Thursday, September 20, 2012

सेक्सी कहानियाँ डॉक्टर से चुदाई का ज्ञान --1

हिंदी सेक्सी कहानियाँ
डॉक्टर से चुदाई का ज्ञान --1
यह एक ऐसी कहानी है जिसने मेरी दिमाग की खिड़कियाँ खोल के सेक्स की बहुत
सी बारीकियाँ सिखा दी.
मेरा नाम समीर है. मेरी लम्बाई ६ फुट और कमर का नाप उस समय २८ इंच था जब
की ये कहानी है. दिखने में ऊपर वाले की मेहरबानी से लड़कियों की नज़र
चिपकाने लायक चेहरा और बदन है. जवानी की दहलीज़ पे कदम चढ़ने के बाद,
लगभग २० साल की उम्र रही होगी।
मैंने लण्ड की सार संभाल ठीक से करने के लिए नहाते समय लण्ड की मालिश
सरसों के तेल से करनी शुरू कर दी. तेल बहुत तेज लगता था लेकिन थोडी देर
सहन कर लेता था. लेकिन इसका नुकसान ये हुआ कि लण्ड का सुपाडा थोड़ा लाल हो
गया और थोड़ा दर्द होने लग गया. ये देख के मुझे थोडी घबराहट हुई. मैंने
अपने सर्किल में पूछताछ कि तो किसी ने मुझे बताया कि पास की कालोनी में
हमारे घर से लगभग एक किलोमीटर दूर बड़े अस्पताल के स्किन रोग विशेषज्ञ
रहते है उनको दिखा दू, अच्छे डॉक्टर है. शाम को ५ से ७ बजे तक देखते हैं
एक दिन शाम डॉक्टर साब से मिलने गया, बेल बजाई, थोड़ा इंतजार के बाद
दरवाजा एक लेडी ने खोला, लेडी कहना तो उनकी शान में गुस्ताखी होगी, वो तो
क़यामत थी. ३१ इंच कमर, ३८ साइज़ के मम्मे, ५ फुट ७ इंच कद, २५ - २६ साल
उम्र, फार्मी गेहूं जैसा रंग, चेहरा ऐसा की मेरी नज़र उनके चेहरे पर से
हटने का नाम नही ले रही थी. उनकी आवाज आई "कहिये क्या काम है" मैंने पूछा
– डॉक्टर साब है क्या. वो बोली नही है, क्या काम था. मैं – उनको दिखाना
था. वो बोली – अन्दर आइये. उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया.
वो मुझे कंसल्टिंग रूम में ले गई. बोली – हाँ बताइए क्या प्रॉब्लम है.
मेरे तो होश उड़ गए ये सुन कर. इन लेडी को मेरी प्रॉब्लम क्या बताऊँ. मैं
पहली बार किसी औरत के सामने ऐसी बात कर रहा था. मैंने हिम्मत करके कहा कि
डॉक्टर साब को दिखाना था. उन्होंने मुझे ऊपर से नीचे तक एक गहरी नज़र से
देखा और बोली कि वो तो है नही, उनका ट्रान्सफर इस समय जोधपुर है. और वो
शनिवार और रविवार को यहीं होते है. लेकिन मैं भी डॉक्टर हूँ, बिना किसी
दिक्कत के आप अपनी प्रॉब्लम मुझसे कह सकते हैं.
ये सुन कर मेरी हथेलियों और पगथलियों में पसीना चुह चुहा आया. बहुत
हिम्मत करके मैं ने हिचकते अटकते हुए धीरे धीरे अपनी प्रॉब्लम उनको बतानी
शुरू की कि सरसों के तेल कि मालिश के कारण मेरे लण्ड में कुछ परेशानी आ
गई है, उन्होंने लैंस उठाया और मेरे सामने आकर बोली – दिखाओ.
ये सुन कर मेरे छक्के छूट गए. बहुत मुश्किल से अपने आप को कंट्रोल किया,
मेरे कान गरम हो कर लाल हो गए. धीरे धीरे भारी हाथों से अपनी पैंट के हुक
और जिप खोला, ऐसा लग रहा था मानो युग युग बीत रहे हैं. किसी तरह से पैंट
को थोड़ा नीचे करके अंडरवियर के साइड से लण्ड को बाहर किया तो वो बोली –
ऐसे नही, अंडरवियर उतारो. मैं ने अंडरवियर का नाडा खोल कर अंडरवियर को
जांघो पर कर लिया. और लण्ड के सुपाडे की खाल को पीछे करके उनको दिखाया.
उन्होंने मेरे हाथ को हटा कर अपने हाथ से मेरे लण्ड को पकड़ कर लैंस से
सुपाडे को देखा. उनका मेरे लण्ड पर हाथ लगना था कि मेरे पूरे शरीर में
करेंट लग गया और लाखों चीटियाँ मेरे शरीर पर रेंगने लगी, लण्ड ने अंगडाई
लेनी शुरू कर दी. जिंदगी में पहली बार किसी स्त्री जात का हाथ लगा था वो
भी किसी अप्सरा का.
डॉक्टर बोली- ये क्या हो रहा है?
तो मैंने कहा – इसमे मेरा क्या बस है।
वो बोली – हाँ ये तो है! उन्होंने मेरी झांटो के बाल में ऊँगली से चारों
ओर दबा के देखा, पूछा कोई गांठ है?
मैंने कहा – नही.
डॉक्टर बोली - किसी औरत के पास गए थे?
मैंने कहा – नही! आज तक नही.
देख-दाख के उन्होंने बताया कि सरसों के तेल की तेज़ी ने खाल छील दी है.
मैं दवा लिख देती हूँ, दिन में तीन बार लगाओगे दो चार दिन में ठीक हो
जाएगा.
अब तक मेरा लण्ड अकड़ चुका था.
मैंने थोडी हिम्मत जुटाई और पूछा- डॉक्टर साब मैं साइंस का स्टुडेंट हूँ.
क्या आप मेरी जिज्ञासा को शांत कर सकती हैं, मैं शरीर के विज्ञानं में
बहुत रूचि रखता हूँ. ये कहते हुए मैंने अपना अंडरवियर और पैंट ऊपर सरकानी
चाही तो डॉक्टर ने कहा – अभी रुको और पूछो क्या पूछना चाहते हो?
अब तक मेरी शर्म बहुत हद तक काबू में आ चुकी थी. कपड़े वैसे ही रहने दिए
और मैं ने पूछा – ये होने का कारण क्या था?
डॉक्टर – सरसों के तेल में बहुत तेज़ केमीकल होते हैं और ये अंग ढके रहने
और नमी के कारण यहाँ की खाल बहुत नाजुक होती है जो ये तेज़ सहन नही कर
सकती. यदि यहाँ की मालिश करनी हो तो नारियल का तेल काम में लो और नीचे
जड़ से ऊपर की ओर इस तरह से मालिश करो ये कह कर उन्होंने अपनी मुट्ठी में
मेरे लण्ड की जड़ से पकड़ कर हौले से ऊपर की ओर लाते हुए बताया इस तरह से
मालिश करनी है और बहुत ज्यादा जोर से नही दबाना. लण्ड ब्लड के ज्यादा
पम्पिंग होने से कठोर होता है, इस समय लण्ड से शरीर को जाने वाला ब्लड
धीमे हो जाता है और पम्पिंग से आने वाला ब्लड बढ़ जाता है. बहुत जोर से
दबा कर मालिश करने से लण्ड के ऊतकों को नुक्सान हो सकता है और लण्ड की
कठोरता कम हो सकती है.
वो बोली- रुको ! मैं आती हूँ ऐसे ही रहना. मैं हकबकाया सा खड़ा रहा,
डॉक्टर जरा देर में वापस आई तो तीन चीजें उनके हाथ में थी – दवा की
ट्यूब, नारियल तेल की बोतल और एक पारदर्शी छोटी बोतल जिसमे सुनहरे रंग का
कुछ गाढा तरल था.
मेरे पास आकर उन्होंने ये सारा सामान मेज़ पर रखा और ट्यूब खोल के चने की
दाल जितनी दवा अपनी ऊँगली पे लगाई और मेरे लण्ड के सुपाडे की खाल पीछे
करके लण्ड के सुपाडे पर मलने लगी. मल मल कर दवा को उन्होंने पूरा सुखा
दिया. नाम था फोरडेर्म. अब बोली गुप्ता जी तेल की मालिश देखिये ऐसे करनी
है।
मैं ने कहा कि आप मेरा नाम नीरज बोलिए बहुत अच्छा लगेगा.


तो वो बोली आप भी मुझे अलका बोलिए. उन्होंने अपने हाथ पे नारियल का तेल
उंडेला और मेरे लण्ड पर अपने बताये तरीके से जड़ की तरफ़ से सुपाडे की
तरफ़ लाते हुए मालिश करनी शुरू की। अभी १०-१२ बार ही हुए कि मैं दांत
भीचते हुए हलके से चिल्लाया – अलका ! और झपट कर एक हाथ से अपना अंडरवियर
उठा कर लण्ड के आगे किया और दूसरे हाथ से अलका का कन्धा जकड लिया. अब तक
जो कुछ किसी तरह से कंट्रोल किया हुआ था वो सब जोरदार पिचकारी मारकर बाहर
आ गया.
वो मुस्कुराई बोली- नीरज तुम सच ही बोल रहे थे कि तुम किसी औरत के पास
नही गए. घबराने की कोई बात नही है, पहली बार में उत्तेजना ज्यादा होने से
जल्दी ओर्गास्म आ जाता है. अब अलका ने एक ऐसा काम किया जिसने मेरे शरीर
में बिजली भर दी, वो मेरे साथ चिपक गई, उसके हाथ मेरी पीठ पर बंध गए और
बोली मुझे जकड कर थोडी देर इसी पोजीशन में रहो और अपने ओर्गास्म का आनंद
लो. मेरा लण्ड उनकी चूत के ऊपर अड़ रहा था. मुझे स्वर्ग का आनंद आ रहा
था.
दो-तीन मिनिट बाद उनकी पकड़ ढीली पड़ी और अपने को छुड़ा कर मेरी शर्ट के बटन
खोलने लगी, मुझसे बोली- माना कि नीरू ये तुम्हारा पहला अनुभव है लेकिन
बुद्धू तो नहीं हो ना.
अब मेरी समझ में एकदम से ही बहुत कुछ आ गया मैंने उनके ब्लाउज़ के बटन खोल
कर ब्लाउज़ अलग किया और उनके कंधे के पीछे देख कर ब्रा स्ट्रेप खोल कर
ब्रा भी अलग कर दी. एकदम तने हुए सख्त गोरे बोबे देख कर मैं दंग रह गया.
अलका ने मुझसे मेरी बनियान भी उतारने को बोला, ५ सेकंड में बनियान मेरे
शरीर से अलग थी और मैं एकदम पैदाइशी अवस्था में डॉक्टर के सामने था.
अलका ने अपने हाथ मेरे बाजुओं पे गड़ा कर कहा- बहुत कसरती हो, अपनी इन
बाजुओं का इस्तेमाल करो और मुझे मरीज देखने वाली टेबल पर लिटा दो !
मैंने कहा- अलका ! जरा रुको, एक गड़बड़ है सही कर दूँ. उसकी सवाली
निगाहों ने मेरी हरकत नोट की, मैं ने उसकी साडी पकड़ के हौले हौले से खींच
कर अलग कर दी. और अलका को पेटीकोट सहित उठा कर मरीज देखने वाली मेज पर
हौले से लिटा दिया, उनके मुह के ऊपर अपना मुह लगाया और जिंदगी का पहला
किस किया, अगले १५ सेकंड में दो काम एकसाथ हुए, मेरा बायाँ हाथ अलका के
बोबे पर और दाहिना हाथ पेटीकोट के नाड़े पर था, ज़रा देर में नाड़ा खोल के
मैं अलग हुआ और पेटीकोट के दोनों साइड में अपने दोनों हाथ रखते हुए
सरसराते हुए पेटीकोट को अंडरवियर सहित अलका की टांगों से निकाल बाहर
किया.
मैं ठगा सा खड़ा अपनी किस्मत पर आश्चर्य करते हुए अलका के तराशे हुए बदन
को निहार रहा था. ऊपर वाले ने कहीं भी कोई कमी, कोई गलती नही छोड़ी थी
अलका के शरीर को बनाने में.
अलका की आवाज़ ने मेरा ध्यान तोडा – नीरू अगले दो तीन घंटे में तुम जैसा
चाहो वैसे इस बदन को निहार कर छू कर खूब परख लेना. अब जरा वो गोल्डन
लिक्विड वाली बोतल उठा कर खोलो और मेरे पास लाओ. मैं बोतल खोल कर अलका के
पास ले आया. अब ये लिक्विड मेरी दोनों चूचियों पर खाली करो. जैसे ही
मैंने वो गाढा लिक्विड अलका की चूचियों पे गिराया तो जाना कि वो शहद है.
अब अलका ने अपने दोनों हाथ मेरी गर्दन पर लपेट दिए और बोली नीरू तुम अपनी
बाँहों में मुझे उठा कर बेडरूम तक ले चलो.
अपना एक हाथ अलका की पीठ के नीचे और दूसरा हाथ उनकी गाण्ड के नीचे लगा के
६० किलो की उस परी को हौले से उठाया, एक कदम बढाया ही था कि उसके शरीर ने
एक जुम्बिश खाई और गाण्ड के नीचे से मेरा हाथ एकदम से फिसला और अलका का
शरीर खड़े होकर मेरे शरीर से चिपक गया. उनके हाथ मेरी गर्दन पे लिपटे रहे.
उनकी ये हरकत ने मुझे दंग कर दिया. अब मेरा गाण्ड के नीचे वाला हाथ भी
अलका की पीठ पर कस गया, शहद उसके रसदार कठोर बोबों से मेरे सीने पर भी
फ़ैल गया. अलका के दोनों पंजे मेरे पंजों पर आ गए और उनको चिपकाए हुए उनके
होटों पे होंट चिपकाए मैं उनके बताये अनुसार उनके बेडरूम तक ले गया और एक
हाथ वापस उसकी गाण्ड के नीचे लगते हुए अलका को उठा कर बेड पर लिटा दिया.
मैं अपने पैर बेड के नीचे लटका कर अलका से सट कर बैठ गया. जैसे ही मैं
झुक कर उसको किस करने लगा उसका एक हाथ हमारे बीच में आ गया. देखो नीरू अब
मैं तुमको सहवास की बारीकियाँ समझाती हूँ, सुनो !
सेक्स में फोरेप्ले करने का अपना महत्व है, ये जोड़े को चरम पर ले जाने
में बहुत मदद करता है. यह सारी यौन क्रिया जितनी सोफिसटीकेटेड होगी, जोड़ा
उतना ही ज्यादा आनंद पायेगा. लिप किस, जीभ को चूसना, कान के नीचे की लटकन
को चूसना लटकन के नीचे गर्दन को चूसना और बोबे चूसने से औरत में आग
भड़कती है. और उसकी चूत में से चिकना पानी बहने लगता है. ये चिकना पानी
ही लण्ड को आराम से अन्दर जाने के लिए होता है. ये प्रकृति की देन है.
अब अलका ने अपनी दोनों टांगो को फैला कर चौड़ा करते हुए कहा कि नीचे चूत
की दरार को चौड़ा करके देखो. मैं कुछ समझ ही नही पा रहा था कि आज ये मेरी
किस्मत इतना महरबान क्यों है.
अलका के कहे अनुसार मैंने उसकी चूत के फलक को चौड़ा किया, अलका ने अपनी एक
ऊँगली से बीच के उभरे हुए छोटे से आधे इंच के बराबर दाने को दिखाया और
बोली कि यह क्लैटोरियस है. यह बहुत ही संवेदनशील होती है. इसके रगड़ खाने
से परम आनन्द (ओर्गास्म) आता है. योनि की दोनों फलक के अन्दर होल का ऊपरी
डेढ़ इंच तक का हिस्सा भी ज्यादा संवेदनशील होता है. अन्दर योनि लगभग ४
इंच गहरी होती है लेकिन यह फ्लेक्सिबल होती है और लण्ड के अन्दर जाने पर
लण्ड की लम्बाई तक फ़ैल जाती है. अन्दर योनि के बाद बच्चेदानी का मुंह
होता है. जब लण्ड इस पर अड़ता है तो आनंद दुगुना हो जाता है. जैसे जैसे
औरत के काम जगता है, योनि में मीठी मीठी खुजली होने लगती है. लण्ड की
रगड़ साथ योनि के बीच का हिस्सा उस खुजली को मिटा कर बहुत सुकून देता है.
अब ये याद रखो कि योनि के फलक और लण्ड के आगे सुपाडे में यदि बहुत जोर की
रगड़ या धक्का दिया जाए तों तेज दर्द से भी इन अंगों के ऊतक क्षतिग्रस्त
हो सकते हैं इसलिए लण्ड की एंट्री हलके से सरसराते हुए करनी चाहिए न की
ज्यादा जोश में आकर तेज़ धक्का लगाकर. वरना जो आनंद सेक्स की प्रत्येक
गतिविधि से मिलता है वो न मिलकर हार्ड सेक्स की आदत हो जाती है.

अब बहुत हो चुका, अब मेरे बोबों से शहद को चाटकर साफ़ करो. मैं उसके शरीर
के ऊपर वाले हिस्से की ओर मुड़ा और दोनों हाथों से उसके बोबों को थाम कर
अपनी जीभ से शहद चाटने लगा, अलका के मुंह से सिस्कारियां और आहें निकलने
लगी, उसके हाथों ने मेरे सिर के बालों को सहलाना शुरू किया और धीरे धीरे
मेरे सिर को बोबों की ओर भींचने लगी।
अचानक वो नीचे सरकी और मेरे सीने पर अपने होंट चिपका कर शहद चूसने लगी,
मेरा तो फ़्यूज़ उड़ गया, इतनी उत्तेजना तों मैं सहन नही कर पा रहा था. सात
इंच का लण्ड कड़क होकर पत्थर के माफिक हो चुका था.
अब अलका ने मुझे थोड़ा सा झुकाते हुए कानो के नीचे मेरी गर्दन पर हलके से
अपने दांत लगाये, होटों को गर्दन पर चिपकाया और जीभ को घुमा कर मेरी
गर्दन को चूसने लगी, मेरे शरीर में बिजलियाँ गिरने लगी, मेरा शरीर भट्टी
की तरह तप गया, मुह से बहुत ही लम्बी सिसकारी निकली. मैं ने अलका का
चेहरा हाथों में थाम कर अपने होंट उसके होटों पर चिपका दिए, हम एक दूसरे
के होंट चूसने लगे, अलका ने अपनी जीभ मेरे मुह में दे दी, मैं टॉफी की
तरह जीभ चूसने लगा, सच में इतनी रसदार, स्वादिष्ट तों कभी कुछ जिन्दगी
में पहले कभी खाया नही था.
मैं सरक कर बेड पर उसके ऊपर आ गया, एक हाथ से लण्ड को उसकी चूत के फलक के
बीच लम्बाई में सेट किया, और अपने धड़ को थोड़ा झुका कर अलका के बोबे चूसने
लगा. अलका के मुंह से आहें और सिसकियां तेज़ होती जा रही थी, उसके बोबे
एकदम कड़क हो गए थे, मैंने उसकी गर्दन पर उसके ही अनुसार दांत लगा कर
चूसना शुरू किया, उसकी आँखें एकदम से मुंद गई, उसको हिचकियाँ आने लगी
जैसे रोने के बाद आती हैं, मैं घबरा गया, पूछा क्या हुआ रानी !
अलका बोली – नीरू मेरे भोले राज्जा ये निर्मल आनंद है, घबराओ मत, लेकिन
अब लण्ड का प्रेशर मेरी क्लेटोरिअस पर बढ़ा दो और मुझ से चिपक जाओ. मैंने
अपन लण्ड शरीर के दबाव से उसकी चूत पर जोर से दबाया. दोनों ३-४ मिनिट तक
चिपके रहे, फ़िर कुछ देर मैंने अपना लण्ड अलका की चूत की दरार के बीच उसके
क्लैटोरियस पर रगडा.
अब अलका ने कहा कि मेरे प्रिय स्टुडेंट नीरू, अब मैं आनंद के झूले पर
सवार हूँ, इस आनंद को अपने चरम पर लाने का काम शुरू कर दो, ये कहते हुए
एक कंडोम का पैकेट तकिये के नीचे से निकाल कर मेरे हाथ में दे दिया, और
अलका के सहयोग से मेरे लण्ड पर अगले ३० सेकंड्स में एक कंडोम लगा नज़र आने
लगा.
मैं फ़िर अलका पर आ गया, मैं ने अपने हिप्स थोड़े ऊपर किए और हाथ उसकी चूत
पर लगाया, उसकी चूत इतनी गीली हो चुकी थी कि नीचे चादर तक गीली हो गई थी.
लण्ड को अलका की चूत पर सेट किया, लेकिन ये लेकिन ये सब पहली बार था सो
लण्ड अंदर नही जा पाया, ऊपर से अकड़ इतनी ज्यादा थी कि वो अपनी जगह से टस
से मस भी नही होने को राजी था.
अलका हौले से मुस्कुराई और अपना एक हाथ नीचे ले ला कर लण्ड को अपनी चूत
के छेद पर सेट किया और बोली लण्ड को अन्दर डालो मैंने धीरे से जोर लगाया
तो लण्ड जरा सा ही अन्दर हुआ, अन्दर जाने के अहसास से लण्ड तनकर स्टील के
माफिक कड़क हो चुका था. नीचे से अलका ने अपने हिप्स ऊपर किए, उसने अपना
हाथ बीच में से हटा लिया, लण्ड पर थोड़ा जोर डालने पर सरकता हुआ धीरे धीरे
चूत की गहराई में घुस गया, मैं तो सातवें आसमान पर आ गया और अलका के मुह
से एक लम्बी सिसकारी निकली वो मेरे साथ ऐसी चिपक गई जैसे मेरे ही शरीर का
हिस्सा हो.
क्रमशः.....................................

Tags = Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion |
Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews
| Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance |
India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera |
Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical
| Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting |
Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry |
HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis
| Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad |
New Delhi | पेलने लगा | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | सेक्सी
कहानी | कामुक कथा | सुपाड़ा |उत्तेजना | कामसुत्रा | मराठी जोक्स |
सेक्सी कथा | गान्ड | ट्रैनिंग | हिन्दी सेक्स कहानियाँ | मराठी सेक्स |
vasna ki kamuk kahaniyan | kamuk-kahaniyan.blogspot.com | सेक्स कथा |
सेक्सी जोक्स | सेक्सी चुटकले | kali | rani ki | kali | boor | हिन्दी
सेक्सी कहानी | पेलता | सेक्सी कहानियाँ | सच | सेक्स कहानी | हिन्दी
सेक्स स्टोरी | bhikaran ki chudai | sexi haveli | sexi haveli ka such
| सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi |
कहानियाँ | चूत की कहानियाँ | मराठी सेक्स कथा | बकरी की चुदाई | adult
kahaniya | bhikaran ko choda | छातियाँ | sexi kutiya | आँटी की चुदाई |
एक सेक्सी कहानी | चुदाई जोक्स | मस्त राम | चुदाई की कहानियाँ | chehre
ki dekhbhal | chudai | pehli bar chut merane ke khaniya hindi mein |
चुटकले चुदाई के | चुटकले व्‍यस्‍कों के लिए | pajami kese banate hain |
चूत मारो | मराठी रसभरी कथा | कहानियाँ sex ki | ढीली पड़ गयी | सेक्सी
चुची | सेक्सी स्टोरीज | सेक्सीकहानी | गंदी कहानी | मराठी सेक्सी कथा |
सेक्सी शायरी | हिंदी sexi कहानिया | चुदाइ की कहानी | lagwana hai |
payal ne apni choot | haweli | ritu ki cudai hindhi me | संभोग
कहानियाँ | haveli ki gand | apni chuchiyon ka size batao | kamuk |
vasna | raj sharma | sexi haveli ka sach | sexyhaveli ka such | vasana
ki kaumuk | www. भिगा बदन सेक्स.com | अडल्ट | story | अनोखी कहानियाँ |
कहानियाँ | chudai | कामरस कहानी | कामसुत्रा ki kahiniya | चुदाइ का
तरीका | चुदाई मराठी | देशी लण्ड | निशा की बूब्स | पूजा की चुदाइ |
हिंदी chudai कहानियाँ | हिंदी सेक्स स्टोरी | हिंदी सेक्स स्टोरी |
हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट |
chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai
| sexi | bua | bahan | maa | bhabhi ki chudai | chachi ki chudai |
mami ki chudai | bahan ki chudai | bharat | india | japan |यौन,
यौन-शोषण, यौनजीवन, यौन-शिक्षा, यौनाचार, यौनाकर्षण, यौनशिक्षा, यौनांग,
यौनरोगों, यौनरोग, यौनिक, यौनोत्तेजना,
aunty,stories,bhabhi,choot,chudai,nangi,stories,desi,aunty,bhabhi,erotic
stories,chudai,chudai ki,hindi stories,urdu stories,bhabi,choot,desi
stories,desi aunty,bhabhi ki,bhabhi chudai,desi story,story
bhabhi,choot ki,chudai hindi,chudai kahani,chudai stories,bhabhi
stories,chudai story,maa chudai,desi bhabhi,desi chudai,hindi
bhabhi,aunty ki,aunty story,choot lund,chudai kahaniyan,aunty
chudai,bahan chudai,behan chudai,bhabhi ko,hindi story chudai,sali
chudai,urdu chudai,bhabhi ke,chudai ladki,chut chudai,desi kahani,beti
chudai,bhabhi choda,bhai chudai,chachi chudai,desi choot,hindi kahani
chudai,bhabhi ka,bhabi chudai,choot chudai,didi chudai,meri
chudai,bhabhi choot,bhabhi kahani,biwi chudai,choot stories, desi
chut,mast chudai,pehli chudai,bahen chudai,bhabhi boobs,bhabhi
chut,bhabhi ke sath,desi ladki,hindi aunty,ma chudai,mummy
chudai,nangi bhabhi,teacher chudai, bhabhi ne,bur chudai,choot
kahani,desi bhabi,desi randi,lund chudai,lund stories, bhabhi
bra,bhabhi doodh,choot story,chut stories,desi gaand,land choot,meri
choot,nangi desi,randi chudai,bhabhi chudai stories,desi mast,hindi
choot,mast stories,meri bhabhi,nangi chudai,suhagraat chudai,behan
choot,kutte chudai,mast bhabhi,nangi aunty,nangi choot,papa
chudai,desi phudi,gaand chudai,sali stories, aunty choot,bhabhi
gaand,bhabhi lund,chachi stories,chudai ka maza,mummy stories, aunty
doodh,aunty gaand,bhabhi ke saath,choda stories,choot urdu,choti
stories,desi aurat,desi doodh,desi maa,phudi stories,desi mami,doodh
stories,garam bhabhi,garam chudai,nangi stories,pyasi bhabhi,randi
bhabhi,bhai bhabhi,desi bhai,desi lun,gaand choot,garam aunty,aunty ke
sath,bhabhi chod,desi larki,desi mummy,gaand stories,apni
stories,bhabhi maa,choti bhabhi,desi chachi,desi choda,meri
aunty,randi choot,aunty ke saath,desi biwi,desi sali,randi
stories,chod stories,desi phuddi,pyasi aunty,desi
chod,choti,randi,bahan,indiansexstories,kahani,mujhe,chachi,garam,desipapa,doodhwali,jawani,ladki,pehli,suhagraat,choda,nangi,behan,doodh,gaand,suhaag
raat, aurat,chudi, phudi,larki,pyasi,bahen,saali,chodai,chodo,ke
saath,nangi ladki,behen,desipapa stories,phuddi,desifantasy,teacher
aunty,mami stories,mast aunty,choots,choti choot, garam choot,mari
choot,pakistani choot,pyasi choot,mast choot,saali stories,choot ka
maza,garam stories,,हिंदी कहानिया,ज़िप खोल,यौनोत्तेजना,मा
बेटा,नगी,यौवन की प्या,एक फूल दो कलियां,घुसेड,ज़ोर ज़ोर,घुसाने की
कोशिश,मौसी उसकी माँ,मस्ती कोठे की,पूनम कि रात,सहलाने लगे,लंबा और
मोटा,भाई और बहन,अंकल की प्यास,अदला बदली काम,फाड़ देगा,कुवारी,देवर
दीवाना,कमसीन,बहनों की अदला बदली,कोठे की मस्ती,raj sharma stories
,पेलने लगा ,चाचियाँ ,असली मजा ,तेल लगाया ,सहलाते हुए कहा ,पेन्टी ,तेरी
बहन ,गन्दी कहानी,छोटी सी भूल,राज शर्मा ,चचेरी बहन ,आण्टी ,kamuk
kahaniya ,सिसकने लगी ,कामासूत्र ,नहा रही थी ,घुसेड दिया
,raj-sharma-stories.blogspot.com ,कामवाली ,लोवे स्टोरी याद आ रही है
,फूलने लगी ,रात की बाँहों ,बहू की कहानियों ,छोटी बहू ,बहनों की अदला
,चिकनी करवा दूँगा ,बाली उमर की प्यास ,काम वाली ,चूमा फिर,पेलता ,प्यास
बुझाई ,झड़ गयी ,सहला रही थी ,mastani bhabhi,कसमसा रही थी ,सहलाने लग
,गन्दी गालियाँ ,कुंवारा बदन ,एक रात अचानक ,ममेरी बहन ,मराठी जोक्स
,ज़ोर लगाया ,मेरी प्यारी दीदी निशा ,पी गयी ,फाड़ दे ,मोटी थी ,मुठ
मारने ,टाँगों के बीच ,कस के पकड़ ,भीगा बदन
,kamuk-kahaniyan.blogspot.com ,लड़कियां आपस ,raj sharma blog ,हूक खोल
,कहानियाँ हिन्दी ,चूत ,जीजू ,kamuk kahaniyan ,स्कूल में मस्ती ,रसीले
होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो
,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी
,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे
लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों
के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி
,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,भोसडा
,hindisexistori.blogspot.com ,मुठ मार ,sambhog ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी
,چوت ,

No comments:

Raj-Sharma-Stories.com

Raj-Sharma-Stories.com

erotic_art_and_fentency Headline Animator