Thursday, February 26, 2015

FUN-MAZA-MASTI आज भी प्यासी हूँ

FUN-MAZA-MASTI


आज भी प्यासी हूँ

हैल्लो दोस्तों..  सभी चाहने वालो को मेरी तरफ से नमस्ते। दोस्तों में अलका एक शादीशुदा हाउसवाईफ हूँ और मेरा एक 6 साल का बेटा भी है.. लेकिन में फिर भी बहुत खूबसूरत हूँ। ऐसा इसलिए कह सकती हूँ क्योंकि में जब भी अपने घर से बाहर निकलती हूँ तो जवान लड़के मुझे सेक्सी नज़रो से ताकते रहते है और यह सब मुझे बहुत अच्छा लगता है। मुझे लम्बे वाले मर्द बहुत पसंद है क्योंकि मेरी भी लम्बाई अच्छी खासी है। मेरी लम्बाई 5.4 इंच और फिगर 35-32-37 और में दिखने में बहुत सेक्सी लगती हूँ। मेरे पति का एक्सपोर्ट बिजनेस है और काम के सिलसिले में ज़्यादातर उनको बाहर ही रहना पड़ता है.. वो भी अलग अलग देशो में और वो बाहर जाकर मज़ा करते है और में हमेशा अधूरापन महसूस करती हूँ.. लेकिन एक औरत क्या कर सकती है? फिर भी में अपनी प्यास बुझाना चाहती थी तो मेरी नज़र हमेशा किसी को तलाशती रहती थी कि मेरी शादीशुदा लाईफ खराब भी ना हो और सिर्फ सेक्स का मज़ा लिया जाए। चलो दोस्तों में अब अपनी कहानी शुरू करती हूँ।
दोस्तों एक दिन मुझे एक बहुत अच्छा मौका मिल गया। में अपने बेटे के बाल काटवाने के लिय मेरे फ्लेट से थोड़ी दूरी पर एक कटिंग सलून में ले गई और दुकान के सामने मैंने अपना एक्टिवा पार्क किया और अंदर चली गयी वो दोपहर का टाईम था तो वहाँ पर ज्यादा भीड़भाड़ नहीं थी और वहाँ पर एक हेंडसम लड़का बैठा हुआ था और टीवी में मर्डर-2 का हॉट सीन चल रहा था और मुझे अंदर देखकर वो चेनल बदलने के लिए रिमोट ढूंडने लगा.. लेकिन उसे रिमोट मिल नहीं रहा था। तो उसने डाईरेक्ट टीवी से चेनल बदला और वो शरम से नज़रे चुराने लगा तो मुझे भी मज़ा आने लगा और मैंने मन ही मन में प्लान बना लिया कि मुझे सेक्स का हीरो मिल गया और मैंने उसको राहुल के बाल काटने को कहा.. तो उसने राहुल को कुर्सी पर बैठा दिया और फिर अपना काम शुरू किया.. लेकिन उसकी नज़रे बार बार मेरे बूब्स को देख रही थी.. मैंने गहरे गले का टॉप और जीन्स पहना हुआ था.. तो उसको मेरे आधे आधे बूब्स दिख रहे थे उसको पता नहीं.. लेकिन मुझे यह सीन सामने वाले आईने में साफ साफ दिख रहा था और मुझे समझ में आ गया कि वो भी यही चाहता है और मेरी काम वासना का कीड़ा छटपटा रहा था.. लेकिन शुरू कैसे करूं? और मैंने बात करना शुरू किया और मैंने पूछा कि अभी ग्राहक क्यों नहीं है? तो उसने बताया कि दोपहर एक बजे के बाद बहुत कम ग्राहक आते है।
फिर राहुल थोड़ा हिल डुल रहा था तो उसने मेरे सामने देखकर कहा कि क्या आप बच्चे को पकड़ कर यहाँ पर खड़े रह सकते हो? ताकि उसको कहीं पर चोट ना लग जाए। फिर में भी उसके नज़दीक जाने के मौका ढूँढ रही थी और उसने ही बोल दिया और में अब उसके सामने राहुल को पकड़ कर खड़ी हो गयी। में जब राहुल को कुछ समझाने के लिए थोड़ी जानबूझ कर झुकी तो मेरे दो बड़े बड़े बूब्स के उसको दर्शन दे रहे थे और यह देखकर उसका लंड एकदम तनकर खड़ा हो गया यह मुझे उसकी पेंट की जिप के ऊपर होने से दिख रहा था। तो में राहुल को पकड़कर उसके साथ खड़ी हो गई और फिर जब वो अपने काम में व्यस्त था.. तो मैंने जानबूझकर उसके एक हाथ से मेरा एक बूब्स छू दिया। वो अब और उत्तेजित हो गया और धीरे धीरे बाल काटने लगा और वो फिर से मेरे बूब्स छूने करने की कोशिश करने लगा और में उसको सपोर्ट करने लगी। फिर एक दो बार ऐसा हुआ कि उसकी समझ में आ गया कि में भी उससे यही चाहती हूँ.. लेकिन उसकी मुझसे पूछने की हिम्मत नहीं हो रही थी। तो मैंने सामने से पूछा कि क्या तुम्हे लेडीस फेशियल का काम आता है? तो उसने बताया कि हाँ मुझे सभी काम आते है और फिर मैंने कहा कि क्या तुम मेरे घर पर आकर जो में कहूँ वो सभी काम कर सकते हो? तो वो बोला कि हाँ और वो मेरे घर पर आने को भी तैयार हो गया। तो मैंने उसको कहा कि ठीक है तुम कल दोपहर एक बजे के बाद मेरे घर पर आ जाना और मैंने उसे अपने घर का पता बता दिया। यह टाईम मेरे लिए बहुत सुरक्षित है क्योंकि मेरे पति एक हफ्ते के लिए मलेशिया गये हुए है और में बिल्कुल ऊपर वाली मंजिल पर रहती हूँ और वैसे भी सेक्यूरिटी की वजह से सभी के दरवाजे हमेशा बंद रहते है और एक बजे के बाद फ्लेट में घर पर रहने वाले सभी लोग सो जाते है और वो टाईम राहुल का स्कूल का होता है और में अकेले घर में नेट पर सेक्स करती रहती हूँ तो यह टाईम मेरे लिए भी बहुत सुरक्षित टाईम था।
मैंने भी थोड़ा रिस्क ले लिया और उसे आने को कह दिया और दूसरे दिन में सुबह से ही उसके इंतजार में थी। फिर मैंने राहुल को स्कूल छोड़ दिया और घर पर पहुंच कर एक सेक्सी ड्रेस पहनकर इंतजार करने लगी.. मैंने उस दिन सेक्सी नाईटी पहनी हुई थी.. जिसमे मेरा ज़्यादातर बदन बाहर से साफ साफ दिख रहा था क्योंकि मैंने जाली वाली नाईटी पहनी थी और उसमे मेरे दोनों बूब्स आधे से ज़्यादा बाहर दिख रहे थे और मेरे दोनों पैर जांघो तक दिख रहे थे। फिर एक बजे डोर बेल बजी और मैंने देखा कि बाहर कौन है और जब देखा कि यह वही है तो मैंने दरवाजा खोला.. अंदर आने के बाद मैंने दरवाजा फिर से दरवाजा बंद कर दिया। तो मुझे ऐसे कपड़ो में देखकर वो अपने आपे से बाहर हो रहा था और में देख सकती थी कि वो बार बार अपना लंड सहला रहा था और मेरे बूब्स पर नज़र मार रहा था। फिर मैंने उससे चाय के लिये पूछा तो उसने मना किया.. तो मैंने उससे कहा कि वो काम शुरू करे। तो उसने हाँ कहा और में अपने घर में आईने के सामने कुर्सी लगाकर बैठ गई और मैंने उसे फेशियल करने को कहा.. तो वो कुर्सी के पीछे खड़ा हो गया और कुछ पेस्ट वगेरह लगाने लगा और उसकी हाथों की उगलियाँ मेरे चेहरे पर घूम रही थी और बार बार मेरे होंठ उसकी ऊँगलियों को छू रहे थे। फिर में भी उत्तेजित हो रही थी.. लेकिन शुरुवात कैसे करूं? मेरे चहरे पर पेस्ट लगने की वजह से मेरी दोनों आंखे बंद हो गयी और तो उसने इस बात का फायदा उठाना चाहा।
तो वो धीरे से मेरे सामने आया और वो अपना मुहं मेरे होंठ के नज़दीक लाकर किस करने की कोशिश कर रहा था.. लेकिन उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी और में उसकी सांसो को महसूस कर रही थी। फिर मैंने ही स्टार्ट किया और मैंने अचानक एक हाथ उसके तने हुए लंड से छू दिया तो उसने अब सीधा मुझे किस कर दिया। तो मैंने भी उसका लंड अब पेंट ऊपर से पकड़ लिया तो वो बोला कि मेरी रानी में कब से सिग्नल का इंतजार कर रहा हूँ.. तुमने बहुत देर कर दी और वो मेरे दोनों बूब्स पर टूट पड़ा। फिर मैंने उसको सब बताया कि में शादीशुदा हूँ.. लेकिन चुपके चुपके प्यास बुझाना चाहती हूँ.. क्या तुम मुझे वादा करोगे कि यह बात कभी किसी को नहीं बताओगे? तो उसने मुझसे कहा कि मुझे माल खाने का शौक है मार खाने का नहीं। तो में समझ गयी कि मुझे अब कोई दिक्कत नहीं होगी। फिर मैंने अपना चेहरा साफ कर लिया और वापस उसके लंड को पेंट के ऊपर से सहलाने लगी वो मेरे बूब्स चूस रहा था और मेरे मुहं से आह उफ्फ्फ्फ़ आह ऐसी आवाज़ निकल रही थी। तो मैंने अब उसकी पेंट खोल दी और अंडरवियर के ऊपर से लंड पकड़ा और धीरे से अंडरवियर नीचे किया और लंड बाहर निकाला.. बहुत दिन हो गये थे लंड को देखे हुए और उसका लंड ज्यादा बड़ा नहीं था और थोड़ा काला भी था। फिर भी मुझे बहुत दिनों से लंड की चाह थी और मैंने उसके लंड पर किस किया और धीरे धीरे मुहं में ले लिया और लोलीपोप की तरह चूसने लगी। लंड अब थोड़ा और बड़ा हो गया.. लेकिन थोड़ी ही देर में उसने पानी छोड़ दिया और फिर एकदम ठंडा हो गया। तो मैंने कहा कि क्या हुआ इतनी जल्दी झड़ गए.. तो उसने बताया कि तुम्हारा यह सेक्सी बदन देखकर में दो बार पानी छोड़ चुका हूँ। तो में हंसने लगी और मैंने उससे कहा कि चलो बेडरूम में चलते है। तो उसने मुझे गोद में उठा लिया और बेड पर ले जाकर लेटा दिया। फिर वो मेरी दोनों जांघो को किस कर रहा था और मैंने अपनी नाईटी निकाल दी। तो में अब ब्रा और पेंटी में थी और मैंने सफेद ब्रा और काली पेंटी पहनी हुई थी और वो धीरे धीरे किस करते हुए वो मेरे ऊपर सो गया और मेरे दोनों बूब्स उसकी छाती को गरम कर रहे थे। 
फिर वो मुझे लेटाकर अपने लंड से मेरी पेंटी के ऊपर से मेरी चूत गरम कर रहा था.. तो मैंने उसको नीचे कर दिया और उसको किस करने लगी। पहला किस उसको छाती पर किया और उसके बाद उसके दोनों गालो पर फिर होंठो पर किस करके उसके होंठो पर मेरी जीभ घुमाने लगी और मेरा एक हाथ उसके लंड पर था। तो उसने मौका देखकर मेरी ब्रा निकाल दी और वो दोनों बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था और चूस रहा था। फिर में धीरे धीरे किस करते हुए उसके लंड तक नीचे आ गयी और फिर से लंड को चूसना शुरू किया। तो अबकी बार थोड़ा टाईम ज़्यादा चूसना पड़ा.. लेकिन लंड फिर से खड़ा हो गया और फिर मैंने कहा कि चलो अब चूत के अंदर डालो। तो उसने मुझे नीचे लेटा दिया और उसने मेरी चूत के ऊपर अपना लंड रखा दिया.. फिर धीरे धीरे अंदर डालने की कोशिश करने लगा और मैंने अपने एक हाथ से उसके लंड को मेरी चूत के होल पर सेट करके दिया।
फिर लंड आराम से अंदर बाहर जा रहा था और वो धीरे धीरे झटके लगाने लगा.. लेकिन बहुत दिनों से मेरी चूत प्यासी थी तो मैंने उसको वापस नीचे लेटा दिया और फिर उसके लंड पर बैठकर अपनी चूत को ज़ोर ज़ोर से झटके लगाकर चुदाई करने लगी और उसने मेरी कमर को अपने दोनों हाथों से पकड़ रखा था और वो मुझे सहारा दे रहा था। फिर 5 -7 मिनट के बाद उसने बोला कि उसका लंड अब वीर्य छोड़ने वाला है। तो मैंने उसका लंड बाहर निकाल दिया और उससे कहा कि वो उसका सफेद पानी मेरे दोनों बूब्स पर और मुहं पर छोड़ दे। फिर वो पूछने लगा कि तुम्हे सेक्स करने का इतना जबरदस्त अनुभव कहाँ से मिला। तो मैंने उससे कहा कि में हर रोज दोपहर में तीन से चार घंटे नेट पर बैठकर कहानियाँ पढ़ती हूँ और मुझे बहुत से चुदाई के तरीके पता है।
फिर उसने कहा कि तो फिर तुम्हे चोदने में तो मुझे ज्यादा दिमाग नहीं लगाना पड़ेगा.. बस तुम बताती जाना और में तुम्हे चोदता जाऊंगा। फिर मैंने उससे कहा कि तुम अब अपने कपड़े पहन लो आज के लिए बस इतना ही.. अब बाकि की चुदाई कल एक बार फिर। वो अब हर सप्ताह फेशियल के बहाने मेरी चूत को भी शांत करने आने लगा.. जिसमे लंड उसका था और दिमाग हमेशा मेरा होता था और इस तरह मेरी चूत की प्यास आज भी वही बुझाता है और मेरी चूत के बाल भी साफ करता है। में अब पहले से भी और अच्छी दिखने लगी हूँ ।।





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