Monday, August 17, 2015

FUN-MAZA-MASTI ठरकी की लाइफ में ..26

FUN-MAZA-MASTI

 ठरकी की लाइफ में ..26



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अब आगे
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पूजा से कुछ बोलते नही बन रहा था...रंगे हाथो पकड़ी गयी थी वो .

जिस रिया को वो अपने ठरकी जीजू से दूर रहने की सलाह दिया करती थी, उसके सामने ही उसके और जीजू के बीच का परदा उठ गया...अब उसे उस हद तक तो नही मालूम था पर जिस अंदाज में वो पकड़ी गयी थी..यानी अपनी चूत को चुसवाते हुए और झड़ते हुए जिस अंदाज में उसने अपने जीजू को पुकारा था, उसे देखकर तो कोई बेवकूफ़ भी बता देगा की पूजा के मन में उसके ठरकी जीजू के लिए क्या चल रहा है.

पूजा ने अपना चेहरा नीचे कर लिया.

रिया : "ओहो दीदी...आप प्लीज़ ऐसे एम्बेरेस मत होवो ...इनफेक्ट मुझे तो इस बात की खुशी है की आप जीजू को उस नज़र से देखते हो,जिस नज़र से उन्हे मैं देखकर अपने अरमानो को दबाया करती थी..''

रिया के मुँह से सीधी बात सुनकर पूजा भी चोंक गयी...पर उसने कुछ ज़्यादा रिएक्ट नही किया..आख़िर रिया की भी क्या ग़लती है इसमे...एक तो उनके जीजू इतने चार्मिंग है और उपर से अपने ठरकीपन की वजह से वो अपनी तरफ से ही कुछ ना कुछ ऐसा करते रहते है की सामने वाला उनके जाल में फँस ही जाए..ऐसे में रिया को किसी भी बात का दोष देना सही नही था.

रिया : "देखो दीदी...आज जो कुछ भी हमने एक दूसरे के साथ किया है..वो सिर्फ़ एक हद तक ही कर सकते है...असली मज़े के लिए तो हमे किसी मर्द की ज़रूरत पड़ेगी ना..और जीजू के होते हुए हम किसी दूसरे मर्द के बारे में क्यो सोचे...ठीक है ना...''

रिया अपने हिसाब से तर्क दे रही थी...जो अभी के लिए पूजा को भी सही लग रहा था..

रिया : "ओफफो....अब छोड़ो भी ये सब....इस मूमेंट का मज़ा लो बस...आपने तो मज़ा ले लिया...अब मेरी बारी है...''

इतना कहकर रिया ने एक झटके से पूजा को अपने उपर खींचा और उसके होंठों पर टूर पड़ी...शायद जीजू का ज़िक्र आने के बाद उसमे एक नयी उर्जा का संचार हो चुका था..कुछ नयी पॉसिबिलिटीस दिख रही थी उसे अब इस खेल में .

वो अपनी नन्ही मगर गोल मटोल गांड को अपनी बहन की तरफ करके बोली : "अब आप बनॉगे मेरे लिए....जीजू...और वो सब करोगे जो आप मुझे जीजू समझकर करवा रहे थे...''

पूजा का तो दिमाग़ ठनक गया ये सुनकर...अब परदा तो उठ ही चुका था उनके बीच से...इसलिए रिया सारे मज़े खुलकर लेना चाहती थी...जिस तरह पूजा ने अपने जीजू को इमेजीन करते हुए रिया से अपनी चूत चुस्वाई थी और बाकी के सारे काम करवाए थे,वही सब अब वो उससे करवाना चाहती थी..

रिया काफ़ी उत्तेजना में भर चुकी थी...वो अपने हाथ को पीछे लेजाकर अपनी गांड के नीचे नज़र आ रही संतरों की फांको को ज़ोर से मसलने लगी...और ज़ोर से चिल्लाई : "अब और कितनी बार बोलना पड़ेगा आपको....जीजू....आओ ना प्लीईईईईस.....और सक्क करो मुझे....यहाँ से....''

वो अपनी पतली उंगलियों को पाव रोटी जैसी चूत के अंदर घुमाते हुए बुदबुदाई..



पूजा के सामने अब कोई चारा बचा ही नही था...उसने उसकी दोनो टाँगो को फेलाया और अपनी जीभ निकाल कर उसका मक्खन निकालने में लग गयी.





 दोनो जांघों को उसने दोनो दिशाओं में फेलाकर अपनी नुकीली जीभ से अंदर का अनारदाना कुरेदना शुरू कर दिया.



रिया ने अपनी बहन के सिर को अपने हाथों से पकड़कर अपनी चूत पर ज़ोर से दबा लिया..और ज़ोर से चिल्लाई

''ऊऊऊऊऊऊऊहह जीजू...............मेरे प्यारे जीजू......आआआआआआआहह एसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स..... ऐसे ही चूसो....अपनी साली की चूत को................आआआआआआअहह''

पूजा की तो हँसी निकल गयी उसकी बात सुनकर....पर रिया पर तो कोई फ़र्क ही नही पड़ रहा था...वो तो बस अपनी आँखे बंद किए हुए अपने जीजू को इमेजीन कर रही थी..

ठीक वैसे ही जैसे कुछ देर पहले तक पूजा कर रही थी.

पूजा ने भी सोचा की अब इतना कुछ तो हो ही चुका है उनके बीच तो इस बात पर उसे टोकना सही नही है...लेने दो उसे भी मज़े..

और वो भी पूरे ज़ोर शोर के साथ उस खेल में कूद पड़ी..

और उसकी रसीली चूत से निकले गाड़े रस से अपने भीगे चेहरे को निकाल कर वो बुदबुदाई : "हाँ मेरी जान.....आज तुझे ऐसा चुसूंगा की तू भूल ही नही पाएगी....''

रिया की उत्तेजना तो सांतवे आसमान पर पहुँच गयी ये सुनकर...और उसने अपने प्यारे ''जीजू'' के सिर को वापिस काम पर लगाते हुए उसे फिर से अंदर दबा लिया.

और सिर्फ़ एक मिनट के अंदर ही वो भरभराकर झड़ गयी...और ढेर सारा गीलापन उसने अपने बिस्तर पर छोड़ दिया..

ये तो सिर्फ़ पहली बार ही था...अभी तो ना जाने और कितनी बार झड़ना था उसने..

रिया के शरीर से तरंगे निकल रही थी झड़ने के बाद...पूजा उन तरंगो से ताल मिलाकर उसकी चूत से बची हुई ओस की बूंदे चूस रही थी..



उसकी चूत पर अभी तक हलके रोँये थे...जिन्हे उसने काटा नही था...यानी उसने अभी तक अपनी चूत की सफाई नही की थी...ऐसी अनछुई और कुँवारी चूत को चूस्कर जीजू को कितना मज़ा आएगा...यही सोचकर पूजा मुस्कुरा दी.


 और उसने अपनी जीभ के नुकीले सिरे को उसके मटर दाने पर रगड़ना शुरू कर दिया.



''आआआआहह दीदी..................धीरे -2 क्यो कर रहे हो....ज़ोर से सक्क करो ना...............पहले की तरह....''

पूजा समझ गयी की वो जंगली तरीके से प्यार करने वालो में से है...और उसने सुना हुआ था की ऐसी ही लड़कियां अक्सर मर्दों को पसंद आती है को बेड पर उधम मचाते हुए वाइल्ड तरीके से सेक्स करे..

इस खेल में उसे भी बहुत कुछ सीखने को मिल रहा था..जिसका प्रयोग वो बाद में अपनी रियल लाइफ पर करके और भी ज़्यादा मज़े ले सकती थी.

पूजा : "अच्छा ...तो तुझे ज़ोर से करवाने में मज़ा मिलेगा....अब देख तू....मैं कितने ज़ोर से करती हूँ ....''

इतना कहते हुए पूजा ने अपना चेहरा ज़ोर से उसकी चूत पर दे मारा...और सड़प -2 करते हुए उसकी चूत को ऐसे चूसने लगी जैसे बर्फ का मीठा गोला चूसते है ....

रिया तो छटपटा कर रह गयी ....उसने पूजा के बालों को पकड़कर उसके चेहरे को अपनी टाँगो के बीच ऐसे फिक्स कर लिया जैसे वो उसे अब कभी छोड़ेगी ही नही...

''आआआआआआआआअहह .............ओह येसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स जीजू.................मेरे प्यारे जीजू.................ऐसे ही सक्क करो................ज़ोर ज़ोर से................... अहह...''



और इस बार पूजा ने उसकी पूरी की पूरी चूत को अपने मुँह में भर लिया...यानी उसकी चूत की दोनो संतरे जैसी फांको को मुँह में लेकर चूस डाला..पूजा के मुँह में एकदम से इतना रस भर गया जैसे उसने कोई स्पंज रसगुल्ला मुँह में लेकर दबा दिया हो...

और ऐसा और ना जाने कितना रस और भर रखा था इस छोटी सी चुहिया ने अपनी चूत के अंदर ..



 उसकी चूत को अच्छी तरह से चूसने के बाद पूजा को ऐसा लगा जैसे उसने कोई शक्तिवर्धक टॉनिक पी लिया है...एक नशा सा चड गया था उसे पीकर ...और उसी नशे में डूबकर वो उपर की तरफ चल दी..

और उसके नुकीले निप्पल को अपने मुँह में लेकर उसने ज़ोर से काट लिया..

''आआआआआआआआआआआआआआअहह ............सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स....''



भले ही रिया तड़प उठी थी इतने ज़ोर से काटने पर..लेकिन उसने कोई शिकायत नही की

बल्कि पूजा के चेहरे को पकड़कर अपने दूसरे बूबे पर ले आई और आँखो ही आँखो में उसे भी उतनी ही ज़ोर से काटने की गुज़ारिश कर डाली..

और उसकी बात को मानते हुए पूजा ने उस निप्पल को भी नही बक्शा और अपने पैने दांतो से उसके कोमल माँस को अंदर दबा कर मसल डाला..

दर्द और मज़े से भरी सिसकारियाँ गूँज उठी पूरे कमरे में ..

और उस चीख को भी पूजा ने अपने मुँह से दबा दिया ....अपने होंठ रख दिए उसके लरज रहे अधरों पर...और पी लिया सारा का सारा मीठा रस.

पूजा की चूत में फिर से खुजली होने लगी थी..

वो धीरे-2 किसी नागिन की तरह चलती हुई रिया के उपर चड़ती चली गयी..

और अपने ही आनंद में डूबी हुई रिया को पता भी नही चला की कब पूजा की रस टपकाती हुई चूत उसके मुँह के ठीक उपर आ लगी..

पूजा ने अपनी लटकी हुई चूत को नीचे करते हुए उसके होंठों से छुआया ,और जैसे ही रिया को उसकी चूत का अंदाज़ा हुआ, उसने लपक कर अपनी जीभ बाहर निकाल ली और उसे चाटना शुरू कर दिया.



पूजा बड़े ही मादक अंदाज में अपनी कमर हिला-हिलाकर उस से अपनी आइस्क्रीम चुस्वा रही थी.

एक के बाद दूसरी बार झड़ने के बहुत करीब पहुँच चुकी थी अब वो.

रिया तो जैसे हर पल के साथ सेक्स में मास्टर होती चली जा रही थी.



 उसकी जीभ अब पहले से ज़्यादा अंदर और पहले से ज़्यादा हमला करती हुई उसकी सेवा कर रही थी.

पर अब सिर्फ़ उसकी जीभ के कुरेदने से कुछ होने वाला नही था..

दोनो के सिर पर उत्तेजना का ज्वार पूरी तरह से चड चुका था.

पूजा ने अपनी चूत को नीचे लाते हुए उसकी टाँगो के बीच में से अपनी टांगे क्रॉस करी जिससे दोनो की चूतें आपस में मिल गयी..

और फिर दोनो एक दूसरे की आँखो में देखते हुए धीरे -2 अपने-2 शरीर को हिलाने लगे



और उस थिरकन ने जल्द ही रफ़्तार पकड़ ली

ऐसा लग रहा था जैसे दोनो को एक दूसरे से पहले झड़ने की जल्दी है..

रिया ने तो उसके चेहरे को अपने करीब लाकर उसे फ्रेंच किस करना शुरू कर दिया..

और साथ ही साथ उसकी गोल मटोल बॉल्स को भी अपने हाथों से मसलने लगी

एक साथ अपने सभी सेंसेटिवे पायंट्स पर हमला होता देखकर पूजा तो बावली हो गयी.

उसके होंठों को वो किसी वहशी की तरह चूस रही थी...बिल्कुल वैसे ही जैसे उसके जीजू ने चूसा था उसे उस दिन पार्क में .

और स्तनों को तो ऐसे मसल रही थी जैसे वो रबड़ के बने हो...पर इस वक़्त दर्द से ज़्यादा मज़ा मिल रहा था.

और अपनी चूत के उपर उसकी चूत की घिसाई महसूस करते हुए तो उसका बुरा हाल था.

घर्षण से इतनी गर्मी निकल रही थी अंदर से की अगर कोई कागज रख दो तो वो भी आग पकड़ ले..

पूजा से वो सब बर्दाश्त नही हुआ और उसने रिया को नीचे पटक दिया

और खुद उसके उपर चढ़ बैठी.

किसी मर्द की तरह

और अपनी चूत को फिर से उसकी चूत पर लगाकर ऐसे झटके मारने लगी जैसे वो अपने लंड से उसकी चुदाई कर रही हो



रिया के सेक्सी जिस्म और नशीली आँखो मे देखते हुए उसने अपनी चोदने की स्पीड तेज कर दी.

दोनो की चूतें एक दूसरे से घिसाई करने के बाद चाशनी से तर बतर हो चुकी थी.

चादर तो भीग ही चुकी थी बुरी तरह से

और फिर वो वक़्त आ ही गया,जिसके लिए दोनो इतनी मेहनत कर रही थी..झड़ने का

और आख़िर मे बुरी तरह से कराहती हुई दोनो झड़ने लगी..

''आआआआआआआआआअहह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओह.....''

और बाद में दोनो के मुँह से एक ही शब्द निकला..

''ऊऊऊऊऊऊऊऊहह जीजू......''

अब ये बताने की ज़रूरत नही थी की दोनो ही जड़ने के वक़्त अपने प्यारे जीजू के बारे में सोच रही थी..

और दूसरी तरफ उनके प्यारे जीजू इन सबसे अंजान ,अपने कमरे में खर्राटे मारकर सो रहे थे.

शायद अजय को ये अंदाज़ा नही था की इन दोनो के इस तरह से मिल जाने के बाद उसके आने वाले दिन उसकी जिंदगी में क्या रंग भरने वाले है..



 आज अजय की छुट्टी थी...ईद की...इसलिए वो काफ़ी देर तक सोता रहा..

और आज ही प्राची का वीकली चेकअप भी था...ईद की छुट्टी होने के बावजूद उसकी गायनो ने सिर्फ़ 12 बजे तक ही अपना क्लिनिक खोल कर रखा हुआ था..अजय काफ़ी गहरी नींद में था..इसलिए उसने अपनी माँ रजनी को फोन कर दिया और उनके साथ क्लिनिक के लिए निकल गयी.

जाते हुए रजनी ने अपनी बेटी पूजा को उठा दिया..और उसको अपने जीजू के नाश्ते की ज़िम्मेदारी पर लगा गयी.

वैसे तो पूजा को काफ़ी गहरी नींद आ रही थी...एक तो वो रात को काफ़ी देर तक रिया के साथ मज़े लेने के बाद सोई थी..करीब 3 बजे, उपर से छुट्टी वाले दिन उठना उसे बहुत बड़ा टॉर्चर लगता था..पर अपने जीजू का नाम सुनकर उसकी सारी नींद हवा हो गयी...और वो तुरंत बाथरूम में घुसकर नहा धोकर तैयार हो गयी.

उसने एक स्कर्ट और उसके उपर शर्ट पहनी...और जान बूझकर उसने आज अंदर ब्रा नही पहनी..

ऐसा तो तब होता था जब उसकी चुचियाँ नींबू जितनी थी...अब तो नारियल जितनी बड़ी और कठोर हो चुकी है...ब्रा ना पहनकर उसके तन - बदन में अलग ही तरह का रोमांच भर रहा था.

रिया को वो गहरी नींद में छोड़कर जल्दी-2 अपने प्यारे जीजू के पास पहुँच गयी.

वहां पहुँचकर देखा तो अजय नींद में बेसुध होकर सो रहा था..पूजा उसकी बगल में बैठ गयी..और बड़े ही प्यार से उसे निहारने लगी..सोते हुए कितना मासूम सा लग रहा था वो...पर उठकर कैसी-2 शरारते करता है ये बदमाश...यही सोचती हुई पूजा मुस्कुरा दी..वो सोते हुए भी इतना टेंप्टिंग सा लग रहा था की ना चाहते हुए भी पूजा अजय के उपर झुकती चलती गयी और उसने होल से अपने गीले लबों से उसके गालों को चूम लिया..

ऐसा करते हुए उसके गीले बाल फिसलकर नीचे आ गये और एक परदा सा बनकर उसके बालों ने उन दोनो के चेहरों को छुपा लिया...एक तो पहले से ही कमरे में अंधेरा था..उपर से ऐसा रोमॅंटिक सा अंधकार होते ही पूजा की जवानी ने एक जोरदार अंगड़ाई ली और उसने आवेश में आकर अपने होंठों को थोड़ा साइड में लाकर अजय के होंठों पर रख दिया और उसे चूसने लगी...पहले धीरे-2 और फिर ज़ोर से...

अपने होंठों के उपर हुए ऐसे हमले से अजय की नींद भी खुल गयी...और अधखुली आँखों से उसने देखना चाहा पर कुछ दिखा नही...फिर वो भी उस चुंबन का रिप्लाइ करने लगा..ज़ोर-2 से...जैसा वो अक्सर किया करता था...रोज सुबह.

यानी...वो ये समझ रहा था की ये किस्स उसकी बीबी प्राची कर रही है...जैसा की वो रोज मॉर्निंग में करती है...उसे उठाने के लिए..नहा धोकर..पूजा करके..वो सीधा आकर उसे चूमती और उठाती थी..

और यही काम जब आज उसकी साली कर रही थी तो उसे पता भी नही चला...पर जैसे ही अजय के हाथ खिसककर उसके मुम्मो पर आए और उसने उन्हे दबाया तो एक जोरदार चीख मारती हुई पूजा दूर जाकर खड़ी हो गयी..

''आआआआआअहह.....जीजू................. ये क्या करते हो.....''

जीजू!!!!! ये सुनते ही अजय उछलकर बैठ गया...और दूर खड़ी होकर शरमा रही पूजा को आँखे फाड़-फाड़कर देखने लगा...और समझने की कोशिश करने लगा की ये सब हो क्या रहा है...ये सच है या वो अभी तक कोई सपना देख रहा है...उसने अपने हाथ पर चुटकी काटी..जिसे देखकर दूर खड़ी पूजा ज़ोर-2 से हँसने लगी.

''ये सपना नही है जीजू....मैं सच में आपके सामने हूँ ....''

अजय के तो सारे के सारे दाँत दिखाई देने लग गये...इतनी हसीन सुबह तो उसकी आज तक नही हुई थी...जिसमे उसकी कुँवारी साली ने उसे ठीक वैसे ही उठाया था जैसे उसकी बीबी उसे रोज उठाया करती है..

अजय : "पर....पर तुम यहा कैसे....और प्राची कहा है...''

पूजा ने उसे सारी बात बताई....जिसे सुनने के बाद अजय की बाँछे खिलती चली गयी....यानी अगले 1-2 घंटे तक वो अपनी साली के साथ अकेला है...

उसके चेहरे पर आ रही शरारती मुस्कान को देखकर पूजा भी समझ गयी की अजय के ठरकी दिमाग़ में क्या चल रहा है...

''नो....नो....नो ......डोंट ईवन थिंक अबाउट देट ....मैं तो बस....आपको जगाने के बाद नाश्ता करवाकर वापिस जा रही हूँ ...''

इतना कहकर वो अपने दाँतो से होंठों को दबाकर जैसे ही वापिस जाने के लिए मुड़ी , अजय ने लपक कर उसकी कलाई पकड़ी और एक झटका देकर उसे अपनी तरफ खींच लिया...और वो स्लो मोशन में एक चकरी खाती हुई सीधा उसकी गोद में आकर गिर गयी...उसके चेहरे पर उसके गीले बालों ने बड़े ही सेक्सी अंदाज से कब्जा कर लिया....जिनके पीछे से वो अपनी गोल-मटोल आँखे दिखाती हुई बोली : "प्लीज़ जीजू ...छोड़ो ना.....क्या कर रहे हो....''

अजय : "वही...जो मैं रोज सुबह करता हूँ प्राची के साथ...अब वो तो है नही तो अपनी आधी घरवाली के साथ एटलीस्ट वो तो कर ही सकता हू ना...''

''क....क्या .....क्या कर सकते हो....'' उसने हकलाते हुए पूछा...उसके दिल की धड़कन अजय को सॉफ सुनाई दे रही थी..




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