Sunday, July 28, 2013

हिंदी सेक्सी कहानियाँ मुझे कुत्ते से चुदवा दिया--5





 हिंदी सेक्सी कहानियाँ

मुझे कुत्ते से चुदवा दिया--5

गतांक से आगे................................
फिर उन्होंने मुझे नहाने की आज़ादी दे दी, मैं जब से यहाँ आई थी ये पहली बार था जब मैं खुद को साफ़ कर सकती थी, हालाँकि वो सभी लोग मेरे सामने ही खड़े होकर मुझे नंगी नहाते हुए देख रहे थे. मैंने अपने बालों को जितने अच्छे से हो सकता था धोया, हालाँकि मेरा सारा जिस्म, जो की चाबुक की चोट और सुलगते सिगार व् सिगरटों से जलाये जाने के ज़ख्मो से भरा था, लगातार चुदाई और तरह तरह की यातनाओ की वजह से घायल था, इसलिए पानी की हर बूँद मुझे बहुत ही ज्यदा दर्द पहुंचा रही थी फिर भी मैं खुद को जितना अच्छे से साफ़ कर सकती थी मैंने किया .
मुझे कुत्ते से खुद को चुदवाते हुए देखकर और सिगरत व् सिगार से मेरे जिस्म को जलाय जाने से उनकी योन उतेजना फिर से एक बार दोबारा चरम पे थी, उन सभी लोगों ने फिर से मेरा बलात्कार करना शुरू कर दिया मेरा जिस्म, जहाँ जहाँ उन लोगों ने मुझे जलाया था वो ज़ख्म छुने भर से ही मुझे असहनये दर्द पहुंचा रहे थे, मेरी दर्द भरी चींखे उन्हें और ज्यादा उत्साहित कर रही थी, जिसकी वजह से वो सभी मर्द मुझे दुगने जोश से बार बार चोद रहे थे।
मेरे जिस्म का हर छेद उन लोगों ने खोल कर फाड़ दिया था, यहाँ तक की मेरी नाक और कान भी नहीं बच पाए. जब उनका मन भर गया तो उन्होंने मुझे वापिस कोठरी में डाल दिया।

चोथे दिन वो लोग मुझसे शायद थक चुके थे, वो लोग मुझे हर तरह से ज़लील कर चुके थे, अब मेरा बलात्कार करना भी उनको ज्यादा उत्साहित नहीं कर पा था, तो उन्होंने मुझे थोड़ा और तमाशा बन ने के लिए मजबूर किया, ताकि अपना थोड़ा और मनोरंजन कर सकें, मुझे खुद को और ज्यादा ज़लील करते हुए देख सकें।
और तब उन पुलिस वालों ने मुझे ज़मीन पर रेंगने को कहा, ज़मीन को प्रेमी की तरह चूमने को कहा
उसके बाद उन्होंने मेरी टांगें चोड़ी कर के खोलवा कर मुझे ज़मीन पर पीठ के बल लेट कर, मेरी नंगी चूत में मुझे अपनी ही अंगुलियाँ डालकर, उनके सामने, अपनी चूत के साथ खेलने को कहा गया, जब तक की मेरी चूत पानी छोड़ छोड़ कर गीली न हो जाये।
मुझे नहीं लगता था की मैं अपनी चूत गीली कर पाऊँगी, जो कुछ भी यहाँ पर मेरे साथ हुआ उसके बाद तो अपनी चूत कतई गीली नहीं कर पाऊँगी
मेरा खुदा जानता था की मैं इन पुलिस वालों के सामने अपनी चूत गीली नहीं करना चाहती थी, मुझे खुद ये सोच कर ताजुब हो रहा था की इतना ज़लील होने के बाद भी मेरे अन्दर शर्म बाकी है, जो की महेसूस हो रही है, अपनी नंगी चूत उन लोगों के सामने गीली करने पर
मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही थी अपनी नंगी चूत में अंगुलियाँ डालकर अपनी चूत गीली करने की, लेकिन शायद मैं खुद को उतेजित नहीं कर पर रही थी, इसलिए मैंने सिर्फ वो किया जो उन लोगों ने मुझे करने को कहा
मैं अपनी नंगी चूत में अपनी अंगुली डालकर अपनी चूत के साथ खेलने लगी, मैं सिवाए शर्म, न ख़त्म होने वाले दर्द और बेतहाशा गुस्से के यलावा मैं कुछ और महसूस नहीं कर पा रही थी।
पहले धीरे धीरे अपनी नंगी चिकनी चूत में अंगुलियाँ चलाते हुए, फिर मैंने अपनी चूत को खींचना शुरू कर दिया, अपनी अंगुली से मैं अपनी नंगी चूत को रगड़ने लगी, मैं पूरी कोशिश कर रही थी की अपनी चूत से पानी छुडवा दों और ये साब ख़त्म हो जाये, या फिर ये लोग थक जाये
फिर मैंने महेसूस किया की मेरी गुलाबी नंगी निपल सकत होने लगी, और मेरी नंगी चिकनी चूत भी फूलने लगी थी, वो सभी लोग मुझे लागातार देख रहे थे।
न जाने क्यों पर मेरी शर्म भी बढती जा रही थी, मैं उन लोगों के सामने सरेआम अपनी नंगी चूत गीली नहीं करना चाहती थी लेकिन मेरे मुहं से मादक सिसकियाँ निकलने लगी, जो की धीरे धीरे तेज़ होती गई, न चाहते हुए भी मैं खुद को मदहोश होने से रोक नहीं पा रही थी, मेरी साँसे भी तेज़ हो गई और आख़िरकार मेरे न चाहते हुए भी मेरी नंगी चूत ने सरेआम उन सबके सामने पानी छोड़ दिया। मेरी आँखों से एक बार फिर से आंसू निकल आये, वो लोग जो चाहते थे उसमे कामियाब हो गए थे, मैं सच में एक बाजारू रंडी बन गई थी, जिसकी कोई औकात नहीं हो, सिर्फ एक जवान नंगी कुतिया बन कर रह गई थी, मैं रीडा खान!
अब वो मुझे जाने दे सकते हैं।
उन सब ने मिलकर फिर से एक आखरी बार मेरा बलात्कार किया, फिर उन्होंने मुझसे एक कानूनी कागज़ पर मेरे दस्कह्त करवाए, जिस पर लिखा था की मुझे ड्रग्स की तस्करी करने के जुर्म में कानूनन गिरफ्तार किया गया था, लेकिन कोई साबुत न मिलने के कारण मुझे बिना कोई नुकसान पहुचाये छोड़ दिया गया है।
ये सब इसलिए किया गया ताकि मैं यहाँ से जाने के बाद चीफ के खिलाफ को शिकायत न कर सकूँ और अगर करती हूँ तो मेरा दस्कह्त किया हुआ कानूनी कागज़ मेरे ही खिलाफ इस्तमाल कर, चीफ और उसके साथी मेरी शिकायत को गलत साबित कर बच निकलेंगे। मैंने चुपचाप उस कागज़ पर दस्कह्त कर दिए, मैं सिर्फ यहाँ से निकलना चाहती थी, मुझे किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं करनी थी।
लेकिन जाने से पहले मुझे चीफ ने एक बार और ज़लील करने के लिए, ये जताने के लिए की मैं रीडा खान एक जवान मुस्लिम लड़की, कितनी गिरी हुई बाजारू रंडी एक सड़ी हुई कुतिया हूँ और ताकि मैं चीफ़ का सिखाया हुआ सबक हमेशा याद रखूं ; चीफ़ ने एक बड़ा सा ग्लास निकला और उसमे पेशाब कर दिया, फिर बाकी सभी पुलिस वालों ने भी बारी बारी उस ग्लास में पेशाब किया और आख़िर में चीफ़ ने उसमे थूक कर, पेशाब से भरा ग्लास मेरी तरफ खिसका दिया।
चीफ़ बोला,"चल रंडी!, अब तुझे तेरी औकात का एसास हो गया, इस ग्लास को अपने मुहं से लगाकर सारा पेशाब पी ले, कुतिया!"
"अगर तू ये सारा पेशाब पी गई तो मैं तुझे जाने दूंगा, लेकिन अगर तुने एक बूंद भी उगला या गिराया तो कसमसे तुझे सारी जिन्दगी इसी कोठरी में नंगी ही रखूंगा, समझ गई कुतिया!"
मैं पहले ही डरी हुई थी, दर्द और शमिन्दगी से टूट चुकी थी, चार दिनों से सरेआम भरी जवानी में नंगी होकर लगातार नजाने कितनो से चुद रही थी, यहाँ तक की एक कुत्ते से भी चुद चुकी थी. मैंने धीरे से सर हिलाकर हाम़ी भर दी और उन सब पुलिस वालों के पेशाब से भरा ग्लास उठा लिया। उस पेशाब से भरे ग्लास की बदबू ही इतनी गन्दी थी की एक घोंट भी पीना नामुमकिन था और मुझे तो पूरा ग्लास ही पीने को कहा गया था............................
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लेकिन फिर मैंने उस चाबुक की मार को याद किया, कैसे मुझे सिगरट से जलाया गया और हर वो ज़लील करने वाली चीज़ जो मैंने अपने साथ की, जो मुझसे करवाई गई. मैंने अपनी आंसू से भरी आँखे बंद की और एक लम्बी साँस लेते हुए खुद को मजबूर किया और पेशाब से भरा ग्लास अपने होंटों से लगाकर जैसे तैसे सारा पेशाब पी लिया।
मैं खुद को उलटी करने से रोक रही थी, मुझसे साँस भी लेना मुश्किल हो रहा था, बस मैं अब हर हाल में वहां से निकलना चाहती थी।
जो भी हो मैंने वो हर काम किया जो उन लोगों ने मुझसे कहा, अब मुझे और ज्यादा ज़लील करना उनके बस में नहीं था . एक पुलिस वाले ने मेरे कपडे ला कर मेरे सामने फ़ैक दिए, मैंने फटाफट उन लोगों के सामने ही अपने कपडे पहन लिए, एक पुलिस वाले ने मुझे थाने के बाहर ले जाकर छोड़ दिया, मैं अपनी कार में बैठी और जल्दी से वहां से निकल कार दूर आ गई।

मैं कुछ भी सोचने या महसूस करने काबिल नहीं थी, मैं सिर्फ अपनी कार चलाये जा रही थी, हालाँकि मैं कार की स्पीड पर काफी ध्यान रखे हुई थी, ताकि मैं कार फिर से तेज न चलाऊं। मुझे नहीं पता था की मैं किस तरफ जा रही हूँ या मुझे कहाँ जाना चाहिए, मैं सिर्फ चली जा रही थी। उस जगह से बहुत दूर जाना चाहती थी, मैं करीब उस जगह से 10 मील आगे निकल आने पर, मैं कुछ राहत महेसूस करने लगी थी। तभी मैंने फिर से एक पुलिस की गाड़ी का साईंरन सुना, मेरे तो जान ही निकल गई, मैं डर से थर थर कांपने लगी, उस पुलिस की कार को नजदीक आते देख मेरी साँसे भी तेज़ हो गई। लेकिन वो कार मेरे पास से गुज़र गई मगर मैं फिर भी खुद को संभाल नहीं पाई मुझसे अपनी कार भी ठीक से चलाई नहीं जा रही थी और हार कार मैं सड़क के किनारे अपनी कार रोक दी।
मैं डर से काँप रही थी, फिर मैं ज़ोर ज़ोर से चीख़कर रोने लगी. मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की खुद को कैसे सम्भलों, मैं कार से बाहर निकल आई और कार पास ही घुटनों के बल बैठ गई
वापिस कार मैं बैठ कर भी मैं रोती रही और डर से काँपती रही, मुझे नहीं पता कब तक मेरा यही हाल था, फिर करीब रात को मैंने खुद को जैसे तैसे कार चलने को मजबूर किया, मैं सारी रात बिना कुछ सोचे समझे कार चलाती रही, सुबह होने के आस पास मुझे समझ आया की मैंने वापिस मायामी के रस्ते पे हूँ. मैं लगातार कार चलते हुए अपने घर पहुँच गई।

मैं कुछ भी नहीं कर पा रही थी न ठीक से खा पाती नाही सो पाती हमेशा एक डर सा महेसूक करती रहती, मेरा मन काम में भी नहीं लग रहा था, मैंने लोगों से मिलना बंद कर दिया और धीरे धीरे मेरे पास पैसे भी ख़त्म होने लगे काफी। दिन इस तरह बीत गए!
फिर एक दिन मैं हिम्मत कर के घर से बाहर निकली, कुछ दूर घुमने गई, तभी मैंने एक दूकान में लगे शीशे में खुद को देखा और मुझे पता नहीं क्या हुआ, मैंने खुद से कहा, "मैं रीडा खान एक बाजारू रंडी हूँ, एक चुदी हुई कुतिया"
फिर मैंने वहीँ सड़क पर सबके सामने सरेआम अपने सारे कपड़े उतार डाले और पूरी नंगी हो गई, वहां मजूद लोग मुझे देख रहे थे, बच्चे मुझ पर हंसने लगे, लड़के मेरी जवानी की नंगी नुमाइश से अपनी आँखे सेकने लगे, कुछ औरतें मुझ पर थूकने लगी थी। मैंने देखा की कुछ लड़के कुछ दूर पर खड़े थे, उन की आँखों में मैंने हवस देखी, मैं उनके पास गई, और उन से खुद को चुदवाने लगी।
उन्होंने हर तरह से मुझे चोदने के बाद मुझे कुछ पैसे भी दिए, फिर मैंने नंगी ही अपने घर वापिस आ गई। अब मैंने सच में खुद को पहेचान चुकी हूँ, मैं हूँ एक बाजारू कुतिया जो कुछ पैसों के लिए किसी से भी खुद को सरेआम नंगी होकर चुदवाती है, मेरे प्रेमी, जिससे मेरा निकाह होने वाला था, मैंने उस भी अपना यही बाजारू रंडीयों वाला रवैया दिखाया तो उसने मुझे छोड़ दिया हालाँकि मैंने उसे भी कहा की वो जब चाहे मुझे आकर चोद सकता है, मैं बुरा नहीं मानूंगी!, मैं तो एक बाजारू रंडी हूँ! सरेआम नंगी होकर एक कुतिया की तरह चुदना मुझे पसंद है। मैं लोगों के मनोरंजन के लिए खुद को कुत्ते से भी चुदवाती हूँ, मैं हूँ रीडा खान!

samaapt









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