Friday, September 25, 2015

FUN-MAZA-MASTI ठरकी की लाइफ में ..30

FUN-MAZA-MASTI

 ठरकी की लाइफ में ..30



***********
अब आगे
***********



अजय ने उसके सिर पर हाथ रखकर अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया...लंड चुसवाने में उसे जो मज़ा मिलता था,उसकी तुलना वो किसी और चीज़ से कर ही नही सकता था..और आज तो प्राची कुछ ज़्यादा ही ज़ोर शोर के साथ उसका लौड़ा चूस रही थी..ऐसे में वो ये भी भूल चुका था की वो इस वक़्त कहाँ है और क्या वक़्त हुआ है...उसे तो बस अब किसी भी हालत में प्राची की चूत बजानी थी.




कुछ देर तक लंड चूसने के बाद वो फिर से उपर आई और उसे स्मूच करने लगी...इस बीच दोनो के हाथ एक दूसरे के जिस्मो पर चल रहे थे...अजय ने उसकी शर्ट उतार फेंकी...ब्रा को भी नोच कर हवा में उछाल दिया...उसने भी अजय के कपडे उतार कर ज़मीन पर फेंक दिए ..



पेंट तो पहले से उतरी हुई थी..इसलिए अजय एक पल मे ही नंगा होकर खड़ा था..उसने प्राची को बेड पर लिटाया और उसके पायजामे को पकड़ कर खींच दिया...प्रेग्नेंट होने के बाद उसका हल्का सा पेट उभर आया था और मुम्मे तो पहले से भी ज़्यादा बड़े हो चुके थे...



इस वक़्त उसके शरीर रूपी पेड़ की हर डाल पूरी तरह से निखार पर थी...उसकी मोटी-2 जांघों को पकड़ कर उसने अपने लंड को उसकी चूत के उपर रखा और धीरे से धक्का दिया...डॉक्टर ने उन्हे सेक्स के समय जो हिदायत बरतने को कही थी,अजय उसी के मुताबिक धीरे-2 झटके दे रहा था...प्राची को इस तरह का स्लो सेक्स पसंद नही था,पर इस वक़्त तो यही हो सकता था,इसलिए जो भी मिल रहा था वो उसी का मज़ा लेती हुई उससे चुदवाने लगी..



''आआआआअहह ओफफफ्फ़ ओफफ्फ़ अहह ऑश अजय....उम्म्म्ममम....ऐसे ...ऐसे ही....अआआअहह मेरे राजा....मज़ा आ रहा है....अहह ......इस लंड के बिना तो एक दिन भी नहीं रहा जाता......अहह ओह्ह्ह माय गॉड .......''


और सिर्फ़ दो मिनिट लगे उसे झड़ने में ...ज़्यादा उत्तेजना का यही परिणाम होता है, अभी तो उसकी चूत की खुजली मिटी भी नही थी और वो झड़ गयी....पर जो भी था, इस तरह से चुदने में उसे मज़ा बहुत आया था..

अब अजय की बारी थी,वो बेड पर जाकर लेट गया और उसने प्राची को अपने आगे लिटा लिया...ऐसे मे वो उसके बूब्स को दबाता हुआ आराम से उसे चोद सकता था...प्राची ने भी उसके लंड को अंदर लेकर थिरकना शुरू कर दिया..



अजेय के हाथों को लेकर प्राची ने चूसना शुरू किया...उसकी उंगलियो को वो किसी लंड की तरह चूस रही थी...और ऐसा करते हुए उसकी आँखे बंद थी...शायद वो अपने अंदर एक और ओर्गास्म का निर्माण कर रही थी..अजय भी उसकी मंशा समझ गया और अपने अंगूठे से वो उसकी चूत के बाहर झाँक रहे मटर के दाने को मसालने लग गया और दूसरे हाथ से वो उसके निप्पल्स को कटोचने लगा...

एक साथ दो स्पॉट्स पर हमला होते ही उसके अंदर एक नयी तरंग ने जन्म ले लिया...जो धीरे-2 तेज होने लगी...और साथ ही तेज होने लगे उसके झटके भी...

''आआआआहह अजय..........क्या करते हो......आआआआहह.......यही तो ख़ासियत है तुम्हारे अंदर....आआआअहह येसस्स्स्स्स्स्स्सस्स.....ऐसे ही करो...मज़ा आ रहा है.................उम्म्म्ममममममममम......मेरे राजा.......आआआआआआआहह....''

और उसकी सेक्सी बातों को सुनकर अजय के लंड ने भी रिस्पोंड देना शुरू कर दिया...उसने प्राची को घोड़ी बना कर अपना लंड अंदर दाल दिया और उसी तेजी के साथ उसे चोदने लगा



वो भी झड़ने के करीब पहुँच गया...इसलिए उसने प्राची के दानों को और ज़ोर से दबाना और मसलना शुरू कर दिया...ताकि वो भी साथ ही झड़ जाए..

और हुआ भी ऐसा ही....जैसे ही अजय के लंड ने गर्म क्रीम की बौछार उसकी चूत के अंदर छोड़ी, उस गर्मी को महसूस करती हुई प्राची एक बार फिर से झड़ गयी...और इस बार तो झड़ते हुए उसका शरीर ऐसे काँप रहा था जैसे उसकी आत्मा निकल कर बाहर जा रही है...ये उसकी जिंदगी का सबसे उत्तेजक ओर्गास्म था..



अजय का लंड फिसलकर बाहर निकल आया और पीछे-2 निकला ढेर सारा सफेद रस...

जो हवा में लटका हुआ अपनी चुदाई की ख़ुशी बयान कर रहा था


और वो दोनो एक दूसरे को चूमते हुए गहरी साँसे लेने लगे...

वो अंदर गहरी साँसे ले रहे थे और दरवाजे के बाहर वो दोनो बहने धीमी हँसी हँसती हुई एक दूसरे के हाथों को ज़ोर से दबा रही थी...ताकि उनकी हँसी ज़ोर से ना निकल जाए..

रजनी तो बाहर निकल कर अपने पति के साथ मार्केट से सब्जी लेने चली गयी थी, और जाते हुए दोनो बहनो को अंदर ना जाने की हिदायत दे गयी थी...उन दोनो ने भी सोचा की ऐसा क्या हो रहा है जो उनकी माँ ने अंदर जाने से मना कर दिया है...इसलिए दोनो चुपके से दरवाजे के बाहर खड़ी होकर छुपकर वो सब देख रही थी,दरवाजा तो खुला ही हुआ था,सिर्फ़ हल्की सी लाइन थी,जिसमे से उन दोनो ने अपनी बहन और जीजू के इस प्रेम प्रसंग को देख लिया था...एक दिन पहले जिस जीजू के बारे में सोचकर दोनो बहनो ने एक दूसरे की चूत चूसी थी उसी को साक्षात चुदाई करते हुए देखकर उन पर क्या बीत रही थी,ये बताने की ज़रूरत न्ही थी...

अंदर का तूफान ख़त्म हो चुका था और बाहर एक नये तूफान ने जन्म ले लिया था.

आज की रात कई तूफान देखने थे इस और साथ वाले घर की दीवारों ने..



ऐसी जबरदस्त चुदाई ने तो प्राची को एकदम पस्त सा कर दिया था,पर हमारे चीते में अभी बहुत जोश बाकी था..उसे तो अब हर जगह रजनी भाभी ही दिखाई दे रही थी,वो जल्द से जल्द अपने घर जाकर उनसे लाइव चैट करना चाहता था..बहुत कुछ दिखाना था उन्हे और उनका बहुत कुछ देखना भी था..

प्राची को उसने बोल दिया की वो अपने घर जाकर ही सोयेगा ,अपने बिस्तर पर जो नींद आती है वो अलग ही होती है..प्राची ने भी ज़्यादा ज़ोर नही दिया अब,क्योंकि जिस काम के लिए वो अजय को अपने पास रोक रही थी वो तो हो ही चुका था अब..उसकी चूत 2 बार झड़ी थी ..अब वो चैन से सो सकेगी.

पूजा और रिया ने जब देखा की अजय और प्राची ने कपडे पहन लिए है तो वो दोनो भी चुपचाप वहां से भाग निकली और किचन मे जाकर काम करने लगी..

जाते हुए मुड़कर जब अजय ने बेड पर लेटी हुई प्राची को बाय बोला, तो उसके चेहरे पर आई संतुष्टि भरी मुस्कराहट देखकर उसे खुद ही अपने लंड पर गर्व होने लगा




अजय जब बाहर निकला तो उसने देखा की दरवाजा तो खुला ही रह गया था...और उसके शैतानी दिमाग़ में ये ख़याल आया की काश उसकी सास या सालियो ने वो चुदाई देख ली हो,ताकि उससे प्रेरित होकर वो भी चुदने के लिए जल्द ही उसके पास आ जाए...पर उसे क्या पता था की उसे सच में देख लिया था उसकी सालियो ने..और अब उसी चुदाई के बारे में बाते करते हुए वो दोनो किचन मे काम कर रही थी..

रिया : "यार दीदी.....तुमने देखा ना...जीजू कैसे पर्फॉर्म कर रहे थे...ही इस लाइक हीमैन ..कितने पावरफुल स्ट्रोक्स थे उनके...उफफफफफ्फ़....मुझे तो ऐसा फील हो रहा था जैसे ...जैसे...''

पूजा ने उसकी बात पूरी की : "जैसे वो सब झटके तुझे मिल रहे हो...है ना...''

रिया का चेहरा लाल हो उठा ये सुनकर...और उसने गुनगुनाती हँसी के साथ अपनी बहन को गले लगा लिया...और अपनी गर्म साँसे उसकी गर्दन पर छोड़ती हुई फुसफुसाई : "उम्म्म्म दीदी....आप भी ना...पर...सच मे...ऐसा हो जाए तो...मज़ा आ जाएगा..''



पूजा तो अब खुद यही चाहती थी की उसके प्यारे जीजू जल्द से जल्द उसकी चूत का उद्घाटन कर दे...जब उसका ये हाल है तो रिया की हालत वो अच्छी तरह से समझ सकती थी..हालाँकि पूजा अपने जीजू से सकिंग के मज़े ले चुकी थी,रिया तो उससे भी महरूम थी अब तक..इसलिए उसने मन ही मन निष्चय कर लिया की वो किसी भी कीमत पर रिया को वो मज़े तो दिलवा ही देगी,जो उसने खुद लिए थे..

पूजा : "सुन...अगर तू मेरे हिसाब से चलेगी तो ...मैं तेरी ये बेचैनी कुछ कम करा सकती हूँ ...''

रिया की आँखे चमक उठी...आज पहली बार पूजा ने उसकी हेल्प करने की बात की थी...उसी जीजू के साथ जिनसे बचने के लिए वो उसे ना जाने कितने लंबे-2 उपदेश दिया करती थी...पर पहले और अब मे काफ़ी फ़र्क आ चुका था..जिस तरह कल रात उन दोनो ने नंगे होकर एक दूसरे को प्यार से मज़े दिए थे, जीजू के बारे मे सोच-सोचकर अपनी-2 चूत एक दूसरे से चुस्वाई थी...और अभी कुछ देर पहले एक साथ उन्होने अपने उसी जीजू को जिस अंदाज में चोदते हुए देखा था,उसके बाद तो दोनो के मन और चूत में अपने जीजू के नाम के हथोड़े बज रहे थे..अब वो उसी जीजू से बचने के नही बल्कि उनसे कैसे मज़े मिलेंगे,इसकी तरकीबे बताने वाली थी..


रिया : "दीदी..आप बस मेरा ये काम करवा दो...मैं आपकी हर बात मानने के लिए तैयार हूँ ...''

वो बात कर ही रही थी की रिया की ये बात सुनते हुए अजय ने किचन मे प्रवेश किया और बोला : "क्या बात मनवा रही हो तुम मेरी प्यारी साली से पूजा...कही तुम मेरी प्यारी साली रिया को ब्लॅकमेल तो नही कर रही ना...''

एकदम से अपने सपनों के राजकुमार को अपने सामने देखकर रिया की तो साँसे उपर की उपर और नीचे की नीचे रह गयी...और उपर से उसके जीजू जिस अंदाज से उसे प्यारी-2 बोल रहे थे,उसे तो ऐसा लग रहा था की आज ही उसे दुनिया भर का प्यार मिल गया है..

और अजय तो पूजा से कुछ ज़्यादा ही खुल चुका था,इसलिए वो अब इस तरह की बाते खुल कर उसके साथ कर रहा था...क्योंकि उसे भी पता था की अब ये मछली कही नही जाने वाली और ना ही वो रिया को उसके खिलाफ भड़काएगी अब...

पर अजय ने तो आधी बात ही सुनी थी...अगर उसे पता होता की अभी कुछ देर पहले किचन मे क्या बात चल रही थी तो शायद वो अभी के अभी अपना लंड निकाल कर सामने लटका देता..और उस प्यारी साली की इच्छा वहीं पूरी हो जाती..

पूजा भी अपने जीजू की बात सुनकर मुस्कुरा दी..उसे पता था की अगर उसने अभी वो बात उन्हे बता दी तो अजय और रिया को वो मज़ा नही मिलेगा जिसके बारे में वो अपने दिमाग़ में प्लानिंग कर चुकी थी.

इसलिए उसने इधर-उधर की बाते करते हुए बात टाल दी..

पूजा : "अरे कुछ नही , ये तो हमारे बीच कुछ ना कुछ चलता रहता है...आप सूनाओ..आते ही रूम में घुस गये..दीदी की इतनी याद आ रही थी क्या...''

इतना कहकर दोनो बहने एक दूसरे को देखकर मंद-2 मुस्कुराने लगी..

अजय को शक़ सा तो हुआ की कहीं उन दोनो ने उसे और प्राची को देख तो नही लिया..पर वो विचार झटकते हुए उसने कहा : "हाँ ...आ तो रही थी...इनफॅक्ट तुम्हारी दीदी को ज़्यादा आ रही थी..इसलिए मिलते-मिलाते इतनी देर लग गयी..''

रिया और पूजा ने मन ही मन कहा 'हाँ ...हमे पता है..किस चीज़ को मिल और मिला रहे थे आप अंदर..'

पर वो दोनो कुछ बोली नही और एक बार फिर से उसी तरह एक दूसरे की आँखो में देखकर मुस्कुराती रही..

और तभी बाहर की बेल दोबारा बजी..अजय की सास और ससुर वापिस आ गए थे..

प्राची भी कपड़े पहनकर बाहर आ गयी और फिर सबने मिलकर चाय पी...8 बज गये थे...चाय पीकर जब अजय जाने लगा तो प्राची ने डिन्नर के बारे में पूछा,तो उसने थके होने का बहाना करके मना कर दिया..पर फिर भी प्राची ने ज़बरदस्ती करते हुए कहा की वो डिनर करके ही सोए..और उसने ये कह दिया की वो पूजा के हाथ कुछ ही देर में खाना भिजवा देगी..

अजय ने भी पूजा का नाम सुनकर और नखरे बाजी नही की और अपने घर आ गया.



 आने के बाद उसने सबसे पहले रजनी भाभी को मैसेज किया और उन्हे रात में होने वाली चेटिंग के बारे में भी पूछा..

उधर से मेसेज आया की शायद थोड़ी देर हो जाएगी,क्योंकि उनके घर कुछ मेहमान आए हुए है..और अभी तो शराब का दौर चल रहा है..डिन्नर करते-2 काफ़ी लेट हो जाएगा..वो तो शायद आज की रात मना करना चाहती थी,पर अजय इतना उतावला था की उसने उनकी बात नही मानी..और लेट नाइट में भी चेटिंग करने की बात मान ली.

फिर अजय ने कपड़े उतारे और नहाने घुस गया...चुदाई के बाद गर्म पानी से नहाने का अपना ही मज़ा है..पूरे शरीर में साबुन लगाकर वो बस अपनी किस्मत और मिलने वाली चूतों के बारे में ही सोचता रहा..

नहा धोकर उसने सिर्फ़ एक बॉक्सर पहना और उपर एक टी शर्ट..आज की रात वो फ्री होकर सोना चाहता था...वैसे भी जो अंदाज़े उसने लगा रखे थे,उसके हिसाब से तो रजनी के सामने ये सब भी उतर जाना था आज की रात..

पर इस बीच जो होने वाला था,उसका अंदाज़ा उसे भी नही था.

अजय के जाने के बाद पूजा और रिया में ख़ुसर फुसर शुरू हो गयी..कुछ ही देर में डिनर तैयार हो जाना था और पूजा ने डिसाइड कर लिया था की वो खाना लेकर रिया को भेजेगी..और वहां जाकर वो क्या-2 और किस हद तक कर सकती है,ये भी उसने समझा दिया था..वैसे भी वो नही चाहती थी की पहली बार में ही वो अपनी चूत मरवा बैठे..और वैसे भी रिया से पहले तो उसका नंबर था...उसका हक़ था..

वैसे तो रिया को खुद ही सेक्स से जुड़ी बाते बहुत पसंद थी और वो जल्द से जल्द अपनी लाइफ का पहला सेक्स एक्सपीरियन्स लेना चाहती थी..पर आज जब मौका उसके सामने चलकर खुद आया था, तो उसके हाथ पाँव फूल से गये..उसे घबराहट सी होने लगी..डर लगने लगा की कहीं कोई गड़बड़ ना हो जाए...अंदर ही अंदर उसे भी आत्मग्लानि सी हो रही थी की वो अपनी ही बहन का घर बर्बाद कर रही है..पर पूजा ने जब उसे समझाया की ये सब करने से किसी को कुछ नुकसान नही होगा और ना ही उनके अलावा किसी को पता चलेगा,तब जाकर उसे थोड़ा बहुत साहस मिला..और अपनी बहन पूजा के कहे अनुसार उसने कपड़े भी पहन लिए..अब तो बस इंतजार था जल्द से जल्द वहां जाने का.

9:30 बज चुके थे...रजनी ने खुद अपने हाथों से अपने प्यारे दामाद के लिए खाना पैक किया..मन तो उसका भी कर रहा था की वो खुद जाकर वो बॉक्स अपने दामाद को दे आए...और शायद इसी बहाने उसका भी कुछ भला हो जाए..पर अपने पति और प्राची को भी उसने अभी खाना खिलाना था,इसलिए वो कुछ ना बोली..बस ये सोचकर रह गयी की अभी तो 10 दिन का टाइम बाकी है,इनमे वो कोई ना कोई मौका ज़रूर तलाश लेगी.

डिनर का डब्बा जब तैयार हो गया तो उसने पूजा को आवाज़ लगाकर उसे जीजू के पास जाने को कहा,पर उसने ये कहकर की उसे कॉलेज का कुछ काम निपटाना है,रिया को भेजने के लिए बोल दिया..रजनी को कुछ शक़ नही हुआ की उन दोनो के बीच क्या खिचड़ी पक रही है..रिया ने बॉक्स लिया और धड़कते दिल से अपने जीजू के घर की तरफ चल दी.

हालाँकि अजय साथ वाली बिल्डिंग में ही रहता था,..पर वहाँ तक चलकर जाते हुए उसे वो रास्ता मीलों लंबा लग रहा था...हर कदम के साथ कई विचार उसके मन में आ रहे थे...पर उन विचारों को रोंदते हुए उसे अपने जीजू की चुदाई भी याद आ रही थी...और उसकी नन्ही और कुँवारी चूत सिर्फ़ यही सोचकर पसीने-2 हुई जा रही थी की जब उसपर अजय की उंगलियाँ टकराएँगी तो क्या होगा..

 
बेल बजाने के बाद उसने एक गहरी सांस ली और अपने चेहरे पर मुस्कान ले आई..क्योंकि वो जानती थी की ऐसे टेंशन लेने से वो मज़े नही मिलने वाले ,जो वो लेने आई थी.

अजय को पता था की पूजा आई होगी,उसका डिनर लेकर..और वो अपने खड़े हुए लंड को मसलता हुआ बाहर तक आया और दरवाजा खोले ही उसने कहा : "आइए...पूजा डार्लिंग...आइए..''

पर जब उसने रिया को सामने खड़ा देखा तो उसके होश उड़ गये..और वो भी मुस्कुराती हुई अंदर आ गयी.

अजय को दो बातों पर विश्वास नही हो रहा था...एक तो पूजा के बदले रिया कैसे आ गयी...क्योंकि पूजा तो हमेशा रिया को बचाकर रखती थी..और अपने पास आए मौके को उसने रिया को दे दिया,इस बात की हैरानी हो रही थी अजय को...और दूसरी बात हैरान करने वाली थी रिया के कपड़े..

वैसे तो घर से निकलते समय रिया ने लोंग निक्कर और जीप वाली जैकेट पहनी हुई थी..जो वो अक्सर रात को पहन कर सोती थी..पर पूजा के कहने पर उसने वो जैकेट दरवाजे के बाहर ही उतार कर रख दी थी..और अपनी लोंग निक्कर की बेल्ट वाली जगह से गोल-2 करके उपर लपेटकर उसे अल्ट्रा शॉर्टस में कनवर्ट कर लिया था..और शायद वो कुछ ज़्यादा ही शॉर्ट हो गयी थी...उसकी जाँघो का गोरा माँस किसी को भी लुभाने के लिए प्रयाप्त था..

और उपर का जिपर उतारने के बाद जो उसने पूजा के कहने पर पहना था,वो एक छोटी सी शमीज़ टाइप का टॉप था..बिल्कुल पतला कपड़ा..कंधे पर पतली डोरियां थी....वैसे भी उसकी चुचियाँ बिल्कुल छोटी-2 थी..सिर्फ़ हल्का उभार सा था उनपर..लेकिन इस तरह का टॉप पहनने के बाद जो सैक्सीपन उनमें आ रहा था..वो सिर्फ़ अजय को ही दिखा,क्योंकि उस महीन कपडे के नीचे उसके काले जामुन जैसे निप्पल साफ़ दिख रहे थे

इंफेक्ट , पूजा के कहने पर जब रिया ने ऐसे कपडे पहने थे और अपने बैडरूम के शीशे में में उसने जब खुद को उन सेक्सी कपड़ो में देखा था तो खुद की निखर रही जवानी पर उसे भी गुमान सा हो गया था, और पूजा ने जब अपने मोबाइल से उस छुटकी के सेक्सी पोज़ में पिक्स ली तो वो भी पूरे उत्साह के साथ अपने नन्हे बूब्स और सेक्सी टांगो को उभार-२ कर दिखाने लगी


पहले फ्रंट से अपनी सेक्सी साली को ऐसे कपड़े में और फिर अंदर जाते हुए उसकी मटक रही गोल फ़ुटबाल जैसी गांड को उस शॉर्ट स्कर्ट में देखकर तो अजय का लंड ऐसा खड़ा हुआ की हाथ से छुपाने के बाद भी वो छुपने का नाम नही ले रहा था...अब उसे अंदर अंडरवीयर ना पहनने का अफ़सोस हो रहा था.

अंदर जाकर रिया ने डिनर वाला डब्बा टेबल पर रख दिया और मुस्कुराती हुए अजय की तरफ पलटी और बोली : "क्या बात है जीजू...पूजा दीदी को तो आप डार्लिंग बोलते हो...और प्राची दीदी तो है ही आपकी डार्लिंग...तो मुझमें क्या कमी रह गयी जो आज तक आपने मुझे डार्लिंग नही कहा..''

बेचारा अजय सकपका कर रह गया...एक तो पहले से ही वो अपने खड़े हुए लंड को छुपाने की नाकाम कोशिश कर रहा था..और उपर से रिया का ये बोल्ड सवाल सुनकर उसके बॉक्सर की परेशानी और बड़ गयी...उसने बड़ी ही मुश्किल से अपने लंड को उपर की तरफ करते हुए अपने लास्टिक वाले हिस्से से लंड के सुपाड़े को दबा दिया...और उपर की तरफ टी शर्ट को फेला कर उसे छुपाया..



और फिर खिसियानी हँसी हंसता हुआ वो अंदर आया और बोला : "अरे . नही...ऐसा कुछ नही है रिया...वो तो बस ऐसे ही...मैं तो अक्सर उसे छेड़ने के लिए ऐसा बोलता रहता हूँ ..और मेरे इस तरह के छेड़ने से वो चिढ़ती भी है...इसलिए बोलने में भी मज़ा आता है...और अभी प्राची ने बोला था की पूजा आएगी,सो यही सोचकर मैने डार्लिंग बोला की पूजा ही होगी...और मेरे डार्लिंग कहने पर हमेशा की तरह चिड़ जाएगी ''

अजय ने चालाकी से बात बदल दी

रिया : "रहने दो जीजू...डार्लिंग बोलने से भला किसी को क्या प्राब्लम हो सकती है...इंफेक्ट उन्हे तो अच्छा ही लगना चाहिए..आई एम स्योर ,अगर पूजा दीदी आई होती तो आज उन्हे ये सुनकर अच्छा ही लगता...''

वैसे भी,पहले और अब में आ चुके फ़र्क के बाद तो अगर अजय पूजा को कुतिया या रंडी भी बोल दे तो उसपर भी वो मुस्कुरा कर ही जवाब देगी..

अजय समझ चुका था की इस वक़्त वो रिया पर भी लाइन मार सकता है...और उसपर तो उसे विश्वास ही था की वो मना ही नही करेगी..

इसलिए वो बोला : "तो ठीक है...आज से मैं तुम्हे भी डार्लिंग बोलूँगा..रिया डार्लिंग..माय बैबी डार्लिंग..माय सेक्सी डार्लिंग..''

अजय के मुँह से अपने लिए डार्लिंग और सेक्सी शब्द सुनकर रिया की चूत तक के रोँये खड़े हो गये..उसके होंठ फड़फडा कर रह गये...और उनमें से सिर्फ़ इतना ही निकला...''ए...एक ...बार और बोलो....बोलो ना जीजू...''

अजय समझ गया की लोंड़िया गर्म हो रही है...एक तो रात का वक़्त,उपर से उसके ऐसे सेक्सी कपड़े...और सामने से वो खुद ही ऐसे लाइन दे तो हमारे ठरकी महाराज कहाँ रुकने वाले थे...ऐसे मौके तो वो हाथ बढ़ाकर पकड़ता था..

वो धीरे-2 चलता हुआ उसके करीब पहुँचा...और उसकी आँखो मे देखता हुआ फुसफुसाया : "माय डार्लिंग...रिया...माय सेक्सी डार्लिंग रिया.....माय बैबी डार्लिंग...रिया..''

रिया की भी साँसे तेज हो गयी...उसके जीजू ठीक उसके सामने खड़े थे...इतने करीब थे वो की उनका पेट वाला हिस्सा आपस मे टकरा रहा था..रिया को तो वो पेट ही लग रहा था..जबकि वो अजय का पेट नही बल्कि उभरा हुआ लंड था..जिसे उसने बड़ी मुश्किल से अपने बॉक्सर में बाँध कर रखा हुआ था..

अजय ने अपने हाथों की उंगलिओ से उसकी बाहों की चिकनी त्वचा को छुआ..और धीरे-2 उसकी नर्म बाजुओं की घिसाई करने लगा..

रिया तो किसी फेयरीटेल जैसी दुनिया में खो सी चुकी थी...एक तो पहले से ही उसे अपने जीजू से बहुत प्यार था..उपर से वो कब उसकी ख्वाबो की दुनिया के राजकुमार बन चुके थे,उसे भी पता नही चला था..और अब जिस अंदाज से वो उसे डार्लिंग और सेक्सी और ना जाने क्या-2 कह रहे थे उसके बाद तो उसका खुद पर से नियंत्रण ही खोता जा रहा था..उसकी आँखे बंद होती चली गयी...और उसने खुद को अजय की बाहों में लुडक जाने दिया..

और अजय ने उसके नाज़ुक शरीर को अपनी कठोर बाजुओं में लेकर मसल डाला..और दोनो एक गहरे आलिंगन में खो गये.

रिया तो अपने सपनो की दुनिया में थी..पर अजय तो यथार्थ में था..वो बस यही सोचे जा रहा था की ये अचानक रिया को क्या हो गया..भले ही आज से पहले भी वो काफ़ी हद तक खुल चुके थे..पर एकदम से इसे क्या हो गया..ऐसे कपड़े पहनकर वो उसके घर आई..और एक ही बार सिर्फ़ डार्लिंग और सेक्सी कहने पर ऐसे पिघलकर उसकी बाहों में आ गयी जैसे इसी काम के लिए वो उसके घर आई थी..

और तभी उसके दिमाग़ मे कुछ खटका..कही ये पूजा की प्लानिंग तो नही है..क्योंकि प्राची के कहे अनुसार तो पूजा को ही वहां आना था अभी..और ऐसे में रिया आ गयी..और वो भी ऐसे कपड़ो में ..

लेकिन जो भी था.. उसे तो इस हाथ आए मौके को पूरी तरह से इस्तेमाल करना था..इस उम्र की लड़कियो में सेक्स के प्रति क्या भावनाएं होती है ये वो अच्छी तरह से जानता था...और क्या-2 करके उन भावनाओ को भड़काया जा सकता है ये उसे किसी से सीखने की ज़रूरत नही थी..उसने रिया के नाज़ुक शरीर को अपनी बुझाओ में और ज़ोर से दबाया और अपने हाथ उसके नर्म कुल्हों पर रखकर उन्हे भी ज़ोर से दबा दिया..रिया की गांड एकदम परफेक्ट थी,उसे जितना दबाता वो उतनी ही तेजी उभरकर वापिस बाहर आ जाती, एकदम कसी हुई गांड थी उसकी

रिया ने भी अपने सीने पर लगे नुकीले निप्पल पूरी ताक़त से तीर की तरह अजय की छाती में घुसा दिए...और उसकी हथेलियों के मर्दन को अपनी गांड पर महसूस करते हुए वो धीरे से सिसकार उठी..

''ओह्ह्ह्ह्ह जीजू.....मेरे प्यारे जीजू......माय लव........माय लाइफ.......आई लव यूउssssssssssssssssssss जीजू .....''

और अपने प्यार का इज़हार करने के साथ ही उसने अपने होंठ अजय की तरफ बड़ा दिए...और दोनो एक गहरी और कभी ना टूटने वाली गीली सी स्मूच में डूब गये...



राज शर्मा स्टॉरीज पर पढ़ें हजारों नई कहानियाँ

No comments:

Raj-Sharma-Stories.com

Raj-Sharma-Stories.com

erotic_art_and_fentency Headline Animator