FUN-MAZA-MASTI
बदनाम रिश्ते--
मेरी मम्मी शालिनी
यह कहानी मेरी मम्मी शालिनी सिंह के बारे में है। उनक़ी उम़ 39 साल है, गुलाबी बेदाग चेहरा और सेक्सी बदन है जो किसी भी देखने वाले को एक़दम अपनी तरफ आकर्षित करता है। वह स्लीवलेस ब्लाउज और नाभि क़े काफी नीचे तक बांधकर साड़ियाँ पहनती है । मम्मी हमेशा कामुकता पूर्वक हमारी सोसायटी में रह रहे युवकों से बात करने को आतुर रहती थीं । यह वो समय था जब पापा हमारे घर निर्माण कार्य की देखरेख के लिए गये पुणे हुए थे और हम मुंबई में थे । मम्मी ने मुझे विश्वास में लेकर कहा कि वह पापा के साथ औपचारिक संभोग से ऊबक़र पापा की अनुपस्थिति में आज उनका जन्मदिन पड़ोसी समीर अंकल के साथ चुदवाकर क़र मनाना चाहती हूँ । मैंने उस के बाद मम्मी के रहन सहन में बहुत अनुभव किया। जब पापा पुणे में होते थे तब मम्मी स्लीवलेस ब्लाउज पहनकर हमारे घर के बाहर बैठकर चावल, गेहूं आदि की सफाई की कुछ इस तरह करती कि उनका पल्लू जानबूझकर नीचे गिराया हुआ प्रतीत होता और उनके उरोज वक्ष-स्थल की दरार मे से स्पष्ट रूप से दूसरों को दिखाई देते थे । कभी कभी तो वह सामने से कमर तक खुली दरार वाला स्लीवलेस गाउन पहनकर अपनी चिकनी सुडौल जांघों क़ो प्रदर्शित कर घंटों तक़ बैठी रहती थीं । हमारे पड़ोसी समीर चाचा उनसे अक्सर बात करते थे । अगर मम्मी यह भांप लेती कि समीर चाचा उन्हें चुपके चुपके घूर रहे हैं तो वह अपने पैरों क़ो इस प्रकार फैलाक़र बैठ जाती है कि उनक़ी मादक जांघों के बीच स्थित पारदर्शी जांघिया से उनकी बुर साफ दिखाई देती थी । एक दिन मैंने समीर चाचा को मम्मी के लिए करीब आकर कुछ बर्फ के क्यूबस उठाकर उनके वक्ष-स्थल के मध्य स्तन फांकों में डालते हुए देखा । मम्मी ने मात्र मुस्कुरा कर समीर चाचा के इस कृत्य को मौन स्वीकृति दे दी । मैंनें समीर चाचा को शालिनी से यह भी कहते सुना कि तूम बहुत सुंदर हो और वह उन्हें अपनी पत्नी बनाकर संभोग करने की इच्छा रखते है । मम्मी ने कहा है कि वो भी उनसे चुदवाने को आतुर हैं परंतु विवाहित होने की वजह से प्रत्यक्ष रूप में यह सम्भव हो पाएगा अथवा नहीं यह कहना मुश्किल है । खैर छोडो हम दोनो अक्षय के पापा की अनुपस्थिति में तन मन से पति पत्नी की तरह रहने की कोशिश करेंगे । तदुपरान्त मम्मी ने पापा की अनुपस्थिति में ऐसे वस्त्र धारण करने शुरू कर दिए जिसमें वो अधिक से अधिक अर्धनग्न दिखें । एक दिन सुबह से जब मैंने मम्मी को अति उत्तेजित देखा तो लगा कि आज उनके समीर चाचा से चुदाई के अरमान पूरे होने वाले हैं । सुबह मम्मी ने नहाते वक्त मुझे बुलाया और मुझसे अपनी कांख के बाल शेव करने को कहा । मैंने इलेक्ट्रिक शेवर से बहुत तन्मयता से उनके कांख के बाल साफ कर दिये । तदुपरान्त मम्मी ने बड़ी विनम्रता से मुझसे उनकी बुर के बाल भी साफ करने का आग्रह किया । मैंने शुरू में हिचकिचाहट दर्शाते हुए हामी भर दी । मम्मी ने जांघिया उतार कर अपने गुदद्वार और योनी की ऊपरी सतह पर शेविंग फोम लगाकर मुझे संपूर्ण यौनक्रिया अंगतंत्रिका को बालों से विहीन करने का निर्देश दिया । मैंने मम्मी की बुर की एकाग्रता से और सलीके से शेविंग करते समय अपने लंड का खड़ा होना छुपाना चाहा लेकिन मम्मी की पैनी आंखों से नजरों से यह छुप नहीं पाया । शेविंग के दौरान वह मुझे मादा जननांग प्रणाली क़ी संरचना की विस्तार से जानकारी देती रही। मम्मी ने मुझे उसके चूत फांकों के बीच मौजूद भगनासा, जो एक मटर के दाने के आकार की थी के बारे मे बताया कि यह अंग प्रत्येक महिला में कामोत्तेजना का एक अज्ञात का मंदिर होता है । जब मर्द इसको जीभ से रगड़ता है तो इसका इसका आकार 2.5 सेंटीमीटर तक हो जाता है । इसकी वृद्धि के लिए मैंने कई सालों तक अभ्यास किया है । मम्मी ने मुझे बताया कि इस अंग महिला के ठीक नीचे पेशाब का छेद होता है जो मूत्रमार्ग कहलाता है । मम्मी ने मेरे सामने मूतकर मूत्र छिद्र से मुझे अवगत कराया । मम्मी ने अपनी चूत के अंदरूनी होंठों को फैलाकर उनके योनीद्वार के दर्शन कराए और बताया है कि इस द्वार में पुरुषों द्वारा ख़ड़ा लंड़ डालकर औरतों को चोदा जाता है । मुझे बताया गया कि कि जब आदमी का खड़ा लंड़ महिला की चूत के अंदर बाहर होता है तब भगनासा लंड़ के निचले हिस्से से घर्षण खाती है और चुद रही औरत को चरमोत्कर्ष प्राप्त होता है और महिला की चूत से रस का प्रवाह होता है । चूँकि मम्मी बहुत सतर्क थी, इसलिये मेरे ख़डे लंड़ को देखकर समझ गयी कि मैं बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हूँ और फ़लस्वरूप वो अपने हाथों से मेरा लंड़ पकडकर हस्तमैथुन करने लगी और थोडी देर में ही मेरा वीर्यस्खलन हो गया । उन्होंने कहा कि "चूंकि तुम मेरे पुत्र हो इसलिये अपने जीवन के इस समय तुम्हें अपनी मम्मी से इससे अधिक की अपेक्षा नही करनी चाहिये। “जो भी एक यौनशिक्षक को सिखाना चाहिए वो सब मैंने तुम्हें सिखा दिया है” “मम्मी मैं व्यवहारिक तौर पर अपना लंड आपकी चूत में घुसेड़ कर औरत चोदने का तजुर्बा प्राप्त करना चाहता हूँ” मम्मी ने कहा "इस प्रकार के रिश्तों को आम तौर पर हमारे समाज मे स्वीकार्य नहीं किया जाता है और वैसे भी तुममें अभी मेरे जैसी कामुक औरत चोदकर मेरी कामोत्तेजना तृप्त करने की शमता नहीं है” बार-बार मम्मी स॓ “व्यावहारिक ज्ञान की प्राप्ति” का अनुरोध करने पर वह बोलीं “पहल॓ म॓री संपूर्ण यौनक्रिया अंगतंत्रिका को चाट-चाट कर मुझे उत्तेजित करो ताकि मैं तुम्हारे पुरुषत्व की कसौटी से अछी तरह संतुष्ट हो जांऊ कि “तूम ना सिर्फ एक चोदन॓ वाल॓ व्यक्ति हो बल्कि औरतौं को वाकई पूर्ण प्यार का रस देने वाले और औरतौं के रस को मुँह में लेने वाले श्रेष्ठ पुरुष हो” मैं सिर्फ उसे पवित्र छेद में मेरा खड़ा हुआ लिंग डालने के लिए जोर देकर आग्रह कर रहा था, लेकिन मम्मी ने हँसकर इस तरह की आधी अधूरी चुदाई से साफ इनकार कर दिया और कहा कि "यह असंभव है क्योंकि यह एक पुत्र का लंड है जो कि फिलहाल इस चुत में नहीं घुसाया जा सकता है" लेकिन बार बार गिड़गिड़ाने पर मम्मी ने चुत चाटने की इजाज़त दे दी । मम्मी एक कुर्सी पर अपने पैरों क़ो इस प्रकार फैलाक़र बैठ गयी कि उनक़ी मादक जांघों के बीच स्थित उनकी चूत की फांके साफ नजर आ रही थीं । उन्होंने कुर्सी के हत्थों पर उनकी जांघों को इस तरह से रखा कि उनकी बुर की फांके चौडी हो गईं और भगनासा पूरी तरह से स्पष्ट दिखने लगी । मैंने कुर्सी के आगे घुटने टेककर मेरी पीठ के ऊपरी हिस्से के चारों ओर उनके पैरों को रखा। मैंने तन्मयता से अपनी जीभ से मम्मी क़ी चूत को चाटना शुरू किया और मम्मी ने सिसकारियां भरनी चालू कर दीं । जीभ को पहले चूत के अंदरूनी होंठों के बीच स्थित छिद्र में डालकर कुत्ते की तरह अंदर बाहर करने पर मम्मी क़ी सिसकारियां तेज हो गईं और चूत के छिद्र से द्रव का रिसाव शुरू होने लगा। अब मैंने मम्मी की भगनासा को मेरी जीभ से घषिॅत करना शुरू किया । “आह” “ऊह” “आऊच” जैसी सिसकारियां कमरा गूंजने लगा । मैंने अगले आधे घंटे तक भगनासा को अपने होठों से चूसना जारी रखा और बीच-बीच मे जीभ के टिप से घषिॅत भी कर रहा था । मम्मी ने उनकी टांगों को मेरी गर्दन मे फंदे की तरह डालकर मेरी पीठ के पीछे पेरों की आंटी डालकर अपनी गांड को जोर जोर से आगे पीछे करना शुरू कर दिया । परिणामस्वरूप ऐसी परिस्थितियों उत्त्पन्न हुंई कि मुझे अपनी जीभ को मम्मी की बुर मे डालकर जिव्हा चोदन करने का मौका मिल गया और साथ साथ मेरी नासिका से भगनासा का घर्षण शुरू हो गया। थोड़ी देर में ही मम्मी की बुर से द्रव स्खलित होकर रिसने लगा । मैंने समस्त योनी द्रव को निगल लिया और मम्मी की गांड को चाटना शुरू कर दिया । मम्मी की सिसकारियां चीख में तब्दील हो गईं और तभी मैंने अपनी जिव्हा के टिप को उनके गुदद्वार के अंदर डालकर चूसा तो उत्तेजना की वजह से मम्मी के मूत की धारा निकल गई । मैने झट से अपना मुँह मूत्र छिद्र से अड़ाकर सम्पुर्ण मूञधारा को निगल गया। मम्मी ने प्यार से मुझे कहा " आज तुमने अपनी गुरुमाता को सर्वोत्तम गुरु दक्षिणा से नवाज़ दिया है। स्नान उपरांत मम्मी ने पीले रंग का ब्लाउज, काले रंग की ब्रा, पीले रंग का पेटीकोट और एक काले रंग की जांघिया पहनकर अपने जन्मदिन की तैयारी शुरू कर दी है। मम्मी बहुत कामोत्तेजित थी जैसे कि रातों रात समीर चाचा से चुदकर मेरा भाई पैदा करना चाह रही हो। समीर चाचा बालकनी में इंतज़ार कर रहे थे और मम्मी से इशारा पाते ही उन्हें आने की हरी झंडी दे दी और रात्री 10.30 बजे के आसपास उन्हें घर आने को कहा। समीर चाचा ने कहा “तुम्हारे बेटे को जल्दी सुला दो क्योंकि कल सुबह उसे स्कूल जाना है” मम्मी ने समीर चाचा से कहा है कि जिस शयन कक्ष मे तुम मुझे चोदोगे उसका दरवाजा और खिड़कियाँ खुल्ली रखने और ट्यूब लाइट जलाकर पूर्ण रोशनी मे चुदने का वादा मैं अक्षय से कर चुकी हूँ क्योंकि वह देखना चाहता है कि "एक व्यसक नर मादा को कैसे चोदता है” मैं पहले संकोच मे थी परन्तु यह सोचकर कि यौनशिक्षा प्रदान करना अभिभावकों का कर्तव्य है मैंने उसकी इस इच्छा पर हामी भर दी और उससे पिताजी या किसी और से कुछ भी जिक्र नहीं करने का वादा करवा लिया है । निश्चित समय पर समीर चाचा एक लूंगी पहनकर मम्मी की चुदाई करने मेरे माता पिता के शयन कक्ष में दाखिल हो गये । मैंनें देखा कि समीर चाचा ने मम्मी को अपनी बाहों में उठाकर गले लगाया और मम्मी के होठों पर एक चुंबन जड़ दिया । फिर दोनों एक दूसरे के होंठ चूसने लगे जैसे कि वो कई सालों के लिए इस पल का इंतज़ार कर रहे हों। समीर चाचा ने मम्मी की गर्दन और कंधों पर को चूमना शुरू कर दिया। मम्मी ने समीर से कहा, “मैं तुमसे प्यार करती हूँ और बेसब्री से तूम से चुदवाने का वर्षों से इंतज़ार कर रही हूँ” चाचा ने मम्मी का पल्लू हटा दिया है । मम्मी अब मात्र उसके ब्लाउज और पेटीकोट में थी । समीर ने उनके स्तन और उसकी नाभि पर चूमाचाटि शुरू कर दी । फिर उन्होंने मम्मी के ब्लाउज को खोलना शुरू कर दिया । मम्मी ने सामने खुलने वाला ब्लाउज पहन हुआ था। समीर ने उनके ब्लाउज को खोलकर अलग कर दिया गया था और मम्मी के उरोज ब्रासियर मे नहीं समा पा रहे थे और समीर ने बीच बीच में मम्मी की चूचियों को चूसना शुरू कर दिया । मम्मी भी उनके होठों के स्पर्श के हर भरपूर आनंद ले रही थी । समीर चाचा ने धीरे धीरे मम्मी के पेटीकोट को निकाल दिया । मम्मी के लिए यह एक शर्मिन्दगी नहीं वरन् गर्व का पल था और वो इससे अधिक कार्रवाई की इछुक प्रतीत हो थी। समीर चाचा ने एक हाथ से मम्मी की ब्रासियर का हुक खोलकर अलग कर दिया और दूसरे हाथ से चूचियों को दबाना शुरू कर दिया। मम्मी और समीर चाचा ने एक दूसरे के होठों को सटाकर बेतहाशा चुंबन चालू कर दिया । समीर चाचा ने धीरे धीरे पीछे से मम्मी की एक चूची को अंगूठे उंगलियों के बीच लेकर मलना शुरू किया और दूसरी चूची को मुँह में लेकर चूसने लगे तो मम्मी ने सिसकारियां भरनी शुरू कर दीं। मम्मी से उत्तेजना के कारण खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था है और लेकिन समीर चाचा ने मजबूत हाथों से उन्हें पकड़ा हुआ था। वह एक बच्चे की तरह उसके स्तनों को चूसने लगे। मम्मी ने समीर चाचा से रुकने को कहा । समीर चाचा ने लूंगी खोलकर उनके आठ इंच लंबे लौड़े को निकाल लिया। मम्मी ने झुक कर चाचा के लौड़े की अग्रिम चमड़ी को पीछे सरकाकर सुपाड़ा चूसने लगी। मम्मी पल पल अतिउत्तेजित होती जा रही थी और अब वो समीर चाचा के लौड़े की लगभग पूरी लम्बाई को अपने हलक मे उतार चुकी थी और थोड़ी देर मे ही चाचा का मम्मी के कंठ मे वीर्यस्खलन हो गया । मम्मी चाचा के वीर्य को निगलकर ऐसा मेहसूस कर रही थी जैसे कि उसे चरणामृत पीने को मिल गया हो। अब समीर चाचा ने मम्मी की जांघिया को उतारकर उन्हें पूरी तरह नंगा करके कमर के बल लेटा दिया और अपनी जीभ से मम्मी के पाँव के अंगूठे को चूसना आरम्भ किया । धीरे धीरे चाचा की जिव्हा मम्मी की टखनों पिंडलियों को चाटती हुई जांघों अंदर के हिस्से की त्वचा तक पहुँच गई । समीर चाचा ने जब मम्मी की जांघों के भीतरी हिस्से को जिव्हा से चाटा तो उनकी आह निकल गयी और वो अपनी गांड को जोर-जोर से उछाल कर चिल्लाने लगीं “चोदो मुझे ज़ोर-ज़ोर से, अब और न मुझे तड़पाओ” “मेरी बुर मे अपने लौड़े को घुसाकर इतनी जोर से चोदो मुझे कि मेरे बदन के दो टूकड़े हो जायें” समीर चाचा ने बड़े सयंम से अपनी इन्द्रियों को वश मे रखते हुये मम्मी की चूत मे अपने लौड़े को घुसाने की बजह उनकी भगनासा को चूसना चालू कर दिया। मम्मी की भगनासा थोडी देर चुसने के बाद ही एक पाँच वर्ष के शिशु के लंड के आकार की हो गई । तदुपरान्त समीर चाचा ने मम्मी को 69 सेक्स की अवस्था मे लेकर भगनासा को चुसना शुरू किया और मम्मी ने चाचा के अंडकोषों को चाटना चुमना शुरू किया। दोनों ने जब एक दूसरे जननेन्द्रियियों का भरपूर स्वाद चख लिया तो समीर चाचा ने उनके लंड को मम्मी की चूत के छेद पर रख़कर जोर से धक्का दिआ । परिणामस्वरूप समीर चाचा के लौड़े का समस्त वीर्य मम्मी की चूत मे समा गया। मैंने मम्मी की अपने चाचा द्वारा प्रथम चुदाई के सभी शयन दृश्यों को चपचाप कैमरे मे कैद कर लिया। समीर चाचा और मम्मी के अनैतिक संबध निरंतर प्रत्येक शनिवार को बंद कमरे में आगामी एक साल जारी रहे। शुरू में ही मैंनें मम्मी की चुदाई के कुछ क्लिप्स तो 3 घंटे तक की लंबी अवधि के तैयार कर लिये थे । ये अश्लील वीडियो मेरे द्वारा लगभग दैनिक देखे जाते थे । शुरू में तो मैं इन्हें देखकर काफी उत्तेजित होकर हस्तमेथुन करता था परंतु धीरे धीरे मुझे समीर चाचा और मेरी मम्मी से ईर्ष्या महसूस होने लगी। मेरी मम्मी की मजबूरी पिताजी के साथ यौन क्रीडा मे संतुष्ट नहीं हो पाना एक वास्तविक समस्या थी, लेकिन मेरी उलझन यह थी कि मै यह निश्चित नहीं कर पा रहा था कि "क्या जो व्यभिचार मम्मी मेरी द्वारा मेरी मौन सहमति से समीर के साथ से कर रही है वो नैतिक है अथवा नहींॽ” मैने मेरी पढ़ाई पर ध्यान देना केंद्रित करना शुरू कर दिया और नियमित प्रतिरोज व्यायम शुरू कर दिया । मैं समीर चाचा जैसा गठीला हष्टपुष्ट शरीर विकसित करना चाहता था। मैं अगले छह महीनों में समीर चाचा की तुलना मे मेरी पेट की सिक्स पैक एब्स और हाथ पैरों की मांसपेशियों अधिक मजबूत और सुडौल बन गईं। मेरे लिंग का आकार भी अब बढकर दस इंच लंबा और तीन इंच व्यास का हो गया। मैंने वाषिॅक परीक्षा सभी विषयों में पार्थक्य के साथ उत्तीर्ण की । मेरी इस कामयाबी से मम्मी मेरे साथ बहुत खुश हुई और मुझे रात के खाने के लिये ले जाने का फैसला किया । हम बाऊरिंग क्लब के सदस्य थे और हमने वहां खाने व रात्रि विश्राम के लिए जाने की योजना बनाई है। बाऊरिंग क्लब हमारे घर से तीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक पाँच सितारा होटल की सुविधाओं वाला क्लब है। इस क्लब के अपारटमेंटस मे अगले शनिवार की दो दिनों के लिये मैंने पापा के नाम से बुकिंग करा ली। शनिवार की सुबह मैंने देखा है कि मम्मी ने स्नान करने के बाद उनके आइब्रोस को अच्छी तरह से प्लक कर रखे थे और वो बहुत ही सुंदर लग रही थीं। बाथरूम से बाहर निकलते वक्त मैंने उनके हाथ में एक रेजर देखा। शायद वह उनकी बगलों और चूत के बालों को मुंडककर आ रहीं थीं। उन्होंने मुझसे कहा "आज रात तुम्हारी मम्मी अपनी पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने और अच्छा परिणाम प्राप्त करने पर तुमको एक अविस्मरणीय और यादगार पार्टी देने वाली है" यह सुनकर मेरे अंदर की कामाग्नि भभक उठी और मैंने सोचा कि शायद आज रात तक मम्मी को चोदने के मेरे अरमान पूरे हो सकेंगे । शाम को जब मेंने मम्मी को ड्रेसिंग रूम से निकलते देखा तो मेरी आंखे फटी की फटी रह गईं । मम्मी ने एक काफी लो वी-कट गुलाबी पारदर्शी स्लीवलेस ब्लाउज और एक गुलाबी साड़ी नाभि क़े काफी नीचे तक बांधी हई पहन रखी थी। वह एक नवविवाहित बेहद सेक्सी और खूबसूरत दुल्हन लग रही थी। मै और मम्मी जब बाऊरिंग क्लब पहुंचे तो सुरक्षा गार्ड ने एक नवविवाहित जोडी की तरह हमारा स्वागत किया। मैंने जब सुपर डीलक्स अपार्टमेंट मे हमारी बुकिंग के बारे में पूछा, तो वह रजिस्टर की जाँच करके बोला “आपका स्वागत है श्री आदित्य सिंह और श्रीमती शालिनी सिंह’ हमने एक दूसरे के चेहरे को देखा और मैं शरारतपूर्ण तरीके से मुस्कुराया। वो हमारे सामान सुपर डीलक्स अपार्टमेंट ले गए और सामान रखने के बाद सुरक्षा गार्ड ने हमें बताया कि इस अपार्टमेंट मे ज्यादातर नवविवाहित जोड़ों आकर ठहरते हैं और हमसे पूछा कि "क्या आपका हाल में विवाह हूआ है?” मम्मी ने बनावटी क्रोध दिखाते हुये उत्तर दिया "आज रात ही होना है लेकिन आपको हमारे व्यक्तिगत मामलों में इतनी दिलचस्पी क्यों है?” सुरक्षा गार्ड ने माफी मांगी और चला गया। अगले एक घंटे तक मैं और मम्मी बाऊरिंग क्लब के बागानों में एक दूसरे की कमर मे हाथ डालकर घूमते रहे। इस दौरान मेरे हाथ की उंगलियों ने बार बार उनकी चूचियों को छुआ है लेकिन जाहिर तौर पर मम्मी ने इसे नजरअंदाज कर दिया। घुमते वक्त मैं उनके गालों और हाथो को बार बार चूमता रहा। मेरे हाथ की उंगलियों उनकी नाभि तक पहुँच गई और मैंने तर्जनी उंगली से उनके नाभि बटन मे गुदगुदी की। मैंने अपार्टमेंट मे आकर मम्मी की गर्दन के चारों ओर हाथ डालकर उनको आलिंगन मे लिया तो उन्होंने भी उनकी उंगलियों को मेरे निपलस पर सहलाया । हमने अपार्टमेंट मे ही खाने का प्रोग्राम तय किया । मैंने मिनीबार मे पडी शराब की बोतल का ढक्कन खोल कर एक 60 मिली लीटर का पैग तैय्यार करके पीना शुरू कर दिया और स्नैक्स का ऑर्डर दिया। मैंने मम्मी से भी पूछा कि “क्या आप भी मेरा साथ दोगी?” मम्मी के हामी भरने पर मैंने एक 60 मिली लीटर का पैग तैय्यार करके ग्लास मम्मी के हाथ में थमा दिया। मैंने मम्मी पहले कभी भी शराब पीते हुये नहीं देखा था लेकिन शराब को देखते ही मम्मी की आंखों मे चमक देखकर मेरी खुशी का ठिकाना नही रहा। शराब का एक पैग खत्म कर मैंने स्लीवलेस टी शर्ट और बिना जांघिया पहने सिर्फ लूंगी कमर पर बांधकर बैठना उचित समझा ताकि मेरा मर्दाना पुष्ट शरीर मम्मी को आकर्षित कर सके । उन्होंने कहा कि "बेटे तुम्हारा बदन अब एक जवान पुष्ट आदमी के आकार का हो चुका है" मैंने उनके और समीर चाचा के अनैतिक संबधों के बारे में पूछा कि "जब पापा को आपकी बेवफाई के बारे में पता चलेगा तो क्या होगा? लेकिन मम्मी ने बिना नाराजगी प्रकट किये मुस्कराते हुए उत्तर दिया “मैं इस विश्वासघात के लिए पूर्णतया दोषी नहीं हुं क्योंकि तुम्हारे पिता तीन महीने में शायद ही कभी एक बार मुझे चोदते होगें और फिर भी वह चंद मिनटों मे चरमोत्कर्ष पर पहुँच कर वीर्यस्खलित हो जाते हैं" उनको यह सब कौन बताने जा रहा है तुम, मै या तुम्हारे समीर चाचा?" मुझे "गर्म और शुष्क" छोड़ने के लिये तुम्हारे पापा ही जिम्मेदार हैं। "देखो, मैं एक अत्यंत चुदक्कड़ महिला हुं जिसे करने के लिए हर दिन सेक्स चाहिये है और अगर मैं मेरे प्यारे बेटे की सहमति से सप्ताह में एक बार एक ही आदमी के साथ चुद रही हुं तो किसी को क्या हर्ज होगा और ऐसे में गलत ही क्या है?” मेरी लूंगी पर अब एक टेन्टनुमा ऊभार दिखने लगा था। मैंने एक शरारती मुस्कान के साथ कहा कि चुदक्कड़ महिला होने का यह तो मतलब नहीं है कि आप किसी भी मर्द के साथ यौन संबंध स्थापित कर लें। ऐसी परिस्थितियों में बनिस्बत कि हमारे पड़ोसी समीर चाचा से चुदवाने के, आप अपनी काम-पिपासा तृप्त करने के लिये हस्तमैथुन या डिल्डो का इस्तमाल अथवा महिला समलैंगिकता का विकल्प चुन सकती थीं । मम्मी ने कहा “यह सभी तरीके अप्राकृतिक हैं” मैंने कहा, "ऐसी परिस्थितियों में, मैं भी आप और समीर चाचा को कामसूत्र ग्रंथ मे वर्णित सभी संभव आसनों मे देखकर पागलों की तरह रोज हस्तमैथुन करता रहता हुं जो कि एक अप्राकृतिक कृत्य है" मैं सिर्फ आपके कुकर्मों के कारण अपने वीर्य को बर्बाद कर रहा हूँ । मैंने खुलकर मेरी मम्मी से कहा कि “आज रात मम्मी मैं आपको चोद कर ही छोडूंगा। वह मुस्कुराई और बोलीं, "जो कुछ भी तुम कह लो लेकिन मैं ब्लैकमेल नहीं होने वाली। यहां तक कि अगर मैं माँ बेटे के रिश्ते को नक्कार भी दूं तो भी मुझे नहीं लगता कि अभी तुम एक संपुर्ण पुरुष हो जो एक औरत की इच्छाओं को पूरा कर सकता हैं” यह कहकर मम्मी कपड़े बदलने बाथरुम चली गईं और जब वो वापस निकलीं तो उन्होंने एक पारदर्शी नाईट गाऊन पहना हुआ था। इस बीच में मैंनें डीवीडी प्लेयर शुरू कर दिया है और कैसेट डालकर डिल्डो और वाइबरेटर का प्रयोग करती औरतों की मूवी कर चालू दी। कुछ देर बाद ही मैंने समीर चाचा और मम्मी के सेक्स कृत्यों के रेकॉर्ड किये वीडियो चला दिया। जब मम्मी वापस आई तो वह डीवीडी देखकर चौंक गई। मैंने मेरे हाथ में अपने विशाल खतना किये हुये लिंग का गुलाबी सुपाडा लेकर हस्तमैथुन की तैयारी में जुट गया। अचानक अब मम्मी की आँखों में एक हैरानी वाली चमक मुझे नज़र आई और वह भोंचक्की सी होकर बोलीं "हे भगवान, मैं नहीं जानती थी कि मेरा बेटा है अब एक बच्चा नहीं रहकर एक पुरुष बन चुका है" मम्मी मेरे पास आई और मेरी टीशर्ट उतार दी । वह मेरे सीने चाटने लगी और उनकी जीभ से मेरे निपल्स को चूसने लगी । मैने अपने सिक्स पैक एब्स को ऐंठाया तो मेरे लंड का सुपाडा मम्मी की नाभी बटन पर रगड खाने लगा। । मम्मी ने आगे बढ़ते हुये मेरे सामने नीचे घुटने टेककर बैठ गई और मेरे लौड़ै को मुठ्ठी मे लेकर माथा कुछ इसी तरह झुकाया जैसे कि शिवलिंग की पूजा कर रही हों। मैंने कहा, "मम्मी इस सुंदर उपकरण को मेरे द्वारा आपकी चूत में बेंधने के लिये विकसित किया गया था परन्तु गत एक वर्ष से तो आपके शरीर पर समीर चाचा ने कब्जा कर रखा है” शायद, इस लौड़ै की नियति मे अब केवल मेरी मुट्ठी से ही रगड़ना लिखा है। मम्मी ने अब उनके पारदर्शी नाईट गाऊन और ब्रैसियर को आहिस्ता आहिस्ता निकाल दिया और उनकी चूंचियों को मेरे सुपाड़े पर मलना शुरू कर दिया और फिर मेरे सुपाड़े को मुँह मे डालकर उसे चूसना और धीरे धीरे अपने गले में लंड के शाफ्ट को उतारना शुरू कर दिया। एक गहरा झटका देकर मैंने अपने लोड़ै को मम्मी के मुँह से निकाल लिया। अब उनका मुँह मेरी अंटियों की ओर बढते हुये धीरे-धीरे एक एक करके उन्हें चूसने लगीं। मम्मी की कामोत्तेजना आगे से आगे उन्नत हो रही थी । मम्मी ने मेरे गुदाद्वार पर जिव्हा रखकर अदंर-बाहर करना शुरू किया और थोड़ी देर पश्चात उनकी तीन इंच लम्बी चूचियों को एक-एक करके अदंर-बाहर कर चूचियों से मेरी गांड मारनी शुरु कर दी । थोड़ी देर मे ही मेरा वीर्यस्खलन हो गया मेरे वीर्य की धार सीधी मम्मी के नाभी बटन पर जा गिरी। अब मैंने मम्मी की जंघिया उतारकर उन्हें पूर्ण नग्न अवस्था मे ला दिया । मैं बियर उडेल-उडेल कर बाथरूम में स्नान टब भरा और मम्मी को इसमें उतरने को कहा। मैंने उनसे आग्रह किया कि वो मेरे सामने नाइट क्लब की एक नगीं नर्तकी की तरह नग्न नृत्य करके बियर से भरे स्नान टब मे प्रवेश करें । मैंने मम्मी के स्नान टब उतरने के बाद स्वयं भी नग्न होकर टब मे उतर कर कमर के बल लेट गया। मम्मी मेरी छाती और कटि प्रदेश के मध्य ऎसे बैंठ गईं कि उनकी चूत की फांकें पूरी इस तरह से खुल गईं कि भगनासा और मूत्र छिद्र स्पष्ट दिखाई देने लगे थे। मैंने अपने हाथों से मम्मी के नितम्बों पर हाथ रखकर उन्हें इस प्रकार आगे सरकाया कि उनकी बुर मेरे मुँह के संपर्क मे आ गई और मैंने भगनासा को चूसना चालू कर दिया। थोड़ी देर मे ही मम्मी भगनासा तीन इंच लम्बे लंड़ जैसी हो गई और मैंने इसे चूस-चूस कर मम्मी को इतने चरमोत्कर्ष पर पहुंचा दिया कि ना सिर्फ उनकी बुर ने पानी छोड़ा बल्कि उनके मूत्र छिद्र से पेशाब की धार फूट पड़ी और ऐसी सेक्स मुद्रा में मेरे पास इस धार और बुर के पानी को निगलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। मुझे इस द्रव में अमृत जैसी मिठास का अनुभव होने पर बडा अचरच हुआ। मम्मी में इतनी उत्तेजना समा चुकी थी कि वो चिल्ला उठी “मादरचोद, अब तो हाथी जैसे लौड़े को मेरी बुर मे डालकर मुझे चोदना शुरु कर” मैं मम्मी को अपनी गोदी मे उठाकर बेड तक ले गया और उनकी गांड़ के नीचे एक तकिया लगाया। फिर मैंनें अपने सुपाड़े को मम्मी के योनी द्वार पर रखकर जोर से धक्का दिया तो मेरा संपुर्ण लौड़ा उनकी बुर की गहराई में समा गया और अब मैनें अगले एक घंटे तक धीरे धीरे अन्दर बाहर धक्के देने जारी रखे। मम्मी की “आह” “ऊह” “आऊच” जैसी सिसकारियां निरंतर जारी थीं और इसी बीच मैंने मम्मी की गदराई हुई टांगों को मेरी कंधो पर रखकर गर्दन के पीछे पिरो दिया तो मेरा लौड़ा मम्मी की बुर की अधिकतम गहराई तक उतर गया और उनकी ग्रीवा से मेरे सुपाड़े का घर्षण होना मुझे मेहसूस हुआ। मैंने मम्मी की चूचियों को बारी-बारी से चूसना शुरू कर दिया। मम्मी की सिसकारियां अब चिल्लाहट में तब्दील हो गईं “चोदो मुझे” “जोर-जोर से चोदो मुझे” “मेरी बुर को फाड़कर मेरे दो टूकड़े कर दो” “और जोर से चोद मुझे, गंडमरे-मादरचोद” मैंने अब जोर-जोर के झटकों से मेरा लौड़ा मम्मी की बुर के अन्दर बाहर करना पंद्रह मिनट तक जारी रखा तो मम्मी अपने सर्वोत्तम चरमोत्कर्ष पर पहुँच गई। हम दोनों दो घंटे के लिए सो गये और फिर जागकर हमारे चुदाई का सत्र अगली सुबह 7 बज़े तक जारी रहा। सुबह 8 बज़े हम दोनों ने बाथ टब में साथ स्नान किया और 10 बज़े हमने नाश्ता लिया। मम्मी ने अब समीर चाचा को चुदाई के लिये आमंत्रित करना बंद कर दिया है। हमारा संभोग प्रति माह कम से कम पच्चीस बार के लिए बेरोकटोक जारी है। हम एक खंड में 45 से 60 मिनट अवधि की चुदाई करते हैं और 36 दिन से पहले ही योनआसन कभी नहीं दोहराते। हमारे यौन जीवन ज्यादातर सीधे है, परन्तु कभी कभी मम्मी मुझसे गांड़ भी मरवाती है। यही नहीं कभी कभी मम्मी उनकी चूचियों और भगनासा से मेरी भी गांड़ मार देती है। मेरे पिताजी का लंबी अवधि में अपने व्यवसाय के लिए बाहर जाना, ना तो अब मम्मी को खलता है और ना ही मुझे।
Tags = Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | मराठी जोक्स | ट्रैनिंग | kali | rani ki | kali | boor | सच | | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | छातियाँ | sexi kutiya | मस्त राम | chehre ki dekhbhal | khaniya hindi mein | चुटकले | चुटकले व्यस्कों के लिए | pajami kese banate hain | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bharat | india | japan |funny animal video , funny video clips , extreme video , funny video , youtube funy video , funy cats video , funny stuff , funny commercial , funny games ebaums , hot videos ,Yahoo! Video , Very funy video , Bollywood Video ,
Free Funny Videos Online , Most funy video ,funny beby,funny man,funy women
bhatt_ank, xossip, exbii, कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ हिंदी सेक्सी कहानिया चुदाई की कहानियाँ उत्तेजक कहानिया ,रेप कहानिया ,सेक्सी कहानिया , कलयुग की सेक्सी कहानियाँ , मराठी सेक्स स्टोरीज , चूत की कहानिया , सेक्स स्लेव्स , Tags = कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ stories , kaamuk kahaaniya , हिंदी सेक्सी कहानिया चुदाई की कहानियाँ उत्तेजक कहानिया Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | पेलने लगा | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | सेक्सी कहानी | कामुक कथा | सुपाड़ा |उत्तेजना | कामसुत्रा | मराठी जोक्स | सेक्सी कथा | गान्ड | ट्रैनिंग | हिन्दी सेक्स कहानियाँ | मराठी सेक्स | vasna ki kamuk kahaniyan | kamuk-kahaniyan.blogspot.com | सेक्स कथा | सेक्सी जोक्स | सेक्सी चुटकले | kali | rani ki | kali | boor | हिन्दी सेक्सी कहानी | पेलता | सेक्सी कहानियाँ | सच | सेक्स कहानी | हिन्दी सेक्स स्टोरी | bhikaran ki chudai | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | चूत की कहानियाँ | मराठी सेक्स कथा | बकरी की चुदाई | adult kahaniya | bhikaran ko choda | छातियाँ | sexi kutiya | आँटी की चुदाई | एक सेक्सी कहानी | चुदाई जोक्स | मस्त राम | चुदाई की कहानियाँ | chehre ki dekhbhal | chudai | pehli bar chut merane ke khaniya hindi mein | चुटकले चुदाई के | चुटकले व्यस्कों के लिए | pajami kese banate hain | चूत मारो | मराठी रसभरी कथा | कहानियाँ sex ki | ढीली पड़ गयी | सेक्सी चुची | सेक्सी स्टोरीज | सेक्सीकहानी | गंदी कहानी | मराठी सेक्सी कथा | सेक्सी शायरी | हिंदी sexi कहानिया | चुदाइ की कहानी | lagwana hai | payal ne apni choot | haweli | ritu ki cudai hindhi me | संभोग कहानियाँ | haveli ki gand | apni chuchiyon ka size batao | kamuk | vasna | raj sharma | sexi haveli ka sach | sexyhaveli ka such | vasana ki kaumuk | www. भिगा बदन सेक्स.com | अडल्ट | story | अनोखी कहानियाँ | कहानियाँ | chudai | कामरस कहानी | कामसुत्रा ki kahiniya | चुदाइ का तरीका | चुदाई मराठी | देशी लण्ड | निशा की बूब्स | पूजा की चुदाइ | हिंदी chudai कहानियाँ | हिंदी सेक्स स्टोरी | हिंदी सेक्स स्टोरी | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bhabhi ki chudai | chachi ki chudai | mami ki chudai | bahan ki chudai | bharat | india | japan |यौन, यौन-शोषण, यौनजीवन, यौन-शिक्षा, यौनाचार, यौनाकर्षण, यौनशिक्षा, यौनांग, यौनरोगों, यौनरोग, यौनिक, यौनोत्तेजना, aunty,stories,bhabhi,choot,chudai,nangi,stories,desi,aunty,bhabhi,erotic stories,chudai,chudai ki,hindi stories,urdu stories,bhabi,choot,desi stories,desi aunty,bhabhi ki,bhabhi chudai,desi story,story bhabhi,choot ki,chudai hindi,chudai kahani,chudai stories,bhabhi stories,chudai story,maa chudai,desi bhabhi,desi chudai,hindi bhabhi,aunty ki,aunty story,choot lund,chudai kahaniyan,aunty chudai,bahan chudai,behan chudai,bhabhi ko,hindi story chudai,sali chudai,urdu chudai,bhabhi ke,chudai ladki,chut chudai,desi kahani,beti chudai,bhabhi choda,bhai chudai,chachi chudai,desi choot,hindi kahani chudai,bhabhi ka,bhabi chudai,choot chudai,didi chudai,meri chudai,bhabhi choot,bhabhi kahani,biwi chudai,choot stories, desi chut,mast chudai,pehli chudai,bahen chudai,bhabhi boobs,bhabhi chut,bhabhi ke sath,desi ladki,hindi aunty,ma chudai,mummy chudai,nangi bhabhi,teacher chudai, bhabhi ne,bur chudai,choot kahani,desi bhabi,desi randi,lund chudai,lund stories, bhabhi bra,bhabhi doodh,choot story,chut stories,desi gaand,land choot,meri choot,nangi desi,randi chudai,bhabhi chudai stories,desi mast,hindi choot,mast stories,meri bhabhi,nangi chudai,suhagraat chudai,behan choot,kutte chudai,mast
bhabhi,nangi aunty,nangi choot,papa chudai,desi phudi,gaand chudai,sali stories, aunty choot,bhabhi gaand,bhabhi lund,chachi stories,chudai ka maza,mummy stories, aunty doodh,aunty gaand,bhabhi ke saath,choda stories,choot urdu,choti stories,desi aurat,desi doodh,desi maa,phudi stories,desi mami,doodh stories,garam bhabhi,garam chudai,nangi stories,pyasi bhabhi,randi bhabhi,bhai bhabhi,desi bhai,desi lun,gaand choot,garam aunty,aunty ke sath,bhabhi chod,desi larki,desi mummy,gaand stories,apni stories,bhabhi maa,choti bhabhi,desi chachi,desi choda,meri aunty,randi choot,aunty ke saath,desi biwi,desi sali,randi stories,chod stories,desi phuddi,pyasi aunty,desi chod,choti,randi,bahan,indiansexstories,kahani,mujhe,chachi,garam,desipapa,doodhwali,jawani,ladki,pehli,suhagraat,choda,nangi,behan,doodh,gaand,suhaag raat, aurat,chudi, phudi,larki,pyasi,bahen,saali,chodai,chodo,ke saath,nangi ladki,behen,desipapa stories,phuddi,desifantasy,teacher aunty,mami stories,mast aunty,choots,choti choot, garam choot,mari choot,pakistani choot,pyasi choot,mast choot,saali stories,choot ka maza,garam stories ,हिंदी कहानिया,ज़िप खोल,यौनोत्तेजना,मा बेटा,नगी,यौवन की प्या,एक फूल दो कलियां,घुसेड,ज़ोर ज़ोर,घुसाने की कोशिश,मौसी उसकी माँ,मस्ती कोठे की,पूनम कि रात,सहलाने लगे,लंबा और मोटा,भाई और बहन,अंकल की प्यास,अदला बदली काम,फाड़ देगा,कुवारी,देवर दीवाना,कमसीन,बहनों की अदला बदली,कोठे की मस्ती,raj sharma stories ,पेलने लगा ,चाचियाँ ,असली मजा ,तेल लगाया ,सहलाते हुए कहा ,पेन्टी ,तेरी बहन ,गन्दी कहानी,छोटी सी भूल,राज शर्मा ,चचेरी बहन ,आण्टी ,kamuk kahaniya ,सिसकने लगी ,कामासूत्र ,नहा रही थी ,घुसेड दिया ,garam stories.blogspot.com ,कामवाली ,लोवे स्टोरी याद आ रही है ,फूलने लगी ,रात की बाँहों ,बहू की कहानियों ,छोटी बहू ,बहनों की अदला ,चिकनी करवा दूँगा ,बाली उमर की प्यास ,काम वाली ,चूमा फिर,पेलता ,प्यास बुझाई ,झड़ गयी ,सहला रही थी ,mastani bhabhi,कसमसा रही थी ,सहलाने लग ,गन्दी गालियाँ ,कुंवारा बदन ,एक रात अचानक ,ममेरी बहन ,मराठी जोक्स ,ज़ोर लगाया ,मेरी प्यारी दीदी निशा ,पी गयी ,फाड़ दे ,मोटी थी ,मुठ मारने ,टाँगों के बीच ,कस के पकड़ ,भीगा बदन ,kamuk-kahaniyan.blogspot.com,लड़कियां आपस , blog ,हूक खोल ,कहानियाँ हिन्दी ,चूत ,जीजू ,kamuk kahaniyan ,स्कूल में मस्ती ,रसीले होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो ,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी ,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி ,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,भोसडा ,hindisexistori.blogspot.com ,मुठ मार ,sambhog ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी
बदनाम रिश्ते--
मेरी मम्मी शालिनी
यह कहानी मेरी मम्मी शालिनी सिंह के बारे में है। उनक़ी उम़ 39 साल है, गुलाबी बेदाग चेहरा और सेक्सी बदन है जो किसी भी देखने वाले को एक़दम अपनी तरफ आकर्षित करता है। वह स्लीवलेस ब्लाउज और नाभि क़े काफी नीचे तक बांधकर साड़ियाँ पहनती है । मम्मी हमेशा कामुकता पूर्वक हमारी सोसायटी में रह रहे युवकों से बात करने को आतुर रहती थीं । यह वो समय था जब पापा हमारे घर निर्माण कार्य की देखरेख के लिए गये पुणे हुए थे और हम मुंबई में थे । मम्मी ने मुझे विश्वास में लेकर कहा कि वह पापा के साथ औपचारिक संभोग से ऊबक़र पापा की अनुपस्थिति में आज उनका जन्मदिन पड़ोसी समीर अंकल के साथ चुदवाकर क़र मनाना चाहती हूँ । मैंने उस के बाद मम्मी के रहन सहन में बहुत अनुभव किया। जब पापा पुणे में होते थे तब मम्मी स्लीवलेस ब्लाउज पहनकर हमारे घर के बाहर बैठकर चावल, गेहूं आदि की सफाई की कुछ इस तरह करती कि उनका पल्लू जानबूझकर नीचे गिराया हुआ प्रतीत होता और उनके उरोज वक्ष-स्थल की दरार मे से स्पष्ट रूप से दूसरों को दिखाई देते थे । कभी कभी तो वह सामने से कमर तक खुली दरार वाला स्लीवलेस गाउन पहनकर अपनी चिकनी सुडौल जांघों क़ो प्रदर्शित कर घंटों तक़ बैठी रहती थीं । हमारे पड़ोसी समीर चाचा उनसे अक्सर बात करते थे । अगर मम्मी यह भांप लेती कि समीर चाचा उन्हें चुपके चुपके घूर रहे हैं तो वह अपने पैरों क़ो इस प्रकार फैलाक़र बैठ जाती है कि उनक़ी मादक जांघों के बीच स्थित पारदर्शी जांघिया से उनकी बुर साफ दिखाई देती थी । एक दिन मैंने समीर चाचा को मम्मी के लिए करीब आकर कुछ बर्फ के क्यूबस उठाकर उनके वक्ष-स्थल के मध्य स्तन फांकों में डालते हुए देखा । मम्मी ने मात्र मुस्कुरा कर समीर चाचा के इस कृत्य को मौन स्वीकृति दे दी । मैंनें समीर चाचा को शालिनी से यह भी कहते सुना कि तूम बहुत सुंदर हो और वह उन्हें अपनी पत्नी बनाकर संभोग करने की इच्छा रखते है । मम्मी ने कहा है कि वो भी उनसे चुदवाने को आतुर हैं परंतु विवाहित होने की वजह से प्रत्यक्ष रूप में यह सम्भव हो पाएगा अथवा नहीं यह कहना मुश्किल है । खैर छोडो हम दोनो अक्षय के पापा की अनुपस्थिति में तन मन से पति पत्नी की तरह रहने की कोशिश करेंगे । तदुपरान्त मम्मी ने पापा की अनुपस्थिति में ऐसे वस्त्र धारण करने शुरू कर दिए जिसमें वो अधिक से अधिक अर्धनग्न दिखें । एक दिन सुबह से जब मैंने मम्मी को अति उत्तेजित देखा तो लगा कि आज उनके समीर चाचा से चुदाई के अरमान पूरे होने वाले हैं । सुबह मम्मी ने नहाते वक्त मुझे बुलाया और मुझसे अपनी कांख के बाल शेव करने को कहा । मैंने इलेक्ट्रिक शेवर से बहुत तन्मयता से उनके कांख के बाल साफ कर दिये । तदुपरान्त मम्मी ने बड़ी विनम्रता से मुझसे उनकी बुर के बाल भी साफ करने का आग्रह किया । मैंने शुरू में हिचकिचाहट दर्शाते हुए हामी भर दी । मम्मी ने जांघिया उतार कर अपने गुदद्वार और योनी की ऊपरी सतह पर शेविंग फोम लगाकर मुझे संपूर्ण यौनक्रिया अंगतंत्रिका को बालों से विहीन करने का निर्देश दिया । मैंने मम्मी की बुर की एकाग्रता से और सलीके से शेविंग करते समय अपने लंड का खड़ा होना छुपाना चाहा लेकिन मम्मी की पैनी आंखों से नजरों से यह छुप नहीं पाया । शेविंग के दौरान वह मुझे मादा जननांग प्रणाली क़ी संरचना की विस्तार से जानकारी देती रही। मम्मी ने मुझे उसके चूत फांकों के बीच मौजूद भगनासा, जो एक मटर के दाने के आकार की थी के बारे मे बताया कि यह अंग प्रत्येक महिला में कामोत्तेजना का एक अज्ञात का मंदिर होता है । जब मर्द इसको जीभ से रगड़ता है तो इसका इसका आकार 2.5 सेंटीमीटर तक हो जाता है । इसकी वृद्धि के लिए मैंने कई सालों तक अभ्यास किया है । मम्मी ने मुझे बताया कि इस अंग महिला के ठीक नीचे पेशाब का छेद होता है जो मूत्रमार्ग कहलाता है । मम्मी ने मेरे सामने मूतकर मूत्र छिद्र से मुझे अवगत कराया । मम्मी ने अपनी चूत के अंदरूनी होंठों को फैलाकर उनके योनीद्वार के दर्शन कराए और बताया है कि इस द्वार में पुरुषों द्वारा ख़ड़ा लंड़ डालकर औरतों को चोदा जाता है । मुझे बताया गया कि कि जब आदमी का खड़ा लंड़ महिला की चूत के अंदर बाहर होता है तब भगनासा लंड़ के निचले हिस्से से घर्षण खाती है और चुद रही औरत को चरमोत्कर्ष प्राप्त होता है और महिला की चूत से रस का प्रवाह होता है । चूँकि मम्मी बहुत सतर्क थी, इसलिये मेरे ख़डे लंड़ को देखकर समझ गयी कि मैं बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हूँ और फ़लस्वरूप वो अपने हाथों से मेरा लंड़ पकडकर हस्तमैथुन करने लगी और थोडी देर में ही मेरा वीर्यस्खलन हो गया । उन्होंने कहा कि "चूंकि तुम मेरे पुत्र हो इसलिये अपने जीवन के इस समय तुम्हें अपनी मम्मी से इससे अधिक की अपेक्षा नही करनी चाहिये। “जो भी एक यौनशिक्षक को सिखाना चाहिए वो सब मैंने तुम्हें सिखा दिया है” “मम्मी मैं व्यवहारिक तौर पर अपना लंड आपकी चूत में घुसेड़ कर औरत चोदने का तजुर्बा प्राप्त करना चाहता हूँ” मम्मी ने कहा "इस प्रकार के रिश्तों को आम तौर पर हमारे समाज मे स्वीकार्य नहीं किया जाता है और वैसे भी तुममें अभी मेरे जैसी कामुक औरत चोदकर मेरी कामोत्तेजना तृप्त करने की शमता नहीं है” बार-बार मम्मी स॓ “व्यावहारिक ज्ञान की प्राप्ति” का अनुरोध करने पर वह बोलीं “पहल॓ म॓री संपूर्ण यौनक्रिया अंगतंत्रिका को चाट-चाट कर मुझे उत्तेजित करो ताकि मैं तुम्हारे पुरुषत्व की कसौटी से अछी तरह संतुष्ट हो जांऊ कि “तूम ना सिर्फ एक चोदन॓ वाल॓ व्यक्ति हो बल्कि औरतौं को वाकई पूर्ण प्यार का रस देने वाले और औरतौं के रस को मुँह में लेने वाले श्रेष्ठ पुरुष हो” मैं सिर्फ उसे पवित्र छेद में मेरा खड़ा हुआ लिंग डालने के लिए जोर देकर आग्रह कर रहा था, लेकिन मम्मी ने हँसकर इस तरह की आधी अधूरी चुदाई से साफ इनकार कर दिया और कहा कि "यह असंभव है क्योंकि यह एक पुत्र का लंड है जो कि फिलहाल इस चुत में नहीं घुसाया जा सकता है" लेकिन बार बार गिड़गिड़ाने पर मम्मी ने चुत चाटने की इजाज़त दे दी । मम्मी एक कुर्सी पर अपने पैरों क़ो इस प्रकार फैलाक़र बैठ गयी कि उनक़ी मादक जांघों के बीच स्थित उनकी चूत की फांके साफ नजर आ रही थीं । उन्होंने कुर्सी के हत्थों पर उनकी जांघों को इस तरह से रखा कि उनकी बुर की फांके चौडी हो गईं और भगनासा पूरी तरह से स्पष्ट दिखने लगी । मैंने कुर्सी के आगे घुटने टेककर मेरी पीठ के ऊपरी हिस्से के चारों ओर उनके पैरों को रखा। मैंने तन्मयता से अपनी जीभ से मम्मी क़ी चूत को चाटना शुरू किया और मम्मी ने सिसकारियां भरनी चालू कर दीं । जीभ को पहले चूत के अंदरूनी होंठों के बीच स्थित छिद्र में डालकर कुत्ते की तरह अंदर बाहर करने पर मम्मी क़ी सिसकारियां तेज हो गईं और चूत के छिद्र से द्रव का रिसाव शुरू होने लगा। अब मैंने मम्मी की भगनासा को मेरी जीभ से घषिॅत करना शुरू किया । “आह” “ऊह” “आऊच” जैसी सिसकारियां कमरा गूंजने लगा । मैंने अगले आधे घंटे तक भगनासा को अपने होठों से चूसना जारी रखा और बीच-बीच मे जीभ के टिप से घषिॅत भी कर रहा था । मम्मी ने उनकी टांगों को मेरी गर्दन मे फंदे की तरह डालकर मेरी पीठ के पीछे पेरों की आंटी डालकर अपनी गांड को जोर जोर से आगे पीछे करना शुरू कर दिया । परिणामस्वरूप ऐसी परिस्थितियों उत्त्पन्न हुंई कि मुझे अपनी जीभ को मम्मी की बुर मे डालकर जिव्हा चोदन करने का मौका मिल गया और साथ साथ मेरी नासिका से भगनासा का घर्षण शुरू हो गया। थोड़ी देर में ही मम्मी की बुर से द्रव स्खलित होकर रिसने लगा । मैंने समस्त योनी द्रव को निगल लिया और मम्मी की गांड को चाटना शुरू कर दिया । मम्मी की सिसकारियां चीख में तब्दील हो गईं और तभी मैंने अपनी जिव्हा के टिप को उनके गुदद्वार के अंदर डालकर चूसा तो उत्तेजना की वजह से मम्मी के मूत की धारा निकल गई । मैने झट से अपना मुँह मूत्र छिद्र से अड़ाकर सम्पुर्ण मूञधारा को निगल गया। मम्मी ने प्यार से मुझे कहा " आज तुमने अपनी गुरुमाता को सर्वोत्तम गुरु दक्षिणा से नवाज़ दिया है। स्नान उपरांत मम्मी ने पीले रंग का ब्लाउज, काले रंग की ब्रा, पीले रंग का पेटीकोट और एक काले रंग की जांघिया पहनकर अपने जन्मदिन की तैयारी शुरू कर दी है। मम्मी बहुत कामोत्तेजित थी जैसे कि रातों रात समीर चाचा से चुदकर मेरा भाई पैदा करना चाह रही हो। समीर चाचा बालकनी में इंतज़ार कर रहे थे और मम्मी से इशारा पाते ही उन्हें आने की हरी झंडी दे दी और रात्री 10.30 बजे के आसपास उन्हें घर आने को कहा। समीर चाचा ने कहा “तुम्हारे बेटे को जल्दी सुला दो क्योंकि कल सुबह उसे स्कूल जाना है” मम्मी ने समीर चाचा से कहा है कि जिस शयन कक्ष मे तुम मुझे चोदोगे उसका दरवाजा और खिड़कियाँ खुल्ली रखने और ट्यूब लाइट जलाकर पूर्ण रोशनी मे चुदने का वादा मैं अक्षय से कर चुकी हूँ क्योंकि वह देखना चाहता है कि "एक व्यसक नर मादा को कैसे चोदता है” मैं पहले संकोच मे थी परन्तु यह सोचकर कि यौनशिक्षा प्रदान करना अभिभावकों का कर्तव्य है मैंने उसकी इस इच्छा पर हामी भर दी और उससे पिताजी या किसी और से कुछ भी जिक्र नहीं करने का वादा करवा लिया है । निश्चित समय पर समीर चाचा एक लूंगी पहनकर मम्मी की चुदाई करने मेरे माता पिता के शयन कक्ष में दाखिल हो गये । मैंनें देखा कि समीर चाचा ने मम्मी को अपनी बाहों में उठाकर गले लगाया और मम्मी के होठों पर एक चुंबन जड़ दिया । फिर दोनों एक दूसरे के होंठ चूसने लगे जैसे कि वो कई सालों के लिए इस पल का इंतज़ार कर रहे हों। समीर चाचा ने मम्मी की गर्दन और कंधों पर को चूमना शुरू कर दिया। मम्मी ने समीर से कहा, “मैं तुमसे प्यार करती हूँ और बेसब्री से तूम से चुदवाने का वर्षों से इंतज़ार कर रही हूँ” चाचा ने मम्मी का पल्लू हटा दिया है । मम्मी अब मात्र उसके ब्लाउज और पेटीकोट में थी । समीर ने उनके स्तन और उसकी नाभि पर चूमाचाटि शुरू कर दी । फिर उन्होंने मम्मी के ब्लाउज को खोलना शुरू कर दिया । मम्मी ने सामने खुलने वाला ब्लाउज पहन हुआ था। समीर ने उनके ब्लाउज को खोलकर अलग कर दिया गया था और मम्मी के उरोज ब्रासियर मे नहीं समा पा रहे थे और समीर ने बीच बीच में मम्मी की चूचियों को चूसना शुरू कर दिया । मम्मी भी उनके होठों के स्पर्श के हर भरपूर आनंद ले रही थी । समीर चाचा ने धीरे धीरे मम्मी के पेटीकोट को निकाल दिया । मम्मी के लिए यह एक शर्मिन्दगी नहीं वरन् गर्व का पल था और वो इससे अधिक कार्रवाई की इछुक प्रतीत हो थी। समीर चाचा ने एक हाथ से मम्मी की ब्रासियर का हुक खोलकर अलग कर दिया और दूसरे हाथ से चूचियों को दबाना शुरू कर दिया। मम्मी और समीर चाचा ने एक दूसरे के होठों को सटाकर बेतहाशा चुंबन चालू कर दिया । समीर चाचा ने धीरे धीरे पीछे से मम्मी की एक चूची को अंगूठे उंगलियों के बीच लेकर मलना शुरू किया और दूसरी चूची को मुँह में लेकर चूसने लगे तो मम्मी ने सिसकारियां भरनी शुरू कर दीं। मम्मी से उत्तेजना के कारण खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था है और लेकिन समीर चाचा ने मजबूत हाथों से उन्हें पकड़ा हुआ था। वह एक बच्चे की तरह उसके स्तनों को चूसने लगे। मम्मी ने समीर चाचा से रुकने को कहा । समीर चाचा ने लूंगी खोलकर उनके आठ इंच लंबे लौड़े को निकाल लिया। मम्मी ने झुक कर चाचा के लौड़े की अग्रिम चमड़ी को पीछे सरकाकर सुपाड़ा चूसने लगी। मम्मी पल पल अतिउत्तेजित होती जा रही थी और अब वो समीर चाचा के लौड़े की लगभग पूरी लम्बाई को अपने हलक मे उतार चुकी थी और थोड़ी देर मे ही चाचा का मम्मी के कंठ मे वीर्यस्खलन हो गया । मम्मी चाचा के वीर्य को निगलकर ऐसा मेहसूस कर रही थी जैसे कि उसे चरणामृत पीने को मिल गया हो। अब समीर चाचा ने मम्मी की जांघिया को उतारकर उन्हें पूरी तरह नंगा करके कमर के बल लेटा दिया और अपनी जीभ से मम्मी के पाँव के अंगूठे को चूसना आरम्भ किया । धीरे धीरे चाचा की जिव्हा मम्मी की टखनों पिंडलियों को चाटती हुई जांघों अंदर के हिस्से की त्वचा तक पहुँच गई । समीर चाचा ने जब मम्मी की जांघों के भीतरी हिस्से को जिव्हा से चाटा तो उनकी आह निकल गयी और वो अपनी गांड को जोर-जोर से उछाल कर चिल्लाने लगीं “चोदो मुझे ज़ोर-ज़ोर से, अब और न मुझे तड़पाओ” “मेरी बुर मे अपने लौड़े को घुसाकर इतनी जोर से चोदो मुझे कि मेरे बदन के दो टूकड़े हो जायें” समीर चाचा ने बड़े सयंम से अपनी इन्द्रियों को वश मे रखते हुये मम्मी की चूत मे अपने लौड़े को घुसाने की बजह उनकी भगनासा को चूसना चालू कर दिया। मम्मी की भगनासा थोडी देर चुसने के बाद ही एक पाँच वर्ष के शिशु के लंड के आकार की हो गई । तदुपरान्त समीर चाचा ने मम्मी को 69 सेक्स की अवस्था मे लेकर भगनासा को चुसना शुरू किया और मम्मी ने चाचा के अंडकोषों को चाटना चुमना शुरू किया। दोनों ने जब एक दूसरे जननेन्द्रियियों का भरपूर स्वाद चख लिया तो समीर चाचा ने उनके लंड को मम्मी की चूत के छेद पर रख़कर जोर से धक्का दिआ । परिणामस्वरूप समीर चाचा के लौड़े का समस्त वीर्य मम्मी की चूत मे समा गया। मैंने मम्मी की अपने चाचा द्वारा प्रथम चुदाई के सभी शयन दृश्यों को चपचाप कैमरे मे कैद कर लिया। समीर चाचा और मम्मी के अनैतिक संबध निरंतर प्रत्येक शनिवार को बंद कमरे में आगामी एक साल जारी रहे। शुरू में ही मैंनें मम्मी की चुदाई के कुछ क्लिप्स तो 3 घंटे तक की लंबी अवधि के तैयार कर लिये थे । ये अश्लील वीडियो मेरे द्वारा लगभग दैनिक देखे जाते थे । शुरू में तो मैं इन्हें देखकर काफी उत्तेजित होकर हस्तमेथुन करता था परंतु धीरे धीरे मुझे समीर चाचा और मेरी मम्मी से ईर्ष्या महसूस होने लगी। मेरी मम्मी की मजबूरी पिताजी के साथ यौन क्रीडा मे संतुष्ट नहीं हो पाना एक वास्तविक समस्या थी, लेकिन मेरी उलझन यह थी कि मै यह निश्चित नहीं कर पा रहा था कि "क्या जो व्यभिचार मम्मी मेरी द्वारा मेरी मौन सहमति से समीर के साथ से कर रही है वो नैतिक है अथवा नहींॽ” मैने मेरी पढ़ाई पर ध्यान देना केंद्रित करना शुरू कर दिया और नियमित प्रतिरोज व्यायम शुरू कर दिया । मैं समीर चाचा जैसा गठीला हष्टपुष्ट शरीर विकसित करना चाहता था। मैं अगले छह महीनों में समीर चाचा की तुलना मे मेरी पेट की सिक्स पैक एब्स और हाथ पैरों की मांसपेशियों अधिक मजबूत और सुडौल बन गईं। मेरे लिंग का आकार भी अब बढकर दस इंच लंबा और तीन इंच व्यास का हो गया। मैंने वाषिॅक परीक्षा सभी विषयों में पार्थक्य के साथ उत्तीर्ण की । मेरी इस कामयाबी से मम्मी मेरे साथ बहुत खुश हुई और मुझे रात के खाने के लिये ले जाने का फैसला किया । हम बाऊरिंग क्लब के सदस्य थे और हमने वहां खाने व रात्रि विश्राम के लिए जाने की योजना बनाई है। बाऊरिंग क्लब हमारे घर से तीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक पाँच सितारा होटल की सुविधाओं वाला क्लब है। इस क्लब के अपारटमेंटस मे अगले शनिवार की दो दिनों के लिये मैंने पापा के नाम से बुकिंग करा ली। शनिवार की सुबह मैंने देखा है कि मम्मी ने स्नान करने के बाद उनके आइब्रोस को अच्छी तरह से प्लक कर रखे थे और वो बहुत ही सुंदर लग रही थीं। बाथरूम से बाहर निकलते वक्त मैंने उनके हाथ में एक रेजर देखा। शायद वह उनकी बगलों और चूत के बालों को मुंडककर आ रहीं थीं। उन्होंने मुझसे कहा "आज रात तुम्हारी मम्मी अपनी पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने और अच्छा परिणाम प्राप्त करने पर तुमको एक अविस्मरणीय और यादगार पार्टी देने वाली है" यह सुनकर मेरे अंदर की कामाग्नि भभक उठी और मैंने सोचा कि शायद आज रात तक मम्मी को चोदने के मेरे अरमान पूरे हो सकेंगे । शाम को जब मेंने मम्मी को ड्रेसिंग रूम से निकलते देखा तो मेरी आंखे फटी की फटी रह गईं । मम्मी ने एक काफी लो वी-कट गुलाबी पारदर्शी स्लीवलेस ब्लाउज और एक गुलाबी साड़ी नाभि क़े काफी नीचे तक बांधी हई पहन रखी थी। वह एक नवविवाहित बेहद सेक्सी और खूबसूरत दुल्हन लग रही थी। मै और मम्मी जब बाऊरिंग क्लब पहुंचे तो सुरक्षा गार्ड ने एक नवविवाहित जोडी की तरह हमारा स्वागत किया। मैंने जब सुपर डीलक्स अपार्टमेंट मे हमारी बुकिंग के बारे में पूछा, तो वह रजिस्टर की जाँच करके बोला “आपका स्वागत है श्री आदित्य सिंह और श्रीमती शालिनी सिंह’ हमने एक दूसरे के चेहरे को देखा और मैं शरारतपूर्ण तरीके से मुस्कुराया। वो हमारे सामान सुपर डीलक्स अपार्टमेंट ले गए और सामान रखने के बाद सुरक्षा गार्ड ने हमें बताया कि इस अपार्टमेंट मे ज्यादातर नवविवाहित जोड़ों आकर ठहरते हैं और हमसे पूछा कि "क्या आपका हाल में विवाह हूआ है?” मम्मी ने बनावटी क्रोध दिखाते हुये उत्तर दिया "आज रात ही होना है लेकिन आपको हमारे व्यक्तिगत मामलों में इतनी दिलचस्पी क्यों है?” सुरक्षा गार्ड ने माफी मांगी और चला गया। अगले एक घंटे तक मैं और मम्मी बाऊरिंग क्लब के बागानों में एक दूसरे की कमर मे हाथ डालकर घूमते रहे। इस दौरान मेरे हाथ की उंगलियों ने बार बार उनकी चूचियों को छुआ है लेकिन जाहिर तौर पर मम्मी ने इसे नजरअंदाज कर दिया। घुमते वक्त मैं उनके गालों और हाथो को बार बार चूमता रहा। मेरे हाथ की उंगलियों उनकी नाभि तक पहुँच गई और मैंने तर्जनी उंगली से उनके नाभि बटन मे गुदगुदी की। मैंने अपार्टमेंट मे आकर मम्मी की गर्दन के चारों ओर हाथ डालकर उनको आलिंगन मे लिया तो उन्होंने भी उनकी उंगलियों को मेरे निपलस पर सहलाया । हमने अपार्टमेंट मे ही खाने का प्रोग्राम तय किया । मैंने मिनीबार मे पडी शराब की बोतल का ढक्कन खोल कर एक 60 मिली लीटर का पैग तैय्यार करके पीना शुरू कर दिया और स्नैक्स का ऑर्डर दिया। मैंने मम्मी से भी पूछा कि “क्या आप भी मेरा साथ दोगी?” मम्मी के हामी भरने पर मैंने एक 60 मिली लीटर का पैग तैय्यार करके ग्लास मम्मी के हाथ में थमा दिया। मैंने मम्मी पहले कभी भी शराब पीते हुये नहीं देखा था लेकिन शराब को देखते ही मम्मी की आंखों मे चमक देखकर मेरी खुशी का ठिकाना नही रहा। शराब का एक पैग खत्म कर मैंने स्लीवलेस टी शर्ट और बिना जांघिया पहने सिर्फ लूंगी कमर पर बांधकर बैठना उचित समझा ताकि मेरा मर्दाना पुष्ट शरीर मम्मी को आकर्षित कर सके । उन्होंने कहा कि "बेटे तुम्हारा बदन अब एक जवान पुष्ट आदमी के आकार का हो चुका है" मैंने उनके और समीर चाचा के अनैतिक संबधों के बारे में पूछा कि "जब पापा को आपकी बेवफाई के बारे में पता चलेगा तो क्या होगा? लेकिन मम्मी ने बिना नाराजगी प्रकट किये मुस्कराते हुए उत्तर दिया “मैं इस विश्वासघात के लिए पूर्णतया दोषी नहीं हुं क्योंकि तुम्हारे पिता तीन महीने में शायद ही कभी एक बार मुझे चोदते होगें और फिर भी वह चंद मिनटों मे चरमोत्कर्ष पर पहुँच कर वीर्यस्खलित हो जाते हैं" उनको यह सब कौन बताने जा रहा है तुम, मै या तुम्हारे समीर चाचा?" मुझे "गर्म और शुष्क" छोड़ने के लिये तुम्हारे पापा ही जिम्मेदार हैं। "देखो, मैं एक अत्यंत चुदक्कड़ महिला हुं जिसे करने के लिए हर दिन सेक्स चाहिये है और अगर मैं मेरे प्यारे बेटे की सहमति से सप्ताह में एक बार एक ही आदमी के साथ चुद रही हुं तो किसी को क्या हर्ज होगा और ऐसे में गलत ही क्या है?” मेरी लूंगी पर अब एक टेन्टनुमा ऊभार दिखने लगा था। मैंने एक शरारती मुस्कान के साथ कहा कि चुदक्कड़ महिला होने का यह तो मतलब नहीं है कि आप किसी भी मर्द के साथ यौन संबंध स्थापित कर लें। ऐसी परिस्थितियों में बनिस्बत कि हमारे पड़ोसी समीर चाचा से चुदवाने के, आप अपनी काम-पिपासा तृप्त करने के लिये हस्तमैथुन या डिल्डो का इस्तमाल अथवा महिला समलैंगिकता का विकल्प चुन सकती थीं । मम्मी ने कहा “यह सभी तरीके अप्राकृतिक हैं” मैंने कहा, "ऐसी परिस्थितियों में, मैं भी आप और समीर चाचा को कामसूत्र ग्रंथ मे वर्णित सभी संभव आसनों मे देखकर पागलों की तरह रोज हस्तमैथुन करता रहता हुं जो कि एक अप्राकृतिक कृत्य है" मैं सिर्फ आपके कुकर्मों के कारण अपने वीर्य को बर्बाद कर रहा हूँ । मैंने खुलकर मेरी मम्मी से कहा कि “आज रात मम्मी मैं आपको चोद कर ही छोडूंगा। वह मुस्कुराई और बोलीं, "जो कुछ भी तुम कह लो लेकिन मैं ब्लैकमेल नहीं होने वाली। यहां तक कि अगर मैं माँ बेटे के रिश्ते को नक्कार भी दूं तो भी मुझे नहीं लगता कि अभी तुम एक संपुर्ण पुरुष हो जो एक औरत की इच्छाओं को पूरा कर सकता हैं” यह कहकर मम्मी कपड़े बदलने बाथरुम चली गईं और जब वो वापस निकलीं तो उन्होंने एक पारदर्शी नाईट गाऊन पहना हुआ था। इस बीच में मैंनें डीवीडी प्लेयर शुरू कर दिया है और कैसेट डालकर डिल्डो और वाइबरेटर का प्रयोग करती औरतों की मूवी कर चालू दी। कुछ देर बाद ही मैंने समीर चाचा और मम्मी के सेक्स कृत्यों के रेकॉर्ड किये वीडियो चला दिया। जब मम्मी वापस आई तो वह डीवीडी देखकर चौंक गई। मैंने मेरे हाथ में अपने विशाल खतना किये हुये लिंग का गुलाबी सुपाडा लेकर हस्तमैथुन की तैयारी में जुट गया। अचानक अब मम्मी की आँखों में एक हैरानी वाली चमक मुझे नज़र आई और वह भोंचक्की सी होकर बोलीं "हे भगवान, मैं नहीं जानती थी कि मेरा बेटा है अब एक बच्चा नहीं रहकर एक पुरुष बन चुका है" मम्मी मेरे पास आई और मेरी टीशर्ट उतार दी । वह मेरे सीने चाटने लगी और उनकी जीभ से मेरे निपल्स को चूसने लगी । मैने अपने सिक्स पैक एब्स को ऐंठाया तो मेरे लंड का सुपाडा मम्मी की नाभी बटन पर रगड खाने लगा। । मम्मी ने आगे बढ़ते हुये मेरे सामने नीचे घुटने टेककर बैठ गई और मेरे लौड़ै को मुठ्ठी मे लेकर माथा कुछ इसी तरह झुकाया जैसे कि शिवलिंग की पूजा कर रही हों। मैंने कहा, "मम्मी इस सुंदर उपकरण को मेरे द्वारा आपकी चूत में बेंधने के लिये विकसित किया गया था परन्तु गत एक वर्ष से तो आपके शरीर पर समीर चाचा ने कब्जा कर रखा है” शायद, इस लौड़ै की नियति मे अब केवल मेरी मुट्ठी से ही रगड़ना लिखा है। मम्मी ने अब उनके पारदर्शी नाईट गाऊन और ब्रैसियर को आहिस्ता आहिस्ता निकाल दिया और उनकी चूंचियों को मेरे सुपाड़े पर मलना शुरू कर दिया और फिर मेरे सुपाड़े को मुँह मे डालकर उसे चूसना और धीरे धीरे अपने गले में लंड के शाफ्ट को उतारना शुरू कर दिया। एक गहरा झटका देकर मैंने अपने लोड़ै को मम्मी के मुँह से निकाल लिया। अब उनका मुँह मेरी अंटियों की ओर बढते हुये धीरे-धीरे एक एक करके उन्हें चूसने लगीं। मम्मी की कामोत्तेजना आगे से आगे उन्नत हो रही थी । मम्मी ने मेरे गुदाद्वार पर जिव्हा रखकर अदंर-बाहर करना शुरू किया और थोड़ी देर पश्चात उनकी तीन इंच लम्बी चूचियों को एक-एक करके अदंर-बाहर कर चूचियों से मेरी गांड मारनी शुरु कर दी । थोड़ी देर मे ही मेरा वीर्यस्खलन हो गया मेरे वीर्य की धार सीधी मम्मी के नाभी बटन पर जा गिरी। अब मैंने मम्मी की जंघिया उतारकर उन्हें पूर्ण नग्न अवस्था मे ला दिया । मैं बियर उडेल-उडेल कर बाथरूम में स्नान टब भरा और मम्मी को इसमें उतरने को कहा। मैंने उनसे आग्रह किया कि वो मेरे सामने नाइट क्लब की एक नगीं नर्तकी की तरह नग्न नृत्य करके बियर से भरे स्नान टब मे प्रवेश करें । मैंने मम्मी के स्नान टब उतरने के बाद स्वयं भी नग्न होकर टब मे उतर कर कमर के बल लेट गया। मम्मी मेरी छाती और कटि प्रदेश के मध्य ऎसे बैंठ गईं कि उनकी चूत की फांकें पूरी इस तरह से खुल गईं कि भगनासा और मूत्र छिद्र स्पष्ट दिखाई देने लगे थे। मैंने अपने हाथों से मम्मी के नितम्बों पर हाथ रखकर उन्हें इस प्रकार आगे सरकाया कि उनकी बुर मेरे मुँह के संपर्क मे आ गई और मैंने भगनासा को चूसना चालू कर दिया। थोड़ी देर मे ही मम्मी भगनासा तीन इंच लम्बे लंड़ जैसी हो गई और मैंने इसे चूस-चूस कर मम्मी को इतने चरमोत्कर्ष पर पहुंचा दिया कि ना सिर्फ उनकी बुर ने पानी छोड़ा बल्कि उनके मूत्र छिद्र से पेशाब की धार फूट पड़ी और ऐसी सेक्स मुद्रा में मेरे पास इस धार और बुर के पानी को निगलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। मुझे इस द्रव में अमृत जैसी मिठास का अनुभव होने पर बडा अचरच हुआ। मम्मी में इतनी उत्तेजना समा चुकी थी कि वो चिल्ला उठी “मादरचोद, अब तो हाथी जैसे लौड़े को मेरी बुर मे डालकर मुझे चोदना शुरु कर” मैं मम्मी को अपनी गोदी मे उठाकर बेड तक ले गया और उनकी गांड़ के नीचे एक तकिया लगाया। फिर मैंनें अपने सुपाड़े को मम्मी के योनी द्वार पर रखकर जोर से धक्का दिया तो मेरा संपुर्ण लौड़ा उनकी बुर की गहराई में समा गया और अब मैनें अगले एक घंटे तक धीरे धीरे अन्दर बाहर धक्के देने जारी रखे। मम्मी की “आह” “ऊह” “आऊच” जैसी सिसकारियां निरंतर जारी थीं और इसी बीच मैंने मम्मी की गदराई हुई टांगों को मेरी कंधो पर रखकर गर्दन के पीछे पिरो दिया तो मेरा लौड़ा मम्मी की बुर की अधिकतम गहराई तक उतर गया और उनकी ग्रीवा से मेरे सुपाड़े का घर्षण होना मुझे मेहसूस हुआ। मैंने मम्मी की चूचियों को बारी-बारी से चूसना शुरू कर दिया। मम्मी की सिसकारियां अब चिल्लाहट में तब्दील हो गईं “चोदो मुझे” “जोर-जोर से चोदो मुझे” “मेरी बुर को फाड़कर मेरे दो टूकड़े कर दो” “और जोर से चोद मुझे, गंडमरे-मादरचोद” मैंने अब जोर-जोर के झटकों से मेरा लौड़ा मम्मी की बुर के अन्दर बाहर करना पंद्रह मिनट तक जारी रखा तो मम्मी अपने सर्वोत्तम चरमोत्कर्ष पर पहुँच गई। हम दोनों दो घंटे के लिए सो गये और फिर जागकर हमारे चुदाई का सत्र अगली सुबह 7 बज़े तक जारी रहा। सुबह 8 बज़े हम दोनों ने बाथ टब में साथ स्नान किया और 10 बज़े हमने नाश्ता लिया। मम्मी ने अब समीर चाचा को चुदाई के लिये आमंत्रित करना बंद कर दिया है। हमारा संभोग प्रति माह कम से कम पच्चीस बार के लिए बेरोकटोक जारी है। हम एक खंड में 45 से 60 मिनट अवधि की चुदाई करते हैं और 36 दिन से पहले ही योनआसन कभी नहीं दोहराते। हमारे यौन जीवन ज्यादातर सीधे है, परन्तु कभी कभी मम्मी मुझसे गांड़ भी मरवाती है। यही नहीं कभी कभी मम्मी उनकी चूचियों और भगनासा से मेरी भी गांड़ मार देती है। मेरे पिताजी का लंबी अवधि में अपने व्यवसाय के लिए बाहर जाना, ना तो अब मम्मी को खलता है और ना ही मुझे।
हजारों कहानियाँ हैं फन मज़ा मस्ती पर !


No comments:
Post a Comment