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Saturday, January 1, 2011

Kamuk Kahaniyan- मैं और मेरी बहू – 01

कामुक-कहानियाँ

मैं और मेरी बहू – 01

ये कहानी 44 साल की तलाक़ शुदा औरत प्रीति सहगल की है उसकी ज़ुबानी:-

मैं मनाली के एक पेंटहाउस में अपनी बहू रश्मि के साथ 69 की पोज़िशन में
एक दूसरे की चूत चाट रहे हैं. साथ ही साथ हमारी गांद की चुदाई भी हो रही
है. रश्मि की गांद मेरा बेटा राज मार रहा है मेरी गांद मेरे बेटे का खास
दोस्त रवि मार रहा है. इसके पहले की में इसके आगे कुछ कहु में आप सब को
ये बताना चाहती हूँ कि हम यहाँ तक कैसे पहुँचे.

मैं एक तलाक़ शुदा औरत हूँ जिसने बड़ी मुश्किल से अपने पति से अपने जीने
का हक़ छीना है. मुझे तलाक़ के बाद एक चार कमरों का फ्लॅट, एक गाड़ी और
अछी ख़ासी नकद रकम मिली जो हमारे गुज़ारे के लिए काफ़ी थी.

मेरा बेटा अपनी ग्रॅजुयेशन कर चुक्का था और अगले महीने शादी करना चाहता
था. मेरा बेटा राज 22 साल की उमर और देखने में बहोत ही सुन्दर था, 6" फ्ट
की हाइट, भूरी आँखें और उसका बदन देखने काबिल था. उसका सबसे खास और
प्यारा दोस्त रवि की 6.01 फिट थी और बहोत ही ताकतवर था. रवि भी 22 साल का
था और उसकी आँखों भी भूरी थी मेरे बेटे की तरह.

मेरा बेटा अपनी प्रेमिका रश्मि से शादी करना चाहता था, जो मुझे बिल्कुल
भी पसंद नही थी, लेकिन मैने अपने बेटे के आगे मजबूर थी. ना जाने क्यों
मुझे हमेशा यही लगता था कि वो मेरे बेटे के पैसों के पीछे है.

वैसे रश्मि देखने मे काफ़ी सुंदर थी, हिएत् 5.07, पतला बदन, पतली कमर
उसका फिगर 36-24-36 था. उसे मिनी स्कर्ट्स और इस तरह के कपड़े पहनने का
बड़ा शौक था. मेने अक्सर उसकी मिनी स्कर्ट में से उसके चूतर के बाहर
झँकते देखे थे.

मेरा भी फिगर कुछ कम नही था, 44 साल की उमर में भी मेने अपने शरीर को
संभाल कर रखा था. 35.25.36 मेरा फिगर था. मैं रोज़ दो घंटे स्विम्मिंग
करती थी जिससे मेरा शरीर शेप में रह सके.

राज और रश्मि अगले महीने शादी करना चाहते थे इसलिए हमने शॉपिंग भी बहुत
की थी. वो अपने हनिमून पर मनाली जाना चाहते थे. एक दिन में शॉपिंग करने
के लिए घर से निकली पर मुझे याद आया कि में कुछ समान घर में भूल गयी हूँ.

जैसे ही में घर में दाखिल हुई मुझे राज और रवि की आवाज़े सुनाई दी. मैं
एक बेडरूम की ओर बढ़ी और उनकी आवाज़े सुनने की कोशिश करने लगी. इतने में
मेने रवि की आवाज़ सुनी,

"हां मेरे लंड को इसी तरह चूसो, बड़ा मज़ा आ रहा है."

मेने कमरे में झाँक कर देखा, रवि बेड के किनारे पर बैठा हुआ था और मेरा
बेटा घुटनो के बल बैठ कर रवि के लंड को चूस रहा था. मुझे विश्वास नही हो
रहा था कि मेरा बेटा जिसकी शादी एक महीने मे होने वाली थी वो अपने दोस्त
का लंड चूस रहा था.

"राज तुम तो यार रश्मि से भी अच्छा लंड चूस्ते हो?" रवि ने कहा.

में जो सुन रही थी उसपर मुझे विश्वास नही हो रहा था क्या रश्मि और राज
दोनो रवि के लंड के चूस्ते थे.

"मेरा पानी छूटने वाला है राज!" रवि बोला.

"आज तुम तुम्हारा पानी मेरे मूह पर छोड़ो," कहकर राज ने रवि के लंड को
अपने मूह मे से निकाल दिया.

में रवि के लंड को देख कर चौंक गयी, मुझे अंदाज़ा तो था कि उसका लंड मोटा
और लंबा है लेकिन आज रूबरू देख कर मैं चौंक गयी. उसका लंड करीब 10" इंच
लंबा और 4" इंच मोटा था. राज भी उसके लंड को अपने हाथों में नही ले पा
रहा था.

राज उसके लंड को हिला रहा था और साथ ही चूस्ते जा रहा था, अचानक ही रवि
के लंड ने अपना पानी छोड़ दिया. मेने आज तक किसी को इस तरह पानी छोड़ते
नही देखा था. रवि ने कम से कम 7 बार पिचकारी छोड़ी होगी. राज ने उसके लंड
को चूस कर एक दम निढाल कर दिया था.

"आज तक मेने किसी लंड को इतना पानी छोड़ते हुए नही देखा." राज बोला.

"तुम्हे क्या अछा लगता है मेरा पानी छोड़ने का तरीका या तुम्हारे मूह में
झड़ना." रवि ने पूछा.

"इस सवाल का जवाब देना बहोत कठिन है, जब तुम्हारा लॉडा हवा में पानी
फैंकता है तो भी अच्छा लगता है और जब वो मेरे मूह में पिचकरी छोड़ता है
तो ऐसा लगता है कि मेरे गले की सारी प्यास बुझ गयी है." राज ने रवि के
लंड को और जोरों से चूस्ते हुए कहा.

"क्या तुम मेरी गांद मारने को तय्यार हो? मुझे सही में तुम्हारा लॉडा
अपनी गांद में चाहिए," मेरे बेटे ने रवि से पूछा

मैं यही सोच रही थी कि मेरा बेटा इतना बड़ा लॉडा अपनी गांद में कैसे लगा,
वहीं रवि ने क्रीम की शीशी निकाल अपने लौदे पर लगा फिर मेरे बेटे की गांद
पर मल दी.

मेरा बेटा दरवाज़े के हॅंडल को पकड़ झुक गया और रवि ने अपना खंबे जैसा
लॉडा उसकी गांद में घुसेड दिया.

रवि पहले तो धीरे धीरे गांद मारता रहा फिर जैसे ही उसने रफ़्तार पकड़ी
मुझे विश्वास नही हुआ कि मेरा बेटा इतना मोटा और लंबा लंड झेल सकता है.

रवि पहले तो धीरे धीरे राज की गांद मार रहा था फिर उसने रफ़्तार पकड़ ली.
मुझे विश्वास नही हो रहा था कि मेरा बेटा इतना मोटा लंड अपनी गांद में
झेल लेगा.

"हाआआं ज़ोर सीईई मेरी गाआआंद मरूऊओ, पुर्र्ररा घःऊशाआआआआ दो" राज ज़ोर
ज़ोर से रवि से कह रहा था.

"तुम्हारी गांद बहोत अछी है. सही में मुझे उतना ही मज़ा आ रहा जितना मुझे
रश्मि की गांद मारने में आता है." रवि ने अपने धक्कों की रफ़्तार बढ़ाते
हुए कहा.

"क्या तुम चाहते हो कि आज में तुम्हारी गांद का कचूमर बना दू," रवि ने
तेज़ी से अपने लंड को अंदर बाहर करते हुए कहा.

"हां आज ज़ोर से मेरी गांद मारो चाहे मेरी गांद फॅट ही क्यों ना जाए."
मेरा बेटा गिड़गिदते हुए रवि से बोला.

रवि ने अपना लंड थोड़ा सा बाहर खींचा और ज़ोर से राज की गांद में पेल दिया.

"हां फाड़ दो मेरी गांद दो, छोड दो अपना पानी मेरी गांद में." कहकर राज
अपने लंड पर मूठ मारने लगा.

"तुम्हारी गांद सही में बड़ी जानदार है, मुझे तुम्हारी गांद मारने में
उतना ही मज़ा आ रहा है जितना मुझे रश्मि की गांद मारने में आता है," कहकर
और ज़ोर से उसने अपना लंड अंदर पेल दिया.

रवि ने अपनी रफ़्तार तेज कर दी, और वो ज़ोर ज़ोर से अपना लंड राज की गांद
के अंदर बाहर कर रहा था, "ले मेरा पूरा लंड ले ले मेरा छूटने वाला है."
कहकर रवि ने अपना पानी राज की गांद में छोड़ दिया.

रवि रुकने का नाम नही ले रहा था. उसका लंड अब भी भी राज की गांद के अंदर
बाहर हो रहा था, में पहली बार किसी को इतनी ताक़त से और ज़ोर से चोद्ते
देख रही थी.

"आज में तुम्हारी गांद की धज्जियाँ उड़ा दूँगा," रवि और तेज़ी से गांद
मारते हुए बोला.

"हाआआं फ़ाआआद दो मेर्रर्र्ररी घाआआआआआआण्ड को." राज उसका साथ देते हुए बोला.

रवि का लंड तेज़ी से अंदर बाहर हो रहा था. उसके चेहरे के खींचाव को देख
कर लग रहा था कि वो दुबारा छूटने वाला है. रवि और ज़ोर ज़ोर से लंड पेल
रहा था. दोनो की साँसे फूली हुई थी.

"ये मेराआआ छूटा" कहकर रवि ने वीर्य राज की गांद में उंड़ेल दिया.

"ःआआआआआआआआण मुझे महसूस हो ऱाःआआआआआआआ है, छोद्दद्ड दो सारा पानी मेरी
गाआआंद में छोड़ दो." राज हानफते हुए बोल रहा था.

इनकी चुदाई देख में दंग रह गयी थी. मैं सोच रही थी क्या रश्मि को ये सब
मालूम है? रश्मि भी तो रवि से चुदवाती है, तो ज़रूर मालूम होगा. में
चुपचाप अपने कमरे में आ गयी. मेरी चूत भी इनकी चुदाई देख गीली हो गयी थी.
मेरा खुद का मन चुदवाने को कर रहा था.

शाम को में शॉपिंग के लिए घर से निकली, मेरे ख़यालों में अभी भी राज और
रवि का नज़ारा घूम रहा था. मेने सोच लिया था कि में उनपर ज़्यादा नज़र
रखूँगी, शायद रश्मि की चुदाई देखने का मौका मिल जाए.

दो दिन बाद में काम पर से घर लौटी तो मुझे राज के कमरे से आवाज़ें सुनाई
दे रही थी. मेने धीरे से खिड़की से झाँका तो देखा बिस्तर पर रवि, राज और
रश्मि के बीच में बैठा हुआ था. तीनो नंगे थे और उनके कपड़े कमरे में
चारों तरफ बिखरे पड़े थे. रश्मि घुटनो के बल होकर रवि का लंड चूस रही थी.

"अब मेरी बारी है." कहकर राज ने रश्मि से रवि का लंड लिया और चूसने लगा.

रश्मि बिस्तर के नीचे उतर राज के लंड को अपने मूह में ले चूसने लगी.

में असचर्या चकित थी कि मेरा बेटा और उसकी होने वाली बीवी दोनो ही लॉडा चूस रहे थे.

राज और रश्मि दोनो लंड को तब तक चूस्ते रहे जब तक रवि और राज के लंड ने
पानी नही छोड़ दिया. रवि ने अपने वीर्य से राज का मूह भर दिया और राज ने
अपने वीर्य की पिचकारी रश्मि के मूह मे छोड़ दी.

रवि ने फिर रश्मि को बिस्तर के किनारे पर बिठा उसकी टाँगे फैला दी. उसने
दोनो टाँगे को और फैला अपनी जीव रश्मि की चूत पर रख उसे चाटने लगा. रवि
अब ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत को चूस रहा था, वो अपनी जीव उसकी चूत के अंदर
डाल चोद रहा था. थोड़ी देर में ही रश्मि के मूह से मादक सिसकारियाँ फुट
रही थी.

"हाआआं चााआआतो और्र्र्ररर ज़ोर से चूवसो हाआआऐं यहीयईिन." रश्मि का शरीर
अकड़ने लगा, वो अपनी गर्दन उन्माद में इधर उधर कर रही थी.

लगता था कि रवि इस खेल का पुराना खिलाड़ी था उसे अच्छी तरह मालूम था उसे
क्या करना है, वो ज़ोर से अपनी जीव रस्मी की चूत में घुसा अपने होठों से
पूरी चूत को मूह में ले लेता. वो ज़ोर ज़ोर से तब तक रश्मि की चूत चाट
रहा था जब तक रश्मि की चूत ने पानीनही छोड़ दिया और वो थक कर उसे रुकने
को कहने लगी,

"प्लीज़ रुक जाओ बसस्स्स्सस्स और नही में और सहन नही कर सकती."

में अगले चार घंटे तक इस चुदाई का नज़ारा देखती रही. चारों आसान बदल बदल
कर चुदाई कर रहे थे, जैसे पूरी कामसुत्रा का अनुभव करना चाहते हो. में
खुद गिनती भूल गयी कि कौन कितनी बार झाड़ा.

थोड़ी देर सुसताने के बाद रवि का लंड फिर तन कर खड़ा हो गया था, रश्मि भी
उसका लंड अपनी चूत में लेना चाहती थी. रवि बिस्तर पर लेट गया और रश्मि
उसपर चढ़ उसके लंड को चूत के छेद पर लगा खुद उसके लंड पर बैठ गयी.

रवि का पूरा लंड रश्मि की चूत में घुस चुक्का था. उसने रवि के लंड को खुद
की चूत में जगह बनाने का समय दिया और फिर खुद धक्के लगाने लगी. उसके
कुल्हों को पकड़ रवि भी नीचे से धक्के लगा रहा था. रश्मि के मूह से
सिसकारियाँ फुट रही थी,

"ःआआआआआआआआआआण ओह य्ाआआआआआ आईसस्स्स्स्सीईई ही."

इतने में राज रश्मि के पीछे आ गया और उसे थोड़ा नीचे झुका उसकी गांद को
सहलाने लगा. उसने अपनी दो उंगली उसकी गांद में घुसा दी, "ऊऊऊऊऊऊऊऊ
माआआआ," रश्मि दर्द से कराही.

राज ने थोड़ी वॅसलीन ले अपने लंड और उसकी गांद पे लगा दिया, और फिर अपना
6' लंड उसकी गांद मे पेल दिया. अब रवि रश्मि को नीचे से चोद रहा था और
राज पीछे से. मेने आज तक दो लंड एक साथ नही लिए थे, ये सीन देख के मेरी
चूत में पानी आ गया.

टू बी कंटिन्यूड…………


Mein aur meri bahu  – 01

Ye kahani 44 saal ki talak shuda aurat Preeti Sehgal ki hai uski jubani:-

Mein manali ke ek penthouse mein apni bahu Rashmi ke sath 69 ki
position mein ek dusre ki choot chat rahe hain. Sath hi sath hamari
gaand ki chudai bhi ho rahi hai. Rashmi ki gaand mera beta Raj mar
raha hai meri gaand mere bete ka khas dost Ravi mar raha hai. Iske
pehle ki mein iske aage kuch kahu mein aap sab ko ye batana chahti hun
ki hum yahan tak kaise pahunche.

Mein ek talak shuda aurat hun jisne badi mushkil se apne pati se apne
jine ka haq china hai. Mujhe talak ke baad ek char kamron ka Flat, ek
gadi aur achi khasi nakad rakam mili jo hamare gujare ke liye kafi
thi.

Mera beta apni graduation kar chukka tha aur agle mahine shadi karna
chahta tha. Mera beta Raj 22 saal ki umar aur dekhne mein bahot hi
sunder tha, 6" ft ki height, bhuri ankhen aur uska badan dekhne kabil
tha. Uska sabse khas aur pyara dost Ravi ki 6.01 ft thi aur bahot hi
takatvar tha. Ravi bhi 22 saal ka tha aur uski ankhon bhi bhuri thi
mere bete ki tarah.

Mera beta apni premika Rashmi se shaadi karna chahta tha, jo mujhe
bilkul bhi pasand nahi thi, lekin mien apne bet eke age majboor thi.
Na jane kyon mujhe hamesha yahi lagta tha ki wo mere bet eke paison ke
piche hai.

Waise Rashmi dekhne mien kafi sunder thi, hieht 5.07, patla badan,
patli kamar uska figure 36-24-36 tha. Use mini skirts aur is tarah ke
kapde pehnne ka bada shuk tha. Meine aksar uski mini skirt mein se
uski choot ke bahar jhankte dekhe the.

Mera bhi figure kuch kam nahi tha, 44 saal ki umar mein bhi meine apne
sharir ko sambhal kar rakha tha. 35.25.36 mera figure tha. Mien roz do
ghante swimming karti thi jisse mera sharir shape mein reh sakun.

Raj aur Rashmi agle mahine shadi karna chahte the isliye humne
shopping bhi bahut kit hi. Wo apne honeymoon par Manali jana chahte
the. Ek din mein shopping karne ke liye ghar se nikli par mujhe yaad
aaya ki mein kuch saman ghar mein bhul gayi hun.

Jaise hi mein ghar mein dakhil hui mujhe Raj aur Ravi ki awaje sunai
di. Mien ek bedroom ki aur badhi aur unki awaze sunne ki koshish karne
lagi. Itne mein meine Ravi ki awaz suni,

"Haan mere Lund ko isi tarah chuso, bada maza aa raha hai."

Meine kamre mein jhank kar dekha, Ravi bed ke kinare par baitha hua
tha aur mera beta ghutno ke bal baith kar Ravi ke Lund ko choos raha
tha. Mujhe vishwas nahi ho raha tha ki mera beta jiski shadi ek mahine
me hone wali thi wo apne dost ka Lund choos raha tha.

"Raj tum to yaar Rashmi se bhi acha Lund chooste ho?" Ravi ne kaha.

Mein jo sun rahi thi uspar mujhe vishwas nahi ho raha tha kya Rashmi
aur Raj dono Ravi ke Lund ke chooste the.

"Mera pani chutne wala hai Raj!" Ravi bola.

"Aaj tum tumhara pani mere muh per chodo," kehkar Raj ne Ravi ke Lund
ko apne muh me se nikal diya.

Mein Ravi ke Lund ko dekh kar chounk gayi, mujhe andaza to tha ki uska
Lund mota aur lamba hai lekin aaj rubroo dekh kar mien chounk gayi.
Uska Lund kareeb 10" inch lamba aur 4" inch mota tha. Raj bhi uske
Lund ko apne hathon mein nahi le pa raha tha.

Raj uske lund ko hila raha tha aur sath hi chooste jar aha tha,
Achanak hi Ravi ke Lund ne apna pani chod diya. Meine aaj tak kisi ko
is tarah panin chodte nahi dekha tha. Ravi ne kam se kam 7 bar
pichkari chodi hogi. Raj ne uske Lund ko chus kar ek dam nidhal kar
diya tha.

"Aaj tak meine kisi Lund ko itna pani chodte hue nahi dekha." Raj bola.

"Tumhe kya acha lagata hai mera pani chodne ka tarika ya tumhare muh
mein jhadna." Ravi ne pucha.

"Is sawal ka jawab dena bahot kathin hai, jab tumhara lauda hawa mein
pani fainkta hai to bhi accha lagta hai aur jab wo mere muh mein
pichakri chodta hai to aisa lagta hai ki mere gale ki sari pyaas bujh
gayi hai." Raj ne Ravi ke Lund ko aur joron se chooste hue kaha.

"Kya tum meri gaand marne ko tayyar ho? mujhe sahi mein tumhara lauda
apni gaand mein chahiye," mere bete ne Ravi se pucha

Mein yahi soch rahi thi ki mera beta itna badd lauda apni gaand mein
kaise laga, wahin Ravi ne cream ki shishi nikal apne laude par avam
mere bete ki gaand par mal di.

Mera beta darwaze ke handle ko pakad jhuk gaya aur Ravi ne apna khambe
jaisa lauda uski gaand mein ghused diya.

Ravi pehle to dhire dhire gaand marta raha phir jaise hi usne rafter
pakdi mujhe vishwas nahi hua ki mera beta itna mota aur lamnba Lund
jhel sakta hai.

Ravi pehle to dhire dhire Raj ki gaand mar raha tha phir usne rafter
pakad li. Mujhe vishwas nahi ho raha tha ki mera beta itna mota Lund
apni gaand mein jhel lega.

"HAAAAAAN JOR SEEEEEE MERI GAAAAAAND MAROOOOO, PURRRRA GHUSAAAAA DO"
Raj jor jor se Ravi se keh raha tha.

"Tumhari gaand bahot achi hai. Sahi mein mujhe utna hi maza aa raha
jitna mujhe Rashmi ki gaand marne mein aata hai." Ravi ne apne dhakkon
ki rafter badhate hue kaha.

"Kya tum chahte ho ki aaj mein tumhari gaand ka kachumar bana du,"
Ravi ne teji se apne Lund ko andar bahar karte hue kaha.

"Haan aaj jor se meri gaand maro chahe meri gaand phat hi kyon na
jaye." Mera beta gidgidate hue Ravi se bola.

Ravi ne apna Lund thoda sa bahar khincha aur jor se Raj ki gaand mein pel diya.

"HAAN PHAD DO MERI GAAND DO, CHOD DO APNA PANI MERI GAAND MEIN."
Kehkar Raj apne Lund par muth marne laga.

"Tumhari gaand sahi mein badi jandar hai, Mujhe tumhari gaand marne
mein utna hi maza aa raha hai jitna mujhe Rashmi ki gaand marne mein
aata hai," kehkar aur jor se usne apna Lund andar perl diya.

Ravi ne apni rafter tej kar di, aur wo jor jor se apna Lund Raj ki
gaand ke andar bahar kar raha tha, "Le mera pura Lund le le mera
chootne wala hai." Kehkar Ravi ne apna pani Raj ki gaand mein chod
diya.

Ravi rukne ka naam nahi lae raha tha. Uska Lund abbhi bhi Raj ki gaand
ke andar bahar ho raha tha, Mein pehli baar kisi ko itni takat se aur
jor se chodte dekh rahi thi.

"Aaj mein tumhari gaand ki dhajjiyan uda dunga," Ravi aur teji se
gaand marte hue bola.

"HAAAAAAN PHAAAAAD DO MERRRRRRI GAAAAAAAND KO." Raj uska sath dete hue bola.

Ravi ka Lund teji se andar bahar ho raha tha. Uske chehre ke khinchav
ko dekh kar lag raha tha ki wo dubara chutne wala hai. Ravi aur jor
jor se Lund pel raha tha. Dono ki sanse phuli hui thi.

"Ye meraaaaaa chuta" kehkar Ravi ne virya Raj ki gaand mein undel diya.

"HAAAAAAAAN MUJHE MEHSUS HO RAHAAAAAAA HAI, CHODDDD DO SARA PANI MERI
GAAAAAAND MEIN CHOD DO." Raj hanfte hue bol raha tha.

Inki chudai dekh mein dang rah gayi thi. Mein soch rahi thi kya Rashmi
ko ye sab malum hai? Rashmi bhi to Ravi se chudwati hai, to jarur
malum hoga. Mein chupchap apne kamre mein aa gayi. Meri choot bhi inki
chudai dekh gili go gayi thi. Mera khud ka man chudwane ko kar raha
tha.

Sham ko mein shopping ke liye ghar se nikli, mere khayalon mein abhi
bhi Raj aur Ravi ka nazara ghum raha tha. Meine soch liya tha ki mein
unpar jyada nazar rakhungi, shayad Rashmi ko chudate dekhne ka mauka
mil jaye.

Do din bad mein kam par se ghar lauti to mujhe Raj ke kamre se awazen
sunai de rahi thi. Meine dhire se khidki se jhanka to dekha bistar par
Ravi, Raj aur Rashmi ke bich mein baitha hua tha. Teeno nange the aur
unke kapde kamre mein charon taraf bikhre pade the. Rashmi ghutno ke
bal hokar Ravi ka Lund choos rahi thi.

"Ab meri bari hai." Kehkar Raj ne Rashmi se Ravi ka Lund liya aur choosne laga.

Rashmi bistar ke niche utar Raj ke Lund ko apne muh mein le choosne lagai.

Mein ascharya chakit thi ki mera beta aur uski hone wali biwi dono hi
Lauda choos rahe the.

Raj aur Rashmi dono Lund ko tab tak chooste rahe jab tak Ravi aur Raj
ke Lund pani nahi chod diya. Ravi ne apne virya se Raj ka muh bhar
diya aur Raj ne apne virya ki pichkari Rashmi ke muh meih chod di.

Ravi ne phir Rashmi ko bistar ke kinare par bitha uski tange faila di.
Usne dono tange ko aur faila apna jeev Rashmi ki choot par rakh use
chatne laga. Ravi ab jor jor se uski choot ko choos raha tha, wo apni
jeev uski choot ke andar dal chod raha tha. Thodi der mein hi Rashmi
ke muh se madak siskariyan phut rahi thi.

"HAAAAAAN CHAAAAAAAATO AURRRRRR JOR SE CHOOOSO HAAAAAAAIN YAHIIIIN."
Rashmi ka sharir akadne laga, wo apni gardan unmad mein idhar udhar
kar rahi thi.

Lagta tha ki Ravi is khel ka purana khiladi tha use achci tarah malum
tha use kya karna hai, wo jor se apni jeev Rasmi ki choot mein ghusa
apne hothon se puri choot ko muh mein le leta. Wo jor jor se tab tak
Rashmi ki choot chat raha tha jab tak Rashmi ki choot nahi chod diya
aur wo thak kar use rukne ko kehne lagi,

"Please ruk jao basssssss aur nahi mein aur sehan nahi kar sakti."

Mein agle char ghante tak is chudai ka nazara dekhti rahi. Charon asan
badal badal kar chudai kar rahe the, jaise puri Kamasutra ka anubhav
karna chahte ho. Mein khud ginti bhul gayi ki kayn kitni bar jhada.

Thodi der sustane ke bad Ravi ka Lund phir tan kar khada ho gaya tha,
Rashmi bhi uska Lund apni choot mein lena chahti thi. Ravi bistar par
let gaya aur Rashmi uspar chad uske Lund ko choot ke ched par laga
khud uske lund par baith gayi.

Ravi ka pura Lund Rashmi ki choot mein ghus chukka tha. Usne Ravi ke
Lund ko khud ki choot mein jagah banana ka samay diya aur phir khud
dhakke lagane lagi. Uske kulhon ko pakad Ravi bhi niche se dhake laga
raha tha. Rashmi ke muh se siskariyan phut rahi thi,

"HAAAAAAAAAAN OHHHHHHHHHHHH YAAAAAAAAAAAA AISSSSSSEEEEEEE HI."

Itne mein Raj Rashmi ke piche aa gaya aur use thoda niche jhuka uski
gaand ko sehlane laga. Usne apni do ungli uski gaand mein ghusa di,
"UUUUUUUU MAAAAAAAA," Rashmi dard se karahi.

Raj thodi Vaseline le apne Lund aur uski gaand pe laga diya, aur phir
apna 6' Lund uski gaand mien pel diya. Ab Ravi Rashmi ko niche se chod
raha tha aur Raj piche se. Meine aaj tak do Lund ek sath nahi liye
the, ye scene dekh ke meri choot mein pani aa gaya.

To be continued…………


आपका दोस्त राज शर्मा साधू सा आलाप कर लेता हूँ , मंदिर जाकर जाप भी कर
लेता हूँ .. मानव से देव ना बन जाऊं कहीं,,,, बस यही सोचकर थोडा सा पाप
भी कर लेता हूँ आपका दोस्त राज शर्मा (¨`·.·´¨) Always `·.¸(¨`·.·´¨)
Keep Loving & (¨`·.·´¨)¸.·´ Keep Smiling ! `·.¸.·´ -- raj

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