Saturday, June 20, 2015

FUN-MAZA-MASTI बीबी की एक सहेली

FUN-MAZA-MASTI

बीबी की एक सहेली

मेरा नाम राहुल है।
मेरी उम्र तीस साल है और मेरी शादी को छे साल हो गए है।
मेरी बीबी बहुत ही खुले विचारों वाली है और सेक्स में मेरा काफी साथ देती है।
अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ…
ये बात एक साल पहले की है…
मेरी बीबी की एक सहेली है, उस का नाम रानी वर्मा (बदला हुआ नाम) है। वो हमारे घर के पास ही रहती है।
दिखने में वो काफी सुन्दर हैं। वेसे आपको बता दूँ, मेरी बीबी भी कम सुन्दर नहीं है।
रानी, मेरी बीबी से उम्र में एक साल बड़ी है, और मेरी बीबी की पक्की सहेली है।
मैं ये कहानी उन दोनों की सहमति से ही लिख रहा हूँ, दोनों एक-दूसरे से कोई बात नहीं छुपाती है।
रानी का हमारे घर में काफी आना-जाना है। उसका पति काम के सिलसिले में अक्सर घर के बाहर रहता है और वो घर में अपने बच्चों के साथ अकेली रहती है।
ना जाने क्यूँ रानी को देख कर मुझे उसको चोदने की बहुत इच्छा होती है।
एक दिन मैंने बातों-बातों में अपनी बीबी से यूँही कहा – जान, ना जाने क्यूँ कभी-कभी मुझे रानी को चोदने की बहुत इच्छा होती है।
मेरी बीबी ने कहा – क्यूँ? क्या मैं अब अच्छी नहीं लगती, जो तुम उसे चोदना चाहते हो।
फिर मैंने कहा – नहीं-नहीं मेरी जानेमन, तुम तो बहुत अच्छी हो पर पता नहीं क्यूँ, मुझे उसे भी चोदने की इच्छा होने लगी है, तुम उससे बात करके देखो अगर सेट्टिंग हो जाए तो, तुम दोनों तो चुदाई की बात भी करती हो।
मेरी बीबी ने कहा – ठीक है, मैं बात करुँगी। वैसे भी उसका पति अक्सर बाहर ही रहता है। वो मुझ से कई बार कहती भी है कि तू कितनी लकी है, तेरा पति हमेशा तेरे पास रहता है।
एक दिन रानी मेरे घर आई तो मेरी बीबी ने सीधे ही उससे कहा – मेरे पति तुमको चोदना चाहते है।
रानी ने कहा – मैं तो आज तुझसे यही कहने आई थी कि तू अपने पति से बोल ना मुझे चोद दे, ना जाने कब से मैं चुदाई की प्यासी हूँ।
मैं उन दोनों की बातें कमरे के बाहर खड़े होकर सुन रहा था और ये सुन कर मैं बेहद खुश हो गया।
आख़िर में रानी ने कहा – मैं फ़ोन करूँगी तो तू अपने पति को मेरे घर भेज देना। और वो अपने घर चली गई।
उसके जाने के बाद मेरी बीबी ने मुझ से कहा – वो मान गई है।
रानी के घर जाने के एक घंटे के बाद उसका फ़ोन आया, फ़ोन मेरी बीबी ने उठाया और उसने कहा – अपने पति को मेरे घर भेज दे, मैं तैयार हूँ।
मैं उसके घर गया और मैंने कहा – आपने मुझे बुलाया था क्या?
उसने कहा – क्या आपको नहीं पता कि आप यहाँ क्यों आये हो?
मैंने कहा – जी हाँ पता है।
उसने मुझे अन्दर बुलाया और मैं जाकर सोफे पर बैठ गया, उसने कहा – मैं आपके लिए पानी लेकर आती हूँ।
वो किचन से पानी लाई और मुझे झुक कर दिया तो उसकी साड़ी का पल्लू नीचे गिर गया और उसके स्तन दिखने लगे… वो वैसे ही मेरे पास बैठ गई और मैं उस के स्तन को देखता रहा।
बहुत बड़े थे उस के स्तन, फिर मैंने पानी का गिलास नीचे रखा और उसकी और खिसक गया। अब मैंने उसके स्तनों को अपने हाथों से पकड़ लिया और दबाने लगा।
फिर मैं अपने होंठ रानी के होंठों पर रख कर उस के होंठों को चूसने लगा और दोनों हाथों से उसके स्तन दबाते जा रहा था, करीब पाँच मिनट मैं उसके होंठों को चूसता रहा।
रानी ने कहा – चलो, बेडरूम में चलते हैं… तो मैंने उस अपनी गोद में उठाया और बेडरूम में लेकर गया और बेड़ पर लिटा दिया।
अब मैंने अपनी शर्ट उतार दी और फिर उसके ऊपर लेट कर उसके होंठों को चूसने लगा, जब मैंने उसके ब्लाउज के हुक को खोला तो उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी, हुक खोलकर मैंने उसके ब्लाउज को उतार दिया और उसके स्तन को अपने मुँह में ले कर चूसने लगा।
रानी बहुत गरम हो गई थी और मेरा पूरा साथ दे रही थी और कह रही थी कि सारा दूध पी लो आज मेरा… मैंने उस के स्तन को चूस-चूस कर लाल कर दिया था।
अब उसने मुझे धक्का देकर लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर आ गई और मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरे लण्ड को सहलाने लगी, फिर उस ने मेरे पैंट का हुक खोला और मेरा पैंट उतार दिया।
मेरा लण्ड खड़ा हो चुका था और अंडरवियर में एक तंबू सा बना हुआ था, रानी ने मेरे लण्ड को पैंट से बाहर निकला। अब वो मेरे लण्ड से खेलने लगी।
फिर मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट उतर दिया और मैंने उससे कहा – तुम अपने दोनों स्तनों को अपने हाथों से दबाओ और मैं अपना लण्ड उनके बीच में डालूँगा। अब मैं अपना लण्ड उसके स्तनों के बीच में डालकर उसके स्तनों को चोदने लगा।
ऐसा करते टाइम मेरा लण्ड कभी-कभी उसके मुँह में चला जाता था, सो मैंने अपना लण्ड उसके मुँह में ही दे दिया। वो मेरा लण्ड बेतहाशा चूसने लगी।
अब में उसकी चूत को उसकी पैंटी के ऊपर से अपने हाथ से सहलाने लगा। कुछ देर में मैंने उसकी पैंटी उतार दी और अपने हाथों से उसकी चूत को रगड़ने लगा। ऐसा करते ही उसके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगी।
अब मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रखा और उसकी चूत को चाटने लगा, उसकी सिस्कारियों की गूंज से अब सारा कमरा गूंज रहा था।
मैंने उसके पैरों को फैला दिया और अपना लण्ड उसकी चूत पर रख कर लण्ड को चूत पर रगड़ने लगा। रानी कहने लगी – अब मुझ से सब्र नहीं हो रहा है… डाल दो, लण्ड को मेरी चूत में…
मैंने लण्ड को उसकी चूत के छेद पर रखा और एक झटका मारा तो मेरा आधा लण्ड उसकी चूत के अन्दर चला गया और उस के मुँह से आवाज निकली – ऊऊईईई… आआह्ह्ह्ह… आआह्ह्ह्ह… आऔऊउ मर गई रेआआह्ह्ह्ह… आआह्ह्ह्ह… ईईआआअ…
मैं थोडा रुका और फिर एक झटका मारा तो मेरा पूरा लण्ड उस की चूत में चला गया। अब मैंने उसे धीरे-धीरे चोदना चालू किया, वो सिसकारियाँ ले रही थी – आआह्ह्ह्ह… आआह्ह्ह्ह… ऊऊउईईइ… आआह्ह्ह्ह… और कह रही थी – और जोर-जोर से चोदो मुझे…
मैं उसे जोर-जोर से चोदने लगा, सारा कमरा उसकी सिस्कारियों से गूंज रहा था और एकदम से मेरा पानी उसकी चूत में ही निकल गया, उसी समय उसका पानी भी निकल गया।
मैं उसके ऊपर ही लेट कर उसके होंठों को चूसने लगा। कुश देर बाद उसने मुझे धक्का दिया और उठकर बाथरूम में जा कर खुद को साफ करने लगी।
मैं अबतक बेड पर ही लेटा था। मैं बेड से उठा और बाथरूम में जा कर फिर उसे अपने सिने से लगा किया और उसके होंठ चूसने लगा।
हम फिर से एक-दूसरे को बेतहाशा चूमने लगे। थोड़ी देर बाद रानी मेरा लण्ड अपने मुँह में ले कर चूसने लगी।
मेरा लण्ड अब फिर से खड़ा हो गया और मेरे उसे एक बार फिर चोदना चालू कर दिया।
तो दोस्तों ये थी मेरी पहली कहानी…

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