Saturday, May 7, 2016

FUN-MAZA-MASTI बहकती बहू--48

FUN-MAZA-MASTI


बहकती बहू--48

थोड़ा पापा भी एंजाय कर लेंगे तो क्या फ़र्क पड़ता है कौन सा चूत कोई घिसने वाली चीज़ है ! जब मदनलाल के ऐश करने पर मुझे बुरा नहीं लगा तो भला मैं अपने पापा के ऐश करने पर क्यों बुरा मानूं ! अब उसके शन्सय के सब बादल हट चुके थे !
अब आगे -----------------------
मामा अब भांजी की टाइट गाँड का पूरी शिद्दत से मज़ा ले रहा था ! वो लंड पूरा बाहर निकालता और फिर एक ही झटके मे पूरा चाप देता ! उसके हर धक्के अब कामया को भी सुख के एक नये अहसास का परिचय करवा रहे थे ! ये सुख उसने मामा के साथ अपने मायके मे भी भोगा था मगर उस दिन नशे मे होने के कारण उसे दिल से फील नहीं किया था मगर आज वो पूरे होशो हवास मे इस आनंद को फील कर रही थी ! उसके टाइट छेद को जब मामा का लंड चीरता हुआ अंदर बाहर होता तो कामया का पूरा बदन मस्ती से थरथरा जाता ! रही मामा की बात तो उसकी तो सचमुच लॉटरी लग गई थी ! वो तो हमेशा से ऐसी कसी हुई गाँड मारने का दीवाना था ! फिलहाल जितनों की वो गाँड मार रहा था उन सबकी अब ढीली हो चली थी मगर किस्मत उस पर मेहरबान थी इसलिए कामया जैसा झकास आइटम उसके पास आ गया ! वो इस बात से भी खुश था क़ि कामया की गाँड की नाथ उतारने का मौका उसे मिला ! मामा गाँड मारने के साथ साथ कामया की पूरी चिकनी पीठ को सहला रहा था चूम रहा था और कम्मो की सेक्सी गाँड को मसल रहा था ! कामया भी अब अपनी कसी हुई गाँड मे मामा के मूसल को भरपूर एंजाय कर रही थी ! वो हल्का हल्का कराह रही थी ! अचानक कामया ने कहा
कामया - - - मामा आप से कुछ कहना है ?
मामा - - हाँ हाँ बोल रानी ! क्या कहना है
कामया - - मामा सन्नी को ये मत बताना क़ि आप हमारे घर मे भी हमारे साथ कर चुके थे !
मामा - - अरे पगली तू डर मत ! कुछ नहीं होगा !
कामया - - बात वो नहीं है मामा ! आज की बात को तो वो मजबूरी समझ लेगा मगर उसे पता चलेगा क़ि हम पहले भी कर चुके है तो उसे लगेगा क़ि उसकी दीदी अच्छी लड़की नहीं है !
मामा - - ठीक है रानी नहीं बताएँगे बस ! तू ये बता मज़ा आ रहा है क़ि नहीं !
कामया - - कोई मज़ा वजा नहीं आ रहा ! आप जल्दी से करो बस हमको जाना है ! कामया ने इठलाते हुए कहा
मामा - - रानी अगर हम तुझे मज़ा नहीं दे पाए तो हमारी मर्दानगी पर धिक्कार है ! देख अब तुझे कैसा मज़ा देता हूँ ! फिर मामा ने कामया के पेट के नीचे से हाथ ले जाकर उसके चूत को सहलाना शुरू कर दिया ! दुतरफ़ा हमला कामया को बेचैन करने लगा ! मामा ने दाना सहलाते हुए अचानक अपनी दो उंगलियाँ उसकी चूत मे उतार दी ! कामया के मुख से सिसकारी निकल गई ! वो फुस्फुसाइ
कामया - - आ मामा क्या कर रहे हो ! दोनो मे मत डालो ना बर्दास्त नहीं हो रहा
मामा - - क्यों रानी अभी तो कह रही थी क़ि मज़ा नहीं आ रहा ! तेरे जैसी जवान लौंडीयों को मज़ा देना हमे आता है ! फिर मामा ने गाँड और बुर दोनो की घमासान चुदाई चालू कर दी ! कामया का तो मस्ती से हाल बेहाल हो गया ! उसके बदन मे गूस बम उभर आए ! जांघों के बीच इतनी छोटी सी जगह मे इतना सुख भरा हुआ है उसने कभी सोचा भी नहीं था ! चूत और गाँड के बीच की पतली सी दीवार मामा के लंड और उंगलियों से पिसी जा रही थी ! कामया को लग रहा था जैसे वहाँ आग लग चुकी है ! वो कितनी बार झाड़ चुकी थी उसे खुद नहीं पता था ! इधर मामा का कहर जारी था ! अब मामा का मूसल के साथ साथ दिमाग़ भी चल रहा था ! वो सोच रहा था क़ि जब ये उजागर हो ही गया है क़ि कामया का सन्नी और हमारे दोनो से संबंध बन गया है तो सन्नी और हमारे बीचे का परदा गिर जाना ही बेहतर होगा ! एक बार दोनो खुल गये तो फिर कम्मो तो दोनो बाप बेटों को जन्नत की सैर करा देगी ! मगर उसे अभी भी ये पता नहीं चला था क़ि सन्नी और कामया के संबंध शुरू कैसे हुए वो भी कामया की ससुराल मे ! उसने तय किया क़ि चुदाई के बाद वो सन्नी और कामया से एकसाथ ही पूछ लेगा ! सोचते सोचते वो भी अब चरम पर आ गया और उसने हान्फते हुए कामया की मखमली गाँड मे अपनी मलाई भरना चालू कर दिया ! दोनो थक कर लेट गये थोड़ी देर बाद मामा ने कहा
मामा - - रानी ऐसा मज़ा हमे और कहीं नहीं आता ! तेरी तो चूत और गाँड दोनो गजब की कसी हुई हैं ! लंड को तू ऐसा निचोड़ लेती है जैसे गन्ने की मसीन मे डाल दिया हो !
कामया - - और कहीं नहीं आता मतलब ? मामा ये तो बताओ कितनों का मज़ा लिए हो ?
मामा - - नहीं नहीं तुम्हारे अलावा तो बस तेरी मामी ही है ! मामा ने सकपकाते हुए कहा !
कामया - - मामा मैं सब जानती हूँ आपके बारे मे !
मामा - - - क्या जानती है तू ?
कामया - - बहुत पहले एक बार मैने सुना था जब पापा मम्मी से कह रहे थे की यशवंत तो शौकीन आदमी है ! गाँव मे खूब ऐश करता है ! खेत मे कमरा भी इसीलिए बना के रखा है !
मामा - - तो दीदी ने क्या कहा ?
कामया - - मम्मी कह रही थी क़ि गाँव मे तो ये सब चलता ही रहता है ! ज़मींदार लोगों का यही काम है खेत किसी का भी हो अपना हाल चला देते हैं ! मामा छुपाओ मत बता दो
मामा - - अरे ऐसा कुछ नहीं है कभी कभार हो जाता है !
कामया - - मामा इस कमरे को देख कर तो लगता है कभी कभार नही बल्कि अक्सर होता होगा ? देखो ना नारियल के तेल की शीशी भी रखे हो ?
मामा - - अक्सर कहाँ से होगा ? लड़कियाँ क्या दुकान मे बिकती हैं क़ि उठा लाए ?
कामया - - अच्छा मामा ये बताओ मामी को शक नहीं हुआ कभी ?
मामा - - वो ये सब चीज़ जानती है !
कामया - - क्या ??????? क्या बोल रहे हो मामा ? वो झगड़ती नहीं है क्या ?
मामा - - देख रानी उसे मालूम है क़ि मालगुजार लोग शौकीन होते हैं ! वो भी मालगुजार की बेटी है और अपने मायके से ही सब देख कर आई है ! मामा के हाथ अब उसकी उभारों को सहला रहे थे !
कामया - - तो क्या मामी ने कभी कुछ नहीं कहा ?
मामा - - - तेरी मामी ने हमसे कहा है क़ि हमे इस बात से कोई मतलब नहीं है बस उसने दो तीन शर्तें रख दी हैं
कामया - - - कौन सी शर्त मामा ? मामा अब उसकी मस्त जांघों को सहला रहा था
मामा - - पहली ये क़ि "'दिन भर आप कहीं भी रहो रात आपको घर आना पड़ेगा मुझे मेरा आदमी रात को अपने पास चाहिए ""
कामया - - हाँ रात को तो उनको भी रहा नहीं जाता होगा ! और दूसरी शर्त ?
मामा - - बाहर कोई प्यार व्यार का चक्कर नही होना चाहिए ! किसी से दिल विल मत लगा लेना ! बस खाओ पीओ और जय राम जी की !
कामया - - मामी ने सही तो कहा ! और तीसरी शर्त ?
मामा - - तीसरी शर्त ये थी क़ि हमेशा प्रोटेक्सन मे रहोगे ! कभी ये सुनने को नहीं मिले की गाँव मे जो फलाँ बच्चा है वो आपका है !
कामया - - वॉव मामी तो बड़ी समझदार है ! अच्छा आप शर्त मानते हो की नहीं ?
मामा - - अभी तक तो मानता था मगर अब एक शर्त टूट रही है !
कामया - - कौन सी शर्त टूट रही है ?
मामा - - तेरी मामी ने कहा था की किसी से दिल विल नहीं लगाना मगर क्या करूँ तेरे पे दिल आ गया है!
कामया - - चुप रहो मामा और याद रखना मेरा आप पर कोई दिल नहीं आने वाला !
मामा ने अब उसको बैठा दिया और अच्छा से देखते हुए बोला !
मामा - - रानी आज कल तू इतना भर क्यों गई है ? तेरा तो हर अंग गदरा गया है !!!

 
कामया - - शट अप मामा ! आपको मालूम है ना क़ि मैं प्रेग्नेंट हूँ फिर भी फालतू प्रश्न करते हो ?
मामा ने देखा क़ि अब कम्मो सही मूड मे आ गई है तो उसने सन्नी को मोबाइल कर दिया
सन्नी - - - हाँ पापा !
मामा - - अंदर आ !
सन्नी सांकल खोल कर अंदर आ गया ! देखा तो कामया अपने बदन की नुमाइश कर रही थी ! सन्नी को देख कामया ने अपने को ढकने की कोशिश की मगर कुछ था ही नहीं ! उसकी कोशिश देख मामा ने कहा
मामा - - क्या ढूँढ रही है ! अब छुपाने को कुछ नहीं है ! हम दोनो देख चुके हैं तेरे को ! चल लेट जा और मामा ने उसे खींच कर अपने पास लिटा दिया !
मामा - - अच्छा अब तुम दोनो ये बताओ क़ि तुम दोनो के बीच ये शुरू कैसे हुआ ?
दोनो चुप रह गये ! उन्हे कुछ समझ नहीं आ रहा था क़ि क्या कहें मामा ने फिर कहा
मामा - - सन्नी तू बता ! और कुछ छुपाना नहीं ! मुझे अभी भी ये समझ नहीं आ रहा क़ि तू कम्मो को फँसा सकता है ! ना ये इस टाइप की लड़की थी ! ज़रूर कुछ लोचा है ! बिल्कुल सच सच बता ! सन्नी ने भी सोचा क़ि अब छुपाने मे कुछ फ़ायदा नहीं है ! वैसे भी इस वक्त हमाम मे सब नंगे हैं ! उसका बाप और उसकी फुफेरी बहन दोनो उसके सामने नंगे लेटे हैं तो फिर अब सॉफ सॉफ बता ही देना चाहिए !
सन्नी ने बताना चालू कर दिया ! कामया शर्म के मारे मुँह नहीं उठा पा रही थी क्योंकि मामा को अब ये भी पता चलने वाला था क़ि उसका अपने ससुर से भी संबंध है ! सन्नी ने शुरू से अंत तक सब पुराण बाँच दी क़ि कैसे उसने कामया को मदनलाल के साथ देखा था फिर कैसे उन दोनो के बीच संबंध बना ! मदनलाल के साथ संबंध सुन मामा चौंका
मामा - - रानी तो तू ससुर से भी लगी है ! लेकिन ऐसा कैसे हुआ ?
फिर सन्नी ने सब बताया क़ि जीजा की कमी के कारण ही दीदी को मजबूर होना पड़ा ! जब सन्नी ने बताया की कामया के पेट मे उसका बच्चा है तो मामा भोंचक रह गया !
मामा - - क्या ?????? तू सन्नी के बच्चे की मां बन रही है ! कामया ने शर्म से सिर झुका लिया ! बच्चे का बाप सन्नी है ये सुनते ही मामा अंदर से खुश हो गया
मामा - - देख कम्मो तूने जो कुछ किया उसमे तेरा कोई दोष नहीं है ! हर इंसान को अपने हिस्से का सुख लेने का हक़ है ! अच्छा एक बात मुझे बता
कामया - - क्या मामा जी ?
मामा - - अगर जैसा सन्नी का है या मदनलाल का है या मेरा औजार है वैसे सुनील का होता तो क्या तू कभी अपने ससुर से संबंध बनाती ?
कामया - - नहीं मामा फिर हमे क्या ज़रूरत थी ?
मामा - - तूने बताया जब मदनलाल ने पहली बार चतुराई से तौलिया गिरा कर अपना दिखाया था तब रात दिन तेरी आँखों के सामने उनका ही दिखता था ! हैं ना ?
कामया - - हाँ !! कामया ने बहुत धीरे से कहा !
मामा - - - अच्छा ये बता अगर सुनील का भी उतना ही बड़ा होता तो क्या फिर भी तेरी आँखों के सामने मदनलाल का ही घूमता क्या ?
कामया - - नहीं मामा ! फिर तो हमे उनकी याद आने लगती !
मामा - -- तभी तो मैं कह रहा हूँ क़ि इसमे तेरा कोई दोष नहीं है ! सब अच्छे के लिए ही हुआ है ! और तो और अगर तेरा सन्नी से टांका नहीं भिड़ता तो तू कभी मां भी नहीं बन पाती समझी !
कामया - - हाँ मामा जी ! बाबूजी तो छह महीने से कर रहे थे पर कुछ नहीं हुआ ! वो तो भैया आए तो एक बार मे ही हो गया !
मामा - - अरे वो तो होगा ही आख़िर लड़का किसका है ! मर्द का बच्चा है मर्द का !! रानी बस तू ये समझ ले क़ि तेरे भाग्य मे मेरे वंश को ही आगे बड़ाना लिखा था ! दोनो मामा क़ि बात सुन मुश्कारा दिए !
मामा - - सुन कम्मो अब तुझे कोई चिंता करने की ज़रूरत नहीं है ! अब तुझे हम दोनो भरपूर प्यार देंगे ! अब तुझे कभी मर्द की कमी नहीं महसूस होगी ! और तुझे ससुराल की चिंता करने की भी ज़रूरत नहीं है ! बस उन्हे यही लगना चाहिए क़ि बच्चा मदनलाल का है ! साले कहीं मुँह भी नहीं खोल सकते ना अपने बेटे को ही बता सकते हैं ! ऐसा कहते कहते मामा ने कामया के हाथ मे अपना लंड पकड़ा दिया !
कामया -- - नहीं मामा अब नहीं ! कामया ने हाथ छुड़ाते हुए कहा !
मामा - - पगली असली मज़ा तो अब आना है ! जबसे मुझे पता चला है क़ि मैं दादा बनने वाला हूँ तुझे नहीं मालूम क़ि मैं कितना खुश हूँ ! मेरा मन तो नाचने को कर रहा है ! अब मुझे इस खबर को सेलिब्रेट करने दे ! और उसने एक बार फिर कामया के हाथ मे अपना पकड़ा दिया ! बेचारी हाथ हटा नहीं पाई ! तभी मामा सन्नी से बोला
मामा - - पगले तू क्या देख रहा है चल अपनी दीदी की सेवा कर ! सन्नी समझ गया क़ि अब कामया का थ्री सम होने वाला है ! वो उठकर कामया की दोनो टाँग के बाच आ गया और चूत मे उंगली अंदर बाहर करने लगा !
 
कामया भी अब आने वाली घटना का अनुमान लगा चुकी थी ! उसने थ्री सम के बारे मे सुना था एक दो क्लिप भी देखी थी मगर कभी सपने मे भी नहीं सोचा था क़ि खुद कभी उसके साथ थ्री सम होगा और करने वाले बाप बेटे होंगे ! वो बेचारी शर्म के मारे आँख नही खोल पा रही थी ! उसकी आँख भले नहीं खुल रही थी मगर मुँह खुलना चालू हो गया ! सन्नी की अंदर बाहर होती उंगलियों ने उसके अंदर फिर से कामग्नी भड़का दी और वो मस्ती के मारे सिसकारी लेने लगी !
कामया - - आ ! उई !! शी शी!! सन्नी धीरे ! ज़ोर से नही करो भैया !
एक शरीफ भोली भाली लड़की जिसने शादी तक कभी किसी मर्द को छुआ तक नही था आज एक मर्द का लंड मसल रही थी तो दूसरा मर्द उसकी बुर को मसल रहा था ! कामया आँख बंद किए सोच रही थी किसके भाग्य मे क्या लिखा है कोई नहीं जानता ! शादी के चार साल तक मैं एक ढंग के लंड के लिए तरसती रही ढंग से चुदने के लिए तरसती रही ! और आज देखो तो भगवान ने लंड की बरसात कर दी है ! इतने बड़े बड़े हैं क़ि एक को सहना ही मुश्किल हो जाता है और अब दो दो एक साथ मिल रहे हैं ! पता नहीं इतनी मस्ती मैं कैसे झेल पाऊँगी ! नन्ही सी जान और इतने मर्द मेहरबान !



कामया की आँखे अभी भी बंद थी मगर दो दो मर्दों का सानिध्य उसके अंदर वासना को बड़ाता जा रहा था उसके चेहरे मे काम वासना दिख रही थी जिसे देख कर मामा खुश झोंक दिया ! कामया उत्तेजना से काँप गई ! सन्नी एक्सपर्ट आदमी था ! उसने कामया की दोनो पंखुड़ियों को दाँये बाएँ फैला दिया जिससे उसका संवेदनशील गुलाबी हिस्सा बाहर को उभर आया ,सन्नी उसे जीभ से चाटने लगा ! कामया इतना सह नहीं पाई और कमर हिला कर सन्नी के मुँह मे पानी छोड़ने लगी ! सन्नी सपड सपड पीने लगा ! स्खलित होते समय कामया इतनी गरम हो गई क़ि उसने मामा के मूसल को भर ताक़त मसलना शुरू कर दिया जिससे एक बारगी तो मामा को प्राणों की बन आई ! जब उसका आवेग कम हुआ तो मामा ने कहा
मामा - - रानी सिर्फ़ मज़ा लोगी दोगी नहीं !
कामया - - क्यों आप नहीं ले रहे हैं मज़ा ?
मामा -- ये अधूरा मज़ा से काम नहीं चलेगा !
कामया - - तो फिर पूरा मज़ा कैसे दें ? मामा अब जाकर उसके बाजू मे लेट गया और बोला
मामा - - चल रानी सामने से आजा और होंठों से प्यार कर इसे ! कामया ने उसकी बात मानते हुए ब्लो देना चालू कर दिया ! ब्लो देते वक्त उसकी पोज़ीशन डॉगी की हो गई थी ! मामा ने धीरे से सन्नी को इशारा कर दिया ! सन्नी ने फ़ौरन कामया की कमर थामी और अपना लंड उसकी बुर मे सेट कर दिया ! कामया आने वाले पल को याद कर रोमांचित हो गई ! सन्नी ने असहँसीलता का परिचय सेते हुए एक बड़ा झन्नाटेदार धक्का मार दिया ! एक ही शॉट मे लंड पूरा कामया की गहराई मे समा गया ! कामया के मुख से चीख निकल गई !
कामया -- आई ! आह ! उई माँ मर गई ! भैया मार दोगे क्या ! मगर मामा ने उसका सिर पकड़ कर फिर अपने लंड मे दबा दिया ! सन्नी अब पूरी तेज़ी से चोदने लगा ! उसका लंड अब बुलेट के पिस्टन की तरह कामया के सिलेंडर मे चल रहा था !
 

कामया अब पूरी तरह सेक्स के नशे मे डूब रही थी ! आगे पीछे दोनो तरफ से उस पर आनंद बरस रहा था ! दोनो लंड का साइज़ इतना बड़ा था क़ि उन्हे सिर्फ़ देख कर ही वो गीली हो जाती थी जबकि अभी तो दोनो एक साथ उसे स्वर्ग दिखा रहे थे !
मामा - - रानी कैसा लग रहा है ?
कामया - - अच्छा लग रहा है ! खूब मज़ा आ रहा है मामा ! कामया ने नशे मे कहा !
सन्नी - -जान अब से तुम्हे रोज ऐसा ही मज़ा मिलेगा ! देखना मैं और पापा तुम्हे इतना मज़ा देंगे की तुम यहाँ से जाना नहीं चाहोगी !
कामया - - हाँ भैया मेरा दिल तो अब इस खेत मे ही रहने को कर रहा है !
मामा - - हाँ रानी हम तो तुझे ही खेत बना देंगे और रोज हल चला देंगे तेरी उपजाऊ ज़मीन मे !
कामया - - आह ! ओह ! शी शी ! भैया जल्दी जल्दी करो मेरा फिर से होने वाला है ! ज़रा ज़ोर लगा के करो ना !
सन्नी ने जम जम से चोदना चालू कर दिया ! अगले ही पल कामया की सुरंग से पानी बहने लगा ! कामया का गरम पानी सन्नी को भी गरम कर गया और उसने भी सिसकते हुए कामया की गोद भराई कर दी ! सन्नी अब एक तरफ हो गया ! मामा बोला
मामा - - रानी बस हमारा भी होने वाला है ! फिर तू फ़ुर्सत हो जाएगी ! कुछ देर के बाद मामा ने भी कामया के मुँह मे मलाई भर दी ! मामा ने कपड़े पहने और कहा
मामा - - मैं जा रहा हूँ तुम लोग भी टाइम पर चले आना !
सन्नी - - बस हम लोग थोड़ी देर मे आ रहे हैं ! उसके बाद सन्नी ने एक बार फिर कामया की बजाई और चलने लगे ! सन्नी ने देखा की कामया को चलने मे कुछ दर्द सा हो रहा है !
सन्नी - - जान क्या हुआ ? कोई तकलीफ़ है क्या ?
कामया - - मामा ने पीछे किया था ! कामया ने शरमाते हुए कहा
सन्नी - - तो क्या हुआ ? पीछे से तो मैने भी किया था ?
मामा - - तुम्हे कुछ समझ नहीं आता ? मैं पीछे से किया नहीं कह रही ! अकेले मे मामा ने पीछे वाले मे किया था !
सन्नी - - क्या ????????? मतलब एनल !!!
कामया - - हाँ ! इसलिए दर्द दे रहा है ! कामया की बात सुन सन्नी का चेहरा उतर गया ! जिसे देख कर कामया ने कहा कामया - - भैया दर्द मुझे दे रहा है ! आप क्यों मायूस हो रहे हो ?
सन्नी - - - मैने कितने दिन से सोच के रखा था क़ि पीछे की सील मैं तोड़ूँगा मगर मेरी किस्मत ही खराब है !
कामया - - शट अप ! ! तुम , तुम्हारे पापा और उधर सुनील के पापा सब पीछे के ही चक्कर मे रहते हो ! ये भी नहीं सोचते की मुझे कितना दर्द होगा !
सन्नी - - जान सॉरी यार ! मगर तेरी पिछाड़ी है ही ऐसी क़ि जो देखे वो ही पीछे का दीवाना हो जाए !
दूसरे दिन सुबह मामा दुकान पर बैठा हुआ था वो अक्सर बारह बजे तक बैठता था ! दोनो छोटे स्कूल चले गये थे जबकि सन्नी अपने कमरे मे तैयार हो रहा था ! तभी सन्नी ने देखा की कामया तौलिया और अपने कपड़े लेकर बाथरूम की ओर जा रही है ! सन्नी फ़ौरन उसके पीछे लपका ! मामी किचन मे थी इसलिए उसके वहाँ आने का कोई चांस नहीं था ! वैसे भी बाथरूम थोड़ा दूर अलग बना हुआ था ! कामया जैसे ही अंदर हुई सन्नी दरवाजा बंद होने से पहले उसे धकेलते हुए अंदर पहुँच गया ! कामया सन्नी की हिम्मत देख डर गई !
कामया - - भैया आप जाओ यहाँ से ! पागल हो गये हो क्या ! सब घर पर हैं !
सन्नी - - जान यहाँ कोई नहीं आने वाला ! सब अपने काम मे लगे हुए हैं ! कामया ने एक बहुत ही पतली सी नाइटी पहनी हुई थी जिससे उसकी स्ट्राइप्ड ब्रा और पेंटी तक दिख रही थी ! सन्नी की भूखी नज़र कामया के ऊभारों पर टिक गई ! कामया बार बार उसे जाने के लिए कह रही थी ! मगर सन्नी कहाँ जाने वाला था ! उसने कामया को अपनी बाँहों मे भर लिया और उसके होंठ चूसने लगा ! कामया अपने को छुड़ाने का प्रयास करने लगी मगर सब व्यर्थ था ! सन्नी उसके रसीले लबों को चुसते हुए कामया के भारी और उःभरी हुई गाँड को मसलने लगा ! वो उसकी अंदुरूनी जांघों को भी सहला रहा था ! कामया बड़ी बैचेन हो रही थी ! एक तो किसी के देखे जाने का डर दूसरा सन्नी फिर उसके बदन मे कामगनी भड़का रहा था ! वो मिन्नत करने लगी
कामया - - भैया प्लीज़ आप जाओ यहाँ से ! अगर आप नहीं जाओगे तो मैं फिर आपसे बात नहीं करूँगी ! जानेमन की बात सुन सन्नी रुक गया वो कामया को इतना नहीं सता सकता था क़ि वो बात ही बंद कर दे !
सन्नी - - जान ठीक है हम जा रहे हैं बस एक बार देख लेने दो !
कामया - - क्या देख लेने दो ?
सन्नी - - नाइटी उतार कर एक बार दिखा दो प्लीज़ ! उसने कामया के सेक्सी बदन की तरफ देखते हुए कहा !
कामया -- भैया सेकड़ों बार तो देखे हो ! नहीं आप जाओ
सन्नी -- अरे चला जाऊँगा ना ! वैसे भी तुम नहाने के लिए कपड़े तो उतारोगी ना !
कामया - - अच्छा तो क्या आपके सामने उतार दूं ? बड़े आए !! मैं नहीं उतारने वाली !
सन्नी - - अच्छा ठीक है केवल नाइटी उतार दो बाकी रह ने देना !
कामया - - भैया नहीं आप मुझे परेशान मत करो !
सन्नी - - जान प्लीज़ ! मुझे कॉलेज जाना है जाने से पहले एक आइ ट्रीट दे दो ना ! और सन्नी आगे बड़कर उसकी नाइटी उतारने लगा ! कामया भैया नहीं भैया नहीं करती रही पर वो सिर्फ़ मुँह से ही विरोध कर रही था ! सन्नी ने उसकी नाइटी उतार कर नीचे फेंक दी ! नाइटी के हटते ही कामया का नशीला बदन नुमाया हो गया
 
कामया के मादक उभार और भरी हुई चिकनी जांघें देख कर सन्नी एक बार फिर बहक गया और उसने फिर से कामया को अपनी बाँहों मे ले लिया ! सन्नी अब कामया की गर्दन कंधे को चूम रहा था जबकि उसके हाथ कामया की छोटी सी कच्ची के अंदर जाकर कामया की तरबूजे जैसी गाँड को मसल रहे थे ! सन्नी की हरकत कामया के अंदर आग बरसा रही थी ! समय ग़लत नहीं होता तो कामया सब कुछ भूलकर खुद भी बहक जाती मगर ये समय नाज़ुक था मामी के रहते वो इतना बड़ा रिस्क नहीं ले सकती थी ! सो उसने अपने को छुड़ाया और सन्नी से कहा
कामया - - सन्नी अब तुम निकलो वरना फिर मुझसे आज के बाद बात मत करना ! सन्नी चुपचाप बाहर निकल गया ! कामया सोचने लगी क़ि "" बाप रे एक को संभालना कितना मुश्किल है अब तो दोनो को सब पता चल गया है पता नहीं अब गाँव मे रहना कैसे हो पाएगा !"" और बात भी एक दम सच थी दोनो बाप बेटे एक दम बैचेन हो चुके थे ज़रा सा भी मौका मिलता तो उनका हाथ कामया के नाज़ुक अंगों पर चला जाता !
दोपहर मे मामी दुकान मे बैठने गई तो मामा जल्दी से अंदर आया ! कामया किचन मे काम कर रही थी ! उसने एक जीन्स और शॉर्ट कुरती पहन रखी थी ! जीन्स से झाँकती उसकी पुष्ट जांघें देखते ही मामा की नियत डोल गई !
 
मामा को कहीं जाना था मगर वो इस मौके को भी छोड़ना नहीं चाहता था ! वो दबे पाँव आया और पीछे से कामया को लपेट लिया ! मामा के दोनो हाथ कामया के दोनो कबूतरों की उड़ान थाम चुके थे जबकि उसके खड़े मूसल ने कामया की गाँड के दरार मे जगह बना ली ! कामया कसमसाने लगी मगर मामा उसके संतरों को मसलने लगा !
कामया - - मामा प्लीज़ छोड़ो ना ! क्या कर रहे हो ?
मामा - - रानी बस तुझे प्यार कर रहा हूँ !
कामया -- चुप करो मामा ! आप तो सन्नी से भी ज़्यादा पगला गये हो ! वो तो जवान है , हमसे भी छोटा है उसका बेसबरा होना तो समझ आता है मगर आपका इस उमर मे पगलना समझ नहीं आता !
मामा - - हमारा पगलाने का तो कारण है रानी ! सन्नी का क्या उसे तो तुम मुफ़्त मे मिल गई हो बोनस की तरह ! मगर हमने तो दस साल तपस्या की है ! तो हम तो पगलाएँगे ही ! और फिर मामा ने उसकी कुरती के अंदर हाथ डाल दिया और कामया की नंगी चूची से खेलने लगा ! कामया मामा की हरकत से कराहने लगी !
कामया - - मामा आपको अपनी तपस्या का फल तो मिल गया ना फिर काहे पगला रहे हो ! छोड़ो मुझे !
मामा -- रानी हमारी खुशी ऐसी है जैसे कोई बांझ औरत को शादी के दस साल बाद बच्चा हुआ हो ! फिर उस बेचारी को बच्चे के सिवा दुनिया मे और कुछ नहीं दिखता !

मामा ने अब उसे पलटाया और उसके रसीले होंठों मे अपने प्यासे होंठ लगा दिया ! कामया का बदन एक बार फिर बहकने लगा ! मामा के दोनो हाथ कामया की जीन्स के अंदर जा चुके थे ! वो उसकी मांसल गुदाज़ नितंबों को मसल रहा था और कामया बेचारी आहें भर रही थी !
कामया - - आ ओह ! मामा मत करो ना ! नहीं आप जाओ ! उसे लग रहा था क़ि अगर उसने मामा को तुरंत नहीं रोका तो फिर वो खुद भी बहक जाएगी !
कामया - - मामा आप जाओ यहाँ से ! हमे परेशान मत करो ! कल आप ने किया तो ना खेत मे !
मामा - - रानी हम कहाँ आपको परेशान करते हैं ! हम तो प्यार करते हैं !
कामया - - अच्छा आपने कितना परेशान किया है हमे ? हमने कितना कहा क़ि सन्नी की जानकारी मे मत करो तो भी आप ने किया ! फिर हमने कितना कहा क़ि पीछे मत करो तो वहाँ भी आपने किया ! फिर आपने उसे भी बुला कर दोनो ने एक साथ किया ! आपने मेरी एक भी रिक्वेस्ट नहीं सुनी ! आप बहुत गंदे हो ! कामया ने इठलाते हुए कहा ! मामा के हाथ अभी भी उसकी गाँड को मसल रहे थे !
मामा - - - सॉरी रानी !! हमने तुम्हे बताया तो था ना क़ि वो सब समय की माँग थी ! बिना उसके ग़लत फ़हमियाँ दूर नहीं हो पाती ! मामा ने अब तक उसकी जीन्स की बटन खोल दिया था और अपना हाथ उसकी गुदाज गाँड़ मे डाल दिया ! कामया चिहुन्क गई ! गाँड़ को मसलने के बाद मामा ने हाथ आगे किया और कामया की कचोरी जैसी बुर को मसलने लगा ! कामया कामुकता से कराहने लगी !
कामया - - आह उई ! मामा नही वहाँ से हाथ हटाओ ! प्लीज़ वहाँ हाथ मत लगाओ !
मामा - - कम्मो बस ज़रा सा खेल लेने दे इस कचोरी से फिर हमे जाना है ! और वो बुर से खेलने लगा ! कामया अब गीली होने लगी थी ! तभी मामा ने अपना अंगूठा अंदर डाल दिया ! सुनील के लंड से भी मोटा अंगूठा अंदर जाते ही कामया सिसक उठी !
कामया - - नहीं मामा ! निकालो हाथ ! हमे अभी खाना बनाना है ! गंदे हो जाएँगे हम !
मामा - - अरे गंदे कैसे हो जाओगी ? जब हमने अपना अंदर डाला होता और पानी निकाला होता तब ना गंदी होती ?
कामया - - मामा आप समझते नहीं हो ! आपका पानी नही निकला तो क्या हमारा तो निकल जाएगा ना फिर हम को किचन मे काम करने मे अच्छा नहीं लगता !! और कामया चुप हो गई !
मामा - - हाँ ये बात तो है ! चलो कोई बात नहीं ! मामा ने अपना अंगूठा बाहर निकाल लिया ! दोनो की नज़र एक साथ गीले अंगूठे पर पड़ी ! कामया उसे देख कर शर्मा गई मगर मामा ने उसे दिखाते हुए अंगूठे को मुँह मे चूसने लगा !
कामया - - छी गंदे !! सब आदमी गंदे होते हैं आपके जैसे !
मामा - - अच्छा और कौन कौन चूसता है इस तरह !
कामया - - धत ! कामया मामा को वहीं छोड़ मामी के पास भाग गई जब तक क़ि मामा घर से निकल ना गया !
दिन आराम से बीत गया ! रात आठ बजे करीब मामा आया ,तो मामी दुकान पर ही बैठी थी ! वो घर के अंदर गया वहाँ ना सन्नी दिखा ना कामया ! सिर्फ़ बच्चे पढ़ रहे थे वो वापस आकर रजनी से बोला
मामा - - ये सन्नी कहाँ है ?
रजनी - - आ तो गया था ! कहीं गया होगा आजू बाजू ?
मामा - - और कामया भी नहीं दिख रही !
रजनी - - वो शायद छत मे घूम रही होगी ? डॉक्टर ने उसे पैदल घूमने को कहा है !
मामा फिर घर मे घुस गया वो सीधा उपर छत मे जाने लगा ! उसका दुमंजिला मकान था और आस पास कोई इतना उँचा मकान नहीं था ! ऊपर छत पर चार फीट की दीवाल भी थी ! मामा बड़े दबे पाँव ऊपर जा रहा था ताकि कामया को उसके आने का पता ना चले ! जैसे ही छत के नज़दीक पहुँचा उसे कुछ खुसुर फुसुर की आवाज़ आई ! उसने कान लगा के सुना तो समझ गया ये आवाज़ कामया और सन्नी की थी मतलब सन्नी भी वहीं था ! वो तुरंत सीडी पर बैठ गया और सुनने लगा कामया - - भैया प्लीज़ ज़ोर से मत दबाओ ! कल आप दोनो ने कितना दबाया और आज सुबह भी आपने खूब ज़ोर से दबा दिया था ! सच्ची कह रही हूँ बहुत दर्द दे रहा है ! मामा ने सोचा ओह तो मतलब सन्नी ने सुबह बी खुरापात की है चलो अच्छा है कम्मो हमारी करतूत नही बता रही ! ऊपर से फिर कामया की कराह सुनाई देने लगी !
कामया - - आ !! ओह मां !! भैया प्लीज़ दर्द दे रहा है ! हल्के से करो ना ! तुम्हारा बस चले तो उखाड़ कर अपने पास रख लो ! मामा के लंड ने अकड़ना चालू कर दिया ! वो बैठे बैठे ही सीडी चॅडने लगा !
कामया की फिर आवाज़ आई !
कामया - - नहीं भैया ! नहीं कपड़े मत उतारो ! कोई देख लेगा !
सन्नी - - जान कोई नहीं देखेगा ! अपनी छत से ऊँची छत यहाँ कोई नहीं है ! और फिर अपन टंकी की आड़ मे भी हैं !
कामया - - नहीं आपका क्या ! कोई देख लेगा तो बदनाम तो मुझे होना पड़ेगा ! मैं कपड़े नहीं उतारूँगी !
सन्नी - - मैं कौन सा कपड़े उतारने को कह रहा हूँ ! बस कुरती ऊपर कर दे ज़रा सा बस ! मामा समझ गया की सन्नी अपनी बात मनवा ही लेगा ! वो धीरे से और ऊपर जाने लगा इतना जिससे उसे छत दिखने लगे ! वो बैठा हुआ था इस लिए उस पर नज़र जाना मुश्किल थी ! अब मामा की नज़र उन दोनो पर पड़ गई थी ! सन्नी ने कामया की कुरती ऊपर कर दी जिससे कम्मो के दोनो चौसा आम दिखने लगे थे ! सन्नी दोनो को पकड़ कर सहलाने लगा ! कामया के मुख से सिसकारी निकलने लगी ! सन्नी बीच बीच मे दूध पी भी रहा था ! फिर सन्नी ने पाजामी को खिसकाना शुरू कर दिया !
कामया -- भैया क्या कर रहे हो ? ये छत है ! पागल मत बनो !
सन्नी - - जान तू चिंता मत कर कोई यहाँ नहीं आता इस समय ! और मैं कौन सा उतार रहा हूँ बस घुटने तक सरकाने दे !
कामया - - नहीं कोई आ सकता है !
सन्नी - - अरे यार मैं रोज रात घूमता हूँ छत मे इतने समय नीचे से कोई नहीं आता ! चल ज़रा सा देख लेने दे ! आज तो बस देख कर ही काम चला लूँ !
कामया - - भैया आप बहुत जिद्दी हो ! किसी को पता चल गया ना तो मैं जिंदगी भर आपसे बात नहीं करूँगी ! मगर सन्नी कहाँ मानने वाला था उसने कामया की कुरती पेंटी समेत घुटने तक खिसका दी !
नज़ारा देख मामा का हलक सूख गया ! चाँदनी रात मे कामया की चूची और मस्त बुर निखर उठी !
 

मामा तो एकटक देखता ही रहा गया ! उसे समझ नहीं आ रहा था क़ि क्या देखूं और क्या नहीं देखूं ! कभी वो बूब्स देखने लगता तो कभी बुर तो कभी मस्त थाइस ! आख़िर मे उसने अपनी नज़र नीचे जमा ली क्योंकी वहाँ दुहरा लाभ था ! वहाँ वो कम्मो की कचोरी जैसी बुर भी देख सकता था और उसकी मस्त जांघें भी देख सकता था ! ये वही जांघें थी जिस कारण उसका कामया पर क्रश पैदा हुआ था ! कामया की बाकी सब दौलत यानी की चूची ,गाँड़ आदि तो बाद मे विकसित हुई थी ! जब भी वो कामया के घर आता था स्कूल ड्रेस से झाँकती उसकी मक्खन सी जांघें मामा को बैचेन कर देती ! गोरी चिकनी मखमली थाइस मामा की कमज़ोरी बन गई ! और जब कामया जीन्स पहनी होती तो उसे उस हसीन थाइस का पूरा शेप दिख जाता और घर आके वो रजनी पर अपना खुमार उतार देता ! बेचारी रजनी यही समझती थी क़ि शहर से ये कुछ नशा कर के आते हैं ! मगर मामा पर तो अपनी कम्मो का नशा चड़ा रहता था ! मामा दूर से नज़ारे देख रहा था जबकि सन्नी कामया के हर अंग को सहला रहा था ! फिर सन्नी ने कामया का कंधा पकड़ कर उसे पलटा दिया ! पलटते ही कामया की मर्दमार गाँड़ मामा के सामने आ गई !
 

ये वही गाँड़ थी जिसकी एक झलक ने मदनलाल जैसे सयाने आदमी का ईमान बिगाड़ दिया था फिर मामा तो मामा ही था ! वो तो गाँड़ मारने का खाश शौकीन था ! अपने इस शौक के कारण ही वो खेत मे भी उन्ही औरतों को काम पर रखता था जो गाँड़ मरवाने की शौकीन होती थी ! मामा अब पूरा बावला होने लगा ! उसने लूँगी से अपना कोबरा बाहर निकाल लिया ! इतनी देर से भन्नाया बैठा कोबरा बाहर निकलते ही फुफ्कारने लगा ! अब मामा कम्मो की मस्त मस्त गाँड़ देख रहा था और साथ मे घस्से भी लगा रहा था !










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