Monday, March 24, 2014

FUN-MAZA-MASTI फागुन के दिन चार--114

FUN-MAZA-MASTI

   फागुन के दिन चार--114
गतांक से आगे ...........


 बगल के स्टूल पे दूध का ग्लास रखा था उन्होंने मेरी ओर बढ़ाया तो मैंने पहले उनके होंठो से लगा के कहा ,


" अरे भाभी इत्ती ख़ुशी की खबर है , तो इसको मीठा तो कर दो। " और उन्होंने मीठा कर दिया लेकिन आधे से ज्याऔर दा ग्लास मुझे ही पीना पड़ा।

" चलो तुमहू तो कुछ मीठा खिलाओ , " भाभी बोलीं और जब तक मैं समझता मेरा गन्ना उनके मुंह में और वो जम के चूस रही थीं।

इतना मस्त स्टाइल था की थोड़ी ही देर में वो एकदम कड़ा और खड़ा हो गया।

शीला भाभी क्या मस्त चूस रही थीं और चूसने कभी अपने गाल तो कभी अपनी गदराई चूंचियां रगड़ देती थी और मेरी हालत खराब हो जाती थीं।

लंड चूसने के साथ वो बीच में चाट भी रही थीं और जिस तरह से वो चाट रहीं थी , एकदम जानमारू था।

लंड के नीचे से पूरे खुले सुपाड़े तक उनकी जीभ लप लप चाट रही थी और फिर उन्होंने अचानक मेरी बॉल्स को मुंह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगी।


लेकिन साथ में मीठे गन्ने को वो नहीं भूली और अपने एक हाथ से उन्होंने पहले उसके बेस पे जोर से पकड़ा, दबाया , फिर उनकी उंगलिया उसी तरह दबाते हुए ऊपर सरकने लगीं और जहाँ सुपाड़ा लंड से मिलता है बस वहीँ जोर जोर से रुक के दबाने लगी।

मेरी हालत ख़राब थी।

यही अंतर है प्रौढ़ा और नवोढ़ा की। प्रौढ़ा को सारी वो जगहे अच्छी तरह मालुम होती जिससे किसी मर्द को पागल किया जा सके।

लेकिन तभी शीला भाभी ने वो हरकत की जो मैं सोच भी नही सकता था। उन्होंने दो कुशन निकाल के मेरे नितम्बो के नीचे लगा के उसे ऊपर उठा दिया। अभी भी वो मेरे बॉल्स जोर जोर से चूस रही थीं। दोनों उनके मुंह में था।

फिर एक बार उन्होंने चाटने का काम शुरू किया और अब उनकी जीभ सट सट , लप लप मेरे बॉल्स और पिछवाड़े के छेद के बीच में चाट रही थी। दोनों नितम्बो को उन्होंने अपने ताकतवर हाथों से जोर से फैला रखा था। अचानक उन्होंने दोनों नितम्बो को कस के चूम लिया और उनकी लम्बी जीभ मेरे पिछवाड़े के छेद के चारो ओर चक्कर काट रही थी।

मैं मस्ती से काँप रहा था , अपने चूतड़ हलके हलके उठा रहा था।

शीला भाभी के एक हाथ का लम्बा नाख़ून मेरे लंड पे जोर से दबाते ऊपर नीचे हो रहा था।
और दुसरे हाथ की तरजनी को उन्होंने अब सीधे पिछवाड़े पे रगड़ना शुरू किया। रगड़ते रगड़ते उन्होंने उसे अंदर घुसाने की कोशिश की लेकिन वो नहीं घुसा , उन्होंने थोडा जोर बढ़ाया लेकिन वो अभी भी बाहर था , और शीला भाभी की गालियां चालु हो गयीं।

" अरे साल्ले , तेरी गांड तो उस तेरी बहन कम माल रंजी के छेद से भी टाइट है। इतना मक्खन मार्का गांड और अभी तक ,…चल जैसे तेरी ससुराल में तेरी बहनो के लिए मोटे लंड का इंतजाम है ,

वैसे तेरी ससुराल में पक्के लौंडेबाज भी है जो सिर्फ गोलकुंडा के शौक़ीन है। उनकी तो चांदी हो जायेगी तूझे पाके "

और उसके बाद उनके होंठ सीधे मेरे पिछवाड़े के छेद पे थे।

क्या जोर जोर से चूम रही थीं , चूस रही थी चाट रही थी और जहाँ उनकी तरजनी नहीं घुस पायी वहाँ जीभ की टिप भी घुसाने की कोशिश कर रही थीं , और साथ साथ में आशीष भी दे रही थीं,

" अरे साल्ले , बहनचोद , गांडू , तेरी इस कसी कुँवारी गांड में खूब मोटे मोटे लौंडे घूंसे , जिस लंड को लेने में चार बच्चो वाली को , भोंसड़ी वालियों को पसीना छूटे वो तू हंसते हँसते घोंट ले , तेरी छिनार बहनो की तरह तूझे भी कभी ,… "

भाभी की बातें आगे बढती इससे पहले मैंने काउंटर अटैक किया।

" अरे भौजी , तानी हमहु के रस मलाई का मजा चखावा ना "

मैंने बोला और जब तक वो रिस्पांस दे हम दोनों 6 9 की पोज में थे। हालांकि अभी भी शीला भाभी ऊपर थी और एक बार फिर वो जोर जोर से लंड चूस रही थीं।

हम दोनों साथ साथ , सुर ताल में मजे ले रहे थे , मजे दे रहे थे।

जैसे कोई पेयर सिंक्रोनाइज्ड डाइविंग कर रहा हो , एकदम उसी तरह।

बिना बोले मुझे मालुम था की वो क्या करेंगी और उन्हें मालूम था की मैं क्या करूँगा। मेरी हर हरकत का जवाब उनके पास था और उनकी हर हरकत का मेरे पास।

जैसे जंगल में कोई प्यासा दरिया ढूंढ ले , उनकी झांटो भरी बुर में मैंने तुरन्त उनकी मांसल , भरी भरी पुत्तियाँ , रसीले भगोष्ठ ढूंढ लिए और उन्हें हटाकर , शहद के उस झरने में गोता लगा दिया।

जब मैं चूसता तो वो चूसतीं और जब मैं उनकी बुर चाटना शुरू करता तो वो भी लंड चाटने लग जातीं।

हम लोगो की ये जुगलबंदी चलती रही और हम दोनों पागल होते रहे , पागल करते रहे। मैं जीभ की नोक से उनके मांसल गोल कड़े क्लिट को छेड़ता , तो उनकी जीभ मेरे पी होल में घुस के सुरसुरी करने लगती मेरी उंगलियां शीला भाभी की बुर में घुस के रगड घिस करतीं , तो उनका अंगूठा मेरे सुपाड़े को दरेरने लगता।

हम दोनों मजे की चरम स्थिति की और तेजी से बढ़ रहे थे।

बदमाशी मैंने ही शुरू की।

शीला भाभी के रस के झरने से शहद झर रहा था। और शहद की एक बूँद का पीछा करते करते मैं पिछवाड़े पहुँच गया।

क्या मस्त नितम्ब थे , गोल गोल, मांसल रस से छलकते गागर।

जब वो कसी साडी में चलतीं , तो कसर मसर , कसर मसर , लेफ्ट राइट करते उनके दोनों तरबूज ऐसे ३८+ चूतड़ देख के ही , जंगबहादुर की हालत ख़राब हो जाती थी। वो तुरंत ९० डिग्री हो के उन्हें सैल्यूट देता था।

और आज वही चूतड़ मेरे हाथ में थे।

मेरे हाथों ने सहलाना , मसलना शुरू कर दिया। फिर लालची जीभ ही क्यों पीछे रहती। पहले चुम्बन , और फिर चाटना , चूसना , फिर मेरे खोजी होंठ , उस रस कूप के छेद की ओर बढे , जो दोनों भरी नितम्बो के बीच दबा , दुबका छिपा था। मुझसे कोई छेद बचे , मैंने जोर से शीला भाभी के दोनों चूतड़ फैलाये और सीधे छेद पे मेरे होंठ।

बहुत ही कसा , छेद क्या बस एक हलकी सी भूरी दरार सी ,…

मेरे जीभ की टिप वहाँ सुरसुरी कर रही थी , रगड़ रही थी , और दोनों अंगूठे उसे फैलाने की नाकामयाब कोशिश कर रहे थे।

दूसरी गलती भी मैंने की , बोलने और छेड़ने की ,

" भौजी , तोहार पिछवाड़ा तो बहोत मस्त बा। लगता है इधर अभी हल नहीं चला , कोरी ही बची है। '

और फिर क्या जैसे किसी ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाला हो ,

मेरे दोनों नितम्ब तो उन्होंने पहले ही फैला रखे थे और मेरी तरह उनके अंगूठे भी पिछवाड़े के छेड़ को तंग कर रहे थे , बस एक चीज थी जिसमे मैं शीला भाभी का मुकाबला नहीं कर सकता था , और वो थीं उनकी गालियां।

( और शीला भाभी ही सिर्फ नहीं , गुड्डी की मायकेवाली सभीं , यहाँ तक की उसकी मम्मी भी , थोड़ी देर पहले उन्होंने फोन पे क्या क्या नहीं सुनाया। लेकिन गालियां ऐसी रसीली होती थीं , उनका असर वियाग्रा से भी दूना होता था , जीतनी 'खतरनाक' उतनी असरदार , और जंगबहदर तो तुरंत सावधान की मुद्रा में आ जाते थे )

और शीला भाभी चालू हो गयी

" अरे लाला कोरी तो तोहरो हौ लेकिन एक बार ससुरारी आओगे न , त न तोरे बहिनन क कोरी बची , न तोहार। अइसन मस्त गांड के बदे , बस कुछ दिन की बात है , सबुर कर लो एक से एक मोटे हथियार घुसवाउंगी इसमें घबड़ाओ नहीं।

आखिर तुम्हारे सब मायकेवाली मजा लेंगी तो तुम्ही काहें बाकी रहो , पक्का गण्डुवा बना के छोड़ेंगी सब ससुराल वाली ,"


.... भाभी की बात मैं शर्मा भी रहा था झिझक भी रहा था और सच बोलूं तो कुछ कुछ मजा भीआ रहा था।

शीला भाभी की गालियोँ में भी बहुत रस था और वो बोल रही तो लंड से आजाद हो गया था , लेकिन उनकी उँगलियों में भी कम जादू नहीं था। आगे तर्जनी और मंझली ऊँगली जोड़ के उन्होंने जिस तरह से उसके बीच में डाल के लंड को आगे पीछे कर रही थीं , बस यही लग रहा था जैसे मैं किसी कच्ची कुँवारी साल्ली कि फुद्दी में लंड रगड़ रहा होऊं।

और उनसे ज्यादा शैतानी उनके दूसरे हाथ कि उँगलियाँ कर रही थीं। पहले तो उन्होंने अपने अंगूठे को बड़ी देर तक मेरे पिछवाड़े के छेद पे रगड़ा और फिर थूक लगा के तरजनी की टिप को गांड के छेद में अंदर पुश करने की कोशिश कर रही थी।


एक नए ढंग कि कशिश ,एक नया, कुछ, कुछ ,… लग रहा था भाभी की उस पिछवाड़े की ऊँगली से , लेकिन मैंने कुछ बोलने की कोशिश की ,


" अरे भाभी , मुझे वो सब शौक नहीं है , मैं वो , मेरा मतलब ,"

और मेरी आधी तिही बात शीला भाभी की गालियों में डूब गयी। मैं समझ गया की न मैं गुड्डी से पार पा सकता हौं और न गुड्डी के गाँव वालियों से ,

" अरे साले , हरामी के , छिनार के , बहनचोद, अपनी बहन के भडुए , साल्ली तेरे सारे मायकेवालियो के बुर में तेरे ससुराल वालों के मोटे मोटे लंड , पहले तू बहनचोद था क्या , मार अपने उस माल से शरमाता घूमता था , अब मेरे सामने उसकी चूंची अपने आँगन में दबा रहा था की नहीं , बोल हो गया बहनचोद कि नहीं ,

तो तू ये कहना चाहता है ना कि तू गांडू नहीं है , गंडुआ नहीं है , ओ तूझे कुछ करने की जरूरत नहीं है वो तेरी सास , बस एक बार अपने ससुराल के गाँव में पहुंचना , बाकी तो सब हम सब देख लेंगी तू तो बस निहुर के मजा लेना मोटे मोटे लंड का , जैसे तेरी गधा चोदी बहने लेंगी ,"

और उसी के साथ भाभी के ऊँगली का जोर मेरे पिछवाडे के छेद पे बढ़ गया और आधी पोर तरजनी का घुस गया। बस क्या था वो उसे गोल गोल घुमाने लगीं।

मुझे भी कुछ अलग ढंग का लग रहा था , मैंने कुछ बोलना चाहा लेकिन शीला भाभी फिर चालु हो गयीं ,


" अरे साले , अपनी बहन के यार , तेरी उस ममेरी बहन की ही मैंने ऊँगली की थी , वो भी कच्ची कुँवारी है , लेकिन तेरी तो उससे भी ज्यादा कसी संकरी है , बहुत मजा आएगा उसे जो तेरी गांड मारेगा पहले पहल. तेरी सास तेरे लिए खूब मोटे मस्त लंड का इंतजाम करेंगी , नथ उतरवाने के लिए.


और भाभी की गालियां जो एक पल के लिए रुकीं तो फिर तो उनके होंठ एक बार फिर से सपड़ सपड़ मेरे सुपाड़े को चाटने में लग गए और साथ में मेरे पीछ वाडे अंदर घुसी ऊँगली का पोर भी तेजी से गोल गोल घूम रहा था ,

मस्ती से मेरी हालत ख़राब था , आँखे मुंदी जा रही थी , ऐसी हालत मेरी कभी भी पहले नहीं हुयी थी।
और भाभी से कोई बात छिपती है क्या , वो फिर बोलीं ,

" अरे लाल्ला सोचो सोचो , जब एक ऊँगली के पोर में इतना मजा आरहा है तो जब मोटे मोटे लंड इस गांड में घुसेंगे तो कितना मजा आएगा।

मैं बोलने कि हालत में नहीं था , एक तो दोतरफा मस्ती के चक्कर में और दूसरे भाभी ने अपनी झांटो भरी बुर से मेरा मुंह पूरी तरह सील कर दिया था।

और भाभी अब फिर दुबारा चालू होगयीं , गालियों के साथ समझाने सिखाने की मुद्रा में ,

" अच्छा ई बताओ हम लोग तोहरी बहनन के साथ , अपनी ननद के साथ मजा लेते हैं कि नहीं।"

मैं कैसे मन कर सकता था , अभी थोड़ी देर पहले ही तो भाभी ने रंजी के साथ , और उसके पहले होली में दिन में क्या क्या नहीं हुआ था , शीला भाभी , मंजू , मेरी भाभी सब लोग मोहल्ले के लड़कियों के साथ ,

शीला भाभी ने अपनी बात आगे बढ़ायी ,

" देखो एक तो तुम लजा सरमा रहे हो कि ई बात में गड़बड़ है , झिझक रहे हो गौने की दुल्हन कि तरह या तो डर रहे हो की इतनी संकरी जगह में मोटा मोटा ,… त ई सोचो की आखिर हम ,तोहार भाभी , ,और बाकी सब लोग लड़कियन के साथ मजा लेते है ना ,

आज तोहरी उ दीदी के साथ होली में मिश्राइन भाभी , तोहार भाभी सबके सामने आँगन में और रंजी के साथ कल सांझ को मैं और मंजू और गुड्डी , तोहरे सामने ओकरे चूत में रगड़ घिस्स हुयी थी कि नहीं और फिर उ तोहार समोसे वाली के साथ बहोत मस्त लौंडिया है साली ,

और अबहीं तोहरे लंड का भी मजा लिया हमने , चूत का भी मजा और लंड का भी मजा दूना मजा , एही लिये मैं समझा रहूँ कि मजा लेने से मतलब जैसे मजा मिले।

अरे चुदक्कड़ तो तुम नमबरी हो देखना तोहरे कुल ससुराल वालीन का मजा दिलवाउंगी एक से एक कच्ची कली से लेके ,…और गुड्डी के ससुराल वालीन का भी , और कभी कभी पिछवाड़े का भी मजा ले लेना। कबों कबों गांड मरवाने से कोई गंडुआ थोड़े ही हो जाता है "

भाभी कि बात में दम था लेकिन उससे ज्यादा उनकी उँगलियों में जो एक साथ जबरदस्त मेरे लंड और गांड की हालत खराब किये हुयी थीं। और मैं बोलने कि हालत में नहीं था।

भाभी ने अल्पविराम लिया दो चार बार जोर जोर से मेरे सुपाड़े को चूसा और एक बार फिर चालु हो गयीं ,

" लेकिन वैसे भी ओहमे तोहसे पूछेगा कौन , बस जब ससुराल में पहुंचोगे न उन्हा तो ससुराल वालन क , मतलब तोहरे सास क ही चली। त लंड तो तोंहे घोंटे के पड़बे करी , हाँ ई बात तुहार ठीक हौ कि इतना कसल गांड में , … दर्द तो बहुत होई।


जब दरेरत , रगड़त , फ़ाडत घुसी , लेकिन तू चाहे जितना चीखा चिल्ला , एक बार जब गांड में सुपाड़ा घुस जायी ना , फिर तो तू खूब गांड पटकबा , बिना पूरा लंड घोंटे कौन चारा ना हो। वैसे जब चार पांच मर्द का घोंट लेबा , त खुदे तोहरे गांड में इतना जोर से चींटी काटे लागी की टी जैसे तोहार बहन तोहरे ससुराल वालन से चुद्वाय के हरदम लंड लंड खुदे मांगे लगेंगी बस उहे हालत तोहार होई ,"

अब मुझसे नहीं रहा गया।

" चार पांच मर्द , मैं तो समझा था चार पांच बार " मैंने बोला।
वो हंसी।

' चार पांच बार में तोहार दर्द ख़तम होई , अरे तू इस सब चिंता छोड़ा ई ससुराल वालीं के ऊपर छोड़ा , एक से एक मोटा गपागप , "

और साथ में पूरा जोर लगा के उन्होंने अंगुली का एक पोर अंदर घुसा दिया।

उनकी बात का जवाब तो मैं बात से दे नहीं सकता था इसलिए मैंने वही किया जो मैं कर सकता था ,ऐक्शन

तुरंत उन्हें निहुरा के डागी पोज में कर दिया।


गांड मारने के लिए आइडियल पोज ,

लेकिन अभी तो टारगेट बुर थी , गाभिन करने के लिए.

लेकिन मन का क्या करें , बार बार निगाह , शीला भाभी के मटके ऐसे गोल मटोल बड़े बड़े चूतड़ों की ओर चली जा रही थी।

खूब चिकने , आधे कटे तरबूजों की तरह , और उसके बीच पतली संकरी गली और , एकदम कसा , चिपका भूरा सा छेद। हाथ शीला भाभी के चूतड़ सहला रहा था और अपने आप मेरी एक ऊँगली उनकी गांड के छेद पे चली गयी। एकदम कसी।

मैंने जोर लगाया , लेकिन ऊँगली घुसी नहीं।

बात साफ थी , शीला भाभी का पिछवाड़ा अभी कोरा था।

मेरी उंगली उनके दुबदुबाते गांड के छेद पे दबा रहा था और मेरे जंगबहादुर भी ठुनक रहे थे।

" भाभी , आज तो आपका पिछवाड़ा बच गया लेकिन अगली बारआपके गाँव में मिलूंगा न ,तो …"

आगे की बात उन्होंने मेरे मुंह से छीन ली ,

" अरे लाला , हमरे पूरे गाँव के साल्ले , गुड्डी की सब ननदों के भतार ,तोहरे मुंह में घी गुड. पक्का रहा।

अगली बार जब तू अइबा न , त हमार और तोहार दोनों लोगन के गांड क उद्घाटन होई जाई। अरे आखिर ई ससुरी गांड बनल त मरवाये बदे हौ न। तोहार लंड हमरी गांड में और हमरे गाँव के लौण्डेबाजन क लंड तोहरी गांड में और उहो सूखा ,… खूब दरेरत रगड जाई। "

गुड्डी या गुड्डी के मायकेवालियों से पार पाना मुश्किल था इसलिए मैंने वाही किया जो कर सकता था।

शीला भाभी तो पहले ही कुतिया वाली पोज में थीं , मैंने कमर थोड़ी और उठायी , फनफनाते लंड को उनकी पनियाई बुर पे सेंटर किया और पहला ही धक्का , हेलीकाप्टर शाट वाला था।

और शीला भाभी जोर से चीखी ,

" अरे साले बहनचोद अपनी गदहा चोदी मायकेवालियों का भोंसड़ा समझ रखा है क्या। "

जवाब में मैंने खूब जोर से उनकी लटक रही बड़ी बड़ी चूंची को दबाया , निपल को पूरी ताकत से पुल किया और अगला धक्का पहले से भी जोरदार था।

शीला भाभी की दोनों टांगो को मैंने अपनी टांगो को बीच में डाल के खूब अच्छी तरह फैला दिया। कम से कम तीन चार फीट , और मेरी दोनों टाँगे उनमें फँसी थी। अब वो चाह के भी टाँगे सिकोड़ नहीं सकती थीं। और साथ ही उनकी बुर भी फैल गयी।

माना शीला भाभी अनचुदी नहीं थी , लेकिन शादी के बाद से तो उनकी बुर में लंड नहीं गया था इसलिए एकदम कुँवारी की तरह कसी लग रही थी। मैंने चुदाई कि रफ्तार थोड़ी हलकी कि और साथ में मेरा एक हाथ अब सीधे उनकी क्लिट पे पहुंच गया। मस्ती से क्लिट एकदम कड़ी थी।

मैंने अंगूठे से उसे दबाया फिर तर्जनी और अंगूठे के बीच पकड़ के गोल गोल घुमाने लगा।

शीला भाभी अब सिसकियाँ ले रही थीं , हलके हलके खुद अपने भारी चूतड़ मेरे लंड की और पुश कर रही थीं। दोनों हाथों से उन्होंने जोर से पलंग को पकड़ रखा था। वो पूरी तरह झुकी थी और चूतड़ हवा में उठे।

अब मैंने एक बार फिर से लंड सुपाड़े तक बाहर निकाला , जोर से उनकी क्लिट और निपल पिंच किये और दोनों चूतड़ पकड़ के एक धक्के में पूरा बालिश्त भर का लण्ड अंदर पैबस्त कर दिया। सुपाड़ा सीधे उनकी बच्चेदानी से टकराया , और शीला भाभी की चीख और सिसकियाँ दोनों एक साथ निकली।

लेकिन असली जवाब उनकी बुर ने दिया , जिसने मस्ती में गनगना के मेरे लंड को भींच लिया, दबोच लिया। मैं बता नहीं सकता कितना मजा आया, थोड़ी देर तक उनकी रसीली चूत मेरे लंड को दबोचती सिकोड़ती रही। मेरे बॉल्स भाभी के बड़े बड़े चूतड़ों से लड़ रहे थे।


हलके हलके मैंने चुदाई फिर शुरू की और भाभी चुदाई में बराबर का साथ दे रही थीं। कभी वो धक्के का जवाब धक्के से देती तो कभी अपनी बुर जोर से लंड पे सिकोड़ लेती , और साथ में बीच बीच में गालियों का तड़का।

मुझे भी एक शरारत सूझी।







हजारों कहानियाँ हैं फन मज़ा मस्ती पर !
Tags = Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | मराठी जोक्स | ट्रैनिंग | kali | rani ki | kali | boor | सच | | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | छातियाँ | sexi kutiya | मस्त राम | chehre ki dekhbhal | khaniya hindi mein | चुटकले | चुटकले व्‍यस्‍कों के लिए | pajami kese banate hain | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bharat | india | japan |funny animal video , funny video clips , extreme video , funny video , youtube funy video , funy cats video , funny stuff , funny commercial , funny games ebaums , hot videos ,Yahoo! Video , Very funy video , Bollywood Video , Free Funny Videos Online , Most funy video ,funny beby,funny man,funy women bhatt_ank, xossip, exbii, कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ हिंदी सेक्सी कहानिया चुदाई की कहानियाँ उत्तेजक कहानिया ,रेप कहानिया ,सेक्सी कहानिया , कलयुग की सेक्सी कहानियाँ , मराठी सेक्स स्टोरीज , चूत की कहानिया , सेक्स स्लेव्स , Tags = कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ stories , kaamuk kahaaniya , हिंदी सेक्सी कहानिया चुदाई की कहानियाँ उत्तेजक कहानिया Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | पेलने लगा | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | सेक्सी कहानी | कामुक कथा | सुपाड़ा |उत्तेजना | कामसुत्रा | मराठी जोक्स | सेक्सी कथा | गान्ड | ट्रैनिंग | हिन्दी सेक्स कहानियाँ | मराठी सेक्स | vasna ki kamuk kahaniyan | kamuk-kahaniyan.blogspot.com | सेक्स कथा | सेक्सी जोक्स | सेक्सी चुटकले | kali | rani ki | kali | boor | हिन्दी सेक्सी कहानी | पेलता | सेक्सी कहानियाँ | सच | सेक्स कहानी | हिन्दी सेक्स स्टोरी | bhikaran ki chudai | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | चूत की कहानियाँ | मराठी सेक्स कथा | बकरी की चुदाई | adult kahaniya | bhikaran ko choda | छातियाँ | sexi kutiya | आँटी की चुदाई | एक सेक्सी कहानी | चुदाई जोक्स | मस्त राम | चुदाई की कहानियाँ | chehre ki dekhbhal | chudai | pehli bar chut merane ke khaniya hindi mein | चुटकले चुदाई के | चुटकले व्‍यस्‍कों के लिए | pajami kese banate hain | चूत मारो | मराठी रसभरी कथा | कहानियाँ sex ki | ढीली पड़ गयी | सेक्सी चुची | सेक्सी स्टोरीज | सेक्सीकहानी | गंदी कहानी | मराठी सेक्सी कथा | सेक्सी शायरी | हिंदी sexi कहानिया | चुदाइ की कहानी | lagwana hai | payal ne apni choot | haweli | ritu ki cudai hindhi me | संभोग कहानियाँ | haveli ki gand | apni chuchiyon ka size batao | kamuk | vasna | raj sharma | sexi haveli ka sach | sexyhaveli ka such | vasana ki kaumuk | www. भिगा बदन सेक्स.com | अडल्ट | story | अनोखी कहानियाँ | कहानियाँ | chudai | कामरस कहानी | कामसुत्रा ki kahiniya | चुदाइ का तरीका | चुदाई मराठी | देशी लण्ड | निशा की बूब्स | पूजा की चुदाइ | हिंदी chudai कहानियाँ | हिंदी सेक्स स्टोरी | हिंदी सेक्स स्टोरी | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bhabhi ki chudai | chachi ki chudai | mami ki chudai | bahan ki chudai | bharat | india | japan |यौन, यौन-शोषण, यौनजीवन, यौन-शिक्षा, यौनाचार, यौनाकर्षण, यौनशिक्षा, यौनांग, यौनरोगों, यौनरोग, यौनिक, यौनोत्तेजना, aunty,stories,bhabhi,choot,chudai,nangi,stories,desi,aunty,bhabhi,erotic stories,chudai,chudai ki,hindi stories,urdu stories,bhabi,choot,desi stories,desi aunty,bhabhi ki,bhabhi chudai,desi story,story bhabhi,choot ki,chudai hindi,chudai kahani,chudai stories,bhabhi stories,chudai story,maa chudai,desi bhabhi,desi chudai,hindi bhabhi,aunty ki,aunty story,choot lund,chudai kahaniyan,aunty chudai,bahan chudai,behan chudai,bhabhi ko,hindi story chudai,sali chudai,urdu chudai,bhabhi ke,chudai ladki,chut chudai,desi kahani,beti chudai,bhabhi choda,bhai chudai,chachi chudai,desi choot,hindi kahani chudai,bhabhi ka,bhabi chudai,choot chudai,didi chudai,meri chudai,bhabhi choot,bhabhi kahani,biwi chudai,choot stories, desi chut,mast chudai,pehli chudai,bahen chudai,bhabhi boobs,bhabhi chut,bhabhi ke sath,desi ladki,hindi aunty,ma chudai,mummy chudai,nangi bhabhi,teacher chudai, bhabhi ne,bur chudai,choot kahani,desi bhabi,desi randi,lund chudai,lund stories, bhabhi bra,bhabhi doodh,choot story,chut stories,desi gaand,land choot,meri choot,nangi desi,randi chudai,bhabhi chudai stories,desi mast,hindi choot,mast stories,meri bhabhi,nangi chudai,suhagraat chudai,behan choot,kutte chudai,mast bhabhi,nangi aunty,nangi choot,papa chudai,desi phudi,gaand chudai,sali stories, aunty choot,bhabhi gaand,bhabhi lund,chachi stories,chudai ka maza,mummy stories, aunty doodh,aunty gaand,bhabhi ke saath,choda stories,choot urdu,choti stories,desi aurat,desi doodh,desi maa,phudi stories,desi mami,doodh stories,garam bhabhi,garam chudai,nangi stories,pyasi bhabhi,randi bhabhi,bhai bhabhi,desi bhai,desi lun,gaand choot,garam aunty,aunty ke sath,bhabhi chod,desi larki,desi mummy,gaand stories,apni stories,bhabhi maa,choti bhabhi,desi chachi,desi choda,meri aunty,randi choot,aunty ke saath,desi biwi,desi sali,randi stories,chod stories,desi phuddi,pyasi aunty,desi chod,choti,randi,bahan,indiansexstories,kahani,mujhe,chachi,garam,desipapa,doodhwali,jawani,ladki,pehli,suhagraat,choda,nangi,behan,doodh,gaand,suhaag raat, aurat,chudi, phudi,larki,pyasi,bahen,saali,chodai,chodo,ke saath,nangi ladki,behen,desipapa stories,phuddi,desifantasy,teacher aunty,mami stories,mast aunty,choots,choti choot, garam choot,mari choot,pakistani choot,pyasi choot,mast choot,saali stories,choot ka maza,garam stories ,हिंदी कहानिया,ज़िप खोल,यौनोत्तेजना,मा बेटा,नगी,यौवन की प्या,एक फूल दो कलियां,घुसेड,ज़ोर ज़ोर,घुसाने की कोशिश,मौसी उसकी माँ,मस्ती कोठे की,पूनम कि रात,सहलाने लगे,लंबा और मोटा,भाई और बहन,अंकल की प्यास,अदला बदली काम,फाड़ देगा,कुवारी,देवर दीवाना,कमसीन,बहनों की अदला बदली,कोठे की मस्ती,raj sharma stories ,पेलने लगा ,चाचियाँ ,असली मजा ,तेल लगाया ,सहलाते हुए कहा ,पेन्टी ,तेरी बहन ,गन्दी कहानी,छोटी सी भूल,राज शर्मा ,चचेरी बहन ,आण्टी ,kamuk kahaniya ,सिसकने लगी ,कामासूत्र ,नहा रही थी ,घुसेड दिया ,garam stories.blogspot.com ,कामवाली ,लोवे स्टोरी याद आ रही है ,फूलने लगी ,रात की बाँहों ,बहू की कहानियों ,छोटी बहू ,बहनों की अदला ,चिकनी करवा दूँगा ,बाली उमर की प्यास ,काम वाली ,चूमा फिर,पेलता ,प्यास बुझाई ,झड़ गयी ,सहला रही थी ,mastani bhabhi,कसमसा रही थी ,सहलाने लग ,गन्दी गालियाँ ,कुंवारा बदन ,एक रात अचानक ,ममेरी बहन ,मराठी जोक्स ,ज़ोर लगाया ,मेरी प्यारी दीदी निशा ,पी गयी ,फाड़ दे ,मोटी थी ,मुठ मारने ,टाँगों के बीच ,कस के पकड़ ,भीगा बदन ,kamuk-kahaniyan.blogspot.com,लड़कियां आपस , blog ,हूक खोल ,कहानियाँ हिन्दी ,चूत ,जीजू ,kamuk kahaniyan ,स्कूल में मस्ती ,रसीले होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो ,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी ,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி ,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,भोसडा ,hindisexistori.blogspot.com ,मुठ मार ,sambhog ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी

No comments:

Raj-Sharma-Stories.com

Raj-Sharma-Stories.com

erotic_art_and_fentency Headline Animator