Friday, February 4, 2011

मस्तानी ताई पार्ट--2

हिंदी सेक्सी कहानियाँ

मस्तानी ताई पार्ट--2
गतान्क से आगे...............
फिर मेने पेटिकोट को थोड़ा नीचे सरका दिया उनकी सफेद रंग की पॅंटी मेरे
सामने थी, मेने उसे भी थोड़ा नीचे कर दिया, अब ताइजी के चूतड़ की लकीर
सॉफ दिख रही थी, में कमर के निचले हिस्से से ब्लाउस तक मालिश कर रहा था,
और जब नीचे की तरफ आता तो जान बुझ कर हाथ उनके चूतदों पे भी ले जाता,
मेने देखा ताइजी को मज़ा आ रहा था, और वो सिसकिया भी ले रही थी, अब मेने
अपनी लोवर बॉडी मालिश करते हुए उनके चूतदों पे रख दी, मेने एक साथ अपना
वजन नही डाला पर धीरे धीरे अपना लंड ताइजी के चूतदों के बीच रख दिया,
कपड़े गीले होने की वजह से लंड चूतदों के बीच में फस गया, और सच बताउ
दोस्तों बड़ा आनंद मिला, मेने जैसे हीअपना हाथ उपर की ओर ले जाता मेरा
लंड उनके चूतदों के साथ घिसता, और मैं हर बार अपने लंड का प्रेशर बढ़ा ता
जा रहा था, ताइजी की सिसकियाँ अब ज़ोर से आने लगी हम दोनो ही खोए हुए थे,
मेने ताइजी से पूछा कैसा लग रहा है, वो सिसकते हुए बोली बोहात
माज्ज़जज्जा आ रहा है बेटा.

तभी अचानक कुछ आवाज़ हुई और हम दोनो के होश उड़ गये, ताइजी ने फटाफट अपने
कपड़े ठीक किए और सारी पहनी और बाहर जा के देखा तो एक काउ थी जो चरते
चरते यहाँ तक आ गई थी उन्होने उसे भगाया और मुझे आवाज़ दी, बोली बेटा घर
चलो बोहत देर होगयि है, में निराश बाहर आया और अपने नसीब को कोस रहा था,
ताइजी की शकल पे भी वैसे ही मायूसी थी, में समझ गया आग उधेर भी आग
बारोबेर लगी है, हम वापस चल पड़े घर के लिए, वो आगे चल रही थी, मेने
बातों बातों में पूछा ताइजी कुछ आराम मिला या नही, वो कहने लगी आराम तो
मिला पर पूरा नही, मेने कहा मौका दो पूरा आराम दूँगा, वो कहने लगी देखते
है कितना आराम देता है अपनी ताइजी को, फिर हम घर आ गए सुजाता ने खाना
तैयार रखा था और ताउजि को भी जूस वगेरह दे दिया था, फिर ताइजी ने कहा
क्या ताउजि का मालिश वाला आया था, सुजाता ने कहा हां मा आया था, अभी पापा
सो रहे हैं, उन्होने कहा चल तू भी खा ले और सो जा, थक गयी होगी, वो बोली
मा में खा चुकी आप और भैया ही बाकी है, तो उन्होने कहा जा तू आराम कर ले,
वो चली गयी..

ताइजी ने कहा चल हाथ मूह धोले तो खाना खा ले बोहत भूख लग रही है, मेने
कहा हां ताइजी भूख तो बोहत लगी है, वो समझ गयी मेरा इशारा बोली चल पेट भर
खा लेना पर अभी हाथ मूह धोले, व्हेन वी वर वॉशिंग हॅंड्ज़ आंड फीट शी
स्टुड इन फ्रंट ऑफ मी आंड लिफ्टेड हेर सारी अप्ट हर अप्पर थाइस आंड एज शी
बेंट ओवर इन दा प्रिटेक्स्ट ऑफ यूज़िंग हॅंड्ज़ टू वॉश फीट प्रॉपर्ली बट
हर इंटेन्षन वाज़ टू शो मी हर बिग क्लीवेज, शी गेव आ नॉटी आंड रॉंची
स्माइल आंड मूव्ड आउट फ्रॉम बाथरूम, मेरा लंड एक दम सख़्त हो रहा था, और
इस अत्याचार को बंद करने के लिए कह रहा था, जब में खाना खाने नीचे बैठा
उन्होने मुझे खाना परोसा और फिर मेरे सामने आकर बैठ गयी पर बैठते वक़्त
उन्होने अपने सारी कमर तक चढ़ा ली और मेरे सामने बैठ गयी, इस पोज़ में
उनकी वाइट पॅंटी मुझे सॉफ दिख रही थी, वो मुस्कुरा रही थी, कहने लगी कैसा
है, मेरी नज़र सीधा उनकी चूत पे थी, मैने थोड़ा हड़बड़ा हट में कहा क्या
ताइजी, कहने लगी जगह कैसी है, में समझ गया के उनका इशारा किस तरफ है,
मेने कहा बोहत सुन्दर, मंन कर रहा है और आछे से देख लूँ, वो हँसने लगी.

खाना खाने के बाद हम सो गये शाम में उठे तो सुजाता घर का काम कर रही थी,
और पूजा भी अपने दोस्त के यहाँ से वापस आ गई, मेने देखा ताइजी कहीं दिखाई
नही दे रही थी, तो मेने सुजाता से पूछा दीदी ताइजी कहाँ है, वो बोली भैया
आप सो रहे थे मा पंप हाउस गयी है कपड़े लेने, मेने पूछा कब गयी है वो
बोली अभी 10 मिनिट पहले, मेने बहाना बनाया में भी ज़रा चक्कर लगा के आता
हूँ, और में तेज़ी से भागते हुए पंप हाउस तक पोह्च कर देखा ताइजी अभी ही
पहुची थी वहाँ, मुझे देख के हँसने लगी, कहने लगी तू क्यूँ आया मेने कहा
ऐसे ही, फिर वोही नॉटी स्माइल देते हुआ कहा चल कपड़े निकालने में मदद कर,
मेने कहा इसलिए ही तो आया हूँ, वो बोली चल अब बातें बंद कर और काम कर ले
थोड़ा, वो झाड़ियों से कपड़े उठा रही थी और में उनसे ले रहा था, में
कपड़े लेने के बहाने उनके एक दम पीछे जा के खड़ा हो गया, और इस बार मेने
अपनी बॉडी उनकी गांद से टच की, वो पीछे देख के मुस्कुराइ, अब मेरी भी
हिम्मत भी बढ़ रही थी, में भी धीरे धीरे अपनी बॉडी और चिपकाने की कोशिश
कर ने लगा, जब भी वो आगे बढ़ती कपड़े निकाल ने के लिए में पीछे से अपने
आपको उनकी तरफ पुश करता, मुझे बड़ा मज़ा आरहा था, फिर वो कहने लगी देख
बेटा यह कपड़ा झाड़ी में फस गया है, में आगे ना जाके पीछे से ही देखने
लगा, और देखने के बहाने में अपने आप को ताइजी से पूरा चिपका दिया, अब में
उनके शोल्डर के उपर से देख रहा था के कपड़ा कहाँ फँस रहा है

मेने मेरे हाथ में पड़े कपड़े ज़मीन पर रखे और फिर से उसी पोज़ में आगया,
मेने सपोर्ट लेने के बहाने एक हाथ ताइजी की कमर पर रख दिया और दूसरे हाथ
से कपड़ा निकाल ने की कोशिश कर रहा था, और इसी बहाने में अपना लंड उनकी
गांद पे घिस रहा था, वो भी इस का आनंद उठा रही थी, वो अपने को पीछे की
तरफ धकेल रही थी, हम दोनो को बोहत मज़ा आरहा था, मेने कहा ताइजी लगता है
कपड़ा बुरी तरह फस गया है निकल नही रहा है, वो बोली कोशिश करते रहो निकल
जाएगा, अब मेने अपना हाथ पीछे से पूरा उनकी नाभि पर रख दिया और कपड़ा
निकाल ने की कोशिश करने लगा, ताइजी बोली यह क्या कर रहा है, मेने कहा
बॅलेन्स ना बिगड़े इसलिए, अब में खुद भी उनके पेट पर ज़ोर लगाते हुए
उन्हे पीछे खीच रहा था, मेरा लंड पूरी तरह उनकी गांद में फँसा हुआ था, सच
मानो दोस्तों स्वर्ग से कम नही था वो अनुभव, खैर मेने कपड़ा निकाल लिया
और ताइजी से अलग हुआ, वो कहने लगी चल अब घर चलते हैं अंधेरा होने को है,
और हम घर की तरफ चल पड़े, रात में खाने के बाद में सुजाता दीदी और पूजा
गप्पे मार रहे थे, तभी ताइजी ने पूजा को पढ़ने के लिए कहा और सुजाता से
भी सोने के लिए कहा, वो दोनो मा की आवाज़ सुनते ही चली गयी, मुझे गुड
नाइट बोल के, ताइजी फिर काम ख़तम कर के बाहर आई और मुझसे पूछा सोना नही
है, मेने कहा नींद नही आरही है, मेने उनसे पूछा आप सोने जा रही हो,
उन्होने कहा नही में तेरे ताउजी की मालिश करूँगी बाद में सोने जाउन्गि,
फिर में भी छत पे चला गया, ताइजी रूम में आई सारी निकाली और मालिश करने
लगी.

जब ताइजी खिड़की से बाहर देख रही थी तभी में उन्हे दिखाई दिया, फिर वो
मालिश ख़तम करके छत पे आई और पूछने लगी नींद नही आरही है क्या, मेने कहा
नही आरही है, आपके बारे में ही सोच रहा था, वो बोली सो जाओ और सुबेह मेरे
साथ शहर चलना थोड़ा काम है, में खुश हो गया मेने कहा कौन कौन आरहा है,
उन्होने कहा तू और में, शहेर ज़्यादा दूर नही था पर रास्ता खराब होने की
वजह से 1 से 2 घंटे लग जाते थे, और हमे जल्दी निकलना था ताकि 8 बजे तक
वहाँ पोहच् सके, मेने पूछा क्या काम है, उन्होने कहा तेरे ताउजि की कुछ
दवाई लेने जाना है डॉक्टर के पास, हम सोने चले गये, सुबेह करीबन 6 बजे
मेरे रूम पे नॉक हुआ मेने दरवाजा खोला तो ताइजी थी, क्या बताउ दोस्तों
कितनी खूबसूरत लग रही थी वो, वो नहा चुकी थी और बाल धोए थे बड़ी ही
प्यारी महेक आरही थी उन में से, उन्होने कहा खड़े खड़े देखते रहोगे या
कुछ बोलोगे, मेने कहा ऐसी बात नही है आप बोहत सुन्दर लग रही हो, वो बोली
तुझे सुबेह सुबेह और कोई काम नही है क्या, चल जल्दी तैयार हो जाओ चलना
है, में 15 मिनिट में तैयार होगया और हम बस स्टॉप की तरफ चल दिए, बस
स्टॉप पे काफ़ी भीड़ थी, शायद सुबेह बोहत से लोग काम पे जाते होंगे, बस आ
गई मेने ताइजी से कहा क्या हमे इसी में चलना है या नेक्स्ट बस ले ले
उन्होने बताया के इसके बाद की बस 2 घंटे बाद की है, जैसे तैसे हम बस के
अंदर घुस गये बस में पाँव रखने की जगह नही थी, में और ताइजी दरवाजे पे
खड़े थे, जैसे तैसे हमने अपने खड़े रहने की जगह बना ली, बस चली फिर
रास्ते में काफ़ी खड्डे और उतार चढ़ाव थे, और मेरी बॉडी ताइजी से एक दम
चिपकी हुई थी.

तभी किसी ने पीछे हट ते हुए ताइजी के पाँव पे पाँव रख दिया और उनकी उंगली
बुरी तरह से दब गयी थी, हमने बस रुकवाई और उतर गये, उतर के देखा तो
ज़्यादा तो नही था पर राइट लेग की लास्ट 2 उंगली सूज गयी थी, फिर मेने
कहा ताइजी जाना ज़रूरी है या घर चले उन्होने कहा जाना तो है दवाई लानी
है, तभी वहाँ से एक ऑटो पास हुआ वो पॅसेंजर ऑटो तो नही था शायद समान ले
जाने के लिए यूज़ करते होंगे और उसमे बोहत समान था, मेने उसे रुकवाया और
अपनी तकलीफ़ बताई उसने कहा के में एक पर्सन की सीट तो बना सकता हूँ पर 2
नही हो पाएँगे, मेने कहा भाय्या आप एक आदमी की जगह कर दो हम अड्जस्ट कर
लेंगे, उसने कहा में 100 रुपीज़ लूँगा मेने नेगोशियेट करके 50 में मनवा
लिया, फिर उसने समान इधेर उधेर कर के एक आदमी की बैठने की जगह बना दी,
उसकी ऑटो सिर्फ़ एक साइड से खुलती थी, और बाकी 3 तरफ से बंद थी, फिर मेने
ताइजी से कहा के पहले में बैठ जाता हूँ आप मेरी गोद में बैठ जाना, पहले
तो उन्होने मना कर दिया के रिक्कशे वाला क्या सोचेगा मेने कहा उसे नही
दिखेगा और वैसे भी यह हमारी मजबूरी है उसकी नही, फिर वो मान गयी, तब में
ऑटो में पहले बैठा और फिर ताइजी मेरी गोद में बैठ गयी, 5 मिनिट बाद ताइजी
अनकंफर्टबल फील कर रही थी शायद उन्हे मेरे घुटनो की हड्डी लग रही होगी,
फिर मेने कहा ताइजी आप थोड़ा पीछे होके बैठ जाओ, वो कहने लगी क्या चाहता
है, मेने कहा के आप कंफर्टब्ली बैठे वोही चाहता हूँ, वो हंस के थोड़ा
पीछे हो गयी, अभी भी वो मेरी थाइस पे बैठी थी.

रास्ता काफ़ी खराब था, और झटको की वजह से उन्हे बैठने में तकलीफ़ हो रही
थी, तभी मेने कहा ताइजी आप जितना पीछे आके बैठ सकती है बैठ जाओ और में
आपको पकड़ लेता हूँ, फिर आपको बैठने में दिक्कत नही होगी, ताइजी एक दम
पीछे होके बैठ गयी, जब वो बैठ गयी तो मेरा लंड सीधा उनकी गांद के बीचो
बीच फँस गया, सच बता रहा हूँ दोस्तों इतना मज़ा आया के पूछो मत, और फिर
मेने अपने दोनो हाथ ताइजी की कमर से लपेट लिए, अब उनकी कमर की कोमल स्किन
मेरे हाथ में थी बड़ा मज़ा आरहा था, मेने ताइजी से पूछा के आप कंफर्टबल
हो के नही, वो बोली हां बेटा अब ठीक है, मेरा लंड अब बड़ा हुए जा रहा था,
उन्हे फील हो रहा था मेरा लंड वो भी थोड़ा अड्जस्ट हुई और मेरा लंड पूरा
अपनी गांद के बीचो बीच ले लिया, रोड खराब होने की वजह से हिलने की ज़रूरत
ही नही थी, फिर मेने धीरे से आछे से पकड़ने के बहाने अपने दोनो हाथ उनकी
नाभि तक ले आया, उनके मूह से सिसकिया निकल रही थी, वो मुझसे बोली ऑटो
वाला देखेगा तो क्या सोचेगा, मेने कहा मेने चेक किया उसे पीछे क्या हो
रहा है वो बिल्कुल नही दिखेगा, तब वो थोड़ी शांत हुई, और मेरे लंड का
भरपूर आनंद लेने लगी, अब में धीरे धीरे उनका पेट सहला रहा था.


ताइजी को भी बोहत अछा लग रहा था, वो कुछ बोल नही रही थी, पर आँख बंद कर
सिसकिया ले रही थी, फिर में हिम्मत करके अपना हाथ उपर की तरफ ले गया और
उनके ब्लाउस का बॉर्डर मेरे हाथ में टच हुआ, मेरा पूरा शरीर काँप गया यह
सोचके के अब आगे क्या होगा, मेरा दिल बड़ा तेज़ी से धड़क रहा था, और शायद
ताइजी का भी यही हाल था, में धीरे धीरे हाथ उपर की तरफ ले जाने लगा और
मेरी धड़कन तेज हो रही थी, ताइजी भी एग्ज़ाइटेड हो रही थी, में अपना हाथ
ताइजी के बूब्स तक ले गया, अब हम दोनो जानते थे क्या हो रहा है पर किसी
के मूह से एक शब्द नही निकला, और ताइजी ने रोका नही क्यूँ कि जानती थी के
शहेर पोहचने में अभी देर थी, मेने धीरे धीरे राइट बूब को सहलाना शुरू
किया, उनका निपल एरेक्ट हो गया, और अब मेने उसे हल्के से दबाना शुरू कर
दिया, वो आहें भर रही थी सिसकिया ले रही थी, अब मेने थोडा और ज़ोर से
राइट बूब दबाया और निपल को उंगली के बीच दबाया उनके मूह से ज़ोर से आआआहह
निकल गयी, वो आहें भरते हुए पूछ रही थी, बेटा तुम यह आआहह क्या कर रहे
हो, मेने कहा ताइजी में तो आपको कंफर्टबल कर रहा हू ना

क्या आप कंफर्टबल हो, हाआँ बेटा आआह बड़ा अछा लग रहा है, फिर में दोनो
हाथों से उनकी चुचियाँ दबाने लगा और निपल उंगलियों के बीच मसल्ने लगा, हम
दोनो होश खो बैठे थे, फिर मेने ब्लाउस के 2 हुक खोल दिए वो कहने लगी क्या
कर रहे हो बेटा कोई देख लेगा मेने कहा कोई नही है यहाँ आपके और मेरे
सिवाय, वो रुकने के लिए कहती रही पर मेरा हाथ हटाया नही वहाँ से फिर मेने
2 हुक खोल के ब्लाउस को थोड़ा उँचा किया पर पूरी तरह हो नही पा रहा था,
फिर मेने 2 हुक और खोल दिए और अब ब्लाउस ऑलमोस्ट उपर हो चुक्का था, में
ब्रा के उपर से चुचियों को मसल रहा था और पागल हो रहा था, वो भी मेरा
पूरा साथ दे रहे थी, और कह रही थी ऑश आआआआआहह यह क्या कर रहे हो, हमे यह
सब नही करना चाहिए, ओह्ह्ह बेटा प्ल्स रुक जाओ, आआआः आआ उउउउईई माआ मरररर
गयीईइ, अया अया उउउउउउउउईईईई म्माआआआअ, में भी बेकाबू होता जा रा रहा था,
मेने उनके मूह को अपनी पीछे की ओर मोड़ा और उनके होंठ पे अपने होंठ रख
दिए और किस करने लगा, वो भी पूरा साथ दे रही थी, फिर मेने अपनी टंग उनके
मूह में डाल दी उन्होने मूह खोला और उसे अंदर लिया और मेरी टंग तो सक
करने लगी, कुछ देर किस करने के बाद वो फिर सीधी होके बैठ गयी और मेने
ब्रा के अंडर हाथ डाल कर नंगी चुचियों को दबाना शुरू कर दिया, उनकी आवाज़
बढ़ने लगी थी, वो कहे जा रही थी, ऑश आआआआआअहह , वो धीरे धीरे कह रही थी
दबाओ और दबाओ, ऊऊऊऊओह आआआआआहह हूऊऊऊ, मसल के रख दे

अब मेने अपने हाथ चुचियों से हटाया और उनकी टांगो पे घुमाने लगा, वो समझ
गयी थी अब में कहाँ जा रहा हूँ पर कुछ नही बोली बस अपना पूरा शरीर मेरी
बॉडी पे रख के आँख बंद कर के लेट गयी, इस समय ताइजी मेरे लेफ्ट शोल्डर पे
सर रख के लेटी हुई थी, उनकी पीठ मेरी छाती से चिपकी हुई थी, उनका ब्लाउस
आधे से ज़्यादा खुला हुआ था और चुचियाँ बाहर थी, बड़ा ही एग्ज़ाइटिंग
व्यू था, और में सोच भी नही सकता था के उन्हे पाने का अरमान एक समान ले
जाने वाली ऑटो में पूरा हो रहा है, अब में उनकी इन्नर थाइस फील कर रहा
था, वो बस आँख बंद कर लेटी हुई थी, मुझे बड़ा मज़ा आरहा था, मेने अब धीरे
धीरे सारी उपर करना शुरू किया, उनकी साँसे तेज हो रही थी पर वो कुछ बोली
नही, अब में एक हाथ से उनकी नंगी चुचियों को दबा रहा था और दूसरे हाथ से
सारी उपर कर रहा था, अब उनकी सारी थाइस तक उपर आ चुकी थी, और उनकी थाइस
बोहत चिकनी थी, और शायद ताइजी वॅक्सिंग करवाती थी इसलिए बोहत मुलायम भी
थी, अब में उनकी इन्नर थाइस फील कर रहा थी, वो प्लेषर से कराह रही थी,
ऊऊओह आआहह, अब मेने अपना हाथ उनकी चूत पे रख दिया, टांगे जुड़ी होने की
वजह से पूरी तरह हाथ नही घुमा पा रहा था, पर ताइजी अब बोहत एग्ज़ाइटेड हो
चुकी थी, अब मेने उनकी पॅंटी में साइड से उंगली डालने की कोशिश कर रहा
था, और उनकी चूत के बाल मेरे हाथ में टच थे, मेरे शरीर में बिजली सी दौड़
गयी और मेरी उंगलियों का स्पर्श पाते ही ताइजी भी सहम गयी, अब में अपनी
उंगली उनकी चूत पे घुमा रहा था, वो काफ़ी गीली थी, और पूरी चूत चिकनी हो
चुकी थी, मेने वो उंगली बाहर निकली तो ताइजी ने मेरी तरफ देखा, शायद वो
नही चाहती थी के में रुकु, मेने अपनी उंगली को पहले सूँघा और फिर उसे
चाटने लगा, यह देखकर ताइजी शर्मा गयी और मेरे लेफ्ट गाल पर किस कर दिया
पर कुछ बोली नही


तभी ताइजी ने टाइम देखा तो वो समझ गयी कुछ ही देर में शहेर आने वाला है,
उन्होने अपने कपड़े ठीक किए और तरीके से बैठ गयी, कुछ ही मिनिट बाद शहेर
आगेया हम उतर गये, अब हम दोनो एक दूसरे से नज़र नही मिला रहे थे, मेने उस
रिक्कशे वाले से पूछा के आप वापस जाओगे उस एरिया में तो उसने कहा हां पर
2 घंटे बाद यहीं से गुज़ारुँगा, वो शहेर में कुछ समान देकर वापस आने वाला
था, पर उसने कहा ऑटो खाली नही होगा उसमे समान होगा मेने कहा कोई बात नही.


खैर हम डॉक्टर के पास थोडा चल के पोहचे वहाँ से ताउजी की दवाई और मालिश
का तेल वगेरा लिया, ताइजी ने कहा उन्हे घर का भी कुछ समान लेना है, फिर
हम घर का समान ले कर फ्री हो चुके थे, फिर ताइजी ने कहा उन्हे फ्रेश होना
है और हम एक छोटे गेस्ट हाउस गये वहाँ हमने फ्रेश होने के लिए रूम माँगा
तो रूम था नही पर उन्होने कहा के अगर बाथरूम जाना है तो उनका बाथरूम यूज़
कर सकते थे, फिर हम दोनो बारी बारी कर के फ्रेश हुए, तकरीबन 2 घंटे बीत
गये थे पर हम दोनो ने एक दूसरे से काम के इलावा कोई बात नही की, फिर मेने
उनसे पूछा वापस जाने को कोई साधन मिलेगे तो उन्होने बताया के बस मिल
जाएगी जहाँ हम उतरे थे वहाँ से. फिर मेने एक दुकान में जाके 2-3 कॉंडम
पॅकेट के खरीद लिए, फिर हम चलते चलते हाइवे पे पोहच् गये, बस स्टॉप पे
काफ़ी भीड़ थी, फिर जब बस आती तो इस बार ताइजी ने कहा इसे जाने दे अगली
बस ले लेंगे, कुछ देर तक वेट करने के बाद वो ऑटो वाला फिर से वहाँ से
गुजरा और हमे देख कर रुक गया, मेने ताइजी की तरफ देखा तो उन्होने मुझे एक
नॉटी स्माइल दी, और कहने लगी लगता है इसी में जाना ठीक रहे गा, फिर हम
ऑटो के पीछे बैठ गये, उसने उतनी ही जगह बनाई जितनी सुबेह थी.

पहले में बैठा और फिर ताइजी, शुरुआत में तो वो आगे की तरफ बैठी थी, फिर
जब ऑटो शुरू हुआ तो आराम से मेरे लंड पे बैठ गयी, इस बार वो थोड़ा बोल्ड
पेश आ रही थी पर कुछ बोल नही रही थी, फिर जब मेने उनके पेट पर हाथ रखा तो
कुछ भी जवाब नही आया, मेने समझ गया के वो भी उसी का इंतज़ार कर रही थी,
फिर मेने बिना हिचकिचाहट ब्लाउस के एक एक करके सारे हुक खोल दिए और ज़ोर
ज़ोर से बूब्स ब्रा के उपर से दबाने लगा, वो सिसकिया भर रही थी, अब मेने
पीछे से ब्रा का हुक भी खोल दिया और नंगे बूब्स को अपने हाथ में लेकर
भीचने लगा, और उनकी निपल्स को उंगली के बीच ले कर दबाने लगा, वो भी पूरे
जोश में आ रही थी, और ज़ोर ज़ोर से उउउफफफफ्फ़ आआअहह अओरर्र जोर्र से कह
रही थी, फिर मेने उनकी सारी उपर कर दी और इशारे से उन्हे थोडा उठने के
लिए कहा और जब वो उठी तो मेने सारी कमर तक उपर ले ली, अब आगे से अगर कोई
देखता तो पता नही चलता के सारी पीछे से कमर तक चढ़ाई हुई है, फिर में
अपना हाथ उनकी झंघो और चूत के पास घुमाने लगा और पॅंटी के उपर से ही चूत
सहला रहा था, वो पागल हुए जा रही थी, उन्होने मुझे बोहत टाइट पकड़ रखा था
मतलब उनके हाथ मेरी टाँगो पे थे, और वो आहें भरे जा रही थी .
क्रमशः................


Mastaani taai paart--2
gataank se aage...............
Phir meine peticot ko thoda neeche sarka diya unki safed rang ki panty
mere saamne thi, meine usse bhi thoda neeche kar diya, ab taiji ke
chutad ki lakeer saaf dikh rahi thi, mein kamar ke nichle hisse se
blouse tak maalish kar raha tha, aur jab neeche ki taraf aata to jaan
bujh kar haath unke chutadon pe bhi le jata, meine dekha taiji ko maja
aara tha, aur woh siskiya bhi le rahi thi, ab meine apni lower body
maalish karte hue unke chutadon pe rakh di, meine ek saath apna wajan
nahi dala par dheere dheere apna lund taiji ke chutadon ke beech rakh
diya, kapde gile hone ki wajah se lund chutadon ke beech mein phas
gaya, aur sach bataun doston bada anand mila, meine jaise apna haath
upar ki aur le jata mera lund unke chutadon ke saath ghista, aur mere
har baar apne lund ka pressure bada ta ja raha tha, taiji ki siskiyan
ab jor se aane lagi hum dono hi khoye hue the, meine taiji se pucha
kaisa lag raha hai, who siskate hue boli bohaaat maajjjjja aa raha hai
beta.

Tabhi achanak kuch aawaz hui aur hum dono ke hosh udd gaye, taiji ne
fatafat apne kapde thik kiye aur saree pehni aur bahar ja ke dekha to
ek cow thi jo charte charte yahan tak aagayi unhone usse bhagaya aur
mujhe aawaaj di, boli beta ghar chalo bohat der hogayi hai, mein
niraash bahar aaya aur apne naseeb ko kos raha tha, taiji ki shakal pe
bhi waise hi mayusi thi, mein samajh gaya aag udher bhi barober lagi
hai, hum wapas chal pade ghar ke liye, woh aage chal rahi thi, meine
baton baton mein pucha taiji kuch aaram mila yan nahi, woh kehne lagi
aaram to mila par pura nahi, meine kaha mauka do pura aaram dunga, woh
kehne lagi dekhte hai kitna aaram deta hai apni taiji ko, phir hum
ghar aagaye sujata ne khana taiyaar rakha tha aur tauji ko bhi juice
wagere de diya tha, phir taiji ne kaha kya tauji ka maalish wala aaya
tha, sujata ne kaha haan maa aaya tha, abhi papa so rahe hain, unhone
kaha chal tu bhi kha le aur so ja, thak gayi hogi, woh boli maa mein
kha chuki aap aur bhaiya hi baki hai, to unhone kaha ja tu aaram kar
le, woh chali gayi..

Taiji ne kaha chal haath muh dhole to khana kha le bohat bhukh lag
rahi hai, meine kaha haan taiji bhukh to bohat lagi hai, woh samajh
gayi mera ishara boli chal pet bhar kha lena par abhi haath muh dhole,
when we were washing hands and feet she stood in front of me and
lifted her saree upto her upper thighs and as she bent over in the
pretext of using hands to wash feet properly but her intention was to
show me her big cleavage, she gave a naughty and raunchy smile and
moved out from bathroom, mera lund ek dum sakht ho raha tha, aur iss
atyachar ko band karne ke liye keh raha tha, jab mein khana khane
neeche baith unhone mujhe khana parosa aur phir mere saamne aakar
baith gaye par baithte waqt unhone apne saree kamar tak chada li aur
mere saamne baith gayi, iss pose mein unki white panty mujhe saaf dikh
rahi thi, woh muskura rahi thi, kehne lagi kaisa hai, meri najar
seedha unki chut pet hi, mein thoda hadbada hat mein kaha kya taiji,
kehne lagi jagah kaisi hai, mein samajh gaya ke unka ishara kis taraf
hai, meine kaha bohat sunder, mann kar raha hai aur ache se dekh lun,
woh hansne lagi.

Khana khane ke baad hum so gaye shaam mein uthe to sujata ghar ka kaam
kar rahi thi, aur pooja bhi apne dost ke yahan se wapas aagayi, meine
dekha taiji kahin dikhyi nahi de rahi, to meine sujata se pucha didi
taiji kahan hai, woh boli bhaiya aap so rahe the maa pump house gayi
hai kapde lene, meine pucha kab gayi hai woh boli abhi 10 minute
pehle, meine bahana banaya mein bhi jara chakkar laga ke aata hun, aur
mein teji se bhagte hue pump house tak pohcha dekha taiji abhi hi
pohchi thi wahan, mujhe dekh ke hansne lagi, kehne lagi tu kyun aaya
meine kaha aise hi, phir wohi naughty smile dete hua kaha chal kapde
nikalne mein madad kar, meine kaha isliye hi to aaya hun, woh boli
chal ab baatein band kar aur kaam kar le thoda, woh jhadiyon se kapde
utha rahi thi aur mein unse le raha tha, mein kapde lene ke bahane
unke ek dum piche ja ke khada ho gaya, aur iss baar meine apni body
unki gaand se touch ki, who peeche dekh ke muskurai, ab meri bhi
himmat bhi bad rahi thi, meine bhi dheere dheere apni body aur
chipkane ki koshish kar ne laga, jab bhi woh aage badti kapde nikal ne
ke liye mein piche se apne aapko unki taraf push karta, mujhe bada
maja aaraha tha, phir woh kehne lagi dekh beta yeh kapda jhadi mein
phas gaya hai, meine aage na jake piche se hi dekhne laga, aur dekhne
ke bahane mein apne aap ko taiji se pura chipka diya, ab mein unke
shoulder ke upar se dekh raha tha ke kapda kahan phans raha hai…

Meine mere haath mein pade kapde zameen par rakhe aur phir se usi pose
mein aagaya, meine support lene ke bahane ek haath taiji ki kamar par
rakh diya aur doosre haath se kapda nikal ne ki koshish kar raha tha,
aur isi bahane mein apna lund unki gaand pe ghis raha tha, who bhi is
ka anand utha rahi thi, who apne ko piche ki taraf dhakel rahi thi,
hum dono ko bohat maja aaraha tha, meine kaha taiji lagta hai kapda
buri tarah fas gaya hai nikal nahi raha hai, woh boli koshish karte
raho nikal jayega, ab meine apna haath piche se pura unki nabi par
rakh diya aur kapda nikal ne ki koshish karne laga, taiji boli yeh kya
kar raha hai, meine kaha balance na bigde isliye, ab mein khud bhi
unke pet par jor lagate hue unhe piche kheech raha tha, mera lund puri
tarah unki gaand mein phansa hua tha, sach mano doston swarg se kam
nahi tha woh anubhav, khair meine kapda nikal liya aur taiji se alag
hua, woh kehne lagi chal ab ghar chalte hain andhera hone ko hai, aur
hum ghar ki taraf chal pade, raat mein khane ke baad mein sujata didi
aur pooja gappe maar rahe the, tabhi taiji ne pooja ko pahdne ke liye
kaha aur sujata se bhi sone ke liye kaha, who dono maa ki awaaz sunte
hi chali gayi, mujhe good night bol ke, taiji phir kaam khatam kar ke
bahar aayi aur mujhse pucha sona nahi hai, meine kaha neend nahi
aarahi hai, meine unse pucha aap sone ja rahi ho, unhone kaha nahi
mein tere tauji ki maalish karungi baad mein sone jaungi, phir mein
bhi chhat pe chala gaya, taiji room mein aayi saree nikali aur maalish
karne lagi.

Jab taiji khidki se bahar dekh rahi thi tabhi mein unhe dikhayi diya,
phir woh maalish khatam karke chhat pe aayi aur puchne lagi neend nahi
aarahi hai kya, meine kaha nahi aarahi hai, aapke bare mein hi soch
raha tha, woh boli so jao aur subeh mere saath sheher chalna thoda
kaam hai, mein khush ho gaya meine kaha kaun kaun aaraha hai, unhone
kaha tu aur mein, sheher jyada door nahi tha par rasta kharab hone ki
wajah se 1 se 2 ghante lag jate the, aur hume jaldi nikalna tha taki 8
baje tak wahan pohch sake, meine pucha kya kaam hai, unhone kaha tere
tauji ki kuch dawaai lene jana hai doctor ke pass, hum sone chale
gaye, subeh kareeban 6 baje mere room pe knock hua meine darwaja khola
to taiji thi, kya bataun doston kitni khubsurat lag rahi thi woh, woh
naha chuki thi aur baal dhoye the badi hi pyari mehek aarahi thi un
mein se, unhone kaha khade khade dekhte rahoge yan kuch bologe, meine
kaha aisi baat nahi hai aap bohat sunder lag rahi ho, who boli tujhe
subeh subeh aur koi kaam nahi hai kya, chal jaldi taiyaar ho jao
chalna hai, mein 15 minute mein taiyaar hogaya aur hum bus stop ki
taraf chal diye, bus stop pe kaafi bheed thi, shayad subeh bohat se
log kaam pe jate honge, bus aagayi meine taiji se kaha kya hum isi
mein chalna hai yan next bus le le unhone bataya ke iske baad ki bus 2
ghante baad ki hai, jaise taise hum bus ke under ghus gaye bus mein
paanv rakhne ki jagah nahi thi, mein aur taiji darwaje pe khade the,
jaise taise humne apne khade rehne ki jagah bana li, bus chali phir
raste mein kaafi khadde aur uthar chadav the, aur meri body taiji se
ek dum chipki hui thi.

Tabhi kisi ne piche hat te hue taiji ke paanv pe paanv rakh diya aur
unki ungli buri tarah se dab gayi thi, humne bus rukwai aur utar gaye,
utar ke dekha to jyada to nahi tha par right leg ki last 2 ungli suj
gayi thi, phir meine kaha taiji jana jaruri hai yan ghar chale unhone
kaha jana to hai dawaai lani hai, tabhi wahan se ek auto pass hua woh
passenger auto to nahi tha shayad samaan le jane ke liye use karte
honge aur usme bohat samaan tha, meine usse rukaya aur apni taklif
batayi usne kaha ke mein ek person ki seat to bana sakta hun par 2
nahi ho payenge, meine kaha bhaiyya aap ek aadmi ki jagah kar do hum
adjust kar lenge, usne kaha mein 100 rupees lunga mein negotiate karke
50 mein manwa liya, phir usne samaan idher udher kar ke ek aadmi ki
baithne ki jagah bana di, uski auto sirf ek side se khulti thi, aur
baki 3 taraf se band thi, phir meine taiji se kaha ke pehle mein baith
jata hun aap meri god mein baith jana, pehle to unhone mana kar diya
ke rickshaw wala kya sochega meine kaha usse nahi dikhega aur waise
bhi yeh humari majburi hai uski nahi, phir woh maan gayi, tab mein
auto mein pehle baitha aur phir taiji meri god mein baith gayi, 5
minute baad taiji uncomfortable feel kar rahi thi shayad unhe mere
ghutno ki haddi lag rahi hogi, phir meine kaha taiji aap thoda peeche
hoke baith jao, woh kehne lagi kya chahta hai, meine kaha ke aap
comfortably baithe wohi chahta hun, woh hans ke thoda peeche ho gayi,
abhi bhi woh meri thighs pe baithi thi.

Rasta kaafi kharab tha, aur jhatko ki wajah se unhe baithne mein
taklif ho rahi thi, tabhi meine kaha taiji aap jitna peeche aake baith
sakti hai baith jao aur mein aapko pakad leta hun, phir aapko baithne
mein dikkat nahi hogi, taiji ek dum peeche hoke baith gayi, jab woh
baith gayi to mera lund seedh unki gaand ke beecho beech phans gaya,
sach bata raha hun doston itna maja aaya ke pucho mat, aur phir meine
apne dono haath taiji ki kamar se lapet liye, ab unki kamar ki komal
skin mere haath mein thi bada maja aaraha tha, meine taiji se pucha ke
aap comfortable ho ke nahi, woh boli haan beta ab thik hai, mera lund
ab bada hue ja raha tha, unhe feel ho raha tha mera lund woh bhi thoda
adjust hui aur mera lund pura apni gaand ke beecho beech le liya, road
kharab hone ki wajah se hilne ki jarurat hi nahi thi, phir meine
dheere se ache se pakadne ke bahane apne dono haath nabi tak le aaya,
unke muh se siskiya nikal rahi thi, woh mujhse boli auto wala dekhega
to kya sochega, meine kaha meine check kiya usse piche kya ho raha hai
woh bilkul nahi dikhega, tab woh thodi shant hui, aur mere lund ka
bharpur anand lene lagi, ab mein dheere dheere unka pet sehla raha
tha.


Taiji ko bhi bohat acha lag raha tha, woh kuch bol nahi rahi thi, par
aankh band kar siskiya le rahi thi, phir meine himmat karke apna haath
upar ki taraf le gaya aur unke blouse ka border mere haath mein touch
hua, mera pura sharer kaanp gaya yeh sochke ke ab aage kya hua, mera
dil bada teji se dhadak raha tha, aur shayad taiji ka bhi yehi haal
tha, meine dheere dheere haath upar ki taraf le jane laga aur meri
dhadkan tej ho rahi thi, taiji bhi excited ho rahi thi, meine apna
haath taiji ke boobs tak le gaya, ab hum dono jante the kya ho raha
hai par kisi ke muh se ek shabd nahi nikla, aur taiji ne roka nahi
kyun ki janti the ke sheher pohchne mein abhi der thi, meine dheere
dheere right boob ko sehlana shuru kiya, unka nipple erect ho gaya,
aur ab meine usse halke se dabana shuru kar diya, woh aahen bhar rahi
thi siskiye le rahi thi, ab meine thoda aur jor se right bood dabaya
aur nipple ko ungli ke beech dabaya unke muh se jor se aaaaaahhh nikal
gayi, woh aahen bharte hue puch rahi thi, beta tum yeh aaaahh kya kar
rahe ho, meine kaha taiji mein to aapko comfortable kar raha hu na

Kyaa aap comfortable ho, haaan beta aaaah bada acha lag raha hai, phir
meine dono haathon se unki chuchiyan dabane laga aur nipple ungliyon
ke beech masalne laga, hum dono hosh kho baithe the, phir meine blouse
ke 2 hook khol diye woh kehne lagi kya kar rahe ho beta koi dekh lega
mein kahan koi nahi hai yahan aapke aur mere siway, woh rukne ke liye
kehti rahi par mera haath hataya nahi wahan se… phir meine 2 hook
khol ke blouse ko thoda uncha kiya par puri tarah ho nahi pa raha tha,
phir meine 2 hook aur khol diye aur ab blouse almost upar ho chukka
tha, meine bra ke upar se chuchiyon ko masal raha tha aur pagal ho
raha tha, woh bhi mera pura saath de rahe thi, aur keh rahi thi ohhhh
aaaaaaaaaahhhhhhhhh yeh kya kar rahe ho, hume yeh sab nahi karna
chahiye, ohhh beta pls ruk jao, aaaaah aaaa uuuuiiii maaaa marrrr
gayiiiii, aaah aaah uuuuuuuuiiiiiiii mmaaaaaaaaa, mein bhi bekabu hota
ja ra raha tha, meine unke muh ko apni peeche ki ore moda aur unke
honth pe apne honth rakh diya aur kiss karne laga, woh bhi pura saath
de rahi thi, phir meine apni tongue unke muh mein daal di unhone muh
khola aur usse under liya aur meri tongue to suck karne lagi, kuch der
kiss karne ke baad who phir seedhi hoke baith gayi aur meine bra ke
under haath daal kar nangi chuchiyon ko dabana shuru kar diya, unki
awaaz badne lagi thi, woh kahe ja rahi thi, ohhhh aaaaaaaaaaahhhhhhhh
, who dheere dheere keh rahi thi dabao aur dabao, ooooooooohhhhhhhh
aaaaaaaaaahh hhhhhoooooooo, masal ke rakh de….

Ab meine apne haath chuchiyon se hataya aur unki tango pe ghumane
laga, woh samajh gayi thi ab mein kahan ja raha hun par kuch nahi boli
bas apna pura sharer mere body pe rakh ke aankh band kar ke le gayi,
is samay taiji mere left shoulder pe sar rakh ke leti hui thi, unki
peeth meri chhati se chiki hui thi, unka blouse aadhe se jyada khula
hua tha aur chuchiyan bahar thi, bada hi exciting view tha, aur mein
soch bhi nahi sakta tha ke unhe pane ka armaan ek samaan le jane wali
auto mein pura ho raha hai, ab mein unki inner thighs feel kar raha
tha, woh bas aankh band kar leti hui thi, mujhe bada maja aaraha tha,
meine ab dheere dheere saree upar karna shuru kiya, unki saanse tej ho
rahi thi par woh kuch boli nahi, ab mein ek haath se unki nangi
chuchiyon ko daba raha tha aur doosre haath se saree upar kar raha
tha, ab unki saree thighs tak upar aa chuki thi, aur unki thighs bohat
chikni thi, aur shayad taiji waxing karwati thi isliye bohat mulayam
bhi thi, ab mein unki inner thighs feel kar raha thi, woh pleasure se
kara rahi thi, ooooohhhh aaaahhhhh, ab meine apna haath unki chut pe
rakh diya, taange judi hone ki wajah se puri tarah haath nahi ghuma pa
raha tha, par taiji ab bohat excited ho chuki thi, ab meine unki panty
mein side se ungli dalne ki koshish kar raha tha, aur unki chut ke
baal mere haath mein touch the, mere sharer mein bijli si daud gayi
aur meri ungliyon ka sparsh pate hi taiji bhi seham gayi, ab mein apni
ungli unki chut pe ghuma raha tha, woh kaafi gili thi, aur puri chut
chikni ho chuki thi, meine woh ungli bahar nikali to taiji ne meri
taraf dekha, shayad woh nahi chahti thi ke mein ruku, meine apni ungli
ko pehle sungha aur phir usse chatne laga, yeh dekhkar taiji sharma
gayi aur mere left gal par kiss kar diya par kuch boli nahi


Tabhi taiji ne time dekha to woh samajh gayi kuch hi der mein sheher
aane wala hai, unhone apne kapde thik kiye aur tarike se baith gayi,
kuch hi minute baad sheher aagaya hum utar gaye, ab hum dono ek doosre
se najar nahi mila rahe the, meine us rickshaw wale se pucha ke aap
wapas jaoge uss area mein to usne kaha haan par 2 ghante baad yahin se
gujrunga, woh sheher mein kuch samaan dekar wapas aane wala tha, par
usne kaha auto khali nahi hoga usme samaan hoga meine kaha koi baat
nahi.


Khair hum doctor ke pass thoda chale ke pohche wahan se tauji ki
dawaai aur maalish ka tel wagera liya, taiji ne kaha unhe ghar ka bhi
kuch samaan lena hai, phir hum ghar ka samaan le kar free ho chuke
the, phir taiji ne kaha unhe fresh hona hai aur hum ek chote guest
house gaye wahan humne fresh hone ke liye room manga to room tha nahi
par unhone kaha ke agar bathroom jana hai to unka bathroom use kar
sakte the, phir hum dono baari baari kar ke fresh hue, takreeban 2
ghante beet gaye the par hum dono ne ek doosre se kaam ke ilawa koi
baat nahi ki, phir meine unse pucha wapas jane ko koi sadhan milege to
unhone batay ke bus mil jayegi jahan hum utre the wahan se. phir meine
ek dukaan mein jake 2-3 condom packet ke khareed liye, phir hum chalte
chalte highway pe pohch gaye, bus stop pe kaafi bheed thi, phir jab
bus aati to iss baar taiji ne kaha isse jane de agli bus le lenge,
kuch der tak wait karne ke baad woh auto wala phir se wahan se gujra
aur hume dekh kar ruk gaya, meine taiji ki taraf dekha to unhone mujhe
ek naughty smile di, aur kehne lagi lagta hai isi mein jana thik rahe
ga, phir hum auto ke peeche baith gaye, usne utni hi jagah banayi
jitni subeh thi.

Pehle mein baitha aur phir taiji, shuruaat mein too woh aage ki taraf
baithi thi, phir jab auto shuru hua to aaram se mere lund pe baith
gayi, iss baar woh thoda bold pesh aa rahi thi par kuch bol nahi rahi
thi, phir jab meine unke pet par haath rakha to kuch bhi jawab nahi
aaya, meine samajh gaya ke woh bhi usi ka intzar kar rahi thi, phir
meine bina hichkichai blouse ke ek ek karke sare hook khol diye aur
jor jor se boobs bra ke upar se dabane laga, who siskiya bhar rahi
thi, ab meine piche se bra ka hook bhi khol diya aur nange boobs ko
apne haath mein lekar bheechne laga, aur unki nipples ko ungli ke
beech le kar dabane laga, woh bhi pure josh mein aa rahi thi, aur jor
jor se uuufffff aaaaahhhh aaurrr jorr see keh rahi thi, phir meine
unki saree upar kar di aur ishare se unhe thoda uthne ke liye kaha aur
jab woh uthi to meine saree kamar tak upar le li, ab aage se agar koi
dekhta to pata nahi chalta ke saree piche se kamar tak chadayi hui
hai, phir meine apna haath unki jhangho aur chut ke pass ghumane laga
aur panty ke upar se hi chut sehla raha tha, woh pagal hue ja rahi
thi, unhone mujhe bohat tight pakad rakha tha matlab unke haath meri
tango pe the, aur woh aahen bhare ja rahi thI .
kramashah................


Tags = Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion |
Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews
| Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance |
India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera |
Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical
| Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting |
Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry |
HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis
| Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad |
New Delhi | पेलने लगा | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | सेक्सी
कहानी | कामुक कथा | सुपाड़ा |उत्तेजना | कामसुत्रा | मराठी जोक्स |
सेक्सी कथा | गान्ड | ट्रैनिंग | हिन्दी सेक्स कहानियाँ | मराठी सेक्स |
vasna ki kamuk kahaniyan | kamuk-kahaniyan.blogspot.com | सेक्स कथा |
सेक्सी जोक्स | सेक्सी चुटकले | kali | rani ki | kali | boor | हिन्दी
सेक्सी कहानी | पेलता | सेक्सी कहानियाँ | सच | सेक्स कहानी | हिन्दी
सेक्स स्टोरी | bhikaran ki chudai | sexi haveli | sexi haveli ka such
| सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi |
कहानियाँ | चूत की कहानियाँ | मराठी सेक्स कथा | बकरी की चुदाई | adult
kahaniya | bhikaran ko choda | छातियाँ | sexi kutiya | आँटी की चुदाई |
एक सेक्सी कहानी | चुदाई जोक्स | मस्त राम | चुदाई की कहानियाँ | chehre
ki dekhbhal | chudai | pehli bar chut merane ke khaniya hindi mein |
चुटकले चुदाई के | चुटकले व्‍यस्‍कों के लिए | pajami kese banate hain |
चूत मारो | मराठी रसभरी कथा | कहानियाँ sex ki | ढीली पड़ गयी | सेक्सी
चुची | सेक्सी स्टोरीज | सेक्सीकहानी | गंदी कहानी | मराठी सेक्सी कथा |
सेक्सी शायरी | हिंदी sexi कहानिया | चुदाइ की कहानी | lagwana hai |
payal ne apni choot | haweli | ritu ki cudai hindhi me | संभोग
कहानियाँ | haveli ki gand | apni chuchiyon ka size batao | kamuk |
vasna | raj sharma | sexi haveli ka sach | sexyhaveli ka such | vasana
ki kaumuk | www. भिगा बदन सेक्स.com | अडल्ट | story | अनोखी कहानियाँ |
कहानियाँ | chudai | कामरस कहानी | कामसुत्रा ki kahiniya | चुदाइ का
तरीका | चुदाई मराठी | देशी लण्ड | निशा की बूब्स | पूजा की चुदाइ |
हिंदी chudai कहानियाँ | हिंदी सेक्स स्टोरी | हिंदी सेक्स स्टोरी |
हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट |
chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai
| sexi | bua | bahan | maa | bhabhi ki chudai | chachi ki chudai |
mami ki chudai | bahan ki chudai | bharat | india | japan |यौन,
यौन-शोषण, यौनजीवन, यौन-शिक्षा, यौनाचार, यौनाकर्षण, यौनशिक्षा, यौनांग,
यौनरोगों, यौनरोग, यौनिक, यौनोत्तेजना,
aunty,stories,bhabhi,choot,chudai,nangi,stories,desi,aunty,bhabhi,erotic
stories,chudai,chudai ki,hindi stories,urdu stories,bhabi,choot,desi
stories,desi aunty,bhabhi ki,bhabhi chudai,desi story,story
bhabhi,choot ki,chudai hindi,chudai kahani,chudai stories,bhabhi
stories,chudai story,maa chudai,desi bhabhi,desi chudai,hindi
bhabhi,aunty ki,aunty story,choot lund,chudai kahaniyan,aunty
chudai,bahan chudai,behan chudai,bhabhi ko,hindi story chudai,sali
chudai,urdu chudai,bhabhi ke,chudai ladki,chut chudai,desi kahani,beti
chudai,bhabhi choda,bhai chudai,chachi chudai,desi choot,hindi kahani
chudai,bhabhi ka,bhabi chudai,choot chudai,didi chudai,meri
chudai,bhabhi choot,bhabhi kahani,biwi chudai,choot stories, desi
chut,mast chudai,pehli chudai,bahen chudai,bhabhi boobs,bhabhi
chut,bhabhi ke sath,desi ladki,hindi aunty,ma chudai,mummy
chudai,nangi bhabhi,teacher chudai, bhabhi ne,bur chudai,choot
kahani,desi bhabi,desi randi,lund chudai,lund stories, bhabhi
bra,bhabhi doodh,choot story,chut stories,desi gaand,land choot,meri
choot,nangi desi,randi chudai,bhabhi chudai stories,desi mast,hindi
choot,mast stories,meri bhabhi,nangi chudai,suhagraat chudai,behan
choot,kutte chudai,mast bhabhi,nangi aunty,nangi choot,papa
chudai,desi phudi,gaand chudai,sali stories, aunty choot,bhabhi
gaand,bhabhi lund,chachi stories,chudai ka maza,mummy stories, aunty
doodh,aunty gaand,bhabhi ke saath,choda stories,choot urdu,choti
stories,desi aurat,desi doodh,desi maa,phudi stories,desi mami,doodh
stories,garam bhabhi,garam chudai,nangi stories,pyasi bhabhi,randi
bhabhi,bhai bhabhi,desi bhai,desi lun,gaand choot,garam aunty,aunty ke
sath,bhabhi chod,desi larki,desi mummy,gaand stories,apni
stories,bhabhi maa,choti bhabhi,desi chachi,desi choda,meri
aunty,randi choot,aunty ke saath,desi biwi,desi sali,randi
stories,chod stories,desi phuddi,pyasi aunty,desi
chod,choti,randi,bahan,indiansexstories,kahani,mujhe,chachi,garam,desipapa,doodhwali,jawani,ladki,pehli,suhagraat,choda,nangi,behan,doodh,gaand,suhaag
raat, aurat,chudi, phudi,larki,pyasi,bahen,saali,chodai,chodo,ke
saath,nangi ladki,behen,desipapa stories,phuddi,desifantasy,teacher
aunty,mami stories,mast aunty,choots,choti choot, garam choot,mari
choot,pakistani choot,pyasi choot,mast choot,saali stories,choot ka
maza,garam stories,,हिंदी कहानिया,ज़िप खोल,यौनोत्तेजना,मा
बेटा,नगी,यौवन की प्या,एक फूल दो कलियां,घुसेड,ज़ोर ज़ोर,घुसाने की
कोशिश,मौसी उसकी माँ,मस्ती कोठे की,पूनम कि रात,सहलाने लगे,लंबा और
मोटा,भाई और बहन,अंकल की प्यास,अदला बदली काम,फाड़ देगा,कुवारी,देवर
दीवाना,कमसीन,बहनों की अदला बदली,कोठे की मस्ती,raj sharma stories
,पेलने लगा ,चाचियाँ ,असली मजा ,तेल लगाया ,सहलाते हुए कहा ,पेन्टी ,तेरी
बहन ,गन्दी कहानी,छोटी सी भूल,राज शर्मा ,चचेरी बहन ,आण्टी ,kamuk
kahaniya ,सिसकने लगी ,कामासूत्र ,नहा रही थी ,घुसेड दिया
,raj-sharma-stories.blogspot.com ,कामवाली ,लोवे स्टोरी याद आ रही है
,फूलने लगी ,रात की बाँहों ,बहू की कहानियों ,छोटी बहू ,बहनों की अदला
,चिकनी करवा दूँगा ,बाली उमर की प्यास ,काम वाली ,चूमा फिर,पेलता ,प्यास
बुझाई ,झड़ गयी ,सहला रही थी ,mastani bhabhi,कसमसा रही थी ,सहलाने लग
,गन्दी गालियाँ ,कुंवारा बदन ,एक रात अचानक ,ममेरी बहन ,मराठी जोक्स
,ज़ोर लगाया ,मेरी प्यारी दीदी निशा ,पी गयी ,फाड़ दे ,मोटी थी ,मुठ
मारने ,टाँगों के बीच ,कस के पकड़ ,भीगा बदन
,kamuk-kahaniyan.blogspot.com ,लड़कियां आपस ,raj sharma blog ,हूक खोल
,कहानियाँ हिन्दी ,चूत ,जीजू ,kamuk kahaniyan ,स्कूल में मस्ती ,रसीले
होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो
,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी
,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे
लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों
के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி
,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,भोसडा
,hindisexistori.blogspot.com ,मुठ मार ,sambhog ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी
,چوت ,

No comments:

Raj-Sharma-Stories.com

Raj-Sharma-Stories.com

erotic_art_and_fentency Headline Animator