Sunday, April 27, 2014

बदनाम रिश्ते--राजन के कारनामे--10

FUN-MAZA-MASTI


बदनाम रिश्ते--राजन के कारनामे--10

 थोड़ी देर बाद मैंने धीरे से कहा .- .दीदी , आप और जीजाजी बहुत अच्छे हो , लेकिन .....................
लेकिन क्या ? ...........दीदी उत्सुकता से पूछी
देखिये आप दोनों मेरी बहुत मदद कर रहे है , इसलिए आपको सच्चाई बताने को दिल कर रहा है .......
लेकिन क्या ? उन्होंने दुहराया
मैंने गहरी सांस लेते हुए कहा -आपको पता है .......आपके मायके में सब गड़बड़ हो रहा है .........बल्कि यूँ कहें की वर्वादी के कगार पर खडा है ........
साफ़ साफ़ कहो , पहेलियाँ मत बुझाओ .......दीदी आशंकित होते हुए बोली

मैंने थोड़ा पॉज लिया और रुक रुक कर बोलने लगा , जैसे बताते हुए डर रहा हूँ ................
सुनो दीदी .....है तो ये बहुत ही शर्मनाक , लेकिन ............................( फिर पॉज)
लेकिन क्या ?? ................(दीदी अधीर हो रही थी )
लेकिन ..........आप्पकी माँ का ......अपने बेटे के साथ .......वासनात्मक सम्बन्ध है ........................
( शीला आसमान से गिरी ...... उसके चेहरे पर कुछ ही क्षणों में कई रंग बदले ..........फिर रोद्र रूप में बहुत ही कठोरता से बोली )
तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई इतनी घिनौनी , गन्दी और झूटी बाते कहने की ....गंदे लड़के ! अभी के अभी निकल जाओ मेरे घर से ......

चूँकि ऐसी प्रतिक्रया प्रत्याशित था , इसलिए मै घबराए बिना बोला-
मेरी हिम्मत इसलिए हुई कि यह बात झूटी नहीं है और न ही मै आपके परिवार का बदनामी चाहता हूँ .......बल्कि मै आपके परिवार का शुभचिंतक हूँ ............इसलिए अभी तक आपका परिवार बदनामी के लोक लाज से बचा है ............वरना मुझे क्या जरुरत थी आपको बताने की...दीदी ...............................................(उनको चुप देख मेरा हौसला बढ़ा )


अगर सम्बन्ध थे भी तो वो घर की चारदीवारी में ही रहना चाहिए ..........लेकिन यह बात घर की सीमा लांघ चुका है .......और इस बात को घर से बाहर किसी और ने नहीं वरुण ने ही किया है ....... ...........उसने अपनी मम्मी के साथ सेक्स का विडियो बनाया और उसे अपने मोबाइल में सुरक्षित रखा .........वह विडियो क्लिप अनजाने में ही उसके एक और मित्र के हाथ लग गया ..........अब वह आंटी को ब्लैकमेल करना चाहता है ...........उसे दोनों चीज चाहिए - पैसा भी और आंटी का जिस्म भी ........

लेकिन साला सामने आने से डरता है कि कहीं पुलिस का लफडा न हो जाए ...........इसलिए साले ने क्लिप की एक कॉपी मेरे मोबाइल पर ट्रान्सफर किया और बोला तू वरुण के घर आता जाता रहता है , अब तू ही आंटी को जाकर विडियो दिखाओ और उनको बोलो मुझे पचास हजार रुपयों के साथ आंटी कि एक पूरी रात चाहिए ......हालांकि मैंने उसे झिड़क दिया था कि मुझे इस पचड़े में क्यों फसा रहे हो तो मुझे धमकी देते हुए बोला कि अगर नहीं करेगा तो मै ये विडियो क्लिप इंटरनेट पर अपलोड कर दूंगा ......फिर वरुण और उसकी मम्मी के साथ साथ तू भी फ़ास्ट फ्रेंड होने के नाते बदनाम होगा ........अगर मेरा काम किया तो तुम्हे दस हजार रूपये भी दूंगा ........तुम्हारा काम सिर्फ आंटी को ये क्लिप दिखाकर मेरा डिमांड पहुंचाना है ...................


इतना कहकर मै चुप हो गया था ..............फिर गहरी सांस लेकर बोला - अगर विश्वास न हो तो ये विडियो देखिये .....मैंने विडियो चलाकर दीदी को थमा दिया , जिसमे .मैंने आंटी की आँखों पर पट्टी बांधकर चोदते हुए फिल्माया था ..........जिसमे न तो मेरा चेहरा था और ना ही मेरा स्पष्ट आवाज ............था तो .बस आंटी का नग्न जिस्म और चुदास भरी कराहट ............आह वरुण बेटे ...........ऐसे ही पेलते रहो ........फाड़ दो आज अपनी माँ की बुर ...................


क्लिप देखने के बाद दीदी सर पकड़कर बैठ गयी और फिर जैसे अपने आप में बडबडाने लगी ........गड़बड़ तो लग ही रहा था , वरुण सारा दिन मम्मी के पीछे पीछे ही घूमता रहता था और मै समझती रही कि यह माँ बेटे का ममता भरा प्यार है ........हाय मम्मी , तूने ये क्या किया ?..........( और सुबक सुबक कर रोने लगी )

थोड़ी देर बाद जब दीदी अपना सर उठाई तो चेहरा आंसुओ से तर था , फिर वो अपने आंसूं पोछते हुए दृढ़ता से बोली - उस लड़के को पैसा ही चाहिए तो वो मै आज ही दे देती हूँ , जाकर उसे दे देना .....लेकिन तुम दोनों को यह क्लिप डिलीट करना पड़ेगा ..........

दीदी , आप मेरी चिंता न करे ....लीजिए यह क्लिप तो मै अभी डिलीट कर देता हूँ ......( मैंने डेस्कटॉप पर विडियो कॉपी किया हुआ था )........मुख्य समस्या तो उस कमीने कि है .....सिर्फ पैसे कि बात मै उससे पहले भी कर चुका हूँ .......पर साले को पैसे के साथ आंटी भी चाहिए .........वैसे , आपके कहने पर मै दुबारा बात कर लेता हूँ ...........

लौटकर मै झुट मुट का नाटक करते हुए बोला - नहीं दीदी रहने दो .....ये नहीं हो सकता....

क्यों ? वो माना नहीं ......दीदी निराशात्मक स्वर में बोली

दीदी , साला पूरा कमीना है ......पैसे के साथ उसे जिस्म की एक रात चाहिए ही चाहिए .....कुत्ता कहता है आंटी नहीं तो उसकी बेटी ही सही ..........दीदी छोड़ो , आप क्यूँ इस लफड़े में पड़ते हो .....जिसने किया है वही भरेगा .....मै वहीँ जाकर देखूंगा की क्या हो सकता है .......

नहीं राजन .........तुम इस विडियो को किसी भी हालत में मेरी मम्मी को नहीं दिखाओगे .......जाने किस बहाव में आकर गलती कर चुकी है , अगर उसे पता लग गया कि यह बात सार्वजनिक हो चुका है तो वो आत्महत्या भी कर सकती है .....और बात फैलने कि देर है , जैसे ही इनको ( जीजाजी को ) पता लगेगा तो वो मुझे घर से निकाल देंगे ....फिर मै तो कहीं कि नहीं रहूंगी ..........इसलिए ( गहरी सांस लेते हुए )..........बहुत सोंच - समझकर कह रही हूँ - मुझे उस लड़के की सारी शर्ते मंजूर है ......पुछो उससे , कैसे करना है
( मेरा मन बल्लियों उछलने लगा )


मैंने भरी मन का दिखावा करते हुए मोबाइल पे नंबर डायल करता हुआ कमरे से बाहर निकल गया .......और लौटकर बड़े बुझे मन से बोला -

दीदी , वो पूरा कमीना है .......साले को सबकुछ चाहिए भी ...पर सीधे सामने आने से डरता भी है .......पूछ रहा था की मै कोई जाल तो नहीं बिछा रहा हूँ ..........अगर ऐसा नहीं है तो पहले मै आपके साथ विडियो बनाऊं तब वो मानेगा ..........दीदी , मैंने साफ़ मना कर दिया है ये बोलकर कि - साले , एक क्लिप से तू इतना ब्लेकमेल कर रहा है ...एक और विडियो देकर हमें मरना है क्या ? तो वो कमीना कह रहा था कि विडियो मुझे देना मत .....सिर्फ दिखा देना ताकि मुझे तस्सल्ली हो जाए कि कोई ट्रैप नहीं है ......अगर विडियो बनाने को आप तैयार न हो तो ऑडियो भी सुना दे तो काम चलेगा .......क्योंकि ऑडियो से ब्लैकमेल नहीं हो सकता परन्तु उसे तसल्ली हो जाएगा .............

हूँ .......

नहीं दीदी, मै ये नहीं कर सकता .....

दीदी उठकर आलमारी से पैसे निकालकर मेरे हाथों में रखते हुए बोली - हमारे पास कोई चारा बचा है क्या ?.....

मै दस हजार लौटाते हुए कहा - मेरे हिस्से के पैसे तो आपके ही है , रख लीजिये .........और हाँ , हम विडियो नहीं ऑडियो बनाएंगे वो भी बिना कुछ किये ..........आप कागज़ और एक पेन दीजिये ..........मै कागज़ पर लिख लेता हूँ जो हमें बोलना है .........हम अगल बगल बैठकर सिर्फ पढेंगे परन्तु उस हरामी को लगेगा की हमने सेक्स किया है ................

दीदी खुश हो गयी , उसे लगा की इस तरह कम से कम मेरे सामने तो उसकी इज्जत रह जाएगी ......फिर बोली - राजन भैया , तुम बहुत अच्छे लड़के हो ......( परन्तु कहाँ .....मेरे जैसा शातिर तो ढूंढे ही मिले .........मैंने कागज़ पर मजबून लिखकर दीदी के हवाले कर दिया और धीरे से उनके बगल में लेट गया ..........अब दीदी ने पढ़ना शुरू किया ..........मैंने अपना मोबाइल ओन करके बीच में रख दिया .......)


भा....भाई........ ये क्या कर रहे हो ......मेरी चूं....चुंची (दीदी चुंची बोलने में हकला गयी ) क्यों दबा रहे हो ......

कमाल करती हो दीदी , तुमने ही तो कहा था की जीजाजी इसे ठीक से नहीं दबाते .......देख अभी जीजाजी नहीं है .....अभी तो आराम से दबवा ले .........

.आह.....तो आराम से दबा न ........... आउच .......इतनी बेदर्दी से क्यूँ मसल रहा है भाई .......आखिर बहन हूँ तुम्हारी .......अरे ......अरे ......धीरे से खोल न .......ऐसे जोर से खींचेगा तो...... मेरी ब्लाउज फट जाएगी .........रुक मै खुद खोल देती हूँ ...........

दीदी , तुम्हारी चूंचियां तो लाजबाब है .......मन करता है की ..........( मै धीरे से दीदी के कान में बोला )
क्या मन करता है .......बोल न......

मन करता है कि.........दिन रात इन मदमस्त चूंचियों को चूसता ही रहूँ ......

तो चूस न ........मै कहाँ मना कर रही हूँ ..........आउच ........भाई, मैंने चूसने के लिए बोला है .....काटने के लिए नहीं ......तू दांतों से क्यूँ काट रहा है .......अगर तेरे जीजाजी ने निशान देख लिया तो मुझे मार मार कर घर से बाहर निकाल देंगे .......

ये भी तो हो सकता है कि घर से बाहर निकालने के बजाय चोद-चोद कर तुम्हारी चूत का भुरता बना दे कि साली मै नहीं दबाता हूँ तो औरों से कटवाती है ......ठहर रांड , मै आज तेरी बूर का बाजा बजाता हूँ .....

काश ! ऐसा होता ......मुझे चोदते समय उनको ज़रा सा भी जोश आ जाता , तो मेरी लाइफ़ बन जाती .......वो तो बस मेरी नाईटी उठाते है और अपना लं ...लंड मेरी बू ....बूर (लंड और बूर बोलने में वो फिर हकलाई) में धांस देते है ....और आठ दस धक्के मारकर , अपना माल झाड़कर सो जाते है ......

दीदी , जीजाजी क्या पैंटी उतारने का भी कष्ट नहीं करते .........

अरे मेरे भोले भाई ......घर में मै पैंटी नहीं पहनती .......

दीदी ! ........तो क्या अभी भी तू नीचे से नंगी है .......

हाँ , मेरे भोले भाई .......मै नीचे से पूरी नंगी हूँ

उम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म......................
( मैंने देखा अब शीला दीदी पर वासना पूरी तरह चढ़ गया था और मेरे लिखे पेपर पढने में अब इंजॉय कर रही थी )

एक बात पूछूँ दीदी ......

क्या ?.........

मुझे अपनी रसीली बूर के दर्शन नहीं कराओगी.......

अगर मै ना भी दिखाऊं तो क्या तुम मेरी बूर देखे बिना मान जाओगे .......

अरे दीदी ....ऐसा मत बोलो .......अब तो तुम्हारी बूर देखे बिना पागल हो जाउंगा ......

तो हो जाओ पागल ......मै नहीं दिखाती .......( मैंने पेपर में लिखा था अब पेट के बल लेटकर चुतर उचकाना है )

दीदी अब तक तो बैठी बैठी पढ़ रही थी ....अब सचमुच पेट के बल लेट गयी और साडी सहित अपने चुतर हवा में थोड़ा उठा दी .....

( इसके बाद पेपर के अनुसार , दीदी को सिर्फ आँ.....उं........ उफ्फ....इस्स्स....आउच......इत्यादि आवाज निकालने थे ऑडियो के लिए ताकि सुनने वाले को महसूस हो कि अब मै दीदी को जबरदस्ती पकड़ कर चोद रहा हूँ .....लेकिन मै अब बिना लिखा बोलना शुरू किया ताकि पता चल सके कि दीदी इस सेक्स गेम में कितना इन्वोल्व हुई है )

दीदी ...पागल कुछ भी कर सकता है ....अगर मै कुछ कर दूँ तो फिर मुझे कुछ मत कहना ....

यही तो देखना चाहती हूँ कि पागल कया कर सकता है ......

तडाक........( मैंने सचमुच उसके उभरे चुतरों साडी के ऊपर से ही पर एक तमाचा जड़ा )

आउच ......( पहली बार सच्ची दर्द कि कराहट निकली ).........मुझे मार क्यूँ रहे हो ......

पागल हूँ न ......और तू ने ही मुझे पगलाया है .........अब सह मेरा पागलपन ........

तड- तड ...तडाक - तडाक ........(मैंने तीन चार तमाचे पूरी ताकत से जमा दिए )

अब दीदी सचमुच सुबक सुबक कर रोने लगी ........

क्या , ज्यादा जोर से लग गए दीदी .....
( उनके बगल में लेटकर मैंने उनके चुतरों को सहलाते हुए पूछा ......जैसे ही मैंने चुतरों को सहलाते सहलाते उनके गांड के दरार में ऊँगली फिराई ...दीदी के सारे शारीर में कनकपाहट दौड़ गयी ....धीरे धीरे चुतरों को सहलाते हुए मै दीदी की साडी और पेटीकोट ऊपर खींच रहा था ....थोड़ी देर में मेरी हथेली उनके नंगे चुतर को सहला रहे थे ....और दीदी दर्द और आनंद से सराबोर आँखें मूंदे पड़ी थी )

सौरी ......घबराओ मत दीदी ......मै प्यार से तुम्हारा सारा दर्द आनंद में परिवर्तित कर दूंगा ......ये कहते हुए उठकर मैंने दीदी के नंगे चुतरों को देखा ......मेरे हाथ के उँगलियों के लाल निशान स्पष्ट थे .......मै झुककर निशानों को चूमने लगा ...

दीदी अब उतेजना में कांपने लगी थी ........अब मै झुककर गांड की तरफ से ही उनकी बूर चाटना प्रारंभ कर दिया ........आना दीदी की दर्द भरी कराहट वासनामयी सिसकी में बदल चुकी थी ..........

इस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स

फिर मैंने बूर चुसना छोड दिया और दीदी को कमर पकड़कर सीधा पलट दिया ....लेकिन बुर कि एक झलक मात्र ही मिल पया था कि दीदी शर्म से पेटिकोट नीचे कर अपना बुर ढक ली ....मुझे गुस्सा आ गया और मैंने पेटिकोट के गैप में हाथ डालकर जोर से खींचा .....

चर्र्र र र र र्र्र ............

पेटीकोट आधी फट गयी ..............दीदी चिल्लाते हुए मेरे सीने पर मुक्का मार रही थी ......कमीने, तूने मेरा पेटीकोट फाड़ दिया .........

फटेगी ही .....थोड़ा दिखा के फिर ढकती क्यों है ....................कहते हुए मै फटे पेटीकोट को दोनों जाँघों की तरफ खींचते हुए उनकी खुली और चिपचिपी बुर में अपनी दो दो उंगलियाँ पेलना शुरू कर दिया

.............दीदी पूरी तरह चुदासी हो चुकी थी और उनके मुंह से अस्पष्ट आवाजें आ रही थी

......आं.............उ .म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म .......................

इधर मै दुसरे हाथ से अपना पैन्ट खोल चुका था और कच्छा सरकाकर अपने हाथों से ही अपना लंड मसल रहा था ................फिर मै उनके जाँघों के बीच बैठ गया और उनकी अधफटी पेटीकोट को पूरा फाड़ा और उनके चूत पर अपना लंड दो चार बार पटका ........मेरे लंड की सख्ती का अंदाजा दीदी को हो चुका था और इससे पहले की वो हाथ बढ़ाकर मेरा लंड टटोले ............मैंने अपना लंड दीदी के चूत के मुहाने पर रखकर एक जोरदार झटका मारकर अन्दर कर दिया ......जो चूत से बहते चिकनाई से एक तिहाई तो झटके से अन्दर चला गया परन्तु बाकी लंड और चूत की मिसमैच के कारण जोर लगाने पर भी मुश्किल से ही इंच इंच आगे बढ़ पा रहा था .............चूँकि मुझे उनके चींखने का पूरा अंदाजा था ....इसलिए मेरे हाथ उनके मुह पर ढक्कन की तरह पड़ चुके थे ......और उनके मुह से बस गूं..गूं ...गूं ...की आवाज आ रही थी .......इधर नीचे लगातार मेरा लंड उनके बुर को चीरता अन्दर घुसता जा रहा था ...............इसी तरह दीदी को दबोचे मै लगातार १५ मिनट तक उनको पेलते रहा और जब मै झड कर अपना लंड बाहर निकाला तो दीदी की आँख फटी की फटी रह गयी ................हाय , कितना लंबा और मोटा है तुम्हारा .........मेरी तो फट गयी है ......और बैठकर अपनी चुदी हुई बुर निहारने लगी .....................
 
 
 
 

 अगले दिन सुबह उठकर नहा धोकर तैयार हो गया | खाना खाने के बाद जीजाजी जाने से पहले, मुझे दोपहर कि गाड़ी पकड़ने के लिए एक बजे तक घर से निकाल जाने को समझाया और ऑफिस के लिए निकाल गए |जैसे ही दीदी दरवाज़ा बंद करके लौटी, मैने दीदी को आपने बाँहों में दबोच लिया और उनकी नाईटी उठाकर उनकी नंगी बुर सहलाने लगा | दीदी मुझे चूमते हुए बोली - कमरे में चल .....सब कुछ यहीं करेगा
फिर मैंने दीदी को छोड़ दिया | दीदी कमरे की ओर चल पड़ी ....उनके चुतर मटक रहे थे ...
मैंने कहा ....दीदी , अपनी नाईटी पीछे से उठा कर अपनी गांड दिखाती चल .......दीदी ने फट से अपना नाईटी पीछे से उठा लिया और चुतरों को और मटकाती हुई कमरे में चली गयी .......मै अपना पैजामा ढीला कर चुका था और आज तो मैंने भी चड्डी नहीं पहना था ........कमरे में पहुँचते ही मैंने दीदी को पीछे से पकड़ लिया ......खडा लंड उनकी गांड से टकराया .....उनके सारे शारीर में सिहरन दौड़ गयी .....फिर मैंने दीदी को पेट के बल बिस्तर पर गिरा दिया और उनकी पीठ पर सवार हो गया .....मेरे शर्ट के जेब से मेरा मोबाइल उछलकर बिस्तर पर गिडा.....मैंने उसे ऑन कर दिया , मै दीदी की नेचुरल moaning को रिकॉर्ड करना चाहता था .....


 मै उनकी गर्दन चूम रहा था और नीचे से मेरा लंड उनकी गांड को ठोकर मार रहा था .....दीदी ने हाथ पीछे कर मेरा लंड पकड़ ली ...वो शायद मेरे लंड से खेलना चाहती थी .......
अब मैंने दीदी को सीधा कर पीठ के बल कर दिया और बैठकर दीदी की बुर निहारने लगा ....दीदी मेरा लंड मुठिया रही थी .....
भाई , तुम्हारा लंड बहुत जानदार है ....जिससे तुम्हारी शादी होगी वो बहुत खुशनसीब होगी .....दीदी की खुमारी भरी आवाज सनाई पड़ी

इस जानदार लंड को अपने मुँह में नहीं लोगी , दीदी ...................

हूँ........................................

फिर उनके लेटे लेटे ही उनके मुँह के दोनों तरफ पैर करके मैंने अपना लंड उनके मुँह में घुसा दिया ....

गूं...गूं ...गूं....

वो थोड़ा सा अन्दर लेती....सुपाडे पर जीभ फिराती ....थोडा चूसती और फिर लंड को बाहर कर गहरी सांस लेने लगती .....बहुत मोटा है तुम्हारा राजन ........ मेरे मजे में व्यवधान आ रहा था .....लंड चूसने में बिलकुल अनारी थी .......

फिर मैंने उसके बाल पकडे और लंड उसके मुँह में धांस दिया ....वो अपना मुँह बंद करने का प्रयास कर रही थी और मै जोर लगाकर अन्दर पेले जा रहा था ............अब मै उसका मुँह चोद रहा था .....उसके गालों में दर्द होने लगा था , इसलिए उसने पूरा मुँह खोल लिया था .....अब मै आधा लंड अन्दर बाहर कर रहा था .....उसके मुँह का लार मेरे लंड के अलावा उसके गालों पर भी भर गया था .......अब मेरा लंड उसके गले तक पहुँच रहा था .....वो चींख भी नहीं पा रही थी , पर पैर पटक पटक कर अपने दर्द का इजहार कर रही थी .....मुझे लगा कहीं बेहोश न हो जाए .........मैंने अपना लंड उसके मुँह से निकाल लिया .......दीदी जोर से खांसी .......और छाती पकड़कर गहरी साँसे लेने लगी |




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