदस्ती किये लंड को अन्दर
डालने में सहयोग करे। शुरू में लड़की को ऐसा लग सकता है कि उसके लिए पूरा
लंड निगलना मुमकिन नहीं है। पर कोशिश करने से सफलता मिल जायेगी यदि लंड
बहुत ज़्यादा बड़ा ना हो।

लंड जितना अन्दर हो सकता है, उतना लेने के बाद उसे बाहर निकाल लो। फिर
पिछली बार के मुकाबले थोड़ा और ज़्यादा अन्दर लेने कि कोशिश करो और फिर
बाहर निकाल लो। इसी तरह धीरे-धीरे प्रगति करते हुए लंड को पूरा निगल सकते
हैं। ध्यान रहे कि सिर्फ मुँह के अन्दर केवल छोटा या शिथिल लंड ही आ सकता
है। औसत आकार का उत्तेजित लंड सिर्फ मुँह में नहीं समां सकता। उसे पूरा
अन्दर करने के लिए उसे गले में उतारना होगा। शुरू में यह ना-मुमकिन लगता
है पर इतना कठिन नहीं है। लेकिन अगर लंड का माप अत्यधिक बड़ा है या फिर
लड़की छोटी है तो ज़बरन यह क्रिया नहीं करनी चाहिए। लंड को किस हद तक
अन्दर ले सकते हैं, इसका निर्णय लड़की पर छोड़ देना चाहिए। अगर वह सुखद
महसूस नहीं कर रही तो रोक देना चाहिए।

उन्नत तकनीक

जब इस तरह लंड चूसने में दक्षता हासिल हो जाए और जब इसमें भी कोई तक़लीफ़
ना हो तो अगले चरण की तरफ बढ़ सकते हैं। इसमें लड़का लड़की के मुँह की
चुदाई करता है। इसके लिए चौथा या पाँचवा आसन इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन
सबसे कारगर चौथा आसन है क्योंकि इसमें लड़का सबसे ज्यादा गहरा प्रवेश पा
सकता है और अपने वारों पर नियंत्रण कर सकता है। इस क्रिया में लड़की का
कोई नियंत्रण नहीं होता और उसकी भूमिका एक शांत प्राप्तकर्ता की होती है।
उसे अपने आदमी की ख़ुशी के लिए उसके वारों को ख़ुशी से झेलना चाहिए। अगर
आदमी के वार सहन ना हो सकें तो उसे बता देना चाहिए ताकि वह नियंत्रित हो
जाये। लड़कों को चाहिए कि अपनी ख़ुशी के नशे में वे अपने साथी की भावनाओं
और ख़ुशी का ध्यान रखे और उसे तकलीफ ना पहुंचाए। उसे यह नहीं भूलना चाहिए
की वह लड़की के मुँह को चोद रहा है, उसकी चूत को नहीं।

निष्कर्ष

मुझे आशा है इस विधि को इस्तेमाल करके लड़के-लड़कियां एक बहुत ही मज़ेदार
और सुखदायक क्रिया का आनंद उठा पाएंगे। लड़कियों को चाहिए की वे लंड से
प्यार करना सीख लें और लड़कों को चाहिए कि अपने लिंग को साफ़ रखें और लड़की
की इच्छाओं का सम्मान करें।

सबको लंड चूसने और चुसवाने की शुभ-कामनाएं


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