Wednesday, May 13, 2015

FUN-MAZA-MASTI भोली भाली लड़की

FUN-MAZA-MASTI

भोली भाली लड़की

हेलो दोस्तों.. मैं राहुल है. मैं आप सभी के सामने एक कहानी लेकर आया हूँ. मैंने बहुत सी सेक्सी कहानियाँ पढ़ी है और वो मुझे बहुत पसंद भी आई. दोस्तों.. यह कहानी आरती शर्मा की है.. वो मेरे पड़ोस वाले घर में रहती है. आरती शर्मा मुंबई की रहने वाली एक 18 साल की लड़की है. उसके पापा बहुत बड़े बिजनसमेन हैं और माँ स्कूल टीचर है. उसका एक छोटा भाई भी है जिसकी उम्र 12 साल है. आरती बहुत ही चुलबुली और प्यारी लड़की है.. लेकिन वो एक बहुत भोली है.. वो दिखने में बहुत सुंदर और सेक्सी है उसके बड़े बड़े बूब्स, पतली कमर, गदराया बदन और बड़ी सी गांड है.. लेकिन उसे सेक्स के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं है.. क्योंकि वो अभी इन सभी बातों से अंजान है और यह उसकी जवानी का पहला कदम है.
दोस्तों.. यह बात आरती के जन्मदिन वाले दिन की है.. वो 24 दिसम्बर 2014 का दिन था और आज आरती 18 साल की हो गई थी.. वो दसवीं में पड़ती थी. पढ़ाई में वो बहुत अच्छी थी और पढ़ाई के साथ साथ वो घर के कामों में भी बहुत माहिर थी. उस दिन वो अपने जन्मदिन के कारण बहुत खुश थी और उसके एक दिन पहले मतलब कि कल अपने पापा के साथ बाजार जाकर बहुत सी चोकलेट लेकर आई थी अपने सभी दोस्तों में बाटने के लिए. उसने अपनी क्लास में चोकलेट बाँटी और अपने दोस्तों को मुठ्ठी भर भर के चोकलेट दी. उस दिन वो सारा दिन स्कूल में पार्टी करके घर लौटी. उसकी माँ भी घर आ चुकी थी. लंच के बाद उसे ध्यान आया कि अभी भी उसके बैग में बहुत सारी चोकलेट पड़ी हैं और सोचने लगी कि अब वो उसका क्या करे?
तभी उसकी माँ ने कहा कि वो जाकर अपने पड़ोसियों में चोकलेट बाँट आए. आरती को यह आईडिया बहुत अच्छा लगा. शाम पाँच बजे उसका छोटा भाई बाहर खेलने गया हुआ था और माँ मार्केट जाने की तैयारी कर रही थी. तो उसने सोचा कि अब मैं पड़ोस में जाकर चोकलेट बाँट आती हूँ.. फिर वो सबसे पहले सामने वाले शर्मा जी के घर गयी.. वहाँ पर शर्मा आंटी अकेली थी तो उन्होंने उसे जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई दी और चोकलेट ली और उसने शर्मा जी की बेटी पूनम के लिए भी चोकलेट रख दी. फिर सभी पड़ोसियों को चोकलेट बाँटने के बाद सबसे आखरी में वो मिस्टर मेहरा के घर गयी.
मिस्टर मेहरा एक ऑफिसर पोस्ट के व्यक्ति थे और वो दिल्ली के रहने वाले थे.. लेकिन उनकी पोस्टिंग यहाँ होने की वजह से वो अकेले यहाँ पर रहते थे और सप्ताह की छुट्टियों पर अपने घर जाया करते थे. उनकी उम्र कुछ 35 के करीब होगी और वो आरती की फेमिली को बहुत अच्छी तरह जानते थे और आरती भी हमेशा उनसे प्यार से बात किया करती थी. वो अपनी बीवी से बहुत दूर होने की वजह से हमेशा सेक्स के लिए तड़पते थे.. लेकिन यहाँ पर घर से दूर नौकरी की वजह से वो अपनी सेक्स की भूख नहीं मिटा सकते थे. आरती के जन्मदिन के दिन वो अपने ऑफिस से बॉस की डांट खाकर घर पहुँचे ही थे कि तभी बेल बजी.. वो उठे और दरवाज़ा खोला. उन्होंने देखा कि दरवाज़े पर चोकलेट का पैकेट लिए आरती खड़ी थी. आरती ने एक गुलाबी कलर का थोड़ी टाईट टॉप और नीचे जीन्स पहनी हुई थी और आरती को देखते ही पता नहीं क्यों उन्हें आज कुछ अजीब सा लगा.
आरती को वो एक पड़ोस की लड़की कि नज़र से नहीं बल्कि उसमे औरत को देखने लगे और उन्हें पता था कि आरती बहुत भोली और शरीफ है ना जाने क्यों वो उसके साथ कुछ करना चाहते थे? फिर वो बोले कि आओ आरती क्या हाल है तुम्हारा? हैल्लो मेहरा अंकल आज मेरा जन्मदिन है और मैं आपको चोकलेट देने आई थी. तो वो बोले कि अरे वाह आरती तुम्हे अपना जन्मदिन मुबारक हो और वो हाथ आगे करते हुए बोले और फिर आरती भी उनसे हाथ मिलाती है. आज तो मेहरा को आरती के हाथ कुछ ज़्यादा ही नरम लग रहे थे.. तो आरती कहने लगी कि बहुत धन्यवाद अंकल. फिर अंकल बोले कि अंदर तो आओ आरती. तो आरती कहने लगी कि नहीं अंकल अभी मुझे घर पर जाना है.
तो अंकल बोले कि ओह आज तुम्हारा जन्मदिन है और मुझे अच्छी तरह से तुम्हे विश तो करने दो चलो आओ अंदर बैठो सोफे पर. फिर वो अंदर आकर सोफे पर बैठ गई.. अंकल कहने लगे कि लाओ अब चोकलेट लूँगा. जैसे ही आरती ऑफर करने के लिए आगे को झुकी.. मेहरा को आरती के बूब्स दिखने लगे और वो मन ही मन सोचने लगा कि आज तो इस लड़की के साथ कुछ मज़ा लेकर ही रहूँगा.
अंकल : हम्म बहुत बढ़िया चोकलेट हैं आरती.
आरती : धन्यवाद अंकल.
अंकल : आरती तुम अब कितने साल की हो गई हो?
आरती : आप ही अंदाजा लगाओ. फिर यह बात सुनते ही मेहरा का माथा घुमा और एक शैतानी आईडिया उसके दिमाग़ में आया और वो झट से बोल पड़ा 12 साल की क्यों ठीक है ना?
आरती : नहीं अंकल बिल्कुल ग़लत जवाब है.
अंकल : ओह तो तुम 13 साल की हो गई हो क्यों अब तो बिल्कुल ठीक है?
आरती : जी नहीं अंकल यह भी गलत जवाब है.
अंकल : तो फिर 11 साल की?
आरती : नहीं अंकल आप तो बुद्धू हो मैं तो 18 साल की हूँ.
अंकल : आरती तुम झूठ बोल रही हो.
आरती : नहीं मैं एकदम सच कह रही हूँ.
अंकल : यह हो ही नहीं सकता की तुम 18 साल की हो.
आरती : अरे अंकल मैं सच कहती हूँ.
अंकल : मजाक मत कर.
आरती : नहीं अंकल मैं आपको कैसे यकीन दिलवाऊं कि मैं 18 साल की हूँ और आप ही बताओ कि क्या फर्क होता है 12 साल और 18 साल की लड़की में?
अंकल : अरे आरती 18 साल की लड़की की तो छाती बड़ी हो जाती है तू तो अभी बच्ची है झूठी.
तभी आरती बोली कि मेरी भी तो बड़ी हुई है आप खुद ही देखिए और आरती अपने बूब्स आगे को करते हुए यह देखिए कितने बड़े है कहने लगी. तो अंकल कहने लगे कि दिखा जरा यह कहते ही मेहरा अंकल ने आरती के बूब्स पर हाथ रख दिया और हल्का सा दबाने लगे. फिर आरती बोली कि नहीं नहीं पहले से तो यह थोड़े बहुत बड़े है अंकल रुकिये मैं आपको अपनी टी-शर्ट उतारकर दिखाती हूँ. फिर वो भोली लड़की अपनी बात सही करने के लिए मेहरा के जाल में फंस गई. तभी यह सुनकर मेहरा तो मन ही मन मैं नाच उठा.
अंकल : हाँ हाँ खोलकर दिखा छोटी तो है.
तभी आरती ने अपना टॉप उतार दिया और उसने एक छोटी सी ब्रा पहनी हुई थी जिसमें से उसके बूब्स साफ साफ दिख रहे थे और वो अपने बूब्स को ऐसे दिखा रही थी जैसा कोई अपना पास सर्टिफिकेट दिखा रहा हो. तो मेहरा ने उसका फायदा उठाते हुए उसके बूब्स ब्रा के ऊपर से पकड़ लिए और कहने लगा कि यह तो तुमने अपने बूब्स पर ब्रा का कपड़ा मोटा डाला है. छाती तो तुम्हारी पतली ही है.. तो आरती कहने लगी कि आप ऐसे मुझे बेवकूफ़ मत बनाओ और यह बात सुनते ही आरती को बहुत गुस्सा आ गया.
उसने झट से ब्रा को पूरा उतार दिया और दोनों हाथ हवा में करके बोली कि यह देखिए अंकल मेरी छाती मोटी हुई है.. देखिए अच्छी तरह आप हाथ लगा कर देखिए. तभी मेहरा ने झट से दोनों बूब्स पकड़ लिए और उन्हें ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और निप्पल भी खींचने लगा. तभी आरती बोली कि अंकल यह क्या कर रहे हो? तो वो कहने लगा कि मैं देख रहा हूँ कि यह असली हैं या नहीं और चेक करने के बहाने से मेहरा 5 मिनट तक कभी एक और कभी दोनों हाथों से बूब्स को दबाता रहा.. फिर कहने लगा कि लगते तो असली हैं.. हाँ हो सकता है कि तुम 18 की हो गई हो.
आरती : क्यों आपको अभी भी यकीन नहीं हुआ?
अंकल : अरे छाती तो मोटापे से भी बड़ जाती है मुझे अभी भी नहीं लगता कि तुम 18 साल की हो गई हो.
आरती : ओफ्फो आप तो मानते ही नहीं अंकल.
अंकल : आरती 18 साल की लड़की के तो बाल भी होते हैं.
आरती : वो अपने सर पर हाथ फेरते हुए बोली कि बाल तो मेरे भी हैं यह देखिए कितने काले, लंबे, घने.
अंकल : अरे यहाँ तो होते ही हैं.. और भी तो बाल होते हैं?
आरती : लेकिन कहाँ पर अंकल?
अंकल : क्या जहाँ से तुम पेशाब करती हो तुम्हारे वहाँ पर भी बाल हैं?
आरती : हाँ है ना अंकल बहुत घने बाल है.
अंकल : चल हट झूठी.
आरती : नहीं अंकल मैं सच कह रही हूँ.
अंकल : तो फिर चल दिखा.
आरती : नहीं अंकल मुझे बहुत शरम आती है.
अंकल : आहहा देखा झूठी है ना तू और इसलिए बहाने बनाती है.
आरती : नहीं अंकल यह बात नहीं है.
अंकल : तो दिखा फिर.
फिर मेहरा सोफे पर आराम से बैठ गया और फिर आरती अपनी सफाई देने के लिए खड़ी हुई.. वो ऊपर से तो पहले से ही नंगी थी और अब वो अपनी जिन्स उतारने लगी और वो सिर्फ अपनी गुलाबी कलर की पेंटी में रह गई थी और बहुत शरमाते हुए उसने अपनी चूत के बालों की एक झलक दिखाकर जल्दी से कुछ सेकंड में ही अपनी पेंटी को ऊपर कर लिया. मेहरा बोला कि अरे यह क्या यह तो दिखा ही नहीं थोड़ी अच्छी तरह दिखा.. थोड़ा इधर मेरे और पास आ.
फिर आरती थोड़ा आगे आ गई.. तो मेहरा ने हल्के से उसकी पेंटी को उतार दिया. तभी आरती शरम से अपनी दोनों टाँगें आपस में जोड़कर खड़ी हो गई और फिर मेहरा ने प्यार से उसके चूत पर हाथ रखा और बाल खींचने लगा और वो फिर से चेक करने के बहाने से उसकी चूत को गरम करके मसलने लगा. तो आरती शरमाते हुए बोली कि क्यों अब यकीन हुआ आपको?
अंकल : हाँ अब यकीन हुआ कि तुम 18 साल की हो गई हो.
अब आरती को भी ये सब करवाने में मजा आ रहा था. फिर आरती ने अपने कपडे पहने और अपने घर चली गई. अंकल ने आरती को कभी नहीं चोदा.. क्योंकि उन्हें कुवांरी लड़की की सील तोड़ने में डर लग रहा था कि कहीं कुछ ना हो जाये. अंकल रोज उसे अपने घर किसी ना किसी बहाने से बुलाते थे और उसके जिस्म का मजा लेते थे. आरती को भी अपनी जवानी लुटवाने में बड़ा मजा आता था. दोनों एक दूसरे के अंगो को बड़ा प्यार करते थे. आरती अंकल के लंड को जी भरकर चूसती और उसका पानी निकाल देती थी और अंकल भी आरती की चूत को चाटते और आरती की  को ठंडा करते थे. आज आरती को लंड चूसने का पूरा अनुभव हो चुका है ..

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