Sunday, June 13, 2010

गहरी चाल पार्ट--26

raj sharma stories राज शर्मा की कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँहिंदी सेक्सी कहानिया चुदाई की कहानियाँ उत्तेजक कहानिया rajsharma ki kahaniya ,रेप कहानिया ,सेक्सी कहानिया , कलयुग की सेक्सी कहानियाँ , मराठी सेक्स स्टोरीज , चूत की कहानिया , सेक्स स्लेव्स ,

गहरी चाल पार्ट--26

"यह सब कैसे हुआ,जीत?",लॉक-अप मे बैठे षत्रुजीत सिंग का हाथ कामिनी ने अपने हाथ मे ले लिए,"..मुझे सब कुच्छ बिल्कुल शुरू से बताओ.",पोलीस ने शत्रुजीत को शक़ की बिना पे हिरासत मे ले लिया था.

"मैं अपने घर पे ही अपने स्टाफ के साथ काम कर रहा था.11 बजे तक सारे लोग चले गये बस मैं & अब्दुल काम कर रहे थे."

"सिर्फ़ तुम दोनो,क्यू?बाकी स्टाफ क्यू नही था तुम्हारे साथ?"

"क्यूकी वो बहुत सेन्सिटिव फाइल्स थी ,कामिनी जिनके बारे मे मेरे & अब्दुल के सिवा बस अंकल जे ही जानते थे."

"हूँ,फिर?"

"रात के 12 बजे मैं कुच्छ काग़ज़ लेने नीचे हाल से उपर अपने बेडरूम को गया.पहली मंज़िल पे बिल्कुल अंधेरा था,सारे नौकर भी अपने कमरो मे जा चुके थे.मेरा बेडरूम लॉक था...नंदिता अक्सर ऐसा करती थी.हम दोनो के पास अपनी-2 चाभीया थी.मैने अपनी जेब से चाभी निकाल कर दरवाज़ा खोला & जैसे ही अंदर कदम रखा,मेरा पैर किसी चीज़ से टकराया."

"..कमरे मे भी अंधेरा था.मैने वो चीज़ उठाई & फ़ौरन लाइट का स्विच ऑन किया.मैने देखा की वो चीज़ मेरी पिस्टल थी & सामने कुर्सी पे नंदिता पड़ी थी.उसकी बाई कनपटी से खून बह रहा था & उसका सर भी उसी तरफ झुका हुआ था.मैने फ़ौरन अब्दुल को आवाज़ दी & आंब्युलेन्स & पोलीस को बुलाने को कहा..साथ ही उसे सभी गार्ड्स को सारी लाइट ऑन कर बंगल का चप्पा-2 छानने को कहा."

"..मैं जानता था की नंदिता मर चुकी है.",शत्रुजीत चुप होकर दूसरी तरफ देखने लगा.कामिनी ने उसके कंधे पे अपना हाथ रखा,"..वो पिस्टल लगातार मेरे हाथ मे थी.सारे नौकरो ने भी मुझे उसे पकड़े देखा.पोलीस को शक़ हुआ & मैं यहा हू."

"जीत,तुम्हारी & नंदिता की शादी के बारे मे तुम मुझे पहले भी बता चुके हो..पर कुछ ऐसी बात जो तुमने मुझे ना बताई हो?"

"मैं उसे तलाक़ देना चाहता था.अभी कुच्छ ही दिन पहले मैने उसे ये बात बताई.शुरू मे तो उसने कुच्छ नही कहा..मगर बाद मे उसने सॉफ मना कर दिया."

"तुम दोनो का इस बात पे झगड़ा हुआ?"

"हुन्ह..",शत्रुजीत 1 फीकी हँसी हंसा,"..झगड़े के लिए भी दिल मे कुच्छ भावनाए होनी चाहिए..हम दोनो के बीच तो इतना सा भी लगाव नही था,लेकिन हुमारी बहस ज़रूर हुई थी."

"किसी ने सुनी थी ये बहस?"

शत्रुजीत थोड़ी देर सोचता रहा,"..शायद 1 बार नंदिता की नौकरानी ने सुना हो."

"ओके."

"कामिनी,मैने सुना है कि अंकल जे के क़ातिल का केस भी तुम ही लड़ रही हो?"

"हां."

"कामिनी,तुम जानती हो अंकल जे मेरे लिए क्या थे,फिर भी?"

"जीत,करण भी मेरा क्लाइंट है,फिर अगर उसने गुनाह किया है तो उसे सज़ा ज़रूर मिलेगी,लेकिन उसे भी तो 1 बार अपना बचाव करने का हक़ है ना!"

"पता नही.मुझे ये ठीक नही लगा."

"प्लीज़ जीत,मेरी हालत को समझो."

"हूँ."

----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

कामिनी कोर्टरूम मे जड्ज & सरकारी वकील के आने का इंतेज़ार कर रही थी,"मॅ'म,मुझे नही लगता करण मेहरा की ज़मानत होगी?",मुकुल ने सारे पेपर्स सॅंजो कर उसके सामने रख दिए.

"हां,मुकुल.बहुत बुरा फँसा है..पर हमे कोशिश तो करनी ही है.",तभी कुच्छ शोर सा हुआ तो कामिनी ने देखा की सरकारी वकील अपनी असिस्टेंट के साथ चला आ रहा था.वो दोनो और कोई नही उसका पूर्व पति विकास & उसकी प्रेमिका सीमी थे.कामिनी चौंक गयी पर उसने अपने चेहरे पे कोई भाव नही आने दिया.उसने देखा की उसे देख सीमी ने नज़रे झुका ली थी & अपने हाथ मे पकड़ी फाइल देखने का नाटक कर रही थी.कामिनी मन ही मन उस पे हँसी.विकास को देख वो थोड़ा असहज तो हुई थी मगर फिर उसे ख़याल आया कि उस से रिश्ता टूटने के बाद उसकी ज़िंदगी कितनी रोमांचकारी हो गयी.उसके तीनो प्रेमियो से उसे जो खुशी,जो सुकून मिला वो शायद विकास के साथ भी कभी नही मिला था.

"हेलो,विकास.",विकास भी थोड़ा सकपका रहा था मगर कामिनी की पहल ने उसे भी सहज कर दिया,"हाई!कामिनी.कैसी हो?",उसने मुकुल को भी सर हिला के उसकी हाई का जवाब दिया.

"हाई!सीमी",कामिनी सीमी से मुखातिब हुई तो उसने भी सर झुकाए जल्दी से हेलो कहा.ठीक उसी वक़्त जड्ज के आने का एलान हुआ & सीमी ने चैन की सांस ली.जड्ज रस्टों कवास अपनी कुर्सी पे बैठे & कोर्ट की करवाई शुरू करने का हुक्म दिया.रस्टों कवास की ईमानदारी & क़ानून की समझ की सभी मिसाले देते थे,"मॅ'म,ये तो कभी ज़मानत नही देगा.",मुकुल कामिनी के पीछे फुसफुसाया.

और हुआ भी यही.सारे सबूत-करण की लाइसेन्स्ड गुण की बेलिस्टिक रिपोर्ट,चस्मडीद गवाहॉ के बयान & सीक्ट्व कॅमरा की फुटेज,सभी करण को ही दोषी करार दे रहे थे.जड्ज कवास ने उसकी पुलिस रेमांड और 15 दीनो के लिए बढ़ा दी.

"करण,तुम फ़िक्र मत करना.मुझपे भरोसा रखो.ओके.",मायूस करण सर झुकाए हवलदरो के साथ पोलीस वन मे बैठ गया.

कामिनी वापस कोर्टरूम मे आई.जड्ज भी वही था & सरकारी वकील भी मगर इस बार केस था नंदिता सिंग के क़त्ल का.

"षत्रुजीत सिंग जी,आपकी अपनी बीवी से कैसी नीभती थी?",शत्रुजीत कटघरे मे खड़ा था & विकास उस से सवाल कर रहा था.

"जी,ठीक-ठाक."

"ज़रा इस ठीक-ठाक पे रोशनी डालेंगे."

"जी हम 1 दूसरे को चाहते नही थे मगर हुमारे दिलो मे 1 दूसरे के लिए बहुत इज़्ज़त थी."

"तो फिर आपने उनका खून क्यू किया?"

"ऑब्जेक्षन,मिलर्ड!",कामिनी की आवाज़ खचाखच भरे कोर्टरूम मे गूँजी,"अभी तक जुर्म साबित नही हुआ है,युवर ऑनर & उसके पहले मेरे मुवक्किल से ऐसे सवाल नही किए जा सकते."

"ऑब्जेक्षन सस्टेंड."

"मिलर्ड,".विकास ने जड्ज कवास को देख के सर झुकाया,"..तो आपकी अपनी पत्नी के साथ नही बनती थी?"

"जी."

"उसकी कोई खास वजह."

"जी नही.बस यू समझिए की हम 2 बिल्कुल अलग सोच के लोग थे जो हालत की वजह से शादी के बंधन मे बँध गये."

"मिस्टर.सिंग,आपके अपनी बीवी के अलावा भी और किसी औरत से संबंध रहे हैं?"

"जी."

"आपकी बीवी का आपकी इस हरकत पे क्या कहना था?"

"उसे कोई फ़र्क नही पड़ता था."

"मुलज़िम झूठ बोल रहा है,मिलर्ड!दुनिया की कोई भी औरत अपने पति की बेवफ़ाई नही बर्दाश्त कर सकती.युवर ऑनर,मुलज़िम का अपनी बीवी से झगड़ा हुआ & उसे इतना गुस्सा आया की उसने अपनी बीवी पे गोली चला दी.ये खून जज़्बाती होकर किया गया था,इसीलिए उसे सबूत मिटाने या च्छुपाने का वक़्त नही मिला & वो पकड़ा गया.मिलर्ड मेरी आपसे इल्तिजा है कि मुलज़िम की ज़मानत की अर्ज़ी खारिज कर उसे पोलीस हिरासत मे ही रहने दिया जाए."

"मिलर्ड,सरकारी वकील ने दलील तो अच्छी दी है मगर इनके पास कोई गवाह है जो ये साबित करे की उस रात शत्रुजीत & नंदिता सिंग मे कोई झगड़ा हुआ था."

"उस रात तो नही मगर मेरे पास 1 गवाह है जो ये बताएगा कि इनके & इनकी पत्नी के बीच मे किस बात को लेके मनमुटाव चल रहा था.मैं गवाह को पेश करने की इजाज़त चाहता हू."

"इजाज़त है."

"शांति,अपना परिचय दो?"

"मैं नंदिता मेडम की मैड थी."

"तुमने उनकी मौत से कुच्छ दिन पहले उन्हे शत्रुजीत जी से क्या बात करते सुना था?"

"जी..साहब कुच्छ कह रहे थे जो शायद मेडम नही मान रही थी.मैने बस इतना सुना की तो तुम नही मनोगी & मेडम ने कहा नही..इसके बाद साहब कमरे से बाहर चले गये."

"आप क्या माँग रहे थे,मिस्टर.सिंग?"

"तलाक़.",कोर्ट मे ख़ुसर-पुसर होने लगी.

"ऑर्डर!ऑर्डर!"

"अब तो केस आईने की तरह सॉफ हो गया मिलर्ड.क़त्ल की 1 जायज़ वजह भी मिल गयी.दट'स ऑल."

विकास के बैठते ही कामिनी खड़ी हुई,"मिलर्ड.मुझे मिस्टर.सिंग से कुच्छ नही पुच्छना है बल्कि मैं 1 दूसरा गवाह पेश करूँगी.आपकी इजाज़त चाहिए."

"गो अहेड."

"मिस्टर.सिंग,आप नंदिता जी के पिता हैं?"

"जी."

"आपको अपने बेटी & दामाद के बीच के रिश्ते की असलियत मालूम थी."

"जी,हां.नंदिता या शत्रु ने हमसे कभी कुच्छ नही च्छुपाया था."

"मिस्टर.सिंग,आपकी बेटी से आपका रिश्ता कैसा था?"

"जैसा 1 बाप & बेटी का होना चाहिए.लगभग हर दूसरे तीसरे दिन हम फोन के ज़रिए 1 दूसरे का हाल तो लेते ही थे,मौका मिलने पे मुलाकात भी होती थी."

"तो कभी आपको आपकी बेटी ने शत्रुजीत जी के तलाक़ माँगने की बात बताई थी."

"नही."

"पॉइंट टू बी नोटेड मिलर्ड,सरकारी वकील साहब के मुताबिक जिस बात के चलते नंदिता जी का खून हो गया,वो उतनी ज़रूरी बात उन्होने अपने पिता तक को नही बताई..उस पिता को जिनसे वो हुमेशा बात करती थी या फिर मिलती थी."

"मिस्टर.सिंग,आप अपने दामाद के बारे मे तो अख़बारो मे पढ़ते ही रहते होंगे?"

"जी."

"उनमे उनकी दूसरी लड़कियो के साथ संबंध होने की भी बाते छपती रहती हैं."

"जी,और वो सच्ची हैं..मैने पहले ही कहा मेरे बेटी-दामाद कभी भी कुच्छ नही छिपाते थे.मुझे शत्रु की ऐसी बाते अच्छी तो नही लगती थी मगर मेरी बेटी को ही जब इस बात से कोई फ़र्क नही पड़ता था तो फिर मेरी नाराज़गी भी मुझे जायज़ नही लगी."

"अनदर पॉइंट,मिलर्ड.नंदिता जी को शत्रुजीत सिंग के दूसरी औरतो से ताल्लुक़ात से कोई ऐतराज़ नही था.",वो फिर नंदिता के पिता से मुखातिब हुई,"फिर उन्होने तलाक़ वाली बात आपको क्यू नही बताई?"

"ये तो मैं नही जानता."

"वैसे आपको क्या लगता है,क्या दोनो को तलाक़ ले लेना चाहिए था."

"जी,बिल्कुल.ऐसी शादी का कोई मतलब ही नही था."

"तो आपकी बेटी के ना करने की वजह आपको क्या लगती है?"

"मुझे कोई अंदाज़ा नही."

"आपको लगता है की आपका दामाद आपकी बेटी का खून कर सकता है?"

"जी नही,शत्रु को अपने पिता से सच्चाई & ईमानदारी विरासत मे मिली है.इसमे किसी और का हाथ है & मेरे दामाद को फँसाया गया है."

"थॅंक यू,मिस्टर.सिंग.",वो विकास की ओर मूडी,"युवर विटनेस."

"नो क्वेस्चन्स.",नंदिता के पिता के बयान ने पलड़ा शत्रुजीत की तरफ झुका दिया था.

"अब मैं शांति जी से कुच्छ सवालात करना चाहूँगी,मिलर्ड."

"प्लीज़ प्रोसीड."

"शांति जी,आप कब से नंदिता जी के साथ थी?"

"जी,जबसे वो शादी करके साहब के घर आई."

"इतने सालो मे कभी आपके साहब ने आपके साथ कोई बुरा बर्ताव या छेड़खानी की?"

"जी नही."

"क़त्ल वाली रात को आप क़त्ल की जगह पहुँची तो आपने क्या देखा?"

"पूरे घर मे हड़कंप मचा था.गार्ड्स सारे कॉंपाउंड की लाइट्स जला के चप्पा-2 छान रहे थे.मैं भागती हुई नीचे अपने कमरे से उपर साहब-मेडम के कमरे तक पहुँची तो देखा की मेडम की लाश कुर्सी पे पड़ी है & साहब & पाशा साहब खड़े बाते कर रहे हैं."

"क्या बाते कर रहे थे दोनो?"

"पाशा साहब कह रहे थे की भाई आपने ज़मीन से गन क्यू उठाई तो साहब ने बोला की मुझे क्या पता था की वो गन है..अंधेरे मे मुझे कुच्छ दिखा ही नही..फिर पाशा साहब बोले की गन को वापस फर्श पे उसी जगह रख दो पर साहब नही माने."

"शत्रुजीत जी ने आपसे कुच्छ कहा?"

"हां,उन्होने मुझसे पुचछा की मैने मेडम को आख़िरी बार कब देखा था तो मैने बताया की 11 बजे उनका सारा काम करके मैं अपने कमरे मे चली गयी थी.."

"और?"

"..फिर हम सब नौकरो को इकट्ठा करके साहब ने कहा कि हम सब पोलीस को सारी सच बात बताएँगे.ऐसा करने से ही मेडम के खूनी का पता चलेगा."

"थॅंक यू,शांति जी."

"मिलर्ड!किस पति-पत्नी के बीच अनबन नही होती",उसने विकास पे 1 नज़र डाली तो उसने मुँह घुमा लिया,"..हां मेरे क्लाइंट & उनकी बीवी के बीच बहुत ज़्यादा थी मगर मेरे गवाहॉ के बयान ने साबित कर दिया है की मेरे क्लाइंट ने उस अनबन की वजह से अपनी बीवी का क़त्ल नही किया है..पिच्छले 2 दीनो से मेरे मुवक्किल पोलीस की हिरासत मे है.उन्होने अपनी मर्ज़ी से पोलीस को सारी जानकारी दी है.मुझे नही लगता कि उनकी पोलीस रेमांड बढ़ाने की कोई ज़रूरत है.मेरी आपसे गुज़ारिशा है की उनकी ज़मानत की अर्ज़ी मंज़ूर कर ली जाए."

जड्ज कवास थोड़ी अर तक कुच्छ पेपर्स देखते रहे,"अदालत इस नतीजे पे पहुँची है कि मुलज़िम ने पोलीस & क़ानून की 1 अच्छे शहरी की तरह मदद ही की है लेकिन वो अभी भी शक़ के दायरे से बाहर नही हुआ है.साथ ही अदालत को ये भी लगता है की पोलीस के पास अब उसे हिरासत मे रखने की कोई ठोस वजह नही है लिहाज़ा अदालत उसकी ज़मानत की अर्ज़ी मंज़ूर करती है.मुलज़िम को ज़मानत के तौर पे 25000 रुपये अदालत के पास जमा करने होंगे & वो केस की सुनवाई पूरी होने तक बिना अदालत की इजाज़त के शहर या मुल्क के बाहर नही जा सकता."

"..ऐसा करने पे उसकी ज़मानत अपनेआप रद्द हो जाएगी & उसे फ़ौरन हिरासत मे लिया जाएगा.केस की अगली सुनवाई 3 हफ़्तो के बाद होगी."
क्रमशः...........................


GEHRI CHAAL paart--26

"yeh sab kaise hua,Jeet?",lock-up me baithe Shatrujeet Singh ka hath Kamini ne apne hath me le liye,"..mujhe sab kuchh bilkul shuru se batao.",police ne shatrujeet ko shaq ki bina pe hirasat me le liya tha.

"main apne ghar pe hi apne staff ke sath kaam kar raha tha.11 baje tak sare log chale gaye bas main & Abdul kaam kar rahe the."

"sirf tum dono,kyu?baki staff kyu nahi tha tumhare sath?"

"kyuki vo bahut sensitive files thi ,kamini jinke bare me mere & abdul ke siwa bas uncle Jay hi jante the."

"hun,fir?"

"raat ke 12 baje main kuchh kagaz lene neeche haal se upar apne bedroom ko gaya.pehli manzil pe bilkul andhera tha,sare naukar bhi apne kamro me ja chuke the.mera bedroom lock tha...Nandita aksar aisa karti thi.hum dono ke paas apni-2 chabhiya thi.maine apni jeb se chabhi nikal kar darwaza khola & jaise hi andar kadam rakha,mera pair kisi chiz se takraya."

"..kamre me bhi andhera tha.maine vo chiz uthai & fauran light ka switch on kiya.maine dekha ki vo chiz meri pistol thji & samne kursi pe nandita padi thi.uski baayi kanpati se khun beh raha tha & uska sar bhi usi taraf jhuka hua tha.maine fauran abdul ko aavaz di & ambulance & police ko bulane ko kaha..sath hi use sabhi guards ko sari light on kar bungle ka chappa-2 chhanane ko kaha."

"..main janta tha ki nandita mar chuki hai.",shatrujeet chup hokar dusri taraf dekhne laga.kamini ne uske kandhe pe apna hath rakha,"..vo pistol lagatar mere hath me thi.sare naukaro ne bhi mujhe use pakde dekha.police ko shaq hua & main yaha hu."

"jeet,tumhari & nandita ki shadi ke bare me tum mujhe pehle bhi bata chuke ho..par kuch aisi baat jo tumne mujhe na batayi ho?"

"main use talak dena chahta tha.abhi kuchh hi din pehle maine use ye baat batayi.shuru me to usne kuchh nahi kaha..magar baad me usne saaf mana kar diya."

"tum dono ka is baat pe jhagda hua?"

"hunh..",shatrujeet 1 fiki hansi hansa,"..jhagde ke liye bhi dil me kuchh bhavnaye honi chahiye..hum dono ke beech to itna sa bhi lagav nahi tha,lekin humari bahas zaroor hui thi."

"kisi ne suni thi ye bahas?"

shatrujeet thodi der sochta raha,"..shayad 1 baar nandita ki naukrani ne suna ho."

"ok."

"kamini,maine suna hai ki uncle jay ke qatil ka case bhi tum hi lad rahi ho?"

"haan."

"kamini,tum janti ho uncle jay mere liye kya the,fir bhi?"

"jeet,karan bhi mera client hai,fir agar usne gunah kiya hai to use saza zaroor milegi,lekin use bhi to 1 baar apna bachav karne ka haq hai na!"

"pata nahi.mujhe ye thik nahi laga."

"please jeet,meri halat ko samjho."

"hun."

----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

kamini courtroom me judge & sarkari vakil ke aane ka intezar kar rahi thi,"ma'am,mujhe nahi lagta Karan Mehra ko zamanat hogi?",mukul ne sare papers sanjo kar uske samne rakh diye.

"haan,mukul.bahut bura fansa hai..par hume koshish to karni hi hai.",tabhi kuchh shor sa hua to kamini ne dekha ki sarkari vakil apni assistant ke sath chala aa raha tha.vo dono aur koi nahi uska purv pati Vikas & uski premika Simi the.kamini chaunk gayi apr usne apne chehre pe koi bhav nahi aane diya.usne dekha ki use dekh simi ne nazre jhuka li thi & apne hath me pakdi file dekhne ka natak kar rahi thi.kamini man hi man us pe hansi.vikas ko dekh vo thoda asahaj to hui thi magar fir use khayal aaya ki us se rishta tootne ke baad uski zindagi kitni romanchkari ho gayi.uske teeno premiyo se use jo khushi,jo sukun mila vo shayad vikas ke sath bhi kabhi nahi mila tha.

"hello,vikas.",vikas bhi thoda sakpaka raha tha magar kamini ki pehal ne use bhi sahaj kar diya,"hi!kamini.kaisi ho?",usne mukul ko bhi sar hila ke uski hi ka jawab diya.

"hi!simi",kamini simi se mukhatib hui to usne bhi sar jhukaye jaldi se hello kaha.thik usi waqt judge ke aane ka elan hua & simi ne chain ki sans li.Judge Rustom Kavas apni kursi pe baithe & court ki karvayi shuru karne ka hukm diya.Rustom Kavas ki imandari & kanoon ki samajh ki sabhi misale dete the,"ma'am,ye to kabhi zamanat nahi dega.",mukul kamini ke peechhe phusphusaya.

aur hua bhi yehi.sare saboot-karan ki licensed gun ki ballistic report,chasmdid gawaho ke bayan & cctv camera ki footage,sabhi karan ko hi doshi karar de rahe the.judge kavas ne uski polkice remand aur 15 dino ke liye badha di.

"karan,tum fikr mat karna.mujhpe bharosa rakho.ok.",mayoos karan sar jhukaye hawaldaro ke sath police van me baith gaya.

kamini vapas courtroom me aayi.judge bhi vahi tha & sarkari vakil bhi magar is baar case tha nandita singh ke qatl ka.

"Shatrujeet Singh ji,aapki apni biwi se kaisi nibhti thi?",shatrujeet katghare me khada tha & Vikas us se sawal kar raha tha.

"ji,thik-thak."

"zara is thik-thak pe roshni daalenge."

"ji hum 1 dusre ko chathte nahi the magar humare dilo me 1 dusre ke liye bahut izzat thi."

"to fir aapne unka khun kyu kiya?"

"objection,milord!",kamini ki aavaz khachakhach bhare courtroom me gunji,"abhi tak jurm sabit nahi hua hai,your honor & uske pehle mere muwakkil se aise sawal nahi kiye ja sakte."

"objection sustained."

"milord,".vikas ne judge Kavas ko dekh ke sar jhukaya,"..to aapki apni patni ke sath nahi banti thi?"

"ji."

"uski koi khas vajah."

"ji nahi.bas yu samajhiye ki hum 2 bilkul alag soch ke log the jo haalat ki vajah se shadi ke bandhan me bandh gaye."

"mr.singh,aapke apni biwi ke alawa bhi aur kisi aurat se sambandh rahe hain?"

"ji."

"aapki biwi ka aapki is harkat pe kya kahna tha?"

"use koi fark nahi padta tha."

"mulzim jhuth bol raha hai,milord!duniya ki koi bhi aurat apne pati ki bewafai nahi bardasht kar sakti.your honor,mulzim ka apni biwi se jhagda hua & use itna gussa aaya ki usne apni biwi pe goli chala di.ye khun jazbati hokar kiya gaya tha,isiliye use saboot mitane ya chhupane ka waqt nahi mila & vo pakda gaya.milord ameri aapse iltija hai ki mulzim ki zamanat ki arzi kharij kar use police hirasat me hi rehne diya jaye."

"milord,sarkari vakil ne dalil to achhi di hai magar inke paas koi gawah hai jo ye sabit kare ki us raat shatrujeet & nandita singh me koi jhagda hua tha."

"us raat to nahi magar mere paas 1 gawah hai jo ye batayega ki inke & inki patni ke beech me kis baat ko leke manmutav chal raha tha.main gawah ko pesh karne ki ijazat chahta hu."

"ijazat hai."

"shanti,apna parichay do?"

"main nandita madam ki maid thi."

"tumne unki maut se kuchh din pehle unhe shatrujeet ji se kya baat karte suna tha?"

"ji..sahab kuchh keh rahe the jo shayad madam nahi maan rahi thi.maine bas itna suna ki to tum nahi manogi & madam ne kaha nahi..iske baad sahab kamre se bahar chale gaye."

"aap kya maang rahe the,mr.singh?"

"talak.",court me khusar-pusar hone lagi.

"order!order!"

"ab to case aaine ki tarah saaf ho gaya milord.qatl ki 1 jayaz vajah bhi mil gayi.that's all."

vikas ke baithate hi kamini khadi hui,"milord.mujhe mr.singh se kuchh nahi puchhna hai balki main 1 dusra gawah pesh karungi.aapki ijazat chahiye."

"go ahead."

"mr.singh,aap nandita ji ke pita hain?"

"ji."

"aapko apne beti & damad ke beech ke rishte ki asliyat malum thi."

"ji,haan.nandita ya shatru ne humse kabhi kuchh nahi chhupaya tha."

"mr.singh,aapki beti se aapka rishta kaisa tha?"

"jaisa 1 baap & beti ka hona chaiye.lagbhag har dusre teesre din hum fone ke zariye 1 dusre ka haal to lete hi the,mauka milne pe mulakat bhi hoti thi."

"to kabhi aapko aapki beti ne shatrujeet ji ke talak maangane ki baat batayi thi."

"nahi."

"point to be noted milord,sarkari vakil sahab ke mutabik jis baat ke chalte nandita ji ka khun ho gaya,vo utnio zaruri baat unhone apne pita tak ko nahi batayi..us pita ko jinse vo humesha baat karti thi ya fir milti thi."

"mr.singh,aap apne damad ke bare me to akhbaro me padhte hi rehte honge?"

"ji."

"unme unki dusri ladkiyo ke sath sambandh hone ki bhi baate chhapti rehti hain."

"ji,aur vo sachchi hain..maine pehle hi kaha mere beti-damad kabhi bhi kuchh nahi chhipate the.mujhe shatru ki aisi baate achhi to nahi lagti thi magar meri beti ko hi jab is baat se koi fark nahi padta tha to fir meri narazgi bhi mujhe jayaz nahi lagi."

"another point,milord.nandita ji ko shatrujeet singh ke dusri aurato se tallukat se koi aitraaz nahi tha.",vo fir nandita ke pita se mukhatib hui,"fir unhone talak vali baat aapko kyu nahi batayi?"

"ye to main nahi janta."

"vaise aapko kya lagta hai,kya dono ko talak le lena chahiye tha."

"ji,bilkul.aisi shadi ka koi matlab hi nahi tha."

"to aapki beti ke na karne ki vajah aapko kya lagti hai?"

"mujhe koi andaza nahi."

"aapko lagta hai ki aapka damad aapki beti ka khun kar sakta hai?"

"ji nahi,shatru ko apne pita se sachchai & imandari virasat me mili hai.isme kisi aur ka hath hai & mere damad ko fansaya gaya hai."

"thank you,mr.singh.",vo vikas ki or mudi,"your witness."

"no questions.",nandita ke pita ke bayan ne palda shatrujeet ki taraf jhuka diya tha.

"ab main shanti ji se kuchh sawalat karna chahungi,milord."

"please proceed."

"shanti ji,aap kab se nandita ji ke sath thi?"

"ji,jabse vo shadi karke sahab ke ghar aayi."

"itne salo me kabhi aapke sahab ne aapke sath koi bura bartav ya cchedkhani ki?"

"ji nahi."

"qatl vali raat ko aap qatl ki jagah pahunchi to aapne kya dekha?"

"pure ghar me hadkamp macha tha.guards sare compound ki lights jala ke chappa-2 chhan rahe the.main bhagti hui neeche apne kamre se upar sahab-madam ke kamre tak pahunchi to dekha ki madam ki lash kursi pe padi hai & sahab & Pasha sahab khade baate kar rahe hain."

"kya baate kar rahe the dono?"

"pasha sahab keh rahe the ki bhai aapne zamin se gun kyu uthai to sahab ne bola ki mujhe kya pata tha ki vo gun hai..andhere me mujhe kuchh dikha hi nahi..fir pasha sahab bole ki gun ko vapas farsh pe usi jagah rakh do par sahab nahi maane."

"shatrujeet ji ne aapse kuchh kaha?"

"haan,unhone mujhse puchha ki maine madam ko aakhiri baar kab dekha tha to maine bataya ki 11 baje unka sara kaam karke main apne kamre me chali gayi thi.."

"aur?"

"..fir hum sab naukro ko ikattha karke sahab ne kaha ki hum sab police ko sari sach baat batayenge.aisa karne se hi madam ke khuni ka pata chalega."

"thank you,shanti ki."

"milord!kis pati-patni ke beech anban nahi hoti",usne vikas pe 1 nazar dali to usne munh ghuma liya,"..haan mere client & unki biwi ke beech bahut zyada thi magar mere gawaho ke bayan ne sabit kar diya hai ki mere client ne us anban ki vajah se apni biwi ka qatl nahi kiya hai..pichhle 2 dino se mere muwakkil police ki hirasat me hai.unhone apni marzi se police ko sari jankari di hai.mujhe nahi lagta ki munki police remand badhane ki koi zarurat hai.meri aapse guzarisha hai ki unki zamanat ki arzi manzur kar li jaye."

judge kavas thodi er tak kuchh papers dekhte rahe,"adalat is nateeje pe pahunchi hai ki mulzim ne police & kanoon ki 1 achhe shehri ki tarah madad hi ki hai lekin vo abhi bhi shaq ke dayre se bahar nahi hua hai.sath hi adalat ko ye bhi lagta hai ki police ke paas ab use hirasat me rakhne ki koi thos vajah nahi hai lihaza adalat uski zamanat ki arzi manzur karti hai.mulzim ko zamanat ke taur pe 25000 rupaye adalat ke paas jama karane honge & vo case ki sunwai puri hone tak bina adalat ki ijazat ke shahar ya mulk ke bahar nahi ja sakta."

"..aisa karne pe uski zamanat apneaap radd ho jayegi & use fauran hirasat me liya jayega.case ki agli sunwai 3 hafto ke baad hogi."









Tags = राज शर्मा की कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ Raj sharma stories , kaamuk kahaaniya , rajsharma हिंदी सेक्सी कहानिया चुदाई की कहानियाँ उत्तेजक कहानिया Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | पेलने लगा | कामुकता | kamuk kahaniya | उत्तेजक | सेक्सी कहानी | कामुक कथा | सुपाड़ा |उत्तेजना | कामसुत्रा | मराठी जोक्स | सेक्सी कथा | गान्ड | ट्रैनिंग | हिन्दी सेक्स कहानियाँ | मराठी सेक्स | vasna ki kamuk kahaniyan | kamuk-kahaniyan.blogspot.com | सेक्स कथा | सेक्सी जोक्स | सेक्सी चुटकले | kali | rani ki | kali | boor | हिन्दी सेक्सी कहानी | पेलता | सेक्सी कहानियाँ | सच | सेक्स कहानी | हिन्दी सेक्स स्टोरी | bhikaran ki chudai | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच | मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | चूत की कहानियाँ | मराठी सेक्स कथा | बकरी की चुदाई | adult kahaniya | bhikaran ko choda | छातियाँ | sexi kutiya | आँटी की चुदाई | एक सेक्सी कहानी | चुदाई जोक्स | मस्त राम | चुदाई की कहानियाँ | chehre ki dekhbhal | chudai | pehli bar chut merane ke khaniya hindi mein | चुटकले चुदाई के | चुटकले व्‍यस्‍कों के लिए | pajami kese banate hain | चूत मारो | मराठी रसभरी कथा | कहानियाँ sex ki | ढीली पड़ गयी | सेक्सी चुची | सेक्सी स्टोरीज | सेक्सीकहानी | गंदी कहानी | मराठी सेक्सी कथा | सेक्सी शायरी | हिंदी sexi कहानिया | चुदाइ की कहानी | lagwana hai | payal ne apni choot | haweli | ritu ki cudai hindhi me | संभोग कहानियाँ | haveli ki gand | apni chuchiyon ka size batao | kamuk | vasna | raj sharma | sexi haveli ka sach | sexyhaveli ka such | vasana ki kaumuk | www. भिगा बदन सेक्स.com | अडल्ट | story | अनोखी कहानियाँ | कहानियाँ | chudai | कामरस कहानी | कामसुत्रा ki kahiniya | चुदाइ का तरीका | चुदाई मराठी | देशी लण्ड | निशा की बूब्स | पूजा की चुदाइ | हिंदी chudai कहानियाँ | हिंदी सेक्स स्टोरी | हिंदी सेक्स स्टोरी | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya | मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa | bhabhi ki chudai | chachi ki chudai | mami ki chudai | bahan ki chudai | bharat | india | japan |यौन, यौन-शोषण, यौनजीवन, यौन-शिक्षा, यौनाचार, यौनाकर्षण, यौनशिक्षा, यौनांग, यौनरोगों, यौनरोग, यौनिक, यौनोत्तेजना,

No comments:

Raj-Sharma-Stories.com

Raj-Sharma-Stories.com

erotic_art_and_fentency Headline Animator