Friday, October 1, 2010

सेक्सी कहानी -घर का दूध पार्ट--8

हिंदी सेक्सी कहानियाँ घर का दूध पार्ट--8
गतान्क से आगे............ मंजू तो सीधे मेरे मुँह पर चढ़ कर मुझे बुर
चुसवाने लगी. गीता ने पहले मेरे लंड का चुम्मा लिया, जीभ से चाता और
कुच्छ देर चूसा. फिर लंड को अपनी बुर मे घुसेड कर मेरे पेट पर बैठ गयी और
चोदने लगी. मेरे मन मे आया की मेरे लंड को चूस्ते समय अपनी माँ की बुर के
पानी का स्वाद भी उसे आया होगा. गीता की चूत मंजू से ज़्यादा ढीली थी.
शायद माँ बनने के बाद अभी पूरी तरह टाइट नही हुई थी. पर थी वैसी ही मखमली
और मुलायम. मंजू ने उसे हिदायत दी "ज़रा मन लगा कर मज़े लेकर चोद बेटी
नही तो भैया झाड़ जाएँगे. अब मज़ा कर ले पूरा" गीता ने अपनी माँ की बात
मानी पर सिर्फ़ कुच्छ मिनिट. फिर वह ऐसी गरम हुई की उच्छल उच्छल कर मुझे
पूरे ज़ोर से चोदने लगी. उसने मुझे ऐसे चोदा की पाँच मिनिट मे खुद तो
झड़ी ही, मुझे भी झाड़ा दिया. मंजू अभी और मस्ती करना चाहती थी इसीलिए
चिढ़ गयी. मेरे मुँह पर से उतरते हुए बोली "अरी ओ मूरख लड़की, हो गया काम
तमाम? मैं कह रही थी सबर कर और मज़ा कर. मैं तो घंटो चोदती हूँ बाबूजी
को. अब उतर नीचे नलायक" मंजू ने पहले मेरा लंड चाट कर साफ किया. फिर
उंगली से गीता की बुर से बह रहे वीर्या को सॉफ करके उंगली चाटने लगी "ये
तो पर्शाद है बेटी, एक बूँद भी नही खोना इसका. तू ज़रा टांगे खोल, ठीक से
साफ कर देती हूँ" उसने उंगली से बार बार गीता की बुर पुंच्ची और चॅटी.
फिर झुक कर गीता की जाँघ पर बहे मेरे वीर्या को चाट कर सॉफ कर दिया. मेरे
मन मे फिर आया कि ये क्या चल रहा है माँ बेटी मे. दोपहर का खाना होने के
बाद गीता ने फिर मुझे दूध पिलाया और चुदाई का एक और दौर हुआ. शाम को उठकर
मैं क्लब चला गया. रात को वापस आया तो खाने के बाद फिर एक बार गीता का
दूध पिया और फिर माँ बेटी को पलंग पर आजू बाजू सुलाकर बारी बारी चोदा.
गीता के दूध की अब मुझे आदत होने लगे थी. दूसरे दिन रविवार था. मैने
थोड़ा अलग प्रोग्राम बनाया. सुबह गीता का दूध पिया और फिर दोनो माँ बेटी
की चूत चूस कर उन्हे खुश किया. बस मेरे लंड को हाथ नही लगाने दिया. मैं
दोपहर तक उसे और तना कर खड़ा करना चाहता था. मंजू बाई मेरे दिल की बात
समझ गयी, क्योंकि ये हर रविवार को होता था. अपने छूतदों को सहलाती हुई
अपनी बेटी से बोली "गीता बिटिया, आज दोपहर को मेरी हालत खराब होने वाली
है" गीता ने पुचछा तो कोई जवाब नही दिया. मैं भी हंसता रहा पर चुप रहा.
मंजू की आँखों मे दोपहर को होने वाले दर्द की चिंता सॉफ दिख रही थी.
दोपहर को हम नंगे होकर मेरे बेडरूम मे जमा हुए. मेरा लंड कस कर खड़ा था.
गीता ललचा कर मेरे सामने बैठ कर उसे चूसने की कोशिश करने लगी तो मैने रोक
दिया. "रुक बहना, तुझे बाद मे खुश करूँगा, पहले तेरी इस चुदैल माँ की
गांद मारूँगा. हफ़्ता हो गया, अब नही रहा जाता. चल अम्मा, तैयार हो जा"
मंजू चुपचाप बिस्तर पर ओंधी लेट गयी "अब दुखेगा रे मुझे, देख कैसे खड़ा
है बाबूजी का लंड मूसल जैसा" गीता समझ गयी कि उसकी माँ सुबह से क्यों
घबरा रही थी. बड़े उत्साह से मेरी ओर मूड कर बोली "भैया, मेरी मार लो,
मुझे मज़ा आएगा. बहुत दीनो से सोच रही थी की गांद मरवाने का मज़ा मिले.
उंगली डाल कर और मोमबत्ती घुसेड कर कई बार देखा पर सुकून नही मिला. आप से
अच्च्छा लंड कहाँ मिलेगा गांद मरवाने को?" मैं तैयार था, अंधे को क्या
चाहिए दो आँखें! नई कोरी गांद मे घुसने की कल्पना से ही मेरा लंड और
उच्छलने लगा था. मंजू जान छ्छूटने से खुश थी "अरे मेरी बिटिया, तूने मेरी
जान बचा ली आज. चल मक्खन से मस्त चिकनी कर देती हूँ तेरी गांद, दुखेगा
नही" गीता को ओँदा लिटा कर उसने उसकी गुदा मे और मेरे लंड को मक्खन से
खूब चुपद दिया. मैं गीता पर चढ़ा तो मंजू ने अपनी बेटी के छ्छूतड़ अपने
हाथ से फैलाए. उसके भूरे गुलाबी छेद पर मैने सुपाड़ा रखा और पेलने लगा.
सुपाड़ा सूज कर बड़ा हो गया था फिर भी मक्खन के कारण फ़चाक से एक बार मे
ही गांद के अंदर घुस गया. गीता को जम कर दुखा होगा क्योंकि उसका शरीर ऐंठ
गया था और वह काँपने लगी थी. पर छ्छोकरी हिम्मत वाली थी, मुँह से अफ तक
नही निकाली. उसे संभालने का मौका देने के लिए मैं एक मिनिट रुका और फिर
लंड अंदर घुसेड़ने लगा. इस बार मैने कस के एक धक्के मे लंड सत्त से उसके
छ्छूतदों के बीच पूरा गाढ दिया था. अब वह बेचारी दर्द से चीख पड़ी.
सिसकते हुए बोली "माँ मेरी, मर गयी मैं, भैया ने गांद फाड़ दी. देख ना
अम्मा, खून तो नही निकला ना!" मंजू उसे चिढ़ाते हुए बोली "आ गयी रास्ते
पर एक झटके मे? बातें तो पाटर पाटर करती थी की गांद मरवौन्गि. पर रो मत,
कुच्छ नही हुआ है, तेरी गांद सही सलामत है, बस पूरी खुल गयी है चूत जैसी.
बेटा, तूने भी कितनी बेरहमी से लंड डाल दिया अंदर, धीरे धीरे पेलना था
मेरी बच्ची के चूतदों के बीच जैसे मेरी गांद मे पेला था." "अरे अम्मा, ये
मरी जा रही थी ना गांद मराने को! तो सोचा की दिखा ही दूं असली मज़ा. वैसे
गीता बहना की गांद बहुत मोटी और गुदाज है, डन्लोपिलो की गद्दी जैसी है,
इसे तकलीफ़ नही होगी ज़्यादा" मैने गीता के चूतड़ दबाते हुए कहा. मेरा
लंड अब लोहे की मुसली जैसा उसके चूतदों की गहराई मे उतर गया था. गीता की
गांद बहुत गुदाज और मुलायम थी. मंजू जितनी टाइट तो नही थी पर बहुत गरम
थी, भट्टि जैसी. मैं उस पर लेट गया और उसके मम्मे पकड़ लिए. उसके मोटे
चूतड़ स्पंज की गद्दी जैसे लग रहे थे. उसकी चूंचियाँ दबाते हुए मैं धीरे
धीरे उसकी गांद मारने लगा. शुरू मे हर धक्के पर उसके मुँह से सिसकी निकल
जाती, बेचारी को बहुत दर्द हो रहा होगा. पर साली पक्की चुदैल थी. पाँच
मिनिट मे उसे मज़ा आने लगा. फिर तो वह खुद ही अपनी कमर हिला कर गांद
मरवाने की कोशिश करने लगी. "भैईयाज़ी, मारो ना! और जम कर मारो, बहुत मज़ा
आ रहा है! हाय अम्मा, बहुत अच्च्छा लग रहा है, तेरे को क्यों मज़ा नही
आता? भैया, मारो मेरी गांद हचक हचक कर, पटक पटक कर चोद मेरी गांद को, माँ
कसम मैं मर जाउन्गि" मैने कस कर गीता की गांद मारी, पूरा मज़ा लिया. मैं
बहुत देर उसके चूतड़ चोदना चाहता था इसीलिए मंजू को सामने बैठकर उसकी बुर
चूसने लगा, नही तो बेचारी अपनी बेटी की गांद चुदति देख कर खुद अपनी चूत
मे उंगली कर रही थी. मन भर कर मैने गीता की गांद चोदि और फिर झाड़ा. बचा
दिन बहुत मज़े मे गया. छुट्टी होने के कारण दिन भर चुदाई चली. गीता के
दूध का मैं ऐसा दीवाना हो गया था की चार घंटे भी नही रुकता था. हर घंटे
उसकी चूंचियाँ चूस लेता, जितना भी दूध मिलता पी जाता. रात को मैने मंजू
से कहा की गीता को गाय जैसा दूह कर गिलास मे दूध निकाले. मेरी बहुत
इच्च्छा थी ऐसे दूध दुहते हुए देखने की. मंजू ने गीता को बाजू मे बैठा कर
उसके हाथ मे गिलास थमाया. गीता ने उसे अपनी चूंची की नोक पर पकड़ कर रखा
और मंजू ने अपनी बेटी के मम्मे दबा दबा कर दूध निकाला. गीता के निपल से
ऐसी धार छूट रही थी की जैसे सच मे गाय हो. पूरा दूध निकालने मे आधा घंटा
लग गया. बीच मे मैं गीता का चुम्मा ले लेता और कभी उसके सामने बैठ कर
उसकी चूत चूस लेता. दुहने का यह कार्यकरम देख कर मुझे इतना मज़ा आया की
मेरा लंड कस कर खड़ा हो गया. गिलास से दूध पीकर मैने फिर एक बार गीता की
गांद मारी. मंजू बहुत खुश थी कि गीता के आने से उसकी गांद की जान तो
च्छुटी. दूसरे दिन मुझे टूर पर जाना पड़ा. दूसरे दिन मुझे टूर पर जाना
पड़ा. दोनो माँ बेटी बहुत निराश हो गयी. उन्हे भी मेरे लंड का ऐसा चस्का
लगा था कि मुझे छ्चोड़ने को तैयार नही थी. मैने समझाया की आकर चुदाई
करेंगे, मेरे लंड को भी आराम की ज़रूरत थी. गीता को मैने सख़्त हिदायत दी
कि मेरी ग़ैरहाज़िरी मे अपना दूध निकाल कर फ्रिज मे रख दे, मैं आ कर
पियुंगा. मैं तीन दिन बाद शाम को वापस आने वाला था. पर काम जल्दी ख़तम हो
जाने से दोपहर को ही आ गया. सोचा अब ऑफीस ना जाकर सीधा घर चल कर आराम
किया जाए. लच के समय दरवाजा खोला. मुझे लगा था की अभी वो दोनो घर मे नही
होंगी, मेरी ग़ैरहाज़िरी मे गाँव चली गयी होंगी. पर जब घर के अंदर आया तो
बेडरूम से हँसने की आवाज़ आई. मैं दबे पाँव बेडरूम के दरवाजे तक गया और
उसे ज़रा सा खोल कर अंदर देखने लगा. जो देखा उससे मेरा लंड तुरंत तन्ना
गया. उस दिन चोद्ते समय माँ बेटी के चुम्मे और मंजू ने जिस तरह गीता के
मम्मे सहला दिए थे, उसे देखकर मेरे मन मे जो संदेह उठा था वह सच था. माँ
बेटी के बीच बड़ी मतवाली प्रेमलीला चल रही थी. मंजू बाई बिस्तर पर
सिरहाने से टिक कर बैठी थी. गीता उसकी गोद मे थी. मंजू उसके बार बार
चुंबन ले रही थी. मंजू का एक हाथ गीता की चूंचियों को दबा रहा था. गीता
अपनी माँ के गले मे बाँहे डाले उसके चुम्मों का जवाब दे रही थी. बीच बीच
मे माँ बेटी जीभ लड़ाती और एक दूसरे की जीभ चूसने लगती थी. मैं अंदर जाना
चाहता था पर अपने लंड को मुठियाता हुआ वहीं खड़ा रहा. सोचा ज़रा देखें तो
आगे ये चुदैल माँ बेटी क्या करती है. गीता बोली "अम्मा, बहुत अच्च्छा लग
रहा है. तू कितना मस्त करती है मेरी बुर को. पर चूंचियाँ फिर टपक रही है,
बर्तन ले आ ना रसोई से और निकाल दे मेरा दूध. बहुत भारी भारी लग रहीं
है." मंजू गीता को चूम कर बोली "कोई ज़रूरत नही बिटिया, दो दिन मे ही सेर
भर दूध जमा हो गया है बाबूजी के लिए, उनके लिए बहुत है, इससे ज़्यादा दूध
वो कहाँ पिएँगे?" गीता मचल कर बोली "पर मैं क्या करूँ अम्मा? बहुत दुख
रही है चुचियाँ" मंजू ने झुक कर उसके मम्मे को प्रेम से चूमते हुए कहा
"तो मैं काहे को हूँ मेरी रानी? मैं खाली कर देती हूँ दो मिनिट मे!" गीता
मंजू बाई से लिपट कर खुशी से चाहक पड़ी "सच अम्मा? बड़ी छुपि रुस्तम
निकली तू? मुझे नही पता था कि तुझे मेरे दूध की आस होगी!" मंजू बाई गीता
को नीचे लिटाते हुए बोली "मुझे तो बहुत दिन की आस है बेटी, सिर्फ़ तेरे
दूध की ही नही, तेरे बदन की भी आस है. जब से बाबूजी से चुदाई शुरू हुई
है, मेरे दिल मे आग सी लग गयी है. मैं तो उनके सामने ही पी लेती पर क्या
पता वो नाराज़ ना हो जाएँ इसीलिए चुप रही. उनके हिस्से का दूध पीने मे
हिचक होती थी. अब आ, तेरी छाति हल्की कर दूं, फिर तेरी बुर हल्की करूँगी"
क्रमशः............ Ghar Ka Doodh part--8 Gataank se aage............
Manju to sidhe mere munh par chadh kar mujhe bur chuswaane lagi. Geeta
ne pahale mere land ka chumma liya, jibh se chaata aur kuchh der
chusa. fir land ko apni bur mei ghused kar mere pet par baith gayi aur
chodne lagi. mere man mei aaya ki mere land ko chuste samay apni maan
ki bur ke paani ka swaad bhi use aaya hoga. Geeta ki choot Manju se
jyada Dhili thi. shaayad maan banne ke baad abhi puri tarah Taaiet
nahi hui thi. par thi waisi hi makhmali aur mulaayam. Manju ne use
hidaayat di "jara man laga kar maje lekar chod beti nahi to bhaiya
jhad jaayenge. ab maza kar le pura" Geeta ne apni maan ki baat maani
par sirf kuchh minute. fir weh aisi garam hui ki uchhal uchhal kar
mujhe pure jor se chodne lagi. usne mujhe aise choda ki paanch minute
mei khud to jhadi hi, mujhe bhi jhada diya. Manju abhi aur masti karna
chahati thi isiliye chidh gayi. mere munh par se utarte hue boli "ari
o murakh ladki, ho gaya kaam tamaam? main keh rahi thi sabar kar aur
maza kar. main to ghanto chodti hun babuji ko. ab utar niche nalaayak"
Manju ne pahle mera land chaat kar saaf kiya. fir ungli se Geeta ki
bur se beh rahe virya ko saaf karke ungli chaatne lagi "ye to parshaad
hai beti, ek bund bhi nahi khona iska. Tu jara Taange khol, Thik se
saaf kar deti hun" usne ungli se baar baar Geeta ki bur punchhi aur
chaati. fir jhuk kar Geeta ki jaangh par bahe mere virya ko chaat kar
saaf kar diya. mere man mei fir aaya ki ye kya chal raha hai maan beti
mei. dopahar ka khaana hone ke baad Geeta ne fir mujhe Doodh pilaya
aur chudaai ka ek aur daur hua. shaam ko uthkar main klab chala gaya.
raat ko waapas aaya to khaane ke baad fir ek baar Geeta ka Doodh piya
aur fir maan beti ko palang par aaju baaju sulaakar baari baari choda.
Geeta ke Doodh ki ab mujhe aadat hone lage thi. dusre din ravivaar
tha. maine thoda alag prograam banaya. subah Geeta ka Doodh piya aur
fir dono maan beti ki choot chus kar unhe khush kiya. bas mere land ko
haath nahi lagane diya. main dopahar tak use aur tana kar khada karna
chahata tha. Manju baayi mere dil ki baat samajh gayi, kyonki ye har
ravivaar ko hota tha. apne chootadon ko sehlaati hui apni beti se boli
"Geeta bitiya, aaj dopahar ko meri haalat kharaab hone waali hai"
Geeta ne puchha to koi jawaab nahi diya. main bhi hansta raha par chup
raha. Manju ki aankhon mei dopahar ko hone waale dard ki chinta saaf
dikh rahi thi. dopahar ko ham nange hokar mere bedroom mei jama hue.
mera land kas kar khada tha. Geeta lalcha kar mere saamne baith kar
use chusane ki koshish karne lagi to maine rok diya. "ruk behna, tujhe
baad mei khush karunga, pahale teri is chudail maan ki gaand maarunga.
hafta ho gaya, ab nahi raha jata. chal amma, taiyaar ho jaa" Manju
chupchaap bistar par ondhi let gayi "ab dukhega re mujhe, dekh kaise
khada hai babuji kaa land musal jaisa" Geeta samajh gayi ki uski maan
subah se kyon ghabra rahi thi. bade utsaah se meri or mud kar boli
"bhaiya, meri maar lo, mujhe maza aayega. bahut dino se soch rahi thi
ki gaand marwaane kaa maza mile. ungali Daal kar aur mombatti ghused
kar kai baar dekha par sukun nahi mila. aap se achchha land kahaan
milega gaand marwaane ko?" main taiyaar tha, andhe ko kya chaahiye do
aankhen! nai kori gaand mei ghusne ki kalpana se hi mera land aur
uchhalne laga tha. Manju jaan chhootne se khush thi "are meri bitiya,
tune meri jaan bacha li aaj. chal makhkhan se mast chikani kar deti
hun teri gaand, dukhega nahi" Geeta ko ondhaa lita kar usne uski guda
mei aur mere land ko makhkhan se khoob chupad diya. main Geeta par
chadha to Manju ne apni beti ke chhootad apne haath se failaaye. uske
bhure gulaabi chhed par maine supaada rakha aur pelane laga. supaada
suj kar bada ho gaya tha fir bhi makhkhan ke kaaran fachaak se ek baar
mei hi gaand ke ander ghus gaya. Geeta ko jam kar dukha hoga kyonki
uska sharir ainth gaya tha aur weh kaanpne lagi thi. par chhokri
himmat waali thi, munh se uff tak nahi nikaali. use sambhaalne ka
mauka dene ke liye main ek minute ruka aur fir land ander ghusedne
laga. is baar maine kas ke ek dhakke mei land satt se uske chhootadon
ke bich pura gaad diya tha. ab weh bechaari dard se chikh padi.
sisakte hue boli "maan meri, mar gayi main, bhaiya ne gaand faad di.
dekh na amma, khoon to nahi nikla na!" Manju use chidhaate hue boli
"aa gayi raste par ek jhatke mei? baatein to patar patar karti thi ki
gaand marawaungi. par ro mat, kuchh nahi hua hai, teri gaand sahi
salaamat hai, bas puri khul gayi hai choot jaisi. beta, tune bhi kitni
berahami se land daal diya ander, dhire dhire pelna tha meri bachchi
ke chootadon ke bich jaise meri gaand mei pela tha." "are amma, ye
mari jaa rahi thi na gaand maraane ko! to sochaa ki dikha hi doon
asali maza. waise Geeta behana ki gaand bahut moti aur gudaaj hai,
Danlopilo ki gaddi jaisi hai, ise taklif nahi hogi jyaada" maine Geeta
ke chootad dabaate hue kaha. mera land ab lohe ki musli jaisa uske
chootadom ki gehraayi mei utar gaya tha. Geeta ki gaand bahut gudaaj
aur mulaayam thi. Manju jitni Taaiet to nahi thi par bahut garam thi,
bhaTTi jaisi. mai us par let gaya aur uske mamme pakad liye. uske mote
chootad spanj ki gaddi jaise lag rahe the. uski chunchiyaan dabaate
hue main dhire dhire uski gaand maarne laga. shuru mei har dhakke par
uske munh se siski nikal jaati, bechaari ko bahut dard ho raha hoga.
par saali pakki chudail thi. paanch minute mei use maza aane laga. fir
to weh khud hi apni kamar hila kar gaand marwaane ki koshish karne
lagi. "bhaiyaji, maaro na! aur jam kar maaro, bahut maza aa raha hai!
haay amma, bahut achchha lag raha hai, tere ko kyon maza nahi aata?
bhaiya, maaro meri gaand hachak hachak kar, patak patak kar chod meri
gaand ko, maan kasam main mar jaaungi" maine kas kar Geeta ki gaand
maari, pura maza liya. main bahut der uske chootad chodna chahata tha
isiliye Manju ko saamne baithakar uski bur chusne laga, nahi to
bechaari apni beti ki gaand chudati dekh kar khud apni choot mei ungli
kar rahi thi. man bhar kar maine Geeta ki gaand chodi aur fir jhada.
bacha din bahut maje mei gaya. Chhutti hone ke kaaran din bhar chudaai
chali. Geeta ke Doodh ka main aisa diwaana ho gaya tha ki chaar ghante
bhi nahi rukta tha. har ghante uski chunchiyaan chus leta, jitna bhi
Doodh milta pi jaata. raat ko maine Manju se kaha ki Geeta ko gaay
jaisa duh kar gilaas mei Doodh nikaale. meri bahut ichchha thi aise
Doodh duhate hue dekhane ki. Manju ne Geeta ko baaju mei baitha kar
uske haath mei gilaas thamaaya. Geeta ne use apni chunchi ki nok par
pakad kar rakha aur Manju ne apni beti ke mamme dabaa dabaa kar Doodh
nikaala. Geeta ke nipple se aisi dhaar chhut rahi thi ki jaise sach
mei gaay ho. pura Doodh nikaalne mei aadhaa ghantaa lag gaya. bich mei
main Geeta kaa chumma le leta aur kabhi uske saamne baith kar uski
choot chus leta. duhane ka yeh kaaryakaram dekh kar mujhe itna maza
aaya ki mera land kas kar khada ho gaya. gilaas se Doodh pikar maine
fir ek baar Geeta ki gaand maari. Manju bahut khush thi ki Geeta ke
aane se uski gaand ki jaan to chhuti. dusre din mujhe Toor par jaana
pada. dusre din mujhe Toor par jaana pada. dono maan beti bahut
niraash ho gayi. unhe bhi mere land ka aisa chaska laga tha ki mujhe
chhodne ko taiyaar nahi thin. maine samjhaya ki aakar chudaai karenge,
mere land ko bhi aaraam ki jarurat thi. Geeta ko maine sakht hidaayat
di ki meri gairhajiri mei apna Doodh nikaal kar frij mei rakh de, main
aa kar piyunga. main Teen din baad shaam ko waapas aane waala tha. par
kaam jaldi khatam ho jaane se dopahar ko hi aa gaya. socha ab office
na jaakar sidha ghar chal kar aaraam kiya jaaye. laich key se darwaja
khola. mujhe laga tha ki abhi we dono ghar mei nahi hongi, meri
gairhajiri mei gaanv chali gayi hongi. par jab ghar ke ander aaya to
bedroom se hansne ki aawaaj aayi. main dabe paanv bedroom ke darwaaje
tak gaya aur use jara sa khol kar ander dekhne laga. jo dekha usse
mera land turant tannaa gaya. us din chodte samay maan beti ke chumme
aur Manju ne jis tarah Geeta ke mamme sehla diye the, use dekhkar mere
man mei jo sandeh utha tha weh sach tha. maan beti ke bich badi
matwaali premlila chal rahi thi. Manju baayi bistar par sirhane se Tik
kar baithi thi. Geeta uski god mei thi. Manju uske baar baar chumban
le rahi thi. Manju ka ek haath Geeta ki chunchiyon ko daba raha tha.
Geeta apni maan ke gale mei baanhe daale uske chummon ka jawaab de
rahi thi. bich bich mei maan beti jibh ladaatin aur ek dusare ki jibh
chusane lagti thi. main ander jaana chahata tha par apne land ko
muthiyaataa hua wahin khada raha. socha jara dekhen to aage ye chudail
maan beti kya karti hai. Geeta boli "amma, bahut achchha lag raha hai.
tu kitna mast karti hai meri bur ko. par chunchiyaan fir tapak rahi
hai, bartan le aa naa rasoi se aur nikaal de mera Doodh. bahut bhaari
bhaari lag rahin hai." Manju Geeta ko chum kar boli "koi jarurat nahi
bitiyaa, do din mei hi ser bhar Doodh jama ho gaya hai babuji ke liye,
unke liye bahut hai, isse jyaada Doodh wo kahan piyenge?" Geeta machal
kar boli "par main kya karun amma? bahut dukh rahi hai chuchiyaan"
Manju ne jhuk kar uske mamme ko prem se chumte hue kaha "to main kaahe
ko hun meri raani? main khaali kar deti hun do minute mei!" Geeta
Manju baayi se lipat kar khushi se chahak padi "sach amma? badi chhupi
rustam nikali tu? mujhe nahi pata tha ki tujhe mere Doodh ki aas
hogi!" Manju baayi Geeta ko niche litaate hue boli "mujhe to bahut din
ki aas hai beti, sirf tere Doodh ki hi nahi, tere badan ki bhi aas
hai. jab se babuji se chudaai shuru hui hai, mere dil mei aag si lag
gayi hai. main to unke saamne hi pi leti par kya pata we naaraaj na ho
jaayen isiliye chup rahi. unke hisse ka Doodh pine mei hichak hoti
thi. ab aa, teri chhaati halki kar doon, fir teri bur halki karungi"
kramashah............ Tags = Future | Money | Finance | Loans |
Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion |
WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood |
Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book
| Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music |
Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital |
Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema
| Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books |
Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune |
Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | पेलने लगा | कामुकता |
kamuk kahaniya | उत्तेजक | सेक्सी कहानी | कामुक कथा | सुपाड़ा |उत्तेजना
| कामसुत्रा | मराठी जोक्स | सेक्सी कथा | गान्ड | ट्रैनिंग | हिन्दी
सेक्स कहानियाँ | मराठी सेक्स | vasna ki kamuk kahaniyan |
kamuk-kahaniyan.blogspot.com | सेक्स कथा | सेक्सी जोक्स | सेक्सी
चुटकले | kali | rani ki | kali | boor | हिन्दी सेक्सी कहानी | पेलता |
सेक्सी कहानियाँ | सच | सेक्स कहानी | हिन्दी सेक्स स्टोरी | bhikaran ki
chudai | sexi haveli | sexi haveli ka such | सेक्सी हवेली का सच |
मराठी सेक्स स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | चूत की कहानियाँ
| मराठी सेक्स कथा | बकरी की चुदाई | adult kahaniya | bhikaran ko choda
| छातियाँ | sexi kutiya | आँटी की चुदाई | एक सेक्सी कहानी | चुदाई
जोक्स | मस्त राम | चुदाई की कहानियाँ | chehre ki dekhbhal | chudai |
pehli bar chut merane ke khaniya hindi mein | चुटकले चुदाई के | चुटकले
व्‍यस्‍कों के लिए | pajami kese banate hain | चूत मारो | मराठी रसभरी
कथा | कहानियाँ sex ki | ढीली पड़ गयी | सेक्सी चुची | सेक्सी स्टोरीज |
सेक्सीकहानी | गंदी कहानी | मराठी सेक्सी कथा | सेक्सी शायरी | हिंदी
sexi कहानिया | चुदाइ की कहानी | lagwana hai | payal ne apni choot |
haweli | ritu ki cudai hindhi me | संभोग कहानियाँ | haveli ki gand |
apni chuchiyon ka size batao | kamuk | vasna | raj sharma | sexi
haveli ka sach | sexyhaveli ka such | vasana ki kaumuk | www. भिगा बदन
सेक्स.com | अडल्ट | story | अनोखी कहानियाँ | कहानियाँ | chudai | कामरस
कहानी | कामसुत्रा ki kahiniya | चुदाइ का तरीका | चुदाई मराठी | देशी
लण्ड | निशा की बूब्स | पूजा की चुदाइ | हिंदी chudai कहानियाँ | हिंदी
सेक्स स्टोरी | हिंदी सेक्स स्टोरी | हवेली का सच | कामसुत्रा kahaniya |
मराठी | मादक | कथा | सेक्सी नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi |
bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | sexi | bua | bahan | maa |
bhabhi ki chudai | chachi ki chudai | mami ki chudai | bahan ki chudai
| bharat | india | japan |यौन, यौन-शोषण, यौनजीवन, यौन-शिक्षा, यौनाचार,
यौनाकर्षण, यौनशिक्षा, यौनांग, यौनरोगों, यौनरोग, यौनिक, यौनोत्तेजना,
aunty,stories,bhabhi,choot,chudai,nangi,stories,desi,aunty,bhabhi,erotic
stories,chudai,chudai ki,hindi stories,urdu stories,bhabi,choot,desi
stories,desi aunty,bhabhi ki,bhabhi chudai,desi story,story
bhabhi,choot ki,chudai hindi,chudai kahani,chudai stories,bhabhi
stories,chudai story,maa chudai,desi bhabhi,desi chudai,hindi
bhabhi,aunty ki,aunty story,choot lund,chudai kahaniyan,aunty
chudai,bahan chudai,behan chudai,bhabhi ko,hindi story chudai,sali
chudai,urdu chudai,bhabhi ke,chudai ladki,chut chudai,desi kahani,beti
chudai,bhabhi choda,bhai chudai,chachi chudai,desi choot,hindi kahani
chudai,bhabhi ka,bhabi chudai,choot chudai,didi chudai,meri
chudai,bhabhi choot,bhabhi kahani,biwi chudai,choot stories, desi
chut,mast chudai,pehli chudai,bahen chudai,bhabhi boobs,bhabhi
chut,bhabhi ke sath,desi ladki,hindi aunty,ma chudai,mummy
chudai,nangi bhabhi,teacher chudai, bhabhi ne,bur chudai,choot
kahani,desi bhabi,desi randi,lund chudai,lund stories, bhabhi
bra,bhabhi doodh,choot story,chut stories,desi gaand,land choot,meri
choot,nangi desi,randi chudai,bhabhi chudai stories,desi mast,hindi
choot,mast stories,meri bhabhi,nangi chudai,suhagraat chudai,behan
choot,kutte chudai,mast bhabhi,nangi aunty,nangi choot,papa
chudai,desi phudi,gaand chudai,sali stories, aunty choot,bhabhi
gaand,bhabhi lund,chachi stories,chudai ka maza,mummy stories, aunty
doodh,aunty gaand,bhabhi ke saath,choda stories,choot urdu,choti
stories,desi aurat,desi doodh,desi maa,phudi stories,desi mami,doodh
stories,garam bhabhi,garam chudai,nangi stories,pyasi bhabhi,randi
bhabhi,bhai bhabhi,desi bhai,desi lun,gaand choot,garam aunty,aunty ke
sath,bhabhi chod,desi larki,desi mummy,gaand stories,apni
stories,bhabhi maa,choti bhabhi,desi chachi,desi choda,meri
aunty,randi choot,aunty ke saath,desi biwi,desi sali,randi
stories,chod stories,desi phuddi,pyasi aunty,desi
chod,choti,randi,bahan,indiansexstories,kahani,mujhe,chachi,garam,desipapa,doodhwali,jawani,ladki,pehli,suhagraat,choda,nangi,behan,doodh,gaand,suhaag
raat, aurat,chudi, phudi,larki,pyasi,bahen,saali,chodai,chodo,ke
saath,nangi ladki,behen,desipapa stories,phuddi,desifantasy,teacher
aunty,mami stories,mast aunty,choots,choti choot, garam choot,mari
choot,pakistani choot,pyasi choot,mast choot,saali stories,choot ka
maza,garam stories,,हिंदी कहानिया,ज़िप खोल,यौनोत्तेजना,मा
बेटा,नगी,यौवन की प्या,एक फूल दो कलियां,घुसेड,ज़ोर ज़ोर,घुसाने की
कोशिश,मौसी उसकी माँ,मस्ती कोठे की,पूनम कि रात,सहलाने लगे,लंबा और
मोटा,भाई और बहन,अंकल की प्यास,अदला बदली काम,फाड़ देगा,कुवारी,देवर
दीवाना,कमसीन,बहनों की अदला बदली,कोठे की मस्ती,raj sharma stories
,पेलने लगा ,चाचियाँ ,असली मजा ,तेल लगाया ,सहलाते हुए कहा ,पेन्टी ,तेरी
बहन ,गन्दी कहानी,छोटी सी भूल,राज शर्मा ,चचेरी बहन ,आण्टी ,kamuk
kahaniya ,सिसकने लगी ,कामासूत्र ,नहा रही थी ,घुसेड दिया
,raj-sharma-stories.blogspot.com ,कामवाली ,लोवे स्टोरी याद आ रही है
,फूलने लगी ,रात की बाँहों ,बहू की कहानियों ,छोटी बहू ,बहनों की अदला
,चिकनी करवा दूँगा ,बाली उमर की प्यास ,काम वाली ,चूमा फिर,पेलता ,प्यास
बुझाई ,झड़ गयी ,सहला रही थी ,mastani bhabhi,कसमसा रही थी ,सहलाने लग
,गन्दी गालियाँ ,कुंवारा बदन ,एक रात अचानक ,ममेरी बहन ,मराठी जोक्स
,ज़ोर लगाया ,मेरी प्यारी दीदी निशा ,पी गयी ,फाड़ दे ,मोटी थी ,मुठ
मारने ,टाँगों के बीच ,कस के पकड़ ,भीगा बदन
,kamuk-kahaniyan.blogspot.com ,लड़कियां आपस ,raj sharma blog ,हूक खोल
,कहानियाँ हिन्दी ,चूत ,जीजू ,kamuk kahaniyan ,स्कूल में मस्ती ,रसीले
होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो
,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी
,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे
लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों
के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி
,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,भोसडा
,hindisexistori.blogspot.com ,मुठ मार ,sambhog ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी
,چوت ,
--

No comments:

Raj-Sharma-Stories.com

Raj-Sharma-Stories.com

erotic_art_and_fentency Headline Animator