Monday, April 19, 2010

Kamuk kahaaniya-किरण की कहानी पार्ट--11

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किरण की कहानी पार्ट--11
लेखक-- दा ग्रेट वोरिअर
हिंदी फॉण्ट बाय राज शर्मा
गतांक से आगे........................
अब वो फिर से मालिश करने लगा लंड का सूपड़ा ऐसे ही गंद के छेद मे ही टीका हुआ था उसने थोड़ा सा और तेल खुली हुई गंद मे टपकाया और लंड के सूपदे को अंदर बहेर करने लगा. अब उसका लंड और मेरी गंद बोहोत ही चिकने हो चुके थे और सूपड़ा आसानी से अंदर बहेर हो रहा था. एसके अब मेरे ऊपेर फिर से झुक गये और ऑलमोस्ट लेट गये और मेरे शोल्डर्स को ऐसे पकड़ लिया के उनके दोनो हाथ मेरे दोनो चुचिओ के बीच मे थे जिस से मुझे बोहोत मज़ा आ रहा था और धीरे धीरे अपनी गंद उठा उठे के लंड के सूपदे को मेरी गंद के अंदर बहेर अंदर बहेर करना शुरू कर दिया दोनो के बदन चिकने होने से फिसल रहे थे. पिल्लो मेरी गंद के नीचे होने से गंद ऊपेर उठ गई थी और लंड को अंदर आने का इन्विटेशन दे रही थी. एसके ने सूपड़ा अंदर बहेर करते करते एक जम के झटका दिया तो लंड लग भाग आधा गंद के अंदर घुस गया और मेरे मूह से एक चीख निकल गैइ ह्ह्ह्ह्हाआआईईईई म्‍म्माऐईईए माअरर्र्र्र्ररर गाआईईए न्ननियिक्क्क्कययाऑल्लू ईससीईई वो थोड़ी देर ऐसे हे आधा लंड अंदर घुसेड के मेरे ऊपेर लेटे रहे. मेरी गंद एसके के लंड से कुछ अड्जस्ट हुई तो फिर एसके थोडा सा ऊपेर उठ
गये और फिर से अपने लंड पे जो आधा मेरी गंद के अंदर घुसा हुआ था उस के डंडे पे तेल उंड़ेल रहे थे और लंड को अंदर बहेर कर रहे थे और तेल डाल रहे थे जिस से लंड का डंडा और स्लिपरी हो चुका था और गंद का सुराख भी स्लिपरी हो गया था.
अब एसके ने कहा किरण अब तुम थोड़ा सा ऊपेर उठ के अपने नीचे से पिल्लो निकाल लो अब उसकी ज़रूरत नही है ऐसे ही नीचे रहेगा तो तुम्है और दरद होगा तो मैं थोड़ा सा उठी और एसके ने मेरे नीचे से पिल्लो निकाल लिया. एसके ने कहा किरण अब तुम अपनी गंद को थोड़ा सा ऊपेर उठा लो तो मैं ने अपने चूतदो को थोड़ा उप्पेर उठा लिया. अब मैं बेड पे उल्टा लेटी थी गंद थोड़ी से ऊपेर ऊपेर उठी हुई थी और एसके का मूसल लंड गंद मे आधा अंदर घुसा हुआ था. एसके ने फिर से अपने हाथ मेरे बदन के नीचे से डाल के शोल्डर्स को पकड़ लिया और उनके हाथ मेरे चुचिओ से लगने लगे दोनो हाथ दोनो चुचिओ के बीच मे थे. थोड़ी देर तक ऐसे ही मेरे बदन से चिपके हुए लेटे रहे दोनो अब मेरी गंद उसके लंड से पूरी तरह अड्जस्ट हो चुकी थी तो मेरी गंद अपने आप ही थोड़ी सी उठ गई और गंद के सुराख के मसल्स थोड़े रिलॅक्स हुए तो एसके ने समझ लिया के अब मैं अछी तरह से गंद मरवाने के लिए रेडी हू तो उन्हो ने अपने लंड को आधा ही अंदर बहेर अंदर बहेर कर के मेरी गंद मारनी शुरू कर दी. अब मुझे भी अछा लगने लगा और मैं मज़े लेने लगी. लंड और गंद दोनो बोहोत ही चिकने और स्लिपरी हो चुके थे. मेरी साँसें अब ठीक से चलने लगी थी. एसके ऐसे ही गंद के अंदर आधा लंड घुसा के धक्के मारते रहे और फिर मेरे शोल्डर्स को ज़ोर से पकड़ के इतनी ज़ोर से झटका मारा के मैं चिल्ला पड़ी ऊवूवयियैआइयैआइयैयीयीयियी माआआआआ माअरर्र्र्र्र्र्र्ररर गाआआआआआआईयईईईईईईईईईईईई ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ न्नीइक्क्काआआआआअल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्
ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लूऊऊऊऊऊ पर अब उनका लंड पूरा जड़ तक मेरी गंद मे घुस चुका था और मुझे उसका लंड गंद फाड़ के मेरे पेट मे से घुस के मूह से बहेर तक निकलता हुआ महसूस होने लगा. डरद से मेरी आँखें बहेर निकल गई और साँसें रुक गईं और मेरे सामने अंधेरा छाने लगा शाएद मैं फिर से अनकॉन्षियस हो गई.
एसके थोड़ी देर ऐसे ही मेरे ऊपेर लेटे रहे मेरी गंद मे अपना रॉकेट जैसा लंड घुसेड के. कुछ ही देर के बाद मेरी गंद अब पूरी तरह से रेडी हो गई थी और अब गंद मे लंड अछा लग रहा था तो एसके ने पीछे बेड से पैर टीका के उछल उछल के मेरी गंद मारनी शुरू कर दी कभी आधा लंड बहेर तक खेच लेते तो कभी सूपदे तक बहेर निकल के ज़ोर का झटका मारते तो मेरी जान ही निकल जाती अंदर की साँस अंदर और बहेर की बहेर रह जाती. थोड़ी देर तक तो तकलीफ़ होती रही लायकिन थोड़ी ही देर
मैं मुझे गंद मरवाने मे बोहोत ही मज़ा आने लगा और मे अपनी गंद से लंड को पीछे से धक्के मार रही थी तेल लगा होने से पपकचछक्क पपकचछक्कक प्प्प्पक्चक्क की आवाज़ें आ रही थी और एसके का मूसल जैसा लंड मेरी गंद मे घुसा हुआ था वो ज़ोर ज़ोर से खचा खच मेरी गंद मार रहे थे और मैं मज़े से मरवा रही थी अपनी गंद पीछे धकेल के उसका मोटा लंड अपनी गंद मैं ले रही थी. बहुत मज़ा आने लगा था और उसी समय मेरा बदन काँपने लगा और मेरी चूत मे से जूस निकाल ने लगा मेरा ऑर्गॅज़म चलता रहा और मैं बे दम हो के बेड पे गिर गई. एसके अपनी गंद उठा उठा के लंड को पूरा सूपदे तक बहेर निकाल निकाल के मेरी गंद मार रहे थे. उनकी स्पीड बढ़ गई और वो दीवानो की तरह से मेरी गंद के अंदर अपना मूसल लंड घुसेड रहे थे तेज़ी से मेरी गंद मार रहे थे और फिर एक बोहोत ही ज़ोर दार झटका मारा तो मेरे मूह से फिर से चीख निकल गई आआमम्माआअ मररर्र्ररर गाईईईईईई और फिर फॉरन ही उनके लंड से कम की पिचकारियाँ मेरी फटी हुई गंद मे निकल के गिरने लगी. पहली पिचकारी के साथ ही मेरी चूत से जूस निकलने लगा और मैं भी झड़ने लगी. एसके के लंड मे से कुम्म निकलता गया और मुझे लगने लगा जैसे उसके कम से मेरी गंद और मेरा पेट दोनो भर जायन्गे और अभी उनका लंड मेरी गंद के अंदर ही घुसा हुआ था और वो मेरे बदन पे गिर गये हम दोनो गहरी गहरी साँसें ले रहे थे थोड़ी ही देर के बाद जब हमारी साँसें ठीक हुई तो एसके मेरे ऊपेर से मेरा साइड मे लुढ़क गॅये और उनका लंड मेरी गंद मे से निकलते ही मेरी गंद मे से उनका कम बहेर निकलने लगा और मेरी चूत की दरार मे से होता हुआ नीचे बेड शीट पे गिरने लगा.
मैं भी अब सीधा हो के लेट गई और करवट ले के एसके को प्यार करने लगी दोनो करवट से लेटे थे एक दूसरे की तरफ मूह कर के.और फिर हम दोनो एक दूसरे से लिपट के गहरी नींद सो गये. सुबह उठी तो चूत और गंद मे मीठा मीठा दरद हो रहा था. हम दोनो ने साथ ही शवर लिया और दोनो एक दूसरे को साबुन लगा के सफाई करने लगे. एसके ने मेरी चूत और गंद मे साबुन लगाया और मैं ने एसके के लंड पे साबुन लगाया और धोने लगी. एसके के लंड पे हाथ लगते ही उनका लंड एक बार फिर से खड़ा होगया और मेरे नंगे बदन को और मेरी चिकनी मक्खन जैसी चूत को सल्यूट करने लगा जैसे हाथी (एलिफेंट) अपने सूंड (ट्रंक) से सल्यूट करता है तो मैं ने हंस के कहा वाउ एसके यह तो फिर से अकड़ने लगा तो उसने कहा किरण तुम्हारी मक्खन जैसी चिकनी और प्यारी चूत शाएद मेरे लंड को पसंद आ गई है और फिर से यह उसमे घुसना चाहता है तो मैं हँसने लगी और कहा के एसके मैं तुम्हारे लिए और तुम्हारे
इतने शानदार लंड के लिए हमेशा ही रेडी हू. फिर शवर के अंदर ही एसके ने मुझे अपनी गोदी मे उठा लिया और दीवार से टीका के मेरी चूत मे लंड एक ही झटके मे पेल दिया और चोदने लगे. मेरी बॅक दीवार से टिकी हुई थी और पैर एसके के बॅक पे लपेटे हुए थे और मैं हाथ एसके की गर्दन मे हाथ डाल के उनके बदन से झूल रही थी और उनका लंड मेरी चूत मे तूफान मचा रहा था. घचा घच चोद रहे थे उनका लंड चूत के अंदर ऐसे जा रहा था जैसे जॅक हॅमर से दीवार मे सुराख कर रहे हो मुझे लग रहा था के मेरी चूत और गंद फाड़ के उनका लंड दीवार मैं घुस जाएगा. उनके एक एक झटके से मेरे चुचियाँ डॅन्स करने लगी. एसके के हाथ मेरी चूतड़ पे थे और मेरी बॅक दीवार से. इसी तरह चोद्ते रहे और मैं 2 बार झाड़ चुकी थी अब मुझे लगा के एसके भी झड़ने वाले है तो मैं ने उनको कस्स के पकड़ लिया एसके के झटके बोहोत ही तेज़ हो गये और मेरी ज़बरदस्त चुदाई होने लगी और फिर एक इतनी ज़ोर से झटका मारा के मेरी चीख निकल गई ऊऊऊऊऊऊऊीीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई और मेरा मूह खुला का खुला रह गया और मैं ने महसूस किया के एसके का लंड मेरी चूत मे फूल (स्वेल) रहा हो और उसके के लंड से गरम गरम मलाई की पिचकारियाँ निकल रही है और मैं फिर से झड़ने लगी. चुदाई होने के बाद उन्हो ने मुझे नीचे उतारा और हम ने फिर से शवर लिया.
बाथरूम से बहेर निकल के मैं कपड़े पहेन्ने लगी तो एसके ने कहा नही किरण मैं और तुम जितनी देर घर मे अकेले रहेगे तुम और मैं कोई कपड़ा नही पहनेगे और हम दोनो नंगे ही रहेगे तो मैं ने मुस्कुराते हुए कहा ओके एसके मैं तो तुम्हारी गुलाम हो गैइ हू तुम जैसा कहोगे मैं वैसा ही करूगी. फिर मैं नंगे ही किचन मे गई और ब्रेकफास्ट बनाया और हम दोनो ने नंगे ही डाइनिंग टेबल पे बैठ के खाया. सॅटर्डे का दिन था वो तो एसके ने ऑफीस फोन कर दिया के वो किसी और जगह काम से जा रहे है और ऑफीस नही आएँगे और फिर कुछ अपनी सेक्रेटरी को इन्स्ट्रक्षन्स दे दिए और सारा काम समझा दिया. सॅटर्डे और सनडे को मेरी जम्म के चुदाई हुई. अब मैं अशोक को भूल चुकी थी मुझे अशोक की याद भी नही आ रही थी मैं तो यह सोच रही थी के एसके ही मेरे पति हैं और मैं उनकी पत्नी.
मंडे को एसके को ऑफीस जाना था तो मैं फिर से लिपट के रोने लगी और कहा के मैं कैसे रहूगी तुम्हारे बिना तो एसके मुझे से लिपट गये और किस करने लगे और कहा के मैं कही नही जा रहा हू शाम को फिर आ जाउन्गा और मैं ने तुम से प्रॉमिस भी तो किया हुआ
है के मैं अशोक के आने तक तुम्हारे साथ ही रहूँगा और फिर आज अपनी वाइफ को एक वीक के लिए उसके मयके जाने के लिए कह दूँगा और बता दूँगा के मैं किसी काम से मुंबई जा रहा हू और एक वीक के बाद आउन्गा. एसके ने कहा किरण कही अशोक को हमारे रिलेशन्स के बारे मे पता चल गया तो मुश्किल हो जाएगी तो मैं ने कहा एसके तुम अशोक की फिकर ना करो आइ आम शुवर के अगर उसको मालूम भी हो गया तो वो कुछ नही कहेगा कियों के उसको खुद ही पता है के वो मुझे सॅटिस्फाइ नही कर पा रहा है और उसके लोड्‍े मे अब दम नही है और यह के वो मुझे जब भी चोदने की कोशिश करता है और मुझे गरम कर के मेरी चूत के ऊपेर ही अपना माल गिरा देता है तो उसकी नज़रें खुद ही नीचे हो जाती है और उसको पता है के मैं उस से सॅटिस्फाइ नही हू तो तुम उसकी बिल्कुल भी फिकर ना करो और वो तुम्हारा अछा दोस्त भी है और हमेशा टुमरी तारीफ ही किया करता है के तुम बोहोत आछे इंसान हो और हमेशा दूसरो की मदद करते रहते हो तो वो हँसने लगा और कहा के हा मैं तुम्हारी मदद ही तो कर रहा हू और फिर हम दोनो मिल के हँसने लगे.
इसी तरह से पूरा एक वीक एसके मेरे साथ ही रहे. दिन रात डिफरेंट स्टाइल्स मे चुदाई करते रहे मस्ती मे टाइम गुज़रता रहा. एक वीक के बाद अशोक वापस आ गये तो उन्हो ने पूछा के मेरा काम कैसे चल रहा है तो मैं ने खा के हा ठीक ही चल रहा है एसके यहा ही आ के मुझे सब कुछ सीखा देते है. अशोक ने आँख मार के कहा के कुछ हमै भी तो बताओ के अब तक क्या क्या सीखा दिया है हमारी प्यारी सी किरण जान को तो मेरे मूह पे ऑटोमॅटिकली शरम आ गई और अशोक मुझे गौर से देखने लगे और कहा के किरण एसके मेरा सब से प्यारा दोस्त है देखना के उसको कोई तकलीफ़ ना हो और जब वो घर पे ही आता है काम सीखा ने के लिए तो उसका पूरा ख़याल भी रखा करो तो मैं ने मुस्कुरा के सर हिला दिया और कहा के ठीक है मैं एसके के पूरा ख़याल रखूँगी तुम फिकर ना करो. ऐसी ही दो मीनिंग की बातें हुई जिस से मुझे एक आइडिया तो हो गया के अशोक कोई फील नही करेगा अगर एसके मुझे चोद भी दे तो और मुझे ख़याल आया के शाएेद अशोक चाहता भी यही हो के एसके मुझे चोदे और मुझे सॅटिस्फाइ कर्रे. खैर यह मेरा और एसके की चुदाई का सिलसिला चलता रहा. अब तो जैसे एसके ही मेरा पति था वोही मुझे चोद ता था मैं उसके चोदने से बिल्कुल सॅटिस्फाइ थी.
एक टाइम एसके को डिन्नर पे बुलाया. हम तीनो ने खाना खाया. डिन्नर के बाद सोफे पे बैठे कॉफी पी रहे थे तो अशोक ने एसके से कहा के एसके किरण तुम्हारी बोहोत तारीफ करती है के तुम उसको काम अछी तरह से समझा रहे हो और उसकी पूरी मदद कर रहे हो तो मैं ने देखा के एसके के चेहरे पे एक रंग आ के
चला गया उसने समझा के शाएद अशोक को किसी तरह से पता चल गया उसके और किरण के रिलेशन्स का पर एसके ने कुछ कहा नही तो मैं ने ही कहा के हा अशोक एसके बोहोत ही अछी तरह से मुझे काम समझा रहे है तुम फिकर ना करो और मैं उनका पूरा ख़याल भी रख रही हू जैसा तुम ने कहा था तो मैं ने देखा के अशोक के चेहरे पे इतमीनान दिखने लगा और फिर एसके ने भी कहा के यार अशोक किरण एक बोहोत ही अछी लड़की है उसने काम बोहोत ही जल्दी सीख लिया और अछी तरह से कर भी रही है और हा वो मेरा अछी तरह से ख़याल भी रखती है तो फिर अशोक ने कहा देखो किरण एसके की खिदमत मे किसी किसम की कमी ना रह जाए तो फिर मैं ने कहा के हा तुम फिकर ना करो मैं सब देख लुगी. अशोक की बातो से ऐसे अंदाज़ा होता था के हमारे बारे मे वो कुछ समझ गया था या हमै आपस मे चुदाई का सुझाओ दे रहा था हमारी कुछ समझ मे नही आ रहा था. खैर हम ने सोचा के कोई बात नही अगर अब अशोक को पता भी चल जाए तो कोई बात नही जब ऐसी कोई बात आईगी तो देखा जाएगा.
कॉफी ख़तम हो चुकी थी और हम ऐसे ही बैठे बातें कर रहे थे तो एसके ने कहा के उसको 2 वीक्स के लिए सिंगपुर जाना पड़ रहा है. एसके ने मज़ाक से कहा के यार अशोक अगर तुम इजाज़त दो तो मैं किरण को भी सिंगपुर की सैर करा लाउ तो अशोक ने कहा अरे इस मे पूछने की क्या बात है यह तो बड़ी अछी बात है ले जाओ वो यहा अकेले मे बोर होती रहती है और मेरा कोई ठिकाना भी तो नही है कभी भी मुझे बिज़्नेस के सिलसिले मे बिना प्रोग्राम के ही कही भी चले जाना पड़ता है तो एसके ने कहा नही यार मैं तो मज़ाक कर रहा था तुम तो सीरीयस हो गये तो अशोक ने कहा अरे नही यार मैं सच मे सीरीयस हू अगर तुम को कोई प्राब्लम ना हो आइ मीन के कोई बिज़्नेस की या फाइनान्षियल प्राब्लम तो एसके ने कहा नही यार मुझे क्या प्राब्लम हो सकती है तो अशोक ने कहा तो फिर क्या प्राब्लम है ले जाओ कीरन को अपने साथ ना यार मैं कह रहा हू ना. अशोक और एसके ऐसे ही बातें कर रहे थे और मैं कभी अशोक की सूरत देखती तो कभी एसके की और समझने की कोशिश कर रही थी के कही यह दोनो वाकई सीरीयस हैं या दोनो ही मज़ाक कर रहे हैं.



Kiran Ki Kahani paart--11
Ab woh phir se maalish karne laga Lund ka supada aise hi gand ke ched mai hi tika hua tha usne thoda sa aur tel khuli hui gand mai tapkaya aur lund ke supade ko ander baher karne laga. Ab uska Lund aur meri gand bohot hi chikne ho chuke the aru supada aasaani se ander baher ho raha tha. SK ab mere ooper phir se jhuk gaye aur almost let gaye aur mere shoulders ko aise pakad lia ke unke dono hath mere dono chuchion ke beech mai the jis se mujhe bohot maza aa raha tha aur dheere dheere apni gand utha uthe ke lund ke supade ko meri gand ke ander baher andher baher karna shuru kar dia dono ke badan chinke hone se phisal rahe the. Pillow meri gand ke neeche hone se gand ooper uth gai thi aur Lund ko ander aane ka invitation de rahi thi. SK ne supada ander baher karte karte ek jam ke jhatka dia to lund lag bhag aadha gand ke ander ghus gaya aur mere muh se ek cheekh nikal gaii hhhhhaaaaaaiiiiiiii mmmaaaeeeee maaarrrrrrrr gaaaaeeeee nnniikkkkaaaalllllooooooooo isseeeeee woh thodi der aise he aadha lund ander ghused ke mere ooper lete rahe. Meri gand SK ke lund se kuch adjust hui to phir SK thoda sa ooper uth
gaye aur phir se apne Lund pe jo aadha meri gand ke ander ghusa hua tha us ke dande pe tel undel rahe the aur lund ko ander baher kar rahe the aur tel dal rahe the jis se lund ka danda aur slippery ho chuka tha aur gand ka surakh bhi slippery ho gaya tha.
Ab SK ne kaha Kiran ab tum thoda sa ooper uth ke apne neeche se pillow nikal lo ab uski zaroorat nahi hai aise hi neeche rahega to tumhai aur darad hoga to mai thoda sa uthi aur SK ne mere neeche se pillow nikal lia. SK ne kaha Kiran ab tum apni gand ko thoda sa ooper utha lo to mai ne apne chootado ko thoda upper utha lia. Ab mai bed pe ulta leti thi gand thodi se ooper ooper uthi hui thi aur SK ka musal lund gand mei aadha ander ghusa hua tha. SK ne phir se apne hath mere badan ke neeche se dal ke shoulders ko pakad lia aur unke hath mere chuchion se lagne lage dono hath dono chuchion ke beech mai the. Thodi der tak aise hi mere badan se chipke hue lete rahe dono ab meri gand uske lund se poori tarah adjust ho chuki thi to meri gand apne aap hi thodi si uth gai aur gand ke surakh ke muscles thode relax hue to SK ne samajh lia ke ab mai achi tarah se gand marwane ke liye ready hu to unho ne apne lund ko aadha hi ander baher ander baher kar ke meri gand marni shuru kar di. Ab mujhe bhi acha lagne laga aur mai maze lene lagi. Lund aur gand dono bohot hi chikne aur slippery ho chuke the. Meri saansein ab theek se chalne lagi thi. SK aise hi gand ke ander aadha lund ghusa ke dhakke maarte rahe aur phir mere shoulders ko zor se pakad ke it itni zor se jhatka mara ke mai chilla padi ooooooiiiiiiiiiii maaaaaaaaaa maaarrrrrrrrrrr gaaaaaaaaaaaaaaiiiiiiiiiiiiiii ooooooooooooooooooooooooooo nniiikkkaaaaaaaaaaallllllllllllllloooooooooooo par ab unka lund poora jadd tak meri gand mai ghuss chuka tha aur mujhe uska lund gand phad ke mere pet mai se ghus ke muh se baher tak nikalta hua mehsoos hone laga. Darad se meri aankhein baher nikal gai aur saansein ruk gain aur mere saamne andhera chaane laga shaed mai phir se unconscious ho gai.
SK thodi der aise hi mere ooper lete rahe meri gand mai apna rocket jaisa Lund ghused ke. Kuch hi der ke bad meri gand ab poori tarah se ready ho gai thi aur ab gand mai lund acha lag raha tha to SK ne peeche bed se pair tika ke uchal uchal ke meri gand marni shuru kar di kabhi aadha lund baher tak khech lete to kabhi supade tak baher nikal ke zor ka jhatka marte to meri jaan hi nikal jaati ander ki saans ander aur baher ki baher reh jati. Thodi der tak to takleef hoti rahi laiking thodi hi der
mai mujhe gand marwane mai bohot hi maza aane laga aur mei apnni gand se lund ko peeche se dhakke mar rahi thi tel laga hone se ppcchhkk ppcchhkkk ppppcchhhkk ki awazein aa rahi thi aur SK ka musal jaisa lund meri gand mai ghusa hua tha woh zor zor se khacha khach meri gand mar rahe the aur mai maze se marwa rahi thi apni gand peeche dhakel ke uska mota lund apni gand mai le rahi thi. Bohot maza aane laga tha aur usi samay mera badan kaanpne laga aur meri choot mai se juice nikal ne laga mera orgasm chalta raha aur mai be dumm ho ke bed pe gir gai. SK apni gand utha utha ke Lund ko poora supade tak baher nikal nikal ke meri gand maar rahe the. Unki speed badh gai aur woh deewano ki tarah se meri gand ke ander apna musal lund ghused rahe the tezi se meri gand maar rahe the aur phir ek bohot hi zor daar jhatka mara to mere muh se phir se cheekh nikal gai aaaammmaaaaa marrrrrrr gaaiiiiiiiiiiii aur phir foran hi unke lund se cumm ki pichkarian meri phati hui gand mai nikal ke girne lagi. Pehli pichkari ke sath hi meri choot se juice nikalne laga aur mai bhi jhadne lagi. SK ke lund mei se cumm nikalta gaya aur mujhe lagne laga jaise uske cum se meri gand aur mera pet dono bhar jaynge aur abhi unka lund meri gand ke ander hi ghusa hua tha aur woh mere badan pe gir gaye ham dono gehri gehri saansein le rahe the thodi hi der ke bad jab hamari saansein theek hui to SK mere ooper se mera side mai ludhak gaaye aur unka lund meri gand mei se nikalte hi meri gand mei se unka cum baher nikalne laga aur meri choot ki daraar mai se hota hua neeche bed sheet pe girne laga.
Mai bhi ab seedha ho ke let gai aur karwat le ke SK ko pyar karne lagi dono karwat se lete the ek doosre ki taraf muh kar ke.aur phir ham dono ek doosre se lipat ke gehri neend so gaye. Subah uthi tho choot aur gand mai meetha meetha darad ho raha tha. Ham dono ne sath hi shower lia aur dono ek doosre ko sabun laga ke safai karne lage. SK ne meri choot aur gand mai sabun lagaya aur mai ne SK ke Lund pe sabun lagay aur dhone lagi. SK ke lund pe hath lagte hi unka lund ek baar phir se khada hogaya aur mere nange badan ko aur meri chikni makkhan jaisi choot ko salute karne laga jaise hathi (elephant) apne soond (trunk) se salute karta hai to mai ne hans ke kaha wow SK yeh to phir se akadne laga to usne kaha Kiran tumhari makkhan jaisi chikni aur pyari choot shaed mere lund ko pasand aa gai hai aur phir se yeh usmai ghusna chahta hai to mai hansne lagi aur kaha ke SK mai tumhare liye aur tumhare
itne shandaar Lund ke liye hamesha hi ready hu. Phir Shower ke ander hi SK ne mujhe apni Godi mai utha lia aur deewar se tika ke meri choot mai Lund ek hi jhatke mai pel dia aur chodne lage. Meri back deewar se tiki hui thi aur pair SK ke back pe lapete hue the aur mere hath SK ki gardan mai hath dal ke unke badan se jhool rahi thi aur unka Lund meri choot mai toofan macha raha tha. Ghacha Ghach chod rahe the unka lund choot ke ander aise ja raha tha jaise jack hammer se deewar mai surakh kar rahe ho mujhe lag raha tha ke meri choot aur gand phad ke unka Lund deewar mai ghuss jayega. Unke ek ek jhatke se mere chuchian dance karne lagi. SK ke hath meri chootad pe the aur meri back deewar se. Isi tarah chodte rahe aur mai 2 bar jhad chuki thi ab mujhe laga ke SK bhi jhadne wale hai to mai ne unko kass ke pakad lia SK ke jhatke bohot hi tez ho gaye aur meri zabardast chudai hone lagi aur phir ek itni zor se jhatka mara ke meri cheekh nikal gai ooooooooooooooiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aur mera muh khula ka khula reh gaya aur mai ne mehsoos kia ke SK ka Lund meri choot mai phool (swell) raha ho aur uske ke lund se garam garam malai ki pichkariyan nikal rahi hai aur mai phir se jhadne lagi. Chudai hone ke bad unho ne mujhe neeche utara aur ham ne phir se shower lia.
Bathroom se baher nikal ke mai kapde pehenne lagi to SK ne kaha nahi kiran mai aur tum jitni der ghar mai akele rahege tum aur mai koi kapda nahi pehnege aur ham dono nange hi rahege to mai ne muskurate hue kaha ok SK mai to tumhari ghulam ho gaii hu tum jaisa kahoge mai waisa hi karugi. Phir mai nange hi kitchen mai gai aur breakfast banaya aur ham dono ne nange hi dining table pe batih ke khaya. Saturday ka din tha wo to SK ne office phone kar dia ke wo kisi aur jagah kaam se ja rahe hai aur office nahi ayenge aur phir kuch apni secretary ko instructions de diye aur sara kaam samjha dia. Saturday aur Sunday ko meri jamm ke chudai hui. Ab mai Ashok ko bhook chuki thi mujhe Ashok ki yaad bhi nahi aa rahi thi mai to yeh soch rahi thi ke SK hi mere pati hain aur mai unki patni.
Monday ko SK ko office jana tha to mai phir se lipat ke rone lagi aur kaha ke mai kaise rahugi tumhare bina to SK mujhe se lipat gaye aur kiss karne lage aur kaha ke mai kahi nahi ja raha hu sham ko phir aa jauga aur mai ne tum se promise bhi to kia hua
hai ke mai Ashok ke aane tak tumhare sath hi rahunga aur phir aaj apni wife ko ek week ke liye uske Mayke jane ke liye keh dunga aur bata dunga ke mai kisi kaam se Mumbai ja raha hu aur ek week ke baad aunga. SK ne kaha Kiran kahi Ashok ko hamare relations ke bare mai pata chal gaya to mushkil ho jayegi to mai ne kaha SK tum Ashok ki fikar na karo I am sure ke agar usko malum bhi ho gaya to woh kuch nahi kahega kiyon ke usko khud hi pata hai ke woh mujhe satisfy nahi kar pa raha hai aur uske lode mai ab dam nahi hai aur yah ke woh mujhe jab bhi chodne ki koshish karta hai aur mujhe garam kar ke meri choot ke ooper hi apna maal gira deta hai to uski nazrein khud hi neeche ho jati hai aur usko pata hai ke mai us se satisfy nahi hu to tum uski bilkul bhi fikar na karo aur woh tumhara acha dost bhi hai aur hamesha tumari tareef hi kia karta hai ke tum bohot ache insaan ho aur hamesha doosro ki madad karte rehte ho to woh hansne laga aur kaha ke haa mai tumhari madad hi to kar raha hu aur phir ham dono mil ke hansne lage.
Isi tarah se poora ek week SK mere sath hi rahe. Din raat different styles mai chudai karte rahe masti mai time guzarta raha. Ek week ke baad Ashok wapas aa gaye to unho ne poocha ke mera kaam kaise chal raha hai to mai ne khaa ke haa theek hi chal raha hai SK yaha hi aa ke mujhe sab kuch sikha dete hai. Ashok ne Aankh maar ke kaha ke kuch hamai bhi to batao ke ab tak kia kia sikha dia hai hamari pyari si Kiran jan ko to mere muh pe automatically sharam aa gai aur Ashok mujhe ghor se dekhne lage aur kaha ke Kiran SK mera sab se pyara dost hai dekhna ke usko koi takleef na ho aur jab wo ghar pe hi aata hai kaam sikha ne ke liye to uska poora khayal bhi rakha karo to mai ne muskura ke sar hila dia aur kaha ke theek hai mai SK ke poora khayal rakhungi tum fikar na karo. Aisi hi do meaning ki batein hui jis se mujhe ek idea to ho gaya ke Ashok koi feel nahi karega agar SK mujhe chod bhi de to aur mujhe khayal aaya ke shayed Ashok chahta bhi yehi ho ke SK mujhe chode aur mujhe satisfy karre. Khair yeh mera aur SK ki chudai ka silsila chalta raha. Ab to jaise Sk hi mera pati tha wohi mujhe chod ta tha mai uske chodne se bilkul satisfy thi.
Ek time SK ko dinner pe bulaya. Ham teeno ne khana khaya. Dinner ke bad sofe pe baithe coffee pii rahe the to Ashok ne SK se kaha ke SK Kiran tumhari bohot tareef karti hai ke tum usko kaam achi tarah se samjha rahe ho aur uski poori madad kar rahe ho to mai ne dekha ke SK ke chehre pe ek rang aa ke
chala gaya usne samjha ke shaed Ashok ko kisi tarah se pata chal gaya uske aur Kiran ke relations ka par SK ne kuch kaha nahi to mai ne hi kaha ke haa Ashok SK bohot hi achi tarah se mujhe kaam samjha rahe hai tum fikar na karo aur mai unka poora khayal bhi rakh rahi hu jaisa tum ne kaha tha to mai ne dekha ke Ashok ke chehre pe itmenaan dikhne laga aur phir SK ne bhi kaha ke yaar Ashok Kiran ek bohot hi achi ladki hai usne kaam bohot hi jaldi seekh lia aur achi tarah se kar bhi rahi hai aur haa woh mera achi tarah se khayal bhi rakhti hai to phir Ashok ne kaha dekho Kiran SK ki khidmat mai kisi kisam ki kami na reh jaye to phir mai ne kha ke haa tum fikar na kao mai sab dekh lugi. Ashok ki bato se aise andaza hota tha ke hamare bare mai woh kuch samajh gaya tha ya hamai aapas mai chudai ka sujhao de raha tha hamari kuch samajh mai nahi aa raha tha. Khair ham ne socha ke koi baat nahi agar ab Ashok ko pata bhi chal jaye to koi baat nahi jab aisi koi baat aaeegi to dekha jayega.
Coffee khatam ho chuki thi aur ham aise hi baithe baatein kar rahe the to SK ne kaha ke usko 2 weeks ke liye Singapore jana pad raha hai. SK ne mazak se kaha ke yaar Ashok agar tum ijazat do to mai Kiran ko bhi Singapore ki sair kara laun to Ashok ne kaha arey iss mai poochne ki kia baat hai yah to badi achi baat hai le jao woh yaha akele mai bore hoti rehti hai aur mera koi thikana bhi to nahi hai kabhi bhi mujhe business ke silsiley me bina programme ke hi kahi bhi chale jana padta hai to SK ne kaha nahi yaar mai to mazak kar raha tha tum to serious ho gaye to Ashok ne kaha arey nahi yaar mai sach mai serious hu agar tum ko koi problem na ho I mean ke koi business ki ya financial problem to SK ne kaha nahi yaar mujhe kia problem ho sakti hai to Ashok ne kaha to phir kia problem hai le jao kIran ko apne sath na yaar mai keh raha hu na. Ashok aur SK aise hi baatein kar rahe the aur mai kabhi Ashok ki soorat dekhti to kabhi SK ki aur samajhne ki koshish kar rahi thi ke kahi yeh dono wakai serious hain ya dono hi mazak kar rahe hain.












आपका दोस्त राज शर्मा
साधू सा आलाप कर लेता हूँ ,
मंदिर जाकर जाप भी कर लेता हूँ ..
मानव से देव ना बन जाऊं कहीं,,,,
बस यही सोचकर थोडा सा पाप भी कर लेता हूँ
आपका दोस्त
राज शर्मा

(¨`·.·´¨) Always
`·.¸(¨`·.·´¨) Keep Loving &
(¨`·.·´¨)¸.·´ Keep Smiling !
`·.¸.·´ -- raj



































































































































































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