Friday, March 11, 2016

FUN-MAZA-MASTI जो भी करना है जल्दी करो

FUN-MAZA-MASTI

जो भी करना है जल्दी करो

जैसे की आप लोग जानते है की बिज़्नेस गुजरातियों की खून मे है.पापा के बिज़्नेस मे हाथ पता के मैने टेक्सटाइल बिज़्नेस की सारी ट्रिक्स समझ लिया था.मे अब हमारी फॅक्टरी मे प्रोड्यूस्ड कपड़ों से रीडीमेड गारमेंट्स का नया बिज़्नेस शुरु कर रहा हू और इसके लिए आमेडबॅड मे नया शोरुम खुल रहा है.हमारे ब्रॅंड्स के कपड़े देसी होने से सस्ते थी लेकिन फोरिएज्ञ ब्रॅंड्स मे क्वालिटी मे कम नही थी.मैने एक्सपेरिमेंट्स के तौर पर लॅडीस कुराती,लेगैंग्स,यहाँ तक की डिज़ाइनर ब्रा पैंटी की प्रोडक्षन और सेल्स शुरु कर दिया.मैं रिज़ल्ट देख कर हैरान था हमारे ब्रांड ब्रा पैंटी को होमे डेलाइवरी के लिए ऑर्डर आ रहे थी.इस तरह हम लोग गुजरात टेक्सटाइल इंडस्ट्री का एक डॉमैनेटिंग पार्ट बन गये.घर मे सब मेरी सक्सेस से खुश थी.पापा और मम्मी मेरे लिए लकड़ी ढुंड. ने लगे.पापा के दोस्त और पूरेाने टेक्सटाइल बिज़्नेस मन मिस्टर.प्रफुल पटेल अपनी छोटी बेटी ऋतु का रिश्ता मेरे लिए लेकर हमारे घर आए.उन्होने मेरे बिज़्नेस मॅनेज्मेंट और मार्केट अनलयज़त्िओं की तारीफ की.हम लोग भी डटे फिक्स कर के ऋतु के घर गए.
वहाँ पे हम लोगों का वॉर्म वालेकम किया गया.ऋतु की मा म्र्स राशि पटेल ने मेरे मॉमी और पापा को कोल्ड ड्रिंक्स दिया और बातें करने लगे.ऋतु के जीजू मिस्टर.अजय पटेल ने मुझ से हाथ मिलाया और मुझ से पूछा बिमल बाबू और रास्ते मे आने मे कोई प्राब्लम तो नही हुई?मैने मना किया.फिर बोले हम लोग तो बिंदास सादु बनने बालें है.वैसे आप बहुत कूल हो.मैने पहली बार किसी बिज़्नेसमॅन को इतना हासमुख देख रहा हू.मैने कहा अजय जी मैं कॅप्तन धोनी का फन हू.मैं भी बिज़्नेस मे कूल माइंडेड मॅनेज्मेंट मे बिसवास रखता हू.
कुछ देर बाद ऋतु हमारे लिए समोसे लेके अपनी बड़ी बहें दिव्या के साथ आई और मॉमी पापा के के पर च्छुए.दोनो बहनो के देख के मे शॉक्ड रही गया.दोनो के दोनो दूध की तरह गोरी चिकनी और बहुत खूबसूरात थी.हाला की दिव्या ऋतु से थोड़ी चब्बी थी लेकिन खूबसूराती के मामले मे कोई किसी से कम नही थी.मे सोच रहा था की क्यों ना दोनो बहनो को शादी कर लॅंड और हनिमून भी मनाओ.मैने अपने माइंड पर काबू रखा.फिर ऋतु और मुझ को दिव्या दीदी और अजय भाई दूसरे कमरे मे लेगाए.वहाँ पे दिव्या दीदी ने मेरी अच्छी क्लास लिया.फिर वो जान गई की मे एक सारीफ़,और सॅचा बंदा हू और ट्रडीशनल ख्यालों वाला.फिर ऋतु और मुझे कुछ देर के लिए अकेला चोद दिया गया.ऋतु पहले सर्मा रही थी.फिर मैने कहा ऋतु इतना सर्मा ने की कोई बात नही म भी पहली बार किसी लड़की को देखने आ रहा हू और नर्वस भी हू.वैसे हमारा रिश्ता प्री स्टेज मे है.दो यू लाएक मे?वो बोली ई‚म नाउ न्यूट्रल अबौट इट.ई नो यू अरे वेरी चार्मिंग,सक्सेस्फुल,हमोवुवरस और अट्रॅक्टिव पर्सनॅलिटी,बट वी शुड नो ईच अदर फर्स्ट.फिर उसने पूछा विल यू ब माई फ्रेंड?मैने ओफ्कोर्स सेंॉरिता.वो हंस ने लगी वो बोली सेंॉरिता?मैने कहा यप गर्ल्स अरे कॉल्ड सेंॉरिता इन इंग्लीश.फिर वो बोली सो मिस्टर.चार्मिंग कॅन ई गेट उर सेल नो?मैने कहा मेडम यू शुड हॅव आस्क्ड फॉर मूह ओर स्टार्स.वो हसने लगी और बोली डॉन‚त बे सो फिल्मी मिस्टर डॅशिंग.मैने सेल नो एक्सचेंज किया.इसके बाद उसी दिन पंडितजी नेक्स्ट सनडे को ऋतु और मेरी एंगेज्मेंट फिक्स किया.हमारी शादी का डटे तीन महीने बाद थी.फिर अचानक एक दिन ऋतु ने मुझे फोन कर के बोला बिमल तुम आज आफ्टरनून को हरेकृष्णा टेंपल आ सकते हो?मैने कहा या मेडम.ई हॅव मिस्ड माई ब्यूटिफुल फ्रेंड सो मच.वो हसने लगी हां मिस्टर.डॅशिंग आप का इंतेज़ार करूँगी.मेरे हार्ट का राते 10 गुना बढ़ता से चल रहा था.मैं ऑफीस मे बार बार घड़ी की तरफ देख रहा था.फिर इंतेजर की घड़ी ख़त्म हुई.मुझे एक तरकीब सूझी,क्यों ना ऋतु को चिढ़या जाए.मैने क्या किया एक आर्मी प्रिंट का 3/4 त पेंट(लाएक जॉन सीना)पहना और एक टी-शर्ट पहन ली.फिर मैने कॉलेज बेग लिया.उसके बाद मैने अपने दुकान के लड़के से साएकल माँग के लेके गया.वो बोला बिमल भाई ये क्या हे !!!!(इन शॉक) आप तो पूरे कॉलेज जाना वाला छोरा लग रहे है.और कहा जा रहे है?मैने कहा दोस्त?वो बोला लड़का या लड़की?मैने कहा तुझे इससे क्या काम?उसने कहा लड़की होगी आप के फेस का राँग बता रहा है.मैं हंस के चला गया जाते वक़्त एक कॅप पहन लिया.मे करीब 45 मिनट बाद मंदिर पे पहुँचा.ऋतु एक ग्रीन कलर की सलवार पहेनी थी और पड़ी लग रही थी.वो बेचेनी से इधर उधर भटक रही थी. मैने पीछे धीरे जा कार उसके पीछे साएकल लेके खड़ा हो गया.मैने बोला मौसी ये जिग्नेश भाई का घर किधर है.वो इधर उधर देखी.फिर मैने टोने चेंज कर के बोला हाँ आप ग्रीन ड्रेस वाली मौसी.वो गुस्से मे लाल हो गई.वो बोली तुझे मे मौसी लगती हू?मौसी तेरी मा बहें तेरे बुआ,तेरा कुत्ता.मैने टोपी के नीचे सार झुका के कॉमेंट मार दी बुधिया साथिया गई है.ऋतु अब मा दुर्गा के अवतार लेके अपनी सॅंडल निकली.और फिर मेरा कलर पकड़ लिया.लोग जमा हो गए.मैने तुरंत अपनी टोपी निकली और हंस के बोला अरे बचे की जान लॉगी क्या?लोग चिल्ला रहे थी सेयेल को मारो लौंदे को.पहले तो ऋतु मुझे देख के शॉक्ड हो गई फिर हंस हंस के लौतने लागी.लोग तजुब हो कर उससे पूछे की मामला क्या है?वो बोली कुछ नही मेरे मंगेतर है.मैने ऋतु के कान के पास बोला ओए मे दोस्त से मंगेतर कब बन गया?वो बोली जब से हम दोनो की एंगेज्मेंट हुई.फिर वो बोली बिमल तुम आज साएकल और इन कपड़ों मे काफ़ी हॅंडसम लग रहे हो.मैने कहा दोस्त को लाइन मराते हुए सारम नही आती क्या?वो बोली मेरी मर्ज़ी.फिर मैने कहा मुझे क्यों बुलाया?वो बोली तुमसे मिलना था.मैने कहा मिल तो लिए अब मे चलता हू.उसने कहा गाड़ी तो तुम लाए नही,नही तो कही घूमने चलते.मैने कहा साएकल मे बैठ जाओ मेडम किसी को पता नही चलेगा.फिर मैने एक अच्छे कोफ़फे शॉप ले गया.मैने उससे पूछा यार एक बात बताओ.तुम्हे किस तरह के लड़के पसंद है?उसने कहा क्यों?मेने कहा मेरे बड़े मे क्या ख्याल है?उसने कहा इसका क्या मतलब?मैने कहा दो यू लाएक मे?उसने कहा यप आस आ फ्रेंड.मैने कहा नही यह फ्रेंडशिप भूल जाओ.यू लाएक मे मोरे तन आ फ्रेंड?वो बोली तुम्हे लाएक नही कराती तो तुम्हे डटे पे बुलाती क्या?फिर उसने इधर उधर नज़र दौड़ा के मेरे गाल पे किस कर दिया.मैने सोचा यार लड़की की हिम्मत तो देखो.अपनी तो गाड़ी निकल पाडी.
बिज़्नेस के सिलसिले मे मुझे बंगलोरे जाना था.क्यों की वहाँ पे मे एक होल्सेल शॉप खोलना चाहता था.मेरे परिवार और ससुरालवाले को पता चली.फिर मेरे ससुर और ससुमा मुझे दिव्या दीदी और अजय जी के बंगलोरे अपार्टमेंट मे तेरने के लिए कहा.रात को अजयजी और दिव्या दीदी का कॉल आया उन्होने बोला बिमाल्जी हमारे हाय्ट हुए आप होटेल मे तेरे ये हमे अच्छा नही लगेगा.फिर मैने हाँ भारी.मे फ्लाइट पे बंगलोरे पहुँचा.अजयजी ने मुझे पिक उप किया.मे उनके अपार्टमेंट पहुँचा जिसका नाम था गॅलक्सी अपार्टमेंट.दिव्या दीदी से मिला.उन्होने एक शॉर्ट कुर्ता और छुरीदार पहना था.उसमे वो रीड चिल्ली की तरह हॉट लग रही थी.मान कर रहा था कहा जाओं.वैसे बातचीत चलती रही.सर्दियों का टाइम था.मे सो गया.सुबह उठ के नाश्ता कर के अपनी नही शोरुम के निकल पड़ा.अजयजी अपनी सॉफ्टवेर कंपनी के लिए निकल पड़े.साम को घर पहुँचे.अजयजी साम को बोले बिमाल्जी मुझे काल चेन्नई काम के सिलसिले मे जाना है.आप प्लीज़ दिव्या का ख्याल रखना.मैने डिन्नर कर के सोया.करीब रात 12 बजे मैने कुछ अजीब सी आवाज़ सुनी जैसे किसी औरात की दर्द से और मज़े से भारी आवाज़ और किसी मर्द की मज़े से भारी अवज़.मैने रूम से निकल कर साउंड की तरफ गया.मुझे पता चला की अजयजी और दिव्या दीदी की बेड रूम से आवाज़ आते हुए सुना.मैने रात 12 बजे को दूर खटखटाना सही नही समझा.मैने लॉक की सुराग से अंदर झकने की कोशिश की.जो देखा मे शॉक्ड रही गया.अजयजी बेड पे लेते थी पूरे नंगे.और दिव्या दीदी पूरी नंगी उन पर बैठ के ऊपर नीचे हो रही थी.उनके बड़े बड़े आम की तरह गोरे मम्मे उछाल उछाल रहे थी.मेरे लंड पर प्रेशर आ गया.मे जान गया की अंदर सेक्स का गेम चल रहा है.अब साउंड तेज होने लगी.अजयजी बोले दिव्या ज़ोर से तेज से छोड़ड़ अया………आअहह,,,,,,,,,दिव्या दीदी बोल रही थी…………आ ज्ज्जाआणु……..आ …….आ……….उफफफ्फ़…………आआअहह…..मे झड़नेवाली हू जानू……………………फिर दोनो ठंडे पड गए.मे सेक्स मूवी देखा था.इसी लिए थोड़ा थोड़ा आइडिया था.फिर दिव्या दीदी बोली जानू तुम कल से जाओगे मे तुम्हारी हे=चुदाई मिस करूँगी.अजय बोले अरे नही बिमाल्जी तो है ना.दिव्या दीदी बोले हाँ यार मे तो भूल ही गई.ऋतु ने बताया था बिमल जी बहुत सर्फ लड़के है और कभी सेक्स नही किया है.उनकी टांका नही टूटी होगी.मुझे उन्हे सेक्स मे ट्रैनिंग देनी पड़ेगी ता की वो ऋतु को सुहाग्रात मे रगड़ रगड़ कर चोद सके.यह सुनकर मे शॉक्ड हो गया और मेरा लॅंड झटके मरने लगा.मे बात रूम मे जा कर हिला दिया.
फिर नेक्स्ट दे मे और अजयजी अपने अपने काम मे निकल पड़े.रात को जब मे घर आया तो याद आया की अजयजी चेन्नई गए है.सॅटर्डे वीकेंड थी और सनडे भी छुट्टी.रात को डिन्नर करने के बाद दिव्या दीदी बोली जीजू आप मेरे बेड रूम मे सो जाइए.मैने कहा मे कैसे.वो बोली इसमे सर्माने की क्या बात है.मे बोला नही दीदी.वो बोली आज अजय नही है मुझे अकेले सोने मे डर लगेगा प्लीज़ आप मेरे साथ सो जाइए.मैने हां कहा.फिर मैने फ्लोर पे तकिया और बेडशीट बिचाय.वो बोली यह क्या कर रहे ओ आप.मेरे साथ बेड पे सो जाओ.मैने कहा मे कैसे?.वो बोली आप कोई पराया है क्या?और सर्दी का मौसम है.नीचे सोने से आप को ठंड लग जाएगी.फिर हम लोग एक ही बेड पे एक कंबल के नीचे सोने लगे.वो मेरे काफ़ी नझडीक आ गा.मुझे अटपटा सा लगा.उन्होने कहा सरमाओ मत सर्दी मे पास पास लिपट के सोने मे मज़ा आता है.उन्होने शॉर्ट टॉप और टाइट्स पहना था.मे तशीसरट और टॉप्स मे था.फिर उन्होने अचानक पूछा जीजू आप ने कभी सेक्स किया है?मैने बोला ना.उन्होने पूछा क्यों नही.मैने कहा शादी से पहले नही करनी चाहिए.फिर उन्होने पूछा आप ने ब्लू फिल्म देखी है?मैने कहा हां.उन्होने कहा ऐसा करने को मन नही कराता?मैने कहा कराता तो है पर कोई चारा नही.उन्होने बोला सुहाग्रात से पहले लड़कोन को चोदना एक्सपीरियेन्स होना चाहिए नही तो अपनी बीवी के सामने लिफेवर नीचे झुकना पड़ता हहाई.मैने कहा ऐसा क्या.फिर उन्होने कहा आप को सेक्स मे ट्रेन होना पड़ेगा ता की आप इज़्ज़त बची रहे.मैने कहा कैसे?उन्होने बोला अगर आप चाहे तो मे आप को ट्रेन करूँगी.मैने कहा मगर आप!!!!.उन्होने कहा आप की मर्ज़ी.जब आप सुहागरात मे ऋतु को सी[ठीक से मज़ा नही दे पाएँगे तो आप की बड़ी बदनामी होगी.फिर मैने कहा ओके दीदी.प्लीज़ मुझे ट्रेन करो.फिर उन्होने मेरे गर्दन पर किस किया.धीरे धीरे गाल फिर होठों मे .मेरे अंदर करेंट लग गई.उनका जवान मेरी जवान से मिल रही थी और लिपस्टिक और सलाइवा मेरे मूह के अंदर आ रही थी.मे गरम हो गया और मेरा लॅंड तन गया.फिर दिव्या दीदी मेरे ऊपर अपने टाँगे फेरने लगी.मेरा लॅंड उनके जांग से टच हुआ.हो हंस पड़ी.बोली जीजू अभी से चेंज हो गए.चलो देखो तो क्या हे.फिर उन्होने मेरे लॅंड को पेंट के ऊपर से पकड़ा और चोंक के बोली जीजू कितना बड़ा है आप का लॅंड.आज मे आप को पूरा प्रॅक्टिकल ट्रैनिंग नही दे पौँगी कल मेडिसिन खाने के बाद सीखौँगी.अब के लिए जितना हो सकता हे सिखाती हू.फिर उन्होने कहा जीजू मेरे टॉप्स खोलिए.फिर दीदी सिर्फ़ सिल्क ब्रा मे थी.उन्होने बोला जीजू मेरे चुचियाँ ब्रा के पर से दबाइए.मुझे मज़ा आ रहा था.फिर वो बोली जीजू मेरी ब्रा खोलिए.उनके बड़े बड़े नरम गोल गोल चुचियाँ बाहर आ गई.दीदी बोली जीजू मेरे चुचियाँ मसल डालो.मे भूके कुत्ते की तरह उनके चुहियाँ मसालने लगा.फिर वो बोली अया आ………जीजू सिर्फ़ मसल ते रहोगे भी या चतोगे भीइ?मैने चातना शुरु किया.उन्होने बोला मेरे निप्पल को काटो.मैने काटा…..वो……आअहह बोलके सिसकारियाँ भरने लगी.वो भी गरम होने लगी.10 मिनट बाद वो बोली जीजू मेरे स्लॅक्स थोड़ा नीचे कीजिए.मैने उनकी पिजमा/स्लॅक्स नीचे खींची.उन्होने अपना पा थोड़ा साइड मे किया.फिर उन्होने कहा ये देखो जीजू ये चुत है.वो पूरा शेव्ड होके चका चक लग रही थी.फिर एक दूसरा छेद दिखाई और बोली जीजू ये गान्ड का छेद है.इससे भी चुदाई करते है.इसमे एक अलग सा मज़ा है.फिर उन्होने कहा जीजू मेरिक होंठ को चतो.मैने चुत को चातना शुरु किया.उनकी चुत की खुशबु मादक थी.फिर उन्होने कहा सिर्फ़ चतोगे या काटोगे भी?मैने उनकी एक चुत की लिप्स को काटा वो तरर्रा उठिी…..फिर उन्होने काँपते हुए कहा जीजू मेरिचूत मे उंगलीए डाल के अंदर बाहर कीजिए.फिर वो सिसकारियाँ लेने लागी………….आ….जीजू……फुक मे………हरदे…….ई लव यू…………मुझे चोदा प्लीज़……आ….फिर उन्होने मेरा एक उंगली उनकी गान्ड के छेद मे देके चोदने को कहा.मैने वैसे किया………….5मीं बाद……अया………..आ…………ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज……..जीजू,.,……आआहह​……कितना मज़ा आ रहा है………अया………और तेज………अया……..जीजू मे झड़नेवाली हू चोदा मेरी चुत मे मूह लगाओ………………फिर उन्होने काँप ते हुए……….मेरे मूह के अंदर अपना चिप छिपा गरम पानी निकल दिया…….वो पानी नमकीन था…….फिर दीदी ने झट से मुझे लीप किस किया.जिस से आधा पानी उनकी मूह मे चला गई.मे और वो पानी पे गए.वो बोले जीजू मेरी पानी कैसा लगा.मैने कहा अचा था.उन्होने कहा बहुत दिन बाद मैं ऐसे झड़ी हू.
उन्होने कहा जीजू सॉरी प्लीज़.मे आज आप को चुदाई का मज़ा नही दे पौँगी.आज मेरे पास वियाग्रा नही है और घर्मे एक भी कॉंडम का पॅकेट नही है.फिर उन्होने मेरा लॅंड को पेंट मे से निकल के ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी.मुझे मज़ा आ रहा था.फिर मैं बोला दीदी मज़ा आ रहा है.वो बोली मुझे सेक्स के टाइम दीदी मत बुलाया करो.ओके दिव्या.फिर दिव्या मेरे लॅंड के अपने मूह मे लेके चूसने लागी.मुझे स्वर्ग जैसा आनंद मिल रहा था.मे कहा दिव्या बहुत मज़ा आ रहा है और तेज चूसो.फिर वो ज़ोर ज़ोर से मेरे लॅंड को अपने मूह पे चुदाई करने लागी बीच बीच मे काट भी देती थी.मुझ से रहा नही गया.मैने दीदी मे झड़ने वाला हूउ……अया……..आ…….मेरी डलिंग दिव्या…………..आ………उन्होने कहा जीजू मेरे मूह मे चोद दो पानी……मैने करीब 7 बड़े शॉट्स के बाद ठंड पड गया.दीदी बोली जीजू अब मुझे बाहों मे लेके सो जाइए कल मे आप को पूरा सेक्स कीपात पढ़ौँगी.
नेक्स्ट सनडे को दिव्या दीदी ने मुझे नींद से उठाया.रात भर हुमलोग पाती पत्नी की तरह नंगे हो के कंबल के नीचे बाहों मे बाहें डाल के साइट रहे.दिव्या दीदी की एक टाँग मेरे बॉडी के ऊपर थी उनकी दम चुचिया मेरे छाती को टच कर रहे थी और आधा चुत मेरी बाईं कमर के पास थी.सर्दी मे हमे ठंड बिल्कुल नही महसूस हुई जवानी की गर्मी की वजह से.फिर मैने तैयार हो कर नाश्ता किया.दिव्या दीदी मेरी फेवोवरिट सिल्क शॉर्ट कुर्ता और शाइनी लेगैंग्स पहनी थी.उनकी बड़े बड़े चुचियाँ और मोटी गान्ड का मे मज़ा उठा रहा था उनकी स्किन टाइट ड्रेस से.मैने नहा कर सिर्फ़ टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहना था.अंदर चड्डी नही होने की वजह से मेरा लॅंड दिव्या दीदी को देख के कड़क हो गया.दिव्या दीदी ने मुझे बहुत सारा आलू पराता बहुत बटर मे गरम दूध,पेड़े,बादाम मिल्क और केला खाने दिया.मैने कहा दिव्या दीदी इतना सारा खाना मे महीने भर मे कहा पौँगा.उन्होने मुझे गाल पे किस देके कहा जीजू जानू ये सब तो आप को खाना पड़ेगा क्यों की आप को ताक़त चाहिए मुझे आज चोदने को और तो और पडोसवाली मेरी दोस्त कोमल भी आ रही है यहाँ चुदाई का गेम खेलने.उन्होने कहा जीजू मे मेडिसिन स्टोर जा रही हू वियाग्रा और कॉंडम पॅकेट्स लाने.आप तब तक ब्लू फिल्म देख कर कड़क बनाइए.लेकिन प्लीज़ अकेले अकेले हिलना मत.आज आप का सारा पानी मेरी मूह,चुत और गान्ड मे डालनी है.मे हामी भरा.फिर दिव्या दीदी अपनी स्कूटी लेके चली गई.इधर पराता कहा के और दूध पीक मेरे अंदर ताक़त आ गई.
करीब आधे घंटे बाद दीदी घर पहुँची.उनके साथ एक और लड़की भी थी.वो एक शादी शुदा लड़की थी और एक दम गोरी कड़क माल थी.उसने रीड कलर की सिल्क शॉर्ट कुर्ता और छुरिदार सूट पहना था.दीदी ने इंट्रोड्यूस करवाया ये कोमल हे मेरी दोस्त और मेरे साथ कॉलेज मे लेक्चरर है.मैने ही बोला.कोमल बोली केमचो बिमल भाई?मैने बोला बहुत अच्छा.इधर मेरा लॅंड शॉर्ट्स मे टेंट बना हुआ था.कोमल दीदी हंस के बोली दिव्या बिमल भाई वियाग्रा लेने से पहले इतना गरम तो बाद मे तो हमारी छुट्टी कर देंगे.फिर दिव्या दीदी ने दूर अंदर से लोआक्क कर दिया.सारे विंडो स्करीन डाल दिए.बेड रूम को तैयार किया जैसे की सुहाग्रात.फिर वो दोनो मेहन्दी मेक उप लगा के दुल्हन की तरह सजी हुई शॉर्ट कुर्ता छुरिदार सूट मे आई.दिव्या दीदी ने कहा जीजू जानू एक वियाग्रा पिल खलो.मैने कहा मैने कभी खाया नही पहले.उन्होने कहा ऐसे कैसे फिर उन्होने एक पिल अपने मूह मे लिया और मुझे लिप्प किस करते हुए मेरे मूह मे वियाग्रा की पिल दे डाली मैने घातक ली.फिर पानी लेली.कोमल दीदी बोली जीजू जानू एक मेरी तरफ से भी.मैने कहा अभी तो खाया.उन्होने एक पिल अपने मूह पे लिया और मुझे एक जोरदार किस डाइते हुए लीप किस किया.मैं दूसरा भी घटा गया.फिर वो दोनो ने एक एक गोली कहा ली.उन्होने बेड रूम पे लॅपटॉप मे ब्लू फिल्म लगा रखा था.दोनो के दोनो मंगलसूत्रा पहनी थी.फिर दिव्या दीदी बोली जीजू जानू मेरे मॅमी कहा जाओ.5मीं बाद वियाग्रा का असर दिखने लगा था..मे माधोसी के मारे दिव्या दीदी के मम्मे आ की तरह दबाने लगा.फिर दिव्या दीदी ने अपनी टॉप्स निकल के फेक दी.वो रीड कलर की सिल्क कप ब्रा पहनी थी जो की मेरी मन पसंद थी.मे खुश हो गया और ब्रा के ऊपर से मामे चूसने शुरु कर दिया.कोमल दीदी ने दिव्या दीदी के ब्रा उन्होक कर के खोलदिया और बोली हमारे बाय्फ्रेंड को पूरा मज़ा लूतने दे.फिर मे ज़ोर ज़ोर से दिव्या दीदी की चोसयां चूसने लगा.कोमल दीदी बोली चलो अब मेरी बारी उन्होने अपना टॉप्स और ब्रा खोल के फेक दिया.उनकी बूब्स उनके पतली शरीर को कंपेर करने से बहुत ज़्यादा बड़े थी.उन्होने कहा आओ जीजू मे तुम्हे बताती हूँ की कैसे छोचियाँ ख्या जाता है.फिर मैने भूक्के कुत्ते की तरह शादी शुदा कोमल दीदी के मम्मे चूसने और कातने लगा.करीब 10 मिनट बाद दिव्या दीदी ने मेरा टी-शर्ट और शॉर्ट्स फेक दिया और मुझे नंगा कर दिया.मेरा लॅंड आधा कड़क था.दिव्या दीदी बोली कोमल देख मेरे बाय्फ्रेंड का लॅंड सुख कर नूडल्स हो गया है देख मे कैसे इससे गाजर की तरह मोटा बनती हू.कोमल दीदी ने ज़ोर ज़ोर से मेरा लॅंड हिलना शुरु कर दिया इससे बात नही बनी तो उन्होने मेरा लॅंड ज़ोर ज़ोर से चूसना शुरु कर दिया.फिर भी मेरा लॅंड अड़हा कड़क था.दिव्या दीदी मौस हो गई.वो बोली कोमल आबे भाडवी देख ना तेरे बॉय फ्रेंड का लॅंड खड़ा नही हो रहा है.फिर कोमल दीदी ज़ोर ज़ोर से मेरे लंड को मूह मे चोदने लगी और कातने लागी.फिर लंड खड़ा नही हुआ.वो बोली नही रे दिव्या वियाग्रा धीरे धीरे असर होता है एक बार खड़ी हो गई तो लंड 10-20 बार पानी चोद के ही ठंडा होता है.दबा के असर को तेज करने की एक तरकीब मेरे पास है.मैने अपने पाती पर आजमाया है.अबतक दिव्या दीदी और कोमल दीदी ऊपर से नंगी हो चुकी थी लेकिन नएचए चड्डी और टाइट्स अब भी पहनी हुई थी.कोमल दीदी मुझे खड़ा कर के मेरे एज कुट्टिया की तरह झुक कर खड़ी हो गई.फिर अचानक अपनी गान्ड मेरे लंड के ऊपर घिसने लागी.अचानक क्या हुआ के मेरे शरीर मे एक अजीब सी करेंट खेल गई मेरा छाती ज़ोर से से धड़कने लगा.मेरा लंड ऐसे कड़क होके खड़ा हुआ जैसे पहले कभी नही खड़ा हुआ जैसे की मेरा लंड फतनेवाला था.दिव्या दीदी बोली क्या बात है कोमल तेरे बाय्फ्रेंड को तेरी गान्ड पसंद है.आज तो तुझे अपनी बॉय फ्रेंड को अपनी गान्ड देनी पड़ेगी.उन्होने कहा ओके बाबा.
फिर दोनो ने मुझे लिटा के दोनो और से ढाबा बोल दिया.कोमल दीदी मेरे लंड ज़ोर ज़ोर से खुश हो के चूसने लागी.और दिव्या दीदी पर वियाग्रा का असर दिखने लागा था.वो मेरे मूह के ऊपर अपनी चुत देके बैठ गई और ज़ोर ज़ोर से ऐसे रगड़ ने लागी की जैसे मेरे मूह को अपनी चुत से चोद राही हो.वो अपनी ऑर्गॅज़म के चरम सीमा पर थी लेकिन वियाग्रा की वजह से झाड़ नही पा रही थी.उनकी सासें फूल रही थी.वो काँप रही थी और बोली ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज…………..जी………..जीज………..जीजू……….म्‍म्म्मम…..मे और,…………..से नही पा…….उंगी…….मेरे चुत मे अपना गढ़े जैसा मोटा लंड चोद ही डालो……..
फिर पोज़िशन चेंज हुआ.दिव्या दीदी बेड के ऊपर लेट गई और अपनी टाँगों को जितना हो सके फैलाया.फिर कोमल दीदी ने मेरे लंड पर कॉंडम चढ़या और कॉंडम के ऊपर से मेरे लंड चूसा औरकत भी दिया और बोली जीजू बनडो अपनी बड़ी साली की चुत का भोसड़ा.उन्होने मेरी लंड को दिव्या दीदी की चुत के मूह मे रख कर हल्का सा धक्का दिया.दिव्या दीदी की चुत बहुत टाइट थी और मे वर्जिन होने के कारण मुझे भी दर्द हो रहा था.इधर कोमल दीदी ने मेरे अंडों(बॉल्स)को चूसने लगी.मे गरम हो गया लेकिन एक्सपीरियेन्स ना होने के कारण दिव्या दीदी की चुत मे 2इंच ही घुस पाया.दिव्या दीदी बोली ऐसा नही चलेगा.मेकुच कराती हू.उन्होने मुझे नीचे सुला के मेरे ऊपर चड़ गई और मेरे कॉंडम पहने हुए मोटा लंड के ऊपर अपनी चुत देके बैठ गई.मैने देख की उन्हे भी थोड़ा परेसानी हो रही थी.फिर उन्होने जोश मे आके हल्के हल्के झटके देने शुरु किया.मेरे लंड की चाँदी के ऊपर प्रेशर पड रहा था.मैने कहा दीदी थोड़ा दर्द हो रहा है .दीदी ने कहा ये लो दीदी ने बेरहम हो के मेरे लंड को अपनी चुत से जोरदार धक्के देने शुरु कर दिए.5मीं बाद मेरी चाँदी टूट गई और दर्द के मारे मेरे मूह से आ निकल पड़ी.दीदी ने मुझे लिपकिस दिया और कोन मे बोला जीजू कोनग्रथस आप की टांका टूट गई.मगर याद रखना मे तुम्हारी पहली गर्ल फ्रेंड हू जिसने तुम्हारी टांका तोड़ी.जब हार्बर हम मिले तो चोदना ही चोदना.फिर वो मेरे ऊपर से हटी और कोमल दीदी मेरे कॉंडम खोल के फेक दी.वो बोली कितना बेरहम है रे तू दिव्या मेरे बॉय फ्रेंड की लंड से खून निकल दी.सच मे मेरा खून निकला था और मेरे लंड की चाँदी ग्रीस की तरह ऊपर नीचे आराम से खिशकरही थी.मेरा लंड आधा ठाना हुआ था.कोमल दीदी ने चूस चूस के खड़ा किया और मेरे साइड मे अपनी गान्ड मेरी तरफ देके सो गई.वो बोली दिव्या भाडवी मेरे बाय्फ्रेंड का लंड मेरी चुत मे डेडॉ बहुत खुजली हो रही है.दिव्या दीदी बोली बिमल को कॉंडम नही पहणौगी क्या?वो बोली अरे बुद्धू मे पिल लेलुँगी.मुझे मेरे बॉय फ्रेंड का लंड करीब से महसूस करने दो.
फिर दिव्या दीदी ने मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से चूसा और कोमल दीदी की चुत मे घुसा.मेरा लंड कड़क था.लेकिन बिना कॉंडम से इतना मज़ा आ रहा था की पूछो मत.मे कोमल दीदी की चुत की गर्मी चिपचिपान महसुसू कर रहा था.अब मे जाना असली चुदाई मे अब करनेवाला हू……..मे धक्के मरने शुरु किए…….मे बहुत जोश मे था…….क्यों की……उनकी गीली चुत मेरे लंड को कड़क बना रही थी……..और तो और एक शादी शुदा औरात को चोदने मे मज़ा बहुत आता है.मेरी रफ़्तार बढ़ी………….कोमालल्ल्ल्ल्ल्ल…………दीदी………अया……..आ……..अयू​फ़फ्फ़…………….जीजू डार्लिंग…………आ…….और तेज…………ऊ…………रगड़ के चोदा…….अया………
फिर हमने पोज़िशन चेंज किया वो मेरे ऊपर आ गई………मेरा कड़क लंड पाई बैठ के चोदने लागी………..उनके बड़े बड़े मम्मे और मंगलसूत्रा हर दाखे साथ हिल रही थी और उनकी चूरिया छान छान रही थी.ये सब मुझे पागल बना रही थी…………फिर उन्होने मुझे खड़े होने को कहा.फिर उन्होने खड़े हो कर उनकी एक पर मेरे कंधे के ऊपर टिकाई और मेरेलुँद को अपनी चुत मे देके चोदने को कहा.ऐसा पोज़िशन मुझे गरम कर दिया मे नही जोश के साथ चोदना शुरु किया…….मेरा लंड कोमल दीदी की चुत मे आखड़ी गहराई की तरफ.बछेड़ानी मे पहुँच राही थी………बहुत मज़ा आ रहा था हम दोनो को.
10मीं बाद.दिव्या दीदी बोली चल अपने बाय्फ्रेंड को ट्रीट दे.कोमल दीदी बोली ओके बाबा.फिर कोमल दीदी कुतीया बन गई और बोली दिव्या जा वेसेलीन थोड़ा लाना.फिर दिव्या दीदी बोली वेसेलीन के लिए टाइम नही है.फिर दिव्या दीदी ने ढेर सारा थूक कोमल दीदी की गान्ड की छेद मे डाली.मुझ को कोमल दीदी की गान्ड मे थूक लगाने को कहा फिर घर कुछ गीयी लाके मेरे लंड की मालिश कर दिया.कोमल दीदी ने मेरे लंड को अपनी गान्ड की छेद मे टीका के धक्का लगाने को कहा.तजुब की बात थी की उनकी गान्ड का छेद चुत से बहुत ढीला था.अब मुझे पता चला की प्रेग्नेन्सी कंट्रोल करने के लिया आज कल लड़कियाँ अपने पाती और बॉय फ्र्ीएडन्स को गान्ड मे चोदने को बोलती है.कोमल दीदी की नरम मोटी गोरी गान्ड मुझे दीवाना बना रहा था.ऐसा लग रहा था की मेरा निकालने वाला है.लेकिन मेरा प्लान कुछ और था……..मैने माइंड कंट्रोल कर रखा…………कोमल दीदी दर्द…..और मस्ती के……..मारे………बोल रहे…….थी……..चोदा जानू……चोदा…………..मेरी गाअँ की छेद मैने ………तुम्हारे लिए सॉवॅर कर रखा थाअ…….फाड़ डालो प्लीज़………..आ…….मे मार गई दिव्या………..अया…आअहह……..अफ……..10मीं बाद………जीजू मे झाड़ रही हू……….आ…….आ……………हहााआअ.फिर कोमल दीदी ने 5-6 शॉट देके ढेर हो गई.
अब मैने अपने प्लान पर गोरे करना शुरु किया.मैने बोला दिव्या जानू लेट जा तेरी चुत मारनी है……वो बोली आ जाओ मेरे चोद …..जीजू…..फाड़ डालो मेरी चुत……मैने दिवा को साइड मे सुला के उसकी चुत मारनी शुरु किया…….फिर कोमल मेरे पास आकर लेट गई मैने कोमल की कान मे बोला जानू प्ल्ज़्ज़ मेरे लंड को चूस दो और कोमल की गान्ड की छेद मे थूक लगाओ.वो हासी और ऐसा किया.फिर 1मीं रुकने के बाद जब दिव्या ने दोबारा मेरा लंड अपनी चुत मे दिया तो मैने लंड उसकी हाथ मे छुड़ा के गान्ड की छेद मे डाल दी.वो दर्द के मारे रो पाडी………बोली जीजू यह क्या है????मैने धीरे धीरे हल्के हल्के धक्के शुरु किया………फिर मैने उसको कुट्टिया बनाया…….और ज़ोर डर 4-5 धक्के दिया.लंड 5″ उनया की आँखों मे से आसू निकल आए वो रो रही थी…………जीजू प्लीज़………गान्ड मत मारो फॅट जाएगी……..चुत लेलो….आ……..मे बेरहमी से उसे चोदता रहहा…..इससे भी मेरा मन शांत नही हुआ तो…..मैने कोमल को दिव्या को मेरे खड़े लंड दिव्या की गान्ड के छेद मे देके बैठने को कहा.दिव्या रो कर बोली कोमल क्यों मुझे सूली पर चढ़ा रही है????मैने बेरहमी से नीचे से चोदना शुरु कर दिया……….दिव्या दीदी रो रो कर बोल रही थी आ आ…………मार गई……मेरी गान्ड फॅट गई री………….आ….आ…….फिर वो झाड़ गई……..मे अब भी सतिशफी नही हुआ था…………..मैने दुगुना तेज़ी से दीदी की गान्ड मारनी शुरु की………अब वो दर्द के मारे कुछ नही कर सकती थी वो भी मेरा साथ मेरी लंड को उनकी गान्ड के चछेद मे चिड़वा के दिया.उनका चुचिया और मंगलसूत्रा भी हर झटके मे हिल रही थी,अपनी शादी शुदा बाड़ी साली की गान्ड मरने की इमॅजिनेशन मुझे इतना गरम कर दिया था के रुक नही पाया और6-7 बड़े शॉट्स दीदी के गान्ड मे चोद दिया.जब मे मेरा लंड उनकी गान्ड से निकाला तो कोमल दीदी एक ग्लास लेके आई और दिव्या दीदी की गान्ड के छेद मे लगाई.करीब गिलास भर बिरया निकल कर ग्लास भर गई.फिर उस रात्त हम लोग और तीन तीन राउंड गेम खेले.
शादी को 15 दिन थी.और मेरे मम्मी पापा ऋतु की फॅमिली के साथ एक गेट टुगेदर पार्टी हमारे घर मे ऑर्गनाइज़ किए.वहाँ पे दिव्या दीदी और अजय जीजू भी आए हुए थी.मैने दिव्या दीदी को अकेले पा कर कह दिया दीदी तेरी गान्ड मारनी है.वो बोली कितने बेसराम हो गए हो.कोई देख लेगा और सुन लेगा तो क्या सोचेगा.मैने एक प्लान बनाई.और मम्मी पापा को बोला मे दिव्या दीदी को हमारे पीछे बाअले फार्महाउस दिखा के लाता हू.ऋतु बोली मे भी चलूंगी.दिव्या दीदी बोली जल्दी लौट आएँगे यार.फिर 10 मिनट बाद हम लोग फार्महाउस पे पहुँचे.मैने दिव्या दीदी को एक गन्ने के खेत मे लेगया.क्यों की वहाँ किसी का आना जाना नही रहता थी.फिर मैने बिना देरी किए उनकी पल्लु नीचे किया और उनकी चुचियाँ को प्यासे की तरह चूसने लागा.दीदी बोली जो भी करना है जल्दी करो.मैने पेंट नीचे किया और लंड निकाला.फिर मैने उनकी सारी कमर तक उठा दिया.और गान्ड के चीड़ मे तुरंत लंड टीका दिया.दीदी की मूह से दर्द के मारे आवाज़ें आने लागी तो मैने अपने हाथ से उनका मूह दबा दिया और बेरहमी से कुत्ते के तरह उनकी नरम गान्डीमाराता चला.10मीं बाद मैने सारा पानी चोद दिया.जब दीदी घर लौटी तो ठीक से चल नही पा रही थी .घरवाल्ले पूछे तो जवाब दिया की रास्ते मे पर पे पठार लग गई.













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