Thursday, February 26, 2015

FUN-MAZA-MASTI माँ एक तरफ और बहन दूसरी तरफ

FUN-MAZA-MASTI



माँ एक तरफ और बहन दूसरी तरफ


हैल्लो दोस्तों मेरा नाम राहुल है और में 20 साल का हूँ। आज में अब आप सभी के सामने अपनी एक सच्ची घटना पेश कर रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि यह भी आप सभी को यह बहुत पसंद आएगी। दोस्तों मेरे घर में मम्मी, पापा में और मेरी एक छोटी बहन है। मेरे पापा एक सरकारी विभाग में नौकरी करते है और उन्हें रहने के लिए कॉलोनी में मकान मिला हुआ है। पापा अधिकतर समय बाहर टूर पर रहते है.. मेरे पापा का नाम हरीश है और उनकी उम्र 50 साल। मेरी माँ का नाम मीना और उनकी उम्र 45 साल और बहन का नाम कुसुम और उसकी उम्र 19 साल की है। में एक अच्छे कॉलेज में पड़ रहा हूँ। जिस कॉलोनी में हम लोग रहते है उसी में छज्जे पर फ्लेट बने हुए है.. हमारे छज्जे में 10 फ्लेट है। हमारा फ्लेट थोड़ा छोटा है और सारी कॉलोनी एक लाईन में बनी है। हमारी छत सड़क से लगभग दूसरी मंजिल पर है और हमारे फ्लेट के पीछे 10 फीट लम्बाई का एक खम्बा लगा है.. खम्बे और घर की पिछली दीवार के बीच 3 फीट की जगह है जिसमे एक नाली बनी है।
दोस्तों यह दिसम्बर 2013 की घटना है। वो सर्दियों का समय था और हम लोग 8 बजे खाना खाकर 9 बजे तक बिस्तर में चले जाते है। हमारे घर में 2 बेडरूम है.. माँ, पापा एक रूम में सोते है और मेरी छोटी बहन दूसरे बेडरूम में सोती है। घर में एक और बड़ा रूम है जिसे स्टोर के लिए काम लेते है और में उस रूम में सोता हूँ। मुझे सिगरेट पीने की आदत है और में घर के सभी लोगो से छुपकर सिगरेट पीता हूँ.. में ज्यादातर सोने से पहले घर की पिछली साईड की गली में जाकर सिगरेट पीता हूँ। हमारे घर के दोनों बेडरूम की खिड़की पिछली साईड गली की तरफ़ है और एक बेडरूम जिसमे मेरी बहन सोती है.. उसमे एक दरवाजा भी है।
10 दिसम्बर 2011 को शनिवार का दिन था और पापा को शनिवार और रविवार की छुट्टी थी.. तो पापा हमारे गावं वाले घर पर दो दिन के लिए चले गये थे.. क्योंकि उन्हें कुछ जरूरी काम था। तो में रात को 9 बजे के लगभग सिगरेट पीने गली में गया तो मैंने देखा कि कुसुम किसी से फोन पर बात करती हुई सुनाई दी। तो में सिगरेट जलाने के बाद कुसुम के बेडरूम की पिछली साईड के दरवाजे के साथ खड़ा हो गया था.. लेकिन कुसुम को पता था कि में सिगरेट पिता हूँ। में पापा और माँ से बहुत डरता था कि कहीं उन्हें पता ना लगे कि में सिगरेट पीता हूँ।
कुसुम फोन पर बोली कि में अभी नहीं आ सकती हूँ घर में मम्मी और भाई जाग रहे है। दूसरी तरफ से फोन पर कौन बोल रहा था.. यह मुझे कुछ नहीं पता था और में तो सिर्फ़ कुसुम की बात सुन पा रहा था। फिर कुसुम बोली कि एक तो तुम हर बार मुझे सुरेश अंकल के घर बुलाते हो और तुम्हे पता है कि सुरेश अंकल मुझे कितना तंग करते है? तो यह सुनकर मेरा माथा ठनका.. सुरेश अंकल 35-40 साल के हैं और उनकी वाईफ 3-4 साल पहले शांत हो चुकी है और उनके दोनों बच्चे उनकी मम्मी, पापा के पास रहते है। सुरेश अंकल पापा के ऑफीस में काम करते है और उनका फ्लेट बिल्कुल आख़िर में था और उसके पास एक नाला था। कुसुम की आवाज़ फिर सुनाई दी कि.. ठीक है में मम्मी और भाई के सोने के बाद आती हूँ। तो मैंने सोचा कि आज कुसुम का पीछा करता हूँ और में सिगरेट को फेंककर अपने रूम में आया और अपने रूम की लाईट बंद करके फिर बाहर निकल गया। करीब 9:30 बजे का टाईम हो चुका था और माँ के रूम की लाईट भी बंद हो चुकी थी.. शायद वो सो गई थी। तो कुसुम ने उसके बाद बड़े आराम से गली वाला दरवाजा खोला और गली से होती हुए सुरेश अंकल के बेडरूम के पिछली साईड के दरवाजे से अंदर चली गई। फिर में भी कभी दरवाजे से तो कभी रूम में लगी खिड़की से अंदर देखने लगा.. लेकिन परदा लगा होने कि वजह से मुझे जगह नहीं मिली। फिर खिड़की में थोड़ी सी जगह नज़र आई जिससे सारा रूम नज़र आ रहा था.. अंदर दो लड़के राज और अमन थे। राज और अमन मेरे साथ पड़ते थे और मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे और में तो उन्हें देखकर पागल हो गया कि राज और अमन ऐसा कैसे कर सकते है? तभी सुरेश अंकल रूम में आ गये।
कुसुम : रोते रोते बोलने लगी प्लीज़ क्यों मेरे पीछे पड़े हो? राज मैंने तुमसे सच्चा प्यार किया था और तुम मुझे बर्बाद करने पर लगे हो।
राज : देख कुसुम लाईफ बहुत छोटी है पता नहीं किस टाईम क्या हो जाए? तो हम बस ऐसे ही एंजाय करते है।
कुसुम : राज तुम और अमन तो ठीक है.. लेकिन सुरेश अंकल.. में उनका लंड नहीं ले सकती क्योंकि उनका लंड बहुत बड़ा है और में उनका आखरी टाईम भी नहीं ले पाई थी तो मुझे उनका लंड मुँह में लेना पड़ा।
राज : कुसुम तुम चिंता मत करो हम आराम आराम से करेंगे और पिछली बार भी तुमने सुरेश अंकल का लंड लेने से मना कर दिया था.. तो तुझे मैंने बोला था कि मुँह में लेकर उनका वीर्य निकाल दे।
राज : कुसुम आज हम तुझे एक नई बात बताते है।
कुसुम : वो क्या?
राज : तुम्हे पता नहीं सुरेश अंकल तुम्हारी माँ को भी चोदते है।
कुसुम एकदम से चौंक गई और में भी यह बात सुनकर सोचने लगा कि यह तो बिल्कुल भी नहीं हो सकता है।
कुसुम : नहीं राज.. यह तो कभी हो ही नहीं सकता है।
राज : में तुझे अभी इसका का पक्का सबूत दे देता हूँ.. सुरेश अंकल अभी तेरी माँ को भी चोदेंगे और तुम्हे हम फोन पर स्पीकर चालू करके सुनाएँगे।
फिर सुरेश अंकल ने माँ के मोबाईल पर कॉल किया और स्पीकर चालू कर दिया।
माँ : हैल्लो कैसे हो सुरेश?
सुरेश : हाँ में बिल्कुल ठीक हूँ और तुम सुनाओ।
माँ : में भी ठीक हूँ।
सुरेश : तो फिर आज का क्या प्रोग्राम है.. क्या में आ जाऊँ अभी?
माँ : हाँ आ जाओ।
फिर सुरेश ने फोन बंद कर दिया और राज को बोला कि में मीना के रूम में जाकर तेरे मोबाईल पर कॉल करूँगा तुम फोन चालू कर देना और स्पीकर भी चालू कर देना। तो में खिड़की से सब कुछ देख रहा था अब मुझे पता लग चुका था कि आज मेरी माँ और बहन दोनों की चुदाई होने वाली है। फिर 5 मिनट के बाद राज के फोन की घंटी बजी और उसने स्पीकर चालू कर दिया। राज, अमन और कुसुम रूम में सुनने लगे और मुझे भी बाहर सुनाई दे रहा था। फिर उधर से माँ की आवाज़ आई कि सुरेश तुम्हे किसी ने आते हुए तो नहीं देखा? सुरेश अंकल बोले कि नहीं मेरी जान। फिर उनकी इधर उधर की बातें होने के बाद किस करने की आवाज़े आने लगी और माँ की गरम गरम सांसो की आवाज़े आने लगी और शायद दोनों के कपड़े उतर चुके थे। तो माँ बोली कि सुरेश तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है और मुझे अंदर लेने में बहुत मुश्कील होती है तुम थोड़ा आराम आराम से देना। तो सुरेश बोला कि डार्लिंग मेरा लंड पूरा 7 इंच का है.. कुसुम, राज और अमन बिल्कुल चुप होकर बैठे थे और मोबाईल की बातें सुन रहे थे। तभी मोबाईल पर माँ की चीख सुनाई दी.. उईईई माँ प्लीज़ बाहर निकालो फट गई मेरी चूत प्लीज बाहर निकालो। तो सुरेश बोला कि अभी तो आधा ही लंड अंदर गया है अभी से ही तुम्हारा यह हाल है तो फिर आगे क्या होगा? फिर माँ की एक और आवाज़ आई उईईई उफफ्फ्फ्फ़ माँ मेरी चूत फट गई बस करो.. अब नहीं प्लीज निकाल दो। लगता था कि सुरेश ने अब पूरा लंड अंदर डाल दिया था और फिर माँ की चीखने की आवाजें और जोर जोर से आती रही.. उईईई उई हाअह्ह्ह्ह माँ मज़ा आ रहा है और फिर थोड़ी देर बाद में माँ कहने लगी कि और ज़ोर से करो में अब झड़ने वाली हूँ।
फिर फोन बंद हो गया.. शायद उनका खेल ख़त्म हो चुका था। तो राज ने कुसुम से बोला कि अब बोल? कुसुम बोली कि अब क्या बोलू सारी चुदाई का नज़ारा सुन लिया और कुसुम बोली कि सुरेश अंकल का लंड बहुत बड़ा है.. तेरी माँ भी कितनी जोर जोर से चिल्ला रही थी। तो राज बोला कि यार तुम तो ऐसे ही सोचती हो.. उन्हें भी मज़ा दे दो वो हमारे लिए इतना कुछ करते है हमे ऐश करने के लिये अपना पूरा घर दे दिया। फिर राज ने धीरे धीरे कुसुम के बूब्स पर हाथ घुमाना शुरू कर दिया और अमन कुसुम को चूमने लगा। कुसुम पर मस्ती छाने लगी और यह सब देखकर मेरा भी हाल खराब होने लगा था और कुछ टाईम बाद सुरेश अंकल भी आ गए.. तब तक कुसुम, राज और अमन नंगे हो चुके थे और सुरेश अंदर आते ही बोला कि कुसुम सच में तेरी माँ को चोदकर मुझे बहुत मज़ा आता है और ऐसे ही मज़े तुम कब दे रही हो? तो राज बोला कि कुसुम ले लो सुरेश अंकल का भी.. वो भी आराम आराम से करेंगे। 
फिर कुसुम रोते रोते बोले कि प्लीज़ नहीं में सुरेश अंकल का नहीं ले सकती उनका बहुत लंबा है और मोटा भी बहुत है और जब मेरी माँ ही इतनी ज़ोर से चिल्लाई तो मेरा क्या हाल होगा? तो राज ने कुसुम की चूत में अपनी दो उंगली घुसाई तो कुसुम उईईई माँ करके सिसकियाँ लेने लगी। फिर अमन ने अपना लंड कुसुम के मुँह में डालकर उसके मुँह को चोदने लगा और कुसुम अमन का लंड अंदर तक ले जा रही थी। राज और अमन के लंड मेरे बराबर ही थे.. लगभग 6 इंच लंबे। फिर राज ने कुसुम की चूत में लंड डाल दिया और कुसुम उईइ उफ्फ्फ माँ मरी ऐसी आवाज़े करने लगी और सिसकियाँ लेने लगी। तब तक सुरेश भी पूरा नंगा हो गया था और उसका लंड सच में बहुत बड़ा था और उसने लंड कुसुम के मुँह में डाला तो कुसुम को पूरा मुँह खोलना पड़ा। उधर राज, कुसुम की चूत को चोद रहा था और सुरेश ने अपना लंड कुसुम के मुँह से निकाला और अंडरवियर पहनकर दूसरे कमरे में चला गया। फिर अमन ने कुसुम के मुँह को चोदा और उसी के मुहं में झड़ गया और कुसुम के पूरे मुँह से अमन का वीर्य निकलने लगा। तब तक राज भी कुसुम की चूत में एक बार झड़ चुका था.. लेकिन शायद कुसुम अभी तक एक बार भी नहीं झड़ी थी। फिर कुसुम ने बोला कि अब में चलती हूँ.. अब काम पूरा हो गया ना तुम दोनों का। तो राज बोला कि क्यों अभी तो तुम्हे सुरेश अंकल भी चोदेंगे? फिर कुसुम रोने लगी और तब तक सुरेश शराब का गिलास लेकर कमरे में आया और बोला कि कुसुम आज कोई बहाना नहीं चलेगा आज तो कैसे भी तुझे चुदवाना पड़ेगा। तो कुसुम और जोर जोर से रोने लगी और कहने लगी कि प्लीज़ मुझ पर तरस खाओ.. मेरी चूत पूरी तरह से फट जाएगी।
फिर सुरेश पर शराब का नशा भी होने लगा था और उन्होंने अंडरवियर निकाल दिया और अपना 7 इंच लंबा लंड कुसुम के होंठ पर घुमाने लगा और कुसुम रोए जा रही थी और बार बार सुरेश अंकल से विनती कर रही थी कि प्लीज़ मत चोदो। फिर राज और अमन ने कुसुम के एक एक पैर पकड़ लिए और सुरेश अंकल अपना लंड कुसुम की चूत में घुसाने लगे तो कुसुम ज़ोर ज़ोर से रोने लगी। अभी आगे का सुपाड़ा ही अंदर गया था तो कुसुम की हालत बहुत खराब होने लगी और सुरेश अंकल ने एक हल्का सा झटका दिया तो कुसुम चिल्ला गई.. माँ मुझे बचा ले.. में आज मार जाऊंगी। तो अमन बोलने लगा कि तेरी माँ तो आराम से सो रही होगी.. आज सुरेश अंकल ने बहुत देर तक उसे चोदा है। फिर कुसुम के रोने की परवाह ना करते हुए सुरेश ने पूरा लंड कुसुम की चूत के अंदर डाल दिया और कुसुम एक बार और ज़ोर से चिल्लाने के बाद शायद बेहोश हो गई।
तो यह देखकर में भी बहुत डर गया कि उसे क्या हो गया है? लेकिन सुरेश अंकल उसे लगातार धीरे धीरे धक्के देकर चोदते रहे और फिर कुसुम की चूत में ही झड़ गये और जैसे ही लंड चूत से बाहर निकाला तो लंड पर खून लगा था और सुरेश अंकल और कुसुम का माल कुसुम की चूत से बहने लगा। तो राज और अमन ने कुसुम को बेड पर लेटा दिया और उसके मुँह पर पानी के छींटे मारने लगे। फिर करीब 10 मिनट बाद कुसुम होश में आई और फिर से रोने लगी.. उससे अब खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था। तो राज और अमन ने कुसुम के शरीर को कपड़े से साफ किया और उसे कपड़े पहनाए। फिर कुसुम लड़खड़ाते हुए उठी और बोली कि मैंने तुमसे पहले ही मना किया था कि में सुरेश अंकल का नहीं ले सकती और में अब सुबह क्या मुँह दिखाऊँगी जब माँ मुझसे पूछेगी कि तुझे क्या हुआ? और फिर रोने लगी। फिर उसकी हालत देखकर मुझे भी लग रहा था कि कुसुम की हालत ठीक नहीं है। तो राज ने बोला कि चल हम तुझे तेरे कमरे में छोड़ आते है। तो कुसुम बोली कि नहीं में खुद ही चली जाऊंगी.. फिर वो लड़खड़ाते हुए बाहर निकली और अपने रूम के पिछले दरवाजे की और जाने लगी। में साईड में आकर छुप गया था और कुसुम दरवाजे के पास आकर बैठ गई और उससे दरवाजा भी नहीं खुल रहा था। तभी में अचानक से उसके सामने आ गया और दरवाजा खोला तो मुझे देखकर वो चौक गई और बोली कि भैया आप क्या कर रहे हो यहाँ? तो मैंने उसे बोला कि में सिगरेट पीने आया था क्योंकि नींद नहीं आ रही थी। फिर मैंने उससे पूछा कि तू कहाँ गई थी? तो वो बोली कि मेरे पेट में बहुत दर्द हो रहा है और में बाहर आए थी उल्टी करने को मन कर रहा था।
फिर मैंने उसे उठाया और बेड पर लेटा दिया और दरवाजा बंद करके बोला कि मुझे पता है कि तुझे क्या हुआ है? और में सब कुछ देख चुका हूँ.. तो कुसुम रोने लगी और मैंने उसे बोला कि तू रो मत.. यह सब कब से चल रहा है? तो उसने बताया कि राज से उसके सम्बन्ध हो गये थे और फिर उसने अपने दोस्त अमन से भी कई बार करवाया। फिर मैंने उसे बोला कि.. मुझे कब दे रही हो अपनी चूत? तो कुसुम चकित हो कर बोली कि क्या बोल रहे हो तुम? तो मैंने उसे बोला कि इसमे हैरान होने की बात नहीं है। फिर वो बोली कि आज तो नहीं दे सकती फिर कभी ले लेना। तो मैंने उसे बोला कि.. तुम ठीक हो जाओ फिर उसके बाद ले लूँगा।
फिर सुबह कुसुम से उठा नहीं जा रहा था और माँ जब उसे बेड पर लेकर गई तो उसे समझते देर नहीं लगी। तो उसने कुसुम को गलियाँ देनी शुरू कर दी और कहने लगी कि कहाँ करवा कर आई है.. क्या तुझे शरम नहीं है? में भी साथ ही खड़ा था और माँ जब ज्यादा बोलने लगी कि आने दे तेरे पापा को में सब बताती हूँ। फिर कुसुम बोल पड़ी कि मुझे भी आपके बारे में सब पता है.. कल रात को सुरेश अंकल से क्या करवा रही थी? तभी यह बात सुनकर माँ के होश उड़ गये और मुझे बोलने लगी कि तू यहाँ पर खड़ा खड़ा क्या सुन रहा है? चल बाहर जा। फिर कुसुम बोलने लगी कि कोई फायदा नहीं है.. इसे सब पता है तो माँ भी नॉर्मल हो गई और कुसुम से उसकी चुदाई की कहानी सुनने को बोला और फिर कुसुम ने सब बता दिया। फिर सोमवार को पापा आए तो हम तीनों खामोश थे और फिर पापा ने बोला कि क्या हुआ सब लोग बहुत शांत से लग रहे हो? तो हम तीनो ने डिसाईड कर लिया था कि किसी को इस बात की खबर नहीं लगने देंगे।
तो पापा बोले कि में तुम्हे कुछ बताता हूँ और हम सभी पापा का मुँह देखने लगे। तो पापा ने बताया कि उनका तबादला हो गया है.. आज ही लेटर आया और 1-2 दिन में मकान खाली करना पड़ेगा। फिर हम तीसरे दिन अपना सामान लेकर दूसरे शहर में चले गये। फिर मैंने कुसुम को बोला कि तूने मुझसे वादा किया था कि जिस दिन तू ठीक हो जाएगी उस दिन तू मुझे अपनी चूत देगी। तो कुसुम बोली कि हाँ मैंने ऐसा बोला तो था और इतने में माँ अंदर आ गई और बोली कि कैसा वादा मुझे भी बताओ? तो कुसुम बोली कि माँ भैया मुझे चोदना चाहते है अब आप ही बताओ कि क्या यह ठीक रहेगा? तो माँ बोली कि हाँ अगर हमारी घर में ही चुदाई होती रहेगी तो बाहर जाने की ज़रूरत नहीं है। वो दिन का टाईम था और पापा ऑफीस गये हुए थे। फिर मैंने, माँ और मेरी बहन तीनो ने ग्रुप सेक्स किया। आज भी जब पापा टूर पर जाते है तो में एक तरफ़ माँ और दूसरी तरफ़ बहन को लेकर सोता हूँ ।।


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