FUN-MAZA-MASTI
भूखी किस्म की औरत -1
मेरा नाम नीनू है, मैं पंजाबन हूँ, मेरी उम्र इस वक़्त सताईस साल की है, मैं बहुत गर्म, प्यासी, चुदाई की भूखी किस्म की औरत हूँ, इसकी वजह है मेरी शादी लेट होना !
कहते हैं कि मैं मंगलीक हूँ इसलिए मेरी शादी देर से हुई।
मैं बहुत खूबसूरत हूँ, कितने ही लौड़ों से चुदने के बाद भी मेरी जवानी बहुत कसी हुई है, मैंने अभी बच्चा नहीं दिया, मेरे मम्मे मेरे जिस्म का ख़ास आकर्षण हैं, उनको दबाने की हर मर्द चाहत है।
मैं शादी से पहले भी काफी चुद चुकी थी ! क्या करती, जवानी संभाली नहीं जाती थी।
लड़के वैसे बहुत थे, शादी किसी से पक्की नहीं हो पाती थी, इसने ही मुझे बहुत प्यासी औरत बना दिया था। स्कूल तक मैं बिना चुदी निकल गई, कॉलेज जाते मेरे कदम डोल गए, ऊपर से मेरी ख़ूबसूरती लड़कों को पीछे लगा ले ! मैं दिन भर कमेंट सुनती फिर रात को नंगी होकर फ़ुद्दी रगड़ने लगती, अपने मम्मे दबाने लगती थी.
सोहन नाम का लड़का मेरे पीछे हाथ धोकर पड़ चुका था, मैं भी उसकी तरफ खिंचने लगी थी, उसने मुझे पर्पोज़ कर दिया, कुछ दिन वेट करवा मैंने उसको हाँ कह डाली।
फ्रेशर पार्टी वाली शाम सभी अपनी धुन में थे, कुछ देर उनके साथ नाच-गा लिया, अँधेरा होते सोहन ने मेरी कलाई पकड़ी और हम ग्राऊंड की तरफ चले गए। वहाँ किसी के आने का चांस नहीं था, वहीं वो चुम्मा-चाटी करने लगा, उसने मेरे रसीले होंठ चूमे, मेरे टॉप को उतार वो ब्रा के ऊपर से मेरे मम्मे दबाने लगा।
हाय ! इतना मजा आ रहा था कि मैं खुद उससे चिपकने लगी। उसने मेरी ब्रा को भी खोल दिया और सीधा निप्पल चूसने लगा। मुझे और मजा आया।
उसने मेरी जींस खोल दी, हाथ घुसा जांघों को सहलाने लगा।
हाय, जब उसका हाथ मेरी फ़ुद्दी पर लगता, मैं कस लेती अपनी जांघों को !
उसने अपना लौड़ा निकाला, थमा दिया मेरे हाथ में !
हय, शर्म से मेरे गाल लाल हो गए !
बोला- कैसा है?
मैंने कहा- पहली बार देखा ! पकड़ा है !
"सहला ना इसको ! यह देख ऐसे !"
उसने लौड़ा पकड़ मुठ मार कर भी दिखाई। मैं वैसे ही उसको सहलाने लगी, उसने खुल कर मेरी चड्डी में हाथ डाल कर मसला तो मैंने उसके लौड़े को जोर से दबा लिया।
वो खड़ा हो गया, उसका लौड़ा मेरे होंठों के सामने था, बोला- चूम ले इसको !
मैंने चूमा तो बोला- मुँह खोल !
जैसे ही मैंने अपने होंठ खोले, उसने लौड़ा घुसा दिया मेरे होंठों के बीच में, बोला- चूस ! चाट ! मजे कर ! करवा !
फिर उसने मुझे वहीं घास पर लिटाया और अपने लौड़े को मेरी फ़ुद्दी में उतारने की कोशिश करने लगा।
मैंने उसको वास्ता देकर मना किया लेकिन कहाँ ! उसने आखिर कामयाबी हासिल कर ली, लेकिन मेरी जान निकाल दी।
"हाय ! निकालो ! मार दिया ! छोड़ो !"
उसने जल्दी से मेरा मुँह दबाया और बाकी का लौड़ा भी घुसा दिया। जब मेरे चूतड़ उठने लगे उसने मेरा मुँह आज़ाद किया, बोला- देख अब तुझे मजा आएगा।
बीस मिनट उसने मुझे जम कर चोदा, मैं रोने लगी कि यह उसने क्या कर डाला।
बोला- मैं कभी मेरा साथ नहीं छोड़ने वाला !
उसके पापा का बिज़नेस था, उसने वही ज्वाइन करना था इसलिए मुझे लगा कि शायद जल्दी वो शादी करेगा।
उसने मेरी दूसरी चुदाई अपनी कार में की, फिर जब जगह मिलती हम चुदाई करने लगते।
मेरे शरीर में और बदलाव आने लगा, जिस्म और भरने लगा, कसा-कसा रहने लगा।
उसने नशे करने शुरु कर दिए, जिससे दिन पर दिन वो नशे में डूबता गया, अब उसका असर सेक्स पर पड़ने लगा, उसमें वो दम जाता रहा था, मेरा झुकाव भी उसमे कम होने लगा।
एक दिन उसने नशे की खातिर मुझे गिरवी रख दिया था, किसी गैर के सामने परोस दिया मुझे !
उसने मुझे मिलने की पेशकश की, मैंने मना किया, उसने कहा- मैं नशे छोड़ रहा हूँ।
उसने मुझे मिलने को बुलाया, वहाँ से वो मुझे एक आलीशान घर में ले गया, बोला- मेरे दोस्त का है।
मुझे लेकर वो कमरे में घुस गया और मुझे बिस्तर पर डाल प्यार करने लगा। उसका शरीर कांप रहा था, मैं भी उसके लौड़े को सहलाने लगी।
उसने मुझे नंगी कर दिया और खुद भी नंगा होकर मुझे चूमने लगा। उसके लौड़े में कसाव आ ही नहीं रहा था जिससे वो घुसा पाए।
मैं पागल होने लगी, बार बार वो मेरी फ़ुद्दी पर लौड़ा लगाता, कभी खिसक जाता, कभी ढीला हो जाता।
मैंने मुँह में भी लिया लेकिन शायद उसको नशे की ज़रूरत थी, अचानक उसका अंदर घुसने से पहले ही निकल गया।
मैंने साफ़ किया पर मैं बहुत खफा थी, बहुत
गर्म थी, प्यासी थी, बोली- सोहन, अब तुम में कुछ नहीं बचा ! मैं तेरी जिंदगी से जा रही हूँ।
"साली, चली जाना, लेकिन आज नहीं ! तुझे यहाँ लौड़ा मिलेगा, वो भी बहुत बड़ा और उसके बदले मुझे पैसे मिलेंगे, नशा मिलेगा !'
तभी एक काले से रंग का बंदा कमरे में घुसा।
मैंने जल्दी से अपने ऊपर चादर ली।
"यह घर इन भाई साब का है, इन्हें तू बहुत पसंद है।"
उसने उसको एक पैकेट दिया जिसे लेकर वो कमरे से निकल गया।
वो बन्दा बिस्तर की तरफ आने लगा, मैंने जल्दी से पैंटी पकड़ी, डाली, ब्रा की तरफ हाथ बढ़ाया ही था कि उसने रोक दिया- सनम, क्यूँ घबराती हो? उसने तुझे प्यासी छोड़ दिया, तू उसको छोड़ दे, मुझसे यारी लगा ! रानी बन जा मेरी !
उसने चादर खींच फेंकी- ओये ओये होए होए ! क्या लड़की है साली तू ! इस कुत्ते से क्या होगा?
मेरे साथ लेटते हुए उसने मेरा मम्मा पकड़ा दबाया फिर अपनी तरफ खींचा, मैं उठने लगी, उसने रोक लिया और पैंटी के ऊपर से मेरी फ़ुद्दी को रगड़ा- हाय !
"मत करो, देखो, मैं अभी बहुत छोटी हूँ !"
उसने अपनी शर्ट उतारी, चौड़ी छाती बालों से भरी थी, उसने पैंट उतारी उसका अंडरवीयर फूला पड़ा था, उसका लौड़ा बहुत बड़ा लग रहा था, उसने खींच कर मेरी पैंटी उतारी और फ़ुद्दी देख बावला होकर उसको चाटने लगा।
मैंने हथियार डाल दिए, सब भूल सिर्फ वासना को दिमाग में बिठा उससे चिपक गई।
"हाय !"
उसने अंडरवीयर भी उतार दिया।
"हाय, आपका बहुत बड़ा है, मेरी फट जायेगी !"
"साली, औरतें तरसती हैं ऐसे लौड़े लेने को !"
मैंने उसको सहलाते हुए मुँह में ले लिया और चूसने लगी। कुछ देर चुसवाने के बाद वो मेरी टाँगों के बीच में आया, फ़ुद्दी में घुसा दिया। "मर गई राजा ! बहुत दर्द हो रहा है, फ़ट जायेगी !"
उसने और अंदर किया, फिर रुक कर और अंदर कर पूरा घुसा दिया। मैं हिम्मत करके सह गई, उसको नहीं रोका।
जल्दी वो भी आराम से रगड़ने लगा और मुझे मजा आने लगा।
आधे घंटे बाद जब वो रुका तो मैं संतुष्ट थी, मैंने उसके होंठ चूम लिए।
"पसंद आया तुझे?"
"बहुत !"
उसने मुझे दस हज़ार रूपये दिए, मैं उसकी दीवानी हो गई, मौका मिलते ही उसके घर चली जाती।
मुझे मालूम चला कि वो शादीशुदा है, मैं पूरी उम्र उसके साथ बीताना चाहती थी, उसके लौड़े ने मुझे बाकी लड़कों की तरफ से ध्यान हटवा दिया।
उसने और अंदर किया, फिर रुक कर और अंदर कर पूरा घुसा दिया। मैं हिम्मत करके सह गई, उसको नहीं रोका।
जल्दी वो भी आराम से रगड़ने लगा और मुझे मजा आने लगा।
आधे घंटे बाद जब वो रुका तो मैं संतुष्ट थी, मैंने उसके होंठ चूम लिए।
"पसंद आया तुझे?"
"बहुत !"
उसने मुझे दस हज़ार रूपये दिए, मैं उसकी दीवानी हो गई, मौका मिलते ही उसके घर चली जाती।
मुझे मालूम चला कि वो शादीशुदा है, मैं पूरी उम्र उसके साथ बीताना चाहती थी, उसके लौड़े ने मुझे बाकी लड़कों की तरफ से ध्यान हटवा दिया। उसके लौड़े ने मुझे बाकी लड़कों की तरफ से ध्यान हटवा दिया।
मुझे एक दिन चक्कर आये, भगवान का शुकर था कि मैं उस वक़्त अपनी सहेली के घर थी, उसकी बहन स्टाफ नर्स थी, मुझे उसने चैक किया तो मैं पेट से पाई गई।
यह सुन मेरे पाँव के नीचे से ज़मीन निकल गई लेकिन उसने कहा- टेंशन मत ले, अभी शुरुआत है।
मनोज का हब्शी जैसा लौड़ा पहले ही मेरी फ़ुद्दी की धज्जियाँ उड़ा चुका था, मैं उसके पास गई, बताया और पूछा- हम शादी कब करने वाले हैं?
वो बोला- अभी नहीं कर सकता।
मैं उस पर बरसी- अभी नहीं का क्या मतलब है? मेरे पेट में तेरा बच्चा पलने लगा है।
"साली, यह है किसका? मेरा या सोहन का या फिर और किसी का? साली रंडी है तू ! मेरा बसा बसाया घर मत उजाड़ !"
उसने तीस हजार फेंकें, बोला- पेट की सफाई करवा ले और अगर रंडी बन कर मेरे विशाल लौड़े से चुदना चाहती है तो आती रहना। शादी-वादी मैं नहीं करूँगा तेरे साथ !
मुझे मालूम था कि कुछ कुछ ऐसा ही होगा।
खैर कुछ दिन मैंने उसको त्याग दिया लेकिन जिस लड़के के साथ मैंने और अफेयर चलाया, वो चुदाई के मामले में बच्चा निकला तो मैं खुद को मनोज के पास जाने से नहीं रोक पाई और जम कर फ़ुद्दी मरवाई, तब जाकर फ़ुद्दी शांत हुई।
ऐसे कई लड़कों से मेरे चक्कर चलने लगे। मेरे चर्चे काफी थे आसपास !
बहुत ही मुश्किल से मुझे रिश्ता मिला और मेरी शादी हो गई, रोते यारों को छोड़ ससुराल चली गई।
जिससे शादी हुई, मुझसे से काफ़ी बड़ा था उम्र में, पर उसका लौड़ा नहीं बड़ा था। पहले तो मुझे काफी डर था कि मेरी फ़ुद्दी मार कर वो जान जाएगा कि मैं चुदक्कड़ हूँ, चुदवा चुकी हूँ। लेकिन हुआ उल्ट, वो चुदाई में फिसड्डी था अगर मेरी फ़ुद्दी सील बंद होती तो उससे मेरी सील ही मुश्किल से टूटती।
हमारा घर दोमंजिला था, हमें ऊपर का पोर्शन मिला था, नीचे सासू माँ, ससुर जी और ननद थी। सास सौरा घर में रहते थे, ऊपर से पतिदेव मुझे रोज़ प्यासी छोड़ते थे, उनसे चुदाई होती ना थी। मेरी आग अलग से जला देते, मुझे जलती छोड़ खुद खर्राटे भरने लगते। रिवाज़ के चलते शादी के बाद कुछ दिन बाद मायके आ गई, सहेली से मिलने के बहाने में मनोज के घर चली गई।
मुझे लाल चूड़े में देख वो पागल हो गया, बोला- वाह आज तो एक भाभी की फ़ुद्दी मारनी है, मजा आएगा।
किसी की चीज़ को अपने साथ लिटा वो खुश था। पाँचों दिन मैं मनोज से चुदवाने गई, फिर ससुराल आकर बांध दी गई। हमारे घर के साथ वाले घर जिसकी छत से छत मिलती थी, के मालिकों ने ऊपर का पोर्शन किराए पर दे दिया था, दोनों लड़के हॉस्टल छोड़ कर बाहर किराए पर रहने आये थे, दोनों हैण्डसम थे, स्मार्ट थे।
मैं उन पर लाइन मारती, उनको मालूम नहीं चला कि मैं किस पर मारती हूँ, मुझे तो चुदना था जो मर्जी जो मर्जी समझे।
मैं रात को अपने कमरे की बत्तियाँ जला कर कपड़े बदलती थी, वो भी रोज़ मुझे नंगी देख मुठ मारते थे बत्ती जला कर।
एक रात पति शहर से बाहर थे, मैं खाना-वाना खा कमरे में आई, सासू माँ ने कहा- अगर चाहे तो पूनम को साथ सुला ले।
पर उसने पढ़ाई करनी थी, उसका काम अपने पी.सी पर था।
मैंने कहा- नहीं, सो जाऊँगी।
ससुर जी की तबियत ढीली थी इसलिए सासु माँ को उनका ख्याल रखना था।
मैंने कमरे का दरवाज़ा बन्द किया, परदे हटा दिए, आज बैड पर खड़ी हुई, पहले कमीज़ उतार फेंकी, फिर सलवार खोल दी, उंगली होंठों से चूसी, निकाल उनको उंगली से इशारा मारा, दोनों आज पागल हुए जा रहे थे।
पैंटी-ब्रा में, वो भी लाल रंग की, बाँहों में लाल चूड़ा, एक जवान औरत कॉलेज बॉयज़ को अपनी तरफ खेंच रही थी, फ़ुद्दी को रगड़ती हुई ! मैंने उनको आने का इशारा दे मारा।
मैंने नाईटी पहनी, पानी लेने के बहाने नीचे गई। सासू माँ, ससुर जी सो गए थे, वापस आती ने बीच का दरवाज़ा ही बंद कर दिया।
Tags = Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | मराठी जोक्स | ट्रैनिंग | kali | rani ki | kali | boor | सच | | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | छातियाँ | sexi kutiya | मस्त राम | chehre ki dekhbhal | khaniya hindi mein | चुटकले | चुटकले व्यस्कों के लिए | pajami kese banate hain | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bharat | india | japan |funny animal video , funny video clips , extreme video , funny video , youtube funy video , funy cats video , funny stuff , funny commercial , funny games ebaums , hot videos ,Yahoo! Video , Very funy video , Bollywood Video ,
Free Funny Videos Online , Most funy video ,funny beby,funny man,funy women
bhatt_ank, xossip, exbii, कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ हिंदी सेक्सी कहानिया चुदाई की कहानियाँ उत्तेजक कहानिया ,रेप कहानिया ,सेक्सी कहानिया , कलयुग की सेक्सी कहानियाँ , मराठी सेक्स स्टोरीज , चूत की कहानिया , सेक्स स्लेव्स , Tags = कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ stories , kaamuk kahaaniya , हिंदी सेक्सी कहानिया चुदाई की कहानियाँ उत्तेजक कहानिया Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | पेलने लगा | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | सेक्सी कहानी | कामुक कथा | सुपाड़ा |उत्तेजना | कामसुत्रा | मराठी जोक्स | सेक्सी कथा | गान्ड | ट्रैनिंग | हिन्दी सेक्स कहानियाँ | मराठी सेक्स | vasna ki kamuk kahaniyan | kamuk-kahaniyan.blogspot.com | सेक्स कथा | सेक्सी जोक्स | सेक्सी चुटकले | kali | rani ki | kali | boor | हिन्दी सेक्सी कहानी | पेलता | सेक्सी कहानियाँ | सच | सेक्स कहानी | हिन्दी सेक्स स्टोरी | bhikaran ki chudai | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | चूत की कहानियाँ | मराठी सेक्स कथा | बकरी की चुदाई | adult kahaniya | bhikaran ko choda | छातियाँ | sexi kutiya | आँटी की चुदाई | एक सेक्सी कहानी | चुदाई जोक्स | मस्त राम | चुदाई की कहानियाँ | chehre ki dekhbhal | chudai | pehli bar chut merane ke khaniya hindi mein | चुटकले चुदाई के | चुटकले व्यस्कों के लिए | pajami kese banate hain | चूत मारो | मराठी रसभरी कथा | कहानियाँ sex ki | ढीली पड़ गयी | सेक्सी चुची | सेक्सी स्टोरीज | सेक्सीकहानी | गंदी कहानी | मराठी सेक्सी कथा | सेक्सी शायरी | हिंदी sexi कहानिया | चुदाइ की कहानी | lagwana hai | payal ne apni choot | haweli | ritu ki cudai hindhi me | संभोग कहानियाँ | haveli ki gand | apni chuchiyon ka size batao | kamuk | vasna | raj sharma | sexi haveli ka sach | sexyhaveli ka such | vasana ki kaumuk | www. भिगा बदन सेक्स.com | अडल्ट | story | अनोखी कहानियाँ | कहानियाँ | chudai | कामरस कहानी | कामसुत्रा ki kahiniya | चुदाइ का तरीका | चुदाई मराठी | देशी लण्ड | निशा की बूब्स | पूजा की चुदाइ | हिंदी chudai कहानियाँ | हिंदी सेक्स स्टोरी | हिंदी सेक्स स्टोरी | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bhabhi ki chudai | chachi ki chudai | mami ki chudai | bahan ki chudai | bharat | india | japan |यौन, यौन-शोषण, यौनजीवन, यौन-शिक्षा, यौनाचार, यौनाकर्षण, यौनशिक्षा, यौनांग, यौनरोगों, यौनरोग, यौनिक, यौनोत्तेजना, aunty,stories,bhabhi,choot,chudai,nangi,stories,desi,aunty,bhabhi,erotic stories,chudai,chudai ki,hindi stories,urdu stories,bhabi,choot,desi stories,desi aunty,bhabhi ki,bhabhi chudai,desi story,story bhabhi,choot ki,chudai hindi,chudai kahani,chudai stories,bhabhi stories,chudai story,maa chudai,desi bhabhi,desi chudai,hindi bhabhi,aunty ki,aunty story,choot lund,chudai kahaniyan,aunty chudai,bahan chudai,behan chudai,bhabhi ko,hindi story chudai,sali chudai,urdu chudai,bhabhi ke,chudai ladki,chut chudai,desi kahani,beti chudai,bhabhi choda,bhai chudai,chachi chudai,desi choot,hindi kahani chudai,bhabhi ka,bhabi chudai,choot chudai,didi chudai,meri chudai,bhabhi choot,bhabhi kahani,biwi chudai,choot stories, desi chut,mast chudai,pehli chudai,bahen chudai,bhabhi boobs,bhabhi chut,bhabhi ke sath,desi ladki,hindi aunty,ma chudai,mummy chudai,nangi bhabhi,teacher chudai, bhabhi ne,bur chudai,choot kahani,desi bhabi,desi randi,lund chudai,lund stories, bhabhi bra,bhabhi doodh,choot story,chut stories,desi gaand,land choot,meri choot,nangi desi,randi chudai,bhabhi chudai stories,desi mast,hindi choot,mast stories,meri bhabhi,nangi chudai,suhagraat chudai,behan choot,kutte chudai,mast
bhabhi,nangi aunty,nangi choot,papa chudai,desi phudi,gaand chudai,sali stories, aunty choot,bhabhi gaand,bhabhi lund,chachi stories,chudai ka maza,mummy stories, aunty doodh,aunty gaand,bhabhi ke saath,choda stories,choot urdu,choti stories,desi aurat,desi doodh,desi maa,phudi stories,desi mami,doodh stories,garam bhabhi,garam chudai,nangi stories,pyasi bhabhi,randi bhabhi,bhai bhabhi,desi bhai,desi lun,gaand choot,garam aunty,aunty ke sath,bhabhi chod,desi larki,desi mummy,gaand stories,apni stories,bhabhi maa,choti bhabhi,desi chachi,desi choda,meri aunty,randi choot,aunty ke saath,desi biwi,desi sali,randi stories,chod stories,desi phuddi,pyasi aunty,desi chod,choti,randi,bahan,indiansexstories,kahani,mujhe,chachi,garam,desipapa,doodhwali,jawani,ladki,pehli,suhagraat,choda,nangi,behan,doodh,gaand,suhaag raat, aurat,chudi, phudi,larki,pyasi,bahen,saali,chodai,chodo,ke saath,nangi ladki,behen,desipapa stories,phuddi,desifantasy,teacher aunty,mami stories,mast aunty,choots,choti choot, garam choot,mari choot,pakistani choot,pyasi choot,mast choot,saali stories,choot ka maza,garam stories ,हिंदी कहानिया,ज़िप खोल,यौनोत्तेजना,मा बेटा,नगी,यौवन की प्या,एक फूल दो कलियां,घुसेड,ज़ोर ज़ोर,घुसाने की कोशिश,मौसी उसकी माँ,मस्ती कोठे की,पूनम कि रात,सहलाने लगे,लंबा और मोटा,भाई और बहन,अंकल की प्यास,अदला बदली काम,फाड़ देगा,कुवारी,देवर दीवाना,कमसीन,बहनों की अदला बदली,कोठे की मस्ती,raj sharma stories ,पेलने लगा ,चाचियाँ ,असली मजा ,तेल लगाया ,सहलाते हुए कहा ,पेन्टी ,तेरी बहन ,गन्दी कहानी,छोटी सी भूल,राज शर्मा ,चचेरी बहन ,आण्टी ,kamuk kahaniya ,सिसकने लगी ,कामासूत्र ,नहा रही थी ,घुसेड दिया ,garam stories.blogspot.com ,कामवाली ,लोवे स्टोरी याद आ रही है ,फूलने लगी ,रात की बाँहों ,बहू की कहानियों ,छोटी बहू ,बहनों की अदला ,चिकनी करवा दूँगा ,बाली उमर की प्यास ,काम वाली ,चूमा फिर,पेलता ,प्यास बुझाई ,झड़ गयी ,सहला रही थी ,mastani bhabhi,कसमसा रही थी ,सहलाने लग ,गन्दी गालियाँ ,कुंवारा बदन ,एक रात अचानक ,ममेरी बहन ,मराठी जोक्स ,ज़ोर लगाया ,मेरी प्यारी दीदी निशा ,पी गयी ,फाड़ दे ,मोटी थी ,मुठ मारने ,टाँगों के बीच ,कस के पकड़ ,भीगा बदन ,kamuk-kahaniyan.blogspot.com,लड़कियां आपस , blog ,हूक खोल ,कहानियाँ हिन्दी ,चूत ,जीजू ,kamuk kahaniyan ,स्कूल में मस्ती ,रसीले होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो ,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी ,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி ,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,भोसडा ,hindisexistori.blogspot.com ,मुठ मार ,sambhog ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी
भूखी किस्म की औरत -1
मेरा नाम नीनू है, मैं पंजाबन हूँ, मेरी उम्र इस वक़्त सताईस साल की है, मैं बहुत गर्म, प्यासी, चुदाई की भूखी किस्म की औरत हूँ, इसकी वजह है मेरी शादी लेट होना !
कहते हैं कि मैं मंगलीक हूँ इसलिए मेरी शादी देर से हुई।
मैं बहुत खूबसूरत हूँ, कितने ही लौड़ों से चुदने के बाद भी मेरी जवानी बहुत कसी हुई है, मैंने अभी बच्चा नहीं दिया, मेरे मम्मे मेरे जिस्म का ख़ास आकर्षण हैं, उनको दबाने की हर मर्द चाहत है।
मैं शादी से पहले भी काफी चुद चुकी थी ! क्या करती, जवानी संभाली नहीं जाती थी।
लड़के वैसे बहुत थे, शादी किसी से पक्की नहीं हो पाती थी, इसने ही मुझे बहुत प्यासी औरत बना दिया था। स्कूल तक मैं बिना चुदी निकल गई, कॉलेज जाते मेरे कदम डोल गए, ऊपर से मेरी ख़ूबसूरती लड़कों को पीछे लगा ले ! मैं दिन भर कमेंट सुनती फिर रात को नंगी होकर फ़ुद्दी रगड़ने लगती, अपने मम्मे दबाने लगती थी.
सोहन नाम का लड़का मेरे पीछे हाथ धोकर पड़ चुका था, मैं भी उसकी तरफ खिंचने लगी थी, उसने मुझे पर्पोज़ कर दिया, कुछ दिन वेट करवा मैंने उसको हाँ कह डाली।
फ्रेशर पार्टी वाली शाम सभी अपनी धुन में थे, कुछ देर उनके साथ नाच-गा लिया, अँधेरा होते सोहन ने मेरी कलाई पकड़ी और हम ग्राऊंड की तरफ चले गए। वहाँ किसी के आने का चांस नहीं था, वहीं वो चुम्मा-चाटी करने लगा, उसने मेरे रसीले होंठ चूमे, मेरे टॉप को उतार वो ब्रा के ऊपर से मेरे मम्मे दबाने लगा।
हाय ! इतना मजा आ रहा था कि मैं खुद उससे चिपकने लगी। उसने मेरी ब्रा को भी खोल दिया और सीधा निप्पल चूसने लगा। मुझे और मजा आया।
उसने मेरी जींस खोल दी, हाथ घुसा जांघों को सहलाने लगा।
हाय, जब उसका हाथ मेरी फ़ुद्दी पर लगता, मैं कस लेती अपनी जांघों को !
उसने अपना लौड़ा निकाला, थमा दिया मेरे हाथ में !
हय, शर्म से मेरे गाल लाल हो गए !
बोला- कैसा है?
मैंने कहा- पहली बार देखा ! पकड़ा है !
"सहला ना इसको ! यह देख ऐसे !"
उसने लौड़ा पकड़ मुठ मार कर भी दिखाई। मैं वैसे ही उसको सहलाने लगी, उसने खुल कर मेरी चड्डी में हाथ डाल कर मसला तो मैंने उसके लौड़े को जोर से दबा लिया।
वो खड़ा हो गया, उसका लौड़ा मेरे होंठों के सामने था, बोला- चूम ले इसको !
मैंने चूमा तो बोला- मुँह खोल !
जैसे ही मैंने अपने होंठ खोले, उसने लौड़ा घुसा दिया मेरे होंठों के बीच में, बोला- चूस ! चाट ! मजे कर ! करवा !
फिर उसने मुझे वहीं घास पर लिटाया और अपने लौड़े को मेरी फ़ुद्दी में उतारने की कोशिश करने लगा।
मैंने उसको वास्ता देकर मना किया लेकिन कहाँ ! उसने आखिर कामयाबी हासिल कर ली, लेकिन मेरी जान निकाल दी।
"हाय ! निकालो ! मार दिया ! छोड़ो !"
उसने जल्दी से मेरा मुँह दबाया और बाकी का लौड़ा भी घुसा दिया। जब मेरे चूतड़ उठने लगे उसने मेरा मुँह आज़ाद किया, बोला- देख अब तुझे मजा आएगा।
बीस मिनट उसने मुझे जम कर चोदा, मैं रोने लगी कि यह उसने क्या कर डाला।
बोला- मैं कभी मेरा साथ नहीं छोड़ने वाला !
उसके पापा का बिज़नेस था, उसने वही ज्वाइन करना था इसलिए मुझे लगा कि शायद जल्दी वो शादी करेगा।
उसने मेरी दूसरी चुदाई अपनी कार में की, फिर जब जगह मिलती हम चुदाई करने लगते।
मेरे शरीर में और बदलाव आने लगा, जिस्म और भरने लगा, कसा-कसा रहने लगा।
उसने नशे करने शुरु कर दिए, जिससे दिन पर दिन वो नशे में डूबता गया, अब उसका असर सेक्स पर पड़ने लगा, उसमें वो दम जाता रहा था, मेरा झुकाव भी उसमे कम होने लगा।
एक दिन उसने नशे की खातिर मुझे गिरवी रख दिया था, किसी गैर के सामने परोस दिया मुझे !
उसने मुझे मिलने की पेशकश की, मैंने मना किया, उसने कहा- मैं नशे छोड़ रहा हूँ।
उसने मुझे मिलने को बुलाया, वहाँ से वो मुझे एक आलीशान घर में ले गया, बोला- मेरे दोस्त का है।
मुझे लेकर वो कमरे में घुस गया और मुझे बिस्तर पर डाल प्यार करने लगा। उसका शरीर कांप रहा था, मैं भी उसके लौड़े को सहलाने लगी।
उसने मुझे नंगी कर दिया और खुद भी नंगा होकर मुझे चूमने लगा। उसके लौड़े में कसाव आ ही नहीं रहा था जिससे वो घुसा पाए।
मैं पागल होने लगी, बार बार वो मेरी फ़ुद्दी पर लौड़ा लगाता, कभी खिसक जाता, कभी ढीला हो जाता।
मैंने मुँह में भी लिया लेकिन शायद उसको नशे की ज़रूरत थी, अचानक उसका अंदर घुसने से पहले ही निकल गया।
मैंने साफ़ किया पर मैं बहुत खफा थी, बहुत
गर्म थी, प्यासी थी, बोली- सोहन, अब तुम में कुछ नहीं बचा ! मैं तेरी जिंदगी से जा रही हूँ।
"साली, चली जाना, लेकिन आज नहीं ! तुझे यहाँ लौड़ा मिलेगा, वो भी बहुत बड़ा और उसके बदले मुझे पैसे मिलेंगे, नशा मिलेगा !'
तभी एक काले से रंग का बंदा कमरे में घुसा।
मैंने जल्दी से अपने ऊपर चादर ली।
"यह घर इन भाई साब का है, इन्हें तू बहुत पसंद है।"
उसने उसको एक पैकेट दिया जिसे लेकर वो कमरे से निकल गया।
वो बन्दा बिस्तर की तरफ आने लगा, मैंने जल्दी से पैंटी पकड़ी, डाली, ब्रा की तरफ हाथ बढ़ाया ही था कि उसने रोक दिया- सनम, क्यूँ घबराती हो? उसने तुझे प्यासी छोड़ दिया, तू उसको छोड़ दे, मुझसे यारी लगा ! रानी बन जा मेरी !
उसने चादर खींच फेंकी- ओये ओये होए होए ! क्या लड़की है साली तू ! इस कुत्ते से क्या होगा?
मेरे साथ लेटते हुए उसने मेरा मम्मा पकड़ा दबाया फिर अपनी तरफ खींचा, मैं उठने लगी, उसने रोक लिया और पैंटी के ऊपर से मेरी फ़ुद्दी को रगड़ा- हाय !
"मत करो, देखो, मैं अभी बहुत छोटी हूँ !"
उसने अपनी शर्ट उतारी, चौड़ी छाती बालों से भरी थी, उसने पैंट उतारी उसका अंडरवीयर फूला पड़ा था, उसका लौड़ा बहुत बड़ा लग रहा था, उसने खींच कर मेरी पैंटी उतारी और फ़ुद्दी देख बावला होकर उसको चाटने लगा।
मैंने हथियार डाल दिए, सब भूल सिर्फ वासना को दिमाग में बिठा उससे चिपक गई।
"हाय !"
उसने अंडरवीयर भी उतार दिया।
"हाय, आपका बहुत बड़ा है, मेरी फट जायेगी !"
"साली, औरतें तरसती हैं ऐसे लौड़े लेने को !"
मैंने उसको सहलाते हुए मुँह में ले लिया और चूसने लगी। कुछ देर चुसवाने के बाद वो मेरी टाँगों के बीच में आया, फ़ुद्दी में घुसा दिया। "मर गई राजा ! बहुत दर्द हो रहा है, फ़ट जायेगी !"
उसने और अंदर किया, फिर रुक कर और अंदर कर पूरा घुसा दिया। मैं हिम्मत करके सह गई, उसको नहीं रोका।
जल्दी वो भी आराम से रगड़ने लगा और मुझे मजा आने लगा।
आधे घंटे बाद जब वो रुका तो मैं संतुष्ट थी, मैंने उसके होंठ चूम लिए।
"पसंद आया तुझे?"
"बहुत !"
उसने मुझे दस हज़ार रूपये दिए, मैं उसकी दीवानी हो गई, मौका मिलते ही उसके घर चली जाती।
मुझे मालूम चला कि वो शादीशुदा है, मैं पूरी उम्र उसके साथ बीताना चाहती थी, उसके लौड़े ने मुझे बाकी लड़कों की तरफ से ध्यान हटवा दिया।
उसने और अंदर किया, फिर रुक कर और अंदर कर पूरा घुसा दिया। मैं हिम्मत करके सह गई, उसको नहीं रोका।
जल्दी वो भी आराम से रगड़ने लगा और मुझे मजा आने लगा।
आधे घंटे बाद जब वो रुका तो मैं संतुष्ट थी, मैंने उसके होंठ चूम लिए।
"पसंद आया तुझे?"
"बहुत !"
उसने मुझे दस हज़ार रूपये दिए, मैं उसकी दीवानी हो गई, मौका मिलते ही उसके घर चली जाती।
मुझे मालूम चला कि वो शादीशुदा है, मैं पूरी उम्र उसके साथ बीताना चाहती थी, उसके लौड़े ने मुझे बाकी लड़कों की तरफ से ध्यान हटवा दिया। उसके लौड़े ने मुझे बाकी लड़कों की तरफ से ध्यान हटवा दिया।
मुझे एक दिन चक्कर आये, भगवान का शुकर था कि मैं उस वक़्त अपनी सहेली के घर थी, उसकी बहन स्टाफ नर्स थी, मुझे उसने चैक किया तो मैं पेट से पाई गई।
यह सुन मेरे पाँव के नीचे से ज़मीन निकल गई लेकिन उसने कहा- टेंशन मत ले, अभी शुरुआत है।
मनोज का हब्शी जैसा लौड़ा पहले ही मेरी फ़ुद्दी की धज्जियाँ उड़ा चुका था, मैं उसके पास गई, बताया और पूछा- हम शादी कब करने वाले हैं?
वो बोला- अभी नहीं कर सकता।
मैं उस पर बरसी- अभी नहीं का क्या मतलब है? मेरे पेट में तेरा बच्चा पलने लगा है।
"साली, यह है किसका? मेरा या सोहन का या फिर और किसी का? साली रंडी है तू ! मेरा बसा बसाया घर मत उजाड़ !"
उसने तीस हजार फेंकें, बोला- पेट की सफाई करवा ले और अगर रंडी बन कर मेरे विशाल लौड़े से चुदना चाहती है तो आती रहना। शादी-वादी मैं नहीं करूँगा तेरे साथ !
मुझे मालूम था कि कुछ कुछ ऐसा ही होगा।
खैर कुछ दिन मैंने उसको त्याग दिया लेकिन जिस लड़के के साथ मैंने और अफेयर चलाया, वो चुदाई के मामले में बच्चा निकला तो मैं खुद को मनोज के पास जाने से नहीं रोक पाई और जम कर फ़ुद्दी मरवाई, तब जाकर फ़ुद्दी शांत हुई।
ऐसे कई लड़कों से मेरे चक्कर चलने लगे। मेरे चर्चे काफी थे आसपास !
बहुत ही मुश्किल से मुझे रिश्ता मिला और मेरी शादी हो गई, रोते यारों को छोड़ ससुराल चली गई।
जिससे शादी हुई, मुझसे से काफ़ी बड़ा था उम्र में, पर उसका लौड़ा नहीं बड़ा था। पहले तो मुझे काफी डर था कि मेरी फ़ुद्दी मार कर वो जान जाएगा कि मैं चुदक्कड़ हूँ, चुदवा चुकी हूँ। लेकिन हुआ उल्ट, वो चुदाई में फिसड्डी था अगर मेरी फ़ुद्दी सील बंद होती तो उससे मेरी सील ही मुश्किल से टूटती।
हमारा घर दोमंजिला था, हमें ऊपर का पोर्शन मिला था, नीचे सासू माँ, ससुर जी और ननद थी। सास सौरा घर में रहते थे, ऊपर से पतिदेव मुझे रोज़ प्यासी छोड़ते थे, उनसे चुदाई होती ना थी। मेरी आग अलग से जला देते, मुझे जलती छोड़ खुद खर्राटे भरने लगते। रिवाज़ के चलते शादी के बाद कुछ दिन बाद मायके आ गई, सहेली से मिलने के बहाने में मनोज के घर चली गई।
मुझे लाल चूड़े में देख वो पागल हो गया, बोला- वाह आज तो एक भाभी की फ़ुद्दी मारनी है, मजा आएगा।
किसी की चीज़ को अपने साथ लिटा वो खुश था। पाँचों दिन मैं मनोज से चुदवाने गई, फिर ससुराल आकर बांध दी गई। हमारे घर के साथ वाले घर जिसकी छत से छत मिलती थी, के मालिकों ने ऊपर का पोर्शन किराए पर दे दिया था, दोनों लड़के हॉस्टल छोड़ कर बाहर किराए पर रहने आये थे, दोनों हैण्डसम थे, स्मार्ट थे।
मैं उन पर लाइन मारती, उनको मालूम नहीं चला कि मैं किस पर मारती हूँ, मुझे तो चुदना था जो मर्जी जो मर्जी समझे।
मैं रात को अपने कमरे की बत्तियाँ जला कर कपड़े बदलती थी, वो भी रोज़ मुझे नंगी देख मुठ मारते थे बत्ती जला कर।
एक रात पति शहर से बाहर थे, मैं खाना-वाना खा कमरे में आई, सासू माँ ने कहा- अगर चाहे तो पूनम को साथ सुला ले।
पर उसने पढ़ाई करनी थी, उसका काम अपने पी.सी पर था।
मैंने कहा- नहीं, सो जाऊँगी।
ससुर जी की तबियत ढीली थी इसलिए सासु माँ को उनका ख्याल रखना था।
मैंने कमरे का दरवाज़ा बन्द किया, परदे हटा दिए, आज बैड पर खड़ी हुई, पहले कमीज़ उतार फेंकी, फिर सलवार खोल दी, उंगली होंठों से चूसी, निकाल उनको उंगली से इशारा मारा, दोनों आज पागल हुए जा रहे थे।
पैंटी-ब्रा में, वो भी लाल रंग की, बाँहों में लाल चूड़ा, एक जवान औरत कॉलेज बॉयज़ को अपनी तरफ खेंच रही थी, फ़ुद्दी को रगड़ती हुई ! मैंने उनको आने का इशारा दे मारा।
मैंने नाईटी पहनी, पानी लेने के बहाने नीचे गई। सासू माँ, ससुर जी सो गए थे, वापस आती ने बीच का दरवाज़ा ही बंद कर दिया।
हजारों कहानियाँ हैं फन मज़ा मस्ती पर !


No comments:
Post a Comment