FUN-MAZA-MASTI
ट्यूशन का मजा-12
गतांक से आगे..............................
सर जीभ से मेरा वीर्य चाट चाट कर खाने लगे. मैडम दीदी को लेकर हमारे कमरे में आयीं और बोलीं "क्यों सर, क्या चल रहा है? अकेले अकेले ही? हमें भी चखाइये. और आज कितना चलेगा आप का यह लेसन? साथ में लेसन नहीं देना है क्या" मैडम थीं तो पूरी नंगी पर अपनी रबर की चप्पलें पहने थीं.
"नहीं मैडम, आज नहीं, आज तो बस मैं अनिल को ही लेसन दूंगा. ये देखिये इसका प्रसाद, आप भी पाइये थोड़ा सा बचा है" मैडम ने बाकी बचा वीर्य सर की हथेली से चाट लिया. बोलीं "मजे हैं आपके सर, तो आज पूरा लेसन आप ही देंगे" उन्होंने कनखियों से सर की ओर देखा. सर ने आंखों आंखों में कुछ कहा और बोले "हां मैडम, आज ये एकदम फ़ास्ट सीख रहा है. एक दो बड़े इम्पॉर्टेंट लेसन बचे हैं, वे भी दे दूं आज ही. आप का लेसन कैसे चल रहा है? लीना तो बड़ी खुश लग रही है, देखिये आप से अलग भी नहीं रह पा रही है"
लीना दीदी मैडम से चिपट कर खड़ी थी और उनके मम्मे दबा रही थी. उसका एक हाथ अपनी बुर में चल रहा था. मुझे देखकर दीदी मुस्करायी. मैडम उसकी कमर में हाथ डालकर बोलीं "चल लीना, हम चलके अपने लेसन पूरे करते हैं, तेरे ये सर आज मूड में हैं, अनिल को पूरा सिखा कर ही मानेंगे"
"ऐसा कीजिये मैडम, आ ही गयी हैं तो हम दोनों को अपना प्रसाद चखाती जाइये, बड़ी मतवाली महक आ रही है" चौधरी सर बोले.
"हां हां क्यों नहीं, आओ अनिल, तुम मेरे पास आओ" कहकर मैडम पैर फ़ैलाकर खड़ी हो गयीं. मैं समझ गया और तुरंत उनके सामने बैठ कर उनकी बुर से मुंह लगा दिया. सर ने लीना को बिस्तर पर रखा और उसकी बुर चाटने लगे. "सर .... सर ... आप का ... याने चुसवाइये ना प्लीज़" लीना दीदी ने फ़रमाइश की.
"क्यों नहीं लीना, ले चूस" कहकर सर ने लीना दीदी का बदन घुमाया और अपना लंड उसके मुंह में देकर दीदी की बुर चूसने लगे. दीदी ने एक बार में गप्प से उनका लंड पूरा मुंह में ले लिया. मैडम हंस कर बोलीं "देखा मेरी स्टूडेंट को, कितनी होशियार है, आपने बस एक बार सिखाया है और देखिये, कैसी अव्वल आने लगी है इस काम में" मेरे मुंह पर वे अपनी बुर के पपोटे घिस रही थीं.
"मेरा ये स्टूडेंट भी कुछ कम नहीं है, देखा आपने कि इसे तो केले से भी नहीं सिखाना पड़ा. अब आप ही देखियेगा कि अगला लेसन ये कितनी सफ़ाई से सीखता है" कहते हुए सर लीना का मुंह चोदने लगे.
पांच मिनिट बाद लीना दीदी ने अपना पानी सर के मुंह में छोड़ा और मैडम ने मुझे अपनी बुर का अमरित पिलाया. सर ने अपना लंड लीना के मुंह से निकाला तो वह बोली "सर ... वो मलाई तो चखाई ही नहीं आपने?"
सर हंसे और बोले "आज नहीं, असल में ये मस्त खड़ा है, अगले लेसन में मुझे ये ऐसा ही चाहिये."
मैडम बोलीं. "चल लीना, सर को तेरे भाई को लेसन देने दे, अभी काफ़ी देर लगेगी उसमें" फ़िर वे उठ कर लीना के साथ अपने कमरे में चली गयीं. जाते जाते मैडम मुड़ कर बोलीं "अगले लेसन में मेरी हेल्प लगे तो बुलाइयेगा सर, जरा कठिन है"
"हां हां मैडम, पर मेरा विश्वास है कि यह होशियार बच्चा खुद ही सीख लेगा बिना मेरे जबरदस्ती किये" सर बोले. उनका लंड फ़िर से कस कर खड़ा हो गया था.
"क्रीम की शीशी भिजवाऊं या ये तेल से ही काम चला लेंगे?" मैडम ने पूछा.
"तेल अच्छा है मैडम, ढेर सारा अंदर उड़ेल दूंगा पहले. एक चीज और लगेगी आवाज बंद करने को, आप समझ रही हैं ना?" सर मैडम को आंख मार कर बोले. मैडम ने मुस्कराकर मेरी और सर की ओर देखा और अपनी चप्पलें वहीं सर की चप्पल के पास उतार दीं. "ये ठीक रहेंगीं?"
"बिलकुल मैडम. ये तो आपने ऐसा किया कि मन की मुराद ही दे दी अपने शिष्य को"
"हां मैंने भी गौर किया है, बहुत शौकीन लगता है इनका, चल लीना" लीना को पकड़कर खींचती हुई मैडम उसे अपने कमरे में ले गयीं.
मुझे बिस्तर पर सुला कर मेरा झड़ा लंड सर ने प्यार से मुंह में लिया और चूसने लगे. एक हाथ बढ़ाकर उन्होंने थोड़ा नारियल तेल अपनी उंगली पर लिया और मेरे गुदा पर चुपड़ा. फ़िर मेरा लंड चूसते हुए धीरे से अपनी उंगली मेरी गांड में आधी डाल दी.
"ओह ... ओह .." मेरे मुंह से निकला.
"क्या हुआ, दुखता है?" चौधरी सर ने पूछा.
"हां सर ... कैसा तो भी होता है"
"इसका मतलब है कि दुखने के साथ मजा भी आता है, है ना? यही तो मैं सिखाना चाहता हूं अब तुझे. गांड का मजा लेना हो तो थोड़ा दर्द भी सहना सीख ले" कहकर सर ने पूरी उंगली मेरी गांड में उतार दी और हौले हौले घुमाने लगे. पहले दर्द हुआ पर फ़िर मजा आने लगा. लंड को भी अजीब सा जोश आ गया और वो खड़ा हो गया. सर उसे फ़िर से बड़े प्यार से चूमने और चूसने लगे "देखा? तू कुछ भी कहे या नखरे करे, तेरे लंड ने तो कह दिया कि उसे क्या लुत्फ़ आ रहा है"
पांच मिनिट सर मेरी गांड में उंगली करते रहे और मैं मस्त होकर आखिर उनके सिर को अपने पेट पर दबा कर उनका मुंह चोदने की कोशिश करने लगा.
क्रमशः। ...........................
FUN-MAZA-MASTI Tags = Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | मराठी जोक्स | ट्रैनिंग | kali | rani ki | kali | boor | सच | | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | छातियाँ | sexi kutiya | मस्त राम | chehre ki dekhbhal | khaniya hindi mein | चुटकले | चुटकले व्यस्कों के लिए | pajami kese banate hain | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bharat | india | japan |funny animal video , funny video clips , extreme video , funny video , youtube funy video , funy cats video , funny stuff , funny commercial , funny games ebaums , hot videos ,Yahoo! Video , Very funy video , Bollywood Video , Free Funny Videos Online , Most funy video ,funny beby,funny man,funy women
ट्यूशन का मजा-12
गतांक से आगे..............................
सर जीभ से मेरा वीर्य चाट चाट कर खाने लगे. मैडम दीदी को लेकर हमारे कमरे में आयीं और बोलीं "क्यों सर, क्या चल रहा है? अकेले अकेले ही? हमें भी चखाइये. और आज कितना चलेगा आप का यह लेसन? साथ में लेसन नहीं देना है क्या" मैडम थीं तो पूरी नंगी पर अपनी रबर की चप्पलें पहने थीं.
"नहीं मैडम, आज नहीं, आज तो बस मैं अनिल को ही लेसन दूंगा. ये देखिये इसका प्रसाद, आप भी पाइये थोड़ा सा बचा है" मैडम ने बाकी बचा वीर्य सर की हथेली से चाट लिया. बोलीं "मजे हैं आपके सर, तो आज पूरा लेसन आप ही देंगे" उन्होंने कनखियों से सर की ओर देखा. सर ने आंखों आंखों में कुछ कहा और बोले "हां मैडम, आज ये एकदम फ़ास्ट सीख रहा है. एक दो बड़े इम्पॉर्टेंट लेसन बचे हैं, वे भी दे दूं आज ही. आप का लेसन कैसे चल रहा है? लीना तो बड़ी खुश लग रही है, देखिये आप से अलग भी नहीं रह पा रही है"
लीना दीदी मैडम से चिपट कर खड़ी थी और उनके मम्मे दबा रही थी. उसका एक हाथ अपनी बुर में चल रहा था. मुझे देखकर दीदी मुस्करायी. मैडम उसकी कमर में हाथ डालकर बोलीं "चल लीना, हम चलके अपने लेसन पूरे करते हैं, तेरे ये सर आज मूड में हैं, अनिल को पूरा सिखा कर ही मानेंगे"
"ऐसा कीजिये मैडम, आ ही गयी हैं तो हम दोनों को अपना प्रसाद चखाती जाइये, बड़ी मतवाली महक आ रही है" चौधरी सर बोले.
"हां हां क्यों नहीं, आओ अनिल, तुम मेरे पास आओ" कहकर मैडम पैर फ़ैलाकर खड़ी हो गयीं. मैं समझ गया और तुरंत उनके सामने बैठ कर उनकी बुर से मुंह लगा दिया. सर ने लीना को बिस्तर पर रखा और उसकी बुर चाटने लगे. "सर .... सर ... आप का ... याने चुसवाइये ना प्लीज़" लीना दीदी ने फ़रमाइश की.
"क्यों नहीं लीना, ले चूस" कहकर सर ने लीना दीदी का बदन घुमाया और अपना लंड उसके मुंह में देकर दीदी की बुर चूसने लगे. दीदी ने एक बार में गप्प से उनका लंड पूरा मुंह में ले लिया. मैडम हंस कर बोलीं "देखा मेरी स्टूडेंट को, कितनी होशियार है, आपने बस एक बार सिखाया है और देखिये, कैसी अव्वल आने लगी है इस काम में" मेरे मुंह पर वे अपनी बुर के पपोटे घिस रही थीं.
"मेरा ये स्टूडेंट भी कुछ कम नहीं है, देखा आपने कि इसे तो केले से भी नहीं सिखाना पड़ा. अब आप ही देखियेगा कि अगला लेसन ये कितनी सफ़ाई से सीखता है" कहते हुए सर लीना का मुंह चोदने लगे.
पांच मिनिट बाद लीना दीदी ने अपना पानी सर के मुंह में छोड़ा और मैडम ने मुझे अपनी बुर का अमरित पिलाया. सर ने अपना लंड लीना के मुंह से निकाला तो वह बोली "सर ... वो मलाई तो चखाई ही नहीं आपने?"
सर हंसे और बोले "आज नहीं, असल में ये मस्त खड़ा है, अगले लेसन में मुझे ये ऐसा ही चाहिये."
मैडम बोलीं. "चल लीना, सर को तेरे भाई को लेसन देने दे, अभी काफ़ी देर लगेगी उसमें" फ़िर वे उठ कर लीना के साथ अपने कमरे में चली गयीं. जाते जाते मैडम मुड़ कर बोलीं "अगले लेसन में मेरी हेल्प लगे तो बुलाइयेगा सर, जरा कठिन है"
"हां हां मैडम, पर मेरा विश्वास है कि यह होशियार बच्चा खुद ही सीख लेगा बिना मेरे जबरदस्ती किये" सर बोले. उनका लंड फ़िर से कस कर खड़ा हो गया था.
"क्रीम की शीशी भिजवाऊं या ये तेल से ही काम चला लेंगे?" मैडम ने पूछा.
"तेल अच्छा है मैडम, ढेर सारा अंदर उड़ेल दूंगा पहले. एक चीज और लगेगी आवाज बंद करने को, आप समझ रही हैं ना?" सर मैडम को आंख मार कर बोले. मैडम ने मुस्कराकर मेरी और सर की ओर देखा और अपनी चप्पलें वहीं सर की चप्पल के पास उतार दीं. "ये ठीक रहेंगीं?"
"बिलकुल मैडम. ये तो आपने ऐसा किया कि मन की मुराद ही दे दी अपने शिष्य को"
"हां मैंने भी गौर किया है, बहुत शौकीन लगता है इनका, चल लीना" लीना को पकड़कर खींचती हुई मैडम उसे अपने कमरे में ले गयीं.
मुझे बिस्तर पर सुला कर मेरा झड़ा लंड सर ने प्यार से मुंह में लिया और चूसने लगे. एक हाथ बढ़ाकर उन्होंने थोड़ा नारियल तेल अपनी उंगली पर लिया और मेरे गुदा पर चुपड़ा. फ़िर मेरा लंड चूसते हुए धीरे से अपनी उंगली मेरी गांड में आधी डाल दी.
"ओह ... ओह .." मेरे मुंह से निकला.
"क्या हुआ, दुखता है?" चौधरी सर ने पूछा.
"हां सर ... कैसा तो भी होता है"
"इसका मतलब है कि दुखने के साथ मजा भी आता है, है ना? यही तो मैं सिखाना चाहता हूं अब तुझे. गांड का मजा लेना हो तो थोड़ा दर्द भी सहना सीख ले" कहकर सर ने पूरी उंगली मेरी गांड में उतार दी और हौले हौले घुमाने लगे. पहले दर्द हुआ पर फ़िर मजा आने लगा. लंड को भी अजीब सा जोश आ गया और वो खड़ा हो गया. सर उसे फ़िर से बड़े प्यार से चूमने और चूसने लगे "देखा? तू कुछ भी कहे या नखरे करे, तेरे लंड ने तो कह दिया कि उसे क्या लुत्फ़ आ रहा है"
पांच मिनिट सर मेरी गांड में उंगली करते रहे और मैं मस्त होकर आखिर उनके सिर को अपने पेट पर दबा कर उनका मुंह चोदने की कोशिश करने लगा.
सर
मेरे बाजू में लेट गये, उनकी उंगली बराबर मेरी गांड में चल रही थी. मेरे
बाल चूम कर बोले "अब बता अनिल बेटे, जब औरत को प्यार करना हो तो उसकी चूत
में लंड डालते हैं या उसे चूसते हैं. है ना? अब ये बता कि अगर एक पुरुष को
दूसरे पुरुष से प्यार करना हो तो क्या करते हैं?"
"सर ... लंड चूसकर प्यार करते हैं?" मैंने कहा.
"और अगर और कस कर प्यार करना हो तो? याने चोदने वाला प्यार?" सर ने मेरे कान को दांत से पकड़कर पूछा. मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था.
"सर, गांड में उंगली डालते हैं, जैसा मैंने किया था और आप कर रहे हैं"
"अरे वो आधा प्यार हुआ, करवाने वाले को मजा आता है. पर लंड में होती गुदगुदी को कैसे शांत करेंगे?"
मैं समझ गया. हिचकता हुआ बोला "सर ... गांड में .... लंड डाल कर सर?"
"बहुत अच्छे मेरी जान. तू समझदार है. अब देख, तू मुझे इतना प्यारा लगता है कि मैं तुझे चोदना चाहता हूं. तू भी मुझे चोदने को लंड मुठिया रहा है. अब अपने पास चूत तो है नहीं, पर ये जो गांड है वो चूत से ज्यादा सुख देती है. और चोदने वाले को भी जो आनद आता है वो .... बयान करना मुश्किल है बेटे. अब बोल, अगला लेसन क्या है? तेरे सर अपने प्यारे स्टूडेंट को कैसे प्यार करेंगे?"
"सर ... मेरी गांड में अपना लंड डाल कर .... ओह सर ..." मेरा लंड मस्ती में उछला क्योंकि सर ने अपनी उंगली सहसा मेरी गांड में गहराई तक उतार दी.
"सर दर्द होगा सर .... प्लीज़ सर " मैं मिन्नत करते हुए बोला. मेरी आंखों में देख कर सर मेरे मन की बात समझ गये "तुझे करवाना भी है ऐसा प्यार और डर भी लगता है, है ना?"
"हां सर, आपका बहुत बड़ा है" मैंने झिझकते हुए कहा.
"अरे उसकी फ़िकर मत कर, ये तेल किस लिये है, आधी शीशी डाल दूंगा अंदर, फ़िर देखना ऐसे जायेगा जैसे मख्खन में छुरी. और तुझे मालूम नहीं है, ये गांड लचीली होती है, आराम से ले लेती है. और देख, मैंने पहले एक बार अपना झड़ा लिया था, नहीं तो और सख्त और बड़ा होता. अभी तो बस प्यार से खड़ा है, है ना? और चाहे तो तू भी पहले मेरी मार सकता है."
मेरा मन ललचा गया. सर हंस कर बोले "मारना है मेरी? वैसे मैं तो इसलिये पहले तेरी मारने की कह रहा था कि तेरा लंड इतना मस्त खड़ा है, इस समय तुझे असली मजा आयेगा इस लेसन का. गांड को प्यार करना हो तो अपने साथी को मस्त करना जरूरी होता है, वैसे ही जैसे चूत चोदने के पहले चूत को मस्त करते हैं. मैंने और मैडम ने तेरी बहन को कैसे मस्त किया था, समझा ना? लंड खड़ा है तेरा तो मरवाने में बड़ा मजा आयेगा तेरे को"
"हां सर." सर मुझे इतने प्यार से देख रहे थि कि मेरा मन डोलने लगा " सर ... आप ... डाल दीजिये सर अंदर, मैं संभाल लूंगा"
"अभी ले मेरे राजा. वैसे तुम्हें कायदे से कहना चाहिये कि सर, मार लीजिये मेरी गांड!"
"हां सर .... मेरी गांड मारिये सर .... मुझे .... मुझे चोदिये सर जैसे आपने दीदी को चोदा था."
सर मुस्कराये "अब हुई ना बात. चल पलट जा, पहले तेल डाल दूं अंदर. तुझे मालूम है ना कि कार के एंजिन में तेल से पिस्टन सटासट चलता है? बस वैसे ही तेरे सिलिंडर में मेरा पिस्टन ठीक से चले इसलिये तेल जरूरी है. अच्छा पलटने के पहले मेरे पिस्टन में तो तेल लगा"
मैंने हथेली में नारियल का तेल लिया और चौधरी सर के लंड को चुपड़ने लगा. उनका खड़ा लंड मेरे हाथ में नाग जैसा मचल रहा था. तेल चुपड़ कर मैं पलट कर सो गया. डर भी लग रहा था. तेल लगाते समय मुझे अंदाजा हो गया था कि सर का लंड फ़िर से कितना बड़ा हो गया है. सर ने भले ही दिलासा देने को यह कहा था कि एक बार झड़कर उनका जरा नरम खड़ा रहेगा पर असल में वो लोहे की सलाख जैसा ही टनटना गया था.
सर ने तेल में उंगली डुबो के मेरे गुदा को चिकना किया और एक उंगली अंदर बाहर की. फ़िर एक हाथ से मेरे चूतड फ़ैलाये और कुप्पी उठाकर उसकी नली धीरे से मेरी गांड में अंदर डाल दी. मैं सर की ओर देखने लगा.
वे मुस्कराकर बोले "बेटे, अंदर तक तेल जाना जरूरी है. मैं तो भर देता हूं आधी शीशी अंदर जिससे तुझे कम से कम तकलीफ़ हो." वे शीशी से तेल कुप्पी के अंदर डालने लगे.
मुझे गांड में तेल उतरता हुआ महसूस हुआ. बड़ा अजीब सा पर मजेदार अनुभव था. सर ने मेरी कमर पकड़कर मेरे बदन को हिलाया "बड़ी टाइट गांड है रे तेरी, तेल धीरे धीरे अंदर जा रहा है"
मैंने दूसरे कमरे में देखा. मैडम ने दीदी को गोद में बिठा लिया था और एक दूसरी की बुर में उंगली करते हुए वो दोनों बड़ी उत्सुकता से हमारी ओर देख रही थीं दीदी ने मुझे चिढ़ाते हुए मुंह बनाया कि अब देखना!
"सर ... लंड चूसकर प्यार करते हैं?" मैंने कहा.
"और अगर और कस कर प्यार करना हो तो? याने चोदने वाला प्यार?" सर ने मेरे कान को दांत से पकड़कर पूछा. मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था.
"सर, गांड में उंगली डालते हैं, जैसा मैंने किया था और आप कर रहे हैं"
"अरे वो आधा प्यार हुआ, करवाने वाले को मजा आता है. पर लंड में होती गुदगुदी को कैसे शांत करेंगे?"
मैं समझ गया. हिचकता हुआ बोला "सर ... गांड में .... लंड डाल कर सर?"
"बहुत अच्छे मेरी जान. तू समझदार है. अब देख, तू मुझे इतना प्यारा लगता है कि मैं तुझे चोदना चाहता हूं. तू भी मुझे चोदने को लंड मुठिया रहा है. अब अपने पास चूत तो है नहीं, पर ये जो गांड है वो चूत से ज्यादा सुख देती है. और चोदने वाले को भी जो आनद आता है वो .... बयान करना मुश्किल है बेटे. अब बोल, अगला लेसन क्या है? तेरे सर अपने प्यारे स्टूडेंट को कैसे प्यार करेंगे?"
"सर ... मेरी गांड में अपना लंड डाल कर .... ओह सर ..." मेरा लंड मस्ती में उछला क्योंकि सर ने अपनी उंगली सहसा मेरी गांड में गहराई तक उतार दी.
"सर दर्द होगा सर .... प्लीज़ सर " मैं मिन्नत करते हुए बोला. मेरी आंखों में देख कर सर मेरे मन की बात समझ गये "तुझे करवाना भी है ऐसा प्यार और डर भी लगता है, है ना?"
"हां सर, आपका बहुत बड़ा है" मैंने झिझकते हुए कहा.
"अरे उसकी फ़िकर मत कर, ये तेल किस लिये है, आधी शीशी डाल दूंगा अंदर, फ़िर देखना ऐसे जायेगा जैसे मख्खन में छुरी. और तुझे मालूम नहीं है, ये गांड लचीली होती है, आराम से ले लेती है. और देख, मैंने पहले एक बार अपना झड़ा लिया था, नहीं तो और सख्त और बड़ा होता. अभी तो बस प्यार से खड़ा है, है ना? और चाहे तो तू भी पहले मेरी मार सकता है."
मेरा मन ललचा गया. सर हंस कर बोले "मारना है मेरी? वैसे मैं तो इसलिये पहले तेरी मारने की कह रहा था कि तेरा लंड इतना मस्त खड़ा है, इस समय तुझे असली मजा आयेगा इस लेसन का. गांड को प्यार करना हो तो अपने साथी को मस्त करना जरूरी होता है, वैसे ही जैसे चूत चोदने के पहले चूत को मस्त करते हैं. मैंने और मैडम ने तेरी बहन को कैसे मस्त किया था, समझा ना? लंड खड़ा है तेरा तो मरवाने में बड़ा मजा आयेगा तेरे को"
"हां सर." सर मुझे इतने प्यार से देख रहे थि कि मेरा मन डोलने लगा " सर ... आप ... डाल दीजिये सर अंदर, मैं संभाल लूंगा"
"अभी ले मेरे राजा. वैसे तुम्हें कायदे से कहना चाहिये कि सर, मार लीजिये मेरी गांड!"
"हां सर .... मेरी गांड मारिये सर .... मुझे .... मुझे चोदिये सर जैसे आपने दीदी को चोदा था."
सर मुस्कराये "अब हुई ना बात. चल पलट जा, पहले तेल डाल दूं अंदर. तुझे मालूम है ना कि कार के एंजिन में तेल से पिस्टन सटासट चलता है? बस वैसे ही तेरे सिलिंडर में मेरा पिस्टन ठीक से चले इसलिये तेल जरूरी है. अच्छा पलटने के पहले मेरे पिस्टन में तो तेल लगा"
मैंने हथेली में नारियल का तेल लिया और चौधरी सर के लंड को चुपड़ने लगा. उनका खड़ा लंड मेरे हाथ में नाग जैसा मचल रहा था. तेल चुपड़ कर मैं पलट कर सो गया. डर भी लग रहा था. तेल लगाते समय मुझे अंदाजा हो गया था कि सर का लंड फ़िर से कितना बड़ा हो गया है. सर ने भले ही दिलासा देने को यह कहा था कि एक बार झड़कर उनका जरा नरम खड़ा रहेगा पर असल में वो लोहे की सलाख जैसा ही टनटना गया था.
सर ने तेल में उंगली डुबो के मेरे गुदा को चिकना किया और एक उंगली अंदर बाहर की. फ़िर एक हाथ से मेरे चूतड फ़ैलाये और कुप्पी उठाकर उसकी नली धीरे से मेरी गांड में अंदर डाल दी. मैं सर की ओर देखने लगा.
वे मुस्कराकर बोले "बेटे, अंदर तक तेल जाना जरूरी है. मैं तो भर देता हूं आधी शीशी अंदर जिससे तुझे कम से कम तकलीफ़ हो." वे शीशी से तेल कुप्पी के अंदर डालने लगे.
मुझे गांड में तेल उतरता हुआ महसूस हुआ. बड़ा अजीब सा पर मजेदार अनुभव था. सर ने मेरी कमर पकड़कर मेरे बदन को हिलाया "बड़ी टाइट गांड है रे तेरी, तेल धीरे धीरे अंदर जा रहा है"
मैंने दूसरे कमरे में देखा. मैडम ने दीदी को गोद में बिठा लिया था और एक दूसरी की बुर में उंगली करते हुए वो दोनों बड़ी उत्सुकता से हमारी ओर देख रही थीं दीदी ने मुझे चिढ़ाते हुए मुंह बनाया कि अब देखना!
मेरी
गांड से कुप्पी निकालकर सर ने फ़िर एक उंगली डाली और घुमा घुमाकर गहरे तक
अंदर बाहर करने लगे. मैंने दांतों तले होंठ दबा लिये कि सिसकारी न निकल
जाये. फ़िर सर ने दो उंगलियां डाली. इतना दर्द हुआ कि मैं चिहुक पड़ा.
"इतने में तू रिरियाने लगा तो आगे क्या करेगा? मुंह में कुछ ले ले जिससे चीख न निकल जाये. क्या लेगा बोल?" सर ने पूछा. मुझे समझ में नहीं आया कि क्या कहूं. मेरी नजर वहां पलंग के नीचे पड़ी सर की और मैडम की हवाई चप्पल पर गयी.
सर बोले "अच्छा ये बात है? शौकीन लगता है तू! कल से देख रहा हूं कि तेरी नजर बार बार मेरी और मैडम की चप्पलों पर जाती है. तुझे पसंद हैं क्या?"
मैं शरमाता हुआ बोला "हां सर, बहुत प्यारी सी हैं, नरम नरम."
"तो मेरी चप्पल ले ले, या मैडम की लूं?" सर ने पूछा.
"नहीं सर ... आपकी चलेगी" मैंने कहा.
चौधरी सर ने मुस्कराकर मैडम की एक चप्पल उठा ली "मैडम की ही ले ले, मुझे पता है कि तू कैसा दीवाना है इनका."
मैडम की चप्पल देख कर मेरे मुंह में पानी भर आया पर फ़िर मैंने सोचा कि ये ठीक नहीं है, सर से मरवा रहा हूं तो उन्हींके चरणों की चप्पल ज्यादा ठीक होगी. मैंने कहा "सर मैडम की बाद में ले लूंगा, मैडम की सेवा करूंगा तब, आज आप की ही चाहिये मुझे"
सर ने अपनी चप्पल उठाई और मेरे मुंह में दे दी. "ठीक से पकड़ ले, थोड़ी अंदर ले कर, मुंह भर ले, जब दर्द हो तो चबा लेना. ठीक है ना? तुझे शौक है इनका ये अच्छी बात है, मुंह में लेकर देख क्या लुत्फ़ आयेगा!"
मैंने मूंडी हिलाई और मैडम की हवाई चप्पल मुंह में ले ली. लंड तन्ना गया था, नरम नरम रबर की मुलायम चप्पल की भीनी भीनी खुशबू से मजा आ रहा था.
"अब पलट कर लेट जा, आराम से. वैसे तो बहुत से आसन हैं और आज तुझे सब आसनों की प्रैक्टिस कराऊंगा. पर पहली बार डालने को ये सबसे अच्छा है" मेरे पीछे बैठते हुए सर बोले.
सर ने मेरे चेहरे के नीचे एक तकिया दिया और अपने घुटने मेरे बदन के दोनों ओर टेक कर बैठ गये. "अब अपने चूतड़ पकड़ और खोल, तुझे भी आसानी होगी और मुझे भी. और एक बात है बेटे, गुदा ढीला छोड़ना नहीं तो तुझे ही दर्द होगा. समझ ले कि तू लड़की है और अपने सैंया के लिये चूत खोल रही है, ठीक है ना?"
मैंने अपने हाथ से अपने चूतड़ पकड़कर फ़ैलाये. सर ने मेरे गुदा पर लंड जमाया और पेलने लगे "ढीला छोड़ अनिल, जल्दी!"
मैंने अपनी गांड का छेद ढीला किया और अगले ही पल सर का सुपाड़ा पक्क से अंदर हो गया. मेरी चीख निकलते निकलते रह गयी. मैंने मुंह में भरी चप्पल दांतों तले दबा ली और किसी तरह चीख निकलने नहीं दी. बहुत दर्द हो रहा था.
सर ने मुझे शाबासी दी "बस बेटे बस, अब दर्द नहीं होगा. बस पड़ा रह चुपचाप" और एक हाथ से मेरे चूतड़ सहलाने लगे. दूसरा हाथ उन्होंने मेरे बदन के नीचे डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया और उसे आगे पीछे करने लगे. मैं चप्पल चबाने की कोशिश कर रहा था. सर बोले "लगता है कि थोड़ी बड़ी है तेरे लिये. आज पहली बार है तेरी, ऐसा कर ये मैडम की चप्पल मुंह में ले ले. जरा छोटी है, तुझे भी मुंह में लेने में आसानी होगी" अपनी चप्पल मेरे मुंह से निकाल कर उन्होंने मैडम की चप्पल मेरे मुंह में डाल दी. आराम से मैंने आधी ले ली और चबाने लगा. मैडम की चप्पल का स्वाद भी अनोखा था, उनके पैर की भीनी भीनी खुशबू उसमें से आ रही थी.
"अरे खा जायेगा क्या?" सर ने हंस कर कहा. फ़िर बोले "कोई बात नहीं बेटे, मन में आये वैसे कर, मस्ती कर. हम और ले आयेंगे तेरे लिये"
"इतने में तू रिरियाने लगा तो आगे क्या करेगा? मुंह में कुछ ले ले जिससे चीख न निकल जाये. क्या लेगा बोल?" सर ने पूछा. मुझे समझ में नहीं आया कि क्या कहूं. मेरी नजर वहां पलंग के नीचे पड़ी सर की और मैडम की हवाई चप्पल पर गयी.
सर बोले "अच्छा ये बात है? शौकीन लगता है तू! कल से देख रहा हूं कि तेरी नजर बार बार मेरी और मैडम की चप्पलों पर जाती है. तुझे पसंद हैं क्या?"
मैं शरमाता हुआ बोला "हां सर, बहुत प्यारी सी हैं, नरम नरम."
"तो मेरी चप्पल ले ले, या मैडम की लूं?" सर ने पूछा.
"नहीं सर ... आपकी चलेगी" मैंने कहा.
चौधरी सर ने मुस्कराकर मैडम की एक चप्पल उठा ली "मैडम की ही ले ले, मुझे पता है कि तू कैसा दीवाना है इनका."
मैडम की चप्पल देख कर मेरे मुंह में पानी भर आया पर फ़िर मैंने सोचा कि ये ठीक नहीं है, सर से मरवा रहा हूं तो उन्हींके चरणों की चप्पल ज्यादा ठीक होगी. मैंने कहा "सर मैडम की बाद में ले लूंगा, मैडम की सेवा करूंगा तब, आज आप की ही चाहिये मुझे"
सर ने अपनी चप्पल उठाई और मेरे मुंह में दे दी. "ठीक से पकड़ ले, थोड़ी अंदर ले कर, मुंह भर ले, जब दर्द हो तो चबा लेना. ठीक है ना? तुझे शौक है इनका ये अच्छी बात है, मुंह में लेकर देख क्या लुत्फ़ आयेगा!"
मैंने मूंडी हिलाई और मैडम की हवाई चप्पल मुंह में ले ली. लंड तन्ना गया था, नरम नरम रबर की मुलायम चप्पल की भीनी भीनी खुशबू से मजा आ रहा था.
"अब पलट कर लेट जा, आराम से. वैसे तो बहुत से आसन हैं और आज तुझे सब आसनों की प्रैक्टिस कराऊंगा. पर पहली बार डालने को ये सबसे अच्छा है" मेरे पीछे बैठते हुए सर बोले.
सर ने मेरे चेहरे के नीचे एक तकिया दिया और अपने घुटने मेरे बदन के दोनों ओर टेक कर बैठ गये. "अब अपने चूतड़ पकड़ और खोल, तुझे भी आसानी होगी और मुझे भी. और एक बात है बेटे, गुदा ढीला छोड़ना नहीं तो तुझे ही दर्द होगा. समझ ले कि तू लड़की है और अपने सैंया के लिये चूत खोल रही है, ठीक है ना?"
मैंने अपने हाथ से अपने चूतड़ पकड़कर फ़ैलाये. सर ने मेरे गुदा पर लंड जमाया और पेलने लगे "ढीला छोड़ अनिल, जल्दी!"
मैंने अपनी गांड का छेद ढीला किया और अगले ही पल सर का सुपाड़ा पक्क से अंदर हो गया. मेरी चीख निकलते निकलते रह गयी. मैंने मुंह में भरी चप्पल दांतों तले दबा ली और किसी तरह चीख निकलने नहीं दी. बहुत दर्द हो रहा था.
सर ने मुझे शाबासी दी "बस बेटे बस, अब दर्द नहीं होगा. बस पड़ा रह चुपचाप" और एक हाथ से मेरे चूतड़ सहलाने लगे. दूसरा हाथ उन्होंने मेरे बदन के नीचे डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया और उसे आगे पीछे करने लगे. मैं चप्पल चबाने की कोशिश कर रहा था. सर बोले "लगता है कि थोड़ी बड़ी है तेरे लिये. आज पहली बार है तेरी, ऐसा कर ये मैडम की चप्पल मुंह में ले ले. जरा छोटी है, तुझे भी मुंह में लेने में आसानी होगी" अपनी चप्पल मेरे मुंह से निकाल कर उन्होंने मैडम की चप्पल मेरे मुंह में डाल दी. आराम से मैंने आधी ले ली और चबाने लगा. मैडम की चप्पल का स्वाद भी अनोखा था, उनके पैर की भीनी भीनी खुशबू उसमें से आ रही थी.
"अरे खा जायेगा क्या?" सर ने हंस कर कहा. फ़िर बोले "कोई बात नहीं बेटे, मन में आये वैसे कर, मस्ती कर. हम और ले आयेंगे तेरे लिये"
क्रमशः। ...........................
FUN-MAZA-MASTI Tags = Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | मराठी जोक्स | ट्रैनिंग | kali | rani ki | kali | boor | सच | | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | छातियाँ | sexi kutiya | मस्त राम | chehre ki dekhbhal | khaniya hindi mein | चुटकले | चुटकले व्यस्कों के लिए | pajami kese banate hain | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bharat | india | japan |funny animal video , funny video clips , extreme video , funny video , youtube funy video , funy cats video , funny stuff , funny commercial , funny games ebaums , hot videos ,Yahoo! Video , Very funy video , Bollywood Video , Free Funny Videos Online , Most funy video ,funny beby,funny man,funy women


No comments:
Post a Comment