Saturday, November 16, 2013

FUN-MAZA-MASTI शुभारम्भ-26

FUN-MAZA-MASTI

शुभारम्भ-26

मैं और चाची दरवाजे की पीछे की और थे इसीलिए बल्लू चाचा को दिखे नहीं मगर वो लौडू कभी भी आ सकता था. चाची ने फटाफट अपनी साड़ी नीचे कर ली और अपना पल्लू सर पर ले लिया मगर मेरी तो जींस नीचे थी और मस्ती के माहोल में न जाने कब टी शर्ट भी मैंने खोल कर फ़ेंक दिया था. मेरी गांड की फटफटी फुल स्पीड पकड़ चुकी थी मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था की मैं क्या करू.........

इस हालत में मुझे चाची के साथ देखकर बल्लू चाचा एक सेकंड में सब समझ जायेगा. और उसके बाद ............हे भगवान....

मैंने इधर उधर देखा. कोमल भाभी की छत वैसे तो काफी नीचे थी मगर दिवार में गेप होंने से वहां पैर रखने की जगह थी. मैंने आव देखा न ताव अपने पैर मुंडेर पर दाल कर कोमल भाभी छत की तरफ उतरने लगा. मैंने दोनों हाथों से मुंडेर को पकड़ा और धीरे धीरे दिवार में पैर टिकने की जगह देख कर उतरने लगा. थोड़ी ही देर में मैं कोमल भाभी की छत से थोडा ही ऊपर था.....मैंने अपने हाथ छोड़े और कोमल भाभी की छत पर कूद गया.

बिलकुल सेफ लैंडिंग थी. जरा भी नहीं लगी. मैंने बड़ी शान से मुस्कुराते हुए अपने हाथ मलते हुए ताली मारी और नीचे जाने के लिया मुडा.

कोमल भाभी मेरे ठीक सामने खड़ी थी.....उनके मुंह पूरा गोल खुला हुआ था और उनके चेहरे पर घनघोर आश्चर्य के भाव थे. वो ऑंखें सिकोड़े मुझे घुर रही थी.

मैं जहाँ था जैसा था वैसा ही फ्रिज हो गया.

कोमल भाभी ने कांपती हुयी आवाज़ में कहा , " च च चाची के स स साथ त त तुम थे...........??????"

फटफटी गेयर में हो तो स्टार्ट नहीं होती.

 इसकी माँ का........

आसमान से गिरे और खजूर में अटके.

मुझे तो अपने आप पर ही दया आने लगी. टी-शर्ट जल्दी में पहना नहीं था बस कमर पर बांध लिया था.....सलमान स्टायल......और जींस बस ऊपर खिंच ली थी. बटन लगाने का समय कहाँ था. भोसड़ी की जींस भी मानो समझ गयी की मेरी गांड फट रही है......और धीरे धीरे से थोड़ी नीचे सरकने लगी.

बाबुराव अभी अभी मैदान-ऐ-जंग से जीत हासिल कर के आया था इसीलिए अभी भी अकड़ के साथ खड़ा था. जैसे ही जींस ने जगह दी भाईसाहब ने तुरंत अपनी मुंडी जींस से बाहर निकाल कर कोमल भाभी को सलाम कर दिया.

कोमल भाभी की पहले से ही फटी हुयी ऑंखें अब तो बस बाहर ही निकाल आई. उनका पूरा मुंह लाल सुर्ख हो गया........एक भरपूर नज़र उन्होंने बाबुराव पर डाली और अचानक सकपका कर इधर उधर देखने लगी.

मुझे समझ नहीं आया की यह क्या कर रही है.........

उधर वो बेचारी अपनी गर्दन दूसरी और मोड़े हुए भी कनखियों से मेरे लाल को अपनी नज़रो से दुलार रही थी. मैंने उनकी नज़रो का टार्गेट देखने के लिए अपनी गर्दन निचे की तो अपने सिपाही ने अपुन को ही सलाम ठोक दिया.

भेन्चोद.........शर्म के मारे मेरे कान गरम हो गए. मैंने तुरंत जींस को ऊपर खिंचा और बटन लगा लिया. कोमल भाभी ने देखा की मेरा खतरनाक जानवर पिंजरे में कैद हो चूका है तो वो भी सीधी हो गयी.

बड़ा अजीब केस हो गया था. हम दोनों शरमा रहे थे और चूतियों जैसे इधर उधर देख रहे थे. मेरा शरमाना तो समझ आता है मगर वो बेचारी क्यों शर्म से लाल हुयी जा रही थी, यह मेरे समझ से बाहर था.

मैंने सोचा की बोस अब यहाँ से निकल लो.......मैं आगे बड़ा तो वो बेचारी एक दम घबरा के पीछे हो गयी. इसकी माँ का........साली का रेप थोड़ी करने जा रहा था जो इतना डर गयी. मैं सर झटकते हुए उसकी छत ने निचे जाने के लिए सीड़ियों की तरफ गया. वहां पर गेट था जो की बंद था. मैंने गेट को खिंचा......वो हिला भी नहीं.
मेरा दिमाग गरम हो रहा था......साली ये कोमल भाभी मुझे समझती क्या है.........मैंने गेट को जोर से खिंचा तो भी नहीं खुला....भेन्चोद.....इसकी तो मैं......

तभी मेरे कानों में कोमल भाभी की जल तरंग जैसी आवाज़ आई.....

"शील भैया........वो गेट बाहर की तरफ नहीं अन्दर की तरफ खुलता है........धक्का दो......"

लंड.....इतनी देर से धक्के ही तो दे रहा था. मगर गेट में नहीं......चाची में.......

मेरा गुस्सा एकदम उड़नछु हो गया. मैं मुस्कुरा दिया.......गेट को धक्का देकर खोला और निचे जाने लगा......देखा तो कोमल भाभी भी हौले हौले मुस्कुरा रही थी.

हाय.......जालिम की एक मुस्कान ने फिर से मूड बना दिया. मैंने निचे उतरते उतरते टी शर्ट पहना और सीधा अपने घर की तरफ निकल लिया.

मैं जब कोमल भाभी के घर से बाहर निकल कर आया और उनका गेट बंद करने लगा तब तक वो भी नीचे आ गयी थी, मेरी उनकी नज़र मिली और वो फिर से शरमाते हुए मुस्कुराने लगी. मैंने वहीँ रुक कर उनके इस लाजवंती ड्रामे को देखने लगा. तभी किसी ने मेरे कंधे पर हाथ मारा.

मैं झटके से पलटा, देखा तो मेरी सांस ही रुक गयी.

कोमल भाभी के पतिदेव रिषभ भैया मेरे कंधे पर हाथ रखे मुस्कुरा रहे थे.

"और भाई शील, क्या हाल है...? आजकल तो तुम दीखते ही नहीं.......कैसे आना हुआ........", रिषभ भैया ने पूछा.

मैं क्या लंड बोलता की कैसे आना हुआ.......वो रिषभ भैया आपकी बीवी मेरी और चाची की चुदाई का सीधा प्रसारण देख रही थी....तभी चाचा आ गया इसीलिए मैं अधनंगा आपके घर की छत पर कूद गया......बस इसीलिए आना हुआ.

मैंने कहा, "न न न नहीं भैया.......म म म मैं तो अ ऐसे ही.......व.व.व.वो............म.म म म. मैं........."

तभी कोमल भाभी ने बात संभाली, "अरे आप भी........आते ही सवालों में लग गए..... .शील भैया नीलू चाची का पूछने आये थे.........चाची काफी देर से गायब थी इसीलिए....."

ये बोलकर उसने वो तिरछी मुस्कान मारी की मेरे दिल और लंड दोनों पर एक साथ चोट लग गयी. साली......यह भी कम हरामन नहीं है.

रिषभ भैया और कोमल भाभी तो अन्दर चले गए, मैंने भी अपनी किस्मत की खैर मनाई और घर की तरफ चल पड़ा.

 फिर से वो फोन की घंटी.........इच्छा हुयी की इस भेन्चोद फोन को गधे की गांड में घुसा दू......साला बजे ही जा रहा था.

मैंने उठाया, "हेल्लो........"

"अरे तुम कभी लाइफ में कुछ सीखोगे की नहीं........? १२ बजे ही सो जाते हो क्या ? अभी तो १२ भी नहीं बजे. तुम हो कहाँ ? न तुम्हारा कोई फोन आता है न मेसेज करते हो........बातें तो बड़ी बड़ी करते हो बस.......आज तो मैंने सोच लिया था की जब तक तुम्हारा फोन या मेसेज नहीं आएगा मैं भी तुम्हसे बात नहीं करुँगी....मगर तुम्हे तो कोई फरक पढता ही नहीं है......u just dont care ......कहाँ थे दिन भर......?"

भेन्चोद शायद सांस लेने के लिए ही रुकी थी......वर्ना आधा घंटा और बोल लेती........

मैं उठा कर बैठ गया, " हाय पिया.........अरे सोरी यार......मेरे घर मेहमान आये थे.......मैंने तुम्हे फोन लगाया था मगर आउट ऑफ़ कवरेज था........फिर क्या हुआ
.....वो सांड को.........अ अ अ आई मीन तुम्हारे भाई को शक तो नहीं हुआ ???? "

"नहीं......भैया को मैंने कंफ्युस कर दिया......की मैं तो वहां थी ही नहीं......और हेल्लो......तुमने अभी मेरे भाई को क्या कहा ???? ", उसने पूछा.

मैंने बात संभाली...." अरे न न नहीं....व.व...व.वो........क.क.कुछ नहीं........अच्छा तुम क्या कर रही हो......? "

"मूवी देख रही हूँ......."

मैंने पूछा, " कोनसी मूवी......"

वो बोली, "अरे......वो..... XXX ......... "

इसकी माँ की..........साली ये तो ब्लू फिल्म देख रही है........बोस......क्या बिंदास लौंडिया है..........

मैंने पूछा, "क क क क्या बात है..........सची में......?"

वो बोली, "हाँ......तो क्या हुआ......मैं तो दूसरी बार देख रही हूँ.......अभी थोड़ी देर पहले तो मम्मा भी देख रही थी......फिर उनको नींद आई तो वो सोने चली गयी.....मस्त मूवी है......"

भेन्चोद.....ये लौंडिया तो अपनी माँ के साथ xxx मतलब ब्लू फिल्म देखती है.......गज़ब.......

मैंने कहा, "तुम्हारा मतलब तुम्हारी मोम को भी पसंद है क्या........??"

वो बोली, "हाँ......पसंद तो क्या.....मगर देख तो रही थी......."

मैंने फुसफुसा कर पूछा, "वैसे मूवी का नाम क्या है........?"

वो बोली, "अरे बताया तो सही........xxx .........."

मैंने फिर कहा, "अरे......मेरा मतलब है की टाइटल क्या है......"

वो बोली, "शील.....क्यों पका रहे हो......मूवी का नाम है xxx ....अरे हालीवुड मूवी है न.....विन डीज़ल की..... एक मिनट तुम क्या समझे......की मैं.......xxx मतलब वो गन्दी वाली मूवीज की बात कर रही थी ?????..................हेल्लो.......हेल्लो........शील जवाब दो. "

शील अब क्या लंड जवाब देगा.........


 मेरी तो सांस रुक गयी........सची यार आखिर अब क्या बोलता..........उधर से पिया फिर चिल्लाई, " अरे बोलो न........शील तुमसे यह उम्मीद नहीं थी...............बाय"

फ़ोन कट गया. भेन्चोद.......किस्मत से इतनी ज़ोरदार लौंडियाँ से दोस्ती हो गयी थी........सीन भी जमने लगा था और यह माँ चुदाई हो गयी. मैं तो वैसे ही गांडफट हूँ.....जिंदगी में कभी ऐसी हरकत नहीं कर पाता.......साला मूवी के नाम से चुतिया बन गया और जमी जमाई सेटिंग की माँ भेन हो गयी.

मैंने हिम्मत करके पिया को फिर से फोन लगाया...........२ घंटी गयी और उसने फोन काट दिया. बोस......पूरी माँ चुद चुकी थी. मैंने उसको मेसेज किया

"आय एम् सोरी" और सेंड करके फोन स्विच आफ करके सो गया.

सुबह जल्दी नींद खुल गयी. ढीले ढाले मन से तैयार हुआ, नाश्ता करके के लिए बैठा था. चाची ने घी में डुबो डुबो कर पराठे बनाये थे.........बेमन से खाए. चाची आई और ऑंखें नचा कर बोली, "हाय राम......लल्ला.......अरे २ पराठे तो खा........बड़ा हो गया है.......इतनी मेहनत करता है..........घी नहीं खायेगा तो क्या करेगा......"

तभी बल्लू चाचा भी आकर बैठ गया, "अरे मेहनत तो हम भी करते है.....हमें कोई घी के पराठे नहीं खिलाता........"

चाची ने तुरंत जड़ा, "आप तो ना रहने ही दो जी.............अब तो आप घी क्या अमृत भी पी लोगे तो भी आपसे कुछ नहीं होगा "

बेचारे बल्लू चाचा का मुंह गधे के लंड जैसा लटक गया. वो मुंह निचे किये धीरे धीरे खाने लगा. मेरी हंसी नहीं रुक रही थी. मैंने फटाफट पानी पिया और वहां से भागा.

बस में इतनी भीड़ थी की चूहा भी नहीं घुस पाता. कॉलेज पहुंचना था जैसे तैसे घुसा और इधर उधर कभी गांड कभी कंधे टेड़े मेडे कर के बस के बीच में पहुंचा. इतनी से जगह में इतने लोग खड़े थे की ढंग से सांस भी ना ले पाओ. एक सीट को पकड़ के खड़ा हो गया और खिड़की की तरफ झुक गया......थोड़ी तो हवा आई.

अचानक भीड़ और बढ़ी. मुझे बिलकुल सीधा खड़ा होना पड़ा. मैं ऊपर हाथ से पकड़ने की जगह ढूंढ़ ही रहा था की मेरे पिछवाड़े कोई आकर टिका. मैंने चिड कर पीछे देखा तो मेरी आवाज़ मेरे मुंह में ही रह गयी. जो मुजस्सिमा मेरे सामने था उसका तो बयां करना भी मुश्किल था. उस औरत का कद मेरे से भी एक दो इंच ज्यादा था. उम्र शायद 30 के आस पास होगी. वो करीब 5 फीट 11 इंच की हाईट की थी. और इतनी लम्बी होने के बाद भी उसका जिस्म इतना भरा पूरा था की उसको लिटा लो तो गद्दे की जरुरत ना पड़े. ऐसा गदराया बदन होने के बावजूद कहीं पर भी मोटापे की झलक नहीं थी. पूरा सोलिड बदन था. भरा पूरा.

ऐसी लम्बाई और ऐसे बदन का कॉम्बिनेशन मैंने पहली बार देखा था.

उसने हलके नीले रंग की साड़ी पहनी थी. जैसा की नीले रंग की खासियत है.......अन्दर का सब कुछ बाहर दिखा देता है. उसके आंचल से अन्दर गौर से देखने पर जन्नत का गलियारा साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा था. किसी भी औरत के मम्मो को ही घूरते रहना तो गलत है .....आखिर चेहरा मोहरा भी देखने की बनती है.......

मैंने नज़रे उठाई........सावला रंग....हल्का गोल चेहरा.......छोटी सी नाक......मगर ऑंखें ऐसी थी मानो "नैन कटीले तेरे नैन कटीले" गाना उसकी आँखों पर ही लिखा गया था. उसने आँखों पर हल्का सा मस्कारा लगा रखा था. कसम से....इतनी नशीली ऑंखें थी की इंसान उनकी आँखों में देखते देखते ही मूठ मार ले.......शायद वो बंगालन थी......आखिर बंगाल की फसल ही अलग आती है......सावला रंग और नशीले नैनो का कोम्बिनेशन तो सिर्फ बंगाल में ही मिलता है.

मैं उसकी आँखों में ऐसा खो गया की मुझे ध्यान ही नहीं रहा की वो भी मुझे देखे जा रही थी. जैसे ही मुझे होश आया मैं सकपका कर इधर उधर देखने लगा. वो बहुत ही हलके से मुस्कुरा दी......मैंने भी सोचा की उपरवाला क्या मुजस्सिमे बनाता है......जाने किसकी किस्मत में यह डनलप का गद्दा लिखा है.

मैंने बाहर झाँका........अभी कॉलेज आने में देर थी. मैंने फिर पलट के उस सेक्स की देवी को देखा. अभी तक तो वो सीट को पकड़ के खड़ी थी मगर उसने अब बस की छत पर लगा हुआ डंडा पकड़ लिया था. उसके बोबे इस कदर तन कर ब्लाउस में से झांक रहे थे मानो बस अब निकले........ मेरी साँसे गरम हो गयी......मैं न चाहते हुए भी उसे घूरे जा रहा था. मेरी नज़रे फिर उससे मिली......मैं फिर से सकपका कर इधर उधर देखने लगा.

थोड़ी देर बाद मैंने पलट कर फिर देखा तो सीन चेंज हो चूका था. एक मादरचोद ठरकी बुड्ढा उस औरत के ठीक पीछे चिपक कर खड़ा था. और बेशरम जैसे अपने लंड उस हसीना की फूटबाल जैसी गोल गांड पर रगड़ रहा था. पेंट में से उसका खड़ा लंड साफ़ दिख रहा था. साला बुड्ढा अनजान बन कर इधर उधर देख रहा था मगर
बुढऊ हरामी अपने लंड उस हसीना की गांड पर रगड़ने का कोई मौका नहीं छोड रहा था.

साला ताऊ.........60 साल की उम्र में भी लंड खड़ा कर लिया था. जरुर भेन्चोद झंडू का चवनप्राश खाता होगा. अचानक वो पीछे पलटी और उसने बुड्ढ़े को घूरने लगी.
बुड्ढ़े ने ऐसा जताया मानो वो कुछ नहीं कर रहा है और वो मज़े से इधर उधर देखता रहा.

बेचारी......क्या करती.......थोडा सा आगे होकर खड़ी हो गयी.....बुड्ढा भी भेन्चोद तुरंत आगे आ गया..........और मज़े में अपने थके लंड को बेचारी की गोल गोल गांड पर रगड़ने लगा. न जाने क्यों........मुझे बहुत जोर से गुस्सा आया.......वैसे तो मैं गांडफट हूँ........मगर मुझसे से सहन नही हुआ.....

मैं थोडा आगे बड़ा और उस बुड्ढ़े को बोला, "अंकल....थोडा आगे होना....."

बुड्ढा मादरचोद था.......मुंह में पान दबाये हुए बोला, " बेटा.......बहुत जगह है.....जहाँ खड़े हो हो वहीँ खड़े रहो......"

मैंने हिम्मत जुटाई और दबी जुबान में कहा , " अंकल....इज्ज़त से आगे हो जाओ......की सबको बताऊ की आप क्या कर रहे हो......"

बुड्ढा था तो ठरकी मगर समझदार.......उसको समझ आ गया की अब उसकी दाल नहीं गलेगी......भेन्चोद ने धीरे से अपने लंड को एक बार और उस हसीना की गांड पर रगडा और भीड़ में आगे जाकर खड़ा हो गया और अपने लंड रगड़ने के लिए नयी गांड ढूंढने लगा.

तभी एक सीट खाली हुयी और वो भाभी उस सीट पर बैठ गयी. मैंने वहीँ पर खड़ा होकर बाहर देखने लगा. मुझे ऐसा लगा की कोई मुझे देख रहा है.....मैंने सर झुका कर देखा तो वो भाभी मुझे देख रही थी. जैसे ही मेरी नज़रे उस से मिली एक करंट सा मेरे शरीर में दौड़ गया. यह औरत सच में काम की देवी रति थी.

तभी उस के पास बैठ आंटी उठी और उसके पास वाली सीट खाली हो गयी......एक लौंडा बैठने लगा तो भाभी ने उस लौंडे को बैठने से मना कर दिया. मुझे हंसी आ गयी.....बेचारे का मुंह गधे के लंड जैसा लटक गया था. तभी वो भाभी मेरी और मुड़ी और बोली, "आप बैठ जाइये ना यहाँ पर......"

कहते है की सेक्स के भगवन श्री कामदेव फुल के बाण मार कर लोगों के दिल में सेक्स जगाते थे........शायद वो ही बाण उन्होंने मेरी गांड पर मार दिया था. मैं हक्का बक्का रह गया........वो अपनी सीट के पास वाली जगह थपथपा कर फिर से बोली, "बैठ जाइये......"

मुझे ऐसा लगा मानो करीना कपूर बिस्तर पर लेटे लेटे मुझे बोल रही हो की आइये मेरे साथ लेट जाइये....मैं तुरंत उसके पास जाकर बैठ गया......मेरा बैठना हुआ और कामदेव की मेहरबानी से सड़क पर एक गड्डे में बस जोर से हिली......मेरा पूरा बदन उसके बदन के साथ चिपक गया. हाय.......







FUN-MAZA-MASTI Tags = Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | मराठी जोक्स | ट्रैनिंग | kali | rani ki | kali | boor | सच | | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | छातियाँ | sexi kutiya | मस्त राम | chehre ki dekhbhal | khaniya hindi mein | चुटकले | चुटकले व्‍यस्‍कों के लिए | pajami kese banate hain | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bharat | india | japan |funny animal video , funny video clips , extreme video , funny video , youtube funy video , funy cats video , funny stuff , funny commercial , funny games ebaums , hot videos ,Yahoo! Video , Very funy video , Bollywood Video , Free Funny Videos Online , Most funy video ,funny beby,funny man,funy women

No comments:

Raj-Sharma-Stories.com

Raj-Sharma-Stories.com

erotic_art_and_fentency Headline Animator