Monday, March 10, 2014

FUN-MAZA-MASTI घोड़ी की मटकती गांड

FUN-MAZA-MASTI


घोड़ी की मटकती गांड


कहानी उस वक़्त की है जब  मेरी उम्र उस वक़्त 18 साल थी। मैं छोटा और प्यारा होने के कारण अपने मोहल्ले का चहेता था। सभी जवान लड़कियों को मैं दीदी कहता था और शादीशुदा औरतों को आंटी कहता था।
कम उम्र में ही मैंने अपने जीवन की पहली चुदाई कर ली थी, जब मेरे ही पड़ोस की कीर्ति दीदी ने मुझे सब कुछ सिखाया और चूत चुदवाई। पहले मैं किसी को चोदने की नज़र से नहीं देखता था, पर कीर्ति दीदी ने मेरा नज़रिया बदल दिया। कीर्ति दीदी तो मेरे लंड की दीवानी हो गई थी। होती भी कैसे न मेरा लंड 8" का था और काफी मोटा भी था। दीदी को बहुत देर तक चोदता था।
कीर्ति दीदी के बाद मैंने अपनी ही एक किराएदारनी को चोदा। चोदा क्या बस यूँ समझ लो कि जन्नत के मज़े लूटे।
जी हाँ, बबिता आंटी एक बेहद कामुक औरत थी। शादीशुदा थी और एक 2 साल का बच्चा भी था उस समय। पति परदेस में मजदूरी करता था और 4-6 महीने में एक बार घर आता था। बबिता आंटी एक 27 साल की सांवली सी, छोटी कद की पर एक बेहद कामुक और गरम औरत थी। शादी को 4 साल हुए थे और शादी के बाद से ही हमारे घर में किराये पर रहती थी।
मेरे घर पर सब लोग सुबह को जाते और शाम को ही वापस आते थे। इसलिए ही किरायेदार रखा था। मेरा बबिता आंटी से बहुत प्यार था। बहुत बार मैं उनके पास ही सोता और पढ़ाई करता था। वो मुझे प्यार से रखती और रात में जब मैं उनके पास सोता तो कहानी सुनाती और खिलंदरी करती। पर उनकी खिलंदरी का मतलब मुझे जब समझ आया, जब मैंने कीर्ति दीदी को चोदा।
कीर्ति दीदी को चोदने के बाद मुझे उनकी खिलंदरी मज़ा देने लगी और गुदगुदी के बजाय लंड खड़ा करने लगी। एक दिन मैं स्कूल नहीं गया और घर पर अकेला बबिता आंटी के पास था। उन्होंने खिलंदरी करनी शुरू की और कुछ ही देर में मैं उनके बेड के पास नंगा खड़ा होकर अपने सामने घोड़ी बनी हुई अपनी बबिता आंटी की मस्त गर्म चूत को अपने मूसल से चोद रहा था।
आंटी बिलकुल नंगी होकर बिस्तर पर घोड़ी बनी हुई थी और बहुत ही कामुक सिसकियाँ ले रही थी। दरअसल आंटी 4 महीनों बाद चुद रही थी और वो भी इतने बड़े लंड से। उनका गदराया जिस्म बहुत प्यासा और कामुक लग रहा था।
बबिता कीर्ति दीदी से कद में काफी छोटी थी पर बहुत ही गर्म औरत थी। चोदते वक़्त उनके गुदाज़ चूतड़ों पर हाथ फेरने में बहुत मज़ा आ रहा था। इतना लाजवाब था सब कुछ कि क्या बताऊँ ! उस दिन के बाद से बबिता आंटी के साथ जो कुछ हुआ, वो अपने आप में एक बहुत ही गरम और बावला कर देने वाली कहानी है। बबिता की गांड को चोदना कभी गांड पर लिपस्टिक लगा कर, तो कभी घोड़ी बना कर गांड में मक्खन लगा कर। कभी-कभी तो नंगी घोड़ी को कुर्सी पर या खटिया पर 2-3 दुप्पट्टे से बाँध कर खूब तबियत से थप्पड़ मारते हुए चोदने में बहुत मज़ा आता था। नंगी बंधी हुई और घोड़ी बनी हुई जवान औरत की गांड पर, चोदते वक़्त थप्पड़ मारने में बहुत मज़ा आता है यार। और जब औरत छोटे कद की सांवली सी बबिता जैसी हो तो...ओये होए...क्या मस्त मज़ा आता है।
पर अब जो मैं कहानी बताने जा रहा हूँ, वो बहुत ही ख़ास है और मेरे दिल के बहुत ही करीब है। ये कहानी मेरे उस अहसास के बारे में जो किसी लड़के को तभी होता है, जब वो एक कुंवारी लड़की को पहली बार लड़की होने के बजाये एक गरम कामुक औरत होने का अहसास दिलाता है।
कीर्ति दीदी और बबिता आंटी दोनों ही पहले से चुदी हुई थीं। हालाँकि बबिता आंटी ने मुझसे उन सभी गर्म और वहशी तरीकों से चुदवाया और गांड मरवाई, जो उनकी जैसी चुदक्कड़ के बस में था। पर एक अहसास वो कभी नहीं दे पाईं और वो था कुँवारेपन का अहसास।
पर वो दिन आया, जब मैंने एक कुंवारी लड़की को चोदा। वो कोई गैर नहीं थी, बल्कि मेरे ही मोहल्ले की एक 18 साल की दोनों पैरों से विकलांग मेरी एक बहुत ही ख़ास दीदी, जिनको सभी प्यार से मधु दीदी बुलाते थे।
मधु दीदी दिल की बहुत अच्छी थीं, पर बचपन से ही पोलियो के कारण उनके घुटनों के नीचे से दोनों पैर ख़राब थे जिसकी वजह से वो खड़ी नहीं हो सकती थीं। वो बाहर घूमने के लिए हाथ के पैडल वाली 3 पहियों की रिक्शा खुद ही चलाती थीं। मगर घर के अंदर वो घुटनों के बल ही चलती थीं, बिलकुल घोड़ी वाले स्टाइल में।
घर में वो हमेशा स्कर्ट ही पहनती थीं क्यूंकि वो फर्श पर यूँ ही घुटनों के बल घोड़ी की तरह चलती थीं जिससे सलवार ख़राब होने का डर रहता है।
बचपन से ही मैं दीदी के घर वालों के काफी नजदीक था और उनके घर खूब आना जाना था। मधु दीदी से मेरी खूब पटती थी। कीर्ति दीदी को चोदने से पहले सब कुछ सामान्य था, पर कीर्ति दीदी को चोदने के बाद मेरे अन्दर बदलाव आ गया।
इधर बबिता आंटी ने तो मुझे औरत के जिस्म का दीवाना ही बना दिया था। मैं बबिता आंटी को लगभग रोज़ चोदता था। इन सब की वजह से मेरे मन में मधु दीदी के लिए भी ख्याल आने लगे। जो दीदी मुझे अपनी सगी दीदी से ज्यादा प्यारी लगती अब मुझे एक चलती फिरती घोड़ी नज़र आने लगी।
मैं जब भी उनके बारे में ऐसा सोचता तो मुझे बहुत बुरा लगता कि मैं अपनी दीदी के बारे में ऐसा कैसे सोच रहा हूँ, पर यार जब-जब वो घर में घुटनों के बल चलती, मैं बस दीदी की हिलती हुई स्कर्ट देखता, दिल सोचने लगता कि जब दीदी के चूतड़ स्कर्ट के अंदर से इतने प्यारे लग रहे है, तो नंगे चूतड़ कैसे होंगे।
बस मन करता कि एक बार दीदी को इस घोड़ी वाली चाल में बिल्कुल नंगी चलते हुए देखूँ। कई बार तो दीदी को चलते देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता, पर फिर मैं खुद को कोसता भी कि कितना गिर गया हूँ मैं। अपनी ही विकलांग दीदी को नंगा देखना चाहता हूँ। जब दीदी चलतीं, तो फिर से वही ख्याल आता।
चुदाई के अनुभव से पहले मैंने बहुत बार मधु दीदी की नंगी जाँघें देखी थीं, जब कभी छत पर हवा से उनकी स्कर्ट ऊपर होकर उलट जाती थीं। दीदी की कच्छी में कैद उनके चूतड़ और नंगी जाँघें एकदम अचानक सामने आकर नुमाइश लगा देते थे, पर तब मैं उन्हें इस नज़र से नहीं देखता था। बस मुस्कुरा कर मुँह फेर लेता था।
लेकिन अब जब मेरा सच में मन करता था कि मधु दीदी के स्कर्ट के अंदर देखने का तो कभी स्कर्ट नहीं उड़ी क्यूंकि दीदी तेज़ हवा के वक़्त छत पर नहीं जाती थीं। एक बार मैं उन्हें छत पर लेकर भी गया इस उम्मीद में कि एक बार स्कर्ट उड़ जाये पर नहीं उड़ी।
मन में गन्दा लगता यह सब सोच कर लेकिन फिर भी उनकी मस्त गांड मुझे अच्छी लगने लगी। मैंने वैसे तो कीर्ति दीदी और बबिता आंटी की नंगी गांड का बहुत मज़ा लिया था पर फिर भी मधु दीदी की गांड बहुत अच्छी लगने लगी थी।
मैं बस सोचता रहता था कि नंगी गांड कितनी प्यारी और गर्म होगी। मुझे लड़की और औरतों के चूतड़ बहुत पसंद हैं। मैं अक्सर कीर्ति दीदी के चूतड़ों को नंगा करके चूमता और सहलाता रहता। चोदते वक़्त उनके नंगे जवान चूतड़ों के साथ मैं खूब खेलता। कभी चूतड़ पर हौले से थप्पड़ मारता तो कभी चिकोटी काटता।
जब मैं कीर्ति दीदी को घोड़ी बना कर चोदता तो उनके कसे चूतड़ों को हथेली से पकड़-पकड़ कर फैलाकर कर देखता और जोर से चूत चोदता। बबिता की गांड का तो मैं बाजा ही बजा देता। वो चुदक्कड़ तो अपनी गांड भी मरवाती। उनकी गांड चोदते वक़्त तो मैं गांड पर कस-कस कर थप्पड़ मारता और कभी-कभी तो नंगी गांड पर लकड़ी की पट्टी से भी मारता। आंटी खूब मज़े से चीखती हुई घोड़ी की तरह हिनहिनाती हुई गांड चुदवातीं।
अब मेरा मन में मधु दीदी की लंगड़ी चाल बस गई थी। मैं बहुत बार बहाने से उन्हें इधर-उधर चलने के लिए कहता और मज़े से उस घोड़ी की मटकती गांड देखता। ऐसे ही 2-3 महीने कट गए और मेरा दीदी के चूतड़ों के लिए आकर्षण खूब बढ़ गया।
एक दिन जैसे मेरी किस्मत खुल गई। उस दिन दीदी और मैं उनके घर पर अकेले थे और बातें कर रहे थे। दिन के करीब 11 बजे थे। मैं और दीदी उनके रूम में तख्त पर बैठे थे। तभी वो बाथरूम जाने के लिए बोलीं और तख्त से उतरने लगीं। मैं खुश हो गया कि फिर से उनके मटकते चूतड़ का नज़ारा मिलेगा।
पर अचानक कुछ ऐसा हुआ कि मेरे होश उड़ गए। जैसे ही दीदी तख्त से नीचे उतरीं, उनकी स्कर्ट तख्त में लगी एक कील में फंस गई। दीदी तब तक तख्त से नीचे उतर कर घोड़ी वाली मुद्रा में हो गईं। मेरी तो जैसे जान ही निकल गई, तख्त से नीचे का नज़ारा देख कर।
दीदी फर्श पर घोड़ी बनी हुई और स्कर्ट कील में अटकी हुई। सबसे जानलेवा तो ये था कि उस दिन दीदी ने कच्छी भी नहीं पहन रखी थी। मेरे सामने सिर्फ नंगी जाँघें ही नहीं बल्कि एक नरम गदराई और बिलकुल नंगी कुँवारी गांड स्कर्ट के ऊपर हो जाने से झांक रही थी।
मेरे तो मुँह में पानी आ गया। गांड इतनी ज़बरदस्त भी हो सकती है, यह पहली बार लगा। चूतड़ इतने चिकने और मुलायम लग रहे थे कि बिना पकड़े मन नहीं मानेगा।
दीदी को स्कर्ट ऊपर होने का पता नहीं चला क्यूंकि वो तख्त के नीचे कुछ ढूंढ़ रही थीं। शायद विकलांग वाले चप्पल जो वो बाथरूम जाते वक़्त पहनती थीं। चप्पल ढूंढते वक़्त वो थोड़ा इधर-उधर हिल रही थीं जिससे उनके नंगे चूतड़ थिरक रहे थे।
मैं तो पागलों की तरह ऊपर से उस मस्त लंगड़ी घोड़ी की गांड देख रहा था कि अचानक मेरे मुँह से लार की धार निकल कर ठीक उनकी नंगी गांड पर गिरी। गरम लार गिरते ही दीदी ने पीछे घूम कर देखा और एकदम दंग रह गई।



दीदी फर्श पर घोड़ी बनी हुई और स्कर्ट कील में अटकी हुई। सबसे जानलेवा तो ये था कि उस दिन दीदी ने कच्छी भी नहीं पहन रखी थी। मेरे सामने सिर्फ नंगी जाँघें ही नहीं बल्कि एक नरम गदराई और बिलकुल नंगी कुँवारी गांड स्कर्ट के ऊपर हो जाने से झांक रही थी।
मेरे तो मुँह में पानी आ गया। गांड इतनी ज़बरदस्त भी हो सकती है, यह पहली बार लगा। चूतड़ इतने चिकने और मुलायम लग रहे थे कि बिना पकड़े मन नहीं मानेगा।
दीदी को स्कर्ट ऊपर होने का पता नहीं चला क्यूंकि वो तख्त के नीचे कुछ ढूंढ़ रही थीं। शायद विकलांग वाले चप्पल जो वो बाथरूम जाते वक़्त पहनती थीं। चप्पल ढूंढते वक़्त वो थोड़ा इधर-उधर हिल रही थीं जिससे उनके नंगे चूतड़ थिरक रहे थे।
मैं तो पागलों की तरह ऊपर से उस मस्त लंगड़ी घोड़ी की गांड देख रहा था कि अचानक मेरे मुँह से लार की धार निकल कर ठीक उनकी नंगी गांड पर गिरी। गरम लार गिरते ही दीदी ने पीछे घूम कर देखा और एकदम दंग रह गई। उनकी मस्तानी गांड की नंगी नुमाइश लगी हुई थी। दीदी जल्दी से कील से स्कर्ट बाहर निकलने की कोशिश करने लगीं। स्कर्ट कील में बुरी तरह फंस गई थी और स्कर्ट नहीं निकल रही थी।
"ओह नीटू ! जरा निकाल ना मेरी स्कर्ट ! देख कैसे फंस गई है !" दीदी ने घोड़ी बने हुए पीछे घूम कर कहा।
मैं तो चाह रहा था कि यह स्कर्ट यूँ ही फँसी रहे, पर मैं जल्दी से खुद को काबू कर कील से स्कर्ट हटाने लगा। मैं उन नंगे चूतड़ों का नज़ारा और लेना चाहता था। तभी मेरे दिमाग में एक ख्याल आया। स्कर्ट इस तरह फंस गई थी कि उसे दीदी खुद नहीं निकाल सकती थीं, खुद से निकलने के लिए दीदी को स्कर्ट ही उतारनी पड़ती।
"दीदी, यह तो बुरी तरह फंस गई !" मैंने स्कर्ट को और कील में फंसा दिया।
"हे भगवान्... मैंने तो कच्छी भी नहीं पहनी आज !" वो अपना एक हाथ पीछे करके अपनी नितम्बों की दरार पर रखती हुई बोलीं- जल्दी से कुछ कर ना... मुझे शर्म आ रही है और यह चिकना-चिकना क्या गिरा दिया मेरे कूल्हों पर ! दीदी का हाथ मेरी राल पर पड़ते ही दीदी ने पूछा।
दीदी शर्म के मारे जल्दी से आगे की तरफ जोर से घुटनों पर चली और चिर्र्र.र्र्र्र..र्र्र की आवाज़ के साथ स्कर्ट के दो टुकड़े हो गए पर दीदी जल्दी से बाथरूम में घुस गई।
रूम से बाथरूम तक जाती हुई मधु दीदी बहुत ही कामुक लग रही थी। जैसा मैंने सोचा था उससे भी कहीं ज्यादा। घोड़ी की तरह चलती हुई और फटी हुई स्कर्ट दोनों नंगे चूतड़ों के दायें-बांयें लटके हुए झूल रहे थे। बहुत ही कामुक नजारा था।
मैं तो तुरंत उस नंगी लंगड़ी घोड़ी की गांड मारना चाह रहा था। मुझे बस एक जवान नंगी, गर्म और लंगड़ी औरत दिखाई दे रही थी। मैं पूरी तरह से बहक गया था और दीदी को चोदना चाहता था। मैं अपना लंड पकड़ कर दीदी के बाहर आने का इंतज़ार करने लगा और सोचने लगा कि कैसे दीदी को चोदूँ।
मेरा लंड मेरे दिमाग पर हावी हो चुका था और मैं बस उस कामुक दीदी को रगड़ कर चोदना चाहता था फिर वो चाहे मेरी दीदी हो या फिर एक लंगड़ी लड़की।
कुछ देर बाद बाथरूम का दरवाज़ा खुला और मेरी घोड़ी दीदी बाहर कमरे में आई।
"अच्छा हुआ कोई और नहीं था रूम में... वरना बड़ी शर्म आती..." दीदी मेरी मंशा को नहीं जान रही थीं और बात कर रही थीं। वो ऐसे बात कर रही थीं जैसे मेरे देखने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा हो।
"आपकी तो स्कर्ट ही फट गई थी!" मैंने दीदी को स्कर्ट पहने देख पूछा।
"हाँ ......पर बाथरूम में कुछ पिनें पड़ी थीं तो लगा लीं !" दीदी कह कर घूम गई जिससे मैं उनकी स्कर्ट पर लगी पिनें देख सकूँ।
"हाय राम ! यह लंगड़ी तो मुझे आज पागल ही कर देगी !" मैंने मन में सोचा जब मैंने दीदी की फटी स्कर्ट से पिनों के बीच में से झांकते मांसल चूतड़ों को देखा। बस यह वही नजारा था जो कुछ साल पहले एक फ़ैशन वीक में रैम्प पर एक मॉडल गौहर खान की स्कर्ट फ़टने से हो गया था। फ़र्क इत्ना था कि गौहर ने जानबूझ कर स्कर्ट का वो हाल किया थ और अपने चूतड़ छिपाने का नाटक किया था पर यहाँ मधु की स्कर्ट अपने आप फ़टी थी पर वो खुद मुझे अपने चूतड़ दिखा रही थी।
"आनंन्न्न हान्न्नन्न्न्न..." मेरे मुँह से सिसकारी निकल गई।
"क्या हुआ? और किसी को बताना मत यह बात कि मैं इस तरह से नंगी हो गई थी। चलो यह अच्छा था कि तू था उस वक़्त। मत कहना किसी से भाई..." दीदी भावुक हो गई।
"अभी भी भाई कह रही हो दीदी ! मैंने तुम्हें उस रूप में देखा !" मैंने चाल चली।
"पर जो हुआ अनजाने में हुआ...भाई !"
"मत कहो भाई मुझे दीदी... मैं तो आपकी खूबसूरती से पागल हो गया था।"
"यह तू क्या कह रहा है?" मधु दीदी ने चौंक कर कहा।
"अच्छा सच बता क्या तू मुझे उस समय एक भाई की नज़र से देख रहा था या एक मर्द की नज़र से?" दीदी ने बड़े भोलेपन से पूछा।
"मुझे तो बस इतना पता है कि एक नंगी लड़की किसी की दीदी या कोई रिश्तेदार नहीं होती... वो तो बस एक कामुक, गर्म औरत होती है, जिसका नंगा गर्म जिस्म देखकर कोई भी मर्द उसे प्यार करना चाहे।" मैंने अपने मन की बात आखिरकार कह ही दी।
थोड़ी देर के लिए हम दोनों चुप हो गए।
"क्या मैं सुंदर हूँ?" दीदी ने चुप्पी तोड़ी।
"सुंदर एक औरत की तरह या एक दीदी की तरह? दीदी सच में आप एक बहुत अच्छी दीदी हो और अच्छे संस्कार वाली हो। मैंने कभी आप को मर्द की नज़र से नहीं देखा बल्कि अपनी दीदी ही माना। आप बहुत अच्छी हो दीदी।" मैंने भी जोश में और भावुक हो कर कहा।
"पर क्या मैं एक सुंदर औरत हूँ?" दीदी फिर से सवाल पर वापस आ गईं। उन्हें अब मज़ा आने लगा था। 12 बज रहे थे और कोई शाम के 5 बजे से पहले नहीं आने वाला था।
"आप एक बहुत ही गर... छोड़ो दीदी रहने दो आप सोचोगी कि मैं कितना गन्दा हूँ।"
"तू शर्मा मत... बोल ना... बता न अपने मन की बात।"
"दीदी आप सच में एक बहुत गर्म और मस्त लड़की हो और यह मैंने इस कील की वजह से आज जाना। आज जाना कि आप चल नहीं सकती हो, पर आपका नंगा शरीर मर्द में आग लगा दे। मैं क्या कोई भी अगर आप को इस तरह से देख लेता तो आपको जरूर चोद देता। मेरी भी राल टपक गई थी आपके नंगे चूतड़ देख कर तो।"
दीदी के लिए ये सब बातें नई थी। मेरी मुँह से वो पहली बार ऐसी बातें सुन रही थी और अपनी तारीफ सुन कर वो भावुक हो गई।
"तू तो ऐसे ही कह रहा है। मेरी तो शादी भी नहीं होगी... लंगड़ी जो हूँ और तू तो चोदने की बात कर रहा है... मेरी तरफ तो कोई लड़का देखता भी नहीं है।" दीदी ने अपनी दिल के बात कही और रो पड़ीं।
मैं दीदी के मुँह से 'चोदना' सुन कर चौंक गया और समझ गया कि आज यह लंगड़ी शाम को घोड़ी बन कर भी नहीं चल पाएगी। मुझे अपनी लाइन अब साफ़ करनी थी। 5 घंटे थे हमारे पास। मैंने हिसाब लगा लिया कि एक घंटे में मैं दीदी को चुदवाने के लिए राज़ी कर लूँगा और फिर 4 घंटे तबियत से चोदूँगा इस लंगड़ी कुंवारी घोड़ी को।
पर जब मैंने उसे अपनी दीदी के नज़र से देखा तो सोचा कि प्यार से ही करना ठीक होगा, नहीं तो दीदी को दर्द होगा। फिर मुझे उनकी नंगी गांड याद आई और सोचा कि ऐसी कामुक गरम गांड को तो बेरहमी से ही चोदना चाहिए। सच में बहुत मस्त गांड थी दीदी की। मेरा मन फिर से उन्हें नंगा देखने का करने लगा।
"नहीं दीदी सच में बहुत सेक्सी लड़की हो। मेरा तो फिर से मन कर रहा है।" मैंने कहा।
"क्या मन कर रहा है?" दीदी ने बड़े ही कामुक अंदाज़ में पूछा।
"दीदी क्या मैं एक बार आपको उसी तरह देख सकता हूँ जैसे कुछ देर पहले देखा था?"
"स्कर्ट उठा कर... या कील में फंसा कर?" दीदी मुस्कुरा कर बोलीं।
"नहीं दीदी सिर्फ पिनें खोल दो... स्कर्ट तो पहले ही फटी पड़ी है" मैं आने वाले लम्हे को सोच कर बेकाबू हो कर बोला।
"पर मैंने कच्छी पहन ली है।" दीदी रोमांचित थीं और नखरे कर रही थीं।
"आप झूठ बोल रही हो... मुझे पता है कच्छी नहीं पहनी है... आपके चूतड़ अभी भी नंगे ही हैं। मैंने पिनों के बीच में से देखा है।"
"नालायक... !" और दीदी हंस पड़ी और फिर से तख्त पर चढ़ गई। मुझे लगा था कि शायद यह सब मजाक में हो रहा है पर जब दीदी घूम कर बिस्तर के किनारे पर बैठ गई और चूतड़ उभार कर मेंढक की तरह हो गईं और कहा- ले आराम से निकालना, पिनें कहीं चुभ ना जायें।
मैंने कांपते हाथों से एक-एक कर पांचों पिनें निकाल दीं। फटी स्कर्ट में से चूतड़ झाँकने लगे थे, पर छठी पिन अभी भी स्कर्ट के ऊपरी हिस्से पर लगी थी और मस्त गदराये चूतड़ों को छुपाने की कोशिश कर रही थी।
"दीदी क्या आप सच में इसके लिए तैयार हो?" मैंने अच्छा बच्चा बन कर पूछा।
"तुझे देखना है ना ! तो फिर क्यूँ पूछ रहा है?"
दीदी का इतना कहना था और छठी पिन भी निकल गई। स्कर्ट के दोनों चीथड़े मांसल चूतड़ों पर से सरक कर साइड में जा गिरे और मेरे लिये दुनिया की सबसे हसीन गांड, मस्त चिकने चूतड़ों वाली मेरे सामने नंगी खड़ी थी। इतनी प्यारी गांड मैंने कभी फिल्मों में भी नहीं देखी थी।
"कितने मस्त सुंदर-सुडौल चूतड़ हैं मधु दीदी आपके...।"
अब मेरे लिए और रुकना मुमकिन नहीं था तो मैंने बिना कुछ सोचे समझे अपने कपड़े उतारे और मधु दीदी की नंगी गांड को बेतहाशा चूमने लगा। इससे दीदी और ज्यादा उत्तेजित हो गई और उसकी चूत से उसका नमकीन पानी निकलने लगा। 
"ओह दीदी मैं तुम्हें चोदना चाहता हूँ, अभी इसी वक़्त।"
दीदी कुछ नहीं बोली और यूँ ही घोड़ी बनी रही। मैं समझ गया कि दीदी भी चुदना चाहती हैं। अभी मैं रुकना नहीं चाहता था तो मैंने लण्ड दीदी की गीली चूत पर रखा और उसके स्तनों को चूमते हुए एक जोरदार झटका मारा। मेरा आधा लण्ड लंगड़ी की चूत में घुस गया।
इस धक्के से दीदी के मुँह से एक चीख निकल गई और मुझसे बोली- वीर, थोड़ा रुक जाओ !
पर रुकने की बजाय मैंने एक धक्का और उसकी चूत में मारा और मेरा 8 इंच लंबा पूरा लण्ड लंगड़ी घोड़ी की चूत में घुस गया।
इस धक्के से दीदी तड़प सी उठीं और मैंने दोनों हाथों से दीदी के स्तन मसलना शुरू कर दिए और धीरे-धीरे धक्का लगाना शुरू कर दिया।
थोड़ी देर बाद मेरी घोड़ी थोड़ी शांत हुई और मज़े से चुदवाने लगी। अब मैं इत्मीनान से अपनी गरम लंगड़ी दीदी को घोड़ी बना कर चोद रहा था।
मैं धक्के लगा रहा था और वो, 'जोर से करो, हाँ, और करो' की सीत्कारों से मुझे और उत्साहित करती जा रही थी और मैं उसे जोर-जोर से चोदे जा रहा था। हर धक्के के साथ दीदी चरम पर पहुँच रही थी और मैं मजे के सागर में।
मैं उसे चोद रहा था और मेरे चोदते-चोदते ही दीदी स्खलित हो गई और उसने मुझे कस कर पकड़ने को कहा। अब मैं भी ज्यादा देर रुक सकने की हालत में नहीं था तो मैंने दीदी के स्तनों को मसलते हुए कुछ और धक्के लगाए और सारा वीर्य मैंने दीदी की चूत में भर दिया और थक कर दीदी पर ही लेट गया।
यह थी मेरी पहली कुंवारी चूत।




हजारों कहानियाँ हैं फन मज़ा मस्ती पर !
Tags = Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | मराठी जोक्स | ट्रैनिंग | kali | rani ki | kali | boor | सच | | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | छातियाँ | sexi kutiya | मस्त राम | chehre ki dekhbhal | khaniya hindi mein | चुटकले | चुटकले व्‍यस्‍कों के लिए | pajami kese banate hain | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bharat | india | japan |funny animal video , funny video clips , extreme video , funny video , youtube funy video , funy cats video , funny stuff , funny commercial , funny games ebaums , hot videos ,Yahoo! Video , Very funy video , Bollywood Video , Free Funny Videos Online , Most funy video ,funny beby,funny man,funy women bhatt_ank, xossip, exbii, कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ हिंदी सेक्सी कहानिया चुदाई की कहानियाँ उत्तेजक कहानिया ,रेप कहानिया ,सेक्सी कहानिया , कलयुग की सेक्सी कहानियाँ , मराठी सेक्स स्टोरीज , चूत की कहानिया , सेक्स स्लेव्स , Tags = कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ stories , kaamuk kahaaniya , हिंदी सेक्सी कहानिया चुदाई की कहानियाँ उत्तेजक कहानिया Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | पेलने लगा | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | सेक्सी कहानी | कामुक कथा | सुपाड़ा |उत्तेजना | कामसुत्रा | मराठी जोक्स | सेक्सी कथा | गान्ड | ट्रैनिंग | हिन्दी सेक्स कहानियाँ | मराठी सेक्स | vasna ki kamuk kahaniyan | kamuk-kahaniyan.blogspot.com | सेक्स कथा | सेक्सी जोक्स | सेक्सी चुटकले | kali | rani ki | kali | boor | हिन्दी सेक्सी कहानी | पेलता | सेक्सी कहानियाँ | सच | सेक्स कहानी | हिन्दी सेक्स स्टोरी | bhikaran ki chudai | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | चूत की कहानियाँ | मराठी सेक्स कथा | बकरी की चुदाई | adult kahaniya | bhikaran ko choda | छातियाँ | sexi kutiya | आँटी की चुदाई | एक सेक्सी कहानी | चुदाई जोक्स | मस्त राम | चुदाई की कहानियाँ | chehre ki dekhbhal | chudai | pehli bar chut merane ke khaniya hindi mein | चुटकले चुदाई के | चुटकले व्‍यस्‍कों के लिए | pajami kese banate hain | चूत मारो | मराठी रसभरी कथा | कहानियाँ sex ki | ढीली पड़ गयी | सेक्सी चुची | सेक्सी स्टोरीज | सेक्सीकहानी | गंदी कहानी | मराठी सेक्सी कथा | सेक्सी शायरी | हिंदी sexi कहानिया | चुदाइ की कहानी | lagwana hai | payal ne apni choot | haweli | ritu ki cudai hindhi me | संभोग कहानियाँ | haveli ki gand | apni chuchiyon ka size batao | kamuk | vasna | raj sharma | sexi haveli ka sach | sexyhaveli ka such | vasana ki kaumuk | www. भिगा बदन सेक्स.com | अडल्ट | story | अनोखी कहानियाँ | कहानियाँ | chudai | कामरस कहानी | कामसुत्रा ki kahiniya | चुदाइ का तरीका | चुदाई मराठी | देशी लण्ड | निशा की बूब्स | पूजा की चुदाइ | हिंदी chudai कहानियाँ | हिंदी सेक्स स्टोरी | हिंदी सेक्स स्टोरी | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bhabhi ki chudai | chachi ki chudai | mami ki chudai | bahan ki chudai | bharat | india | japan |यौन, यौन-शोषण, यौनजीवन, यौन-शिक्षा, यौनाचार, यौनाकर्षण, यौनशिक्षा, यौनांग, यौनरोगों, यौनरोग, यौनिक, यौनोत्तेजना, aunty,stories,bhabhi,choot,chudai,nangi,stories,desi,aunty,bhabhi,erotic stories,chudai,chudai ki,hindi stories,urdu stories,bhabi,choot,desi stories,desi aunty,bhabhi ki,bhabhi chudai,desi story,story bhabhi,choot ki,chudai hindi,chudai kahani,chudai stories,bhabhi stories,chudai story,maa chudai,desi bhabhi,desi chudai,hindi bhabhi,aunty ki,aunty story,choot lund,chudai kahaniyan,aunty chudai,bahan chudai,behan chudai,bhabhi ko,hindi story chudai,sali chudai,urdu chudai,bhabhi ke,chudai ladki,chut chudai,desi kahani,beti chudai,bhabhi choda,bhai chudai,chachi chudai,desi choot,hindi kahani chudai,bhabhi ka,bhabi chudai,choot chudai,didi chudai,meri chudai,bhabhi choot,bhabhi kahani,biwi chudai,choot stories, desi chut,mast chudai,pehli chudai,bahen chudai,bhabhi boobs,bhabhi chut,bhabhi ke sath,desi ladki,hindi aunty,ma chudai,mummy chudai,nangi bhabhi,teacher chudai, bhabhi ne,bur chudai,choot kahani,desi bhabi,desi randi,lund chudai,lund stories, bhabhi bra,bhabhi doodh,choot story,chut stories,desi gaand,land choot,meri choot,nangi desi,randi chudai,bhabhi chudai stories,desi mast,hindi choot,mast stories,meri bhabhi,nangi chudai,suhagraat chudai,behan choot,kutte chudai,mast bhabhi,nangi aunty,nangi choot,papa chudai,desi phudi,gaand chudai,sali stories, aunty choot,bhabhi gaand,bhabhi lund,chachi stories,chudai ka maza,mummy stories, aunty doodh,aunty gaand,bhabhi ke saath,choda stories,choot urdu,choti stories,desi aurat,desi doodh,desi maa,phudi stories,desi mami,doodh stories,garam bhabhi,garam chudai,nangi stories,pyasi bhabhi,randi bhabhi,bhai bhabhi,desi bhai,desi lun,gaand choot,garam aunty,aunty ke sath,bhabhi chod,desi larki,desi mummy,gaand stories,apni stories,bhabhi maa,choti bhabhi,desi chachi,desi choda,meri aunty,randi choot,aunty ke saath,desi biwi,desi sali,randi stories,chod stories,desi phuddi,pyasi aunty,desi chod,choti,randi,bahan,indiansexstories,kahani,mujhe,chachi,garam,desipapa,doodhwali,jawani,ladki,pehli,suhagraat,choda,nangi,behan,doodh,gaand,suhaag raat, aurat,chudi, phudi,larki,pyasi,bahen,saali,chodai,chodo,ke saath,nangi ladki,behen,desipapa stories,phuddi,desifantasy,teacher aunty,mami stories,mast aunty,choots,choti choot, garam choot,mari choot,pakistani choot,pyasi choot,mast choot,saali stories,choot ka maza,garam stories ,हिंदी कहानिया,ज़िप खोल,यौनोत्तेजना,मा बेटा,नगी,यौवन की प्या,एक फूल दो कलियां,घुसेड,ज़ोर ज़ोर,घुसाने की कोशिश,मौसी उसकी माँ,मस्ती कोठे की,पूनम कि रात,सहलाने लगे,लंबा और मोटा,भाई और बहन,अंकल की प्यास,अदला बदली काम,फाड़ देगा,कुवारी,देवर दीवाना,कमसीन,बहनों की अदला बदली,कोठे की मस्ती,raj sharma stories ,पेलने लगा ,चाचियाँ ,असली मजा ,तेल लगाया ,सहलाते हुए कहा ,पेन्टी ,तेरी बहन ,गन्दी कहानी,छोटी सी भूल,राज शर्मा ,चचेरी बहन ,आण्टी ,kamuk kahaniya ,सिसकने लगी ,कामासूत्र ,नहा रही थी ,घुसेड दिया ,garam stories.blogspot.com ,कामवाली ,लोवे स्टोरी याद आ रही है ,फूलने लगी ,रात की बाँहों ,बहू की कहानियों ,छोटी बहू ,बहनों की अदला ,चिकनी करवा दूँगा ,बाली उमर की प्यास ,काम वाली ,चूमा फिर,पेलता ,प्यास बुझाई ,झड़ गयी ,सहला रही थी ,mastani bhabhi,कसमसा रही थी ,सहलाने लग ,गन्दी गालियाँ ,कुंवारा बदन ,एक रात अचानक ,ममेरी बहन ,मराठी जोक्स ,ज़ोर लगाया ,मेरी प्यारी दीदी निशा ,पी गयी ,फाड़ दे ,मोटी थी ,मुठ मारने ,टाँगों के बीच ,कस के पकड़ ,भीगा बदन ,kamuk-kahaniyan.blogspot.com,लड़कियां आपस , blog ,हूक खोल ,कहानियाँ हिन्दी ,चूत ,जीजू ,kamuk kahaniyan ,स्कूल में मस्ती ,रसीले होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो ,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी ,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி ,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,भोसडा ,hindisexistori.blogspot.com ,मुठ मार ,sambhog ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी

No comments:

Raj-Sharma-Stories.com

Raj-Sharma-Stories.com

erotic_art_and_fentency Headline Animator