Wednesday, August 5, 2015

FUN-MAZA-MASTI एक मज़बूर पति--3

FUN-MAZA-MASTI

 एक मज़बूर पति--3



रात के 3 बजे, मेरी नींद खुली तो देखा की मैं वही सोफे पर पड़ा हुआ था और सामने वाला रूम, जिसमें रुचिका थी वो खुला हुआ था।
मुझे लगा की शायद काम पूरा हो गया हो.. इसलिए, मैं रुचिका को देखने के लिए अंदर चला गया.. पर, मेरा सिर घूम रहा था और पैर लड़खड़ा रहे थे..
मैं जैसे तैसे, रूम में घुसा पर वहाँ कोई नहीं था। सिर्फ़, एक डबल बेड पड़ा था जिसकी बेडशीट अस्त व्यस्त थी।
बेड शीट पर खून और वीर्य के धब्बे पड़े थे.. लेकिन, रुचिका का कुछ आता पता नहीं था।
मैं रूम से बाहर आ गया और इधर उधर घूमने लगा।
मैं रुचिका.. !! रुचिका.. !! चिल्लाना चाहता था.. लेकिन, सिर चकराने के कारण चिल्ला नहीं पा रहा था..
फिर, मुझे ऊपर से कुछ आवाज़ें आईं और मैं लड़खड़ाते हुए, सीडीयों से ऊपर चला गया जहाँ एक रूम था.. जिसका, दरवाजा थोड़ा खुला हुआ था..
मैंने जैसे ही रूम का दरवाजा खोला तो मेरी गाण्ड फट गई.. क्यूंकी, रूम में मेरी बीवी एक बेड पर थी और चार आदमी उसे चोद रहे थे.. ..
दूसरी तरफ, पिंकी भी सोफे पर एक लड़के से चुद रही थी.. जबकि, एक आदमी किनारे, एक सिंगल सोफे पर बैठा ड्रिंक कर रहा था..
मैंने पूरी ताक़त लगते हुए चीखा की यह क्या हो रहा है…

अचानक से, रूम में हड़बड़ाहट सी फैल गई और रुचिका के साथ लगे दो लड़के मेरे पास आ गये।
मैंने देखा की उनमें से एक “वीरेंद्र” ही था।
मैं समझ गया की मेरे साथ धोका हुआ है.. लेकिन, तब तक पिंकी को चोदने वाले और ड्रिंक पीने वाले लड़के ने भी मुझे घेर लिया..
फिर उन्होंने मेरे हाथ पाँव पकड़ लिए और फिर रस्सी से बाँध कर, वहीं सोफे पर पटक दिया।
अब मेरे हाथ-पावं बँधे थे और मुंह पर भी टेप चिपका दिया।
फिर, उन लोगों ने पिंकी को थप्पड़ मारा की साली, कैसी दवाई थी की जो 4 घंटो में ही जाग गया.. !!
मैं समझ गया की पिंकी ने कोल्ड ड्रिंक में कोई दवाई मिलाई थी.. जिससे, मुझे नशा हो गया था..
मैंने इधर उधर नज़र डाली तो देखा की रूम में कई कैमरे लगे हुए थे.. यानी, मेरी बीवी की चुदाई की पूरी शूटिंग हो रही थी..
पर सबसे हैरानी इस बात की थी, रुचिका चुदने में ऐसे व्यस्त थी जैसे कुछ हुआ ही ना हो।
अब वीरेंद्र मेरे पास आया और बोला की सॉरी भाई, तेरी बीवी इतनी मस्त थी की साली को पहले ही दिन से चोदने का प्लान बना रहा था.. !!
फिर उसमें से एक ने, मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए और बोला की ज़रा इस चूतिए का लण्ड तो देखें की इतनी मस्त बीवी की चूत अभी तक इतनी टाइट कैसे है.. !!
फिर, जैसे ही उन्होंने मेरे लण्ड को देखा तो सब हँसने लगे।

अब वीरेंद्र बोला की साले, मुझे तो पहले से ही शक़ था.. !!
फिर सब के सब मुझे छोड़ कर, रुचिका के पास इकठ्ठा हो गये।
रुचिका, राहुल का लण्ड अपनी चूत में डाले हुए कूद रही थी..
वीरेंद्र जा के उसके पीछे बैठ गया और उसकी गाण्ड में, एक उंगली डालने लगा।
रुचिका को इस पर और मज़ा आने लगा, वो प्यार से घूमी और “वीरू, आई लव यू” कहने लगी।
अचानक से, उसकी नज़र मेरे ऊपर पड़ी।
शायद, चुदाई के नशे में अभी तक उसे मेरे वहाँ होने का पता ही नहीं था.. वैसे भी जब मैं रूम में घुसा था तो रुचिका की पीठ मेरी तरफ थी..
मुझे देखते ही, वो सकपका गई पर वीरू ने उससे कहा की टेन्षन ना लो.. !! वो कुछ नहीं करेगा.. !! तुम बस, हमारे साथ मज़े करो.. !! और वीरू दुबारा उसकी गाण्ड में, ज़ोर से उंगली करने लगा।
जब वीरू ने, उंगली निकाली तो उसमें वीर्य लगा हुआ था.. यानी, मेरी रुचिका की गाण्ड पहले ही, चुद चुकी थी..
मुझे रोना आ रहा था पर मेरी बीवी चुदवाने में मस्त थी।
फिर, बाकी लड़के जिनका नाम लकी, विनोद, राजू और देव था, वो भी मेरी बीवी को इधर उधर से सहलाने लगे।
उनके बीच से, मुझे बस अपनी बीवी की चूत दिखाई दे रही थी.. जिसमें राहुल का बड़ा सा लण्ड, अंदर बाहर जा रहा था..
रूम में, मुझे छोड़ कर सब नंगे थे और मेरी पैंट भी जो उन्होंने उतार दी थी, उसमें से मेरा छोटा सा लण्ड मुरझाया सा लटका हुआ था..
अब राहुल ने रुचिका को कस के पकड़ लिया, शायद उसका होने वाला था वो ज़ोर से चिल्लाया – रु चि का का का का का आ आ आ आ आ आ आ.. !! मे रा रा रा, हो ने वा ला है ह ह ह ह ह ह ह ह ह.. !!
उसे देख कर, सब हंस रहे थे..
फिर उसने नीचे से ही रुचिका को कस कर, अपने सीने से चिपका लिया और ज़ोर ज़ोर धक्के मारने लगा।
वीरेंद्र ने, लकी को मेरे आगे से हटने को कहा.. वो चाहता था की मैं यह नज़ारा, अपनी आँखो से देखूं..
फिर राहुल ढेर सारा माल, रुचिका की चूत में ही छोड़ने लगा..
कम से कम, एक मिनट तक राहुल ने उसे ऐसे ही चिपकाए रखा आर फिर रुचिका की चूत में से, राहुल का माल बाहर आने लगा..
मुझे अहसास हुआ की रुचिका भी झड़ गई है और उसका भी पानी बाहर आ रहा है।
मैंने ऐसा नज़ारा, पहली बार देखा था.. ..
रुचिका के पूरे शरीर पर पसीना आ रहा था.. लेकिन, फिर थोड़ी देर में वो मस्ती से अपनी गाण्ड ऊपर नीचे करने लगी..
लकी और वीरू, दोनों मुझे ही देख रहे थे और ज़ोर ज़ोर से हंस रहे थे।
अब वीरू बोला की देख बे, मादार चोद.. !! लड़की को कैसे चोद्ते हैं.. !!
फिर, राहुल ने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और खिसक कर बेड के किनारे लेट गया.. उसकी जगह, देव रुचिका के नीचे आ गया..
उसने प्यार से, रुचिका को घुमाया और रुचिका बड़े प्यार से घूम गई.. जैसे साली, मेरी बीवी ना हो कर उनकी रखैल हो..
एक मज़बूर पति की ये एक अजीबो गरीब कहानी, जारी रहेगी अगले भाग में…



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