Wednesday, April 22, 2015

FUN-MAZA-MASTI मेरी मामी सिम्पल

FUN-MAZA-MASTI



मेरी मामी सिम्पल


 मेरी मामी एक सिम्पल औरत थी ये टब की बात हे जब वो गर्मियों में हमारे घर रहने आई थी. बस टब से मेरी नजर उनके ब्रेस्ट पे थी मन करता था की उनकी कमीज फाड़ के उनके ब्रेस्ट बहार निकाल दू पता नही में एक गुड पर्सनालिटी ओ स्टडी में बी काफी इंटेलिजेंट था पता नही में क्यू उनकी तरफ अट्रेक्ट हो रहा था बहोत ज्यादा बस मुठ मार क ही काम चलाना पड रहा था मेरे घर में एक इतना सेक्सी प्रजा था उसके मस्त मस्त चुत्त्ड देख के हालत खराब ह रही थी एक दिन में बेड पे लिटा हुआ त वो मेरे पास तभी बेड पे सो गयी और मुझे देखने लगी उनको लगा में सो गया हूँ पर में जाग रहा था मेने अपना हेंड हलके से उनके ब्रेस्ट से टच कराया मन तो कर रहा था की पकड़ के मसल दू. और चीख निकाल दू साली की. इतने बड़े बड़े निपल थे साली के हद हे चुत्त्ड ओय होय उस दिन हर कुछ खास नही हुआ. ये अरमान दिल में ही रह गया था.
फिर वो परमेंनन्ट हमारे घर के पास सिफ्ट हो गये थे वो कभी कभी हमारे घर आती थी और साली की गांड तूफान मचाती थी और मेने भी अब कभी कभी उनके घर जाना सुरु किया और हल्के हल्के उनसे दोस्ती बनाई मेने बारते और जब लाइफ में सेक्स जेसा होता हे तो ये चीज एक दम होती हे. अगर आप के साथ हुआ होगा तो आप जानते होगे फिर एक दिन में उनके घर गया था वो रजाई में लेटी हुई थी साली लग तो गस्ती रही थी मुझे तो में उनके साइड में लेता हुआ था बाते कर रहा था और फिर घर आ गया अब क्या करू में यार बस उसकी गांड ही मेरी आँखों में घुमती थी. और उनके घर जाता बाते करता और आ जाता था. पर एक दिन सोच लिया कुछ करना ही हे. और मुझे पता था की वो सेक्स कर सकती हे मेरे साथ. में तो बस मजे लेने के लिए टीआरएस रहा था. शायद वो दिन भी आ गया एक दिन में घर गया उनके वो मोबाइल पकड़ के बेड पे बेठी हुई थी.
मेने उन्हें बुलाया और उनके पीछे से कंधे के निचे से हग की सिंपल हग थी. कुछ खास नही. और फिर बाते मार रहा था आज पूछ लू में उन्हें तो मेने उन्हें कह दिया मेरा दिल बहोत तेज धड़क रहा हे और मेने कहा मामी ग़ुस्सा तो नही मानते एक बात बोलू गुस्सा तो नही मानोगी. तो वो कहती साली आप बोलो तो मेने कहा प्रोमिस करो किसी को भी नही बताओगी. तो वो नही अब बता दो तो मेने कहा मामी दबा सकता हूँ क्या ? तो वो समज गयी थी फिर उन्होंने बोला क्या बड़ी साली अनजान बन रही थी तो मेने हिम्मत करी बहोत मुस्किल से और उनका ब्रेस्ट दबाया हल्के से तो वो हसी और कहती अच्छा ये बोल से था तो मेने उन्हें पीछे से हग किया हुआ हुआ था मजा आ रहा था मुझे और में उनके बूब्स दबा रहा था मजा आ गया उस दिन मेने उनके साथ हल्की सी किस की उनकी सेक्सी गोदी में बेठ के पता नही क्या होता रहा था ये बस हो गया था बॉडी बहोत कुछ करना चाहती थी उनके साथ पर दिल नही मान रहा था.
और ये सब रोज १०-१५ दिन तक चला हम हल्की किस करते थे और में उनके सेक्सी ब्रेस्ट दबा के मजे लेता था उपर से ही दबाए थे मेने वो बड़ा मजा आता हे और वो मेरा पेहली बार था मेरे को वो बहोत सॉफ्ट लगते थे यार मन कर रहा था बिच में लंड फसा दू. उसके ब्रेस्ट के बिच पर इतना गन्दा काम ज्यादा गन्दा था ये काम करने की हिम्मत नही हो रही थी और में उनके ब्रेस्ट दबाता था और एक दिन में उनके घर गया था वो टीवी देख रही थी बेड पे लेट के में पास जाके लेता और उनके हलके हल्के ब्रेस्ट दबाए और हाथ पीछे करा और मेरी बार बार कोसिस करने के बाद वो मेरा लंड दबाने के लिए मानी ये मेरा पेहला टाइम था बहोत बहोत जादा मजा आ रहा था मुठ मारते तो बड़ी अच्छी रही थी वो हमने कभी एक दुसरे से कभी गलत वोर्डिंग में बात नही की एक दुसरे को बड़ी रिसपेक्ट देते थे पर उस दिन मेने पहली बार उनसे मुठ मारी थी.
और घर आते हुए उनसे हल्की सी किस की और फिर में रोज उनसे मुठ मारता और किस करता और हम एक दुसरे से हर एक बात सेर करते थे मुठ मरता कभी कभी उनकी ब्रा और चड्डी में मुठ मरता था और में उनके बूब्स अब जोर जोर से दबाता था वो भी पुरे मजे लेती थी इसके उसके ब्रेस्ट भी तो बड़े बड़े थे. पता नही कितनो से मराई थी उसने पर मुझसे नही मारना चाहती थी वो में उसकी गांड मारना चाहता था. साल्ली किस करती थी ब्रेस्ट मसलती थी. और मेरी मुठ मारती थी. वो आगे बढना ही नही चाहती थी. उसके चुत्त्ड घर में जब हिलते थे तो मजा आ जाता था मन करता था जा के बिच में फसा दू में. पर नही कर सकता त में. अब आगे सब बढ़ता रहा और जब वो मेरी मुठ मारती थी तो म उसकी पीठ पे उसकी बोडी पे हाथ फेरता था. अन्दर हाथ डाल के साली को उसका नंगा जिस्म करना चाहता ता. और अपने लंड पे रख के गांड मारना चाहता था में उसकी. हम दोनों एक दुसरे के बहोत पास गये थे.
पर वो मानती ही नही थी फिर में ये सेक्स स्टोरीज पढने लगा तो थोडा बहोत आइडिया लगाता जा रहा था के क्या करना हे मुझे बस अब सब ट्राय करना चाहता था में. कभी जब वो न मिलती तो खुद मुठ माररके काम चलाना पड़ता था. जब मेरा लंड उसके मुलायम हाथो में होता था तो मजा ही आ जाता था उसके बूब्स तो में मसल मसल के फाड़ के रख देना चाहता था में. मजा और बढ़ता जा रहा था. सेक्स की भूख भी बढती जा रही थी. बस मामी को बोलता में आजा ना कबी यहाँ पे भी गांड रगड दे अपनी वो तैयार नही थी.


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