Sunday, March 30, 2014

FUN-MAZA-MASTI भाई बहन की दोस्ती--4

FUN-MAZA-MASTI

 भाई बहन की दोस्ती--4 

मै: क्या मतलब तुम्हारा..... ......... ? मै सारी दुनिया से ज़्यादा प्यार करती हूं अपने भाई से. अपना सब कुछ तो तुम को दे दिया है अब और क्या चाहिये तुम को? समीर: अच्छा. ......अब मै जो करने वाला हूं उसको बर्दाश्त कर लोगी? मै: क्या करने वाले हो तुम? समीर: अपना लन्ड तुम्हारे वैजाईना के अन्दर डालने लगा हूं. पहली बार थोडी तक्लीफ़ होती है पर कुछ देर के बाद मज़ा आना शुरू हो जायेगा मै: समीर... .....देख लो.......... .कोई गरबड ना हो जाये समीर: मुझ पर भरोसा है ना तुमको? मै: हां पूरा भरोसा है समीर: तो बुस तुम चुपचाप मै जो कर राहा हूं करने दो और थोडी देर के लिये तक्लीफ़ बर्दाश्त कर लेना...... मेरे लिये. मै: समीर तुम जो करना चाहते हो कर लो.......... .मै कुछ नही कहूंगी. मेरी ये बात सुन कर समीर ने मेरी टांगें और खोल दी और उनके बीच सीधा बैठ गया. पहली बार अब समीर का लन्ड नज़र आया मुझे...... ........हे भगवान ......... .वो तो बहुत बडा था........ मै फ़ोरन बोली: समीर ये तो सुनील भैया से भी बडा है. समीर ये सुन कर हंस पडा और उसने मेरा हाथ अपने लन्ड पर रख दिया. पहेले तो मैने पीछे हटाया पर जब उसने फिर पकडाया तो मह्सूस किया के बहुत ही सख्त और गरम था. समीर: अब इस का कमाल देखो सिर्फ़ तुम. ये कह कर वो अपना लन्ड मेरी चूत के ऊपर रगडने लगा. समीर की इस हर्कत से मुझे एक अजीब सा मज़ा आ राहा था. फिर उसने अपने लन्ड को आहिस्ता से मेरी चूत के अन्दर की तरफ़ धकेल दिया जिससे थोडा सा लन्ड मेरे अन्दर चला गया. अब मै आप को क्या बताऊं. इतना दर्द हुआ के बता नही सकती. लेकिन मै समीर से वादा कर चुकी थी इस लिये अपने होंठों को अपने दांतों मे दबा कर चुप रही. समीर मेरी हालत देख कर बोला: अभी तो सिर्फ़ १०% ही गया है. ये सुन कर मेरी तो जान ही निकल गयी. अगर १०% पर ये हाल है तो आगे क्या होगा. लेकिन मै फिर भी चुप रही. समीर अब आहिस्ता आहिस्ता लन्ड को और अन्दर धकेल राहा था और मेरी जान निकल रही थी. फिर उसने एक ज़ोर क धक्का मारा और पूरा लन्ड एक झटके से अन्दर घुसा दिया. मेरी तो चीख निकल गयी. आवाज़ इतनी थी के अगर हम कमरे मे होते तो शायद सब जाग जाते. समीर ने अकलमन्दी की और एक्दम अपने होंठ मेरे होंठों के साथ जोड दिये जिससे मेरी आवाज़ कम हो गयी. अब दर्द मेरी बर्दाश्त के बाहर था. मैने आंसू भरी आवाज़ मे काहा: समीर प्लीज़ निकाल दो नही तो मै मर जाऊंगी. समीर: बस मेरी जान हो गया........ ...कुछ देर मे ही दर्द खत्म हो जायेगा.......... ...बस थोडी देर रुक जाओ........ ......मेरे लिये. समीर की बात ने मुझे मजबूर कर दिया और मै चुप कर के बर्दाश्त करती रही. वो भी बगैर हिले मुझ पर लेटा राहा अपने लन्ड को मेरी चूत मे घुसाये. काफ़ी देर हम ऐसे ही रहे. अब वाकयी मुझे दर्द थोडा कम होता मह्सूस हुआ. मेरे चहरे को देख कर समीर को पता चल गया की अब मै पहले से ठीक हूं. समीर का लन्ड एक गरम सलाख की तरह मेह्सूस हो राहा था. अब समीर आहिस्ता आहिस्ता अपने लन्ड को आगे पीछे करने लगा. पहली ५ या ६ बार आगे पीछे करने पर मुझे फिर दर्द हुआ लेकिन वो भी आहिस्ता आहिस्ता एक अजीब से सरूर मे बदल राहा था. और कुछ देर के बाद मुझे सच मे मज़ा आने लगा. एक ऐसा मज़ा जिसका मुझे अन्दाज़ा भी नही था और मै बता भी नही सकती. मै अपने ही भाई का लन्ड अपने अन्दर ले चुकी थी. मै वो हर लिमिट पार कर चुकी थी जो शायद आज तक किसी देसी लडकी ने नही की थी. अपने भाई की मानो बीवी या लवर बन चुकी थी. समीर अब अपनी स्पीड बढाने लगा और मुझे भी मज़ा आने लगा. अब मै समीर को कमर से पकड कर ज़ोर ज़ोर से अपने अन्दर करवा रही थी. कुछ ही देर मै मेरे अन्दर एक अजीब स तुफ़ान उठा. पता नही क्या हो राहा था मुझे मै पागलों की तरह समीर को नोचने लगी. अब समीर का पीछे हटना भी मन्ज़ूर नही था मुझे. मेरा दिल कर राहा था के वो अन्दर ही अन्दर जाता जाये. मै सरूर की सीमा पर आ चुकी थी. मेरी आह निकली और पूरे शरीर में एक लैहर दौड गयी. मेरा पूरा शरीर अकड गया और मुझे एक इतना ज़बर्दस्त आर्गैस्म आया की मै झटके खाने लगी. फिर एक दम मेरे अन्दर जैसे कोई तुफ़ान थम गया हो. मै बहुत ही ज़्यादा मधोश थी. लेकिन समीर अभी भी लन्ड अन्दर बाहर कर राहा था. फिर पता नही उसे क्या हुआ और उसने अपनी स्पीड बहुत ही तेज़ कर दी और उसके मुंह सी भी अवाज़ें आने लगी. मुझे ये आवाज़ें बहुत ही अच्छी लग रही थी और फिर उसने एक झटके से अपने लन्ड को बाहर निकाल लिया और अपने हाथ मे पकड कर ज़ोर ज़ोर से आगे पीछे करने लगा. फिर एक दम उस के लन्ड से वीर्य की धार निकली जो सीधी मेरी छाती पर जा गिरी. काफ़ी गरम था वो पानी. इस के बाद वो भी वैसे ही शान्त हो गया जैसे कुछ देर पहले मै हुई थी. समीर मेरी साएड पर लेट गया. अब हम दोनों बहन भाई खुले आस्मान की तरफ़ देख रहे थे. काफ़ी देर तक ऐसे ही रहे. फिर मुझे खयाल आया की हम तो नंगे हैं और खुली छत पर अगर कोई आ गया तो क्या होगा. ये सारी बातें पहले नही सोची मैने. ये सोचते ही मैने समीर को काहा: जलदी करो........ ......याहां से चलें अब.......... ...कोई आ गया तो.......... ........मेरे कपडे कहां हैं?....... .......काहां रख दिये तुमने......... .? समीर: वो दीवर के साथ साफ़ जगह पर हैं. उठा लो वहां से और मेरे भी ले आओ. ये सुन कर जैसे ही मै उठने लगी तो मुझे अभी भी वैजाईना पर दर्द हो राहा था जो मै कुछ देर से भूल चुकी थी. मैने समीर की तरफ़ देखा और झूटे गुस्से से कहा ....... .......समीर . ......... ....मेरे वैजाईना को फाड दिया है तुमने......... ऐसा करता है क्या कोई अपनी बहन के साथ?ये सुन कर समीर हंसने लगा. उस समय मेरा एक हाथ मेरे वैजाईना पर था. मुझे कुछ गीला गीला मह्सूस हुआ. मैने हाथ लगा कर जब चेक किया तो मेरी चीख निकलते निकलते रह गयी........ वो तो खून थ.....ये क्या हुआ? मै घबरा के बोली: मै तो ज़खमी हो गयी हूं.....अब क्या होगा? समीर ने बडे प्यार से काहा: कुछ नही होगा बुद्धू ... ......... ऐसा ही होता है पहली बार. अगली बार ऐसा नही होगा समीर की बात सुन कर मुझे कुछ हौसला हुआ और हम दोनों ने अपने अपने कपडे पहने. और वो जगह साफ़ की जहां खून गिरा था और बडे ही आराम से अपने अपने कमरे मै चले गये. किसी को कुछ पता नही चला. अब अपने बिस्तेर पर लेटी हुई उस रात की सारी बातें याद करने लगी. मै बहुत गिल्टी फ़ील कर रही थी पर साथ साथ मुझे ये भी पता था के मै इस बात से इनकार नही कर सकती थी के मुझे बहुत मज़ा भी आया. मुझपर एक अजीब सा सकून छाया हुआ था. मुझे पता था की आज मैने समीर के साथ आखरी बार चुदाई नही की है और चाहे कुछ भी सोचूं, ये फिर से होगा और मै अपने आप को रोक नही पाऊंगी. और हुआ भी और एक दो बार तो रीना भाभी और मैने मिल के समीर के साथ चुदाई की. 







हजारों कहानियाँ हैं फन मज़ा मस्ती पर !
Tags = Tags = Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | पेलने लगा | उत्तेजक | कहानी | कामुक कथा | सुपाड़ा |उत्तेजना मराठी जोक्स | कथा | गान्ड | ट्रैनिंग | हिन्दी कहानियाँ | मराठी | .blogspot.com | जोक्स | चुटकले | kali | rani ki | kali | boor | हिन्दी कहानी | पेलता | कहानियाँ | सच | स्टोरी | bhikaran ki | sexi haveli | haveli ka such | हवेली का सच | मराठी स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | की कहानियाँ | मराठी कथा | बकरी की | kahaniya | bhikaran ko choda | छातियाँ | kutiya | आँटी की | एक कहानी | मस्त राम | chehre ki dekhbhal | | pehli bar merane ke khaniya hindi mein | चुटकले | चुटकले व्‍यस्‍कों के लिए | pajami kese banate hain | मारो | मराठी रसभरी कथा | | ढीली पड़ गयी | चुची | स्टोरीज | गंदी कहानी | शायरी | lagwana hai | payal ne apni | haweli | ritu ki hindhi me | संभोग कहानियाँ | haveli ki gand | apni chuchiyon ka size batao | kamuk | vasna | raj sharma | www. भिगा बदन | अडल्ट | story | अनोखी कहानियाँ | कामरस कहानी | मराठी | मादक | कथा | नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | bua | bahan | maa | bhabhi ki chachi ki | mami ki | bahan ki | bharat | india | japan |यौन, यौन-शोषण, यौनजीवन, यौन-शिक्षा, यौनाचार, यौनाकर्षण, यौनशिक्षा, यौनांग, यौनरोगों, यौनरोग, यौनिक, यौनोत्तेजना, aunty,stories,bhabhi, nangi,stories,desi,aunty,bhabhi,erotic stories, hindi stories,urdu stories,bhabi,desi stories,desi aunty,bhabhi ki,bhabhi maa ,desi bhabhi,desi ,hindi bhabhi,aunty ki,aunty story, kahaniyan,aunty ,bahan ,behan ,bhabhi ko,hindi story sali ,urdu , ladki, हिंदी कहानिया,ज़िप खोल,यौनोत्तेजना,मा बेटा,नगी,यौवन की प्या,एक फूल दो कलियां,घुसेड,ज़ोर ज़ोर,घुसाने की कोशिश,मौसी उसकी माँ,मस्ती कोठे की,पूनम कि रात,सहलाने लगे,लंबा और मोटा,भाई और बहन,अंकल की प्यास,अदला बदली काम,फाड़ देगा,कुवारी,देवर दीवाना,कमसीन,बहनों की अदला बदली,कोठे की मस्ती,raj sharma stories ,पेलने लगा ,चाचियाँ ,असली मजा ,तेल लगाया ,सहलाते हुए कहा ,पेन्टी ,तेरी बहन ,गन्दी कहानी,छोटी सी भूल,राज शर्मा ,चचेरी बहन ,आण्टी , kahaniya ,सिसकने लगी ,कामासूत्र ,नहा रही थी , ,raj-sharma-stories कामवाली ,लोवे स्टोरी याद आ रही है ,फूलने लगी ,रात की बाँहों ,बहू की कहानियों ,छोटी बहू ,बहनों की अदला ,चिकनी करवा दूँगा ,बाली उमर की प्यास ,काम वाली ,चूमा फिर,पेलता ,प्यास बुझाई ,झड़ गयी ,सहला रही थी ,mastani bhabhi,कसमसा रही थी ,सहलाने लग ,गन्दी गालियाँ ,कुंवारा बदन ,एक रात अचानक ,ममेरी बहन ,मराठी जोक्स ,ज़ोर लगाया ,मेरी प्यारी दीदी निशा ,पी गयी ,फाड़ दे ,मोटी थी ,मुठ मारने ,टाँगों के बीच ,कस के पकड़ ,भीगा बदन , ,लड़कियां आपस ,raj sharma blog ,हूक खोल ,कहानियाँ हिन्दी , ,जीजू , ,स्कूल में मस्ती ,रसीले होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो ,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी ,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி ,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,भोसडा ,मुठ मार ,sambhog ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी ,چوت , . bhatt_ank, xossip, exbii, कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ रेप कहानिया ,सेक्सी कहानिया , कलयुग की कहानियाँ , मराठी स्टोरीज , ,स्कूल में मस्ती ,रसीले होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो ,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी ,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி ,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी

No comments:

Raj-Sharma-Stories.com

Raj-Sharma-Stories.com

erotic_art_and_fentency Headline Animator