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Monday, April 12, 2010

कामुक कहानिया मारवाड़ की मस्त मलाई पार्ट --1

raj sharma stories राज शर्मा की कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ
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मारवाड़ की मस्त मलाई पार्ट --1
लेखक-- दा ग्रेट वोरिअर
हिंदी फॉण्ट बाय राज शर्मा
कामुक-कहानियाँ.ब्लॉगस्पोट.कॉम
मेरा नाम नसीम राजा है और लोग मुझे राजा या राज भी कहते है. अब मेरी उमर 24 साल की है. मैं एक मारवाड़ी सेठ कांति लाल के घर के पड़ोस मे रहता हू और मेरा उनके घर हमेशा का आना जाना लगा रहता है. मैं अपने घर मे कम और उनके घर मे ज़ियादा रहता हू और अब तो मैं मारवाड़ी लॅंग्वेज भी अछी तरह से समझ और बोल सकता हू. लकिन मैं जो आपको कहानी सुनाने जा रहा हू वो कुछ साल पहले की है.
सेठ कांतिलाल का एक बेटा है, शांति लाल, तकरीबन मेरी ही उमर का है और हम एक ही कॉलेज मे पढ़ते हैं और आपस मे आछे ख़ासे दोस्त भी हैं. हम एग्ज़ॅम्स के नज़दीक कंबाइंड स्टडीस भी करते हैं और जब कंबाइंड स्टडीस करते है तो मेरी रात उनके ही घर मैं गुज़रती है. हम दोनो साइन्स के स्टूडेंट्स हैं. कभी कभी तो हम एक ही बाइक पर कॉलेज चले जाते है. मे कॉलेज की क्रिकेट टीम का मेंबर हू और जब प्रॅक्टीस सेशन होता है तो मुझे घर वापस लोटने मे देरी हो जाती है और उस टाइम पे शाँतिलाल मेरा वेट करता रहता है और हम साथ ही वापस जाते हैं.
सेठ कांति लाल की एक बेटी भी है जिसका उसका नाम पूनम है. घर वाले और जानने वाले उसको प्यार से पिंकी कह कर पुकारते है. वो हम से उमर मे तकरीबन 2 साल छोटी है. पूनम एक बोहोत ही सुंदर, थोड़ी सी दुबली पतली और बोहोत ही नाज़ुक लड़की है. थोड़ी बोहोत चंचल भी है और मा बाप की लाडली बेटी है इसी लिए थोड़ी सी ज़िद्दी भी है. वो जब किसी बात की ज़िद्द करने लगती है तो उसके पूरा होने तक खामोश नही बैठ ती. ऐसा भी नही है कि हर बात मे ज़िद्द ही करने बैठ जाए, कभी कभी समझाने पर मान भी जाती है.
बड़ी होने के बाद वो ज़िद्द ख़तम हो चुकी थी लैकिन फिर भी कभी कभी वो पुरानी ज़िद्द वापस आ ही जाती थी. वो इंटरनेट की दीवानी है रात रात भर इंटरनेट पर अपने फ्रेंड्स के साथ चाटिंग करती रहती है और पता नही क्या क्या देख लेती होगी
क्यॉंके उसका कमरा अलग है और वो जब भी इंटरनेट यूज़ करती है तो मोस्ट्ली अपना कमरा अंदर से लॉक कर लेती है. शाँतिलाल का और पिंकी का बेडरूम फर्स्ट फ्लोर पे है पर अलग अलग है विद अटॅच्ड बाथरूम. दोनो के कमरो के बीचे मे एक बोहोत बड़ा सा हॉल है जहा 2 बड़े सोफा सेट रखे हुए है जब दोनो मे से किसी के पास कोई फ्रेंड्स आ जाते है तो वो हॉल उसे मे ले आता है.
ऑन दा होल पूनम एक बोहोत ही अछी और फ्रेंड्ली लड़की है. हमेशा मुस्कुराती रहती है और जब मुस्कुराती है तो उसके गालो मे दो छोटे से डिंपल पड़ते है. वो पढ़ाई मे उतनी तेज़ नही है कभी कभी किसी ना किसी सब्जेक्ट मे फैल भी हो जाती है. हाइट होगी तकरीबन 5’ रंग इतना गोरा है के उसके हाथो पे खून की नीले रंग की रगें ( वेन्स ) सॉफ दिखाई देती है. लाइट ब्राउन कलर की उसकी बड़ी बड़ी आँखें और लाइट ब्राउन कलर के ही उसके रेशम जैसे बाल उसकी कमर तक झूलते बोहोत आछे लगते हैं. उसका फिगर होगा कोई 28-24-30. पिंकी एक बे इंतेहा खूबसूरत लड़की है. पिंकी से भी मेरी अछी ख़ासी दोस्ती है. हम एक दूसरे के साथ जोकिंग भी करते है और खेलते भी हैं और बिंदास एक दूसरे के बदन पे इधर उधर हाथ भी लगा लेते है और कभी एक दूसरे के गाल पे या चूतड़ पे चुटकी भी काट लेते है. रोमॅंटिक और डबल मीनिंग वाले सेक्सी जोक्स भी शेर कर लेते हैं और कभी कभी तो उसको अपनी बाँहो मे भी भर लेता हू और जब उसका बदन मेरे लंड से लगने लगता है तो वो अपने बदन को मेरे बदन से और ज़ियादा चिपका लेती है ताकि मेरे लंड को अछी तरह से फील कर सके और फिर मुझे अजीब नज़रो से देखती हुई मुस्कुरा देती. और एस्पेशली हम जब होली खेलते है तो मे उसके बूब्स को भी अछी तरह से मसल देता हू जिस्मै मुझे बोहोत ही मज़ा आता है उसके छोटे कड़क बूब्स एक दम से मस्त है और होली खेलते समय जब वो हंसते हुए झुक जाती तो मे उसको पीछे से पकड़ लेता जिसकी वजह से मेरा लंड अकड़ जाता और उसकी गंद मे लगता रहता और मैं उसके बूब्स को मसलता रहता और वो भी मेरे इतने करीब हो के रंग लगाती है के उसके बूब्स मेरे बदन से टच करते रहते है और कभी तो मेरा लंड उसके बदन से भी लग जाता है और कभी वो ऐसे हाथ फिराती है के मेरे लंड से उसका हाथ भी टच होता है और ऐसे टाइम पे वो बड़ी ज़ोर से खिल खिला कर हंस देती . मतलब के हम दोनो एक दूसरे के साथ बोहोत ही फ्री रहते हैं और इस बात को सब घर वाले भी जानते हैं वो सब भी यही सोचते है के हम एक आछे दोस्त और साथी है और फ्रेंड्स जैसा ही रहते है. वो मुझे राजा कह कर पुकरती है तो मैं शरारत से कहता हू के अरे कभी तो “मेरे राजा” कह के बुला लिया करो ना मेरी जान तो वो अपनी ज़ुबान बाहर निकाल के मुझे चिढ़ाती हुई मुस्कुराती और बोलती के जब तुम मेरे राजा बनॉगे तब पुकारूँगी तो मैं भी हंस देता और
कहता के चलो ठीक है देखते है वो दिन कब आता है तो वो भी हंस देती इसी तरह से हसी मज़ाक मे मस्ती मे दिन गुज़रते रहे और मैं जैसे उनके घर के एक सदस्य ही बन गया था उनके घर मे ही खाना भी खा लेता था और कभी कभी तो शाँतिलाल या पिंकी के कमरे मे सो भी जाता था.
पूनम की माताजी जिनका नाम पूजा है सब लोग उनको सेठानी मा या माताजी कह कर बुलाते है पर मैं उन्हे आंटी कह कर बुलाता हू और वो भी मुझे राजा ही कह कर पुकारती है लैकिन सेठ कांतिलाल और उनका बेटा शाँतिलाल मुझे राजू, राजा या राज ही कह कर बुलाते है. पूजा माताजी की एज होगी कोई 36-37 साल की लैकिन वो किसी 20 साल की लड़की से ज़ियादा नही लगती और वो भी एक बोहोत ही सुंदर औरत हैं. हाइट होगी कोई 5’ 5” के करीब. दुबली पतली, गोरे रंग की. बड़ी बड़ी आँखें, फिगर होगा कोई 36-32-36. वो हमेशा सारी ही पेहेन्ति है और बटक्स पे सारी उनकी थोड़ी टाइट होती है जिस से चलते समय उनके चूतड़ बड़े सेक्सी स्टाइल मे हिलते हैं और रात मे नाइटी पेहेन्ति है. कभी नाइटी पतली हो तो उनकी ब्रस्सिएर और पॅंटी भी दिखाई देती है और अगर कभी ब्रस्सिएर नही पहनी हो तो उनके गोरे गोरे बूब्स और गुलाबी निपल भी सॉफ दिखाई देते है ऐसा मुझे देखने का दो तीन टाइम मोका मिला जब मैं रात को किसी काम से उनके घर गया था. उनके बूब्स भी टाइट ही लगते है शाएद ब्रस्सिएर टाइट पेहेन्ति हैं या उन्हे ज़ियादा दबाया और चूसा नही गया होगा इसी लिए टाइट होंगे. आँखों पे गोलडेन फ्रेम की नाज़ुक ऐनक उनके चेहरे पे बोहोत ही अछी लगती है. हमेशा ही अछी ड्रेसिंग मे रहती है ऐसा लगता है जैसे कही बाहर जाने के लिए रेडी हुई हो. मैं उनकी बोहोत इज़्ज़त करता हूँ और वो भी मुझे बोहोत ही चाहती है एक फॅमिली मेंबर की तरह से ट्रीट करती है और हमेशा मुझे कुछ ना कुछ गिफ्ट्स भी देती ही रहती हैं.
सेठ कांति लाल तकरीबन 60 साल के बोहोत ही पैसे वाले बिज़्नेस मॅन हैं. मार्केट मे उनका बोहोत नाम है. वो सावले रंग के और आछे ख़ासे मोटे इंसान हैं उनकी तोंद भी बोहोत बड़ी है. चलना फिरना मुश्किल है. नीचे फ्लोर पे बैठ जाएँ तो उतना मुश्किल होता है इसी लिए वो हमेशा चेअर पे ही बैठे रहते हैं. टिपिकल सफेद कलर की धोती और कुर्ते मे रहते हैं. मोटे शीशे का चश्मा उनकी मोटी नाक पे हमेशा ही टिका रहता है. बिज़्नेस बोहोत ही अछा चलता है उनके और उनकी वाइफ मे कोई अंतर नही दिखाई देता. कहाँ वो खूबसूरत, दुबली पतली, नाज़ुक और अभी भी जवान लगने वाली पूजा सेठानी और कहा यह मोटे भ्हद्दे सेठ कांटी लाल. लगता है सेठानी मा के घर वालो ने पैसा देख के सेठ कांति लाल से उनकी शादी कर दी है.
साइट कांति लाल जी की एक तो गोल्ड ज्यूयलरी की दुकान है दूसरी रेडी मेड गारमेंट्स की होल सेल की दुकान है. ज्यूयलरी की शॉप मैं वो खुद बैठ ते है और रेडी मेड गारमेंट्स की दुकान मे उनका बेटा शांति लाल कॉलेज का टाइम ख़तम होने के बाद शाम के टाइम बैठ ता है तब तक उनका एक मॅनेजर है वोही दुकान की देख भाल करता है.
रेडीमेड गारमेंट्स का होल्सेल बिज़्नेस होने की वजह से परचेसिंग भी कुछ ज़ियादा ही होती है और हर थोड़े दीनो बाद माल ख़तम हो है और फिर तुरंत ही परचेसिंग के लिए जाना पड़ता है. परचेसिंग के लिए पहले तो वो खुद ही चले जाते थे पर अब वो खुद तो नही जा पा ते इसी लिए अपने बेटे शांति लाल को भेजते है और कभी कभी मैं भी उसके साथ पूना, बोम्बे, देल्ही, चेन्नई या कोलकाता चला जाता हू और ऐसे ही आने जाने से थोड़े ही महीनो मे मुझे भी परचेसिंग का काफ़ी एक्सपीरियेन्स हो गया है और इतना कॉन्फिडेन्स आ गया है के अगर कभी शांति लाल भी किसी वजह से ना जा सके तो वो मुझे अकेले ही भेज देते है और मैं बॉम्बे, पूना, देल्ही, चेन्नई या कोलकाता जा कर उनके लिए परचेसिंग कर के आता हू. जब सेठ कांतिलाल और सेठानी पूजा किसी शहेर को जाते है तो 5 स्टार होटेल मे ही ठहर ते हैं और उतने दीनो तक होटेल की ही रेंट एक कार विद ड्राइवर ले लेते है. अपने ऊपेर वो अछा ख़ासा पैसा खरच करते है अपने लिए परचेसिंग भी भारी कीमत की करते हैं. मैं ने देखा के पूजा माताजी की कोई भी सारी 12 या 15 हज़ार रुपीज़ से कम की नही होती. इसी लिए तो इतनी शानदार नज़र आती है वो अपनी ड्रेसिंग मे.
उनका घर भी बोहोत ही बड़ा है. घर मे लोगो से ज़ियादा कमरे है जो अक्सर खाली ही पड़े रहते है. कभी किसी तेओहार के टाइम पे या शादी के टाइम पे कोई उनका गेस्ट या और कोई रिलेटिव आजाता है तो वो रूम्स इस्तेमाल मे आते है नही तो बंद ही पड़े रहते हैं. क्लीनिंग के लिए कुछ नोकरानिया रखी है जो डेली एंप्टी रूम्स की सफाई करती है और फिर बंद कर देती हैं. थोड़े कमरे एज ए स्टोर रूम भी इस्तेमाल मे आते है.
आक्च्युयली कयी साल पहले सेठ कांतिलाल मारवाड जो के राजस्थान का ही एक शहेर है वाहा रहते थे और मारवाड़ी कम्यूनिटी के थे अब हयदेराबाद मे रहने लगे थे. आप सब को पता ही होगा के मारवाड़ी लड़कियाँ और औरतें कितनी खूबसूरत होती है एक दम से मक्खन मलाई जैसी. हयदेराबाद शिफ्ट होने से पहले सेठ कांति लाल हयदेराबाद से करीब एक दूसरे टाउन सिड्डिपेट मे रहते थे जो के हयदेराबाद
से तकरीबन 80 – 85 किलोमेटेर की दूरी पर है. वाहा उनका बोहोत ही बड़ा अंगूर ( ग्रेप्स ) का बाग है जिस्मै एक बोहोत ही बड़ा घर भी है. उनके सिड्डिपेट का घर सिड्डिपेट टाउन से तकरीबन 8 – 10 किलोमेटेर दूर टाउन के आउटस्कर्ट्स मे है और वही पर उनकी ही प्रॉपर्टी मे एक प्राइवेट तालाब भी है जहा उनके फॅमिली मेंबर्ज़ के सिवा और कोई नही आता जाता जिस्मै कभी कभी वो सब स्विम्मिंग भी करते है. मेन रोड से फार्महाउस के अंदर आने तक एक प्राइवेट कच्ची सड़क जैसी बनी हुई है और इस रास्ते के दोनो तरफ ग्रीन ग्रीन अंगूर की बेले मंडवो पे फैली हुई बोहोत अछी लगती है. साल मे एक टाइम वो अंगूर तोड़ने के लिए किसी भी फ्रूट वाले को कांट्रॅक्ट पे दे देते है. मेन रोड पे फार्महाउस का मेन गेट है जहा से घर तकरीबन आधे पौना किलोमेटेर की दूरी पर है इसी लिए मेन गेट से घर नज़र भी नही आता. देखने वाले यही समझते है के यह बस एक अंगूर का बाग है.
वो या उनके फॅमिली मेंबर्ज़ अक्सर वाहा टाइम पास करने या सम्मर हॉलिडेज़ मे छुट्टियाँ गुज़ारने चले जाते हैं. वो घर एक फार्महाउस के जैसा यूज़ मे आता है. देख भाल करने के लिए एक कपल हज़्बेंड और वाइफ गंगू बाई और उसके हज़्बेंड रामू को रखा है जो वाहा एक पोर्षन मे रहते भी है उनको दो रूम्स, किचन और बाथरूम का एक घर मेन गेट के करीब ही बना के दिया हुआ है जहा वो रहते है और घर की देख भाल और सफाई वाघहैरा भी करते हैं. उनकी एक बेटी लक्ष्मी है (उनको लक्ष्मी बोलना तो नही आता इसी लिए उसको लॅक्मी कह कर पुकारते है ) लक्ष्मी पिंकी से शाएद 2 या 3 साल की छोटी होगी पर देखने मे एक ही उमर के लगते है दोनो. लक्ष्मी एक साँवली सी लड़की है बदन भी मेहनत करने से अछा सख़्त घाटीला हो गया है. नयी नयी जवानी आने लगी है और उसके बूब्स भी थोड़े थोड़े आने लगे हैं. वो मीडियम बिल्ट की लड़की है. अभी वो छोटी ही है लैकिन शकल से बोहोत ही सेक्सी लगती है बड़ी बड़ी काली आँखें मटका के जब बात करती है तो लंड पॅंट के अंदर ही फड़कने लगता है, काले बाल हाइट भी होगी यही कोई 4’ 8 – 9” पिंकी से भी कम हाइट और मेरे से तो बोहोत ही कम और मेरे सामने खड़ी हो जाए तो मेरे सीने और पेट के बीच मे उसका सर लगता होगा वो मोस्ट्ली हाफ स्कर्ट और हाफ स्लीव्ड ब्लाउस टाइप पेहेन्ति थी और अगर कभी वाइट कलर का पतला ब्लाउस पहेन लेती तो उसको छोटे छोटे बूब्स और निपल्स नज़र आते थे. उनके पास अंदर टाउन तक आने जाने के लिए एक बंदी ( बैल गाड़ी या बुलक कार्ट ) है जिसे दो बैल ( बुल्ल्स ) चलते है. वीक मे एक या दो टाइम वेजिटेबल्स या खाने पीने का समान लाने के लिए शहेर चले जाते है या फिर कभी हॉस्पिटल वाघहैरा जाना हो तो भी दिन मे चले जाते है और शाम तक वापस आ जाते है. ऐसा कम ही होता है के तीनो
एक साथ ही चले जाएँ, तीनो मे से कोई ना कोई घर मे मौजूद रहता ही है. घर को कभी खाली नही छोड़ते.
घर मे डेली यूज़ की सारी चीज़ीं मौजूद हैं. टीवी, फ्रिड्ज और वॉशिंग मशीन जैसी हर चीज़ है. तीन कमरो मे तो एर कंडीशन भी लगे हुए है. ज़बरदस्त डबल बेड्स भी है. एमर्जेन्सी यूज़ मे आने वाले कपड़े, बेडशीट्स और टवल्ज़ वाघहैरा सब हैं.
मैं और शाँतिलाल बचपन से ही एक दूसरे के साथ हैं और हम एक दूसरे के साथ अपनी सीक्रेट्स भी शेर करते हैं. मेरे फादर गवर्नमेंट सर्वेंट है और हम अप्पर मीडियम क्लास के फॅमिली वाले लोग हैं. ऊपेर वाले ने मुझे पैसे की धन दौलत तो नही दी पर जिस्मानी धन दौलत बुहोट दी है. मेरी हाइट 5’ 8” है गोरा रंग, एक्सर्साइज़्ड मस्क्युलर बॉडी, ब्रॉड शोल्डर्स और मेरे सारे जिस्म पर बाल है और चेस्ट पे भी बोहोत बाल है. और लंड का तो क्या पूछना एक दम से मस्त फुल्ली एरेक्ट लंड 8” लंबा मूसल जैसा मोटा और लोहे जैसा सख़्त एक दम से शानदार जिसका सूपड़ा एक दम से चिकना और उसपे बड़ा सा सुराख किसी लड़की के हाथ लग जाए तो मेरे लंड को सीधे पकड़ के अपनी चूत मैं डाल ले. और वही शाँतिलाल आक्ची सूरत का हॅंडसम लड़का है पर दुबला पतला कमज़ोर टाइप का है जिसके अंदर सेल्फ़ कॉन्फिडेन्स भी नही है और मोस्ट्ली वो मेरे डिसिशन पर ही निर्भर रहता है.
हम हमेशा स्कूल को साथ ही जाते और जब कभी पिशाब करने का टाइम आता तो भी हम एक दूसरे के करीब ही ठहर के पिशाब करते और एक दूसरे की नुनु देखते और देखते के किसके पिशाब की धार कितनी दूर तक जाती है जिस्मै हमेशा मेरी पिशाब की धार ही भोत दूर तक जाती थी. . मेरी नुन्नि शाँतिलाल की नुन्नि से बोहोत ही बड़ी थी और वो हमेशा मुझ से बोलता था के अबे राजू ( यहा यह बता दू के सब लोग मुझे राजा, राज्ज या राजू कह कर बुलाते थे ) तेरी नुन्नि इतनी बड़ी कैसे है और मेरी इतनी छोटी कैसे तो मैं कहता मुझे क्या मालूम शाएद इस लिए के मैं चिकन और मीट ख़ाता हू और तू सिर्फ़ वेजिटेबल्स और दाल ही ख़ाता है तो वो कहता हा हो सकता है. कभी कभी बोलता के राजू मुझे भी कभी चिकन खिला यार तो मैं बोलता के तेरी माताजी मुझे मारेगी तो वो खामोश हो जाता पर चिकन खाने का वो मंन बना चुका था. कभी कभी हम एक दूसरे की नुन्नि को अपने हाथो मे पकड़ के दबाते भी थे इसी तरह से हमारे दिन गुज़रते गये और हम छ्होटे से बड़े होते गये.
जब हम 6थ या 7थ क्लास मे थे तब तक मेरी नुन्नि बोहोत ही बड़ी और मोटी हो चुकी थी और दिन भर मे कम से कम 25 – 30 टाइम एरेक्ट भी हो जाती थी और अब वो किसी बड़े आदमी के लोड्‍े या लंड से कम नही थी हम दोनो अभी भी एक दूसरे के सामने ही अपने लोड्‍े निकाल के पिशाब करते थे और एक दूसरे के लोड्‍े देखते रहते थे. शांति लाल की नुन्नि अभी भी उतनी ही छोटी थी जितनी बचपन मे थी या शाएद थोड़ी सी बड़ी होगआई होगी पर लगती थी जैसे उतनी ही है. होगी शायद कोई 3 इंच की और उसकी नुन्नि के हेड के ऊपेर का अन वांटेड स्किन भी लटका रहता था जिस्मै से पिशाब की धार निकलती थी और उसके पैरो के पास ही गिरती थी लैकिन मेरे लोड का अनवॉंटेड स्किन कटा हुआ था और लंड का सूपड़ा गोल किसी बाइक के हेल्मेट या मशरूम जैसा था और और लंड किसी मूसल की तरह मोटा और लोहे जैसा सख़्त हो गया था . लंड के सूपदे के ऊपेर मोटा सुराख भी था जिस्मै से पिशाब की मोटी सी धार निकलती थी जिसे देख के शाँतिलाल कहता अबे राजू तेरा लोड्‍ा मुझे दे दे और मेरा तू लेले तो मैं मुस्कुरा के मज़ाक से कहता यह समझ के मेरा लौदा आज से तेरा ही है जब चाहे ले ले तो वो भी मुस्कुरा के कहता देख लेलुँगा तो मैं कहता कोई बात नही यार तेरे से बढ़ के है क्या, ले ले जब मर्ज़ी आए. जब पिशाब करने के लिए एक दूसरे के करीब खड़े होते तो शाँतिलाल मेरा लौदा पकड़ लेता और उसके हाथ लगते ही मेरा लोड्‍ा एक दम से खड़ा हो जाता जिसे शाँतिलाल दबा देता और पिशाब ख़तम होने के बाद भी मेरे लौदे को हिला हिला के लास्ट ड्रॉप्स भी नीचे गिरा देता फिर हम अपने अपने लौदो को अपने पॅंट या चड्डी के अंदर रख लेते.
शान्ती लाल की एक पड़ोसन थी उसका नाम पायल था वो भी मारवाड़ी ही थी और वो शाँतिलाल को लाइन मारती थी. पायल भी एक बोहोत ही खूबसूरत और सेक्सी लड़की थी गोरा रंग और मीडियम बिल्ट बॉडी जो बोहोत मोटी भी नही बोहोत दुबली पतली भी नही वो एक दम से मारवाड की मलाई लगती थी. पायल उसको बचपन से लाइन मारती थी और शांति लाल से बोहोत मोहब्बत करती थी और शाँतिलाल भी उसको बोहोत चाहता था. वो भी शाँतिलाल के घर आती जाती रहती थी और पिंकी से भी उसकी गहरी दोस्ती थी. जवान हो जाने के बाद पायल कुछ ज़ियादा ही खूबसूरत और ज़ियादा ही सेक्सी हो गयी थी. तकरीबन 5’ 3-4” की हाइट होगी और उसके बूब्स भी बड़े मस्त छोटे अमरूद जैसे थे और कभी बिना ब्रस्सिएर के शर्ट या टॉप पेहेन्ति तो उस मे से उसके पिंक कलर के निपल्स दिखाई देते थे जिसे देखते ही मेरा लंड तो एक दम से खड़ा हो ही जाता था पर शाँतिलाल का शाएद खड़ा नही होता था. मोस्ट्ली स्कर्ट और टॉप पेहेन्ति थी या कभी बर्म्यूडा टाइप की चड्डी और टॉप भी पेहेन्ति थी. पायल के पिताजी का भी बिज़्नेस था और वो भी बोहोत पैसे वाले थे. शाँतिलाल के पिताजी से पायल के पिताजी की फ्रेंडशिप भी थी पर आजकल दोनो बिज़्नेस मे बिज़ी थे इसी लिए कभी कभार ही उनकी मुलाकात हो पाती थी.
पायल और शाँतिलाल एक दूसरे से प्यार करने लगे जिसकी मुझे जानकारी थी. शाँतिलाल मेरे से कोई बात नही छुपाता था और अपने प्यार के किस्से सुनाता रहता था. दोनो कभी अकेले मे मिलते तो पायल ही शाँतिलाल को पकड़ के किस करती और उसके हाथ अपने हाथो से पकड़ के अपने बूब्स पे रख लेती और खुद ही नीचे हाथ डाल के उसके छोटे से लौदे को अपने हाथो से पकड़ के मसल भी देती थी और पायल का हाथ उसकी नूनी पे लगते ही उसके लोदे से पानी निकल आता था और उसका पॅंट गीला हो जाता था. पायल एक बोहोत ही सेक्सी लड़की थी वो भी इंटरनेट की दीवानी थी और वो भी रात रात भर चाटिंग करती और सेक्सी फोटोस भी देखती और सेक्सी वीडियो क्लिप्स भी देख देख के कुछ ज़ियादा ही सेक्सी हो गयी थी. वो जब शाँतिलाल से मिलती तो वो उसको अपनी बाँहो मे भर लेती आनी ज़ुबान उसके मूह के अंदर डाल के उसको फ्रेंच किस किया करती और शाँतिलाल अपनी तरफ से कोई पहेल नही करता और मुझ से बोलता के यार राजू क्या करू मेरा लंड साला उठ ता ही नही और पायल है के मेरे लौदे को ही पकड़े रहती है तो मैं मज़ाक करता के चल तू पायल से प्यार कर और मैं उसके हाथ मे अपना लंड दे देता हू तो वो मुझे अजीब सी नज़रो से देखता रहता जिसका मैं मतलब नही समझ पाता था. पता नही वो क्या सोचता था. खैर ऐसे ही मस्ती मे दिन गुज़रते रहे.
क्रमशः........................
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Mera Naaam Naseem Raja hai aur log mujhe Raja ya Raj bhi kehte hai. Ab Meri umar 24 saal ki hai. Mai ek Marwari Sait Kanti Lal ke ghar ke pados mai rehta hu aur mera unke ghar hamesha ka aana jaana laga rehta hai. mai apne ghar mai kam aur unke ghar mai ziada rehta hu aur ab to mai Marwari Language bhi achi tarah se samajh aur bol sakta hu. Laikin mai jo aapko kahani sunane ja raha hu wo kuch saal pehle ki hai.
Sait Kantilal ka ek beta hai, Shanti Lal, takreeban meri hi umar ka hai aur ham ek hi college mai padhte hain aur aapas mai ache khaase dost bhi hain. Ham exams ke nazdeek combined studies bhi karte hain aur jab combined studies karte hai to meri raat unke hi ghar mai guzarti hai. Ham dono science ke students hain. Kabhi kabhi to ham ek hi bike par college chale jate hai. Mei college ki cricket team ka member hu aur jab practice session hota hai to mujhe ghar wapas lotne mai deri ho jati hai aur uss time pe Shantilal mera wait karta rehta hai aur ham sath hi wapas jate hain.
Sait Kanti Lal ki ek beti bhi hai jiska uska naam Poonam hai. Ghar wale aur janne wale usko pyar se Pinky keh kar pukarte hai. Woh ham se umar mai takreeban 2 saal choti hai. Poonam ek bohot hi sundar, Thodi si dubli patli aur bohot hi nazuk ladki hai. Thodi bohot chanchal bhi hai aur maa baap ki laadli beti hai isi liye thodi si ziddi bhi hai. Wo jab kisi baat ki zidd karne lagti hai to uske poora hone tak khamosh nahi baith ti. Aisa bhi nahi hai ke har baat mai zidd hi karne baith jaye, kabhi kabhi samjhaane par maan bhi jati hai. Yeh mast kahani the_great_warrior2000.at.yahoo.com ki likhi hui hai.
Badi hone ke baad wo ziddi khatam ho chuki thi laikin phir bhi kabhi kabhi wo purani zidd wapas aa hi jaati thi. woh Internet ki deewani hai raat raat bhar internet par apne friends ke sath chatting karti rehti hai aur pata nahi kia kia dekh leti hogi
kyonke uska kamra alag hai aur wo jab bhi Internet use karti hai to mostly apna kamra ander se lock kar leti hai. Shantilal ka aur Pinky ka bedroom first floor pe hai par alag alag hai with attached bathroom. Dono ke kamro ke beeche mai ek bohot bada sa hall hai jaha 2 bade sofa set rakhe hue hai jab dono mei se kisi ke pas koi friends aa jate hai to wo hall use mai aata hai.
On the whole Poonam ek bohot hi achi aur friendly ladki hai. Hamesha muskurati rehti hai aur jab muskurati hai to uske galo mai do chote se dimple padte hai. Wo padhayee mai utni tez nahi hai kabhi kabhi kisi na kisi subject mai fail bhi ho jati hai. Height hogi takreeban 5’ rang itna gora hai ke uske hatho pe khoon ki neele rang ki ragein ( veins ) saaf dikhayee deti hai. Light brown colour ki uski badi badi aankhein aur Light brown colour ke hi uske resham jaise baal uski kamar tak jhoolte bohot ache lagte hain. Uska figure hoga koi 28-24-30. Pinky ek be inteha khubsurat ladki hai. Pinky se bhi meri achi khasi dosti hai. Ham ek doosre ke sath joking bhi karte hai aur khelte bhi hain aur bindaas ek doosre ke badan pe idhar udhar hath bhi laga lete hai aur kabhi ek doosre ke gaal pe ya chootad pe chutki bhi kaat lete hai. Romantic aur double meaning wale sexy jokes bhi share kar lete hain aur kabhi kabhi to usko apni baho mai bhi bhar leta hu aur jab uska badan mere lund se lagne lagta hai to wo apne badan ko mere badan se aur ziada chipka leti hai taa ke mere Lund ko achi tarah se feel kar sake aur phir mujhe ajeeb nazro se dekhti hui muskura deti. Aur especially ham jab holi khelte hai to mai uske boobs ko bhi achi tarah se masal deta hu jismai mujhe bohot hi maza aata hai uske chote kadak boobs ek dum se mast hai aur holi khelte samay jab wo hanste hue jhuk jati to mai usko peeche se pakad leta jiski wajah se mera lund akad jata aur uski gand mai lagta rehta aur mai uske boobs ko masalta rehta aur wo bhi mere itne kareeb ho ke rang lagati hai ke uske boobs mere badan se touch karte rehte hai aur kabhi to mera lund uske badan se bhi lagjata hai aur kabhi wo aise hath phiraati hai ke mere lund se uska hath bhi touch hota hai aur aise time pe wo badi zor se khil khila kar hans deti . Matlab ke ham dono ek doosre ke sath bohot hi free rehte hain aur iss baat ko Sab ghar wale bhi jante hain wo sab bhi yehi sochte hai ke ham ek ache dost aur sathi hai aur friends jaisa hi rehte hai. Wo mujhe Raja keh kar pukarti hai to mai shararat se kehta hu ke arey kabhi to “Mere Raja” keh ke bula liya karo na meri jaan to wo apni zuban baher nikal ke mujhe chidhati hui muskurati aur bolti ke jab tum Mere Raja banoge tab pukarungi to mai bhi hans deta aur
kehta ke chalo theek hai dekhte hai wo din kab aata hai to wo bhi hans deti isi tarah se hasi mazak mai masti mai din guzarte rahe aur mai jaise unke ghar ke ek sadasya hi ban gaya tha unke ghar mai hi khana bhi kha leta tha aur kabhi kabhi to shantilal ya pinky ke kamre mai so bhi jata tha.
Poonam ki mataji jinka naam Pooja hai sab log unko sethani maa ya mataji keh kar bulate hai par mai unhai Aunty keh kar bulata hu aur Wo bhi mujhe Raja hi keh kar pukarti hai laikin Sait Kantilal aur unka beta Shantilal mujhe Raju, Raja ya Raj hi keh kar bulate hai. Pooja mataji ki age hogi koi 36-37 saal ki laikin wo kisi 20 saal ki ladki se ziada nahi lagti aur woh bhi ek bohot hi sundar aurat hain. Height hogi koi 5’ 5” ke kareeb. Dubli patli, gore rang ki. Badi badi aankhein, figure hoga koi 36-32-36. wo hamesha saree hi pehenti hai aur buttocks pe saree unki thodi tight hoti hai jis se chalet samay unke chootad bade sexy style mai hilte hain aur raat mai nighty pehenti hai. Kabhi nighty patli ho to unki brassier aur panty bhi dikhai deti hai aur agar kabhi brassier nahi pehni ho to unke gore gore boobs aur gulabi nipple bhi saaf dikhayee dete hai aisa mujhe dekhne ka do teen time moka mila jab mai rat ko kisi kaam se unke ghar gaya tha. Unke boobs bhi tight hi lagte hai shaed brassier tight pehenti hain ya unhei ziada dabaya aur choosa nahi gaya hoga isi liye tight honge. Aankhon pe golden frame ki nazuk ainak unke chehre pe bohot hi achi lagti hai. Hamesha hi achi dressing mai rehti hai aisa lagta hai jaise kahi baher jaane ke liye ready hui ho. Mai unki bohot izzat karta hun aur wo bhi mujhe bohot hi chahti hai ek family member ki tarah se treat karti hai aur hamesha mujhe kuch na kuch gifts bhi deti hi rehti hain.
Sait Kanti Lal takreeban 60 saal ke bohot hi paise wale business man hain. Market mai unka bohot naam hai. Wo sawnle rang ke aur ache khaase mote insaan hain unki tond bhi bohot badi hai. Chalna phirna mushkil hai. Neeche floor pe baith jayen to uthna mushkil hota hai isi liye wo hamesha chair pe hi baithe rehte hain. Typical safed colour ki dhoti aur kurte mai rehte hain. Mote sheeshe ka chashma unki moti naak pe hamesha hi tika rehta hai. Business bohot hi acha chalta hai unke aur unki wife mai koi antar nahi dikhai deta. Kahan wo khubsoorat, dubli patli, nazuk aur abhi bhi jawan lagne wali Pooja Sethani aur kaha yeh mote bhhadde Sait Kanti Lal. Lagta hai sethani ma ke ghar walo ne paisa dekh ke Sait Kanti Lal se unki shadi kar di hai.
Sait Kanti Lal ji ki ek to Gold Jewellery ki dukan hai doosri ready made garments ki whole sale ki dukaan hai. Jewellery ki shop mai wo khud baith te hai aur ready made garments ki dukan mai unka beta Shanti Lal college ka time khatam hone ke bad sham ke time baith ta hai tab tak unka ek manager hai wohi dukan ki dekh bhal karta hai.
Readymade garments ka wholesale business hone ki wajah se purchasing bhi kuch ziada hi hoti hai aur har thode dino baad maal khatam hojata hai aur phir turant hi purchasing ke liye jana padta hai. purchasing ke liye pehle to wo khud hi chale jate the par ab wo khud to nahi ja paa te isi liye apne bête Shanti Lal ko bhejte hai aur kabhi kabhi mai bhi uske sath Poona, Bombay, Delhi, Chennai ya Kolkata chala jata hu aur aise hi aane jaane se thode hi mahino mai mujhe bhi purchasing ka kaafi experience ho gaya hai aur itna confidence aa gaya hai ke agar kabhi Shanti Lal bhi kisi wajah se na ja sake to wo mujhe akele hi bhej dete hai aur mai Bombay, Poona, Delhi, Chennai ya Kolkata ja kar unke liye purchasing kar ke aata hu. Jab Sait Kantilal aur Sethani Pooja kisi sheher ko jate hai to 5 star hotel mai hi thair te hain aur utne dino tak hotel ki hi Rent A Car with driver le lete hai. Apne ooper wo acha khasa paisa kharach karte hai apne liye purchasing bhi bhari keemat ki karte hain. Mai ne dekha ke Pooja mataji ki koi bhi saree 12 ya 15 hazar rupees se kam ki nahi hoti. Isi liye to itni shandaar nazar aati hai wo apni dressing mai.
Unka ghar bhi bohot hi bada hai. Ghar mai logo se ziada kamre hai jo aksar khaali hi pade rehte hai. Kabhi kisi teohaar ke time pe ya shadi ke time pe koi unka guest ya aur koi relative aajaata hai to wo rooms istemal mai aate hai nahi to band hi pade rehte hain. Cleaning ke liye kuch nokraniya rakhi hai jo daily empty rooms ki safai karti hai aur phir band kar deti hain. thode kamre as a store room bhi istemal mai aate hai.
Actually kayee saal pehel Sait Kantilal Marwar jo ke Rajasthan ka hi ek sheher hai waha rehte the aur Marwari community ke the ab Hyderabad mai rehne lage the. Aaap sab ko pata hi hoga ke Marwari ladkiyan aur aurtein kitni khubsoorat hoti hai ek dum se makkhan malai jaisi. Hyderabad shift hone se pehle Sait Kanti Lal Hyderabad se kareb ek doosre town Siddipet mai rehte the jo ke Hyderabad
se takreeban 80 – 85 kilometer ki doori par hai. Waha unka bohot hi bada angoor ( grapes ) ka baagh hai jismai ek bohot hi bada ghar bahi hai. Unke siddipet ka ghar siddipet town se takreeban 8 – 10 kilometer door town ke outskirts mai hai aur wahi par unki hi property mai ek private talaab bhi hai jaha unke family members ke siva aur koi nahi aata jaata jismai kabhi kabhi wo sab swimming bhi karte hai. Main road se Farmhouse ke ander aane tak ek private kacchi sadak jaisi bani hui hai aur iss raste ke dono taraf green green angoor ki bele mandwo pe phaili hui bohot achi lagti hai. Saal mei ek time wo Angoor todne ke liye kisi ko bhi fruit wale ko contract pe de dete hai. Main road pe Farmhouse ka main gate hai jaha se ghar takreeban aadhe pouna kilometer ki doori par hai isi liye Main gate se ghar nazar bhi nahi aata. Dekhne wale yehi samajhte hai ke yeh bass ek angoor ka baagh hai.
Wo ya unke family members aksar waha time pass karne ya summer holidays mai chuttian guzarne chale jate hain. Wo ghar ek Farmhouse ke jaisa use mai aata hai. Dekh bhaal karne ke liye ek couple husband aur wife Gangu Bai aur uske husband Ramu ko rakha hai jo waha ek portion mai rehte bhi hai unko do rooms, kitchen aur bathroom ka ek ghar main gate ke kareeb hi bana ke diya hua hai jaha wo rehte hai aur ghar ki dekh bhaal aur safai waghaira bhi karte hain. Unki ek beti Laxmi hai (unko Laxmi bolna to nahi aata isi liye usko Lacchmi keh kar pukarte hai ) Laxmi Pinky se shaed 2 ya 3 saal ki choti hogi par dekhne mai ek hi umar ke lagte hai dono. Laxmi ek sanwli si ladki hai badan bhi mehnat karne se acha sakht ghatela ho gaya hai. Nayee Nayee jawani aane lagi hai aur uske boobs bhi thode thode aane lage hain. Wo medium built ki ladki hai. Abhi wo choti hi hai laikin shakal se bohot hi sexy lagti hai badi badi kaali aankhein matka ke jab bat karti hai to lund pant ke ander hi phadakne lagta hai, kaale baal height bhi hogi yahi koi 4’ 8 – 9” Pinky se bhi kam height aur mere se to bohot hi kam aur mere samne khadi ho jaye to mere seene aur pet ke beech mai uska sar lagta hoga wo mostly half skirt aur half sleeved blouse type pehenti thi aur agar kabhi white colour ka patla blouse pehen leti to usko chote chote boobs aur nipples nazar aate the. Unke pas ander town tak aane jaane ke liye ek Bandi ( Bail Gadi ya Bullock Cart ) hai jise do Bail ( Bulls ) chalate hai. Week mai ek ya do time vegetables ya khaane peene ka samaan lane ke liye sheher chale jate hai ya phir kabhi hospital waghaira jana ho to bhi din mai chale jate hai aur sham tak wapas aa jate hai. Aisa kam hi hota hai ke teeno
ek sath hi chale jayen, Teeno mai se koi na koi ghar mai moujood rehta hi hai. Ghar ko kabhi khaali nahi chhorte.
Ghar mai daily use ki saari cheezin moujood hain. TV, Fridge aur washing machine jaisi har cheez hai. Teen kamro mai to Air Condition bhi lage hue hai. zabardast double beds bhi hai. Emergency use mai aane wale kapde, bedsheets aur towels waghaira sab hain.
Mai aur Shantilal bachpan se hi ek doosre ke sath hain aur ham ek doosre ke sath apni secrets bhi share karte hain. Mere father Government servant hai aur ham upper medium class ke family wale log hain. Ooper wale ne mujhe paise ki dhan doulat to nahi di par jismaani dhan doulat bohot di hai. Meri height 5’ 8” hai gora rang, exercised muscular body, broad shoulders aur mere saare jism par baal hai aur chest pe bhi bohot baal hai. Aur Lund ka to kia poochna ek dum se mast fully erect Lund 8” lamba musal jaisa mota aur lohe jaisa sakht ek dum se shandaar jiska supada ek dum se chikna aur uspe bada sa surakh kisi ladki ke hath lag jaye to mere Lund ko seedhe pakad ke apni choot mai dal le. Aur wahi Shantilal Acchi surat ka handsome ladka hai par dubla patla kamzor type ka hai jiske ander self confidence bhi nahi hai aur mostly wo mere decision par hi nirbhar rehta hai.
Ham hamesha school ko sath hi jate aur jab kabhi pishab karne ka time aata to bhi ham ek doosre ke kareeb hi thair ke pishaab karte aur ek doosre ki nunu dekhte aur dekhte ke kiske pishab ki dhar kitni door tak jaati hai jismai hamesha meri pishab ki dhaar hi bhot door tak jaati thi. Meri Nunu Shantilal ki Nunu se bohot hi badi thi aur wo hamesha mujh se bolta tha ke abey Raju ( yaha yeh bata du ke sab log mujhe Raja, Rajj ya Raju keh kar bulate the ) teri Nunu itni badi kaise hai aur meri itni choti kaise to mai kehta mujhe kia malum shaed is liye ke mai chicken aur meat khata hu aur tu sirf vegetables aur daal hi khata hai to wo kehta haa ho sakta hai. kabhi kabhi bolta ke Raju mujhe bhi kabhi chicken khila yaar to mai bolta ke teri mataji mujhe maregi to wo khamosh ho jata par chicken khane ka wo mann bana chuka tha. Kabhi kabhi ham ek doosre ki Nunu ko apne hatho mai pakad ke dabate bhi the isi tarah se hamare din guzarte gaye aur ham chhote se bade hote gaye.
Jab ham 6th ya 7th class mai the tab tak meri Nunu bohot hi badi aur moti ho chuki thi aur din bhar mai kam se kam 25 – 30 time erect bhi ho jati thi aur ab wo kisi bade aadmi ke lode ya lund se kam nahi thi ham dono abhi bhi ek doosre ke samne hi apne lode nikal ke pishaab karte the aur ek doosre ke lode dekhte rehte the. Shanti Lal ki Nunu abhi bhi utni hi choti thi jitni bachpan mai thi ya shaed thodi si badi hogai hogi par lagti thi jaise utni hi hai. Hogi shaid koi 3 inch ki aur uski Nunu ke head ke ooper ka un wanted skin bhi latka rehta tha jismai se pishaab ki dhaar nikalti thi aur uske pairo ke paas hi girti thi laikin mere lode ka unwanted skin kata hua tha aur Lund ka supada gol kisi bike ke helmet ya mushroom jaisa tha aur aur Lund kisi musal ki tarh mota aur lohe jaisa sakht ho gaya tha . Lund ke supade ke ooper mota surakh bhi tha jismai se pishaab ki moti si dhaar nikalti thi jise dekh ke shantilal kehta abey Raju tera loda mujhe de de aur mera tu lele to mai muskura ke mazaak se kehta yeh samajh ke mera louda aaj se tera hi hai jab chahe le le to wo bhi muskura ke kehta dekh lelunga to mai kehta koi baat nahi yaar tere se badh ke hai kia, le le jab marzi aye. Jab pishab karne ke liye ek doosre ke kareeb khade hote to Shantilal mera Louda pakad leta aur uske hath lagate hi mera loda ek dum se khada ho jata jise shantilal daba deta aur pishab khatam hone ke bad bhi mere loude ko hila hila ke last drops bhi neeche gira deta phir ham apne apne loudo ko apne pant ya chaddi ke ander rakh lete.
Shanty Lal ki ek padosan thi uska naam Payal tha wo bhi Marwari hi thi aur wo Shantilal ko line maarti thi. Payal bhi ek bohot hi khubsurat aur sexy ladki thi gora rang aur medium built body jo bohot moti bhi nahi bohot dubli patli bhi nahi wo ek dum se Marwar ki malai lagti thi. Payal usko bachpan se line marti thi aur shanti lal se bohot mohabbat karti thi aur Shantilal bhi usko bohot chahta tha. Wo bhi Shantilal ke ghar aati jaati rehti thi aur pinky se bhi uski gehri dosti thi. Jawan ho jaane ke bad payal kuch ziada hi khubsurat aur ziada hi sexy ho gayee thi. Takreeban 5’ 3-4” ki height hogi aur uske boobs bhi bade mast chote amrood jaise the aur kabhi bina brassier ke shirt ya top pehenti to us mai se uske pink colour ke nipples dikhayee dete the jise dekhte hi mera Lund to ek dum se khada ho hi jata tha par Shantilal ka shaed khada nahi hota tha. Mostly skirt aur top pehenti thi ya kabhi Bermuda type ki chaddi aur top bhi pehenti thi. Payal ke pitaji ka bhi business tha aur wo bhi bohot paise wale the. Shantilal ke pitaji se payal ke pitaji ki friendship bhi thi par aajkal dono business mai busy the isi liye kabhi kabhaar hi unki mulakat ho pati thi.
Payal aur shantilal ek doosre se pyar karne lage jiski mujhe jankari thi. Shantilal mere se koi baat nahi chupata tha aur apne pyar ke kisse sunata rehta tha. Dono kabhi akele mai milte to Payal hi shantilal ko pakad ke kiss karti aur uske hath apne hatho se pakad ke apne boobs pe rakh leti aur khud hi neeche hath dal ke uske chote se loude ko apne hatho se pakad ke masal bhi deti thi aur Payal ka hath uski nunu pe lagte hi uske lode se pani nikal aata tha aur uska pant geela ho jata tha. Payal ek bohot hi sexy ladki thi wo bhi Internet ki deewani thi aur wo bhi raat raat bhar chatting karti aur sexy photos bhi dekhti aur sexy video clips bhi dekh dekh ke kuch ziada hi sexy ho gayee thi. Wo jab shantilal se milti to wo usko apni baho mai bhar leti ani zuban uske muh ke ander dal ke usko French kiss kia karti aur shantilal apni taraf se koi pehel nahi karta aur mujh se bolta ke yaar raju kia karu mera lund sala uth ta hi nahi aur payal hai ke mere loude ko hi pakde rehti hai to mai mazak karta ke chal tu payal se pyar kar aur mai uske hath mai apna lund de deta hu to wo mujhe ajeeb si nazro se dekhta rehta jiska mai matlab nahi samajh pat tha. Pata nahi wo kia sochta tha. Khair aise hi maste mai din guzarte rahe.

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साधू सा आलाप कर लेता हूँ ,
मंदिर जाकर जाप भी कर लेता हूँ ..
मानव से देव ना बन जाऊं कहीं,,,,
बस यही सोचकर थोडा सा पाप भी कर लेता हूँ
आपका दोस्त
राज शर्मा

(¨`·.·´¨) Always
`·.¸(¨`·.·´¨) Keep Loving &
(¨`·.·´¨)¸.·´ Keep Smiling !
`·.¸.·´ -- raj


































































































































































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