Tuesday, March 16, 2010

राज शर्मा की कामुक कहानिया
हिंदी सेक्सी कहानिया
आप की शशि पार्ट् – 5

नाउ स्टार्ट दा नेक्सत पार्ट् फोर सेक्स discovery (पार्ट् - ५)

तो उस दिन तो जैसे मैंने एक नई जिन्दगी प ली न्यू सेक्स लाईफ इस जस्ट कमिंग तो स्टार्ट नोउ!!!! मैं और कमि कुछ देर वही बेड़ पे लेटे रहे और किस्सिंग करते रहे. बड़े जोर से चूमता था मुझ को वों पर मुझे और भी अच्छा लगता था.... फिर वों उठा.

अये शशि आज मुझे नहलओगी नहीं क्या?

हां क्यों नहीन. मैंने उस का हाथ पकड़ के उस को अपनी तरफ खिंचा वों भी बेड़ से नीचे आ गया उस का लंड अब फिर से हार्ड हो रहा था. मैंने हाथ में पकड़ लिया काफी बड़ा था मेरे हाथ में पूरा नहीं आया. खैर मैंने जोर से पकड़ा और उसे बाथ्रूम में ले आयी वों वैसे ही चलता हुआ मेरे पीछे पीछे आ गया.

जरा आराम से शशि

ओह साँरी दर्द तो नहीं हुआ? और मैंने अपनी गिरफ्त ढीली कर दी मैं शोवेर खोला और हम दोनों उस के नीचे आ गये. ठंडा ठंडा पानी जब हमारी बोडिस पे गिरा तो एक सुकून सा मिला. आह्ह्ह्ह!!!!!!!!!!!!!! हम एक दूसरे कि बोडिस को मल रहे थे और शोवेर के नीचे ही थे. वों मेरे पीछे था और उस का हार्ड लंड मेरे हिप्प्स पे लगा रहा था. उस के हाथ मेरे बूब्स को मसल रहे थे वोव बड़ा अच्छा लगा रहा था. जी चाहा रहा था के अब युन्हि नहाते रहें और कोई न आये आह्ह!! अब उस का लंड मेरे हिप्प्स के सेंटर में आ गया मेरे हिप्प्स बड़े गोल गोल और छोटे थे उस का लंड सेंटर से मेरी पूस्सी (चूत) को टच कर रहा था. मैं एक बार फिर होट् और वेट् हो रही थी. मैंने हाथ पीछे कर के उस के लंड को पकड़ लिया.

नाराज न हो तो मैं तुम्हें फिर गिला गिला कर दून? मैंने आहिस्ता से कहा.

हां जान जो चाहो करो ये तो है ही तुम्हारे लिये. कम ओन... उस ने मेरे कानों कि लौ को किस्स करते हुए कहा और मैं पलटी और उस के लंड को दोनों हाथों में ले कर मसाज़ करने लगी. उस ने मेरे हाथों को ठीक डाईरेक्शन में किया अब मैं उस कि शाफ्ट को आगे पीछे करने लगी. फिर मैं बैठ गयी और बड़े प्यार से उस के लंड हेड पे किस्स कि. और बहुत सी किस्सेस कि अह्ह्ह अच्छा लगा रहा था ऊपर से पानी हम पे गिर रहा था और मैं गिला गिला लंड ज़ुबान से चाटने लगी. और उस के बोल्ल्स मुँह में डाल के सुक्क करने लगी फिर पूरा मुँह खोला के आधे से ज्यादा लंड मुँह में ले गई और मुँह को आगे पीछे करने लगी. कमि के मुँह से आह्ह्ह्ह कि आवाज़ आई जोर से और मैंने लंड मुँह से निकल दिया.

क्या हुआ?

कुछ नहीं जान दांत न लगाओ दर्द होता है सिर्फ होंठों से करो .

ओ के. जान और मैंने फिर लंड मुँह में डाल कर जोर जोर से चूसना शुरू कर दिया अब तो उस के मुँह से अवज़ैन आने लगी मैं तो जैसे पागलों कि तरह सुक्क कर रही थी. मेरी चूत से गिला गिला शोवेर के पानी के साथ टीप टीप नीचे टपकने लगा. मैं एक हाथ अपनी पूस्सी (चूत) पे ले गई और अपने क्लीट् को रब करने लगी.

हाथ हटा लो और सिर्फ मुँह से करो उस ने कहा और मैंने हाथ उस कि हिप्प्स पे रख लिये और मुँह को और खोल के आगे पीछे करने लगी. अब तो उस का लंड हेड मेरे गले को उन्देर से टच कर रहा था और मेरी हलक से अवज़ैन निकलने लगी. आघ अघ आघ आघ !!! अब वों भी आगे पीछे हो रहा था उसे बहुत ही मजा आ रहा था और मुझे ये सोच कर मजा आ रहा था के वों setisfy हो रहा है. आघ आघ अघ अघ और वों रिलेक्स हो गया. सारा मेरे मुँह में फिर से उस का गिला गिला मेरे गले के उन्देर चला गया.. उस ने मुझ शौल्देर्स से पकड़ के उठा और गले लगा लिया और मेरे हूंतून को चुम्ने लगा.

थैंक्स जान थंक्स थंक्स

क्यों ये मेरा ही है न मैं जब चहून जो करुँ.. तुम अपनी चीज का खयाल रखो बस...

हां क्यों नहीं अभी लो... उस ने कहा और अब वों बैठ गया और मेरी पूस्सी (चूत) को लिक्क करने लगा मैंने थोडी से टाँगें फैला ली ताके उस को आसानी हो.. और वों भी पागलों कि तरह मेरी चूत चाटने लगा आह हुँ हो ह अह्ह मैं जोर जोर से सिसकियाँ लेने लगी. मुझ ऊंची आवाज़ में आहें भरने में बहुत ही मजा आता था और वों था के मेरे पयुबिक हैर पे लेफ्ट लिप पे राईट लिप पे और फिर मेरे क्लीट् को तो जैसे ख ही जाना चह्त था. अह्ह्ह अह्ह्ह और फिर उस ने अपनी ज़ुबान मेरे होल में डाल दी आअह्ह ह्हा हुउउम्म्म!!!!!!

वोव क्या सरूर था और वों अब ज़ुबान को उन्देर बाहर कर रहा था और मैं रेलेअस हो गई लेकिन वों रुका नहीं और करता गया. मेरे हाथ उस के सिर पे थे मैं उस का सिर जोर से अपनी तरफ कर रही थी.. और मैं एक बार फिर रेलेअस हो गई और मेरी अवज़ैन और बुलन्द हो गई आह आह अह अह और मैंने उस को ऊपर उठा लिया.

बस जान बस करो मैं मर जऊनगि बस!!!!!! और वों मेरे साथ लिपट गया और हम ने एक दूसरे को सोअप लगा कर नहलाया और बाहर आ गये. हम ने कपड़े पहने और वों एक लोंग किस्स कर के कमरे से चला गया. मैं बेड़ पे लेट गई मेरी तो टाँगों और पूरे बादन में जान ही नहीं रही थी और मेरी आंख लगा गई और मैं सो गई. मेरी आंख जब खुली के खाला मेरे सिर पे हाथ फेर रही थी.

उठ बैटा कुछ खा लो. कब तक युन्हि घुम करती रहोगि... और जाने क्या क्या कहा रही थी वों. मैं उठ के बैठ गई. अब मेरा मूड काफी बेहतर था रात हो चुकी थी. हम सब ने मिल कर डिनर किया. और मैं फिर अपने कमरे मे आ गई... इन दिनों खाला मेरे ही साथ सोती थी क्यों के मैं रात में डर जाति थी लेकिन उस रात जब खाला सोने के लिये आइन तो मैंने उन से कहा.

ख़ल्ल मैं अब ठीक हुँ आप अब अपने कमरे में सो जाये

थंक्स और फिर उन्होने ने प्यार से मेरे माथे को चूमा और चली गयी.... मैं अकेले नहीं बल्कि फिर से कमि के साथ सोने में intresded थी और मुझ पत्ता था के वों आये ग जरूर हमें एक दूसरे कि प्यास थी..... मैं लेटी करवटें ले रही थी के रात के १२ हो गये लेकिन वों नहीं आया तो मैं अपने कमरे से निकली और बाहर का जायजा लिया. सब सो रहे थे घर कि लाईट ओफ्फ थी मैं कमि के रूम कि तरफ जाने लगी कहा वों भी कमरे से निकल आया. लेकिन मैं उस के डोर तक आ चुकी थी. हम ने एक दूसरे को गले लगाया और वों मुझे अपने कमरे में ले गया.

तुम आये नहीं मैं वैट कर कर के खुद ही आ गई मैंने एक किस्स किया उस के हूंतून पे.

मैं आ ही रहा था लेकिन मोम डैड के सोने का वैट कर रहा था. हां वैसे भी मेरे पूरे बादन में दर्द हो रहा है आज हम ने बहुत हार्ड वर्क कर लिया है. अब मुझ में ताकत नहीं यार उस ने मुझे बेड़ पे बिथते हुए कहा

हां हिमत तो मुझ में भी नहीं है लेकिन जाने ये केसी आग लगा दी है तुम ने के मेरी चूत को सुकून ही नहीं. अभी भी देखो वेट् हो रही है. और उस ने हाथ मेरी शलवार में डाल के मेरी पूस्सी (चूत) को टच किया मैंने हिप्प्स को उठाया.

हां शशि तुम तो अभी भी बहुत गेलि हो रही हो. लेकिन हाथ से काम चलेगा क्या? उस ने हाथ मेरे क्लीट् पे फेरते हुए पूछा.

हां ये हाथ यहीं रख दो अब कुछ चैन आया है इस को... और मेरी आंखें बन्द होने लगी वों मसाज़ करता रहा.

शशि वों मूवी देखोगि? उस ने आहिस्ता से पूछा

हां ज़रोर. क्यों नहीं जिस कि वजह से हम ने इतना मजा लिया दिखाऊ तो सही उस में है क्या. मैं उठ कर बैठ गई और उस ने टीवी और विडिओ ओन कर दिया और अपने ड्रॉअर में से एक कैसेट निकाली और ओन कर दी. फिर मेरे पास आ के बैठ गया. मूवी चलने लगी उस का हाथ मैंने पकड़ के वापिस अपनी चूत पे रख लिया और उस का लंड हाथ में ले कर मलने लगे और मूवी चलती रही....... हम देखते रहे.......

वों एक फुल्ल xxx मूवी थी जिस ने हम को सब कुछ सीखा दिया.......... हम मूवी देखते रहे और हमारे हाथ अपना काम करते रहे मैं तीन बार रेलेअस हुई और वों भी एक बार रेलेअस हो गया... . अब तो हम सब जान चुके थे कहा सेक्स है क्या......... अब तो जंग होनी थी........ बाकी नेक्सट में ओ के प्लीज वैट...... थैंक्स

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